भरवा परवल रेसिपी: उंगलियां चाटकर खाएंगे घर पर बना सामान्य भरवां परवल, मिनटों में हो जाएगी तैयार; जानिए विधि

सामग्री: 8-10 परवल, 2 बड़े बेसन, 1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच गरम मसाला, 1/2 छोटा चम्मच अमचूर पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, छवि: फ्रीपिक 3-4 बड़ा कच्चा तेल, नमक का स्वाद, हरा धनिया। सरसों के तेल से बनाने से देसी स्वाद और भी बढ़ जाता है। गरमा-गरम उद्योग भरवां परवल को रोटी, पराठा या दाल-चावल के साथ पकायें। छवि: सोशल मीडिया बनाने की विधि: सबसे पहले परवल को अच्छी तरह धो लें। इसके दोनों संरचनात्मक वास्तुशिल्प बीच में लंबाई में प्रभामंडल। अब ओरिजिनल की मदद से इसके अंदर के बीज निकाले लें। छवि: एआई एक पैन में बेसन को सुनहरा होने तक भून लें। अब इसमें धनिया पाउडर, हल्दी, लाल मिर्च, अमचूर, गरम मसाला और नमक अच्छी तरह मिला लें। छवि: फ्रीपिक छोटे सा तेल मॉड्यूल को नाम कर लें, ताकि इसे आसानी से बढ़ावा मिल सके। तैयार सामग्री को सभी परवलों के अंदर सावधानी से भर दें। कोशिश करें कि मसाला बाहर न निकले। एक चटनी में तेल गर्म करें और जीरा डालें। छवि: एआई जीरा चटकने के बाद धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे मसाले डालते रहे। 12-15 मिनट तक की दूरी पर अंतिम छोर पर। बीच-बीच में परवल को पलटते रहें ताकि वे चारों तरफ से अच्छे से पक जाएं। छवि: एआई परवल नैचुरल हो जाएं और ऊपर से पतले-पतले दिखें, तो गैस बंद कर दें। इसे हरा धनिया ढांचे की सजा। तीखा पसंद है तो हरी मिर्च विभिन्न घटकों में मिला सकते हैं। छवि: एआई
DMK ने भारत ब्लॉक बैठक का बहिष्कार किया: कांग्रेस के खिलाफ DMK के ‘विश्वासघात’ के दावे पर विपक्षी एकता में दरार

तमिलनाडु चुनावों के बाद कांग्रेस द्वारा “विश्वासघात” का हवाला देते हुए द्रमुक द्वारा एक प्रमुख विपक्षी बैठक से हटने का निर्णय लेने के बाद भारतीय गुट को अपनी एकता पर नए सिरे से सवालों का सामना करना पड़ रहा है। यह घटनाक्रम तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सहित अन्य गठबंधन सहयोगियों के भीतर कथित आंतरिक तनाव के बीच आया है, जिससे विपक्षी मोर्चे के भीतर एकजुटता को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का सुझाव है कि ये बढ़ती दरारें राष्ट्रीय राजनीति को नया रूप दे सकती हैं और संभावित रूप से आगामी संसदीय और विधायी लड़ाई में एनडीए को फायदा दे सकती हैं। n18oc_politicsn18oc_plain-speakn18oc_indiaNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube
RCB वाले वीडियो पर नुसरत भरूचा ने दी सफाई:यूजर्स पर भड़कते हुए कहा- कुछ लोगों ने तो हद ही कर दी है

