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डायबिटीज मरीजों के लिए बढ़िया है ये चावल, 3 गुना ज्यादा प्रोटीन, जानें क्या है ये ‘डिजाइनर राइस’

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Last Updated:April 05, 2026, 17:58 IST डायबिटीज मरीजों के लिए अब चावल छोड़ना जरूरी नहीं हो सकता, क्योंकि नया “डिजाइनर राइस” सामने आया है, जिसमें सामान्य चावल से करीब 3 गुना ज्यादा प्रोटीन और कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स पाया जाता है, जो ब्लड शुगर कंट्रोल में मदद कर सकता है. आइए जानते हैं इसे थोड़ा डिटेल में… मधुमेह मरीजों के लिए फायदेमंद. डायबिटीज के मरीजों के लिए खानपान चुनना हमेशा चुनौती भरा होता है, खासकर जब बात चावल की हो. आम चावल जहां ब्लड शुगर तेजी से बढ़ा सकता है, वहीं अब एक ऐसा खास “डिजाइनर राइस” सामने आया है, जिसमें सामान्य चावल की तुलना में करीब 3 गुना ज्यादा प्रोटीन पाया जाता है. यह न सिर्फ पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद करता है, बल्कि ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में भी सहायक माना जा रहा है. ऐसे में यह चावल डायबिटिक मरीजों के लिए एक बेहतर और हेल्दी विकल्प बनकर उभर रहा है. डिजाइनर राइस दरअसल ऐसा चावल है, जिसे इस तरह प्रोसेस और फोर्टिफाई किया जाता है कि उसमें सामान्य चावल की तुलना में ज्यादा प्रोटीन, फाइबर और जरूरी पोषक तत्व मौजूद हों. यह खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है, जिन्हें ब्लड शुगर कंट्रोल में रखना होता है. आम चावल जहां जल्दी पचकर ब्लड शुगर बढ़ा सकता है, वहीं डिजाइनर राइस को इस तरह तैयार किया जाता है कि यह धीरे-धीरे पचता है और ग्लूकोज लेवल को अचानक बढ़ने नहीं देता. क्या है डिजाइनर राइस और कैसे बनता है?डिजाइनर राइस को बनाने के लिए वैज्ञानिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें चावल के दानों को पोषक तत्वों से समृद्ध किया जाता है. इसमें प्रोटीन की मात्रा को बढ़ाने के लिए दालों या अन्य पौधों से मिलने वाले प्रोटीन को मिलाया जाता है. कुछ मामलों में इसमें आयरन, जिंक और विटामिन्स भी जोड़े जाते हैं, जिससे यह एक संतुलित आहार का हिस्सा बन सके. इस तरह तैयार किया गया चावल देखने में सामान्य चावल जैसा ही होता है, लेकिन इसके पोषण गुण कहीं ज्यादा होते हैं. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 05, 2026, 17:57 IST

