वन अमले पर हमला, दो महिला समेत 10 पर केस:खंडवा के जंगल में अतिक्रमण रोकने पहुंचे चौकीदार से की थी मारपीट

खंडवा जिले के गुड़ी वन परिक्षेत्र में जंगल की भूमि पर अतिक्रमण को लेकर एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई। सोमवार को भिलाईखेड़ा बीट के आमाखुजरी टांडा में अतिक्रमणकारियों ने जंगल की जमीन पर हल चलाकर खेती की तैयारी शुरू कर दी थी। इस दौरान वन विभाग की टीम ने कार्रवाई की तो आरोपियों ने एकजुट होकर वन अमले के साथ झूमाझपटी की और चौकीदार से मारपीट की थी। मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया हैं। वनपाल अंतरसिंह बघेल (44), निवासी गुड़ी वन परिक्षेत्र की शिकायत पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज की है। पुलिस ने रमेश, इंदर सिंह, सुरसिंह, भुवानसिंह, बुचा, गंगाराम, गणपत, सूरज, रामसिंह की पत्नी, गोरेलाल की पत्नी सहित अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 191(2), 190, 189(2), 132, 351(3) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। चौकीदार पर हमला, कपड़े फाड़े कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों ने चौकीदार रामदास को घेर लिया और उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि हमलावरों ने उसके कपड़े फाड़ दिए, गला दबाया और नाखूनों से हमला कर घायल कर दिया। साथ ही दोबारा कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी दी। महिलाओं ने किया हंगामा, बनाया दबाव वन विभाग के अनुसार, कार्रवाई के दौरान कुछ महिलाओं ने हंगामा करते हुए खुद के कपड़े फाड़ लिए, ताकि वन अमले पर दबाव बनाया जा सके। हालांकि, पूरे घटनाक्रम का वीडियो वन कर्मचारियों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया है। बाहरी जिलों से पहुंचे अतिक्रमणकारी वन विभाग का कहना है कि क्षेत्र में अतिक्रमणकारी बड़वानी, खरगोन और बुरहानपुर जिलों से आकर वन भूमि पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। अतिक्रमण में मुआसिंह और उसके परिवार के सदस्यों की भूमिका सामने आई है। विभाग के मुताबिक, इनके पट्टे करीब दो महीने पहले निरस्त कर दिए गए थे और बेदखली के आदेश भी जारी हो चुके हैं। मुआसिंह पर पहले से आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं और जिलाबदर की कार्रवाई भी लंबित है। पेड़ काटे, दोबारा कब्जा करने की कोशिश अतिक्रमणकारियों ने करीब 3 हेक्टेयर क्षेत्र में बबूल के पेड़ काट दिए, जहां पहले बीजारोपण किया गया था। वहीं आमाखुजरी क्षेत्र की करीब 250 हेक्टेयर वनभूमि में से लगभग 50 हेक्टेयर पर दोबारा अवैध कब्जा कर बोवनी की तैयारी की जा रही है।
बीच सड़क पर स्कूटी सवार दो बहनों से मारपीट:मां की दवाइयां लेकर लौट रही थी, मकरोनिया चौराहे पर रोका और मारपीट कर भागे युवक

सागर के मकरोनिया चौराहे के पास स्कूटी सवार दो युवकों ने मां की दवाइयां लेकर लौट रही दो बहनों के साथ मारपीट की। सोमवार को मारपीट का वीडियो सामने आया है। जिसमें स्कूटी सवार युवक बीच सड़क पर युवतियों के साथ मारपीट करते हुए नजर आ रहा है। मामले में युवती की शिकायत पर मकरोनिया पुलिस ने दो युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच में लिया है। स्कूटी से आए थे दो युवक पुलिस के अनुसार, पैराडाइज होटल के पास किराए