शाजापुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की मध्यस्थता से एक पारिवारिक विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान किया गया है। यह मामला मध्यस्थता की प्रभावशीलता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन गया है। यह कार्यवाही शनिवार को प्राधिकरण के अध्यक्ष आनंद कुमार तिवारी के मार्गदर्शन में, सचिव नमिता बौरासी और डीएलएओ शिखा शर्मा के निर्देशन में संपन्न हुई। यह विवाद कपिल सोनलिया और दीपिका कौरव (जो वाक एवं श्रवण बाधित दंपत्ति हैं) तथा विष्णु प्रसाद सोनलिया और महेंद्र सोनलिया के बीच चल रहा था। इस प्रकरण को जिला न्यायालय स्थित एडीआर सेंटर में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मध्यस्थता के लिए प्रस्तुत किया गया था। मध्यस्थता प्रक्रिया के दौरान, सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ अतुल राठौर और मध्यस्थ ज्ञानेंद्र पुरोहित ने दोनों पक्षों के बीच प्रभावी संवाद स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इससे उनके आपसी मतभेद दूर करने में सहायता मिली। ऐसे बनी सहमति प्रारंभिक सहमति के तहत विद्युत आपूर्ति बहाल की गई, जिससे दोनों पक्षों के बीच विश्वास का माहौल बना। आगे की चर्चा में कृषि आय के बंटवारे, पारिवारिक सहयोग और संसाधनों के उपयोग को लेकर भी सहमति बनी। इसके अतिरिक्त, घास काटने की मशीन उपलब्ध कराने और सोलर पैनल से संबंधित मुद्दों के समाधान पर भी दोनों पक्ष सहमत हुए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आमजन से अपील की है कि वे अपने विवादों के समाधान के लिए मध्यस्थता जैसे वैकल्पिक उपायों को अपनाएं।














































