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तेल कंपनियों ने 2025-26 में रोजाना ₹116 करोड़ मुनाफा कमाया:पिछले वित्त-वर्ष में कच्चे तेल की कीमत कोविड के बाद सबसे कम रही

तेल कंपनियों ने 2025-26 में रोजाना ₹116 करोड़ मुनाफा कमाया:पिछले वित्त-वर्ष में कच्चे तेल की कीमत कोविड के बाद सबसे कम रही

Hindi News Business Oil Companies Earned A Daily Profit Of ₹116 Crore In 2025–26, As Crude Oil Prices Remained At Their Lowest Levels Since The COVID 19 Pandemic During The Previous Financial Year मुंबई27 मिनट पहलेलेखक: गुरुदत्त तिवारी कॉपी लिंक ईरान-अमेरिका जंग के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड गुरुवार को 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था, जो 4 साल का उच्चतम स्तर है। हालांकि, बाद में दाम 116 डॉलर तक ​आ गए। ऐसे में एजेंसियों के हवाले से बताया जा रहा है कि ईरान युद्ध की वजह से महंगे कच्चे तेल से देश की तेल कंपनियों को रोजाना 2,400 करोड़ का नुकसान हो रहा है। पेट्रोल पर प्रति लीटर 14 रुपए और डीजल पर 18 रुपए का नुकसान झेलना पड़ रहा है। इससे तेल कंपनियां पेट्रो मूल्य बढ़ाने का दबाव बना रही हैं। जबकि, हकीकत ये है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में कच्चे तेल के औसत दाम महज 71 डॉलर प्रति बैरल रहे, जो कोविड वर्ष 2020-21 के बाद सबसे कम हैं। युद्ध 28 फरवरी 2026 से शुरू हुआ था और 27 फरवरी तक दाम 76 डॉलर प्रति बैरल थे। ऐसे में महज 2 महीने में ही क्रूड की कीमतें चढ़ी हैं। जबकि, सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2025-26 के शुरुआती 9 महीनों में देश की चार अग्रणी तेल कंपनियों ने कुल 1.37 लाख करोड़ रु. यानी हर रोज 116 करोड़ रुपए का लाभ कमाया। हमारे लिए क्रूड का भाव $50 घट चुका 1. ईरान सीजफायर के बाद क्रूड के भाव? ईरान-अमेरिका युद्धबंदी के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। इंडियन बास्केट में कच्चे तेल के दाम, जो 150 डॉलर पहुंच गए थे, अब 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गए हैं। 2. सरकार ने क्या किया? सरकार ने 27 मार्च को पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रु. की कटौती की थी। इससे प्रति माह लगभग 12,000 करोड़ के राजस्व नुकसान का अनुमान लगाया है। 3. सरकार घाटे की भरपाई कैसे कर रही? सरकार ने डीजल के निर्यात पर लगने वाले ‘विंडफाल टैक्स’ का सहारा लिया है। 11 अप्रैल को सरकार ने डीजल निर्यात पर लगने वाले इस टैक्स को 21.50 रु. प्रति लीटर से बढ़ाकर सीधे 55.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया। 4. विंडफाल टैक्स से कितनी आय हो रही है? भारत से हर महीने औसतन 191 करोड़ लीटर डीजल का निर्यात होता है। विंडफाल टैक्स बढ़ाने के बाद सरकार को केवल डीजल निर्यात से ही करीब 10,500 करोड़ रु. की मासिक आय हो रही है, जो एक्साइज ड्यूटी से हुए नुकसान की काफी हद तक भरपाई कर देती है। 5. तेल कंपनियों ने क्या पाबंदियां लगाईं? कंपनियां घाटा कम करने ‘राशनिंग’ का सहारा ले रही हैं। पंप संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पिछले वर्ष की बिक्री के बराबर ही स्टॉक बेचें। एक बार में किसी भी ग्राहक को 200 लीटर से अधिक डीजल न देने के निर्देश दिए गए हैं ताकि उद्योगों को होने वाली बल्क सप्लाई को रोका जा सके। ये खबर भी पढ़ें… आज से कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 994 रुपए तक महंगा: ऑनलाइन गेमिंग के लिए नए नियम भी लागू; मई में होने वाले 4 बड़े बदलाव कॉमर्शियल सिलेंडर आज यानी 1 मई से 994 रुपए तक महंगा हो गया है। दिल्ली में ये 3071.50 रुपए में मिल रहा है। इसके अलावा ‘ऑनलाइन गेमिंग रूल्स 2026’ प्रभावी हो गए हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

धार हादसे में किसी ने बेटी खोई, किसी ने पत्नी:शादी तय होने के 3 दिन बाद युवती की मौत; बुजुर्ग बोले-अब पोता ही सहारा

