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महिलाओं पर आतंकी हमले से भड़कीं देवोलीना भट्टाचार्जी:नाइजीरिया में आतंकियों ने प्रेग्नेंट महिलाओं की हत्या की, एक्ट्रेस बोलीं- इन राक्षसों के लिए नरक में जगह

महिलाओं पर आतंकी हमले से भड़कीं देवोलीना भट्टाचार्जी:नाइजीरिया में आतंकियों ने प्रेग्नेंट महिलाओं की हत्या की, एक्ट्रेस बोलीं- इन राक्षसों के लिए नरक में जगह

साथ निभाना साथिया’ में गोपी बहु के नाम से फेमस देवोलीना भट्टाचार्जी ने नाइजीरिया में महिलाओं पर हुए आतंकी हमले पर अपना गुस्सा जाहिर किया है। इस घटना में आतंकियों ने प्रेग्नेंट महिलाओं और बच्चों के साथ काफी क्रूरता की, जिसे देखकर एक्ट्रेस ने इन हमलावरों को ‘राक्षस’ और ‘शैतान’ करार दिया है। देवोलीना ने कहा- नरक में मिलेगी खास जगह देवोलीना ने इस बर्बर घटना पर नाराजगी जताते हुए अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा, ‘एकदम राक्षस और शैतान वाली प्रवृत्ति। इन राक्षसों के लिए नरक में खास जगह है, जिसे वे स्वर्ग समझते हैं।’ एक्ट्रेस उस वीडियो पर भड़क गईं जिसमें आतंकियों ने निर्दोष परिवारों और गर्भवती महिलाओं को अपना निशाना बनाया। प्रेग्नेंट महिलाओं के साथ की गई क्रूरता मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नाइजीरिया के एक ईसाई गांव पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया। जो परिवार वहां से भाग नहीं पाए, उन पर आतंकियों ने कुल्हाड़ियों से हमला किया। वीडियो में दावा किया गया है कि इन आतंकियों ने प्रेग्नेंट महिलाओं को पकड़ लिया और उनके पेट पर वार किए। इतना ही नहीं, उन महिलाओं को अपने अजन्मे बच्चों को आंखों के सामने मरते हुए देखने के लिए मजबूर किया गया। 11 ईसाइयों की हत्या सीबीएन (CBN) न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला 8 मई की रात को हुआ था। हथियारबंद फुलानी आतंकवादियों ने इस ईसाई समुदाय पर हमला किया, जिसमें बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं सहित कम से कम 11 लोगों की हत्या कर दी गई। हमले में बंदूकों और चाकुओं का इस्तेमाल हुआ था। बंगाल चुनाव में भी रही थीं चर्चा में देवोलीना भट्टाचार्जी हाल ही में तब भी चर्चा में रही थीं, जब उन्होंने मई 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने बीजेपी की जीत का समर्थन किया था और ममता बनर्जी को बंगाल के लिए ‘बुरा सपना’ बताया था।

घर में चूहे भागते रहते हैं, तो सावधान हो जाइए, इनसे फैल सकती हैं हंता वायरस समेत ये 5 गंभीर बीमारियां

