Wednesday, 07 Oct 2026 | 09:21 AM

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नर्सिंग ऑफिसर भर्ती की शर्तों पर नोटिस:हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और MPESB से मांगा जवाब; अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने की राहत

नर्सिंग ऑफिसर भर्ती की शर्तों पर नोटिस:हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और MPESB से मांगा जवाब; अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने की राहत

मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग ऑफिसर पदों पर भर्ती के लिए जारी हालिया विज्ञापन को लेकर जबलपुर स्थित उच्च न्यायालय की मुख्य पीठ में कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं। जबलपुर निवासी ज्योति साहू सहित अन्य याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि विज्ञापन में तय शर्तें ‘मध्य प्रदेश चिकित्सा शिक्षा (अराजपत्रित) सेवा भर्ती एवं पदोन्नति नियम, 2023’ के विपरीत हैं। इन नियमों में जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (GNM) को नर्सिंग ऑफिसर पद के लिए स्वतंत्र और पर्याप्त योग्यता माना गया है, लेकिन विज्ञापन में GNM पास अभ्यर्थियों के लिए ‘पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग’ की अतिरिक्त शर्त जोड़ दी गई है, जो मूल नियमों में कहीं भी उल्लेखित नहीं है। साथ ही, कंडिका 8 (क) के तहत 10+2 स्तर पर भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान को अनिवार्य कर दिया गया है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि जब उन्होंने GNM कोर्स में प्रवेश लिया था, तब जीव विज्ञान अनिवार्य नहीं था। ऐसे में कोर्स पूरा करने के बाद भर्ती के समय यह शर्त लागू करना कानूनन गलत है। उनका यह भी कहना है कि देश के अन्य राज्यों में GNM योग्य उम्मीदवारों के लिए 12वीं में जीव विज्ञान की अनिवार्यता नहीं रखी जाती, इसलिए यह शर्त तर्कहीन और भेदभावपूर्ण है। मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और कर्मचारी चयन मंडल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही, याचिकाकर्ताओं को भर्ती परीक्षा में शामिल होने की अनुमति भी दी है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता विशाल बघेल ने पैरवी की।

विपक्ष ने विधेयक को हराकर ‘भ्रूणहत्या’ की: महिला आरक्षण पर प्रधानमंत्री | भारत समाचार

Chennai Super Kings' Jamie Overton, left, celebrate with teammates the wicket of Sunrisers Hyderabad's Abhishek Sharma during the Indian Premier League cricket match between Sunrisers Hyderabad and Chennai Super Kings in Hyderabad, India, Saturday, April 18, 2026. (AP Photo/Mahesh Kumar A.)