गर्मियों में हर दिन पिएं 1 गिलास सत्तू का शरबत, शरीर को होंगे ये अद्भुत फायदे

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Last Updated:April 05, 2026, 17:55 IST Benefits of drinking Sattu drink in summer: गर्मियों में मौसम में सत्तू का सेवन सेहत के लिए वरदान से कम नहीं होता है. काले चने को भूनकर और फिर इसे पीसकर सत्तू तैयार होता है. सत्तू में ढेरों पोषक तत्व मौजूद होते हैं. यह शरीर को भरपूर एनर्जी देने के साथ ही शरीर को अंदर से ठंडा रखता है. एक ग्लास सत्तू का शरबत पीने से आपका पेट ठंडा होगा. आप लू से बचे रहेंगे. गर्मियों में भरपूर एनर्जी मिलेगी. डिहाइड्रेशन से बचाव होगा. जानिए सत्तू का ड्रिंक पीने से सेहत को क्या-क्या फायदे होते हैं. सत्तू का शरबत शरीर के आंतरिक तापमान को कंट्रोल करता है. ये नेचुरल रूप से ही शीतलक होता है. सत्तू का शरबत पीने से शरीर अंदर से ठंडा रहता है. पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है. गर्मी से होने वाली थकावट से बचाव होता है. शरीर के अंग ठंडे रहते हैं. ये गर्म हवाओं, लू से शरीर को सुरक्षा प्रदान करता है. सत्तू का सेवन पाचन तंत्र के लिए बहुत ही हेल्दी माना गया है. ये नुचरल तरीके से पाचन क्रिया में सुधार करता है.सत्तू में अघुलनशील फाइबर काफी होता है, जिससे कब्ज की शिकायत नहीं होती है. जब आप इसे खाली पेट सुबह में पीकर घर से निकलते हैं तो दिन भर एनर्जेटिक तो रहते ही हैं, पेट और आंतों में जमा गंदगी भी अगली सुबह अच्छी तरह से साफ हो जाती है. सत्तू ड्रिंक प्राकृतिक रूप से मल त्याग को नियमित करता है. पेट संबंधित सभी समस्याओं से गर्मियों में बचाए रखता है. मांसपेशियों को रिपेयर करने में भी सत्तू ड्रिंक बेहद कारगर है. सत्तू प्लांट बेस्ड प्रोटीन का एक शक्तिशाली स्रोत है. जो लोग नॉनवेज नहीं खाते हैं, वे इसे अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं. प्रतिदिन एक गिलास सत्तू मांसपेशियों के रख-रखाव और टिशू की मरम्मत के लिए आवश्यक अमीनो एसिड प्रदान करता है. इससेये वर्कआउट के बाद एक बेहतर रिकवरी पेय पदार्थ बन जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google जिन लोगों को डायबिटीज है, उनके लिए भी सत्तू या इससे तैयार ड्रिंक बहुत ही फायदेमंद होती है. ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करता है सत्तू. इसमें मौजूद हाई फाइबर और लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) के कारण यह इंसुलिन लेवल में अचानक होने वाली बढ़ोतरी को रोकता है. इससे आप लॉन्ग-टर्म ब्लड शुगर लेवल को आसानी से मैनेज कर सकते हैं. यदि आपका वजन लगातार बढ़ रहा है तो आप सत्तू का सेवन कर सकते हैं. सत्तू के ड्रिंक को पी सकते हैं, इसमें फाइबर होने के कारण ये पेट को भरा रखता है देर तक, जिससे आप कुछ भी उल्टा-सीधा खाने से बचे रहते हैं. आपको जल्दी-जल्दी भूख नहीं लगती है. इसमें मौजूद विशेष प्रकार का फाइबर, तृप्ति (satiety)हार्मोन को एक्टिव करता है. यह ब्रेन को संकेत देता है कि आपका पेट भरा हुआ है. प्रतिदिन एक गिलास सत्तू पीने से जंक फूड खाने या भोजन के दौरान अधिक खाने की इच्छा स्वाभाविक रूप से कम हो जाती है. इससे आप अधिक कैलोरी इनटेक से बचते हैं, स्थायी रूप से वजन कम करना भी आसान हो जाता है. सत्तू का शरबत हार्ट को हेल्दी रखता है. कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करता है. जिन फूड्स में हाई फाइबर मौजूद होते हैं, वे पेट के साथ ही हृदय के लिए भी फायदेमंद होते है. सत्तू बैड कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) के स्तर को कम करने में मदद करता है. इसमें मौजूद पोटैशियम और मैग्नीशियम ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करते हैं, जिससे आप हार्ट डिजीज से बचे रह सकते हैं. दमकती त्वचा और मजबूत बालों के लिए भी सत्तू शरबत पी सकते हैं. इसमें आयरन और मैंगनीज काफी होते हैं. आयरन रक्त में ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ाता है, जिससे त्वचा में प्राकृतिक चमक आती है. एनीमिया के कारण होने वाली रूखेपन से बचाव होता है. इसमें मौजूद प्रोटीन और मिनरल्स बालों के फॉलिकल्स को अंदर से मजबूत बनाते हैं. इससे बालों का झड़ना कम हो जाता है. भुने हुए चने से बना सत्तू का शरबत बनाना बहुत ही आसान है. आप इसे सुबह घर से बाहर निकलने से पहले पिएं. बॉटल में भी रख सकते हैं. ये ड्रिंक एनर्जी बूस्टर की तरह काम करती है. इसे बनाने के लिए एक गिलास पानी में 2-3 चम्मच सत्तू पाउडर, चुटकीभर काला नमक, नींबू, भुना हुआ जीरा पाउडर मिला सकते हैं. कुछ लोग हरी मिर्ची, प्याज, टमाटर, धनिया और पुदीने की पत्तियां भी काटकर डालते हैं. इससे इसका स्वाद और पौष्टिक तत्व दोनों ही बढ़ जाते हैं. इसे पीकर आप दिन भर फ्रेश और कूल महसूस कर सकते हैं. First Published : April 05, 2026, 17:47 IST

