भास्कर अपडेट्स:CBI ने आर्मी के कर्नल को 50 लाख रिश्वत केस में गिरफ्तार किया

CBI ने 50 लाख रुपए के रिश्वत मामले में सेना के एक कर्नल को गिरफ्तार किया है। अधिकारी कोलकाता में ईस्टर्न कमांड के तहत आर्मी ऑर्डनेंस कॉर्प्स में तैनात था। CBI के मुताबिक, कर्नल पर कानपुर की एक कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी करने का आरोप है। एजेंसी का दावा है कि अधिकारी ने टेंडर दिलाने, घटिया सैंपल मंजूर करने और लंबित व बढ़े हुए बिल पास कराने में मदद की। जांच एजेंसी के FIR के मुताबिक, कर्नल ने कारोबारी से लंबित रिश्वत रकम मांगी थी। कारोबारी ने नकदी की कमी की बात कही। इसके बाद अधिकारी ने कारोबारी के ड्राइवर को फोन कर रकम अपने एक परिचित तक पहुंचाने को कहा। 50 लाख रुपए की रिश्वत हवाला के जरिए पहुंचाई जानी थी।
गुजरात- किरायदार ने मकान मालिक से पत्नी-बेटी का रेप कराया:₹2000 किराया नहीं दे पाया तो समझौता किया, 2 आरोपी गिरफ्तार

गुजरात के मोरबी में किरायदार ने किरया नहीं चुका पाने पर मकान मालिक को अपनी पत्नी और नाबालिग बेटी के साथ रेप की इजाजत दे दी। पुलिस ने महिला की शिकायत पर शनिवार को किरायदार और मकान मालिक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, परिवार करीब छह महीने पहले काम की तलाश में मोरबी आया था। उन्होंने 2 हजार रुपए महीने पर किराए का घर लिया था। आर्थिक तंगी के कारण परिवार नियमित रूप से किराया नहीं दे पा रहा था। आरोप है कि मकान मालिक ने बकाया किराया माफ करने के बदले महिला से यौन संबंध बनाने की मांग की। पति इसके लिए तैयार हो गया। इसके बाद मकान मालिक ने महिला के साथ कई बार रेप किया। नाबालिग बेटी को भी प्रताड़ित किया किरायदार की पत्नी के बाद मकान मालिक ने उसकी नाबालिग बेटी को भी निशाना बनाया। किरायदार ने इसके लिए भी सहमति दे दी। आरोप है कि बच्ची को अलग-अलग जगहों पर ले जाकर मकान मालिक और एक अन्य आरोपी ने उसका यौन शोषण किया। यह सिलसिला पिछले छह महीने से चल रहा था। घटना की जानकारी जब महिला के पिता (बच्ची के नाना) को हुई, तो उन्होंने मोरबी ‘ए’ डिवीजन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। 2 आरोपी गिरफ्तार, तीसरे की तलाश मोरबी के डीएसपी जेएम आल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ‘ए’ डिवीजन पुलिस स्टेशन के पीआई वाईबी जडेजा और उनकी टीम ने दो मुख्य आरोपियों (पति और मकान मालिक) को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। तीसरे आरोपी की तलाश के लिए पुलिस टीम बनाई गई है। ——– ये खबर भी पढ़ें… केंद्रीय मंत्री बंदी संजय बोले-बेटे को पुलिस के हवाले किया:पुलिस बोली- सरेंडर नहीं, हमने पकड़ा; POCSO मामले में लुकआउट नोटिस जारी हुआ था केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने पॉक्सो केस में आरोपी बेटे बंदी भगीरथ को पुलिस को सौंप दिया है। बंदी संजय कुमार ने शनिवार को कहा कि कानून के सामने सभी बराबर हैं। पूरी खबर पढ़ें…
गुजरात- किरायदार ने मकान मालिक से पत्नी-बेटी का रेप कराया:₹2000 किराया नहीं दे पाया तो समझौता किया, 2 आरोपी गिरफ्तार