धार हादसे में किसी ने बेटी खोई, किसी ने पत्नी:शादी तय होने के 3 दिन बाद युवती की मौत; बुजुर्ग बोले-अब पोता ही सहारा

मध्य प्रदेश के धार में टायर फटने से अनियंत्रित होकर पिकअप वाहन डिवाइडर पर चढ़कर पलट गया। वाहन ने 3-4 बार पलटी खाई। इस दौरान सड़क के दूसरी ओर जाकर स्कॉर्पियो से भी टकराया। बुधवार रात करीब साढ़े 8 बजे हुए हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई, 13 घायल हैं। मृतकों में 6 बच्चे शामिल हैं। एक्सीडेंट में नयापुरा के 9, सेमलीपुरा के 5 और रामपुरा के 2 लोगों की मौत हुई है। जान गंवाने वालों में 5 बच्चे, 8 महिलाएं और 3 युवतियां शामिल हैं। सभी का अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह किया गया। 4 महिलाओं के शवों को एक ही चिता पर रखकर अंतिम विदाई दी गई। अपनों को खोने का गम ऐसा था कि कोई पत्नी की तस्वीर हाथ में लेकर बैठा रहा तो कोई उनके कपड़ों को एकटक देख रहा था। पत्नी की मौत से दुखी एक युवक दीवार से सटकर घंटों बैठा ही रहा। कहा- दो छोटे बच्चों को छोड़कर वो चली गई, अब उनका क्या होगा? हादसे में एक ऐसी लड़की की भी जान गई है, जिसकी तीन दिन पहले ही शादी पक्की हुई थी। एक लड़का खुद को कोसता दिखा। बोला- जब कोख में था, तब पिता चल बसे। अब मां का आंचल भी सिर से हट गया। इस दर्दनाक हादसे के बाद दैनिक भास्कर की टीम पीड़ितों के गांवों में पहुंची। दुखी परिजन से बात कर उनका हाल समझने की कोशिश की। पहले देखिए, तीन तस्वीरें… तीन दिन पहले तय हुई थी रिंकू की शादी पूर्व सरपंच मुन्नालाल ने कहा- धार जिले के तीन गांवों के 46 लोग बुधवार सुबह लेबड़ इलाके में चुकंदर की फसल काटने गए थे। सभी काम खत्म करने के बाद पिकअप में सवार होकर घर लौट रहे थे। मेरे परिवार से पांच लोग- पत्नी सुंदरबाई, ग्यारसीबाई, रिंकू, सवित्री और पोता आयुष भी साथ थे। आयुष परिवार का इकलौता वारिस था। अब कोई कमाने वाला नहीं बचा है। उन्होंने बताया कि हादसे में नयापुरा निवासी रिंकू पिता कंवरलाल की भी जान चली गई। रिंकू की तीन दिन पहले ही शादी पक्की हुई थी। रिश्ता राजगढ़ के पास करनावद गांव के मेडा परिवार में हुआ था। एक साल बाद शादी की तारीख थी। घर की स्थिति काफी खराब होने के चलते वह अक्सर मजदूरी के लिए जाया करती थी। पिता की मौत के तीसरे दिन जन्मा, अब मां भी नहीं रही सेमलीपुरा गांव की रहने वाली अंगूरी बाई की भी इस एक्सीडेंट में मौत हुई है। उसके परिवार में बुजुर्ग सास-ससुर और 14 साल का बेटा विक्रम भूरिया ही बचे हैं। विक्रम कहता है- मां सुबह काम पर जाने का कहकर निकली थी। बहू सुबह काम पर गई, शाम को मौत की खबर आई विक्रम के दादा भंवर सिंह भूरिया ने कहा- पहले बेटा चला गया। अब बहू भी इस दुनिया में नहीं रही। वह रोज की तरह काम पर गई थी। नहीं पता था कि उसकी मौत की सूचना ही आएगी। अब पोता ही हमारा सहारा है। पड़ोसी अतुल भूरिया ने बताया कि विक्रम के पिता अनिल भूरिया की 2012 में मौत हो गई थी। अनिल की मौत के तीसरे दिन विक्रम का जन्म हुआ है। मां ही उसकी परवरिश कर रही थी। जिस हाल में था, वैसा ही पत्नी-बेटी को देखने भागा गांव के ही रहने वाले पप्पू ने कहा- पत्नी संगीता रोज की तरह काम पर जाने का कहकर निकली थी। बेटी किरण भी उसके साथ गई थी। हर दिन 250 रुपए मजदूरी मिलती थी। काम खत्म कर दोनों पिकअप से वापस लौट रहे थे। रात में एक परिचित का कॉल आया कि पिकअप पलट गई है। मैं जिस हाल में था, वैसा ही घटनास्थल की ओर भागा। यहां पता चला कि पत्नी संगीता नहीं रही। बेटी किरण का पैर फ्रैक्चर हुआ है। खचाखच भरने के बाद ही लेकर जाते थे पिकअप कैलाश ने भी इस हादसे में अपने 12 साल के बेटे चंपालाल को खो दिया है। वे कहते हैं कि चार-पांच दिन पहले ही बेटे ने काम पर जाना शुरू किया था। पिकअप जब तक खचाखच नहीं भर जाती थी, ड्राइवर गाड़ी नहीं बढ़ाता था। उस दिन भी करीब 50 लोगों को बैठा रखा था। तनुश्री के पिता उमेश डावर ने बताया कि मजदूरी पर मां के साथ बेटी भी गई थी। दोनों की मौत हो गई। अब घर में दादा-दादी और मैं ही बचा हूं। हादसे से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… एकसाथ जलीं 16 चिताएं, एक चिता पर चार महिलाएं मध्य प्रदेश के धार में बुधवार रात हुए पिकअप हादसे में नयापुरा के 9, सेमलीपुरा के 5 और रामपुरा के 2 लोगों की मौत हो गई। सभी का अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह किया गया। 4 महिलाओं के शवों को एक ही चिता पर रखा गया। अपनों को खोने वाले परिजन का बुरा हाल है। पढ़ें पूरी खबर… 16 लाशें…चिताएं और रुदन, दर्द की 17 तस्वीरें धार में बुधवार रात इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर चिकलिया फाटा के पास बड़ा सड़क हादसा हुआ। करीब 50 मजदूरों से भरी ओवरलोड पिकअप का टायर फटने के बाद वह अनियंत्रित हो गया। 3-4 बार पलटी खाकर रॉन्ग साइड में स्कॉर्पियो से टकरा गया। हादसे में 16 की मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर…