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Diseases That Spread Through Rats: घर और दुकानों में चूहों की समस्या कॉमन है. अधिकतर लोगों को इस परेशानी का सामना करना पड़ता है. कई बार पिंजरा और रैट किलर रखने के बावजूद चूहों की संख्या कम नहीं हो पाती है. चूहे अक्सर खाने-पीने की चीजों के आसपास घूमते हैं. चूहे सिर्फ खाने-पीने की चीजों को नुकसान नहीं पहुंचाते, बल्कि कई खतरनाक बीमारियों की वजह भी बन सकते हैं. चूहों के मल, पेशाब, लार और शरीर पर मौजूद कीटाणु इंसानों तक गंभीर संक्रमण पहुंचा सकते हैं. खासकर गंदगी वाली जगहों में रहने वाले चूहे कई तरह के बैक्टीरिया और वायरस फैलाने का काम करते हैं. यही वजह है कि घर में चूहों की मौजूदगी को हल्के में नहीं लेना चाहिए. घर से चूहों को खत्म करने के उपाय करने चाहिए. गुरुग्राम के मारेंगो एशिया हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट की फिजीशियन डॉ. दीक्षा गोयल ने News18 को बताया घर के अंदर चूहे घूमने से कई गंभीर बीमारियां फैल सकती हैं. चूहे कई खतरनाक बैक्टीरिया और वायरस लेकर घूमते हैं. इनके संपर्क में आने से भी जानलेवा कंडीशंस पैदा हो सकती हैं. घरों में चूहे की मौजूदगी लोगों के लिए एक गंभीर समस्या है. चूहों के मल, मूत्र से हंता वायरस फैल सकता है. चूहे के काटने से भी रैट-बाइट फीवर हो सकता है. एक जमाने में प्लेग की समस्या भी चूहों के कारण फैली थी. भारत में प्लेग का सबसे विनाशकारी प्रकोप 1896 में मुंबई में शुरू हुआ था, जो तीसरी महामारी का हिस्सा था और दशकों तक चला. अगस्त-अक्टूबर 1994 में गुजरात के सूरत और अन्य हिस्सों में प्लेग का प्रकोप देखा गया था. प्लेग की वजह से दुनिया भर में लाखों लोगों की मौत हुई थी. हालांकि अब प्लेग के मामले बहुत रेयर हो गए हैं. चूहों से फैल सकती हैं ये 5 घातक बीमारियां हंता वायरस (Hantavirus) : चूहों से फैलने वाली सबसे खतरनाक बीमारियों में हंता वायरस का नाम शामिल है. यह वायरस संक्रमित चूहों के मल, पेशाब या लार के संपर्क में आने से फैल सकता है. कई बार सूखे मल या गंदगी की सफाई करते समय वायरस हवा में मिल जाता है और सांस के जरिए शरीर में पहुंच सकता है. इसके लक्षणों में तेज बुखार, शरीर दर्द, सांस लेने में दिक्कत और कमजोरी शामिल हो सकती है. गंभीर मामलों में यह फेफड़ों को भी प्रभावित कर सकता है. लेप्टोस्पायरोसिस (Leptospirosis) : यह बीमारी चूहों के पेशाब से फैलने वाले बैक्टीरिया की वजह से होती है. अगर संक्रमित जगह का पानी या गंदगी शरीर के संपर्क में आ जाए, तो संक्रमण फैल सकता है. इसके लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, मसल्स में दर्द और उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. समय पर इलाज न मिलने पर यह बीमारी किडनी और लिवर पर भी असर डालती है. साल्मोनेला संक्रमण (Salmonella Infection) : चूहे खाने-पीने की चीजों को दूषित कर सकते हैं, जिससे साल्मोनेला संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है. यह संक्रमण पेट से जुड़ी समस्याएं पैदा करता है. संक्रमित खाना खाने से दस्त, पेट दर्द, बुखार और उल्टी जैसी परेशानी हो सकती है. छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है. प्लेग (Plague) : आज के समय में प्लेग के मामले बहुत कम देखने को मिलते हैं, लेकिन यह बीमारी इतिहास की सबसे खतरनाक महामारियों में शामिल रही है. यह बीमारी चूहों पर रहने वाले संक्रमित पिस्सुओं के जरिए इंसानों तक पहुंच सकती है. इसके लक्षणों में तेज बुखार, सूजी हुई गांठें और कमजोरी शामिल हो सकती है. रैट-बाइट फीवर (Rat-Bite Fever) : अगर चूहा काट ले या उसके संपर्क से संक्रमण फैल जाए, तो रैट-बाइट फीवर होने का खतरा रहता है. इसमें बुखार, जोड़ों में दर्द, उल्टी और त्वचा पर दाने जैसी समस्याएं हो सकती हैं. समय पर इलाज जरूरी होता है, वरना संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है. चूहों से कैसे करें बचाव? एक्सपर्ट की मानें तो घर को हमेशा साफ-सुथरा रखें और खाने की चीजों को खुला न छोड़ें. कूड़ा समय पर बाहर फेंकें और घर के कोनों या दीवारों के छेद बंद कर दें, ताकि चूहे अंदर न आ सकें. अगर घर में ज्यादा चूहे दिखाई दें, तो तुरंत पेस्ट कंट्रोल करवाना बेहतर रहेगा. साथ ही चूहों की गंदगी साफ करते समय दस्ताने और मास्क का इस्तेमाल जरूर करें. चूहों को मामूली परेशानी समझने की गलती सेहत पर भारी पड़ सकती है. इसलिए समय रहते सावधानी बरतना बेहद जरूरी है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

तलविंदर ने पाकिस्तानी सिंगर के साथ मंच शेयर किया:टोरंटो में कॉन्सर्ट में गले मिले, हसन रहीम ने कहा- भाई

तलविंदर ने पाकिस्तानी सिंगर के साथ मंच शेयर किया:टोरंटो में कॉन्सर्ट में गले मिले, हसन रहीम ने कहा- भाई

