Tuesday, 20 Oct 2026 | 11:02 PM

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खंडवा में जनगणना कार्य को लेकर सख्ती:अधिकारी और कर्मचारियों के अवकाश पर रोक, पहले से ली गई छुट्टियां भी रद्द

खंडवा में जनगणना कार्य को लेकर सख्ती:अधिकारी और कर्मचारियों के अवकाश पर रोक, पहले से ली गई छुट्टियां भी रद्द

भारत की आगामी जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने खंडवा जिले में सख्त रुख अपनाया है। जिला प्रशासन ने 1 मई से शुरू हो रहे मकानों के सूचीकरण (हाउस लिस्टिंग) कार्य को गंभीरता से लेते हुए सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों के अवकाश पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। जिला जनगणना अधिकारी बजरंग बहादुर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि 1 मई से 30 मई 2026 तक जिले में मकानों के सूचीकरण का कार्य किया जाएगा। यह जनगणना की प्रक्रिया का अहम चरण है, जिसके सफल क्रियान्वयन के लिए सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। इसी के मद्देनजर कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि इस अवधि में कोई भी अधिकारी या कर्मचारी बिना पूर्व अनुमति के अवकाश पर नहीं जा सकेगा। इतना ही नहीं, सभी को मुख्यालय छोड़ने पर भी रोक लगा दी गई है। पहले से मंजूर छुट्टियां भी रद्द प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सभी प्रकार के पूर्व स्वीकृत अवकाश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं। मुख्यालय अवकाश भी रद्द रहेगा। सभी अधिकारी-कर्मचारियों को 1 मई को दोपहर पूर्व तक अनिवार्य रूप से मुख्यालय पर उपस्थित होना होगा। जनगणना कार्य को लेकर प्रशासन सतर्क प्रशासन का मानना है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कमी नहीं होनी चाहिए। यही कारण है कि पूरे एक माह तक चलने वाले इस अभियान के दौरान फील्ड स्तर पर पूरी मानव संसाधन उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह सख्त निर्णय लिया गया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और इसका उल्लंघन करने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। जनगणना 2027 की दिशा में यह कदम प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है, जहां हर स्तर पर तैयारियों को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

बिजली तार से गला घोंटा, सुसाइड दिखाने पेड़ पर लटकाया:कटनी में आम के पेड़ पर लटकी मिली थी लाश, प्रेमिका सहित तीन आरोपी गिरफ्तार

बिजली तार से गला घोंटा, सुसाइड दिखाने पेड़ पर लटकाया:कटनी में आम के पेड़ पर लटकी मिली थी लाश, प्रेमिका सहित तीन आरोपी गिरफ्तार

कटनी के विजयराघवगढ़ थाना क्षेत्र में पुलिस ने भैंसवाही गांव में हुई एक अंधे कत्ल पुलिस ने खुलासा किया है। युवक की गला घोंटकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने उसकी प्रेमिका, उसके भाई और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में इसे मामला आत्महत्या का लग रहा था, हालांकि पुलिस जांच में यह मामला प्लानिंग के तहत किए गए मर्डर का निकला। आम के पेड़ पर बिजली के तार से लटका मिला था शव थाना प्रभारी रितेश शर्मा ने बताया कि 27 अप्रैल को हरीश साहू ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनके पिता संतराम साहू ने खेत की मेड़ पर लगे आम के पेड़ पर बिजली के तार से फंदा बनाकर सुसाइड कर लिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पीएम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या की हुई पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मामले की दिशा बदल दी। रिपोर्ट में सामने आया कि मृतक की नाक पर गंभीर चोट के निशान थे। साथ ही, बिजली के तार को इतनी जोर से खींचा गया था कि उनकी श्वासनली का छल्ला टूट गया था। इससे गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई। हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। प्रेमिका ने भाई और उसके साथियों के साथ मिलकर किया मर्डर जांच के दौरान, पुलिस ने मुखबिरों और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर गांव की पिंकी कोल को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में पिंकी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसके और मृतक संतराम साहू के बीच प्रेम संबंध थे, जो बाद में विवाद का कारण बन गए। इसी रंजिश के चलते पिंकी ने अपने भाई और उसके साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। बिजली के तार को गले में फंसाकर दोनों तरफ से खींचा पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से संतराम साहू को अपने घर बुलाया। वहां पिंकी कोल ने ईंट से हमला कर संतराम की नाक और चेहरे पर गंभीर चोटें पहुंचाईं। इसके बाद पिंकी के भाई रवि कोल और उसके साथियों इत्तू भतरा और मोनू भतरा ने बिजली के लंबे तार को संतराम के गले में फंसाकर दोनों तरफ से जोर से खींचा। ​दम घुटने से मौके पर ही संतराम की मृत्यु हो गई, जिसके बाद आरोपियों ने इसे आत्महत्या दिखाने के लिए शव को पेड़ से लटकाने का प्रयास किया। ​पुलिस नेचारों मुख्य आरोपी ​पिंकी कोल (प्रेमिका), रवि कोल (भाई) ​इत्तू भतरा और मोनू भतरा ​को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों को कोर्ट के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल वारंट पर जिला जेल कटनी भेज दिया गया है।