सिंगरौली में हाईवा की टक्कर से युवक की मौत:गुस्साए ग्रामीणों ने किया सड़क जाम; मुआवजे और कार्रवाई की मांग पर अड़े

सिंगरौली में हाईवा की टक्कर से युवक की मौत:गुस्साए ग्रामीणों ने किया सड़क जाम; मुआवजे और कार्रवाई की मांग पर अड़े

सिंगरौली जिले के माड़ा थाना क्षेत्र के छतौली गांव में आज शुक्रवार सुबह एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। मृतक की पहचान शुभग लाल सिंह गोंड के रूप में हुई है। वह एक शादी समारोह से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रहे तेज रफ्तार हाईवा वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। चालक वाहन सहित मौके से फरार हादसे के बाद हाईवा चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। इसकी सूचना मिलते ही परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। आक्रोशित लोगों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया, जिससे लगभग दो घंटे तक आवागमन बाधित रहा और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। माड़ा थाना से भारी पुलिस बल मौके पर तैनात स्थिति बिगड़ती देख माड़ा थाना से भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाइश दी और काफी देर तक बातचीत के बाद परिजन शांत हुए। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा और जाम हटवाया। माड़ा थाना प्रभारी शिवपूजन मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार हाईवा चालक की तलाश शुरू कर दी गई है। ग्रामीणों ने आरोपी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।

वजन घटाने का नेचुरल फॉर्मूला: 6 हर्बल चाय जो मेटाबोलिज़्म बढ़ाकर फैट बर्न करें, असर खुद दिखेगा

वजन घटाने का नेचुरल फॉर्मूला: 6 हर्बल चाय जो मेटाबोलिज़्म बढ़ाकर फैट बर्न करें, असर खुद दिखेगा