आखरी अपडेट:18 अप्रैल, 2026, 21:35 IST लोकसभा में महिला आरक्षण बिल फेल होने पर पीएम मोदी ने विपक्ष को ठहराया जिम्मेदार, 33 फीसदी कोटा और अधिक सीटों का बिल दो तिहाई बहुमत से कम, सुधार का भविष्य अनिश्चित. लोकसभा में महिला आरक्षण बिल फेल होने पर पीएम मोदी ने विपक्ष को ठहराया जिम्मेदार, 33 फीसदी कोटा और अधिक सीटों का बिल दो तिहाई बहुमत से कम, सुधार का भविष्य अनिश्चित. महिला आरक्षण विधेयक के लोकसभा में आवश्यक बहुमत हासिल करने में विफल रहने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला और उन पर महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण सुधार को बाधित करने का आरोप लगाया। राष्ट्र को संबोधित करते हुए, मोदी ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम जैसी पार्टियों ने ऐसा किया है जिसे उन्होंने “इस ईमानदार प्रयास की भ्रूण हत्या” कहा है। उन्होंने कहा, “उन्होंने संविधान और इस देश की नारीत्व के खिलाफ अपराध किया है।” लोकसभा में बिल कम पड़ गया सरकार शुक्रवार को संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 पारित करने में विफल रही – प्रस्तावित को लागू करने के लिए एक प्रमुख आवश्यकता महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लोकसभा में. बिल प्राप्त हुआ पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 वोट पड़ेकी कमी हो रही है दो तिहाई बहुमत संवैधानिक संशोधन के लिए आवश्यक. झटके के बाद, सरकार दो अन्य संबंधित विधेयकों पर आगे नहीं बढ़ी जो व्यापक सुधार पैकेज का हिस्सा थे। बिल में क्या प्रस्तावित है प्रस्तावित कानून का उद्देश्य: से लोकसभा की ताकत बढ़ाएँ 543 से 850 सीटें संरक्षित महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटें इस कदम को संसद में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में पेश किया गया था। प्रधानमंत्री ने माफी मांगी, ‘स्वार्थी राजनीति’ को जिम्मेदार ठहराया मोदी ने देशभर की महिलाओं से माफी मांगते हुए बिल के फेल होने पर अफसोस जताया. उन्होंने कहा, “मैं सभी माताओं और देश से माफी मांगता हूं… हमारे सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद, हम सफल नहीं हुए हैं।” उन्होंने तृणमूल कांग्रेस सहित विपक्षी दलों पर राष्ट्रीय हित पर राजनीतिक हितों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ”इन पार्टियों की स्वार्थी राजनीति के कारण देश की महिलाओं को नुकसान उठाना पड़ा है।” राजनीतिक फ्लैशप्वाइंट विधेयक का पतन एक महत्वपूर्ण राजनीतिक टकराव का संकेत है, जिसमें सरकार और विपक्ष दोनों को विफलता के लिए जिम्मेदारी पर दोषारोपण जारी रखने की उम्मीद है। यह परिणाम महिला आरक्षण सुधारों के भविष्य पर भी सवाल उठाता है, जिस पर भारत में दशकों से बहस चल रही है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : दिल्ली, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 18 अप्रैल, 2026, 21:34 IST न्यूज़ इंडिया विपक्ष ने विधेयक को हरा कर ‘भ्रूणहत्या’ की: महिला आरक्षण पर पीएम अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)महिला आरक्षण विधेयक भारत(टी)नरेंद्र मोदी आलोचना(टी)महिला आरक्षण लोकसभा(टी)संविधान 131वां संशोधन विधेयक(टी)33 प्रतिशत कोटा महिला(टी)भारतीय विपक्षी दल(टी)महिला प्रतिनिधित्व संसद(टी)बिल लोकसभा में विफल

ग्वालियर में फैक्ट्री कर्मचारी से 2 लाख की ठगी:APK फाइल टच करते ही मोबाइल अपडेट हुआ, साइबर ठग ने किया फ्रॉड

ग्वालियर में फैक्ट्री कर्मचारी से 2 लाख की ठगी:APK फाइल टच करते ही मोबाइल अपडेट हुआ, साइबर ठग ने किया फ्रॉड

ग्वालियर में एक फैक्ट्री कर्मचारी साइबर ठगी का शिकार हो गया। मोबाइल अपडेट होते ही उसके बैंक खाते से करीब दो लाख रुपए निकाल लिए गए। घटना 6 मार्च को महाराजपुरा थाना क्षेत्र के जनकपुरी आदित्यपुरम में हुई थी। पीड़ित ओमनारायण वर्मा मालनपुर स्थित एक कंपनी में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि उनके मोबाइल पर एक APK फाइल आई थी। जैसे ही उन्होंने उस फाइल को टच किया, उनका मोबाइल अचानक अपडेट होना शुरू हो गया। कुछ समय बाद मोबाइल रीस्टार्ट हुआ और तुरंत बाद उनके फोन पर खाते से पैसे कटने के मैसेज आने लगे। घटना की जानकारी मिलते ही ओमनारायण तुरंत बैंक पहुंचे। वहां उन्हें पता चला कि उनके खाते से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए रकम ट्रांसफर की गई है। इसके बाद उन्होंने तुरंत अपना खाता ब्लॉक कराया और साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। खाते से 2 लाख निकाले शिकायत के आधार पर मामला जीरो पर दर्ज कर महाराजपुरा थाने भेजा गया। पुलिस ने शनिवार को विधिवत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। महाराजपुरा थाना प्रभारी यशवंत गोयल ने बताया कि साइबर ठगों ने एक कर्मचारी के खाते से 2 लाख रुपए की रकम निकाल ली है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