गुजरात के मोरबी में किरायदार ने किरया नहीं चुका पाने पर मकान मालिक को अपनी पत्नी और नाबालिग बेटी के साथ रेप की इजाजत दे दी। पुलिस ने महिला की शिकायत पर शनिवार को किरायदार और मकान मालिक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, परिवार करीब छह महीने पहले काम की तलाश में मोरबी आया था। उन्होंने 2 हजार रुपए महीने पर किराए का घर लिया था। आर्थिक तंगी के कारण परिवार नियमित रूप से किराया नहीं दे पा रहा था। आरोप है कि मकान मालिक ने बकाया किराया माफ करने के बदले महिला से यौन संबंध बनाने की मांग की। पति इसके लिए तैयार हो गया। इसके बाद मकान मालिक ने महिला के साथ कई बार रेप किया। नाबालिग बेटी को भी प्रताड़ित किया किरायदार की पत्नी के बाद मकान मालिक ने उसकी नाबालिग बेटी को भी निशाना बनाया। किरायदार ने इसके लिए भी सहमति दे दी। आरोप है कि बच्ची को अलग-अलग जगहों पर ले जाकर मकान मालिक और एक अन्य आरोपी ने उसका यौन शोषण किया। यह सिलसिला पिछले छह महीने से चल रहा था। घटना की जानकारी जब महिला के पिता (बच्ची के नाना) को हुई, तो उन्होंने मोरबी ‘ए’ डिवीजन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। 2 आरोपी गिरफ्तार, तीसरे की तलाश मोरबी के डीएसपी जेएम आल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ‘ए’ डिवीजन पुलिस स्टेशन के पीआई वाईबी जडेजा और उनकी टीम ने दो मुख्य आरोपियों (पति और मकान मालिक) को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। तीसरे आरोपी की तलाश के लिए पुलिस टीम बनाई गई है। ——– ये खबर भी पढ़ें… केंद्रीय मंत्री बंदी संजय बोले-बेटे को पुलिस के हवाले किया:पुलिस बोली- सरेंडर नहीं, हमने पकड़ा; POCSO मामले में लुकआउट नोटिस जारी हुआ था केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने पॉक्सो केस में आरोपी बेटे बंदी भगीरथ को पुलिस को सौंप दिया है। बंदी संजय कुमार ने शनिवार को कहा कि कानून के सामने सभी बराबर हैं। पूरी खबर पढ़ें…
'डार्लिंग तुम्हारे लिए पेपर आउट किया, आकर मिलो':लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने छात्रा को फोन कर दबाव बनाया; गिरफ्तार

लखनऊ यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर परमजीत सिंह (50) को पुलिस ने शुक्रवार रात गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि प्रोफेसर ने बीएससी फाइनल ईयर की छात्रा को फोन किया और छुट्टी से वापस आने का दबाव बनाया। कहा, ‘डार्लिंग, तुम्हारे लिए पेपर आउट करा दिया है। एग्जाम से पहले घर से आ जाओ। यहां पेपर तुम्हें दे देते हैं।’ फोन कटने पर छात्रा कहती है- ये मुझे बुला रहे हैं। मुझे पेपर नहीं चाहिए। मुझे फिर से मोलेस्ट (उत्पीड़न) करना चाहते हैं। आरोपी ने 14 और 15 मई की रात छात्रा को फोन किया। छात्रा ने बातचीत रिकॉर्ड कर ली और वायरल कर दी। शुक्रवार को ऑडियो सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और असिस्टेंट प्रोफेसर के खिलाफ जांच बैठाई। रात में पुलिस ने आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ हजरतगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने देर रात FIR दर्ज कर आरोपी प्रोफेसर को यूनिवर्सिटी कैंपस से पकड़ लिया। 