भारतीय पंजाबी सिंगर तलविंदर हाल ही में टोरंटो में पाकिस्तानी सिंगर हसन रहीम के लाइव कॉन्सर्ट में शामिल हुए और उनके साथ मंच शेयर किया। दरअसल, मंगलवार को तलविंदर ने इंस्टाग्राम पर कॉन्सर्ट की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए। उन्होंने पोस्ट पर कैप्शन लिखा, ‘टोरंटो में हसन रहीम के साथ विशेज पूरी हुईं।’ वीडियो में दोनों स्टेज पर एक साथ गाते, गले मिलते और डांस करते दिखे। हसन ने तलविंदर की इंस्टाग्राम पोस्ट पर ‘भाई’ लिखकर रिएक्ट किया। इस पोस्ट के बाद कुछ यूजर्स ने कमेंट सेक्शन में अपनी नाराजगी जाहिर की। कुछ ने लिखा कि हाल के भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच ऐसी मौजूदगी गलत थी। एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा, ‘मैंने नहीं सोचा था भाई कि ये लोग हमारे देश की सेना का मजाक उड़ाने वालों के साथ स्टेज शो करेंगे।’ गौरतलब है कि पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद से भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में और तनाव बढ़ गया है। इसके बाद ‘फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज’ (FWICE) जैसे संगठन ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय को पत्र लिखकर पाकिस्तानी कलाकारों, गायकों और तकनीशियनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। तलविंदर को गाने ‘पल पल’ से मिली थी पहचान तलविंदर का असली नाम तलविंदर सिंह सिद्धू है। उन्हें उनके गाने पल पल से पहचान मिली। कुछ महीने पहले उनका नाम एक्ट्रेस दिशा पाटनी से जुड़ा। दोनों को कई मौकों पर एक साथ देखा गया था। वहीं, तलविंदर ने दिशा के साथ कथित रिलेशनशिप को लेकर हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया को दिए इंटरव्यू में कहा था, हमारी मुलाकात शादी (नूपुर सेनन की शादी) से ठीक पहले हुई थी और अचानक मिली इतनी सारी चर्चा ने हमें हैरान कर दिया। हम न तो किसी प्रेशर में आना चाहते हैं और न ही अफवाहों पर ध्यान देना चाहते हैं। हम अभी खुद को समझने और एक-दूसरे को जानने की प्रोसेस में हैं। मैं बस इतना ही कहना चाहूंगा कि अगर लोग अफवाहें फैलाने की कोशिश करेंगे तो मैं उन्हें अफवाह ही रहने दूंगा। जब तलविंदर से पूछा गया था कि क्या वह प्यार और रिश्तों के बारे में सोचते हैं, तो उन्होंने जवाब दिया, ‘मैं हर दिन प्यार में पड़ जाता हूं। मैं अभी भी प्यार में पड़ रहा हूं।’

तलविंदर ने पाकिस्तानी सिंगर के साथ मंच शेयर किया:टोरंटो में कॉन्सर्ट में गले मिले, हसन रहीम ने कहा- भाई

तलविंदर ने पाकिस्तानी सिंगर के साथ मंच शेयर किया:टोरंटो में कॉन्सर्ट में गले मिले, हसन रहीम ने कहा- भाई

भारतीय पंजाबी सिंगर तलविंदर हाल ही में टोरंटो में पाकिस्तानी सिंगर हसन रहीम के लाइव कॉन्सर्ट में शामिल हुए और उनके साथ मंच शेयर किया। दरअसल, मंगलवार को तलविंदर ने इंस्टाग्राम पर कॉन्सर्ट की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए। उन्होंने पोस्ट पर कैप्शन लिखा, ‘टोरंटो में हसन रहीम के साथ विशेज पूरी हुईं।’ वीडियो में दोनों स्टेज पर एक साथ गाते, गले मिलते और डांस करते दिखे। हसन ने तलविंदर की इंस्टाग्राम पोस्ट पर ‘भाई’ लिखकर रिएक्ट किया। इस पोस्ट के बाद कुछ यूजर्स ने कमेंट सेक्शन में अपनी नाराजगी जाहिर की। कुछ ने लिखा कि हाल के भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच ऐसी मौजूदगी गलत थी। एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा, ‘मैंने नहीं सोचा था भाई कि ये लोग हमारे देश की सेना का मजाक उड़ाने वालों के साथ स्टेज शो करेंगे।’ गौरतलब है कि पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद से भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव बढ़ गया है। इसके बाद ‘फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज’ (FWICE) जैसे संगठन ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय को पत्र लिखकर पाकिस्तानी कलाकारों, गायकों और तकनीशियनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। तलविंदर को गाने ‘पल पल’ से मिली थी बड़ी पहचान तलविंदर का असली नाम तलविंदर सिंह सिद्धू है। उन्हें उनके गाने पल पल से पहचान मिली। कुछ महीने पहले उनका नाम एक्ट्रेस दिशा पाटनी से जुड़ा था। दोनों को कई मौकों पर एक साथ देखा गया था। वहीं, तलविंदर ने दिशा पाटनी के साथ कथित रिलेशनशिप को लेकर हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में कहा था, हमारी मुलाकात शादी (नूपुर सेनन की शादी) से ठीक पहले हुई थी और अचानक मिली इतनी सारी चर्चा ने हमें हैरान कर दिया। हम न तो किसी दबाव में आना चाहते हैं और न ही अफवाहों पर ध्यान देना चाहते हैं। हम अभी खुद को समझने और एक-दूसरे को जानने की प्रोसेस में हैं। मैं बस इतना ही कहना चाहूंगा कि अगर लोग अफवाहें फैलाने की कोशिश करेंगे तो मैं उन्हें अफवाह ही रहने दूंगा। जब तलविंदर से पूछा गया था कि क्या वह प्यार और रिश्तों के बारे में सोचते हैं, तो उन्होंने जवाब दिया, “मैं हर दिन प्यार में पड़ जाता हूं। मैं अभी भी प्यार में पड़ रहा हूं।”

