इंग्लैंड के घरेलू खिलाड़ी बने पाक पेसर मोहम्मद आमिर:टी20 ब्लास्ट में नॉटिंघमशायर के लिए खेलेंगे; आईपीएल खेलने की भी उम्मीद,पाकिस्तान से खेला था लास्ट वर्ल्डकप

क्रिकेट में खिलाड़ियों की पहचान अक्सर उनके प्रदर्शन से बनती है। लेकिन कई बार मैदान के बाहर लिया गया एक फैसला भी उनके करियर की दिशा बदल देता है। पाकिस्तान के तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है। 34 वर्षीय आमिर को ब्रिटेन का पासपोर्ट मिल गया है। इसके साथ ही उन्होंने इंग्लैंड की काउंटी टीम नॉटिंघमशायर से टी20 ब्लास्ट के बाकी मुकाबलों के लिए करार किया है। वह स्थानीय खिलाड़ी के रूप में टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगे। दरअसल, आमिर ने एक ब्रिटिश नागरिक महिला से शादी की थी और इसी आधार पर उन्हें ब्रिटिश नागरिकता मिली। इसका सीधा फायदा नॉटिंघमशायर को मिला है। अब टीम उन्हें विदेशी खिलाड़ियों के कोटे में शामिल किए बिना मैदान पर उतार सकती है। यानी टीम के विदेशी खिलाड़ियों की संख्या भी प्रभावित नहीं होगी और आमिर का अनुभव भी टीम के काम आएगा। इस बीच, आमिर को ब्रिटिश नागरिकता मिलने से उनके आईपीएल खेलने की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। दरअसल, आईपीएल में खेलने के लिए खिलाड़ी का किसी मान्यता प्राप्त क्रिकेट बोर्ड के साथ पंजीकृत होना जरूरी है। लेकिन 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद पाक खिलाड़ियों को आईपीएल से बैन कर दिया गया था। इसलिए पिछले 18 साल में कोई भी पाकिस्तानी खिलाड़ी आईपीएल में नहीं खेल पाया है। हालांकि, 2008 के पहले आईपीएल सीजन में 11 पाकिस्तानी खिलाड़ी खेले थे। इनमें सोहेल तनवीर सबसे सफल रहे थे, जिन्होंने राजस्थान रॉयल्स के लिए 22 विकेट लेकर पर्पल कैप जीती और टीम को पहला खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। अब सवाल यह है कि क्या आमिर के लिए भी आईपीएल का रास्ता खुल सकता है? फिलहाल इसका जवाब साफ नहीं है, क्योंकि सिर्फ ब्रिटिश पासपोर्ट मिलने से आईपीएल खेलना संभव नहीं है। आमिर अभी भी पाकिस्तान क्रिकेट से जुड़े हैं और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से आधिकारिक संन्यास नहीं लिया है। हालांकि, वे पाक के लिए आखिरी बार 2024 के टी20 वर्ल्ड कप में खेले थे। इसलिए भविष्य में क्रिकेटिंग पात्रता और पंजीकरण की स्थिति बदलने पर वह आईपीएल की नीलामी का हिस्सा बन सकते हैं। अजहर महमूद नागरिकता बदलकर खेल चुके हैं आईपीएल पाकिस्तान के पूर्व ऑलराउंडर अजहर महमूद अपनी नागरिकता बदलकर आईपीएल का हिस्सा बन चुके हैं। महमूद ने 1996 से 2007 तक पाकिस्तान के लिए 21 टेस्ट और 143 वनडे मैच खेले। लेकिन बाद में ब्रिटिश नागरिकता हासिल करने के बाद उन्होंने इंग्लैंड के क्रिकेट ढांचे के तहत अपनी पात्रता बदली। इसके बाद उन्होंने साल 2012 से 2015 के बीच किंग्स इलेवन पंजाब और कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से आईपीएल खेला।
महाराष्ट्र में TET पेपर लीक, एग्जाम कल होना था:पेपर ठाणे से बरामद हुआ, अब परीक्षा रद्द हो सकती है; पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा

महाराष्ट्र में रविवार को होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का क्वेश्चन पेपर करीब 24 घंटे पहले लीक हो गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लीक हुआ क्वेश्चन पेपर बरामद कर लिया और कई लोगों को हिरासत में लिया है। पेपर लीक के बाद कल होने वाली TET परीक्षा रद्द किए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, महाराष्ट्र शिक्षा विभाग ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सूत्रों के मुताबिक, विभाग जल्द ही इस पूरे घटनाक्रम पर प्रेस नोट जारी करेगा। इसके