से रहने वाली 22 वर्षीय युवती ने थाने में शिकायत की। शिकायत में बताया कि वह रविवार रात करीब 8 बजे अपनी छोटी बहन के साथ स्कूटी से मां की दवाई लेने फौजी मेडीकल स्टोर मकरोनिया गई थी। जहां दवाइयां लेकर वापस अपने घर लौट रही थी। तभी महावीर मेडिकल स्टोर मकरोनिया के पास पीछे से बगैर नंबर की स्कूटी पर सवार दो युवक आए। उनके नाम आकाश वर्मा और उसका दोस्त अभिषेक थे। उन्होंने गालीगलौज शुरू कर दी। आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस स्कूटी में लात मारी तो हम लोगों ने अपनी स्कूटी खड़ी कर ली। गालियां देने से मना किया तो आकाश ने स्कूटी की चाबी से मारपीट की। छोटी बहन के साथ भी मारपीट की गई। मारपीट में मामूली चोटे आई हैं। घटनाक्रम के दौरान राहगीर ने मारपीट का वीडियो बना लिया जो अब सोशल मीडिया पर सामने आया है। मामले की शिकायत पर पुलिस मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश कर रही है।
मोबाइल चोरी के आरोप से आहत वृद्धा ने जहर खाया:छतरपुर में गाली-गलौज और मारपीट की कोशिश; बाद में पेड़ पर मिला मोबाइल

छतरपुर जिले के बारीगढ़ थाना क्षेत्र में रविवार को मोबाइल चोरी के आरोप से आहत एक 65 वर्षीय महिला ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। गंभीर हालत में महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। महिला की पहचान संपत अहिरवार (65), निवासी बारीगढ़ के रूप में हुई। घटना के बाद परिजन उसे पहले स्थानीय अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर छतरपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। आरोप- गाली-गलौज, मारपीट की कोशिश हुई परिजनों के अनुसार, घटना के समय महिला का पति खेत पर काम करने गया था। इसी दौरान गांव के ही एक दंपती घर पहुंचे और मोबाइल चोरी का आरोप लगाने लगे। आरोप है कि उन्होंने महिला के साथ गाली-गलौज की और मारपीट की कोशिश भी की। बताया गया कि आरोप लगाने वालों ने घर का सामान भी अस्त-व्यस्त कर दिया और मोबाइल की तलाश में कपड़े, बिस्तर और अनाज तक बिखेर दिया। महिला ने खुद को निर्दोष बताते हुए मंदिर में कसम खाने तक की बात कही, लेकिन आरोप लगाने वाले नहीं माने। बाद में मोबाइल घर के पास एक पेड़ की खोह में मिला, जहां महिला आम तोड़ने गई थी और वहीं उसे रख दिया था। मोबाइल मिलने के बावजूद हुए अपमान और मानसिक दबाव से आहत होकर महिला ने जहर खा लिया। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है और परिजन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस को मामले की सूचना दे दी गई है। स्वस्थ्य होने परल महिला के बयान लेंगे : थाना प्रभारी जुझारनागर थाना प्रभारी राजकुमार यादव के अनुसार, अस्पताल से सूचना मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। महिला के स्वस्थ होने पर उसके बयान दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस आरक्षक-अधिवक्ता का हुआ विवाद:दोनों में मारपीट का CCTV, वकील का आरोप- पुलिस नहीं दर्ज हो रही है FIR