Last Updated:May 01, 2026, 09:15 IST Herbal Tea For Belly Fat: सुबह उठते ही आईने में खुद को देखना कभी-कभी थोड़ा भारी पड़ जाता है, खासकर जब पेट की चर्बी नजर आने लगे. फिटनेस का ट्रेंड बदल चुका है-अब लोग जिम के साथ-साथ नेचुरल और आसान तरीकों की ओर ज्यादा झुक रहे हैं. ऐसे में हर्बल चाय एक साइलेंट गेम-चेंजर बनकर सामने आई हैं. ये ना सिर्फ पेट हल्का रखती हैं, बल्कि धीरे-धीरे मेटाबोलिज़्म को भी बेहतर करती हैं. अच्छी बात ये है कि इन्हें बनाना आसान है और ये आपकी रोज़मर्रा की लाइफ में आसानी से फिट हो जाती हैं, अगर आप भी बिना ज्यादा स्ट्रिक्ट डाइट या एक्सट्रीम वर्कआउट के पेट की चर्बी कम करना चाहते हैं, तो ये 6 हर्बल चाय आपके लिए काम की साबित हो सकती हैं. ग्रीन टी: मेटाबोलिज़्म को देती है बूस्ट ग्रीन टी का नाम आपने कई बार सुना होगा, और भी इसका क्रेज कम नहीं हुआ है. इसमें मौजूद कैटेचिन्स बॉडी के मेटाबोलिज़्म को तेज करते हैं, जिससे फैट बर्निंग प्रोसेस बेहतर हो जाता है. खासकर अगर आप इसे सुबह खाली पेट पीते हैं, तो इसका असर धीरे-धीरे नजर आने लगता है. दिन में दो कप ग्रीन टी पीना एक सिंपल लेकिन असरदार आदत बन सकती है. 1. अदरक की चाय: सूजन और ब्लोटिंग से राहत कैसे काम करती है अदरक की चाय पेट की सूजन और गैस को कम करने में काफी मददगार होती है. कई लोग शिकायत करते हैं कि उनका पेट फूला-फूला रहता है, ऐसे में अदरक एक नेचुरल सॉल्यूशन है. ये पाचन को तेज करती है और खाने के बाद भारीपन को कम करती है. इस्तेमाल का तरीका ताजे अदरक के टुकड़े पानी में उबालकर 5 मिनट तक पकाएं और फिर इसे गरम-गरम पिएं. इसे आप खाने से पहले या बाद में ले सकते हैं. 2. पुदीने की चाय: तुरंत राहत और कम क्रेविंग पुदीने की चाय उन लोगों के लिए परफेक्ट है जो बार-बार कुछ खाने का मन होने से परेशान रहते हैं. ये पाचन तंत्र को रिलैक्स करती है और गैस से तुरंत राहत देती है. इसके साथ ही ये भूख को कंट्रोल करने में भी मदद करती है, जिससे अनावश्यक स्नैकिंग कम हो जाती है. Add News18 as Preferred Source on Google 3. दालचीनी की चाय: शुगर कंट्रोल और फैट स्टोरेज पर असर क्यों है खास दालचीनी की चाय ब्लड शुगर लेवल को स्टेबल रखने में मदद करती है. जब शुगर लेवल संतुलित रहता है, तो ओवरईटिंग की आदत खुद-ब-खुद कम हो जाती है. कैसे पिएं एक छोटा दालचीनी का टुकड़ा उबलते पानी में डालें और सुबह इसे पिएं. ये दिन की शुरुआत के लिए अच्छा ऑप्शन बन सकता है. 4. सौंफ की चाय: हल्का पेट और बेहतर डाइजेशन सौंफ की चाय पुराने घरेलू नुस्खों में से एक है, लेकिन फिर से ट्रेंड में आ गई है. ये पेट फूलने को कम करती है और शरीर में जमा अतिरिक्त पानी को बाहर निकालने में मदद करती है. एक चम्मच सौंफ को 10 मिनट तक गर्म पानी में भिगोकर पीना फायदेमंद रहता है. 5. अजवाइन की चाय: देसी नुस्खा, दमदार असर अजवाइन की चाय खासकर भारी खाने के बाद बहुत राहत देती है. गैस, अपच और पेट फूलने की समस्या में ये जल्दी असर दिखाती है. एक चम्मच अजवाइन को पानी में उबालकर छान लें और गुनगुना पीएं. ये पेट को हल्का और फ्लैट महसूस कराने में मदद कर सकती है. रोजमर्रा में कैसे शामिल करें इन हर्बल चाय का असर तभी दिखता है जब इन्हें नियमित रूप से लिया जाए. साथ ही ध्यान रखें कि इनमें चीनी ना मिलाएं. आप अपनी पसंद के हिसाब से दो या तीन चाय चुन सकते हैं और उन्हें अपनी डेली रूटीन का हिस्सा बना सकते हैं. हल्का वॉक और बैलेंस्ड डाइट के साथ इनका असर और बेहतर हो सकता है. कई लोगों ने अपनी लाइफस्टाइल में छोटे-छोटे बदलाव करके अच्छे रिजल्ट पाए हैं. जरूरी नहीं कि हर बदलाव बड़ा हो-कभी-कभी एक कप सही चाय भी फर्क डाल सकती है. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.) न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

5 मिनट और तेज हो सकती है मैराथन की रफ्तार:ऑस्ट्रेलियाई प्रोफेसर का दावा-जूतों के डिजाइन, कपड़ों के मैटेरियल की मदद से तेज होगी दौड़

5 मिनट और तेज हो सकती है मैराथन की रफ्तार:ऑस्ट्रेलियाई प्रोफेसर का दावा-जूतों के डिजाइन, कपड़ों के मैटेरियल की मदद से तेज होगी दौड़