खेत विवाद में पूर्व CRPF जवान की हत्या:बैतूल में दो आरोपी गिरफ्तार; पुलिस ने हथियार बरामद किए

खेत विवाद में पूर्व CRPF जवान की हत्या:बैतूल में दो आरोपी गिरफ्तार; पुलिस ने हथियार बरामद किए

बैतूल जिले के गंज थाना क्षेत्र में पूर्व सीआरपीएफ जवान बाबूराव सातनकर की हत्या के मामले में पुलिस ने शनिवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह वारदात 17 अप्रैल को बरसाली क्षेत्र में खेत की मेड को लेकर हुए विवाद के दौरान हुई थी, जिसमें बाबूराव को डंडों और नोजल पाइप से पीटा गया था। गंभीर रूप से घायल बाबूराव की इलाज के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो गई थी। पुलिस के अनुसार, फरियादी विशाल सातनकर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपी ओमप्रकाश यादव, नवीन यादव और पिल्लू उर्फ फूलचंद करोचे ने उनके पिता बाबूराव पर हमला किया था। इस मामले में गंज थाना में हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई। दो आरोपी सोनाघाटी क्षेत्र से गिरफ्तार पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र कुमार जैन के निर्देश पर टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की। मुखबिर की सूचना के आधार पर ओमप्रकाश यादव और पिल्लू उर्फ फूलचंद करोचे को सोनाघाटी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया है। एक अन्य आरोपी नवीन यादव की तलाश जारी है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि बाबूराव के साथ उनका खेत की मेड को लेकर पुराना विवाद था। इसी रंजिश के चलते शुक्रवार को फिर विवाद हुआ और उन्होंने डंडों व पाइप से हमला कर बाबूराव की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त डंडे भी बरामद कर लिए हैं। जमीन को लेकर विवाद चल रहा था गौरतलब है कि दोनों पक्षों के बीच वर्षों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। वर्ष 2014 में भी इसी विवाद में गोलीकांड हुआ था, जिसमें बाबूराव को सजा हुई थी। बताया जा रहा है कि उसी पुरानी रंजिश के चलते इस बार भी यह घटना हुई।

बार-बार कुछ मीठा खाने का मन, शरीर में इन गड़बड़ी का संकेत, सिर्फ क्रेविंग समझ न करें इग्नोर