जबलपुर में मामूली विवाद को लेकर जिला न्यायालय के अधिवक्ता और पुलिस आरक्षक के बीच जमकर लड़ाई हुई। हंगामा होते देख आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए और लड़ाई को शांत करवाया। जानकारी लगते ही अधिवक्ता के साथी मौके पर पहुंचे और फिर थोड़ी देर बाद सिविल लाइन थाने पहुंचकर पुलिस आरक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। इधर, पुलिस आरक्षक ने भी अधिवक्ता पर मारपीट का आरोप लगाया है। जानकारी लगते ही पुलिस अधिकारी थाने पहुंचे और घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। मामला सिविल लाइन स्थित समीक्षा टाउन का है, जहां शनिवार रात को बच्चों के बीच हुए विवाद पर बड़े आमने-सामने आ गए। विवाद और मारपीट का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। रात तीन घंटे तक थाने में वह बैठे रहे जिला न्यायालय में पैरवी करने वाले पकंज कुमार शर्मा का कहना है कि शनिवार शाम को कैंपस में बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान उनकी किसी बात को लेकर लड़ाई हो गई। बच्चों की आवाज सुनने के बाद पकंज और पुलिस आरक्षक साकेत तिवारी जो कि मदनमहल थाने मे पदस्थ है, वह भी बाहर निकल आया, जिसके बाद दोनों के बीच जमकर हाथापाई हुई। अधिवक्ता का आरोप है कि पुलिस आरक्षक साकेत तिवारी जो कि पड़ोस में ही प्रकाश सराठे के घर पर किराए से रहते हैं, उन्होंने मामूली बात पर उके साथ मारपीट की है। अधिवक्ता का कहना है कि रात तीन घंटे तक थाने में वह बैठे रहे, पर उनकी तरफ से एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। गाली-गलौच करते हुए मारपीट करना शुरू कर दिया पंकज कुमार शर्मा ने बताया कि विवाद शाम करीब साढ़े 6 बजे हुआ था। अचानक ही पुलिस आरक्षक साकेत तिवारी सामने आया और गाली-गलौच करते हुए मारपीट करना शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने बचाने की कोशिश की, इसके बाद भी वह मारता रहा। अधिवक्ता का कहना है कि जब वह शिकायत दर्ज कराने के लिए सिविल लाइन थाने पहुंचा, तो वहां पर मौजूद पुलिसकर्मीयों ने एफआईआर ना दर्ज करते हुए समझौता करने का दवाब बनाया। उनका कहना है कि थाने में जो पुलिसकर्मी की ड्यूटी एफआईआर करने की होती है, उसे भी वहां से इसलिए अलग कर दिया गया कि वह शिकायत ना लिख सके। अधिवक्ता पकंज कुमार शर्मा की और से पुलिस को सीसीटीवी भी सौंपे गए है। जिसमें कि विवाद हो रहा है। अधिवक्ता के साथ मारपीट की जानकारी लगते ही उनके साथी भी सिविल लाइन थाने पहुंच गए। सीएसपी सोनू कुर्मी का का कहना है कि दोनों और से शिकायत दी गई है। घटना के सीसीटीवी फुटेज भी मिले है। जांच करवाई जा रही है।
सिंगरौली में पत्रकार विकास दुबे छेड़छाड़ मामले में गिरफ्तार:गिरफ्तारी से पहले मारपीट का आरोप, अज्ञात पर केस दर्ज

सिंगरौली जिले में भाजपा की एक महिला पदाधिकारी से छेड़छाड़ और मानसिक प्रताड़ना के मामले में नया मोड़ आया है। विंध्यनगर थाना पुलिस ने इस मामले में आरोपी पत्रकार विकास दुबे को बीती रात गिरफ्तार कर लिया। महिला पदाधिकारी की शिकायत पर विकास दुबे के खिलाफ पहले ही गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया। गिरफ्तारी से पहले पत्रकार विकास दुबे ने खुद को पीड़ित बताया। उन्होंने दावा किया कि तीन अज्ञात लोगों ने उनके साथ मारपीट की है। दुबे ने अपने शरीर पर चोट के निशान भी दिखाए और आरोप लगाया कि यह हमला महिला नेत्री की साजिश का हिस्सा था। मारपीट मामले की जांच शुरू विंध्यनगर थाना प्रभारी अर्चना द्विवेदी ने बताया कि महिला नेत्री द्वारा दर्ज कराए गए प्रकरण में गंभीर धाराएं लागू होने के कारण आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि विकास दुबे की मारपीट की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट का आरोप महिला पदाधिकारी ने आरोप लगाया था कि विकास दुबे पिछले एक महीने से सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट कर मानसिक रूप से परेशान कर रहे थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक दिन दुबे ने कथित तौर पर अश्लील हरकत की थी। फिलहाल, पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है। एक तरफ छेड़छाड़ और प्रताड़ना के आरोपों की पड़ताल की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ पत्रकार विकास दुबे के साथ हुई मारपीट के मामले में भी सच्चाई सामने लाने के प्रयास जारी हैं। अपनी चोट दिखाता घायल विकास
गुना में 90 वर्षीय पुजारी से मारपीट:पुजारी बोले – मंदिर की जमीन हड़पना चाहता है आरोपी; लाठी डंडों से की मारपीट

जिले के रूठियाई इलाके में एक 90 वर्षीय पुजारी से मारपीट का मामला सामने आया है। मंदिर की जमीन हड़पने के उद्देश्य से पुजारी से विवाद किया गया और उनसे मारपीट की गई। मारपीट में पुजारी घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुजारी कमल दास महाराज (90) ने बताया कि वे वर्षों से देहरी पांजा स्थित मंदिर की सेवा कर रहे हैं। मंदिर की करीब 4-5 बीघा जमीन है, जिससे होने वाली आय से मंदिर का संचालन और उनका जीवन निर्वाह होता है। लेकिन पास में रहने वाले भैयालाल गुर्जर की नीयत इस बेशकीमती जमीन पर खराब थी। गुरुवार दोपहर करीब 4 बजे जब महाराज जी मंदिर परिसर में थे, तभी आरोपी भैयालाल वहां पहुंचा और गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोपी ने बहाना बनाया कि मंदिर का जाली वाला गेट खुला रहता है, लेकिन असल मकसद विवाद खड़ा करना था। देखते ही देखते आरोपी ने डंडे से महाराज पर हमला कर दिया। उनके बाएं कंधे और पीठ पर डंडे के प्रहार किए गए। इतना ही नहीं, आरोपी ने 90 साल के बुजुर्ग पुजारी को जमीन पर पटककर थप्पड़ों से जमकर पिटाई की, जिससे उनकी दाहिनी आंख के ऊपर गहरा घाव हो गया और खून बहने लगा। गनीमत रही कि उसी समय एक दर्शनार्थी मंदिर पहुंच गया, जिसे देखकर आरोपी वहां से भाग निकला। जाते-जाते उसने पुजारी को चेतावनी दी कि अगर दोबारा इस मंदिर पर दिखे, तो जान से खत्म कर देंगे। पुजारी को घायल अवस्था में इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वृद्ध पुजारी के साथ हुई इस बर्बरता की सूचना मिलते ही भुजरिया तालाब मंदिर के महंत राघवेंद्र दास महाराज ने अस्पताल पहुंचकर उनका हाल जाना और इस कृत्य की घोर निंदा की। घटना के बाद घायल पुजारी ने डायल 112 की मदद से पुलिस को बुलाया। रुठियाई चौकी पुलिस ने आरोपी भैयालाल गुर्जर के खिलाफ अपराध क्रमांक 023/26 धारा 115(2), धारा 296(बी), धारा 351(3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है। जिले के साधु-संतों ने चेतावनी दी है कि यदि मंदिर की जमीन को सुरक्षित नहीं किया गया और आरोपी पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल, पुलिस मामले की विवेचना कर रही है।
झाबुआ में तहसीलदार पर आदिवासियों से अभद्रता का आरोप:सड़क निर्माण का विरोध करने पर गाली-गलौज और मारपीट की; आप ने कलेक्टर कार्यालय घेरा