लंदन की सड़कों पर रविवार को इतिहास बन गया, जब लंदन मैराथन में पहली बार दो धावकों ने 42.195 किलोमीटर की दूरी 2 घंटे से कम समय में पूरी कर दी। यह खेल इतिहास का ऐसा पल था, जिसे कभी असंभव माना जाता था। इन खिलाड़ियों ने न सिर्फ रिकॉर्ड तोड़ा, बल्कि यह भी दिखाया कि इंसानी क्षमता की सीमाएं लगातार आगे बढ़ रही हैं। भविष्यवाणी भी हुई पीछे लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। ऑस्ट्रेलिया की मोनाश यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर साइमन एंगस का मानना है कि यह रिकॉर्ड भी ज्यादा समय तक नहीं टिकेगा। उनका कहना है कि भविष्य में मैराथन का समय 1 घंटा 54 मिनट तक पहुंच सकता है, यानी मौजूदा रिकॉर्ड से करीब 5 मिनट 30 सेकंड तेज। एंगस पिछले कई वर्षों से मैराथन रिकॉर्ड्स का अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने 2019 में अनुमान लगाया था कि 2 घंटे से कम समय का रिकॉर्ड 2032 तक बनेगा। बाद में उन्होंने इसे 2027 तक संशोधित किया। लेकिन लंदन में जो हुआ, उसने उनकी सभी भविष्यवाणियों को पीछे छोड़ दिया। एंगस बताते हैं, ‘यह सिर्फ दौड़ नहीं है, बल्कि विज्ञान, टेक्निक और कड़ी मेहनत का संगम है। विज्ञान और तकनीक का कमाल आज के एथलीट्स बेहतर ट्रेनिंग, उन्नत जूतों, संतुलित पोषण और नई टेक्निक का फायदा उठा रहे हैं।’ उनका मानना है कि आने वाले समय में जूतों के डिजाइन, कपड़ों के मैटेरियल और टेक्निक जैसे पहलुओं में बदलाव इस खेल को और तेज बना सकते हैं। हालांकि, इसके साथ डोपिंग नियंत्रण भी उतना ही जरूरी रहेगा, ताकि निष्पक्षता बनी रहे। वे यह भी कहते हैं कि जैसे-जैसे रिकॉर्ड बेहतर होते जाते हैं, उन्हें और सुधारना कठिन हो जाता है। यह ठीक वैसा ही है, जैसे कोई व्यक्ति फिटनेस सुधारने की कोशिश करता है, शुरुआत में तेजी से सुधार होता है, लेकिन बाद में हर ग्राम कम करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इस ऐतिहासिक दिन महिलाओं की दौड़ में भी रिकॉर्ड बना। इथोपिया की टिग्स्ट असेफा ने 2:15:41 घंटे के समय के साथ महिलाओं की सबसे तेज ‘वुमेंस-ओनली’ मैराथन जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। एंगस का मानना है कि भविष्य में यह समय भी 2 घंटे 10 मिनट तक पहुंच सकता है। लंदन मैराथन ने यह साबित कर दिया है कि खेल में ‘नामुमकिन’ शब्द अब धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। हर नया रिकॉर्ड एक नई उम्मीद जगाता है और यह सफर अभी जारी है। केन्या के सेबेस्टियन सावे ने एक घंटे 59.30 मिनट का समय लिया केन्या के सेबेस्टियन सावे ने 1 घंटा 59 मिनट 30 सेकंड में फिनिश लाइन पार कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया, जबकि इथियोपिया के योमिफ केजेलचा ने 1:59.41 घंटे के समय के साथ दूसरा स्थान हासिल किया था। इससे पहले रिकॉर्ड केन्या के केल्विन किप्टुम (2 घंटे 35 सेकंड) के नाम था, जिनका 2024 में एक कार हादसे में निधन हो गया था।

शिवपुरी में ट्रक ने ट्रैक्टर ट्रॉली को टक्कर मारी:एक दर्जन से अधिक मजदूर घायल, काम खत्म कर घर लौट रहे थे

शिवपुरी में ट्रक ने ट्रैक्टर ट्रॉली को टक्कर मारी:एक दर्जन से अधिक मजदूर घायल, काम खत्म कर घर लौट रहे थे

शिवपुरी जिले के लुकवासा चौकी क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग 46 पर एक ट्रक ने मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में ट्रॉली पलट गई और एक दर्जन से अधिक मजदूर घायल हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को कोलारस के स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। यह घटना गुरुवार देर शाम अनंतपुर मोड़ के पास हुई। जानकारी के अनुसार, रिंकू रघुवंशी के कृषि फार्म पर मजदूरी का काम खत्म कर लगभग 25 मजदूर ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर लुकवासा के सिद्धपुरा स्थित अपने घरों को लौट रहे थे। टक्कर के कारण कई पुरुष, महिलाएं और बच्चे घायल हो गए। यह मजदूर घायल घायल मजदूरों में रामप्यारी आदिवासी, शिवानी आदिवासी, लाखन बाई, भागनदे, बबलेश, प्रवीण, रजनी, अरविंद, सोनम, रूपा, चंचल, बती, सोनम, पूजा, राधा और एक अन्य रामप्यारी शामिल हैं। 5-6 गंभीर, जिला अस्पताल रेफर सभी घायलों को तत्काल कोलारस के स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। गंभीर रूप से घायल 5 से 6 मजदूरों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