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Last Updated:April 18, 2026, 19:38 IST What Cause Sweet Cravings: मीठा खाने की क्रेविंग होना सिर्फ स्वाद से जुड़ा मसला नहीं है. यदि आप मीठा खाने के बाद शांत महसूस करते है, तो ये आपके शरीर में चल रही गड़बड़ी का एक बड़ा संकेत है. आयुर्वेद में भी बार-बार मीठा खाने की क्रेविंग को चेतावनी संकेत बताया गया है. ऐसे में आपको क्या करना चाहिए, चलिए इस लेख में समझते हैं. ख़बरें फटाफट मीठा खाना लगभग सभी को पसंद होता है. भारत में खाने के बाद कुछ मीठा खाने की परंपरा भी रही है. लेकिन यदि आप अक्सर मीठा खाने की क्रेविंग महसूस करते हैं, तो सावधान हो जाएं. यह नॉर्मल नहीं है. कई बार यह शरीर के अंदर हो रही गड़बड़ी या हार्मोन के असंतुलन का संकेत हो सकता है. कुछ लोगों को तो मीठा खाने के बाद ही संतुष्टि मिलती है.आयुर्वेद के अनुसार, इसके पीछे शरीर का असंतुलन जिम्मेदार होता है. बार-बार मीठा खाने की इच्छा सिर्फ आदत या लालच नहीं है. जब शरीर थका हुआ होता है या आप तनाव में होते हैं, तब मीठा खाने की इच्छा ज्यादा होती है. मीठा खाने से कुछ समय के लिए अच्छा महसूस होता है, लेकिन धीरे-धीरे इसकी आदत बढ़ जाती है. फिर रोज मीठा खाने का मन करता है और न मिलने पर चिड़चिड़ापन होने लगता है. मीठा खाने की क्रेविंग गड़बड़ी की इशाराअसल में, जब शरीर के हार्मोन संतुलित होते हैं, तो किसी खास स्वाद की क्रेविंग नहीं होती. भूख लगने पर शरीर सिर्फ खाने का संकेत देता है, न कि किसी खास चीज का. लेकिन अगर बार-बार मीठा खाने का मन कर रहा है, तो यह शरीर के असंतुलन का संकेत है. आयुर्वेद में इसे वात और पित्त दोष के असंतुलन से जोड़ा जाता है. जब ये दोनों असंतुलित हो जाते हैं, तो मीठा खाने की इच्छा बढ़ जाती है. ज्यादा मीठा खाने से शरीर को नुकसान भी हो सकता है. शुरुआत में यह मन को शांत करता है, लेकिन धीरे-धीरे शरीर कमजोर होने लगता है. लो ब्लड प्रेशर का लक्षणशरीर में ऊर्जा की कमी या लो ब्लड प्रेशर होने पर भी मीठा खाने की इच्छा बढ़ती है, क्योंकि मीठा तुरंत ऊर्जा देता है. इसके अलावा, शरीर में मैग्नीशियम की कमी भी इसका एक कारण हो सकती है. चुनें हेल्दी विकल्पअगर आपको बार-बार मीठा खाने का मन करता है, तो आप कुछ हेल्दी विकल्प चुन सकते हैं. जैसे गुड़, शहद, मिश्री या ताजे मीठे फल खा सकते हैं. साथ ही, खजूर या किशमिश अपने पास रखें. ये चीजें मीठा खाने की इच्छा को संतुलित करती हैं और शरीर के लिए भी फायदेमंद होती हैं. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 18, 2026, 19:38 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

‘ओछी राजनीति कर नामांकन ने पास नहीं होने दिया बिल’, पीएम मोदी का नाम लेकर आईं महिला नॉच, कांग्रेस पर बरसे तंज

'ओछी राजनीति कर नामांकन ने पास नहीं होने दिया बिल', पीएम मोदी का नाम लेकर आईं महिला नॉच, कांग्रेस पर बरसे तंज