साथ ही परीक्षा रद्द करने की घोषणा भी की जाएगी। ऐसे में विभाग परीक्षा की नई तारीख का भी जल्द ऐलान कर सकता है। इससे पहले NEET और यूपी पुलिस भर्ती का भी पेपर लीक हुआ पिछले 5 साल में देश में 9 बड़े पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। इनमें राजस्थान रीट (REET), यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा और हाल ही में मई 2026 में हुए नीट यूजी (NEET-UG) जैसे बड़े एग्जाम्स शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट बोला- शिक्षकों को TET पास करना ही होगा सुप्रीम कोर्ट ने 29 मई को स्पष्ट किया कि स्कूलों में काम कर रहे शिक्षकों के लिए टीचर इलिजिबिलटी टेस्ट (TET) पास करना अनिवार्य है। कोर्ट ने TET पास करने की समयसीमा 31 अगस्त 2027 से बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दी। हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इसके बाद कोई और समय नहीं दिया जाएगा। कोर्ट ने कहा, बिना TET योग्यता वाले शिक्षक सेवा में बने रहे तो इसका असर आने वाली पीढ़ियों की शिक्षा पर पड़ेगा। फैसले का असर देश के 20 लाख से ज्यादा शिक्षकों पर होगा। ——————————— ये खबर भी पढ़ें… MP के 1.5 लाख शिक्षकों को TET पास करना अनिवार्य:SC ने कहा- बच्चों के भविष्य से समझौता नहीं, पात्रता परीक्षा जरूरी; 1 साल का अतिरिक्त समय मध्यप्रदेश के डेढ़ लाख से ज्यादा शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) देनी ही पड़ेगी। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को रिव्यू पिटीशनों पर फैसला सुनाते हुए कहा कि बच्चों के बेहतर शैक्षणिक विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षकों का TET पास करना जरूरी है। पूरी खबर पढ़ें…
EPFO-3.0 से अब UPI-ATM से निकाल सकेंगे PF का पैसा:75% तक रकम निकालने की सुविधा मिलेगी; आधार OTP से वेरिफिकेशन होगा; खास ATM कार्ड मिलेंगे

एम्पलाई प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) अपने मेंबर्स के लिए बड़ा डिजिटल अपग्रेड ‘EPFO 3.0’ लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत पीएफ अकाउंट होल्डर्स अब UPI और ATM के जरिए भी अपना पैसा निकाल सकेंगे। इस नए सिस्टम को जून के अंत तक शुरू किए जाने की उम्मीद है। EPFO ने अभी तक UPI या ATM ट्रांजैक्शन के लिए अलग से कोई विड्रॉल लिमिट का ऐलान नहीं किया है, लेकिन मौजूदा नियमों के अनुसार ही यह सिस्टम काम करेगा। 75% तक पीएफ की रकम निकाल सकेंगे अकाउंट होल्डर्स मौजूदा नियमों के आधार पर योग्य अकाउंट होल्डर्स अपनी विड्रॉल की जरूरत और एलिजिबिलिटी के हिसाब से पीएफ बैलेंस का 75% तक हिस्सा UPI या UPI-सक्षम ATM के जरिए निकाल सकेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस नए सिस्टम से अवेलेबल ईपीएफ बैलेंस का 75% तक हिस्सा सीधे लिंक किए गए बैंक अकाउंट में तुरंत ट्रांसफर किया जा सकेगा। आधार OTP और NPCI की मदद से काम करेगा नया सिस्टम यह नया विड्रॉल सिस्टम नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के सहयोग से तैयार किया जा रहा है। सरकार के अनुसार, इस सुविधा का टेस्टिंग काम पूरा हो चुका है और इसे जल्द ही रोलआउट किया जाएगा। केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने भी संकेत दिया है कि इसकी आधिकारिक घोषणा जल्द ही की जाएगी। इस सिस्टम में मेंबर्स को सपोर्टेड UPI एप्स के जरिए विड्रॉल शुरू करने से पहले आधार-बेस्ड OTP वेरिफिकेशन करना होगा। इसके बाद पैसा तुरंत लिंक किए गए बैंक खाते में क्रेडिट हो जाएगा। इससे पुराना सिस्टम बदल जाएगा, जिसमें क्लेम सबमिट करने के बाद सेटलमेंट के लिए कई दिनों का इंतजार करना पड़ता था। पीएफ-लिंक्ड ATM कार्ड भी मिलेंगे EPFO द्वारा पीएफ-लिंक्ड ATM कार्ड भी पेश