विजय ने तमिलनाडु विधानसभा में क्या किया, यह हर सीएम को देखना चाहिए

विजय ने तमिलनाडु विधानसभा में क्या किया, यह हर सीएम को देखना चाहिए

वह आदमी जिसने भूमिकाएँ बदल दीं: लाइट्स, कैमरा, एक्शन – यही दशकों तक विजय की दुनिया थी। आज, सेट की जगह तमिलनाडु विधानसभा ने ले ली है, संवादों की जगह नीतिगत बहस ने ले ली है, और तालियों की जगह एक राज्य अपने नए मुख्यमंत्री के हर कदम को एक थ्रिलर फिल्म की तीव्रता के साथ देख रहा है। वह क्षण जो वायरल हो गया: हाथ में कलम, सिर थोड़ा झुका हुआ, उनके सामने एक नोटबुक खुली – विधानसभा कार्यवाही के दौरान सीएम विजय की शांत, केंद्रित उपस्थिति ने इंटरनेट की कल्पना पर कब्जा कर लिया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का विधानसभा सत्र के दौरान ध्यान से नोट्स लेते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया है। अनुभवी राजनेताओं से भरे हॉल में, यह नवागंतुक ही थे जो सबसे अधिक तैयार दिखे। (X/thefederal.com) विपक्ष पर नोट्स लेना: जिस चीज़ ने छवि को और भी आकर्षक बना दिया वह था संदर्भ। रिपोर्टों से पता चलता है कि विजय विपक्ष द्वारा उनकी सरकार पर लगाए गए हर आरोप को चुपचाप चुपचाप नोट कर रहे थे। कोई रुकावट नहीं. कोई नाटकीयता नहीं. बस एक कलम, एक नोटबुक और पूरा ध्यान। नाटकीय राजनीतिक रंगमंच के आदी राज्य के लिए, यह पूरी तरह से एक अलग तरह का तमाशा था। नेटिज़ेंस प्रतिक्रिया: विपक्ष के बोलने के दौरान शांति से टिप्पणी करते हुए एक मुख्यमंत्री की छवि ने ऑनलाइन टिप्पणियों की बाढ़ ला दी। एक नेटिज़न ने लिखा, “हमने कभी किसी सीएम को इतना केंद्रित और गंभीर नहीं देखा।” दूसरे ने कहा, “राजनीति में हर किसी को इससे सीखना चाहिए।” ऐसे राजनीतिक माहौल में जिसे अक्सर वाकआउट, नारेबाजी और व्यवधान से परिभाषित किया जाता है, नोटबुक में लिखने का सरल कार्य एक बयान बन गया। स्टारडम से स्टेट्समैनशिप तक: रजनीकांत – विजय के समकालीन और तमिल सिनेमा के अन्य दिग्गज सुपरस्टार – से हाल ही में एक हवाई अड्डे पर विजय के राजनीतिक उत्थान के बारे में पूछा गया था। वह चुप रहा, हाथ जोड़े, कुछ नहीं बोला। प्रशंसकों का कहना है कि उनकी चुप्पी किसी भी टिप्पणी से ज़्यादा ज़ोर से बोलती है। वह व्यक्ति जिसने कभी विजय के साथ ब्लॉकबस्टर पोस्टर साझा किए थे, अब हर किसी की तरह देखता है कि उसका साथी तमिलनाडु की राजनीतिक कहानी को फिर से लिख रहा है। संख्याएँ झूठ नहीं बोलतीं: विधानसभा एकमात्र ऐसी जगह नहीं थी जहां विजय ने प्रभाव डाला। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर उनके पद संभालने के बाद आश्चर्यजनक वृद्धि देखी गई – 9 मई को 4.56 लाख फॉलोअर्स से बढ़कर 11 मई तक 1.9 मिलियन हो गए, जो कि केवल 48 घंटों में लगभग पांच गुना बढ़ गया। विजय के शपथ ग्रहण समारोह की रील को एक घंटे में 12 मिलियन बार देखा गया – यह संख्या एक सुपरस्टार की प्रशंसक संख्या और एक मुख्यमंत्री के सार्वजनिक जनादेश के बीच की रेखा को धुंधला कर देती है।