बॉलीवुड एक्ट्रेस नुसरत भरूचा हाल ही में आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की जीत के बाद सोशल मीडिया पर एक विवाद को लेकर चर्चा में आ गईं। RCB की खिताबी जीत के बाद नुसरत ने जश्न मनाते हुए अपने टीवी स्क्रीन का एक वीडियो इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया था। वीडियो के बैकग्राउंड में कुछ आवाजें सुनाई दीं, जिन्हें कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने गलत तरीके से समझ लिया। इसके बाद सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलने लगीं। कुछ ही मिनटों बाद नुसरत ने वह इंस्टाग्राम स्टोरी डिलीट कर दी। नुसरत ने बताया आवाजों की वजह ट्रोलिंग के बाद नुसरत भरूचा ने सोशल मीडिया पर इस मामले पर सफाई दी। उन्होंने बताया कि वह अपने एक दोस्त के घर पर मैच देख रही थीं और वीडियो में सुनाई दे रही आवाजें उनके दोस्त के छोटे पपी की थीं। नुसरत के मुताबिक, बाहर हो रही तेज आतिशबाजी के कारण पपी डर गया था और रो रहा था। उन्होंने उस रात के कुछ अन्य वीडियो भी शेयर किए, जिनमें पपी नजर आ रहा है और वैसी ही आवाजें सुनाई दे रही हैं। नुसरत ने ट्रोलिंग को लेकर लिखा, “कुछ लोगों ने तो हद ही कर दी है। एक पपी के रोने की आवाज पर इतना बवाल मचा दिया। अपने दिमाग के फितूर को शांत रखें और बिना सोचे-समझे किसी बात को न फैलाएं।” नुसरत भरूचा ‘प्यार का पंचनामा’ और ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’ जैसी फिल्मों के लिए जानी जाती हैं। वह आखिरी बार फिल्म ‘उफ्फ ये सियापा’ में नजर आई थीं। फिल्म का निर्देशन जी. अशोक ने किया था। वहीं, इसे लव रंजन और अंकुर गर्ग की लव फिल्म्स ने प्रोड्यूस किया था। फिल्म का म्यूजिक ए.आर. रहमान ने दिया था। नुसरत के अलावा फिल्म में सोहम शाह, नोरा फतेही, ओंकार कपूर और शारिब हाशमी भी में थे। यह फिल्म 5 सितंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। हालांकि, रिलीज के बाद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा सकी और फ्लॉप साबित हुई। फिल्म भारतीय बॉक्स ऑफिस पर अपने पूरे रन में सिर्फ 5 लाख रुपये की कमाई कर सकी थी।
गाय बनाम भैंस घी: घर पर घी बनाने का रहस्य… जानिए गाय और भैंस में से किस दूध से निकलेगा डबल घी

4 जून 2026 को 19:01 IST पर अपडेट किया गया गाय बनाम भैंस का घी: मलाई से चिप्सदार और दानेदार घी बनाना एक कला है, लेकिन अक्सर लोग इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि गाय और भैंस के घर से किस दूध से ज्यादा घी निकलता है। आइए जानते हैं। अनुसरण करना : अगर आप घर पर अधिक मात्रा में घी बनाना चाहते हैं, तो बफ़ेलो का दूध सबसे बेहतरीन विकल्प है। भैंस के दूध में फैट की मात्रा लगभग 7% से 8% होती है, जो कि गाय के दूध में (3% से 4%) की मात्रा लगभग होती है। छवि: मेटा एआई गाय के दूध का घी पतले पीले रंग का होता है। इसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन ए, के2, और बीटा-कैरोटीन पाया जाता है। यह एंटीऑक्सीडेंट्स का बेहतरीन स्रोत है। छवि: मेटा एआई यह घी बेहद प्रभावकारी और आसानी से पचने योग्य होता है। गाय के घी में मौजूद शॉर्ट-चेन साइबेरियाई एसिड्स आपके मेटाबॉलिज्म को तेज करते हैं। यह हृदय रोग और वजन कम करने वालों के लिए बेहतर है। छवि: मेटा एआई दूध को हमेशा के लिए लंबे समय तक स्टॉक में रखा गया। बाद में दूध को पूरी तरह से ठंडा होने दें और फिर 8-10 घंटे के लिए फ़िरोज़ में रख दें। इससे दूध के ऊपर एक बेहद मोटा और मलाईदार परत जम जाएगा छवि: मेटा एआई मलाई से मक्खन के तेल का उपयोग हमेशा ठंडा पानी या बर्फ के मिश्रण के रूप में करें। यह मलाई में मौजूद फैट को तेजी से बांधता है, जिससे तुरंत मक्खन अलग हो जाता है और मट्ठा नीचे रह जाता है। छवि: मेटा एआई मक्खन को हमेशा भारी चॉकलेट के पोर में ही टुकड़े टुकड़े कर दिया जाता है। तेज़ आँकड़े पर कुकिंग से नीचे मलाई जल दिया जाता है और घी की मात्रा कम हो जाती है। छवि: मेटा एआई मक्खन को हमेशा भारी चॉकलेट के पोर में ही टुकड़े टुकड़े कर दिया जाता है। तेज़ आँकड़े पर कुकिंग से नीचे मलाई जल दिया जाता है और घी की मात्रा कम हो जाती है। छवि: मेटा एआई द्वारा प्रकाशित: आर्या पांडे प्रकाशित 4 जून 2026 19:01 IST पर
लौकी आलू का स्टू रेसिपी: घर पर ऐसे खास यूपी-बिहार का स्पेशल लोकी आलू का स्टुड, बच्चे-बजे सब लाजवाब; विधि नोट करें

सामग्री: 1 छोटी लौकी, 2 आलू, 1 टमाटर, 1 हरी मिर्च, 1 छोटा जीरा, 1/2 छोटा हल्दी पाउडर, 1/2 छोटा लौकी पाउडर, नमक का स्वाद, 1 बड़ा मसाला हल्दी का तेल, 2 कप पानी, हरा धनियां छवि: फ्रीपिक बनाने की विधि: सबसे पहले कुकर या पेस्टिल पोएट्री में तेल गर्म करें। इसमें जीरा और चटकने का जिक्र किया गया है। फिर हरी मिर्ची मठ कुछ सेकंड भून लें। अब कटे हुए आलू और लौकी डालें। छवि: मेटा एआई 2-3 मिनट तक प्रभाव ताकि स्वाद और बढ़ जाए। हल्दी, धनिया पाउडर और नमक संरचना अच्छी तरह मिला लें। इसके बाद कटे हुए टमाटर और एक-दो मिनट का नाश्ता दिया। छवि: इंस्टाग्राम अब इसमें पानी और कुकर का अपार्टमेंट बंद कर दिया गया है। 2-3 शहर आने तक। यदि पोथियो में बनाये जा रहे हैं तो प्रमाणित प्राकृतिक होने तक। कुकर की खेप के बाद मियामी में। छवि: एआई ऊपर से हरा धनिया और रखा गर्मागर्म नौकरियाँ। देसी स्वाद के लिए घरेलू तेल का उपयोग करें। फ्लाइट तो इसमें शामिल सी इंटरेक्शन भी डाल सकते हैं। छवि: ऐ स्टुट को अधिकतर सोलोवेट या सोलो अपनी पसंद के अनुसार बनाया जा सकता है। इसे रोटी, पराठे या विदेशी चावल के साथ बनायें। लौकी और आलू का यह प्रभाव पोषण के साथ-साथ संतृप्त होता है। छवि: सोशल मीडिया गर्मियों में यह पेट को ठंडक देने का काम करता है और आसानी से पच भी जाता है। कम क्वालिटी में बनने वाली यह पारंपरिक रेसिपी, स्वाद और स्वास्थ्य दोनों का सबसे अच्छा मेल है। छवि: फ्रीपिक अगर आप घर पर कुछ सरल, स्वादिष्ट और स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो यूपी-बिहार का यह स्पेशल लोकी आलू का स्टाक जरूर देखें। एक बार के खाने के बाद घर के सभी लोग इसकी महिमा के बिना नहीं रहेंगे। छवि: फ्रीपिक
स्पोर्ट्स अपडेट्स- बांग्लादेश के गेंदबाजी कोच शॉन टैट का इस्तीफा:फैमिली कारणों का हवाला दिया; राशिद के टेस्ट खेलने पर सस्पेंस बरकरार