आम का मजा लें, मगर सावधानी से… ज्यादा खाना बन सकता है मुसीबत, जानिए डॉक्टर की सलाह

आम का मजा लें, मगर सावधानी से... ज्यादा खाना बन सकता है मुसीबत, जानिए डॉक्टर की सलाह

Last Updated:May 01, 2026, 12:18 IST गर्मी का मौसम आते ही बाजारों में आम की मिठास छा जाती है. फलों का राजा कहलाने वाला आम स्वाद के साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है, लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा सेवन नुकसान पहुंचा सकता है. चंदौली की डॉक्टर रिद्धि पांडे ने बताया कि सही मात्रा और सही तरीके से आम खाने पर यह शरीर को ठंडक, ऊर्जा और हाइड्रेशन देता है. चंदौली. गर्मी का मौसम आते ही बाजारों में आम की बहार छा जाती है, आम को फलों का राजा कहा जाता है और इसका स्वाद बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आता है. हालांकि, स्वाद के साथ-साथ इसके सेवन में सावधानी बरतना भी बेहद जरूरी है. डॉक्टर ने बताया कि आम स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद तो है, लेकिन इसकी अधिक मात्रा नुकसान भी पहुंचा सकती है. डॉक्टर रिद्धि पांडे ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि गर्मी के मौसम में जो भी फल प्राकृतिक रूप से उपलब्ध होते हैं, वे शरीर के लिए लाभकारी होते हैं, आम भी उन्हीं फलों में से एक है. Add News18 as Preferred Source on Google इसकी तासीर ठंडी मानी जाती है और यह शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है. आम में मौजूद पानी और पोषक तत्व शरीर में पानी की कमी नहीं होने देते, जिससे गर्मी के दिनों में राहत मिलती है. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आम का सेवन एक सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. अगर कोई व्यक्ति, खासकर बच्चे, बहुत अधिक मात्रा में आम खाते हैं, तो इसका उल्टा असर भी हो सकता है. ज्यादा आम खाने से शरीर में गर्मी बढ़ सकती है, जिससे फोड़े-फुंसी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. उन्होंने बताया कि बच्चों को आम खाते समय विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है. डॉक्टर ने बताया कि कई बार बच्चे आम को बिना छिलका हटाए ही खा लेते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है. आम का छिलका हटाकर ही खाना चाहिए, क्योंकि छिलके में ऐसे तत्व हो सकते हैं, जो त्वचा संबंधी समस्याओं को बढ़ा सकते हैं. इसके अलावा, आम का अत्यधिक सेवन पाचन तंत्र पर भी असर डाल सकता है. इसलिए माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों को संतुलित मात्रा में ही आम खाने की आदत डालें और उन्हें इसके सही तरीके के बारे में समझाएं. वहीं, डॉक्टर रिद्धि पांडे ने कहा कि अगर सही मात्रा और तरीके से आम का सेवन किया जाए, तो यह शरीर के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है. यह न केवल ऊर्जा देता है, बल्कि शरीर को ठंडक भी पहुंचाता है. बता दें कि आम का आनंद जरूर लें, लेकिन संतुलन और सावधानी के साथ, तभी यह स्वादिष्ट फल आपके स्वास्थ्य के लिए वरदान साबित होगा, न कि परेशानी का कारण बने. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

चीफ इंजीनियर के रिटायरमेंट के अगले दिन री-अपॉइंटमेंट पर रोक:हाईकोर्ट ने बिजली कंपनी की प्रक्रिया पर उठाए सवाल, कहा- प्रक्रिया पहली नजर में संदिग्ध

चीफ इंजीनियर के रिटायरमेंट के अगले दिन री-अपॉइंटमेंट पर रोक:हाईकोर्ट ने बिजली कंपनी की प्रक्रिया पर उठाए सवाल, कहा- प्रक्रिया पहली नजर में संदिग्ध