क्या खिलाएं-क्या पिलाएं? भयंकर गर्मी में बच्चों को ऐसे रखें स्वस्थ, डॉक्टर से जानें 5 जरूरी बातें

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Last Updated:May 14, 2026, 15:55 IST अगर थोड़ी सी सावधानी और सही दिनचर्या अपनाई जाए, तो इस भीषण गर्मी में भी बच्चों को सुरक्षित और स्वस्थ रखा जा सकता है. इसलिए जरूरी है कि पेरेंट्स समय रहते सतर्क रहें और बच्चों की सेहत का खास ख्याल रखें. डॉक्टर अनिल पटेल बच्चों के गर्मी से बचाने के लिए कई जरूर टिप्स दी, पेरेंट्स समय रहते सतर्क रहें और बच्चों की सेहत का खास ख्याल रखें. भयंकर गर्मी ने इस वक्त पूरे निमाड़ और सभी जगह को अपनी चपेट में ले रखा है. कई जगहों पर तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जिससे आम जनजीवन पर असर साफ दिखाई दे रहा है. लेकिन इस भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा खतरा बच्चों पर मंडरा रहा है, क्योंकि उनका शरीर तापमान को नियंत्रित करने में उतना सक्षम नहीं होता. ऐसे में जरा सी लापरवाही उन्हे बीमार कर सकती है. दरअसल, गर्मी के मौसम में बच्चों में हीट स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ जाता है. हीट स्ट्रोक एक गंभीर स्थिति होती है, जब शरीर का तापमान 40 डिग्री या उससे ज्यादा हो जाता है और शरीर खुद को ठंडा नहीं कर पाता. इसके चलते तेज बुखार, चक्कर आना, उल्टी, त्वचा का सूखना और बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. ऐसे में अगर बच्चे में ये संकेत नजर आएं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना बेहद जरूरी हो जाता है. डॉक्टर अनिल पटेल बताते हैं कि बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए ज्यादा खर्च करने की जरूरत नहीं है, बल्कि रोजमर्रा की आदतों में थोड़े बदलाव करके ही उन्हें सुरक्षित रखा जा सकता है. सबसे जरूरी है कि बच्चों के शरीर में पानी की कमी न होने दी जाए. इसके लिए उन्हें दिनभर पानी पिलाते रहें, साथ ही ORS, नारियल पानी, छाछ या ग्लूकोज जैसे पेय भी देते रहें, ताकि शरीर में जरूरी लवण की कमी न हो. बच्चों को गर्मी से बचाने की सलाहवहीं, तेज धूप से बचाव भी बेहद जरूरी है. खासतौर पर सुबह 11 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक बच्चों को बाहर खेलने से रोकना चाहिए, क्योंकि इस दौरान धूप सबसे ज्यादा खतरनाक होती है. अगर बाहर जाना जरूरी हो, तो उन्हें पूरी तरह कवर करके ही बाहर भेजें.कपड़ों का चुनाव भी बच्चों की सेहत पर असर डालता है. गर्मी में बच्चों को हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनाने चाहिए, जिससे शरीर को ठंडक मिलती रहे और पसीना आसानी से सूख सकें. इसके साथ ही घर का वातावरण भी ठंडा रखना जरूरी है, ताकि बच्चों को लू से बचाया जा सके.खानपान की बात करें तो गर्मी में बच्चों को हल्का और पौष्टिक भोजन देना चाहिए. तरबूज, खीरा, खरबूजा जैसे मौसमी फल न सिर्फ शरीर को ठंडक देते हैं, बल्कि इम्यूनिटी भी बढ़ाते हैं. यही वजह है कि डॉक्टर बच्चों की डाइट में इन चीजों को शामिल करने की सलाह देते हैं.अगर थोड़ी सी सावधानी और सही दिनचर्या अपनाई जाए, तो इस भीषण गर्मी में भी बच्चों को सुरक्षित और स्वस्थ रखा जा सकता है. इसलिए जरूरी है कि पेरेंट्स समय रहते सतर्क रहें और बच्चों की सेहत का खास ख्याल रखें. About the Author Mohd Majid with more than more than 5 years of experience in journalism. It has been two and half year to associated with Network 18 Since 2023. Currently Working as a Senior content Editor at Network 18. Here, I am cover…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Khandwa,Khandwa,Madhya Pradesh

मूंग दाल पनीर चीला रेसिपी: पूछताछ में मुर्गदाल-पनीर चीला, लाजवाब स्वाद के साथ मिलेगा हाई प्रोटीन; नोट करें मिनट वाली रेसिपी