किए जाने की उम्मीद है। इससे अकाउंट होल्डर्स एक सामान्य डेबिट कार्ड की तरह सीधे ATM से अपनी एलिजिबल राशि निकाल सकेंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेंबर्स को अपने EPF बैलेंस का कम से कम 25% हिस्सा खाते में बनाए रखना जरूरी हो सकता है, ताकि रिटायरमेंट की बचत पूरी तरह खत्म न हो। इन मेंबर्स को मिलेगी यह सुविधा इस नई डिजिटल विड्रॉल सुविधा का लाभ उठाने के लिए मेंबर्स के पास कुछ जरूरी चीजें होनी चाहिए… ऑटो-सेटलमेंट लिमिट बढ़कर ₹5 लाख हुई EPFO 3.0 के तहत UPI और ATM विड्रॉल के अलावा भी कई बड़े सुधार किए जा रहे हैं। क्लेम के लिए ऑटो-सेटलमेंट की लिमिट को ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख कर दिया गया है। इससे अब ज्यादा से ज्यादा क्लेम बिना किसी मैनुअल दखल के ऑटोमैटिक प्रोसेस हो सकेंगे। इसके साथ ही मेंबर्स ID वेरिफिकेशन के लिए उमंग (UMANG) एप के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी (FAT) का इस्तेमाल कर सकेंगे, जिससे कागजी कार्रवाई कम होगी। हालांकि, जब तक EPFO विस्तृत ऑपरेशनल गाइडलाइंस जारी नहीं करता, तब तक पात्रता मानदंड और टैक्स नियमों सहित मौजूदा ईपीएफ विड्रॉल के नियम ही लागू रहेंगे। क्या है ऑटो-सेटलमेंट लिमिट? EPFO ने क्लेम सेटलमेंट को तेज करने के लिए ऑटो-सेटलमेंट की सीमा को अब ₹5 लाख रुपए कर दिया है। पहले यह सीमा केवल ₹1 लाख रुपए थी। इसका मतलब है कि अगर आपका क्लेम ₹5 लाख रुपए तक का है, तो सॉफ्टवेयर बिना किसी अधिकारी के मैनुअल अप्रूवल के इसे ऑटोमैटिक और बेहद कम समय में पास कर देगा। ये खबर भी पढ़ें… EPFO पोर्टल 26-28 जून तक बंद रहेगा: सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन के कारण क्लेम प्रोसेस नहीं होंगे, जल्द UPI-ATM से पैसा निकालने की सुविधा EPFO का ऑनलाइन क्लेम प्रोसेसिंग पोर्टल 26 से 28 जून तक बंद रहेगा। इसकी वजह सिस्टम माइग्रेशन और सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन है। इस दौरान पीएफ विड्रॉल, ई पासवबुक सर्विस और अन्य डिजिटल सर्विस बंद रहेंगी। पूरी खबर पढ़ें…
EPFO-3.0 से अब UPI-ATM से निकाल सकेंगे PF का पैसा:75% तक रकम निकालने की सुविधा मिलेगी; आधार OTP से वेरिफिकेशन होगा; खास ATM कार्ड मिलेंगे

एम्पलाई प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) अपने मेंबर्स के लिए बड़ा डिजिटल अपग्रेड ‘EPFO 3.0’ लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत पीएफ अकाउंट होल्डर्स अब UPI और ATM के जरिए भी अपना पैसा निकाल सकेंगे। इस नए सिस्टम को जून के अंत तक शुरू किए जाने की उम्मीद है। EPFO ने अभी तक UPI या ATM ट्रांजैक्शन के लिए अलग से कोई विड्रॉल लिमिट का ऐलान नहीं किया है, लेकिन मौजूदा नियमों के अनुसार ही यह सिस्टम काम करेगा। 75% तक पीएफ की रकम निकाल सकेंगे अकाउंट होल्डर्स मौजूदा नियमों के आधार पर योग्य अकाउंट होल्डर्स अपनी विड्रॉल की जरूरत और एलिजिबिलिटी के हिसाब से पीएफ बैलेंस का 75% तक हिस्सा UPI या UPI-सक्षम ATM के जरिए निकाल सकेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस नए सिस्टम से अवेलेबल ईपीएफ बैलेंस का 75% तक हिस्सा सीधे लिंक किए गए बैंक अकाउंट में तुरंत ट्रांसफर किया जा सकेगा। आधार OTP और NPCI की मदद से काम करेगा नया सिस्टम यह नया विड्रॉल सिस्टम नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के सहयोग से तैयार किया जा रहा है। सरकार के अनुसार, इस सुविधा का टेस्टिंग काम पूरा हो चुका है और इसे जल्द ही रोलआउट किया जाएगा। केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने भी संकेत दिया है कि इसकी आधिकारिक घोषणा जल्द ही की जाएगी। इस सिस्टम में मेंबर्स को सपोर्टेड UPI एप्स के जरिए विड्रॉल शुरू करने से