4 साल से जूलॉजी डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर परमजीत बिजनौर के रहने वाले हैं। वह पत्नी और दो बेटियों के साथ लखनऊ में रहते हैं। मेन सब्जेक्ट और इलेक्टिव दोनों पेपर लीक का दावा प्रोफेसर ने फोन कॉल पर छात्रा से दावा किया कि कोर या मेन सब्जेक्ट और इलेक्टिव (वैकल्पिक विषय) दोनों पेपर लीक कर दिए हैं। बातचीत के दौरान प्रोफेसर छात्रा पर परीक्षा से पहले मिलने का दबाव बनाते सुनाई दे रहे हैं। हालांकि, छात्रा लगातार मिलने से इनकार करती सुनाई दे रही है। पढ़िए पहले ऑडियो की बातचीत… प्रोफेसर- बच्चा, मम्मा ठीक हैं? छात्रा- जी सर। सब ठीक है। प्रोफेसर- चलो अच्छा, कुछ भी अगर हेल्प चाहिए होगा तो बताना। KGMU और PGI में ज्यादातर डॉक्टर अपने जानने वाले हैं। ठीक है डार्लिंग… अगर आप कहोगे तो मैं खुद आ जाऊंगा। कोई फाइनेंशियल सपोर्ट चाहिए होगा, तो भी बताना। तुम्हारे लिए सब कुछ ओपन है। छात्रा- नहीं सर, कुछ ऐसी दिक्कत नहीं है। हो जाएगा सब काम। अभी थोड़ा घर पर भी देखना है। प्रोफेसर- नहीं बता दूंगा किस दिन मिलना होगा? कोर और इलेक्टिव दोनों पेपर मैंने तुम्हारे लिए आउट कर लिए हैं। छात्रा- नहीं सर, मैंने पढ़ तो लिया है। सिलैबस मेरा पूरा हो गया है। प्रोफेसर- अरे यार, मैंने तुम्हारे लिए पूरा पेपर निकालकर रख लिया। आ जाओ बस। छात्रा- पढ़ तो लिया है सर मैंने। प्रोफेसर- तो मिलने नहीं आओगी एक बार? छात्रा- सर, मम्मी को थोड़ा देख लें। इस चक्कर में घर में रुकना इंपॉर्टेंट है। प्रोफेसर- तो मुझे बताओ, कब तक आ जाओगी मिलने एक बार। छात्रा- सर, घर पर थोड़ा स्टेबल हो जाए प्रोफेसर- तो मतलब विदिन सेवन डेज? छात्रा- सर, एग्जाम्स हो जाएं तो फिर आते हैं प्रोफेसर- मिलने आ जाओ, दोनों पेपर आउट कर लिए हैं तुम्हारे लिए छात्रा- अच्छा मैं ट्राई करती हूं। घर पर देखती हूं, जिस दिन निकल पाऊंगी, वैसी ही आती हूं। प्रोफेसर- ट्राई नहीं, आना पड़ेगा आपको बिलकुल। ठीक है, 4 दिन के अंदर आ जाओ छात्रा- यस सर प्रोफेसर- ओके, ओके इसके बाद प्रोफेसर से छात्रा की बातचीत बंद हो जाती है। फिर छात्रा बोलती सुनाई दे रही है- तो यह आदमी मुझे बुला रहा है। मैं जाऊंगी नहीं। मुझे नहीं चाहिए पेपर। यह मुझे अपने ऑफिस बुला रहा है जिससे दोबारा मुझे मोलेस्ट (शोषण) कर सके। अब पढ़िए दूसरे ऑडियो की बातचीत असि. प्रोफेसर- पैर चूम के सब कुछ रेडी है। बस मुझे डिच मत करना। मिलना चाहोगी या नहीं? मुझे क्लियर कर दो। छात्रा- सर, मेरे को… बस घर की दिक्कत है बस। असि. प्रोफेसर- मत आओ। कितने दिन तक नहीं आओगी, मैं आपका वेट करूंगा। आपको पता है न कि मैं आपके साथ affectionated (फिदा) हूं। जब तक आप नहीं कहोगी मैं कॉल भी नहीं करूंगा आपको। मुझे बताओ कितने दिन बाद मिलने आओगी आप। छात्रा- मेरे पास घर की सिचुएशन है। मम्मी को देख रही हूं इसलिए कुछ कह नहीं सकती। असि. प्रोफेसर- मुझे डिच तो नहीं करोगी न? मैंने आपके लिए एमएससी, पीएचडी कोर्स को रेडी कर दिया है… स्टैनफोर्ड के अंदर भी। सबकुछ रेडी है तुम्हारे लिए… सबकुछ, सारा प्लेटफॉर्म, जो आप कहोगी, आपका पैर चूमकर सबकुछ रेडी है। मैं यह चाहता हूं कि जब मैं कॉल करूं तो कॉल उठा रही हो और आई एम फीलिंग वेरी गुड। छात्रा- जी सर असि. प्रोफेसर- जब कहोगी तभी कॉल करूंगा, बीच में कभी नहीं करूंगा। 