महिला मॉडल बिल नामांकन की वजह से सेक्स में नहीं मिला हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (18 अप्रैल) को कांग्रेस पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने तमिल में एक रैली में दावा करते हुए कहा कि कांग्रेस, शिक्षकों और उनके साथियों ने इसे ओछी राजनीति का शिकार बनाया। अहम बात यह भी है कि पीएम मोदी शनिवार रात 8.30 बजे देश के नाम जपने वाले हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने एक रैली में दावा करते हुए कहा, ‘आज जेलों के बीच मैं अपनी पीड़ा और अपना आक्रोश व्यक्त करना चाहता हूं। 2023 में हमने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया और इस महीने की 16 तारीख को हम संसद में महिलाओं के लिए नवीन लागू करने के लिए महत्वपूर्ण लेकर आये। मैंने सभी आवेदकों से इसका समर्थन करने की मांग की। लेकिन डीएमके, कांग्रेस और उनके साथियों ने इसे नापसंद किया और ओछी राजनीति का शिकार बनाया। अगर ये बिल पास हो जाए तो तमिलनाडु की बहुत सारी महिलाएं नौकर और नाबालिग बन जाती हैं। लेकिन डीएमके ऐसा नहीं होना चाहती.’ DMK काले कारनामे छिपने वाले नहीं -पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा, ‘डीएमके के काम अब बहुत अच्छे से एक्सपोज हो गए हैं. जनता डीएमके के काले कारनामे महान से जान पहचान है। ‘बूच फैलने से डीएमके के काले कारनामे छिपने वाले नहीं हैं।’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘तमिलनाडु के लोग एक स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं कि ‘एनडीए इन, डीएमके आउट…’ उन्होंने कहा, ‘तमिलनाडु में महिलाएं सेफ नहीं हैं। लेकिन अब डीएमके की इस महिला-विरोधी मानसिकता का जवाब निश्चित रूप से दिया जाएगा। डीएमके की संसद में भी महिलाओं के साथ खड़ा होना नहीं था, लेकिन अब उनकी महिला-विरोधी सोच को चुनौती दी जाएगी।’ मासूम में गिरी महिला नायाब बिल बता दें कि अप्रैल में किन्हीं तीन राज्यों में महिला नंगा बिल शुक्रवार (17) को वोटिंग हुई थी, लेकिन सरकार ने इसके लिए दो-तिहाई बहुमत नहीं चुना। इसी वजह से बिल अलोकेशन में गिर गया। इसके बाद प्रमुख महिला कलाकारों ने विपक्ष के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। यह भी पढ़ें: राहुल गांधी के खिलाफ नहीं होगी FIR, हाईकोर्ट ने देशभक्ति मामले में रोक लगा दी (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)पीएम मोदी(टी)महिलाएं

टीकमगढ़ में महिलाओं ने साफा बांधकर निकाली बाइक रैली:कल परशुराम जन्मोत्सव पर होगाअभिषेक-पूजन, शाम को निकलेगी शोभायात्रा

टीकमगढ़ में महिलाओं ने साफा बांधकर निकाली बाइक रैली:कल परशुराम जन्मोत्सव पर होगाअभिषेक-पूजन, शाम को निकलेगी शोभायात्रा

टीकमगढ़ में भगवान परशुराम जन्म महोत्सव को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इसी क्रम में शनिवार शाम ब्राह्मण समाज द्वारा बाइक रैली निकाली गई। रैली की खास बात यह रही कि इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने सिर पर साफा बांधकर बाइक चलाई और उत्साह के साथ भागीदारी की। नजरबाग मंदिर से शुरू होकर शहर में किया भ्रमण बाइक रैली की शुरुआत नजरबाग मंदिर से हुई। इसके बाद रैली शहर के प्रमुख बाजारों से होती हुई गांधी चौराहे पहुंची, जहां भगवान परशुराम की महाआरती की गई। पूरे रास्ते श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला। ब्राह्मण महिला संगठन की अध्यक्ष नीतू द्विवेदी ने बताया कि 19 अप्रैल को भगवान परशुराम जन्म महोत्सव के तहत कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सुबह 5 बजे महेंद्र सागर तालाब स्थित प्रतिमा स्थल पर अभिषेक और पूजन किया जाएगा। साथ ही अग्निहोत्र यज्ञ भी आयोजित होगा। सुबह से शाम तक रहेंगे धार्मिक आयोजन सुबह 5 बजे से 9 बजे तक प्रतिमा स्थल पर विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। इसके बाद शाम 5 बजे प्राचीन नजरबाग मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। आयोजन समिति के सदस्य एडवोकेट सौरभ शर्मा के अनुसार, शोभायात्रा नजरबाग मंदिर से शुरू होकर सिंधी धर्मशाला, लोकमान्य चौराहा, नजाई बाजार, कटरा बाजार, पुराना पोस्ट ऑफिस और तालदरवाजा होते हुए महेंद्र सागर तालाब पहुंचेगी। यहां प्रतिमा की महाआरती के बाद भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

शाजापुर में पारिवारिक विवाद सुलझा:जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कराई मध्यस्थता