चार्जिंग स्टेशन न बनने से ई-बसों की योजना अटकी:दो साल बाद भी सड़क पर नहीं उतरीं इलेक्ट्रिक बसें; आयुक्त बोले-जून तक संचालन शुरू

चार्जिंग स्टेशन न बनने से ई-बसों की योजना अटकी:दो साल बाद भी सड़क पर नहीं उतरीं इलेक्ट्रिक बसें; आयुक्त बोले-जून तक संचालन शुरू

कटनी शहर को प्रदूषण मुक्त और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन की सौगात देने का दावा करने वाली नगर निगम की ‘दीनदयाल सिटी बस योजना’ फिलहाल फाइलों में दबी हुई है। बड़े विज्ञापनों और घोषणाओं के साथ शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी इलेक्ट्रिक बस परियोजना को दो साल बीत चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण एक भी बस अब तक सड़क पर नहीं उतर सकी है। मंजूरी, टेंडर और सब्सिडी की लंबी प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद धरातल पर शून्य प्रगति ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इलेक्ट्रिक बस संचालन योजना प्रस्तावित रूट तय योजना के खाके के मुताबिक, शहर में चार अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाना है। इनमें से दो बसें कटनी-जबलपुर मार्ग और दो बसें कटनी-रीवा मार्ग पर चलने के लिए प्रस्तावित हैं। दस्तावेजों के अनुसार, दिल्ली की ‘शोलो बस’ कंपनी को इसका टेंडर दिया गया था। टेंडर प्रक्रिया 19 फरवरी 2025 को पूरी हुई और जुलाई 2025 में राज्य स्तरीय तकनीकी समिति (SLTC) से भी हरी झंडी मिल गई। हालांकि, स्वीकृति मिले एक साल से अधिक का समय हो गया है, लेकिन बसें डिपो से बाहर नहीं आ पाई हैं। चार्जिंग स्टेशन न बनने से इलेक्ट्रिक बस योजना अटकी परियोजना के रुकने का सबसे बड़ा तकनीकी कारण चार्जिंग स्टेशन का निर्माण न होना बताया जा रहा है। बसों को चार्ज करने के लिए झिंझरी क्षेत्र में स्टेशन बनाया जाना प्रस्तावित है। 29 जुलाई 2025 को दर स्वीकृति (LOI) जारी होने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। इस पूरी योजना की अनुमानित लागत लगभग 6 करोड़ रुपए है, जिसमें प्रत्येक बस की कीमत 1.50 करोड़ रुपये आंकी गई है। सरकार द्वारा ऑपरेटर को 40 प्रतिशत तक की सब्सिडी का प्रावधान भी है। इसके बावजूद, संचालन करने वाली कंपनी की ओर से 18 लाख रुपए की ‘परफॉर्मेंस गारंटी’ जमा करने और आगे की प्रक्रिया में सुस्ती बरती जा रही है। कांग्रेस नेता राजा जगवानी ने इस देरी की आलोचना करते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर जनता की सुविधा के साथ खिलवाड़ है। अधिकारियों की सुस्ती से परियोजना अटकी कटनी शहर में बढ़ते यातायात दबाव और ध्वनि प्रदूषण के बीच इलेक्ट्रिक बसों के शुरू होने का इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन बसों के संचालन से न केवल सस्ती और सुरक्षित यात्रा मिलेगी बल्कि डीजल की खपत कम होने से पर्यावरण को भी लाभ होगा। लेकिन फिलहाल जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण परियोजना अटकी हुई है। इस योजना के तहत कुल 4 इलेक्ट्रिक बसें प्रस्तावित हैं, जिनमें 2 बसें कटनी-जबलपुर और 2 बसें कटनी-रीवा मार्ग पर चलनी हैं, जिसकी कुल लागत लगभग 6 करोड़ रुपए है और इसमें 40% तक सब्सिडी का प्रावधान भी है। चार्जिंग स्टेशन का निर्माण न होने से योजना आगे नहीं बढ़ पा रही है, जबकि टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और लक्ष्य जून तक संचालन शुरू करने का रखा गया है। आयुक्त बोले- जून महीने तक बसों का संचालन शुरू नगर नियम आयुक्त तपस्या परिहार ने बताया कि चार इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की प्रक्रिया जारी है और टेंडर संबंधी कार्य पूर्ण हो चुके हैं। झिंझरी में चार्जिंग स्टेशन का निर्माण जल्द पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि जून महीने तक बसों का संचालन शुरू कर शहरवासियों को इसका लाभ मिल सके।