अंडर-20 एथलेटिक्स मीट में देहरादून के आहिल और दीपांशु चैंपियन:प्रतियोगिता का हुआ समापन; नेशनल के लिए कर्नाटक जाएंगे होनहार एथलीट्स

अंडर-20 एथलेटिक्स मीट में देहरादून के आहिल और दीपांशु चैंपियन:प्रतियोगिता का हुआ समापन; नेशनल के लिए कर्नाटक जाएंगे होनहार एथलीट्स

महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के एथलेटिक्स ट्रैक पर चल रही दो दिवसीय उत्तराखंड स्टेट जूनियर अंडर-20 एथलेटिक्स प्रतियोगिता का रविवार को समापन हो गया। प्रतियोगिता के दूसरे और अंतिम दिन 18 इवेंट्स आयोजित किए गए। समापन समारोह में स्पोर्ट्स कॉलेज के प्रधानाचार्य राजेश ममगाई (मुख्य अतिथि) और ओलंपियन मनीष रावत (विशिष्ट अतिथि) ने विजेता एथलीट्स को मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया और उनका हौसला बढ़ाया। इस प्रतियोगिता में उत्तराखंड के सभी जिलों से कुल 134 होनहार एथलीट्स (92 बालक और 42 बालिकाओं) ने अपना दम-खम दिखाया। प्रतियोगिता की प्रमुख बातें दूसरे दिन के स्वर्ण पदक विजेता एथलीट्स अंतिम दिन ट्रैक और फील्ड में कई शानदार मुकाबले देखने को मिले। यहां देखें बालक और बालिका वर्ग में प्रथम स्थान (गोल्ड मेडल) प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों की सूची: कार्यक्रम में इनकी रही विशेष उपस्थिति: आयोजन को सफल बनाने में उत्तराखंड एथलेटिक संघ के अध्यक्ष संदीप शर्मा, संयुक्त सचिव भारत भूषण, कोषाध्यक्ष एम.सी. शाह, जिला फुटबाल संघ देहरादून के सचिव मोहम्मद उस्मान समेत मधुसूदन जोशी, गुलशन अली और सुनील शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।

सीहोर मंडी में 6 घंटे अघोषित कटौती पर चक्काजाम:नागरिक-व्यापारी सड़क पर उतरे; बोले- नए सब-स्टेशन के बाद भी नहीं सुधरी हालत

सीहोर मंडी में 6 घंटे अघोषित कटौती पर चक्काजाम:नागरिक-व्यापारी सड़क पर उतरे; बोले- नए सब-स्टेशन के बाद भी नहीं सुधरी हालत

सीहोर जिले के मंडी क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती से परेशान नागरिकों और व्यापारियों ने आज (रविवार) सीहोर-श्यामपुर मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका आरोप है कि कंपनी क्षेत्र में अत्यधिक बिजली कटौती कर रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मंडी क्षेत्र में पिछले कई दिनों से लगातार घोषित और अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। गर्मी के इस दौर में दिन और रात में कई-कई घंटों तक बिजली गुल रहती है। आज अघोषित कटौती का समय 6 घंटे से अधिक हो गया, जिससे लोगों का सब्र टूट गया। नागरिकों का कहना है कि बिजली विभाग से बार-बार आग्रह करने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। नए सब-स्टेशन से भी हालत में सुधार नहीं यह उल्लेखनीय है कि प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर ने 26 मार्च को मंडी में 2 करोड़ 79 लाख रुपए की लागत से 33/11 केवी विद्युत सब-स्टेशन का लोकार्पण किया था। तब उन्होंने कहा था कि इस सब-स्टेशन से क्षेत्र के नागरिकों को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलेगी और गर्मी में राहत मिलेगी। हालांकि, इसके विपरीत, मंडी क्षेत्र में बिजली का संकट और कटौती और बढ़ गई है।