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने मप्र पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी में सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर की संविदा नियुक्ति पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई में ही पूरी प्रक्रिया को संदिग्ध मानते हुए नियुक्ति पर स्टे दे दिया। उज्जैन रीजन के चीफ इंजीनियर बाबूलाल चौहान 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हुए थे। तय योजना के अनुसार उन्हें 1 मई से उसी पद पर संविदा नियुक्ति दी जानी थी, लेकिन मामला कोर्ट पहुंचने के बाद प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए। जानकारी के मुताबिक, इतने बड़े पद पर संविदा नियुक्ति के लिए पहले कोई स्पष्ट नियम नहीं थे। हाल ही में कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने नई नीति बनाई और सप्ताहभर में आवेदन प्रक्रिया पूरी कर ली गई। जांच समिति ने प्रक्रिया में कमियां भी बताईं, लेकिन इसके बावजूद फाइल आगे बढ़ा दी गई। 21 इंजीनियर पहुंचे कोर्ट, पेश किए दस्तावेज इस मामले में कंपनी के 21 वरिष्ठ इंजीनियरों ने याचिका दायर कर प्रक्रिया को चुनौती दी। याचिकाकर्ताओं में पूर्व चीफ इंजीनियर कामेश श्रीवास्तव, राजेंद्र नेगी, सुधीर आचार्य और अचल जैन शामिल हैं। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता पीयूष माथुर ने दस्तावेज पेश करते हुए तर्क दिया कि अन्य बिजली कंपनियों में ऐसी संविदा नीति लागू नहीं है। याचिका में यह भी कहा गया कि जिस पद पर संविदा नियुक्ति की जा रही है, वह पद संविदा श्रेणी में सृजित ही नहीं है और न ही सार्वजनिक रूप से आवेदन बुलाए गए। इन तर्कों को गंभीर मानते हुए कोर्ट ने पूरी नियुक्ति प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी। बिजली कंपनी में चीफ इंजीनियर जैसे पद पर नियुक्ति सामान्यतः वर्षों के अनुभव और प्रमोशन के आधार पर होती है। इस संविदा नियुक्ति को लेकर उठे विवाद ने विभागीय पारदर्शिता और प्रक्रिया पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

ममता बनाम चुनाव आयोग: ‘ईवीएम हेरफेर’ को लेकर भवानीपुर युद्धक्षेत्र में बदल गया, टकराव विरोधी चरमोत्कर्ष पर समाप्त हुआ | भारत समाचार

US President Donald Trump said negotiations with Iran are progressing behind closed doors and insisted that only a small circle inside his administration knows the true status of the talks. (Reuters)