एअर इंडिया अब हर दिन 100 फ्लाइट्स कम करेगी:वजह- फ्यूल की बढ़ती कीमतें और स्पेयर पार्ट्स की कमी; ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और अमेरिका के रूट प्रभावित होंगे

एअर इंडिया अब हर दिन 100 फ्लाइट्स कम करेगी:वजह- फ्यूल की बढ़ती कीमतें और स्पेयर पार्ट्स की कमी; ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और अमेरिका के रूट प्रभावित होंगे

एअर इंडिया अपनी इंटरनेशनल और डोमेस्टिक उड़ानों में करीब 10% की कटौती करने जा रही है। टाटा ग्रुप की यह एयरलाइन अक्टूबर के अंत से शुरू होने वाले विंटर शेड्यूल से रोजाना लगभग 100 उड़ानें बंद करेगी। वर्तमान में एयरलाइन हर दिन करीब 900 उड़ानों का संचालन करती है। फ्यूल की बढ़ती कीमतों और स्पेयर पार्ट्स की कमी के चलते फैसला इन अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा सूत्रों के अनुसार, एयरलाइन ने भारत को उत्तरी अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया से जोड़ने वाले कई महत्वपूर्ण इंटरनेशनल रूट्स पर फ्लाइट्स की फ्रीक्वेंसी कम करने का फैसला लिया है। डोमेस्टिक नेटवर्क में भी होगा बदलाव घरेलू रूट्स पर भी एअर इंडिया अपनी फ्रीक्वेंसी कम करेगी। कंपनी का प्लान मेट्रो-टू-मेट्रो रूट्स पर उन फ्लाइट्स को कम करने का है जहां वर्तमान में कई डेली सर्विसेज चल रही हैं। इससे एयरलाइन को अपने विमानों को अधिक मुनाफे वाले रूट्स पर लगाने या उन्हें स्टैंडबाय पर रखने में मदद मिलेगी, जिससे ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (OTP) में सुधार हो सके। मैनेजमेंट और एक्सपर्ट्स की राय एविएशन एनालिस्ट्स का मानना है कि ATF की कीमतें एयरलाइन की ऑपरेटिंग कॉस्ट का करीब 40% होती हैं। ऐसे में टाटा ग्रुप के लिए एयर इंडिया के ट्रांसफॉर्मेशन के दौरान ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी के बीच बैलेंस बनाना एक बड़ी चुनौती है। ATF क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है? ये खबर भी पढ़ें… आज से कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 994 रुपए तक महंगा: ऑनलाइन गेमिंग के लिए नए नियम भी लागू; मई में होने वाले 4 बड़े बदलाव कॉमर्शियल सिलेंडर आज यानी 1 मई से 994 रुपए तक महंगा हो गया है। दिल्ली में ये 3071.50 रुपए में मिल रहा है। इसके अलावा ‘ऑनलाइन गेमिंग रूल्स 2026’ प्रभावी हो गए हैं। पूरी खबर पढ़ें…

एअर इंडिया अब हर दिन 100 फ्लाइट्स कम करेगी:वजह- फ्यूल की बढ़ती कीमतें और स्पेयर पार्ट्स की कमी; ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और अमेरिका के रूट प्रभावित होंगे

एअर इंडिया अब हर दिन 100 फ्लाइट्स कम करेगी:वजह- फ्यूल की बढ़ती कीमतें और स्पेयर पार्ट्स की कमी; ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और अमेरिका के रूट प्रभावित होंगे