गठिया का दर्द हो या फोड़े-फुंसी…हरी पत्तियों वाला ये पौधा सेहत के लिए वरदान, जानिए उपयोग का तरीका

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Last Updated:April 05, 2026, 17:09 IST Sudarshan Benefits : सुदर्शन का पौधा अपने औषधीय गुणों के लिए जगत विख्यात है. इसके पत्ते, जड़, तना और दूसरे हिस्से सेहत के लिए रामबाण हैं. लोकल 18 से बाराबंकी के चिकित्सक अमित वर्मा बताते हैं कि सुदर्शन में पाए जाने वाले ग्लूकेन, कार्बनिक अम्ल, सैपोनिन, अमीनो अम्ल और एल्कलॉइड जैसे पोषक तत्व कई गंभीर बीमारियों से बचाते हैं. सुदर्शन का पौधा घाव भरने में भी सहायक है. चर्म रोगों में सुदर्शन की पत्तियों का रस फायदेमंद है. सुदर्शन का पौधा अपने औषधीय गुणों के लिए काफी प्रसिद्ध है. यह पौधा आसानी से मिल जाता है. इसके पत्ते, जड़, तना और दूसरे हिस्से सेहत के लिए रामबाण हैं. आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में सुदर्शन पौधे का पारंपरिक उपयोग रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, शरीर को स्वस्थ रखने और कई सामान्य परेशानियों से राहत पाने के लिए किया जाता रहा है. जिला अस्पताल बाराबंकी के चिकित्सक डॉ. अमित वर्मा (एमडी मेडिसिन) बताते हैं कि सुदर्शन में भरपूर मात्रा में ग्लूकेन, कार्बनिक अम्ल, सैपोनिन, अमीनो अम्ल और एल्कलॉइड जैसे पोषक तत्व मौजूद हैं, जो हमें कई गंभीर बीमारियों से बचाते हैं. सुदर्शन के पत्तों को गर्म करके उस पर जैतून का तेल लगाकर घुटनों में बांधने से गठिया का दर्द दूर हो सकता है. दर्द को कम करने के लिए आप इसके पत्तों को हल्का गर्म करके प्रभावित हिस्से के आसपास रखकर सिकाई कर सकते हैं. ऐसा करने से सूजन भी कम हो सकती है. Add News18 as Preferred Source on Google डॉ. अमित वर्मा बताते हैं कि अधिक बुखार होने पर सुदर्शन के पत्तों का पाउडर 2 से 3 ग्राम शहद और गर्म पानी में मिलाकर सेवन करें. इससे बुखार में तुरंत राहत मिलती है. सुदर्शन का पौधा त्वचा के लिए भी बहुत लाभदायक है. इसके पत्तों के रस का प्रयोग किया जाता है. गर्मी के मौसम में त्वचा पर फोड़े, फुंसी, दाद, खाज, खुजली आदि परेशानियां होने लगती हैं, इन सभी परेशानियों को दूर करने में सुदर्शन का पौधा बहुत लाभदायक है. सुदर्शन का पौधा घाव भरने में भी सहायक है. चर्म रोगों में सुदर्शन की पत्तियों का रस फायदेमंद है. जिन लोगों को पाइल्स की वजह से खून आ रहा है या अधिक दर्द हो रहा है, ऐसे में सुदर्शन के ताजे पत्तों को पीसकर अर्श या बवासीर के मस्सों में लेप करने से लाभ होता है. जोड़ों पर लेप करने से होने वाले दर्द से राहत मिलती है. पेट के कीड़े खराब खानपान और जीवन शैली के चलते एक आम समस्या हो गई है. खासकर बच्चों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है. इस समस्या में सुदर्शन के पौधे के पत्तों का रस फायदा दे सकता है. सुदर्शन के पत्तों का रस पेट के कीड़े को खत्म करता है. First Published : April 05, 2026, 17:09 IST

प्रभास की फिल्म ‘फौजी’ के सेट से फोटो लीक:मेकर्स ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी, बोले- शेयर करने वालों पर होगा लीगल एक्शन