15 दिन, 1 महीना, जब कहोगी तभी कॉल करूंगा। छात्रा- जी सर, जी सर असि. प्रोफेसर- … तो आप मिलने आओगी? तुम्हारे लिए दोनों पेपर आउट कर रखे हैं। Immuno genetics और genomics दोनों। छात्रा- जी सर, मैं घर पर थोड़ा देख लेती हूं। कल तक आपको बताती हूं। मेरे कल टर्म पेपर भी हैं। असि. प्रोफेसर- आप ही के लिए किया है। और किसी के लिए मैंने एफर्ट नहीं किया। केवल आपके लिए किया है। छात्रा- जी सर असि. प्रोफेसर- और आपको मतलब… आपको बहुत… प्यार… (थोड़ा रुकते हैं) आपको पता ही है मेरी फीलिंग तुम्हारे लिए क्या है। छात्रा- जी सर असि. प्रोफेसर- हां तो, मैं बहुत अटैच हूं तुम्हारे साथ इमोशनली छात्रा- जी सर असि. प्रोफेसर- सीरियसली मुझे डिच मत करना प्लीज छात्रा- जी सर, जी सर असि. प्रोफेसर- कब आओगी मुझे ये बता दो। 10 दिन के अंदर या 15 दिन छात्रा- सर, मैं कंफर्म नहीं कह सकती हूं। मुझे घर का भी देखना है और एग्जाम भी हैं। इस टाइम पर मैं समझ नहीं पा रही हूं असि. प्रोफेसर- मैं ये मानकर चल रहा हूं कि आप 10 दिन के अंदर आ जाओगी। जब मैं कॉल करूं तो आप आ जाना। छात्रा- ओके सर यूनिवर्सिटी के प्रवक्ता बोले- सख्त कार्रवाई की जाएगी यूनिवर्सिटी के प्रवक्ता प्रो. मुकुल श्रीवास्तव ने बताया, मामले को गंभीरता से संज्ञान में लिया। इस संबंध में जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जूलॉजी डिपार्टमेंट की हेड प्रो.अमिता कनौजिया ने कहा- ऑडियो संज्ञान में आया है। मैंने भी सुना है। आवाज उन्हीं प्रोफेसर की लग रही है। परीक्षा नियंत्रक ने पुलिस को शिकायत दी लखनऊ यूनिवर्सिटी के चीफ प्रॉक्टर प्रो.राकेश द्विवेदी ने बताया- ऑडियो सामने आने के बाद परीक्षा नियंत्रक की तरफ से आरोपी
अमृतसर एयरपोर्ट पर यात्री से ₹2.58 करोड़ का सोना बरामद:कड़ा-बिस्किट के रूप में छिपाया गोल्ड, कुआलालंपुर जा रहा था; कस्टम विभाग ने किया गिरफ्तार

अमृतसर के श्री गुरु राम दास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपए का सोना बरामद किया है। जानकारी के मुताबिक मलेशिया एयरलाइंस की फ्लाइट MH-119 से कुआलालंपुर जा रहे एक यात्री को शक के आधार पर रोका गया। इसके बाद कस्टम अधिकारियों ने यात्री की गहन जांच की। यात्री की व्यक्तिगत तलाशी और उसके सामान की बारीकी से जांच की गई। इस दौरान अधिकारियों को 24 कैरेट सोना मिला, जिसे बेहद चालाकी से छिपाकर रखा गया था। बरामद सोना कड़ा और गोल्ड बिस्किट के रूप में था। कस्टम विभाग के अनुसार जब्त किए गए सोने का कुल वजन 1 किलो 676 ग्राम है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ 58 लाख रुपए बताई जा रही है। कस्टम विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पूरे सोने को कस्टम एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत जब्त कर लिया। वहीं आरोपी यात्री को गिरफ्तार कर लिया गया है। अधिकारियों ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि सोना कहां से लाया गया था और इसे किसे सौंपा जाना था। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर सुरक्षा और निगरानी सख्त प्रारंभिक जांच में यह मामला सोने की तस्करी से जुड़ा माना जा रहा है। कस्टम विभाग अब इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गया है। अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के जरिए सोने की तस्करी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिसके चलते एयरपोर्ट पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया गया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