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज शॉन टैट ने बांग्लादेश के तेज गेंदबाजी कोच का पद छोड़ दिया है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के मुताबिक, टैट ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए आपसी सहमति से इस्तीफा दिया। टैट का कॉन्ट्रैक्ट 2027 वर्ल्ड कप तक का था, जिसे उन्होंने बीच में ही छोड़ दिया है। बांग्लादेश को यह झटका 9 जून से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू हो रही घरेलू सीरीज से ठीक पहले लगा है। इस दौरे पर 3 वनडे और 3 टी-20 मैच खेले जाएंगे। टैट के जाने के बाद बांग्लादेश के पूर्व तेज गेंदबाज तल्हा जुबैर को टीम का नया कोच बनाया जा सकता है। राशिद के टेस्ट खेलने पर अफगान कप्तान बोले- यह सेलेक्टर्स और उनके बीच का मामला अफगान कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी ने कहा कि स्टार स्पिनर राशिद खान दोबारा टेस्ट खेलेंगे या नहीं, यह फैसला उनके और सेलेक्टर्स के बीच का है। भारत के खिलाफ इकलौता टेस्ट मैच 6 जून से शुरु हो रहा है। मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में शाहीदी ने साफ किया कि उन्होंने इस बारे में राशिद से कोई निजी बातचीत नहीं की है। राशिद की सेलेक्टर्स से चर्चा हुई है और वे इस पर ज्यादा बात नहीं करना चाहते। राशिद ने अब तक खेले 6 टेस्ट मैचों में शानदार प्रदर्शन करते हुए 45 विकेट चटकाए हैं।
स्पोर्ट्स अपडेट्स- बांग्लादेश के गेंदबाजी कोच शॉन टैट का इस्तीफा:फैमिली कारणों का हवाला दिया; राशिद के टेस्ट खेलने पर सस्पेंस बरकरार

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज शॉन टैट ने बांग्लादेश के तेज गेंदबाजी कोच का पद छोड़ दिया है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के मुताबिक, टैट ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए आपसी सहमति से इस्तीफा दिया। टैट का कॉन्ट्रैक्ट 2027 वर्ल्ड कप तक का था, जिसे उन्होंने बीच में ही छोड़ दिया है। बांग्लादेश को यह झटका 9 जून से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू हो रही घरेलू सीरीज से ठीक पहले लगा है। इस दौरे पर 3 वनडे और 3 टी-20 मैच खेले जाएंगे। टैट के जाने के बाद बांग्लादेश के पूर्व तेज गेंदबाज तल्हा जुबैर को टीम का नया कोच बनाया जा सकता है। राशिद के टेस्ट खेलने पर अफगान कप्तान बोले- यह सेलेक्टर्स और उनके बीच का मामला अफगान कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी ने कहा कि स्टार स्पिनर राशिद खान दोबारा टेस्ट खेलेंगे या नहीं, यह फैसला उनके और सेलेक्टर्स के बीच का है। भारत के खिलाफ इकलौता टेस्ट मैच 6 जून से शुरु हो रहा है। मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में शाहीदी ने साफ किया कि उन्होंने इस बारे में राशिद से कोई निजी बातचीत नहीं की है। राशिद की सेलेक्टर्स से चर्चा हुई है और वे इस पर ज्यादा बात नहीं करना चाहते। राशिद ने अब तक खेले 6 टेस्ट मैचों में शानदार प्रदर्शन करते हुए 45 विकेट चटकाए हैं। इंग्लैंड-न्यूजीलैंड पहला टेस्ट बारिश की वजह से रुका, इंग्लैंड का स्कोर 24/1 लॉर्ड्स में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच शुरू हुए पहले टेस्ट मैच के पहले दिन का खेल बारिश की वजह रुक गया है। न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। खेल रुकने तक इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 10 ओवर में 1 विकेट खोकर 24 रन बना लिए हैं। क्रीज पर सलामी बल्लेबाज बेन डकेट 12 रन और जैकब बेथेल 4 रन बनाकर खेल रहे हैं। इससे पहले डेब्यू कर रहे सलामी बल्लेबाज एमिलियो गे सिर्फ 8 रन बनाकर काइल जैमिसन का शिकार बने।