प्रभास की फिल्म ‘फौजी’ के सेट से फोटो लीक:मेकर्स ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी, बोले- शेयर करने वालों पर होगा लीगल एक्शन

प्रभास की आने वाली तेलुगू फिल्म ‘फौजी’ के सेट से कुछ तस्वीरें लीक हो गई हैं, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इसे देखते हुए फिल्म के मेकर्स ने नाराजगी जाहिर की है और लीक कंटेंट फैलाने वालों के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की है। प्रोडक्शन हाउस का कहना है कि जो भी इन तस्वीरों को सर्कुलेट करेगा, उसके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा। लीक से फिल्म के अनुभव पर पड़ रहा बुरा असर फिल्म ‘फौजी’ के ऑफिशियल X (ट्विटर) हैंडल से एक पोस्ट शेयर कर यूजर्स को आगाह किया गया है। मेकर्स ने लिखा, ‘हमें पता चला है कि कुछ अकाउंट सेट से लीक हुई तस्वीरें फैला रहे हैं। प्लीज इसे एक सख्त चेतावनी समझें- ऐसे किसी भी कंटेंट को रिपोर्ट किया जाएगा और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई की जाएगी।’ मेकर्स का मानना है कि इन लीक्स की वजह से उस ‘सिनेमैटिक एक्सपीरियंस’ पर बुरा असर पड़ता है, जिसे वे बड़ी सावधानी से तैयार कर रहे हैं। डायरेक्टर ने की अपील- जादू को खराब न करें फिल्म के डायरेक्टर हनु राघवपुडी ने भी सोशल मीडिया के जरिए प्रशंसकों से सहयोग मांगा है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘हमने फौजी में अपना दिल लगा दिया है ताकि दर्शकों को कुछ खास दे सकें। सभी से विनम्र निवेदन है कि प्लीज लीक के जरिए इसका जादू खराब न करें। आइए इसे उसी तरह अनुभव करें जैसे इसे होना चाहिए, यानी सिनेमाघरों में एक साथ।’ मेकर्स ने भरोसा दिलाया है कि बड़े पर्दे पर जो आने वाला है, वह लीक तस्वीरों से कहीं अधिक भव्य होगा। दशहरे पर रिलीज की योजना हालांकि अभी तक ‘फौजी’ की आधिकारिक रिलीज डेट का ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक मेकर्स इसे इसी साल दशहरे के मौके पर रिलीज करने की तैयारी कर रहे हैं। इस फिल्म में प्रभास के अपोजिट इमानवी नजर आएंगी। खास बात यह है कि फिल्म में जया प्रदा और मिथुन चक्रवर्ती भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। कल्कि-2 और स्पिरिट की तैयारी प्रभास आने वाले समय में ‘कल्कि 2898 AD’ के सीक्वल और ‘सलार’ पार्ट-2 में नजर आएंगे। इसके साथ ही उनकी चर्चित फिल्म ‘स्पिरिट’ 5 मार्च 2027 को रिलीज होगी। संदीप रेड्डी वांगा के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में प्रभास के साथ तृप्ति डिमरी लीड रोल में होंगी।

प्रभास की फिल्म ‘फौजी’ के सेट से फोटो लीक:मेकर्स ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी, बोले- शेयर करने वालों पर होगा लीगल एक्शन

प्रभास की फिल्म ‘फौजी’ के सेट से फोटो लीक:मेकर्स ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी, बोले- शेयर करने वालों पर होगा लीगल एक्शन