एअर इंडिया अपनी इंटरनेशनल और डोमेस्टिक उड़ानों में करीब 10% की कटौती करने जा रही है। टाटा ग्रुप की यह एयरलाइन अक्टूबर के अंत से शुरू होने वाले विंटर शेड्यूल से रोजाना लगभग 100 उड़ानें बंद करेगी। वर्तमान में एयरलाइन हर दिन करीब 900 उड़ानों का संचालन करती है। फ्यूल की बढ़ती कीमतों और स्पेयर पार्ट्स की कमी के चलते फैसला इन अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा सूत्रों के अनुसार, एयरलाइन ने भारत को उत्तरी अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया से जोड़ने वाले कई महत्वपूर्ण इंटरनेशनल रूट्स पर फ्लाइट्स की फ्रीक्वेंसी कम करने का फैसला लिया है। डोमेस्टिक नेटवर्क में भी होगा बदलाव घरेलू रूट्स पर भी एअर इंडिया अपनी फ्रीक्वेंसी कम करेगी। कंपनी का प्लान मेट्रो-टू-मेट्रो रूट्स पर उन फ्लाइट्स को कम करने का है जहां वर्तमान में कई डेली सर्विसेज चल रही हैं। इससे एयरलाइन को अपने विमानों को अधिक मुनाफे वाले रूट्स पर लगाने या उन्हें स्टैंडबाय पर रखने में मदद मिलेगी, जिससे ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (OTP) में सुधार हो सके। मैनेजमेंट और एक्सपर्ट्स की राय एविएशन एनालिस्ट्स का मानना है कि ATF की कीमतें एयरलाइन की ऑपरेटिंग कॉस्ट का करीब 40% होती हैं। ऐसे में टाटा ग्रुप के लिए एयर इंडिया के ट्रांसफॉर्मेशन के दौरान ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी के बीच बैलेंस बनाना एक बड़ी चुनौती है। ATF क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है? ये खबर भी पढ़ें… आज से कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 994 रुपए तक महंगा: ऑनलाइन गेमिंग के लिए नए नियम भी लागू; मई में होने वाले 4 बड़े बदलाव कॉमर्शियल सिलेंडर आज यानी 1 मई से 994 रुपए तक महंगा हो गया है। दिल्ली में ये 3071.50 रुपए में मिल रहा है। इसके अलावा ‘ऑनलाइन गेमिंग रूल्स 2026’ प्रभावी हो गए हैं। पूरी खबर पढ़ें…

347 एनएचएम कर्मचारियों का 6 करोड़ ईपीएफ फंसा:जांच के लिए सतना पहुंची वित्त विभाग की टीम, 4 साल से सैलरी से कट रही थी राशि

347 एनएचएम कर्मचारियों का 6 करोड़ ईपीएफ फंसा:जांच के लिए सतना पहुंची वित्त विभाग की टीम, 4 साल से सैलरी से कट रही थी राशि

सतना में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत 347 संविदा कर्मचारियों के भविष्य निधि (ईपीएफ) में 6 करोड़ रुपये की बड़ी वित्तीय अनियमितता सामने आई है। इस मामले की जांच के लिए गुरुवार को एनएचएम वित्त विभाग की तीन सदस्यीय टीम सतना पहुंची। टीम में डिप्टी डायरेक्टर मुमुल बहोत, स्टेट फाइनेंस मैनेजर मनोज राजपूत और एचएमआईएस कंसल्टेंट नीरज श्रीवास्तव शामिल थे। चार साल से गड़बड़ी आरोप है कि इन कर्मचारियों के वेतन से ईपीएफ की राशि काटी गई, लेकिन उनके ईपीएफ खातों में जमा नहीं की गई। यह गड़बड़ी पिछले चार साल से चल रही है, जिसके कारण कुल बकाया राशि लगभग 6 करोड़ रुपये हो गई है। प्रत्येक संविदाकर्मी के वेतन से औसतन 1800 रुपये प्रतिमाह ईपीएफ के रूप में काटे जा रहे थे। जांच टीम ने गुरुवार को सुबह करीब 11:30 बजे से शाम 7 बजे तक पड़ताल की। टीम ने जिला डिस्ट्रिक्ट अकाउंट मैनेजर (डैम) सुभाष चंदेल से वर्ष 2021 से 2025 तक के ईएसआई और ईपीएफ चालान तथा संबंधित दस्तावेज दो दिन के भीतर उपलब्ध कराने को कहा है। अधिकारियों ने बजट पेंडेंसी और रिकॉर्ड में गड़बड़ी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए डैम के बयान भी दर्ज किए। कर्मचारियों की शिकायत के बाद सामने आई गड़बड़ी कर्मचारियों ने अक्टूबर में इस मामले की शिकायत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) से की थी। सुनवाई न होने पर मामला ईपीएफओ कमिश्नर तक पहुंचा। सूत्रों के अनुसार, पूर्व में भी इसी तरह की गड़बड़ी सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग पर 55 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। इस अनियमितता से 199 एएनएम, ब्लॉक अकाउंट मैनेजर, कम्युनिटी मोबिलाइजर, डाटा एंट्री ऑपरेटर, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन सहित कुल 347 कर्मचारी प्रभावित हैं। इनमें कई एएनएम ऐसी भी हैं जो अब नियमित हो चुकी हैं, लेकिन उनके संविदाकाल का पीएफ अभी तक जमा नहीं हुआ है। वित्तीय टीम ने सभी ब्लॉक अकाउंट मैनेजरों को भी तलब किया था। टीम डैम और बैम द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों का सॉफ्टवेयर से मिलान करेगी। मामले में अब जांच रिपोर्ट का इंतजार है।