तस्वीर का विवरण

सामग्री: 1 कप ढीली मूंग दाल, 100 ग्राम पनीर, 1 प्याज, 1 छोटा चम्मच हरी मिर्च, हरा धनियां, 1 छोटा मोटा अदरक, नमक, 1/2 छोटा मोटा लाल मिर्च पाउडर, 1/2 छोटा छोटा जीरा, आवश्यक पानी, तेल छवि: फ्रीपिक चीला बनाने की आसान विधि: सबसे पहले मूंग दाल को अच्छी तरह धोकर 3 से 4 घंटे के लिए सबसे सस्ता दाम। जब दाल फूल जाए, तब उसके पानी के मसाले में डाला हुआ और थोड़ा सा पानी मिलाकर बैटर तैयार कर लें। छवि: एआई अब इस बैटर में नमक, जीरा, अदरक, हरी मिर्च और हरा धनिया मोबिल से मिला लें। इसके बाद पनीर को कद्दू कर लें। खजूर तो इसमें थोड़ा सा नमक और काली मिर्च साबुत स्टफिंग तैयार कर सकते हैं. छवि: एआई अब गैस पर तवा गरम करें और पंखुड़ी वाला तेल लगाएं। तवे पर एक कलछी बैटर फोटोग्राफर गोल आकार में फैला हुआ है। ऊपर से छोटे प्याज और फिर डाले गए पनीर की स्टफिंग। छवि: एआई चीले के सहायक पर थोड़ा सा तेल डाला और मध्यम आंच पर दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक सेंक लें। गरमा-गरम मूंगदाल-पनीर चीला हरी चटनी, दही या टोमैटो सॉस के साथ सर्व करें। छवि: एआई मूंग की दाल में प्रोटीन और कड़वाहट पाई जाती है, जबकि मूंगफली शरीर को कैल्शियम और ऊर्जा देती है। ऐसे में यह नाश्ता वजन नियंत्रित करने वाले लोगों और फिटनेस पसंद लोगों के लिए भी शानदार नियुक्ति है। छवि: फ्रीपिक अगर आप यात्रा करते हैं तो इसमें अपनी पसंद की सामग्री जैसे कि काली मिर्च, गाजर या स्वीटकॉर्न भी मिला सकते हैं। इससे स्वाद और पोषण दोनों बढ़ेंगे। छवि: फ्रीपिक (टैग्सटूट्रांसलेट)मूंग दाल पनीर चीला(टी)पनीर चिल्ला रेसिपी(टी)हाई प्रोटीन रेसिपी(टी)मूंग दाल पनीर चिल्ला रेसिपी(टी)स्वस्थ नाश्ता(टी)वजन घटाने के लिए नाश्ता(टी)मूंग दाल चिल्ला(टी)गर्मियों के लिए हाई प्रोटीन ब्रेकफास्ट रेसिपी

करनाल के युवक की अमेरिका में एक्सीडेंट में मौत:गाड़ी को पीछे से मारी टक्कर; 35 लाख का कर्ज लेकर विदेश गया, परिवार का इकलौता बेटा

करनाल के युवक की अमेरिका में एक्सीडेंट में मौत:गाड़ी को पीछे से मारी टक्कर; 35 लाख का कर्ज लेकर विदेश गया, परिवार का इकलौता बेटा

अमेरिका के इंडियाना राज्य के प्लेनफील्ड इलाके में 12 मई को हुए सड़क हादसे में करनाल के युवक की मौत हो गई। वह रेड लाइट पर खड़ा था, तभी पीछे से तेज रफ्तार कार ने उसकी गाड़ी को टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को मोर्चरी हाउस भिजवाया गया। मृतक युवक की पहचान 40 वर्षीय प्रवीन निवासी शिव कॉलोनी, करनाल के रूप में हुई है। अमेजन कंपनी में करता था काम प्रवीण करीब तीन साल पहले अमेरिका गया था और वहां अमेजन कंपनी में डिलीवरी का काम कर रहा था। प्रवीन अपने परिवार का इकलौता बेटा था और दो बच्चों का पिता था। उसकी एक बहन भी है। परिवार के आर्थिक हालात सुधारने के लिए उसने अमेरिका जाने का फैसला लिया था और इसके लिए 30 से 35 लाख रुपए का कर्ज लिया था। वहां पहुंचने के कुछ महीनों बाद उसे नौकरी मिल गई थी और वह नियमित काम कर रहा था। रेड लाइट पर खड़ा था, तभी हुआ हादसा मृतक के मामा चरणजीत ने बताया कि परिजनों को अमेरिका से कॉल के जरिए हादसे की सूचना मिली। 12 मई की सुबह प्रवीन डिलीवरी के लिए जा रहा था और प्लेनफील्ड में क्वेकर बुलेवार्ड और स्टाउट हेरिटेज पार्कवे के चौराहे पर रेड लाइट पर खड़ा था। इसी दौरान पीछे से एक तेज रफ्तार कार आई और उसकी डिलीवरी गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी। देखें हादसे की फोटो… दो अन्य घायल, पुलिस ने शव मोर्चरी में रखवाया हादसे में टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि प्रवीन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए। घटना को देख आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी हाउस में रखवा दिया।