मूवी रिव्यू – ‘मां बहन’:माधुरी दीक्षित-तृप्ति डिमरी भी नहीं बचा पाईं यह बिखरी हुई डार्क कॉमेडी, हंसी से ज्यादा सिर पकड़ने पर मजबूर करती है

डार्क कॉमेडी बनाना आसान नहीं होता। इसमें अपराध भी चाहिए, हास्य भी चाहिए और किरदारों का पागलपन भी। नेटफ्लिक्स की नई फिल्म मां बहन इन तीनों चीजों को एक साथ परोसने की कोशिश तो करती है, लेकिन आखिर तक आते आते यह तय नहीं कर पाती कि इसे कॉमेडी बनना है, थ्रिलर बनना है या पारिवारिक ड्रामा। नतीजा एक ऐसी फिल्म के रूप में सामने आता है जिसमें शोर बहुत है, लेकिन असर बेहद कम। फिल्म की कहानी कहानी रेखा और उसकी दो बेटियों के इर्द गिर्द घूमती है। एक दिन उनके घर की रसोई में एक लाश मिल जाती है और यहीं से शुरू होता है झूठ, छिपाने और बचने का सिलसिला। पड़ोसियों की ताकझांक, परिवार के भीतर की खींचतान और लगातार बढ़ती मुसीबतों के बीच तीनों महिलाएं इस राज को छिपाने की कोशिश करती हैं। सुनने में यह सेटअप दिलचस्प लगता है, लेकिन समस्या यह है कि फिल्म पहले आधे घंटे में जितना वादा करती है, उसके बाद उतना निभा नहीं पाती। फिल्म में एक्टिंग माधुरी दीक्षित पूरी फिल्म में सबसे ज्यादा ईमानदार नजर आती हैं। वह अपने अनुभव से कई कमजोर दृश्यों को संभालने की कोशिश करती हैं, लेकिन कमजोर लेखन उनके हाथ बांध देता है। तृप्ति डिमरी के हिस्से कुछ अच्छे पल आते हैं, मगर उनका किरदार लगातार एक जैसा बना रहता है। रवि किशन अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हैं, लेकिन उन्हें भी ऐसा कोई दृश्य नहीं मिलता जो लंबे समय तक याद रह सके। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि कलाकार मेहनत करते दिखते हैं, लेकिन किरदार कागज पर अधूरे लिखे गए हैं। दर्शक उनसे जुड़ने से पहले ही कहानी अगले मोड़ पर भागने लगती है। फिल्म का निर्देशन सुरेश त्रिवेणी ने पहले तुम्हारी सुलु जैसी संवेदनशील फिल्म दी थी, इसलिए उम्मीदें ज्यादा थीं। यहां उनका निर्देशन कई जगह असमंजस का शिकार लगता है। फिल्म डार्क कॉमेडी बनना चाहती है, लेकिन कई दृश्य इतने बनावटी लगते हैं कि न हंसी आती है और न तनाव महसूस होता है। सबसे बड़ी कमी स्क्रीनप्ले है। कई घटनाएं सिर्फ इसलिए होती हैं क्योंकि कहानी को आगे बढ़ाना है। किरदारों के फैसले स्वाभाविक नहीं लगते। फिल्म में रहस्य का तत्व भी है, लेकिन उसके खुलासे उतने प्रभावशाली नहीं हैं जितने होने चाहिए थे। तकनीकी तौर पर फिल्म ठीक ठाक है। कैमरा वर्क और प्रोडक्शन डिजाइन कहानी के छोटे शहर वाले माहौल को पकड़ते हैं, लेकिन एडिटिंग बार बार लय तोड़ती है। कई दृश्य जरूरत से ज्यादा लंबे और कई महत्वपूर्ण पल अधूरे महसूस होते हैं। फिल्म में संगीत फिल्म का संगीत ऐसा नहीं है जो थिएटर या ओटीटी से बाहर निकलने के बाद याद रह जाए। बैकग्राउंड स्कोर कुछ जगह माहौल बनाने की कोशिश करता है, लेकिन कहानी की कमजोर पकड़ के कारण उसका असर भी सीमित रह जाता है। फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्ट मां बहन एक शानदार विचार पर बनी औसत फिल्म है। लाश, झूठ और अजीबोगरीब परिवार वाला इसका सेटअप दिलचस्प था, लेकिन कमजोर लेखन, अस्थिर टोन और अधूरी कॉमेडी इसे खास बनने से रोक देती है। माधुरी दीक्षित और तृप्ति डिमरी अपनी तरफ से पूरी कोशिश करती हैं, लेकिन जब कहानी ही बार बार पटरी से उतरती रहे तो कलाकार भी ज्यादा कुछ नहीं कर सकते। अगर आप सिर्फ स्टार कास्ट के लिए देखना चाहते हैं तो एक बार मौका दे सकते हैं, लेकिन मजबूत डार्क कॉमेडी की उम्मीद लेकर बैठेंगे तो निराशा हाथ लगेगी।
दुनियाभर के टॉप लग्जरी ब्रांड्स का ‘टॉप सीक्रेट’ मुंबई में:क्रिस्टियन डियोर, गुची, प्रादा के कपड़ों पर कढ़ाई चाणक्य इंटरनेशनल करती है

क्रिस्टियन डियोर, प्रादा, गुची जैसे दुनिया के 30 से ज्यादा टॉप लग्जरी ब्रांड्स के कपड़ों पर भारत में कढ़ाई होती है। ये नामी ब्रांड्स अपने कपड़ों की खास कढ़ाई मुंबई की ‘चाणक्य इंटरनेशनल’ से करवाते हैं। यहां के कारीगर हाथ की कढ़ाई से 5,000 साल पुरानी विरासत बचाए हुए हैं। चाणक्य इंटरनेशनल की शुरुआत गुजरात के विनोद शाह ने 1984 में की थी। इसका मकसद भारतीय कपड़ों पर सामूहिक रूप से की गई कारीगरी का पूरी दुनिया में पहचान दिलाना था। दुनिया के सबसे महंगे डिजाइनर और रेडीमेड कपड़ों में भारतीय कढ़ाई की मांग सबसे ज्यादा है। इसकी क्वालिटी का कोई मुकाबला नहीं है। पश्चिमी देशों में यह हुनर खत्म हो चुका है। भारत सदियों से दुनिया को कपड़े निर्यात कर रहा है। 16वीं और 17वीं सदी में भी भारत से फ्रांस सहित कई देशों को मलमल, सिल्क और कढ़ाई वाले कपड़े भेजे जाते थे। यही पुरानी विरासत आज भी भारतीय कला को आधुनिक बनाए हुए है। विनोद शाह की बेटी 49 वर्षीय करिश्मा स्वाली पिछले 30 साल से चाणक्य की मैनेजिंग और क्रिएटिव डायरेक्टर हैं। करिश्मा यहां 2,400 कारीगरों का नेतृत्व करती हैं। बचपन में जब वह पहली बार पिता की वर्कशॉप गईं, तो वहां सामूहिक काम देखकर उन्हें अहसास हुआ कि मिलकर जुटने से नतीजा उम्मीद से सुंदर होता है। डियोर फॉल 2023 शो के दौरान चाणक्य इंटरनेशनल को एक बड़ी टेक्सटाइल कलाकृति बनाने की जिम्मेदारी मिली थी। इसमें 1,008 मास्टर्स और महिलाओं ने मिलकर एक विशाल पारंपरिक तोरण बनाया था, जिसका इस्तेमाल घरों में स्वागत के लिए होता है। करिश्मा ने हाल ही में वेनिस बिएनाले और रोम की वेटिकन लाइब्रेरी में चाणक्य की कलाकृतियों का प्रदर्शन किया है। करिश्मा का मानना है कि इस कला की सबसे बड़ी ताकत यह है कि एआई कभी भी हाथ के इस हुनर की जगह नहीं ले सकता है। हुनर – नई पीढ़ी को सिखा रहे कढ़ाई, एआई भी नहीं ले सकती इंसानी कला की जगह करिश्मा ने नई पीढ़ी के लिए ‘चाणक्य स्कूल ऑफ क्राफ्ट’ खोला है। सबसे बड़ी चुनौती करिकुलम बनाना नहीं, बल्कि स्टूडेंट्स का न आना था। करिश्मा ने खुद गरीब बस्तियों में घर-घर जाकर महिलाओं को मुफ्त हुनर सिखाने के लिए मनाया। तब संदेह के बीच सिर्फ 22 महिलाएं अपने पतियों और सास के साथ आईं, जो बाहर बैठकर इंतजार करते थे। आज 10 साल बाद स्कूल में 1,400 महिलाएं हैं और लंबी वेटिंग लिस्ट है।