शाजापुर में पारिवारिक विवाद सुलझा:जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कराई मध्यस्थता

शाजापुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की मध्यस्थता से एक पारिवारिक विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान किया गया है। यह मामला मध्यस्थता की प्रभावशीलता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन गया है। यह कार्यवाही शनिवार को प्राधिकरण के अध्यक्ष आनंद कुमार तिवारी के मार्गदर्शन में, सचिव नमिता बौरासी और डीएलएओ शिखा शर्मा के निर्देशन में संपन्न हुई। यह विवाद कपिल सोनलिया और दीपिका कौरव (जो वाक एवं श्रवण बाधित दंपत्ति हैं) तथा विष्णु प्रसाद सोनलिया और महेंद्र सोनलिया के बीच चल रहा था। इस प्रकरण को जिला न्यायालय स्थित एडीआर सेंटर में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मध्यस्थता के लिए प्रस्तुत किया गया था। मध्यस्थता प्रक्रिया के दौरान, सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ अतुल राठौर और मध्यस्थ ज्ञानेंद्र पुरोहित ने दोनों पक्षों के बीच प्रभावी संवाद स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इससे उनके आपसी मतभेद दूर करने में सहायता मिली। ऐसे बनी सहमति प्रारंभिक सहमति के तहत विद्युत आपूर्ति बहाल की गई, जिससे दोनों पक्षों के बीच विश्वास का माहौल बना। आगे की चर्चा में कृषि आय के बंटवारे, पारिवारिक सहयोग और संसाधनों के उपयोग को लेकर भी सहमति बनी। इसके अतिरिक्त, घास काटने की मशीन उपलब्ध कराने और सोलर पैनल से संबंधित मुद्दों के समाधान पर भी दोनों पक्ष सहमत हुए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आमजन से अपील की है कि वे अपने विवादों के समाधान के लिए मध्यस्थता जैसे वैकल्पिक उपायों को अपनाएं।

भारतीय फैंस के फीफा देखने पर संकट:वर्ल्ड कप में दो महीने से भी कम समय; किसी चैनल ने नहीं लिए राइट्स

भारतीय फैंस के फीफा देखने पर संकट:वर्ल्ड कप में दो महीने से भी कम समय; किसी चैनल ने नहीं लिए राइट्स