झाबुआ जिले के रानापुर तहसीलदार हुकुम सिंह निगवाल पर ग्रामीणों के साथ अभद्रता और मारपीट करने के आरोप लगे हैं। इन आरोपों के विरोध में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन किया और एसडीएम महेश मंडलोई को ज्ञापन देकर तहसीलदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। निजी जमीन पर सड़क निर्माण को लेकर विवाद AAP जिलाध्यक्ष कमलेश सिंगाड़ ने आरोप लगाया कि बुधवार को ग्राम भूतखेड़ी में अपनी निजी जमीन पर सड़क निर्माण का विरोध कर रहे आदिवासी परिवारों के साथ तहसीलदार ने अमर्यादित व्यवहार किया। ज्ञापन में बताया गया कि पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीणों को गाली दी गई और एक युवक के साथ लात मारते हुए मारपीट की गई। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें ग्रामीणों को जबरन गाड़ी में बिठाकर ले जाते देखा जा रहा है। तहसीलदार ने आरोपों को बताया निराधार दूसरी ओर, तहसीलदार हुकुम सिंह निगवाल ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने बताया कि जिस रास्ते को खुलवाया गया, वह सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है। तहसीलदार के अनुसार, जब राजस्व टीम कोर्ट के आदेश का पालन करने पहुंची, तो प्रतिवादी पक्ष ने धारदार हथियारों के साथ टीम पर हमला करने की कोशिश की और अभद्रता की। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो के तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। सरपंच ने तहसीलदार का समर्थन किया भूतखेड़ी सरपंच मुकेश मेडा ने तहसीलदार की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि अधिकारी ने नियमों के तहत वर्षों पुराने बंद रास्ते को खुलवाकर ग्रामीणों को राहत दी है। रानापुर टीआई दिनेश रावत ने जानकारी दी कि मौके पर पुलिस और राजस्व टीम के कार्य में बाधा डालने के मामले में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। जांच और कार्रवाई की मांग आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि आदिवासी भाई-बहनों के साथ अभद्रता करने वाले अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन ने ज्ञापन लेकर मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। विवाद का मुख्य कारण वह आम रास्ता है, जिसे लेकर महीनों से एक परिवार और ग्रामीणों के बीच तनाव बना हुआ था।
बदमाशों ने सरेआम मारपीट करते हुए चाकू चलाए-VIDEO:पुलिस ने सिखाया सबक, दोनों को कान पकड़कर उसी क्षेत्र में घुमाया

उज्जैन में महाकाल थाना पुलिस ने सरेआम मारपीट करने और चाकू से हमला करने वाले दो बदमाशों को सबक सिखाते हुए उनका जुलूस निकाल दिया। दोनों बदमाशों ने क्षेत्र में मारपीट करते हुए विवाद किया था, जिसके बाद पुलिस ने बुधवार को दोनों को पकड़कर कार्रवाई की। महाकाल थाना क्षेत्र की सारवान की मस्जिद के सामने बीती देर रात मोहम्मद अशफाक के घर पहुंचकर आरोपी अब्दुल समी (उम्र 20 वर्ष) और नासिर पठान (उम्र 21 वर्ष) ने अपने अन्य दो नाबालिग साथियों के साथ मिलकर चाकू से धमकाते हुए फरियादी के साथ मारपीट की थी। मामले का वीडियो वायरल होने के तुरंत बाद पुलिस एक्शन में आई और बुधवार सुबह दोनों आरोपी अब्दुल समी और नासिर पठान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस दोनों आरोपियों को मौका मुआयना कराने उसी स्थान पर ले गई, जहां उन्होंने एक रात पहले दहशत