पहले आधार-बेस्ड OTP वेरिफिकेशन करना होगा। इसके बाद पैसा तुरंत लिंक किए गए बैंक खाते में क्रेडिट हो जाएगा। इससे पुराना सिस्टम बदल जाएगा, जिसमें क्लेम सबमिट करने के बाद सेटलमेंट के लिए कई दिनों का इंतजार करना पड़ता था। पीएफ-लिंक्ड ATM कार्ड भी मिलेंगे EPFO द्वारा पीएफ-लिंक्ड ATM कार्ड भी पेश किए जाने की उम्मीद है। इससे अकाउंट होल्डर्स एक सामान्य डेबिट कार्ड की तरह सीधे ATM से अपनी एलिजिबल राशि निकाल सकेंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेंबर्स को अपने EPF बैलेंस का कम से कम 25% हिस्सा खाते में बनाए रखना जरूरी हो सकता है, ताकि रिटायरमेंट की बचत पूरी तरह खत्म न हो। इन मेंबर्स को मिलेगी यह सुविधा इस नई डिजिटल विड्रॉल सुविधा का लाभ उठाने के लिए मेंबर्स के पास कुछ जरूरी चीजें होनी चाहिए… ऑटो-सेटलमेंट लिमिट बढ़कर ₹5 लाख हुई EPFO 3.0 के तहत UPI और ATM विड्रॉल के अलावा भी कई बड़े सुधार किए जा रहे हैं। क्लेम के लिए ऑटो-सेटलमेंट की लिमिट को ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख कर दिया गया है। इससे अब ज्यादा से ज्यादा क्लेम बिना किसी मैनुअल दखल के ऑटोमैटिक प्रोसेस हो सकेंगे। इसके साथ ही मेंबर्स ID वेरिफिकेशन के लिए उमंग (UMANG) एप के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी (FAT) का इस्तेमाल कर सकेंगे, जिससे कागजी कार्रवाई कम होगी। हालांकि, जब तक EPFO विस्तृत ऑपरेशनल गाइडलाइंस जारी नहीं करता, तब तक पात्रता मानदंड और टैक्स नियमों सहित मौजूदा ईपीएफ विड्रॉल के नियम ही लागू रहेंगे। क्या है ऑटो-सेटलमेंट लिमिट? EPFO ने क्लेम सेटलमेंट को तेज करने के लिए ऑटो-सेटलमेंट की सीमा को अब ₹5 लाख रुपए कर दिया है। पहले यह सीमा केवल ₹1 लाख रुपए थी। इसका मतलब है कि अगर आपका क्लेम ₹5 लाख रुपए तक का है, तो सॉफ्टवेयर बिना किसी अधिकारी के मैनुअल अप्रूवल के इसे ऑटोमैटिक और बेहद कम समय में पास कर देगा। ये खबर भी पढ़ें… EPFO पोर्टल 26-28 जून तक बंद रहेगा: सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन के कारण क्लेम प्रोसेस नहीं होंगे, जल्द UPI-ATM से पैसा निकालने की सुविधा EPFO का ऑनलाइन क्लेम प्रोसेसिंग पोर्टल 26 से 28 जून तक बंद रहेगा। इसकी वजह सिस्टम माइग्रेशन और सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन है। इस दौरान पीएफ विड्रॉल, ई पासवबुक सर्विस और अन्य डिजिटल सर्विस बंद रहेंगी। पूरी खबर पढ़ें…
2 बार की चैंपियन उरुग्वे फुटबॉल वर्ल्ड कप से बाहर:स्पेन ने 1-0 से हराया, ग्रुप-एच में टॉप किया; बेल्जियम और फ्रांस भी जीते

2 बार की वर्ल्ड चैंपियन उरुग्वे फुटबॉल वर्ल्ड कप के लीग स्टेज से बाहर हो गई है। उसे शनिवार को यूरोपियन चैंपियन स्पेन ने 1-0 से हराया। इस जीत के साथ स्पेन ने ग्रुप-एच के टॉप पर रहते हुए नॉकआउट राउंड में प्रवेश किया। स्पेन के लिए मैच का एकमात्र गोल एलेक्स बाएना ने 42वें मिनट में किया। उनका शॉट उरुग्वे के अनुभवी गोलकीपर फर्नांडो मुस्लेरा रोक नहीं पाए। यह टूर्नामेंट में मुस्लेरा की तीसरी बड़ी गलती रही। 40 साल गोलकीपर ने हाफटाइम पर खुद को बदलने का अनुरोध किया, जिसके बाद दूसरे हाफ में सर्जियो रोचेट ने गोलपोस्ट संभाला। इस जीत के साथ स्पेन ने 7 अंकों के साथ ग्रुप-एच में शीर्ष स्थान हासिल किया। अब उसका सामना राउंड ऑफ-32 में ग्रुप जे की उपविजेता टीम ऑस्ट्रिया या अल्जीरिया से होगा। केप वर्डे तीन अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा और नॉकआउट में पहुंच गया। उसने एक अन्य मैच में सऊदी अरब के साथ गोल रहित ड्रा खेला। उरुग्वे इस एडिशन में एक भी मैच नहीं जीत सकी। मैच की हाइलाइट्स बिएल्सा ने ली हार की जिम्मेदारी उरुग्वे के मुख्य कोच मार्सेलो बिएल्सा ने टीम के खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी ली। उन्होंने कहा, ‘इस समय कोई भी बहाने नहीं सुनना चाहता। इस निराशाजनक प्रदर्शन की जिम्मेदारी मेरी है। मेरे पास बेहतरीन खिलाड़ियों का समूह था, लेकिन मैं उनसे बेहतर परिणाम नहीं दिला सका।’ फ्रांस ने नॉर्वे को हराकर ग्रुप-आई में टॉप किया ग्रुप-आई से 2 बार की चैंपियन फ्रांस, नॉर्वे और सेनेगल ने राउंड ऑफ 32 में जगह बना ली। दिन के सबसे चर्चित मुकाबले में फ्रांस ने नॉर्वे को 4-1 हराकर ग्रुप में टॉप पोजिशन हासिल की। नॉर्वे हार के बावजूद नंबर-2 पर रहकर नॉकआउट में पहुंचा। इस मुकाबले को एर्लिंग हालैंड और किलियन एमबाप्पे की टक्कर के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन फ्रांस की जीत के हीरो उस्मान डेम्बेले रहे। उन्होंने 7वें, 20वें और 32वें मिनट में गोल दागे। एक गोल डिजायर दुए इंजरी टाइम के चौथे मिनट में किया। एक अन्य मुकाबले में सेनेगल ने ईराक को 5-0 के बड़े अंतर से हराया। इस जीत का फायदा उसे गोल डिफरेंस में मिला। सेनेगल ने ज्यादा गोल डिफरेंस और अंकों के आधार पर तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमों के टॉप-5 में जगह बनाई और नॉकआउट का टिकट हासिल किया। ———————————————-
2 बार की चैंपियन उरुग्वे फुटबॉल वर्ल्ड कप से बाहर:स्पेन ने 1-0 से हराया, ग्रुप-एच में टॉप किया; बेल्जियम और फ्रांस भी जीते

2 बार की वर्ल्ड चैंपियन उरुग्वे फुटबॉल वर्ल्ड कप के लीग स्टेज से बाहर हो गई है। उसे शनिवार को यूरोपियन चैंपियन स्पेन ने 1-0 से हराया। इस जीत के साथ स्पेन ने ग्रुप-एच के टॉप पर रहते हुए नॉकआउट राउंड में प्रवेश किया। स्पेन के लिए मैच का एकमात्र गोल एलेक्स बाएना ने 42वें मिनट में किया। उनका शॉट उरुग्वे के अनुभवी गोलकीपर फर्नांडो मुस्लेरा रोक नहीं पाए। यह टूर्नामेंट में मुस्लेरा की तीसरी बड़ी गलती रही। 40 साल गोलकीपर ने हाफटाइम पर खुद को बदलने का अनुरोध किया, जिसके बाद दूसरे हाफ में सर्जियो रोचेट ने गोलपोस्ट संभाला। इस जीत के साथ स्पेन ने 7 अंकों के साथ ग्रुप-एच में शीर्ष स्थान हासिल किया। अब उसका सामना राउंड ऑफ-32 में ग्रुप जे की उपविजेता टीम ऑस्ट्रिया या अल्जीरिया से होगा। केप वर्डे तीन अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा और नॉकआउट में पहुंच गया। उसने एक अन्य मैच में सऊदी अरब के साथ गोल रहित ड्रा खेला। उरुग्वे इस एडिशन में एक भी मैच नहीं जीत सकी। मैच की हाइलाइट्स बिएल्सा ने ली हार की जिम्मेदारी उरुग्वे के मुख्य कोच मार्सेलो बिएल्सा ने टीम के खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी ली। उन्होंने कहा, ‘इस समय कोई भी बहाने नहीं सुनना चाहता। इस निराशाजनक प्रदर्शन की जिम्मेदारी मेरी है। मेरे पास बेहतरीन खिलाड़ियों का समूह था, लेकिन मैं उनसे बेहतर परिणाम नहीं दिला सका।’ फ्रांस ने नॉर्वे को हराकर ग्रुप-आई में टॉप किया ग्रुप-आई से 2 बार की चैंपियन फ्रांस, नॉर्वे और सेनेगल ने राउंड ऑफ 32 में जगह बना ली। दिन के सबसे चर्चित मुकाबले में फ्रांस ने नॉर्वे को 4-1 हराकर ग्रुप में टॉप पोजिशन हासिल की। नॉर्वे हार के बावजूद नंबर-2 पर रहकर नॉकआउट में पहुंचा। इस मुकाबले को एर्लिंग हालैंड और किलियन एमबाप्पे की टक्कर के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन फ्रांस की जीत के हीरो उस्मान डेम्बेले रहे। उन्होंने 7वें, 20वें और 32वें मिनट में गोल दागे। एक गोल डिजायर दुए इंजरी टाइम के चौथे मिनट में किया। एक अन्य मुकाबले में सेनेगल ने ईराक को 5-0 के बड़े अंतर से हराया। इस जीत का फायदा उसे गोल डिफरेंस में मिला। सेनेगल ने ज्यादा गोल डिफरेंस और अंकों के आधार पर तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमों के टॉप-5 में जगह बनाई और नॉकआउट का टिकट हासिल किया। ———————————————-