प्रभास की आने वाली तेलुगू फिल्म ‘फौजी’ के सेट से कुछ तस्वीरें लीक हो गई हैं, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इसे देखते हुए फिल्म के मेकर्स ने नाराजगी जाहिर की है और लीक कंटेंट फैलाने वालों के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की है। प्रोडक्शन हाउस का कहना है कि जो भी इन तस्वीरों को सर्कुलेट करेगा, उसके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा। लीक से फिल्म के अनुभव पर पड़ रहा बुरा असर फिल्म ‘फौजी’ के ऑफिशियल X (ट्विटर) हैंडल से एक पोस्ट शेयर कर यूजर्स को आगाह किया गया है। मेकर्स ने लिखा, ‘हमें पता चला है कि कुछ अकाउंट सेट से लीक हुई तस्वीरें फैला रहे हैं। प्लीज इसे एक सख्त चेतावनी समझें- ऐसे किसी भी कंटेंट को रिपोर्ट किया जाएगा और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई की जाएगी।’ मेकर्स का मानना है कि इन लीक्स की वजह से उस ‘सिनेमैटिक एक्सपीरियंस’ पर बुरा असर पड़ता है, जिसे वे बड़ी सावधानी से तैयार कर रहे हैं। डायरेक्टर ने की अपील- जादू को खराब न करें फिल्म के डायरेक्टर हनु राघवपुडी ने भी सोशल मीडिया के जरिए प्रशंसकों से सहयोग मांगा है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘हमने फौजी में अपना दिल लगा दिया है ताकि दर्शकों को कुछ खास दे सकें। सभी से विनम्र निवेदन है कि प्लीज लीक के जरिए इसका जादू खराब न करें। आइए इसे उसी तरह अनुभव करें जैसे इसे होना चाहिए, यानी सिनेमाघरों में एक साथ।’ मेकर्स ने भरोसा दिलाया है कि बड़े पर्दे पर जो आने वाला है, वह लीक तस्वीरों से कहीं अधिक भव्य होगा। दशहरे पर रिलीज की योजना हालांकि अभी तक ‘फौजी’ की आधिकारिक रिलीज डेट का ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक मेकर्स इसे इसी साल दशहरे के मौके पर रिलीज करने की तैयारी कर रहे हैं। इस फिल्म में प्रभास के अपोजिट इमानवी नजर आएंगी। खास बात यह है कि फिल्म में जया प्रदा और मिथुन चक्रवर्ती भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। कल्कि-2 और स्पिरिट की तैयारी प्रभास आने वाले समय में ‘कल्कि 2898 AD’ के सीक्वल और ‘सलार’ पार्ट-2 में नजर आएंगे। इसके साथ ही उनकी चर्चित फिल्म ‘स्पिरिट’ 5 मार्च 2027 को रिलीज होगी। संदीप रेड्डी वांगा के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में प्रभास के साथ तृप्ति डिमरी लीड रोल में होंगी।

सोहा अली पेरिमेनोपॉज के लक्षणों से हुई परेशान, इस हेल्दी ड्रिंक से कॉफी को किया रिप्लेस, शेयर की रेसिपी

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Last Updated:April 05, 2026, 16:56 IST Soha Ali Perimenopause Tips: 40 की उम्र के बाद महिलाओं में पेरिमेनोपॉज के लक्षण दिखना कॉमन है. लेकिन इससे कई बार लाइफ क्वालिटी इफेक्ट होने लगती है. हाल ही में एक्ट्रेस सोहा अली खान ने इसी प्रॉब्लम के बारे में सोशल मीडिया पर बात की. उन्होंने पेरिमेनोपॉज के लिए हेल्दी ड्रिंक की रेसिपी शेयर की है. ख़बरें फटाफट बॉलीवुड एक्ट्रेस सोहा अली खान 47 की उम्र में पेरिमेनोपॉज के लक्षणों का सामना कर रही हैं. इंस्टाग्राम पर एक्ट्रेस अक्सर अपने फैंस के साथ हेल्दी लाइफस्टाइल से जुड़े आसान और नेचुरल टिप्स शेयर करती रहती हैं. इसी कड़ी में हाल ही में उन्होंने पेरिमेनोपॉज के दौरान होने वाली परेशानियों और उनसे राहत पाने के एक आसान घरेलू ड्रिंक के बारे में बताया. सोहा ने बताया कि पहले वह सुबह उठते ही कॉफी पीती थीं, लेकिन पेरिमेनोपॉज के बाद खाली पेट कॉफी पीने से उन्हें दिक्कत होने लगी. इस दौरान शरीर में हार्मोन, खासकर एस्ट्रोजन में बदलाव आता है, जिससे एसिडिटी, पेट फूलना और कैफीन के प्रति संवेदनशीलता बढ़ सकती है. इसी वजह से उन्होंने अपनी सुबह की आदत बदल दी. दिन की शुरुआत कॉफी से नहीं…सोहा ने अपने पोस्ट में बताया कि अब वो अपने दिन की शुरुआत कॉफी से नहीं करती हैं. इसकी जगह वो एक हेल्दी ड्रिंक पी रही हैं. इसे गर्म पानी, नींबू, अदरक, चिया सीड्स और हल्दी को मिलाकर तैयार किया जाता है. उनका कहना है कि इस ड्रिंक से शरीर को हाइड्रेशन मिलता है, पाचन बेहतर होता है, पेट फूलना कम होता है और पूरे दिन ऊर्जा बनी रहती है. View this post on Instagram