आखरी अपडेट:01 मई, 2026, 11:51 IST ममता बनर्जी और टीएमसी ने कोलकाता के स्ट्रांगरूम में ईवीएम से छेड़छाड़ का आरोप लगाया, विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन चुनाव आयोग ने आरोपों को खारिज कर दिया. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईवीएम से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है. (स्रोत: पीटीआई) पश्चिम बंगाल में हिंसा से भरे दूसरे चरण का मतदान समाप्त होने के एक दिन बाद, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सुप्रीमो ममता बनर्जी और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के युद्धक्षेत्र भबनीपुर में गुरुवार रात को ईवीएम हेरफेर के आरोपों पर एक हाई-वोल्टेज ड्रामा सामने आया। हालाँकि, चुनाव आयोग द्वारा एक संवाददाता सम्मेलन में आरोपों को खारिज करने के बाद आरोप थम गए। यह विवाद तब शुरू हुआ जब टीएमसी ने मध्य कोलकाता में खुदीराम अनुशीलन केंद्र के अंदर संदिग्ध गतिविधि का आरोप लगाया, जहां सभी सात उत्तरी कोलकाता विधानसभा सीटों की ईवीएम रखी गई हैं। कोलकाता में खुदीराम अनुशीलन केंद्र में चुनाव सामग्री के प्रबंधन में बड़ी खामियों का आरोप लगाते हुए टीएमसी द्वारा एक वीडियो प्रसारित किए जाने के बाद मुख्यमंत्री भबनीपुर में एक ईवीएम होल्डिंग सेंटर में चले गए। पार्टी ने बीजेपी (भारतीय जनता पार्टी) और चुनाव आयोग पर मिलकर काम करने का आरोप लगाया. पार्टी ने तीखे शब्दों में एक पोस्ट में कहा कि फुटेज में अधिकृत प्रतिनिधियों की मौजूदगी के बिना लोगों द्वारा मतपेटियां खोली जा रही हैं और कहा गया है कि यह एक गंभीर उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि भाजपा और चुनाव आयोग दोनों चुनावी कदाचार में शामिल हैं। रात करीब साढ़े आठ बजे जब कथित वीडियो प्रसारित हुआ, तब तक टीएमसी उम्मीदवार शशि पांजा और कुणाल घोष घटनास्थल पर पहुंच गए थे और नेताजी इंडोर स्टेडियम के बाहर धरना देना शुरू कर दिया था। भाजपा का गेम प्लान खुलकर सामने आ गया है और यह विफलता का खाका है। उन्होंने एसआईआर के माध्यम से वैध मतदाताओं को हटा दिया। वे विफल रहें। उन्होंने तटस्थ अधिकारियों को हटा दिया और अपने स्वयं के चापलूस स्थापित कर दिए। वह भी असफल रहा. उन्होंने आधी रात को नेताजी इंडोर स्टेडियम में डकैती का भी प्रयास किया… pic.twitter.com/EJU8CRncE2 – अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (@AITCofficial) 30 अप्रैल 2026 ममता भबनीपुर स्ट्रांगरूम पहुंचीं जैसे ही यह खबर फैली कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आ रही हैं, बड़ी संख्या में तृणमूल कार्यकर्ता जुटने लगे। हालाँकि, मुख्यमंत्री दक्षिण कोलकाता के सखावत मेमोरियल स्कूल स्थित स्ट्रांगरूम में गईं, जहाँ वह लगभग चार घंटे तक रहीं। यह कहते हुए कि उनकी पार्टी को राज्य के विभिन्न हिस्सों में ईवीएम से छेड़छाड़ की खबरें मिली हैं, बनर्जी ने कहा, “यहां ईवीएम के लिए एक स्ट्रॉन्ग रूम है। हमने पाया कि कई जगहों पर हेरफेर हो रहा है। जब मैंने टीवी पर सीसीटीवी देखा, तो मैंने सोचा कि मुझे भी जाकर देखना चाहिए। शुरुआत में, केंद्रीय बलों ने मुझे प्रवेश नहीं करने दिया। लेकिन हमारे चुनाव नियमों के अनुसार, किसी भी पार्टी के उम्मीदवार और चुनाव एजेंट को सीलबंद कमरे तक जाने की अनुमति है।” हमारे मीडिया-प्रेमी @सीईओवेस्टबंगालश्री मनोज कुमार अग्रवाल को देर रात की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बजाय अपने संवैधानिक जनादेश को प्राथमिकता देनी चाहिए। जबकि वह प्रकाशिकी के प्रबंधन में व्यस्त है, @बीजेपी4इंडिया नेताजी इंडोर में सीलबंद मतपेटियों को जबरदस्ती तोड़ने का प्रयास करते हुए सीसीटीवी में कैद हुआ है… pic.twitter.com/saeBC7n9n5– अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (@AITCofficial) 30 अप्रैल 2026 उन्होंने आगे भारतीय चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा, “हमारे एजेंट को गिरफ्तार किया गया है, बहुत एकतरफा काम हुआ है। उसके बाद भी अगर कोई ईवीएम मशीन चुराने की कोशिश करेगा, अगर कोई काउंटिंग चुराने की कोशिश करेगा तो हम जिंदगी और मौत से मिलकर लड़ेंगे।” वहीं, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री उत्तरी कोलकाता सीटों के लिए उम्मीदवार या अधिकृत एजेंट नहीं थीं और इसलिए, उन्हें उस सुविधा में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है, जहां छेड़छाड़ के आरोप सामने आए थे। नेताजी इंडोर स्टेडियम के बाहर तनाव व्याप्त हो गया क्योंकि भाजपा उम्मीदवारों तापस रॉय और संतोष कुमार पाठक ने स्थल के पास टीएमसी नेताओं और समर्थकों के जमावड़े पर आपत्ति जताई। उत्तरी कोलकाता के स्ट्रांगरूम के अंदर टीएमसी द्वारा कथित संदिग्ध गतिविधि का वीडियो ट्वीट करने के बाद पार्टी उम्मीदवार कुणाल घोष ने कहा कि उनके उम्मीदवार दोपहर 3:30 बजे तक स्ट्रांगरूम में थे. उन्होंने कहा कि उन्हें जगह खाली करने के लिए कहा गया और फिर शाम 4 बजे के आसपास इसे फिर से खोल दिया गया। घोष ने कहा कि उन्होंने साइट पर पार्टी कार्यकर्ताओं से यह जांचने के लिए कहा था कि क्या हो रहा है और फिर उन्हें सूचित किया गया कि वे पहले ही जा चुके हैं। घोष ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “फिर शशि और मैं स्ट्रॉन्गरूम की ओर भागे, लेकिन हमें अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई।” आधी रात की प्रेस कॉन्फ्रेंस में, अग्रवाल ने घोष के दावों को खारिज कर दिया और कहा कि यह “गलत संचार” का एक स्पष्ट मामला था। उन्होंने कहा कि उन्होंने संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के उम्मीदवारों को डाक मतपत्र प्रक्रिया के बारे में पहले ही सूचित कर दिया था। उत्तरी कोलकाता निर्वाचन क्षेत्र में, चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद विरोध जल्द ही शांत हो गया। इसके बाद मुख्यमंत्री भी दक्षिण कोलकाता निर्वाचन क्षेत्र के स्ट्रांगरूम से बाहर आ गईं, जहां वह पिछले चार घंटे से थीं. चुनाव आयोग ने क्या कहा? भारत के चुनाव आयोग ने आरोपों को खारिज कर दिया है और कहा है कि सभी प्रक्रियाओं का पालन किया गया और स्ट्रांगरूम सुरक्षित रहे। इसमें कहा गया है कि मतदान के बाद उम्मीदवारों, उनके एजेंटों और सामान्य पर्यवेक्षक की उपस्थिति में खुदीराम अनुशीलन केंद्र के सभी सात स्ट्रांगरूम को सील कर दिया गया, और अंतिम कमरे को सुबह लगभग 5:15 बजे सुरक्षित कर दिया गया। चुनाव निकाय ने स्पष्ट किया कि डाक मतपत्रों के लिए एक अलग स्ट्रॉन्गरूम नामित किया गया है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलेट सिस्टम (ईटीपीबीएस) के माध्यम से प्राप्त मतपत्र भी शामिल हैं, और कहा कि राजनीतिक दलों को पृथक्करण प्रक्रिया के बारे में ईमेल सहित पहले से सूचित किया गया था। मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने भी दावों को खारिज कर दिया,