केंद्रीय मंत्री बंदी के बेटे की गिरफ्तारी पर रोक नहीं:POCSO केस में कोर्ट ने अंतरिम जमानत पर फैसला टाला; नाबालिग से सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप

तेलंगाना हाईकोर्ट ने POCSO केस में केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी बागीरथ की गिरफ्तारी पर रोक नहीं लगाई। उनकी अंतरिम अग्रिम जमानत याचिका पर अब अगली वेकेशन कोर्ट में आदेश आएगा। जस्टिस टी माधवी देवी ने शुक्रवार शाम याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई करीब आधी रात तक चली। बागीरथ के वकील ने आदेश आने तक गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की, लेकिन कोर्ट ने इनकार कर दिया। 8 मई को 17 साल की लड़की की मां की शिकायत पर बागीरथ के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। शिकायत के मुताबिक, बागीरथ ने लड़की को सेक्सुअल हैरेसमेंट किया। पीड़िता का बयान के बाद POCSO एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं। कोर्ट में दोनों पक्षों ने क्या कहा… पीड़ित पक्ष- आरोपी का परिवार प्रभावशाली है, इससे सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका है। आरोपी को कोई राहत न दी जाए। बचाव पक्ष: अदालत के पास अंतिम सुनवाई तक अंतरिम जमानत देने का अधिकार है। शिकायतकर्ता ने खुद माना है कि उनकी बेटी 2025 से आरोपी के साथ रिश्ते में थी। लड़की के परिवार ने शादी का दबाव बनाया था। 50 हजार रुपए लेने के बाद 5 करोड़ रुपए मांगे और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। सुनवाई शुरू होने से पहले जज ने कहा- सोशल मीडिया पर मेरे खिलाफ दुष्प्रचार अभियान चलाया गया, इससे मुझे पीड़ा हुई है। नाबालिग से सात-आठ महीने से संपर्क में थे भागीरथ दरअसल, नाबालिग की मां का आरोप है कि भागीरथ उनकी बेटी के साथ रिलेशनशिप में था और इस दौरान उसका यौन उत्पीड़न किया। पुलिस के मुताबिक दोनों पिछले सात-आठ महीनों से संपर्क में थे। हालांकि भागीरथ ने आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने तेलंगाना के करीमनगर में हनी ट्रैप और उगाही की शिकायत दर्ज कराई है। मंत्री के PRO की ओर से जारी बयान में दावा किया गया कि एक महिला ने अपनी बेटी के जरिए भागीरथ को फंसाने की कोशिश की और बाद में बड़ी रकम मांगकर ब्लैकमेल किया। बयान में यह भी दावा किया गया कि महिला अपनी बेटी की उम्र गलत बता रही है। बंदी संजय ने कहा था- अगर बेटा दोषी है तो उसे सजा मिले केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार ने अपने बेटे भागीरथ पर दर्ज POCSO केस को लेकर कहा था कि अगर उनका बेटा दोषी पाया जाता है तो उसे सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून के सामने सभी बराबर हैं और वह बेटे का बचाव नहीं कर रहे। KTR ने बंदी संजय के इस्तीफे की मांग की इस मामले को लेकर BRS नेता केटी रामा राव (KTR) ने तेलंगाना पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पीड़िता