Wednesday, 24 Jun 2026 | 09:36 AM

Trending :

EXCLUSIVE

रिपोर्ट- 90% जापानियों ने चीनी कारों का बहिष्कार किया:फ्रांस, जर्मनी, अमेरिका ईवी से दूर भाग रहे; इंडोनेशिया, भारत जैसे देश अपनाने में आगे

रिपोर्ट- 90% जापानियों ने चीनी कारों का बहिष्कार किया:फ्रांस, जर्मनी, अमेरिका ईवी से दूर भाग रहे; इंडोनेशिया, भारत जैसे देश अपनाने में आगे

दुनिया के 31 देशों में औसतन 43% लोग कहते हैं कि बिना कार के जीना उनके लिए असंभव है। 22 देशों में लोग कार को पसंदीदा ट्रांसपोर्ट मानते हैं। 65% अमेरिकी बिना कार लिए नहीं रह सकते हैं। लेकिन भारत के लोगों की पहली पसंद पब्लिक ट्रांसपोर्ट है। देश के 62% लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट को चुनना चाहते हैं। इप्सॉस की ग्लोबल मोबिलिटी रिपोर्ट 2026 में यह खुलासा हुआ है। लेकिन ईवी के सबसे बड़े पैरोकार रहे फ्रांस, जर्मनी, अमेरिका और कनाडा जैसे देशों का इससे मोहभंग हो रहा है। जापान में यह आंकड़ा -28% तक गिर चुका है। इसके विपरीत इंडोनेशिया (60%), मेक्सिको (60%) और चिली (57%) सबसे आगे हैं। यह सर्वे 31 देशों में किया गया। 23,722 लोगों ने हिस्सा लिया। सेल्फ-ड्राइविंग कार – भारत डरता नहीं – भारत में ईवी अपील 40% है, जो ग्लोबल औसत 47% से थोड़ा कम है। लेकिन यह यूरोप और नॉर्थ अमेरिका से बेहतर स्थिति में है। – 36% लोग सेल्फ-ड्राइविंग कार को असुरक्षित मानते हैं। सबसे आगे फ्रांस (-37%), नीदरलैंड्स (-35%), अमेरिका (-25%) है। – भारत में करीब 47% लोग इस तकनीक में सुरक्षित महसूस करते हैं, जबकि ग्लोबल औसत 36% है। भारतीय बाजार में हर कंपनी के लिए बड़े मौके भारत में 16% किसी टेक कंपनी से कार खरीदना पसंद करेंगे, 22% की पसंद पारंपरिक ऑटोमेकर हैं। – 62% को कोई प्राथमिकता नहीं है। यानी बाजार किसी के लिए बंद नहीं है। टाटा, महिंद्रा से लेकर गूगल, शाओमी जैसी टेक कंपनियों के लिए दरवाजे खुले हैं। एशिया में चीन विरोध बढ़ रहा, भारत के लिए बड़े मौके – जापान में 90% लोग चीनी कार नहीं लेंगे। दक्षिण कोरिया में भी चीन-विरोधी भावना प्रबल है। – कनाडा में 48% लोग अमेरिकी कार नहीं खरीदेंगे। यानी इस माहौल में भारत के लिए बड़े मौके भी हैं। – चीन के खिलाफ यह अविश्वास भारतीय ब्रांड्स के लिए एशियाई बाजारों में रास्ता खोल सकता है। – 42% लोग किसी न किसी खास देश की कार खरीदने से बच रहे हैं। इस लिस्ट में चीनी सबसे ऊपर है। उसका बॉयकॉट रेट (41%) और अमेरिकी कारों के लिए यह आंकड़ा करीब 24% है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
फिल्म इंडस्ट्री को लेकर तनुश्री दत्ता का गंभीर दावा:कहा-शोबिज में कई कलाकारों का इस्तेमाल हो जाता है; कुछ तो प्रॉस्टिट्यूशन में चले जाते हैं

March 14, 2026/
10:22 am

एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता ने हाल ही में फिल्म इंडस्ट्री (शोबिज) में नए कलाकारों के शोषण को लेकर गंभीर दावे किए...

खबर हटके- पिटते प्रेमी को बचाने मंडप से भागी दुल्हन:फास्ट फूड खाकर कबूतर ने वजन बढ़ाया, उड़ना मुश्किल; ChatGPT से IPL टिकट बनाकर ठगी

May 11, 2026/
4:30 am

उत्तर प्रदेश में पिटते प्रेमी को बचाने के लिए मंडप छोड़कर दुल्हन बीच में आ गई। वहीं, चीन में फास्ट...