शंकर जी का प्रिय धतूरा सिर्फ पूजा नहीं, कई बीमारियों का रामबाण इलाज, जानिए फायदे

धतूरा का पौधा

Last Updated:May 01, 2026, 11:48 IST Datura Plant benefits: धार्मिक मान्यताओं में भगवान शिव को धतूरा का फूल और फल बेहद प्रिय माना जाता है. मंदिरों में पूजा के दौरान भक्त शिवलिंग पर धतूरा चढ़ाते हैं. मगर, क्या आप जानते हैं कि यह पौधा सिर्फ धार्मिक महत्व ही नहीं रखता, बल्कि औषधीय गुणों से भी भरपूर है. आयुर्वेद में धतूरा का उपयोग कई प्रकार की बीमारियों के इलाज में किया जाता रहा है. आयुर्वेद में धतूरा को एक प्रभावशाली औषधीय पौधे के रूप में माना गया है. जमुना प्रसाद यादव के अनुसार, इसमें दर्द निवारक (Pain Relief), सूजन कम करने (Anti-inflammatory) और एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो कई प्रकार की बीमारियों में लाभ पहुंचाते हैं. प्राचीन समय से वैद्य धतूरा का उपयोग विभिन्न रोगों के इलाज में करते आ रहे हैं. खासकर जोड़ों के दर्द, त्वचा रोग, सूजन और सांस से जुड़ी समस्याओं में इसका इस्तेमाल किया जाता रहा है. इसके पत्तों का लेप दर्द और सूजन में राहत देने के लिए लगाया जाता है, जबकि कुछ पारंपरिक उपचारों में इसके बीज और फूलों का भी उपयोग होता है. धतूरा का उपयोग त्वचा से जुड़ी कई समस्याओं में पारंपरिक रूप से किया जाता रहा है. इसके पत्तों या बीजों से बना लेप फोड़े-फुंसी, खुजली और दाद जैसी परेशानियों में राहत देने में मदद करता है. इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण त्वचा के संक्रमण को कम करने और घाव को जल्दी भरने में सहायक माने जाते हैं. ग्रामीण इलाकों में लोग इसे घरेलू उपचार के रूप में अपनाते हैं. हालांकि, धतूरा जहरीला होता है, इसलिए इसका उपयोग बहुत सावधानी से और सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. बेहतर है कि किसी विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही इसका प्रयोग करें. जमुना प्रसाद यादव बताते हैं कि धतूरा के पत्ते जोड़ों के दर्द में राहत देने के लिए पुराने समय से उपयोग किए जाता हैं. इसके पत्तों को हल्का गर्म करके दर्द वाली जगह पर बांधने से सूजन कम होती है और दर्द में आराम मिलता है. ग्रामीण इलाकों में यह आसान और असरदार घरेलू उपाय काफी लोकप्रिय है. धतूरा के पत्तों में मौजूद प्राकृतिक गुण शरीर को राहत पहुंचाते हैं. हालांकि, इसका उपयोग करते समय सावधानी जरूरी है, क्योंकि यह पौधा जहरीला भी होता है. इसलिए इसका प्रयोग करने से पहले किसी वैद्य या डॉक्टर से सलाह जरूर लें और सीमित मात्रा में ही प्रयोग करना चाहिए. Add News18 as Preferred Source on Google धतूरा एक जंगली पौधा है, जो आमतौर पर खेतों, सड़कों के किनारे और खाली जगहों पर आसानी से उग जाता है. यह पौधा बिना ज्यादा देखभाल के भी तेजी से बढ़ता है, इसलिए ग्रामीण इलाकों में यह अक्सर खुद-ब-खुद दिखाई दे जाता है. लोकल 18 से बातचीत के दौरान वैद्य जमुना प्रसाद यादव बताते हैं कि धतूरा के फूल सफेद या बैंगनी रंग के होते हैं, जो देखने में काफी आकर्षक लगते हैं. इसका फल गोल और कांटेदार होता है, जिसके अंदर छोटे-छोटे बीज पाए जाते हैं. धतूरा में प्राकृतिक दर्द निवारक गुण पाए जाते हैं, जिनकी वजह से इसे पारंपरिक उपचार में उपयोग किया जाता रहा है. सिर दर्द, मांसपेशियों के दर्द और चोट लगने पर इसके पत्तों का लेप लगाने से आराम मिलने की बात कही जाती है. यह दर्द और सूजन को कम करने में मदद करता है, जिससे शरीर को राहत मिलती है. ग्रामीण क्षेत्रों में लोग इसे एक आसान घरेलू उपाय के रूप में अपनाते हैं. हालांकि, धतूरा जहरीला होता है, इसलिए इसका इस्तेमाल बहुत सावधानी से और सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. धतूरा में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो शरीर की सूजन को कम करने में मदद करते हैं. इसके पत्तों का लेप या हल्का गर्म करके लगाने से प्रभावित जगह पर राहत मिल सकती है. खासकर चोट, मोच या जोड़ों की सूजन में इसे पारंपरिक रूप से उपयोग किया जाता रहा है. यह सूजन के साथ-साथ दर्द को भी कम करने में सहायक माना जाता है. हालांकि, धतूरा जहरीला पौधा है, इसलिए इसका प्रयोग सावधानी से और सीमित मात्रा में ही करना चाहिए, बेहतर होगा कि किसी विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही इसका उपयोग करें. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान जब विष निकला, तो भगवान शिव ने उसे ग्रहण किया था. मान्यता है कि उस विष के प्रभाव को कम करने में धतूरा का उपयोग किया गया. इसी वजह से धतूरा भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है और पूजा-पाठ में विशेष रूप से अर्पित किया जाता है. सावन और महाशिवरात्रि जैसे अवसरों पर भक्त शिवलिंग पर धतूरा चढ़ाकर अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं और इसे पवित्र व शुभ मानते हैं. धतूरा का उपयोग आयुर्वेद में सांस से जुड़ी समस्याओं, खासकर अस्थमा में पारंपरिक रूप से किया जाता रहा है. पुराने समय में इसके सूखे पत्तों का धुआं लेने से सांस की तकलीफ में राहत मिलने की बात कही जाती थी. माना जाता है कि इसमें मौजूद कुछ तत्व श्वसन मार्ग को खोलने में मदद करते हैं. हालांकि, यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि धतूरा जहरीला पौधा है. इसलिए बिना किसी विशेषज्ञ या आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह के इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए. वरना नुकसान भी हो सकता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

