छतरपुर जिले में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां जीवित लोगों को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया है। आरोप है कि गौरिहार विकासखंड की ग्राम पंचायत चंद्रपुरा में चुनावी रंजिश के चलते सरपंच पुत्र और सचिव ने मिलकर कई ग्रामीणों के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए हैं। इसके परिणामस्वरूप, पीड़ितों की पेंशन और राशन जैसी सरकारी योजनाएं बंद हो गई हैं। इस धोखाधड़ी का शिकार बनीं गांव की बुजुर्ग गिरजा विश्वकर्मा, जो लंबे समय से पेंशन और राशन का लाभ ले रही थीं, उन्हें अचानक इन सुविधाओं से वंचित कर दिया गया। जांच करने पर पता चला कि सरकारी दस्तावेजों में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है। गिरजा विश्वकर्मा ने बताया हम जिंदा हैं, लेकिन कागजों में हमें मार दिया गया है। इसी तरह रामबाई रैकवार को भी रिकॉर्ड में मृत दिखाकर योजनाओं से बाहर कर दिया गया है। पंचायत में कार्यरत कल्लू अहिरवार का मामला और भी गंभीर है। उन्हें मृत दर्शाकर उनका वेतन तक रोक दिया गया है। कल्लू अहिरवार ने जिला पंचायत सीईओ को शिकायत देते हुए कहा मैं जिंदा हूं, लेकिन कागजों में मर चुका हूं, अब मुझे न्याय चाहिए। ग्रामीणों का आरोप है कि यह सब चुनावी दुश्मनी के चलते जानबूझकर किया गया है, ताकि उन्हें सरकारी लाभ से वंचित किया जा सके और राजनीतिक प्रतिशोध लिया जा सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत सीईओ ने तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने जनपद सीईओ को इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन द्वारा इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पीड़ित ग्रामीण जांच के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। इन जिंदा लोगों को बताया मृत नाम – रामबाई रैकवार
मृत्यु- 11- 04 -2024
जारी- 10- 09 -2025
पंजीयन- 10- 09 -2025
नाम – गिरजा विश्वकर्मा
मृत्यु- 25- 02 -2024
जारी- 10- 09 -2025
पंजीयन- 10- 09 -2025
नाम – कल्लू अहिरवार
मृत्यु- 14- 06 -2024
जारी- 10- 09 -2025
पंजीयन- 10- 09 -2025
जारी मृत्यु-प्रमाणपत्र वालों को कोई भी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।
















