अडाणी केस तुरंत खारिज करने से अमेरिकी जज का इनकार:बोले- सिर्फ सपाट बयान से केस नहीं हटेगा; सरकार को पूरा एक्सप्लेनेशन देना होगा

अमेरिकी जज ने शुक्रवार को जस्टिस डिपार्टमेंट को निर्देश दिया है कि वे भारतीय बिजनेसमैन और बिलिनेयर गौतम अडाणी के खिलाफ आपराधिक मामलों को वापस लेने के अपने फैसले को सही ठहराने वाली वजह बताएं। कोर्ट ने अडाणी के वकीलों द्वारा मामले को औपचारिक रूप से खारिज करने के अनुरोध पर तुरंत फैसला सुनाने से इनकार कर दिया है। फेडरल प्रॉसिक्यूटर्स यानी सरकारी वकीलों ने 18 मई को घोषणा की थी कि वे इस मामले में आगे मुकदमा नहीं चलाएंगे। मामले में अडाणी पर रिश्वतखोरी प्लान से जुड़े सिक्योरिटीज फ्रॉड और वायर फ्रॉड के आरोप थे। इसके बाद अडाणी के वकीलों ने बुधवार को ब्रुकलिन के अमेरिकी जिला जज निकोलस गराउफिस से मामले को औपचारिक रूप से खारिज करने का अनुरोध किया था। हालांकि, जज ने कहा कि प्रॉसिक्यूटर्स का नोटिस इस फैसले का पूरा एक्सप्लेनेशन नहीं देता है। गराउफिस ने कहा कि सरकार का संक्षिप्त, सपाट और निष्कर्ष निकालने वाला बयान अदालत को किसी निष्कर्ष पर पहुंचने का पर्याप्त आधार नहीं देता है। इसके साथ ही यह केस की बर्खास्तगी के सरकारी अनुरोध का विश्लेषण करने का अवसर भी नहीं प्रदान करता है। दो राष्ट्रपतियों के कार्यकाल के बीच बदला फैसला अडाणी पर यह मामला 2024 में डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल के आखिरी में दर्ज किया गया था। आरोपों को हटाने का यह फैसला रिपब्लिकन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के व्हाइट हाउस में दूसरे कार्यकाल के दौरान आया है, जहां जस्टिस डिपार्टमेंट ने एक और हाई-प्रोफाइल व्हाइट कॉलर क्रिमिनल केस को समाप्त करने की मांग की है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी जजों के पास प्रॉसिक्यूटर्स को उन मामलों को जारी रखने के लिए मजबूर करने का बहुत कम अधिकार होता है जिन्हें वे आगे नहीं बढ़ाना चाहते, लेकिन जब तक गराउफिस इसे खारिज नहीं करते, तब तक आरोप आधिकारिक तौर पर लंबित रहेंगे। ब्रुकलिन अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय के स्पोक्सपर्सन ने इस पर कोई भी बयान देने से इनकार कर दिया है। क्या है पूरा मामला और क्या हुए समझौते? गौतम अडाणी पर 2024 में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने भारतीय सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने की सहमति जताई थी, ताकि अडाणी ग्रुप की एक सहायक कंपनी को सोलर एनर्जी प्लांट डेवलप करने की मंजूरी मिल सके। इसके बाद उन पर अपनी कंपनी की एंटी करप्शन प्रैक्टिसेस के बारे में आश्वस्त करने वाली जानकारी देकर अमेरिकी निवेशकों को गुमराह करने का आरोप था। हालांकि, अडाणी ग्रुप ने हमेशा इन गलत कामों से इनकार किया है और अडाणी खुद इस मामले में कभी अमेरिकी कोर्ट में पेश नहीं हुए हैं। इस मामले में अन्य मोर्चों पर ये बड़ी बातें सामने आई हैं SEC के साथ सेटलमेंट: अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने भी सिविल चार्ज लगाए थे। इसके तहत एक समझौता हुआ है, जिसमें गौतम अडाणी 6 मिलियन डॉलर और उनके भतीजे सागर अडाणी 12 मिलियन डॉलर का भुगतान करेंगे। प्रतिबंधों के उल्लंघन पर जुर्माना: अडाणी एंटरप्राइजेस लिमिटेड ने ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों के कथित उल्लंघन के मामले को सुलझाने के लिए अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट को 275 मिलियन डॉलर देने पर अलग से सहमति जताई है। अडाणी के वकील रॉबर्ट गियुफ्रा का मामले पर तर्क अडाणी के वकील रॉबर्ट गियुफ्रा ने जज गराउफिस को 24 जून को लिखे पत्र में तर्क दिया कि यह मामला अमेरिकी कानून के