Sunday, 06 Sep 2026 | 05:05 PM

Trending :

EXCLUSIVE

दुनियाभर के टॉप लग्जरी ब्रांड्स का ‘टॉप सीक्रेट’ मुंबई में:क्रिस्टियन डियोर, गुची, प्रादा के कपड़ों पर कढ़ाई चाणक्य इंटरनेशनल करती है

दुनियाभर के टॉप लग्जरी ब्रांड्स का ‘टॉप सीक्रेट’ मुंबई में:क्रिस्टियन डियोर, गुची, प्रादा के कपड़ों पर कढ़ाई चाणक्य इंटरनेशनल करती है

क्रिस्टियन डियोर, प्रादा, गुची जैसे दुनिया के 30 से ज्यादा टॉप लग्जरी ब्रांड्स के कपड़ों पर भारत में कढ़ाई होती है। ये नामी ब्रांड्स अपने कपड़ों की खास कढ़ाई मुंबई की ‘चाणक्य इंटरनेशनल’ से करवाते हैं। यहां के कारीगर हाथ की कढ़ाई से 5,000 साल पुरानी विरासत बचाए हुए हैं। चाणक्य इंटरनेशनल की शुरुआत गुजरात के विनोद शाह ने 1984 में की थी। इसका मकसद भारतीय कपड़ों पर सामूहिक रूप से की गई कारीगरी का पूरी दुनिया में पहचान दिलाना था। दुनिया के सबसे महंगे डिजाइनर और रेडीमेड कपड़ों में भारतीय कढ़ाई की मांग सबसे ज्यादा है। इसकी क्वालिटी का कोई मुकाबला नहीं है। पश्चिमी देशों में यह हुनर खत्म हो चुका है। भारत सदियों से दुनिया को कपड़े निर्यात कर रहा है। 16वीं और 17वीं सदी में भी भारत से फ्रांस सहित कई देशों को मलमल, सिल्क और कढ़ाई वाले कपड़े भेजे जाते थे। यही पुरानी विरासत आज भी भारतीय कला को आधुनिक बनाए हुए है। विनोद शाह की बेटी 49 वर्षीय करिश्मा स्वाली पिछले 30 साल से चाणक्य की मैनेजिंग और क्रिएटिव डायरेक्टर हैं। करिश्मा यहां 2,400 कारीगरों का नेतृत्व करती हैं। बचपन में जब वह पहली बार पिता की वर्कशॉप गईं, तो वहां सामूहिक काम देखकर उन्हें अहसास हुआ कि मिलकर जुटने से नतीजा उम्मीद से सुंदर होता है। डियोर फॉल 2023 शो के दौरान चाणक्य इंटरनेशनल को एक बड़ी टेक्सटाइल कलाकृति बनाने की जिम्मेदारी मिली थी। इसमें 1,008 मास्टर्स और महिलाओं ने मिलकर एक विशाल पारंपरिक तोरण बनाया था, जिसका इस्तेमाल घरों में स्वागत के लिए होता है। करिश्मा ने हाल ही में वेनिस बिएनाले और रोम की वेटिकन लाइब्रेरी में चाणक्य की कलाकृतियों का प्रदर्शन किया है। करिश्मा का मानना है कि इस कला की सबसे बड़ी ताकत यह है कि एआई कभी भी हाथ के इस हुनर की जगह नहीं ले सकता है। हुनर – नई पीढ़ी को सिखा रहे कढ़ाई, एआई भी नहीं ले सकती इंसानी कला की जगह करिश्मा ने नई पीढ़ी के लिए ‘चाणक्य स्कूल ऑफ क्राफ्ट’ खोला है। सबसे बड़ी चुनौती करिकुलम बनाना नहीं, बल्कि स्टूडेंट्स का न आना था। करिश्मा ने खुद गरीब बस्तियों में घर-घर जाकर महिलाओं को मुफ्त हुनर सिखाने के लिए मनाया। तब संदेह के बीच सिर्फ 22 महिलाएं अपने पतियों और सास के साथ आईं, जो बाहर बैठकर इंतजार करते थे। आज 10 साल बाद स्कूल में 1,400 महिलाएं हैं और लंबी वेटिंग लिस्ट है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
भारत से पहली क्रॉस-बॉर्डर रोबोटिक सर्जरी:पश्चिम एशिया में जंग के बीच कोकिलाबेन अस्पताल ने मुंबई से मस्कट में महिला की किडनी का ऑपरेशन किया

April 9, 2026/
1:05 pm

मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल ने वर्ल्ड हेल्थ डे 2026 पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल के...

IPL का क्वालिफायर-1 आज, बेंगलुरु-गुजरात में मुकाबला:जीतने वाली टीम फाइनल में पहुंचेगी, धर्मशाला में 80% बारिश के आसार

May 26, 2026/
4:03 am

IPL 2026 के क्वालिफायर-1 में मंगलवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) आमने-सामने होंगी। यह मैच धर्मशाला...