Cooler Cooling युक्तियाँ: ठंडा हवा नहीं दे रहा अर्थशास्त्र? अपनाएं ये आसान ट्रिक; एसी के बिना ही कमरा होगा कूल-कूल

कूलर कूलिंग युक्तियाँ

1 मई 2026 को 11:50 IST पर अपडेट किया गया बिना एसी के कमरे को कैसे ठंडा करें: लू और टैपिश की वजह से गर्म हवा का झोंका, जारी आंकड़ों से क्या आप भी परेशान हैं? क्या आप भी अपने पुराने कुलर से यूनिवर्स-ठंडी हवा लेना चाहते हैं? अगर हां, तो ये आसान और कम बजट वाली ट्रिक अपना सकते हैं। अनुसरण करना : उत्तर भारत में चिलचिलाती गर्मी ने लोगों का हाल-बेहाल कर दिया है। ऐसे में लोग एयर एसोसिएट का इस्तेमाल कर रहे हैं। एसी से राहत तो मिलती है लेकिन भारी-भरकम बिजली बिल का बजट बनता है। छवि: पिक्साबे ऐसे में मिडिल क्लास फैमिली के लिए मैनचेस्टर ही सहारा बनता है। लेकिन तापती गर्मी में वेटिलेंशन की कमी और सही देखभाल नहीं होती है, बल्कि गर्म हवा होती है। छवि: फ्रीपिक रेलवे स्टेशन से आ रही गर्म हवा से अगर आप भी परेशान हैं तो इस आसान और स्मार्ट ट्रिक के जरिए हवा पा सकते हैं। इन टिप्स को सुझाव के बाद आप अपने राज्यव्यापी सांख्यिकी से एसी सी हवा का भार उठाएंगे। छवि: फ्रीपिक जानिए कि आखिर कौन सा सबसे आम और सस्ता विकल्प है, जिसे अपनाकर आप घर में ठंडक बना सकते हैं। छवि: इंस्टाग्राम आप देसी जुगाड़ की मदद से अपने लिनक्स की हवा को एसी जैसा ठंडा बना सकते हैं। इंस्टा पर शेयर वीडियो के अनुसार, एक छोटी मटकी लेकर उसके छोटे-छोटे हिस्सों में 4-5 छेद कर दिए गए। फिर मटकी को शैतान में डाल दिया। छवि: इंस्टाग्राम अब मटकी इन इनसाइड मोटर डाल डे। इस आसान तरीके को अपनाने से ऐसी हवाएं मिलेंगी जो आपको कंबल ओढ़ने पर मजबूर कर देगी। लड़के के अनुसार, इस तकनीक को विज्ञान में वाष्पीकरण शीतलन प्रभाव कहा जाता है। छवि: इंस्टाग्राम लड़का कहता है, ‘इससे ​​मोटर के आसपास का सारा पानी पहले मटके में बिकता है। यही पानी फिर से लेकनैट के पैड्स पर। इस अर्थशास्त्र से अर्थशास्त्र पहले से 10 गुना अधिक सार्वभौमिक हवा किराए पर ली गई।’ छवि: इंस्टाग्राम द्वारा प्रकाशित : प्रियंका यादव प्रकाशित 1 मई 2026 11:44 IST पर