कॉप की भूमिका में सैफ अली:भक्षक' के बाद अब 'कर्तव्य' की बारी; निर्देशक ने बताया क्यों सैफ थे पहली पसंद

कॉप की भूमिका में सैफ अली:भक्षक' के बाद अब 'कर्तव्य' की बारी; निर्देशक ने बताया क्यों सैफ थे पहली पसंद

‘भक्षक’ के बाद निर्देशक पुलकित अब नेटफ्लिक्स फिल्म ‘कर्तव्य’ लेकर आ रहे हैं, जिसमें सैफ अली खान कॉप बने हैं। पुलकित ने फिल्म के बैकड्रॉप, सैफ की कास्टिंग आदि पर बातचीत की… पुलकित कहते हैं, ‘कर्तव्य’ किसी एक सच्ची घटना पर आधारित नहीं है। यह विचार मेरे दिमाग में बहुत सालों से चल रहा था। हम अक्सर अपने अधिकारों की बात करते हैं, लेकिन अपने कर्तव्यों पर चर्चा कम ही होती है। बतौर इंसान हमारी क्या जिम्मेदारी है? एक पिता का काम सिर्फ बच्चा पैदा करना नहीं है, बल्कि उस बच्चे की जिंदगी में क्या सही है और क्या गलत, यह सिखाना भी उसकी ड्यूटी है। मैं कहानी के जरिए उसी कर्तव्य की परिभाषा को ढूंढ रहा था। मैं एक ऐसी दुनिया बुनना चाहता था जहां कर्तव्य और इंसानियत के बीच का संघर्ष दिखे। बहुत सालों तक यह विचार मेरे अंदर बंद था, जिसे अब मैंने इस फिल्म के रूप में बाहर निकाला है। फिल्म की स्क्रिप्ट लेकर किसी और एक्टर के पास गया ही नहीं पुलकित बताते हैं, ‘भक्षक’ के बाद रेड चिलीज और नेटफ्लिक्स के साथ रिश्ता और मजबूत हुआ। जब ‘कर्तव्य’ लिखी तो सबसे पहले उन्हें सुनाई और वे तुरंत तैयार हो गए। सैफ ही मेरी पहली पसंद थे। मैं यह स्क्रिप्ट लेकर किसी और एक्टर के पास गया ही नहीं।’ फिल्म के लिए ‘झामली’ नाम की एक काल्पनिक जगह बनाई है फिल्म की दुनिया पर पुलकित कहते हैं…‘हमने ‘झामली’ नाम की एक काल्पनिक जगह बनाई है, जिसकी टोन पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा बॉर्डर जैसी रखी गई। ‘ओमकारा’ में सैफ का ‘लंगड़ा त्यागी’ वाला किरदार मेरे दिमाग में हमेशा रहा। मुझे मजा आता है जब आप बांद्रा में रहने वाले, इंग्लिश बोलने वाले एक्टर को छोटे शहर की धूल-मिट्टी में डाल देते हैं।’ ‘ओमकारा’ के बाद कम निर्देशकों ने सैफ के देसी और रॉ अंदाज में लिया पुलकित मानते हैं, ‘ओमकारा के बाद बहुत कम निर्देशकों ने सैफ के उस देसी और रॉ अंदाज को इस्तेमाल किया। ‘आरक्षण’ और ‘तांडव’ में कोशिश जरूर हुई, लेकिन मुझे वो वाला सैफ नहीं मिला जो ‘लंगड़ा त्यागी’ में दिखा था। मेरे जेहन में वही इमेज थी, इसलिए मैं उन्हें फिर से उसी दुनिया में वापस लेकर गया।’ ‘99% हिंदुस्तान छोटे शहरों में बसता है’ अपने सिनेमा की जड़ों पर बात करते हुए पुलकित कहते हैं, ‘मैं खुद छोटे शहर से आता हूं, इसलिए मुझे ऐसी कहानियों में मजा आता है। 99% हिंदुस्तान छोटे शहरों और कस्बों में बसता है। जब आप ग्रासरूट लेवल की कहानी लिखते हैं, तो एक्टर्स को भी उसमें कुछ नया नजर आता है। यही वजह है कि मैंने सैफ, रसिका दुग्गल, संजय मिश्रा और मनीष चौधरी जैसे दमदार एक्टर्स को चुना। हम स्टारडम नहीं, परफॉर्मेंस पर दांव लगा रहे हैं।’