भास्कर अपडेट्स:असम में देश की पहली AI पावर्ड बैंक ब्रांच शुरू, बिना कागज के होंगे सारे काम

May 17, 2026/
5:00 am

असम के गुवाहाटी में शनिवार को स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक की देश की पहली एआई-संचालित फिजिटल (फिजिकल और डिजिटल का...

ईशान-वैभव के बीच आज फाइनल की जंग:IPL एलिमिनेटर में आज SRH-RR का मैच, वैभव तोड़ सकते हैं क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड

May 27, 2026/
3:02 pm

IPL में आज सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच एलिमिनेटर मुकाबला खेला जाएगा। न्यू चंडीगढ़ के महाराजा...

UN रिपोर्ट-2025 लाल किला धमाके में अल-कायदा का हाथ था:इसी ने लॉजिस्टिक्स, फाइनेंशियल नेटवर्क बनाया; 10 नवंबर को हुए ब्लास्ट में 11 मौतें हुई थीं

August 13, 2026/
10:06 am

लाल किले के पास हुए धमाके के पीछे अल-कायदा से जुड़े संगठन का हाथ था। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC)...

राजनीति

दुनियाभर के टॉप लग्जरी ब्रांड्स का ‘टॉप सीक्रेट’ मुंबई में:क्रिस्टियन डियोर, गुची, प्रादा के कपड़ों पर कढ़ाई चाणक्य इंटरनेशनल करती है

दुनियाभर के टॉप लग्जरी ब्रांड्स का ‘टॉप सीक्रेट’ मुंबई में:क्रिस्टियन डियोर, गुची, प्रादा के कपड़ों पर कढ़ाई चाणक्य इंटरनेशनल करती है

क्रिस्टियन डियोर, प्रादा, गुची जैसे दुनिया के 30 से ज्यादा टॉप लग्जरी ब्रांड्स के कपड़ों पर भारत में कढ़ाई होती है। ये नामी ब्रांड्स अपने कपड़ों की खास कढ़ाई मुंबई की ‘चाणक्य इंटरनेशनल’ से करवाते हैं। यहां के कारीगर हाथ की कढ़ाई से 5,000 साल पुरानी विरासत बचाए हुए हैं। चाणक्य इंटरनेशनल की शुरुआत गुजरात के विनोद शाह ने 1984 में की थी। इसका मकसद भारतीय कपड़ों पर सामूहिक रूप से की गई कारीगरी का पूरी दुनिया में पहचान दिलाना था। दुनिया के सबसे महंगे डिजाइनर और रेडीमेड कपड़ों में भारतीय कढ़ाई की मांग सबसे ज्यादा है। इसकी क्वालिटी का कोई मुकाबला नहीं है। पश्चिमी देशों में यह हुनर खत्म हो चुका है। भारत सदियों से दुनिया को कपड़े निर्यात कर रहा है। 16वीं और 17वीं सदी में भी भारत से फ्रांस सहित कई देशों को मलमल, सिल्क और कढ़ाई वाले कपड़े भेजे जाते थे। यही पुरानी विरासत आज भी भारतीय कला को आधुनिक बनाए हुए है। विनोद शाह की बेटी 49 वर्षीय करिश्मा स्वाली पिछले 30 साल से चाणक्य की मैनेजिंग और क्रिएटिव डायरेक्टर हैं। करिश्मा यहां 2,400 कारीगरों का नेतृत्व करती हैं। बचपन में जब वह पहली बार पिता की वर्कशॉप गईं, तो वहां सामूहिक काम देखकर उन्हें अहसास हुआ कि मिलकर जुटने से नतीजा उम्मीद से सुंदर होता है। डियोर फॉल 2023 शो के दौरान चाणक्य इंटरनेशनल को एक बड़ी टेक्सटाइल कलाकृति बनाने की जिम्मेदारी मिली थी। इसमें 1,008 मास्टर्स और महिलाओं ने मिलकर एक विशाल पारंपरिक तोरण बनाया था, जिसका इस्तेमाल घरों में स्वागत के लिए होता है। करिश्मा ने हाल ही में वेनिस बिएनाले और रोम की वेटिकन लाइब्रेरी में चाणक्य की कलाकृतियों का प्रदर्शन किया है। करिश्मा का मानना है कि इस कला की सबसे बड़ी ताकत यह है कि एआई कभी भी हाथ के इस हुनर की जगह नहीं ले सकता है। हुनर – नई पीढ़ी को सिखा रहे कढ़ाई, एआई भी नहीं ले सकती इंसानी कला की जगह करिश्मा ने नई पीढ़ी के लिए ‘चाणक्य स्कूल ऑफ क्राफ्ट’ खोला है। सबसे बड़ी चुनौती करिकुलम बनाना नहीं, बल्कि स्टूडेंट्स का न आना था। करिश्मा ने खुद गरीब बस्तियों में घर-घर जाकर महिलाओं को मुफ्त हुनर सिखाने के लिए मनाया। तब संदेह के बीच सिर्फ 22 महिलाएं अपने पतियों और सास के साथ आईं, जो बाहर बैठकर इंतजार करते थे। आज 10 साल बाद स्कूल में 1,400 महिलाएं हैं और लंबी वेटिंग लिस्ट है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.