भारतीय फुटबॉल फैंस के लिए एक बेहद चिंताजनक खबर है। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के शुरू होने में अब दो महीने से भी कम समय बाकी है, लेकिन भारत में अभी तक किसी भी नेटवर्क ने इसके ब्रॉडकास्टिंग राइट्स नहीं खरीदे हैं। फीफा ने जापान, इंडोनेशिया, सिंगापुर और हॉन्गकॉन्ग समेत पूरे एशिया में पहले ही डील पक्की कर ली है, लेकिन भारत में फीफा को टीवी पर दिखाने के लिए कोई भी ब्रॉडकास्टर पैसे खर्च करने को तैयार नहीं है। यह स्थिति इसलिए भी असामान्य है क्योंकि भारत को फीफा द्वारा एक प्रमुख फुटबॉल बाजार माना जाता है। इस साल की शुरुआत में कोका-कोला की स्पॉन्सरशिप के तहत फीफा वर्ल्ड कप की ट्रॉफी भी भारत आई थी, जिसे लेकर फैंस में भारी उत्साह दिखा था। भारत में फीफा वर्ल्ड कप का प्रसारण हमेशा से किसी न किसी प्रमुख नेटवर्क के पास रहा है। साल 2002 में टेन स्पोर्ट्स, 2010 में ईएसपीएन-स्टार, 2014 व 2018 में सोनी पिक्चर्स नेटवर्क और 2022 में वायकॉम18 ने राइट्स खरीदे थे और स्पोर्ट्स18 व जियोसिनेमा पर टेलीकास्ट हुआ था। लेकिन 2026 के लिए स्थिति बिल्कुल उलट है। जुलाई 2025 में, फीफा ने भारतीय उपमहाद्वीप के लिए टेंडर ​जारी किए थे। इसमें 2026 और 2030 के वर्ल्ड कप के राइट्स को एक साथ बंडल किया गया था, ताकि यह डील ब्रॉडकास्टर्स को आर्थिक रूप से आकर्षक लगे। इसके अलावा 2027 महिला वर्ल्ड कप के लिए भी अलग से टेंडर निकाला गया। इसकी समय सीमा 2 सितंबर 2025 थी, जो काफी पहले ही बीत चुकी है। लेकिन राइट्स अभी भी नहीं बिके हैं। प्रसारकों की बेरुखी के 5 सबसे बड़े कारण 1. क्रिकेट जैसे हर ओवर के बाद एड का मौका फुटबॉल में नहीं मिलता भारत एक सब्सक्रिप्शन बाजार नहीं है, बल्कि यह एडवरटाइजिंग से चलता है। एक पूर्व ब्रॉडकास्टिंग सीईओ के अनुसार, क्रिकेट में हर ओवर के बाद विज्ञापन का मौका होता है, लेकिन फुटबॉल में ऐसा नहीं है। हाफ-टाइम के दौरान लोग अक्सर टीवी बंद कर देते हैं। यही वजह है कि 2018 में फुटबॉल वर्ल्ड कप का विज्ञापन प्रभाव 12.6 बिलियन डॉलर था, जिसके 2026 में 10.5 बिलियन तक घटने का अनुमान है। 2. फीफा ने कीमत घटाई, लेकिन ब्रॉडकास्टर को महंगा लग रहा सौदा स्टार इंडिया और वायकॉम18 के विलय के बाद भारतीय बाजार में प्रतिस्पर्धा कम हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में फीफा ने 2026 और 2030 वर्ल्ड कप के संयुक्त अधिकारों की कीमत करीब 928 करोड़ रुपए रखी थी। खरीदार न मिलने पर इसे घटाकर करीब 324 करोड़ कर दिया गया। हालांकि, जियोस्टार इस पैकेज की कीमत करीब 232 करोड़ के करीब आंक रहा है। 3. भारत में फुटबॉल के लिए पैसे नहीं देते फैंस, टीवी पर दर्शक घट चुके हैं सोशल मीडिया पर फुटबॉल की चर्चा बहुत होती है, लेकिन यह व्यूअरशिप पैसे में तब्दील नहीं होती। भारतीय दर्शक फुटबॉल देखने के लिए पैसे देने से कतराते हैं। भारत ने 2018 से 2022 के बीच टीवी पर 8.7 करोड़ दर्शक खो दिए थे, क्योंकि लोग डिजिटल की तरफ मुड़ गए थे, लेकिन वहां भी विज्ञापन से होने वाली कमाई नाममात्र की है। ऐसे में प्रसारक बड़े इवेंट का रिस्क नहीं लेना चाह रहे हैं। 4. एडवरटाइजर आईपीएल तक खर्च चुके होंगे विज्ञापन का बजट डेंट्सू के पूर्व सीईओ आशीष भसीन के अनुसार, ‘भारत में खेल बाजार पर क्रिकेट का कब्जा है। फीफा वर्ल्ड कप 11 जून से है और ठीक इससे पहले 31 मई तक आईपीएल चलेगा। ऑटोमोटिव, एफएमसीजी, फिनटेक और टेलीकॉम जैसे बड़े एडवरटाइजर 74 मैचों वाले आईपीएल में अपने बजट का बड़ा हिस्सा खर्च कर चुके होंगे। ऐसे में उनके पास वर्ल्ड कप के लिए पैसा नहीं बचेगा।’ 5. शेड्यूलिंग भारत के हक में नहीं, 87% मैच रात 10 बजे के बाद होंगे इस बार वर्ल्ड कप अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में खेला जा रहा है। इसका मतलब है कि 104 मैचों में से 87% से ज्यादा मैच भारतीय समयानुसार रात 10 बजे के बाद प्रसारित होंगे। भारत को दिन में केवल 13 मैच देखने को मिलेंगे। इसलिए रात के मुकाबलों के लिए एडवरटाइजर पैसा लगाने को तैयार नहीं हैं। आईपीएल जैसे इवेंट्स इसलिए भी महंगे बिकते हैं क्योंकि उनका प्रसारण प्राइम टाइम में होता है। प्रसार भारती राइट्स की चर्चा कर रहा; फीफा के पास यूट्यूब पर प्रसारण करने का विकल्प भी है एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने पुष्टि की है कि राइट्स के लिए प्रसार भारती ने फीफा के साथ प्रारंभिक बातचीत की है। दूरदर्शन ने 2023 फीफा महिला वर्ल्ड कप का भी प्रसारण किया था। डीडी फ्री डिश और ‘WAVES OTT’ प्लेटफॉर्म की पहुंच के चलते यह एक बड़ा विकल्प बन सकता है। इसके अलावा, भारत के ‘स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग सिग्नल्स एक्ट’ के तहत सेमीफाइनल और फाइनल जैसे प्रमुख मैचों को अनिवार्य रूप से दूरदर्शन के साथ साझा करना होगा। वहीं, 2026 वर्ल्ड कप के लिए यूट्यूब फीफा का पसंदीदा प्लेटफॉर्म है। भले ही टीवी पर प्रसारण न हो, लेकिन यूट्यूब पर क्रिएटर्स, क्लिप्स और कुछ चुनिंदा लाइव मैचों तक भारतीय दर्शकों की पहुंच होगी।