कंगना रनोट के बयान पर भड़के अशोक पंडित:बोले- वो बकवास करती है, इसलिए बैन किया था; एक्ट्रेस ने रणवीर सिंह को सपोर्ट किया था

फिल्म ‘डॉन 3’ विवाद में रणवीर सिंह के समर्थन में दिए गए कंगना रनोट के बयान पर FWICE के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित ने रिएक्शन दिया। उन्होंने कहा कि कंगना बकवास करती हैं, इसलिए मैंने उन्हें बैन किया था। हिन्दुस्तान टाइम्स के साथ बातचीत में पंडित ने कहा, “इंडस्ट्री के बहुत से लोग हमें गालियां देने लगे हैं। कल कंगना ने भी कुछ कहा। लोग पूरे मामले को समझे बिना ही कमेंट कर रहे हैं। कंगना ने यह भी कहा कि मुझे इंडस्ट्री ने बैन कर दिया है। मैंने कहा, ‘तुम बेकार की बातें करती हो, इसलिए मैंने तुम्हें बैन किया था।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे इसकी परवाह नहीं है। यहां पूरी फिल्म इंडस्ट्री का बड़ा मुद्दा चल रहा है। तुम्हें तो असली मामला भी नहीं पता, फिर भी बोल रही हो। हम रणवीर के खिलाफ नहीं हैं। हम सिर्फ उस घटना की बात कर रहे हैं जो हुई है।” रणवीर को लेकर कंगना ने क्या कहा था? रणवीर सिंह को मिलने नॉन-कोऑपरेशन को लेकर कंगना ने कहा था, “आप मुझसे यह सवाल पूछ रहे हैं, मुझे तो हर किसी ने बैन किया हुआ है। मैं यही कहना चाहूंगी कि जब आपकी हैसियत बढ़ती है, तो आपके दुश्मन भी बढ़ते हैं। ऐसा कभी नहीं हो सकता कि आपकी हैसियत बढ़े और दुश्मन न बढ़ें। आज रणवीर सिंह को सोचना चाहिए कि उनकी क्या हैसियत है कि उनके इतने दुश्मन बन गए हैं। यह एक तरह से अच्छा ही है।” कंगना ने अपनी जिंदगी का उदाहरण देते हुए आगे कहा था कि जब आप लाइफ में आगे बढ़ते हैं तो कई तरह की मुश्किलें आती हैं। उन्होंने कहा था, “मेरे साथ तो इतना सब कुछ हुआ है, लेकिन देखिए आज मैं अच्छा काम कर रही हूं। मेरी गाड़ी भी अच्छी चल रही है। इसलिए इन चीजों से कोई फर्क नहीं पड़ता है, समय के साथ सब कुछ ठीक हो जाएगा।” बता दें कि बुधवार को फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने रणवीर सिंह के खिलाफ जारी नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव (NCD) को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया। रणवीर पर नॉन-कोऑपरेशन का फैसला FWICE ने वापस लिया FWICE ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद आधिकारिक बयान में कहा कि इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) के हस्तक्षेप और अपील के बाद यह फैसला लिया गया है। अशोक पंडित बोले- बैन नहीं था अशोक पंडित ने कहा कि FWICE ने कभी भी रणवीर सिंह पर बैन नहीं लगाया था। उन्होंने मीडिया से अपील की कि इस मामले को बैन के तौर पर पेश न किया जाए, क्योंकि इससे कन्फ्यूजन पैदा होता है। पंडित ने यह भी कहा कि FWICE के पास किसी को बैन करने का अधिकार नहीं है। संगठन केवल नॉन-कोऑपरेशन यानी सहयोग न करने का फैसला ले सकता है। उनके मुताबिक, यह एक लोकतांत्रिक अधिकार है कि कोई तकनीशियन, वर्कर, निर्माता या कलाकार किसी व्यक्ति के साथ काम करना चाहता है या नहीं। पूरी खबर यहां पढ़ें…