आम आदमी पार्टी ने मजदूर दिवस पर सरकार को घेरा:नीमच में श्रमिकों का सम्मान कर रेन बसेरा-शौचालय की कमी उठाई

आम आदमी पार्टी ने मजदूर दिवस पर सरकार को घेरा:नीमच में श्रमिकों का सम्मान कर रेन बसेरा-शौचालय की कमी उठाई

नीमच में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के मौके पर आम आदमी पार्टी (आप) ने शुक्रवार को शहर के सब्जी मंडी स्थित मजदूर चौक पर कार्यक्रम आयोजित कर श्रमिकों के हक में आवाज उठाई। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों ने मजदूरों के साथ समय बिताया और उनके योगदान की सराहना की। मजदूरों का किया सम्मान कार्यक्रम में वरिष्ठ मजदूरों का माला पहनाकर सम्मान किया गया। राजस्थान प्रभारी अर्जुन कुमावत और प्रदेश उपाध्यक्ष नवीन अग्रवाल ने श्रमिकों को संबोधित करते हुए उनकी भूमिका को समाज का आधार बताया। बुनियादी सुविधाओं पर उठाए सवाल नेताओं ने आरोप लगाया कि मजदूरों को अब भी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि नीमच में बाहर से आने वाले श्रमिकों के लिए न रेन बसेरा है और न ही पर्याप्त शौचालय की व्यवस्था। नगर पालिका पर लगाए आरोप प्रदेश उपाध्यक्ष नवीन अग्रवाल ने कहा कि सब्जी मंडी मजदूर चौक पर रोज सैकड़ों श्रमिक इकट्ठा होते हैं, लेकिन यहां न छाया की व्यवस्था है और न ही ठंडे पानी की सुविधा। मजदूरों को खुले मैदानों में रात गुजारनी पड़ती है। अन्य नगरों में भी हुए कार्यक्रम पार्टी ने बताया कि जीरन, मनासा, कुकड़ेश्वर, रामपुरा, अठाना और सिंगोली सहित अन्य नगर परिषद क्षेत्रों में भी कार्यक्रम आयोजित कर श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। संघर्ष जारी रखने का संकल्प इस अवसर पर चंद्रेश सेन, बालचंद्र वर्मा, अशोक सागर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने मजदूरों को उनका हक दिलाने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

भीषण गर्मी में जरा सी लापरवाही पड़ सकती है भारी, जानिए डिहाइड्रेशन के लक्षण और बचाव के आसान तरीके