कार में बैठकर लगा रहे थे IPL मैच पर सट्‌टा:मॉल के पास से पुलिस ने पकड़ा, 10 लाख नगद 5 मोबाइल फोन सहित दो गिरफ्तार

कार में बैठकर लगा रहे थे IPL मैच पर सट्‌टा:मॉल के पास से पुलिस ने पकड़ा, 10 लाख नगद 5 मोबाइल फोन सहित दो गिरफ्तार

विजय नगर पुलिस ने मॉल के पास कार में बैठकर IPL मैच पर सट्टा लगाने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 10 लाख रुपए नगद, 5 मोबाइल और एक कार जब्त की है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। साथ ही मोबाइल के इनके नेटवर्क का पता लगा रही है। शनिवार को पुलिस ने मामले का खुलासा किया। एसीपी पराग सैनी ने बताया कि शुक्रवार को पुलिस को जानकारी मिली थी कि ऑर्बिट मॉल के पास के एक कार में दो लोग बैठे और अवैध गतिविधि संचालित कर रहे है। पुलिस को जैसी ही इनकी जानकारी मिली, पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों को रंगे हाथ धरदबोचा। मोबाइल चेक किया तो पता चला सट्टा लगा रहे उन्होंने बताया कि जब दोनों के मोबाइल फोन चेक किए गए तो पता चला कि दोनों IPL के मैच में क्रिकेट के सट्टे के दांव लगा रहे थे, इस पर तत्काल उनको मौके से गिरफ्तार किया गया। उनके पास से 10 लाख रुपए नगद, 5 मोबाइल फोन और कार को जब्त किया गया है। पकड़ाए आरोपी आकाश बिंदल निवासी और प्रियांश जैन निवासी नीमच है। दोनों से पूछताछ कर जानकारी निकाली जा रही है। मोबाइल से निकाल रहे जानकारी इधर, बताया जा रहा है कि पुलिस जब्त मोबाइल से इनके नेटवर्क के बारे में जानकारी निकाल रही है। ये बात भी सामने आ रही है कि ये कार में घूमकर सट्टा लगाने के काम कर रहे थे, इस बारे में पुलिस जानकारी निकाल रही है। वहीं जो दस लाख रुपए इनके पास से बरामद किए है, उसकी भी जानकारी जुटा रही है।