दतिया के 25 गांवों में ओले-बारिश से फसल चौपट:रविवार को भी दिनभर बादल छाए रहे, नुकसान के आकलन के लिए सर्वे टीम बनाई

दतिया के 25 गांवों में ओले-बारिश से फसल चौपट:रविवार को भी दिनभर बादल छाए रहे, नुकसान के आकलन के लिए सर्वे टीम बनाई

दतिया के सेवढ़ा क्षेत्र में शनिवार शाम हुई तेज ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। शुरुआती आकलन में करीब 25 गांवों में फसलों को लगभग 100 प्रतिशत नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। सबसे ज्यादा असर गेहूं की तैयार खड़ी फसल पर पड़ा है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ना तय है। सेवढ़ा एसडीएम अशोक अवस्थी ने बताया कि, नुकसान के आकलन के लिए सर्वे दल गठित कर दिए गए हैं। टीमें मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही हैं और तीन दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को सौंपी जाएगी। उधर, रविवार को भी दिनभर बादल छाए रहे और मौसम में नमी बनी रही, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार, रात में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। गेहूं की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान कृषि विज्ञान केंद्र दतिया के कृषि वैज्ञानिक डॉ. विश्वनाथ कंसाना ने बताया कि इस समय हो रही बारिश से अब फसलों को कोई फायदा नहीं है, बल्कि नुकसान ही बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि जहां केवल बारिश हुई है, वहां गेहूं की कटाई में देरी होगी, लेकिन जिन क्षेत्रों में ओलावृष्टि हुई है, वहां दाने झड़ने की स्थिति बन गई है। तेज हवा और पानी के कारण फसल जमीन पर लेट गई है, जिससे दानों की गुणवत्ता प्रभावित होगी। डॉ. कंसाना के अनुसार, लगातार नमी और धूप की कमी के कारण गेहूं के दाने कमजोर पड़ेंगे और उनकी चमक खत्म हो जाएगी। इसका सीधा असर मंडियों में मिलने वाले भाव पर पड़ेगा। अनुमान है कि गेहूं के दाम में करीब 100 रुपए प्रति क्विंटल तक की गिरावट आ सकती है। सेवढ़ा के यह गांव हुए प्रभावित जोरी, रामपुरा, नहला, दाबनी, सिरसा, अटरा, बड़ोखरी, मलियापुरा, खंजापुरा, बस्तुरी, चीना, दिगुवा, देभई, मंगरोल, कसेरुआ, रुहेरा, किटाना, बघावली, थरेट, भगुवापुरा, डिरोलीपार, ग्यारा एवं सेवढ़ा से लगे इलाके शामिल है।

क्या आपके शरीर का एक हिस्सा हो रहा सुन्न? बोलने में हो रही है दिक्कत… तो तुरंत हो जाएं सतर्क, यह ब्रेन स्ट्रोक का संकेत हो सकता है जानलेवा