फैलाई थी। घटना का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें आरोपी फरियादी के साथ मारपीट करते हुए नजर आ रहे थे। घटना के बाद दोनों आरोपियों को प्रधान आरक्षक मनीष यादव, सुनील पाटीदार और आरक्षक पवन पंवार द्वारा घटना स्थल सारवान की मस्जिद के पास ले जाया गया। वहां घटना स्थल पर उतारकर पैदल तस्दीक कराई गई। पुलिस ने दोनों को क्षेत्र में कान पकड़कर घुमाया और उठक-बैठक लगवाते हुए जुलूस निकाला। दोनों आरोपियों ने आगे से इस तरह की घटना नहीं करने का प्रण भी लिया।
खर्च और मारपीट से परेशान मां जनसुनवाई में पहुंची:इंदौर पुलिस की काउंसलिंग के बाद बेटे ने मानी गलती; मां के पैर छूकर माफी मांगी

इंदौर में जनसुनवाई के दौरान एक भावुक मामला सामने आया, जहां रोती हुई मां ने अपने ही बेटे के खिलाफ गुहार लगाई। मां ने शिकायत में बताया कि बेटा खर्च नहीं देता, मारपीट करता है और बहू भी प्रताड़ित करती है। एसीपी रूबिना मिजवानी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मां और बेटे को काउंसलिंग के लिए बुलाया। एसीपी कार्यालय में थाना प्रभारी सुशील पटेल और अनुभवी महिला काउंसलरों की मौजूदगी में पूरे परिवार को बैठाकर दोनों पक्षों की बात सुनी गई। काउंसलिंग के दौरान मां की भावनाओं को समझाते हुए बेटे को उसके कर्तव्यों का एहसास कराया गया। इसके बाद बेटे ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए मां से माफी मांगी। मां ने अपने खर्च के लिए हर महीने 8 हजार रुपए और रहने के लिए दो कमरों के किराए की मांग रखी, जिसे बेटे ने सहर्ष मान लिया। इसके बाद बेटे ने मां के पैर छूकर आशीर्वाद लिया और मिठाई खिलाकर विवाद खत्म किया। इस पहल के बाद बुजुर्ग महिला ने पुलिस का आभार जताया।
भोपाल में रिटायर्ड कर्नल के बंगले में घुसा नकाबपोश:पढ़ाई कर रहे बेटे ने पकड़ा, मारपीट कर भागा आरोपी; पुलिस जांच में जुटी

भोपाल के हबीबगंज थाना क्षेत्र के ई-4 अरेरा कॉलोनी में सोमवार तड़के पांच बजे एक नकाबपोश रिटायर्ड कर्नल के बंगले में दाखिल हो गया। वह चोरी का प्रयास कर रहा था। तभी अपने रूम में पढ़ाई कर रहे कर्नल के बेटे की नजर आरोपी पर पड़ी। बेटे ने आरोपी को पकड़ लिया, हालांकि आरोपी ने मारपीट की और मौके से भाग निकला। हमले में कर्नल के बेटे के सिर पर चोट आई है। पुलिस ने अज्ञात बदमाश के खिलाफ चोरी की नियत से बंगले में घुसने और मारपीट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, ई-4 अरेरा कॉलोनी निवासी कान्हा समर्थ बोधिसत्व पुत्र मुकेश कुमार (29) प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उनके पिता मुकेश कुमार सेना से रिटायर्ड कर्नल हैं। भारी चीज से सिर में वार किया मुकेश ने पुलिस को बताया कि सोमवार सुबह वह अपने कमरे में पढ़ाई कर रहा था। सुबह करीब चार बजे आहट हुई। बाहर देखा तो बंगले में एक नकाबपोश दबे पैर चलता हुआ नजर आया। लिहाजा कान्हा समर्थ ने नकाबपोश को पकड़ लिया और शोर मचाने लगा। पकड़ ढीली होते ही भाग निकला बदमाश इसी बीच छूटने के प्रयास में आरोपी ने कान्हा समर्थ के साथ मारपीट की और उसके सिर पर पास ही पड़ा सामान उठाकर मार दिया। मुंह पर चोट लगने के कारण कान्हा की पकड़ ढीली हो गई। लिहाजा आरोपी छूटकर भाग निकला। पुलिस हुलिया के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है।