NHAI की कंस्ट्रक्शन कंपनी में महिला मजदूर से रेप:खंडवा में पीड़िता बोली- नहाते वक्त बाथरूम में घुसा आरोपी; सीधी जिले की रहने वाली है

March 10, 2026/
7:02 pm

खंडवा जिले के मांधाता (ओंकारेश्वर) थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे का निर्माण कर रही एक कंपनी के कैंप में महिला...

पालक चीला रेसिपी: शाम के नाश्ते में झटपट पालक का चीला, सेहत और स्वाद से भरपूर; नोट करें रेसिपी

February 19, 2026/
10:52 am

पालक चीला रेसिपी: अक्सर हम ऐसे खाने की तलाश में रहते हैं, जो खाने में स्वादिष्ट और सेहतमंद होते हैं।...

Image used for representation

May 21, 2026/
11:38 am

आखरी अपडेट:21 मई, 2026, 11:40 IST प्रशांत किशोर अगले बिहार चुनाव तक शेखपुरा हाउस से आईआईटी पटना के पास बिहार...

राजनीति

रिपोर्ट- 90% जापानियों ने चीनी कारों का बहिष्कार किया:फ्रांस, जर्मनी, अमेरिका ईवी से दूर भाग रहे; इंडोनेशिया, भारत जैसे देश अपनाने में आगे

रिपोर्ट- 90% जापानियों ने चीनी कारों का बहिष्कार किया:फ्रांस, जर्मनी, अमेरिका ईवी से दूर भाग रहे; इंडोनेशिया, भारत जैसे देश अपनाने में आगे

दुनिया के 31 देशों में औसतन 43% लोग कहते हैं कि बिना कार के जीना उनके लिए असंभव है। 22 देशों में लोग कार को पसंदीदा ट्रांसपोर्ट मानते हैं। 65% अमेरिकी बिना कार लिए नहीं रह सकते हैं। लेकिन भारत के लोगों की पहली पसंद पब्लिक ट्रांसपोर्ट है। देश के 62% लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट को चुनना चाहते हैं। इप्सॉस की ग्लोबल मोबिलिटी रिपोर्ट 2026 में यह खुलासा हुआ है। लेकिन ईवी के सबसे बड़े पैरोकार रहे फ्रांस, जर्मनी, अमेरिका और कनाडा जैसे देशों का इससे मोहभंग हो रहा है। जापान में यह आंकड़ा -28% तक गिर चुका है। इसके विपरीत इंडोनेशिया (60%), मेक्सिको (60%) और चिली (57%) सबसे आगे हैं। यह सर्वे 31 देशों में किया गया। 23,722 लोगों ने हिस्सा लिया। सेल्फ-ड्राइविंग कार – भारत डरता नहीं – भारत में ईवी अपील 40% है, जो ग्लोबल औसत 47% से थोड़ा कम है। लेकिन यह यूरोप और नॉर्थ अमेरिका से बेहतर स्थिति में है। – 36% लोग सेल्फ-ड्राइविंग कार को असुरक्षित मानते हैं। सबसे आगे फ्रांस (-37%), नीदरलैंड्स (-35%), अमेरिका (-25%) है। – भारत में करीब 47% लोग इस तकनीक में सुरक्षित महसूस करते हैं, जबकि ग्लोबल औसत 36% है। भारतीय बाजार में हर कंपनी के लिए बड़े मौके भारत में 16% किसी टेक कंपनी से कार खरीदना पसंद करेंगे, 22% की पसंद पारंपरिक ऑटोमेकर हैं। – 62% को कोई प्राथमिकता नहीं है। यानी बाजार किसी के लिए बंद नहीं है। टाटा, महिंद्रा से लेकर गूगल, शाओमी जैसी टेक कंपनियों के लिए दरवाजे खुले हैं। एशिया में चीन विरोध बढ़ रहा, भारत के लिए बड़े मौके – जापान में 90% लोग चीनी कार नहीं लेंगे। दक्षिण कोरिया में भी चीन-विरोधी भावना प्रबल है। – कनाडा में 48% लोग अमेरिकी कार नहीं खरीदेंगे। यानी इस माहौल में भारत के लिए बड़े मौके भी हैं। – चीन के खिलाफ यह अविश्वास भारतीय ब्रांड्स के लिए एशियाई बाजारों में रास्ता खोल सकता है। – 42% लोग किसी न किसी खास देश की कार खरीदने से बच रहे हैं। इस लिस्ट में चीनी सबसे ऊपर है। उसका बॉयकॉट रेट (41%) और अमेरिकी कारों के लिए यह आंकड़ा करीब 24% है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.