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Last Updated:April 05, 2026, 16:17 IST ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में न्यूरोसर्जरी प्रमुख डॉ. सुमित गोयल ने ब्रेन स्ट्रोक को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है. उन्होंने बताया कि शरीर के एक हिस्से में सुन्नपन, बोलने में दिक्कत और अचानक चक्कर आना स्ट्रोक के शुरुआती संकेत हो सकते हैं. ऐसी स्थिति में दिमाग की कोशिकाओं को ऑक्सीजन और पोषण नहीं मिल पाता और कुछ ही मिनटों में स्थायी क्षति शुरू हो सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि अक्सर लोग इसके शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसके कारण इलाज में देरी होती है और स्थिति गंभीर हो जाती है. ग्रेटर नोएडा: क्या आप जानते हैं कि आपके शरीर में होने वाली एक मामूली सी सुन्नपन या बोलने में हल्की सी लड़खड़ाहट किसी बड़े खतरे का संकेत हो सकती है? जिसे हम अक्सर थकान समझकर टाल देते हैं, वह असल में ‘ब्रेन स्ट्रोक’ जैसा जानलेवा हमला हो सकता है. चिकित्सा विज्ञान में इसे ऐसी इमरजेंसी माना जाता है जहाँ एक-एक सेकंड की कीमत मरीज की जिंदगी होती है. यथार्थ अस्पताल के न्यूरोसर्जरी प्रमुख डॉ. सुमित गोयल ने इस गंभीर बीमारी के प्रति आगाह करते हुए बताया है कि कैसे हमारी छोटी सी जागरूकता और समय पर लिया गया फैसला स्थायी विकलांगता और मौत के मुंह से किसी को बाहर निकाल सकता है. यथार्थ अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. सुमित गोयल ने बताया कि स्ट्रोक तब होता है जब दिमाग तक खून का प्रवाह अचानक रुक जाता है या किसी रक्त वाहिका के फटने से दिमाग के हिस्से को नुकसान पहुंचता है. ऐसी स्थिति में दिमाग की कोशिकाओं को ऑक्सीजन और पोषण नहीं मिल पाता और कुछ ही मिनटों में स्थायी क्षति शुरू हो सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि अक्सर लोग इसके शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसके कारण इलाज में देरी होती है और स्थिति गंभीर हो जाती है. ये हैं ब्रेन स्ट्रोक के शुरुआती संकेत1. शरीर के एक हिस्से में अचानक कमजोरी या सुन्नपन2. बोलने में दिक्कत या शब्दों का स्पष्ट उच्चारण न कर पाना3. अचानक चक्कर आना या संतुलन बिगड़ना4. आंखों से धुंधला दिखना समय पर इलाज क्यों जरूरी?उन्होंने बताया कि स्ट्रोक के मामलों में गोल्डन पीरियड बेहद अहम होता है. यदि मरीज को शुरुआती कुछ घंटों में इलाज मिल जाए, तो दिमाग को होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है. वहीं, देरी होने पर न केवल जान का खतरा बढ़ जाता है, बल्कि मरीज को स्थायी विकलांगता का सामना भी करना पड़ सकता है. डॉ. सुमित गोयल ने बताया कि स्ट्रोक पूरी तरह समय पर निर्भर बीमारी है. मरीज जितनी जल्दी चिकित्सा सुविधा तक पहुंचता है, उसके ठीक होने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है. शुरुआती लक्षणों को पहचानना और तुरंत इलाज शुरू करना बेहद जरूरी है, क्योंकि देरी होने पर दिमाग को होने वाला नुकसान स्थायी हो सकता है. उन्होंने कहा कि कई बार लोग हल्के लक्षणों को थकान या सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो बाद में गंभीर रूप ले लेते हैं. इसलिए किसी भी संदिग्ध लक्षण को हल्के में नहीं लेना चाहिए. युवाओं में भी बढ़ रहा खतराडॉ गोयल ने बताया कि पहले स्ट्रोक को बुजुर्गों की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब यह तेजी से युवाओं में भी देखने को मिल रहा है. इसके पीछे मुख्य कारण बदलती जीवनशैली, बढ़ता तनाव, धूम्रपान और अनियमित खानपान हैं. उन्होंने कहा कि हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याएं भी स्ट्रोक के खतरे को कई गुना बढ़ा देती हैं. यही वजह है कि कम उम्र के लोगों को भी नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहना चाहिए. कैसे करें बचाव?उन्होंने बताया कि स्ट्रोक से बचाव के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना बेहद जरूरी है. इसके लिए रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें, संतुलित और पौष्टिक आहार लें, धूम्रपान और अत्यधिक शराब से दूरी बनाएं,ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखें. About the Author Rahul Goel राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें Location : Greater Noida,Gautam Buddha Nagar,Uttar Pradesh First Published : April 05, 2026, 16:17 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.