चारधाम यात्रा में 25 दिनों में 40 श्रद्धालुओं की मौत:केदारनाथ में सबसे ज्यादा 22 की जान गई; बद्रीनाथ में 7, गंगोत्री-यमुनोत्री में भी बढ़ा आंकड़ा

चारधाम यात्रा में 25 दिनों में 40 श्रद्धालुओं की मौत:केदारनाथ में सबसे ज्यादा 22 की जान गई; बद्रीनाथ में 7, गंगोत्री-यमुनोत्री में भी बढ़ा आंकड़ा

चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार रिकॉर्ड बना रही है। 19 अप्रैल से शुरू हुई यात्रा में 13 मई तक 12 लाख 64 हजार 217 श्रद्धालु चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं। लेकिन दूसरी ओर यात्रा के दौरान मौतों का आंकड़ा भी लगातार बढ़ रहा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) की 14 मई सुबह 10 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार अब तक चारधाम यात्रा में 40 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा 22 मौतें केदारनाथ धाम में दर्ज की गई हैं। वहीं बद्रीनाथ में 7, यमुनोत्री में 6 और गंगोत्री में 5 श्रद्धालुओं की जान गई है। सरकार लगातार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और मेडिकल तैयारियों का दावा कर रही है, लेकिन लगातार बढ़ते मौत के आंकड़े यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य चुनौतियों और हाई एल्टीट्यूड से जुड़ी परेशानियों की गंभीरता भी दिखा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अधिकांश मौतें हार्ट अटैक, हाई एल्टीट्यूड सिकनेस, हाइपरटेंशन और अन्य स्वास्थ्य कारणों से हुई हैं। मौतों के पीछे हाई एल्टीट्यूड, हार्ट अटैक और पुरानी बीमारियां स्वास्थ्य विभाग के अनुसार चारधाम यात्रा में अब तक हुई अधिकांश मौतें स्वास्थ्य खराब होने, हार्ट अटैक और हाई एल्टीट्यूड सिकनेस जैसी समस्याओं के कारण हुई हैं। यात्रा मार्ग ऊंचाई वाले क्षेत्रों से होकर गुजरता है, जहां ऑक्सीजन का स्तर कम होने और लगातार चढ़ाई की वजह से बुजुर्गों और पहले से बीमार यात्रियों की तबीयत बिगड़ने के मामले सामने आ रहे हैं। यात्रा से पहले जारी की गई थी एडवाइजरी चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले सरकार ने कई समीक्षा बैठकें की थीं। सभी विभागों को यात्रा शुरू होने से पहले तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए थे। सरकार का दावा है कि यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं, डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। यात्रियों के लिए एडवाइजरी भी जारी की गई थी, जिसमें बुजुर्गों, हाई ब्लड प्रेशर, शुगर और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी गई थी। स्वास्थ्य मंत्री ने भी यात्रियों से सावधानी बरतने और शरीर में परेशानी होने पर तुरंत रुकने की अपील की है। स्वास्थ्य मंत्री बोले- अति उत्साह भारी पड़ रहा प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. सुबोध उनियाल ने कहा कि कई यात्री शरीर के संकेतों को नजरअंदाज कर तेजी से यात्रा पूरी करने की कोशिश करते हैं। इससे हार्ट अटैक और हाई एल्टीट्यूड की समस्या बढ़ जाती है। 47 अस्पताल और 400 डॉक्टर तैनात स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार यात्रा मार्ग पर 47 अस्पताल बनाए गए हैं। इसके अलावा करीब 2820 स्वास्थ्य कर्मियों और 400 डॉक्टरों को अलग-अलग पड़ावों पर तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि पहली बार दून मेडिकल कॉलेज और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में 180 डॉक्टरों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इन्हें हाई एल्टीट्यूड सिकनेस, हाइपरटेंशन और शुगर मरीजों के उपचार की ट्रेनिंग दी गई है। बद्रीनाथ और केदारनाथ में अस्पताल शुरू करने की दिशा में भी काम चल रहा है। ट्रॉमा सेंटर बनाने की तैयारी सरकार अब यात्रा मार्ग पर डेडिकेटेड ट्रॉमा सेंटर बनाने की तैयारी में भी जुट गई है। दून मेडिकल कॉलेज और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में ट्रॉमा सेंटर विकसित किए जा रहे हैं। इसके अलावा कौड़ियाला समेत यात्रा मार्ग के अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी ट्रॉमा सेंटर बनाने की योजना है ताकि दुर्घटना या स्वास्थ्य आपात स्थिति में “गोल्डन ऑवर” के भीतर इलाज मिल सके और जान बचाई जा सके।