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अंबाला: हरियाणा में इन दिनों लगातार बढ़ती गर्मी और उच्च तापमान ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है. चिलचिलाती धूप और लू के कारण लोगों की सेहत पर भी गंभीर असर पड़ रहा है और ऐसे मौसम में जरा-सी लापरवाही भारी पड़ सकती है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि अंबाला समेत हरियाणा के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है. दोपहर के समय अंबाला के बाजार और मुख्य मार्ग भी सूने नजर आते हैं, क्योंकि बढ़ती गर्मी से लोगों में डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ रहा है. शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी इस बारे में जानकारी देते हुए अंबाला नागरिक अस्पताल की आरएमओ डॉ. अदिति गौतम ने बताया कि गर्मी के मौसम में शरीर से पसीने के रूप में पानी तेजी से निकलता है, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए दिन की शुरुआत सुबह उठते ही एक से दो गिलास पानी पीकर करनी चाहिए और पूरे दिन नियमित अंतराल पर पानी का सेवन करते रहना चाहिए.उन्होंने बताया कि दोपहर के समय तापमान काफी अधिक रहता है, इसलिए घर से बाहर निकलते समय आंखों पर चश्मा (गॉगल्स) लगाएं और छाता साथ रखें. केवल पानी ही नहीं, बल्कि पानी से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन भी जरूरी है. क्या खाएं और क्या न खाएं गर्मियों में तरबूज, खरबूजा, खीरा और नारियल पानी जैसे प्राकृतिक खाद्य पदार्थ शरीर को ठंडक देते हैं और जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति करते हैं. इसके अलावा नींबू पानी और छाछ जैसे पेय पदार्थ भी शरीर को तरोताजा बनाए रखते हैं. डॉ. गौतम ने सलाह दी कि घर का ताजा भोजन ही करें और रात का बचा हुआ खाना बिल्कुल न खाएं. उन्होंने चेतावनी दी कि कोल्ड ड्रिंक्स, अधिक चाय और कॉफी का सेवन सीमित करें, क्योंकि इनमें मौजूद शुगर और कैफीन शरीर को और अधिक डिहाइड्रेट कर सकते हैं. साथ ही बाहर का अस्वच्छ और बासी भोजन खाने से बचें, क्योंकि इससे फूड पॉइजनिंग और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. डिहाइड्रेशन के लक्षण पहचानें उन्होंने बताया कि त्वचा में रूखापन, आंखों के नीचे कालापन, अत्यधिक थकान या पेशाब का गहरा पीला रंग ये सभी शरीर में पानी की कमी के संकेत हो सकते हैं. ऐसे में तुरंत तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाना चाहिए.यदि किसी व्यक्ति को चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी या बेहोशी महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय गर्मी से बचाव के लिए दोपहर के समय सिर ढककर ही बाहर निकलें. हल्के और ढीले सूती कपड़े पहनें और अनावश्यक रूप से बाहर जाने से बचें. घर लौटने के तुरंत बाद ठंडा पानी न पिएं, बल्कि पहले शरीर का तापमान सामान्य होने दें, फिर सामान्य पानी का सेवन करें. अस्पताल में विशेष व्यवस्था डॉ. गौतम ने बताया कि अंबाला नागरिक अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं 24 घंटे उपलब्ध हैं. यहां हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए विशेष कक्ष भी बनाया गया है. इमरजेंसी वार्ड में ORS पैकेट के लिए अलग काउंटर है, जहां से लोग निशुल्क ORS ले सकते हैं.मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल में एसी, कूलर और पंखों की व्यवस्था भी की गई है, ताकि बढ़ती गर्मी में उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो.

गर्मियों में सत्तू रेसिपी: चिलचिलाती धूप और लू का काल है सत्तू शरबत, 2 मिनट में तैयार करें देसी एनर्जी ड्रिंक; ठंडा रहेगा पेट

गर्मियों में सत्तू रेसिपी

1 मई 2026 को 11:09 IST पर अपडेट किया गया गर्मियों में सत्तू रेसिपी: चिलचिलाती गर्मी के दिन शुरू होते ही धूप में निकलना मुश्किल हो जाता है। इसके साथ-साथ लू ली का डर भी सताता रहता है। इस टेप सीज़न में भी सत्तू शरबत का देसी पेय ऐसा होता है, जो पेट को ठंडा और शरीर को मजबूत बनाए रख सकता है। आइए आपको बताते हैं कि इस ड्रिंक को आप घर पर कैसे तैयार कर सकते हैं। अनुसरण करना : गर्मियों में देसी ड्रिंक बनाने के लिए सबसे पहले भुने हुए चने जरूर बनाएं। सत्तू को भूने जाते हैं चानों को पीसकर बनाया जाता है। छवि: एआई सत्तू पीने का तरीका: 2 सत्तू को ठंडा पानी में पियें। इसमें काला नमक, जीरा और लेप तैयार किया गया। बस इन सभी अच्छे तरह से मिक्स कर लें और आपका एनर्जी ड्रिंक तैयार है। छवि: एआई सत्तू में प्रचुर मात्रा में प्लांट-बेस्ड प्रोटीन पाया जाता है। ये बेकार का अच्छा स्रोत होता है, जो शरीर में जैविक ऊर्जा बनाए रखता है। इसके साथ ही बॉडी बनाने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। छवि: एआई अगर पेट से जुड़ी कोई भी समस्या है तो सत्तू की ये देसी ड्रिंक राहत दिलाती है। सत्तू की तासीर सार्वभौमिक है, जो मेटाबोलिज्म को सही करता है। इसके साथ ही खराब होने वाली समस्याओं को भी दूर किया जा सकता है। छवि: एआई सत्तू से बनी ड्रिंक पीने के बाद पेट लंबे समय तक भरा रहता है। इससे आप फालतू नेचुरल फूड से बच सकते हैं। साथ ही ये वेट लॉस का सबसे बेहतरीन नुस्खा माना जाता है। छवि: एआई सत्तू पीने से शरीर का तापमान नियंत्रित होता है और आपको डायरिया से मुक्ति मिलती है। चिलचिलाती धूप में गर्मी और लू का ये है पक्का इलाज। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित : कीर्ति सोनी प्रकाशित 1 मई 2026 11:09 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)सत्तू शरबत के फायदे(टी)देसी एनर्जी ड्रिंक(टी)हाई प्रोटीन समर ड्रिंक्स(टी)वजन घटाने के लिए सत्तू के फायदे(टी)गर्मियों के लिए प्राकृतिक ठंडक देने वाले ड्रिंक्स(टी)सत्तू ड्रिंक कैसे बनाएं