दायरे से बाहर का है और अभियोजक भारत में कथित तौर पर हुई रिश्वतखोरी को साबित करने में असमर्थ रहेंगे। वकील ने बताया कि अडाणी और उनके सह-आरोपियों के वकीलों ने जस्टिस डिपार्टमेंट के अधिकारियों के साथ कई बैठकें कीं और मामले की कमियों को समझाने के लिए लगभग 500 पन्नों के दस्तावेज सौंपे थे। गियुफ्रा के अनुसार, DOJ का यह फैसला इस केस की कानूनी और तथ्यात्मक कमजोरियों पर सावधानीपूर्वक विचार करने को दर्शाता है। अधिकारियों और करियर प्रोसिक्यूटर्स के बीच मतभेद पिछले महीने जज को भेजे एक लेटर में सीनियर अधिकारियों ने कहा था कि जस्टिस डिपार्टमेंट ने व्यक्तिगत प्रतिवादियों के खिलाफ इन आपराधिक आरोपों पर आगे संसाधन न लगाने का फैसला किया है। खास बात यह है कि इस केस को लाने वाले रैंक-एंड-फाइल (करियर) अभियोजकों ने इस पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए थे। इससे पहले पिछले साल भी वॉशिंगटन में जस्टिस डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने न्यूयॉर्क के तत्कालीन मेयर एरिक एडम्स पर बाइडेन के कार्यकाल में लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को करियर अभियोजकों के कड़े विरोध के बावजूद हटा दिया था, जिसके बाद कई करियर अभियोजकों ने इस्तीफा दे दिया था। फिलहाल जज ने इस मामले में अधिक जानकारी देने के लिए 13 जुलाई तक की डेडलाइन तय की है।
राम मंदिर चढ़ावा घोटाले पर भड़के मुकेश खन्ना:कहा- ये चोर, डाकू से भी ऊपर, भगवान को लूट रहे हैं; 8 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी

सीनियर एक्टर मुकेश खन्ना राम मंदिर में हुए चढ़ावा घोटाले पर भड़क गए हैं। उनका कहना है कि मंदिर में चोरी करने वाले चोर, डाकू या किसी बेइमान से भी ऊपर हैं। उन्होंने अपील की है कि भक्तों को मंदिर में चढ़ावा देना ही बंद कर देना चाहिए। मुकेश खन्ना ने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से लिखा है, ‘क्या आप जानते हैं, मंदिरों में आपका नकदी चढ़ावा, भगवान तक नहीं पहुंचता। बीच में कहीं खो जाता है। लूट मची पड़ी है। कहावत है ना, लूट सके तो लूट। और लूटने वाले यहां भरे पड़े हैं। मैंने एक बार कहा था- भरे पड़े हैं चोर, डाकू और बेईमान, फिर भी मेरा देश है महान। लेकिन इन चढ़ावा लूटने वालों को मैं क्या नाम दूं? चोर, डाकू या बेईमान? इनमें से कोई नहीं। क्योंकि ये इन सबसे ऊपर हैं। ये भक्तों को ही नहीं, भगवान को भी लूट रहे हैं।’ आगे उन्होंने लिखा, ‘मैं सिर्फ भक्तों को सलाह दूंगा कि- ना रहेगा बांस,ना बजेगी बांसुरी, वैसे ही- ना चढ़ेगा चढ़ावा, ना होगा घोटाला। सो चढ़ावा चढ़ाना बंद कीजिए। खास तौर पर पैसों और गहनों का। भगवान खुश होंगे।’ क्या है पूरा मामला? 7 जून को राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आया था। योगी सरकार के आदेश पर चढ़ावा चोरी की जांच के लिए SIT बनी। शुरुआती जांच में दान, चढ़ावे और प्रबंधन से जुड़े मामलों में अनियमितताओं के संकेत मिले। SIT की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने 8 नामजद आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा। इससे पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया। इसी बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के मुताबिक, मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव को भी मंदिर की व्यवस्था से बाहर कर दिया गया है।
राम मंदिर चढ़ावा घोटाले पर भड़के मुकेश खन्ना:कहा- ये चोर, डाकू से भी ऊपर, भगवान को लूट रहे हैं; 8 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी

सीनियर एक्टर मुकेश खन्ना राम मंदिर में हुए चढ़ावा घोटाले पर भड़क गए हैं। उनका कहना है कि मंदिर में चोरी करने वाले चोर, डाकू या किसी बेइमान से भी ऊपर हैं। उन्होंने अपील की है कि भक्तों को मंदिर में चढ़ावा देना ही बंद कर देना चाहिए। मुकेश खन्ना ने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से लिखा है, ‘क्या आप जानते हैं, मंदिरों में आपका नकदी चढ़ावा, भगवान तक नहीं पहुंचता। बीच में कहीं खो जाता है। लूट मची पड़ी है। कहावत है ना, लूट सके तो लूट। और लूटने वाले यहां भरे पड़े हैं। मैंने एक बार कहा था- भरे पड़े हैं चोर, डाकू और बेईमान, फिर भी मेरा देश है महान। लेकिन इन चढ़ावा लूटने वालों को मैं क्या नाम दूं? चोर, डाकू या बेईमान? इनमें से कोई नहीं। क्योंकि ये इन सबसे ऊपर हैं। ये भक्तों को ही नहीं, भगवान को भी लूट रहे हैं।’ आगे उन्होंने लिखा, ‘मैं सिर्फ भक्तों को सलाह दूंगा कि- ना रहेगा बांस,ना बजेगी बांसुरी, वैसे ही- ना चढ़ेगा चढ़ावा, ना होगा घोटाला। सो चढ़ावा चढ़ाना बंद कीजिए। खास तौर पर पैसों और गहनों का। भगवान खुश होंगे।’ क्या है पूरा मामला? 7 जून को राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आया था। योगी सरकार के आदेश पर चढ़ावा चोरी की जांच के लिए SIT बनी। शुरुआती जांच में दान, चढ़ावे और प्रबंधन से जुड़े मामलों में अनियमितताओं के संकेत मिले। SIT की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने 8 नामजद आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा। इससे पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया। इसी बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के मुताबिक, मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव को भी मंदिर की व्यवस्था से बाहर कर दिया गया है।
डोसा बैटर रेसिपी: इन नी से घर पर बिल्कुल असली बैटर, फिर तैयार होगा साउथ इंडियन क्रिस्पी डोसा, जानें आसान रेसिपी

26 जून 2026 को 23:13 IST पर अपडेट किया गया डोसा बैटर रेसिपी: डोसा एक ऐसी डिश है जो हर किसी को पसंद नहीं आती, लेकिन इसे बाहर कुरकुरा बनाना काफी मुश्किल होता है। इसके लिए सबसे जरूरी है बैटर को सही तरीके से तैयार करना। आइए इस स्टोरी में डोसा का बैटर बनाने के गुप्त तरीके बताए गए हैं। इसके साथ ही डोसा बैटर बनाने के लिए किसे-किसको किसी की जरूरत है। अनुसरण करना : 3 कप चावल (पुराने चावल की खुराक के लिए सबसे अच्छे होते हैं) 1 कप उड़द दाल 1 छोटा चम्मच मेथी दाना (इसकी खुराक में अच्छा स्वाद और रंग आता है) स्वाद नमक आवश्यकतानुसार पानी छवि: एआई सबसे पहले एक समुद्री मछली में चावल और मेथी दाना को अच्छी तरह से ढोकर अलग-अलग दाम पर बेचा जाता है। अन्य पोएट्री में उड़द दाल को भी अच्छी तरह धोकर कम से कम 5 से 6 घंटे के लिए सॉलने के लिए रख दें। छवि: एआई जब दाल और चावल अच्छे तरह से फूल हों, तो पोर्शन से एक्स्ट्रा पानी हटा दें। अब सबसे पहले उड़द दाल को धीरे-धीरे ठंडा पानी देते हुए मिक्सी में एकदम सही और फुल्फी तक पीस लें। छवि: एआई अब इसी तरह से चावल को भी पीस लें. चावल को बहुत ज्यादा नॉमिनल नहीं करना चाहिए, इसका प्रभाव सा दरदरा बनाए रखने से दोसा ज्यादा कुरकुरा बनता है। छवि: एआई अब एक बड़ी पोटली में पीसी हुई दाल और चावल के मिक्सचर को अच्छी तरह मिला लें। मिश्रण न बहुत कुछ होना चाहिए और न ही बहुत कम कीमत का होना चाहिए। छवि: एआई अब बैट इसर को किसी भी हॉट प्लेस पर 8 से 10 घंटे के लिए कस्टमाइज़ेशन फर्मेंटेशन के लिए छोड़ दें। जब बैटर फूलकर ऊपर आ जाए, तो इसमें स्वाद नमक मिला हुआ होता है। आपका डोसा बैटर बिल्कुल तैयार है। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 26 जून 2026 23:13 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)डोसा बैटर रेसिपी(टी)घर का बना डोसा बैटर(टी)परफेक्ट डोसा बैटर टिप्स(टी)क्रिस्पी डोसा बैटर(टी)दक्षिण भारतीय नाश्ता रेसिपी(टी)डोसा के लिए किण्वित बैटर