के साथ अन्याय हो रहा है और BJP की ‘बेटी बचाओ’ मुहिम पर सवाल उठाए। KTR ने मांग की कि केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार या तो इस्तीफा दें या उन्हें पद से हटाया जाए। KTR ने आरोप लगाया कि मंत्री के बेटे के खिलाफ कार्रवाई में देरी हुई और पूछा कि क्या कानून में उन्हें कोई विशेष छूट दी गई है। हैदराबाद में खैरताबाद बस स्टैंड पर केंद्रीय राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी भागीरथ को लेकर पोस्टर लगाए गए हैं। पोस्टरों में दावा किया गया है कि POCSO केस में आरोपी बंदी भागीरथ लापता है। ———– ये कॉपी भी पढ़ें… केंद्रीय मंत्री बंदी संजय के बेटे पर POCSO केस:नाबालिग से सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप; अग्रिम जमानत याचिका लगाई, कहा- हनी ट्रैप की कोशिश हुई भाजपा सरकार में केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार के 25 साल के बेटे साई भागीरथ पर 17 साल की एक लड़की के सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप लगा है। नाबालिग की मां ने 8 मई को तेलंगाना के हैदराबाद में POCSO एक्ट के तहत उनके खिलाफ केस दर्ज कराया था। पूरी कॉपी पढ़ें…
केंद्रीय मंत्री बंदी के बेटे की गिरफ्तारी पर रोक नहीं:POCSO केस में कोर्ट ने अंतरिम जमानत पर फैसला टाला; नाबालिग से सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप

तेलंगाना हाईकोर्ट ने POCSO केस में केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी बागीरथ की गिरफ्तारी पर रोक नहीं लगाई। उनकी अंतरिम अग्रिम जमानत याचिका पर अब अगली वेकेशन कोर्ट में आदेश आएगा। जस्टिस टी माधवी देवी ने शुक्रवार शाम याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई करीब आधी रात तक चली। बागीरथ के वकील ने आदेश आने तक गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की, लेकिन कोर्ट ने इनकार कर दिया। 8 मई को 17 साल की लड़की की मां की शिकायत पर बागीरथ के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। शिकायत के मुताबिक, बागीरथ ने लड़की को सेक्सुअल हैरेसमेंट किया। पीड़िता का बयान के बाद POCSO एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं। कोर्ट में दोनों पक्षों ने क्या कहा… पीड़ित पक्ष- आरोपी का परिवार प्रभावशाली है, इससे सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका है। आरोपी को कोई राहत न दी जाए। बचाव पक्ष: अदालत के पास अंतिम सुनवाई तक अंतरिम जमानत देने का अधिकार है। शिकायतकर्ता ने खुद माना है कि उनकी बेटी 2025 से आरोपी के साथ रिश्ते में थी। लड़की के परिवार ने शादी का दबाव बनाया था। 50 हजार रुपए लेने के बाद 5 करोड़ रुपए मांगे और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। सुनवाई शुरू होने से पहले जज ने कहा- सोशल मीडिया पर मेरे खिलाफ दुष्प्रचार अभियान चलाया गया, इससे मुझे पीड़ा हुई है। नाबालिग से सात-आठ महीने से संपर्क में थे भागीरथ दरअसल, नाबालिग की मां का आरोप है कि भागीरथ उनकी बेटी के साथ रिलेशनशिप में था और इस दौरान उसका यौन उत्पीड़न किया। पुलिस के मुताबिक दोनों पिछले सात-आठ महीनों से संपर्क में थे। हालांकि भागीरथ ने आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने तेलंगाना के करीमनगर में हनी ट्रैप और उगाही की शिकायत दर्ज कराई है। मंत्री के PRO की ओर से जारी बयान में दावा किया गया कि एक महिला ने अपनी बेटी के जरिए भागीरथ को फंसाने की कोशिश की और बाद में बड़ी रकम मांगकर ब्लैकमेल किया। बयान में यह भी दावा किया गया कि महिला अपनी बेटी की उम्र गलत बता रही है। बंदी संजय ने कहा था- अगर बेटा दोषी है तो उसे सजा मिले केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार ने अपने बेटे भागीरथ पर दर्ज POCSO केस को लेकर कहा था कि अगर उनका बेटा दोषी पाया जाता है तो उसे सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून के सामने सभी बराबर हैं और वह बेटे का बचाव नहीं कर रहे। KTR ने बंदी संजय के इस्तीफे की मांग की इस मामले को लेकर BRS नेता केटी रामा राव (KTR) ने तेलंगाना पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पीड़िता के साथ अन्याय हो रहा है और BJP की ‘बेटी बचाओ’ मुहिम पर सवाल उठाए। KTR ने मांग की कि केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार या तो इस्तीफा दें या उन्हें पद से हटाया जाए। KTR ने आरोप लगाया कि मंत्री के बेटे के खिलाफ कार्रवाई में देरी हुई और पूछा कि क्या कानून में उन्हें कोई विशेष छूट दी गई है। हैदराबाद में खैरताबाद बस स्टैंड पर केंद्रीय राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी भागीरथ को लेकर पोस्टर लगाए गए हैं। पोस्टरों में दावा किया गया है कि POCSO केस में आरोपी बंदी भागीरथ लापता है। ———– ये कॉपी भी पढ़ें… केंद्रीय मंत्री बंदी संजय के बेटे पर POCSO केस:नाबालिग से सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप; अग्रिम जमानत याचिका लगाई, कहा- हनी ट्रैप की कोशिश हुई भाजपा सरकार में केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार के 25 साल के बेटे साई भागीरथ पर 17 साल की एक लड़की के सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप लगा है। नाबालिग की मां ने 8 मई को तेलंगाना के हैदराबाद में POCSO एक्ट के तहत उनके खिलाफ केस दर्ज कराया था। पूरी कॉपी पढ़ें…
इस राज्य की विधानसभा में हुआ अवैध मतदान! 10 विदेशी नागरिक गिरफ़्तार, जानें ताज़ा अपडेट

चेन्नई पुलिस ने हाल ही में तेलुगू तेलेबा जिले में फर्जी तरीके से पहचान कर अवैध रूप से मत डालने के आरोप में चार महिलाओं समेत 10 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने स्कूल को यह जानकारी दी. एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 23 अप्रैल को चुनावों के बाद देश वापसी की कोशिश करते समय चेन्नई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आव्रजन अधिकारियों ने इन बयानों पर रोक लगा दी। इसे भी पढ़ें: विक्ट्री पार्टी टीवीके के नेता का बयान वायरल, कहा- ‘हम विश्वास के खिलाफ…’ डॉक्यूमेंट्री में कहा गया है कि जांच से पता चला है कि विदेशी नागरिकता और भारतीय नागरिक बने रहने के बावजूद, तीसरे ने कथित तौर पर अवैध रूप से फ्रैंचाइज़ी का इस्तेमाल राज्य के विभिन्न देशों में रहने के लिए किया था। अवरजन अधिकारियों द्वारा ग्रेटर सिटी पुलिस कमिश्नर कार्यालय में शिकायत दर्ज करने के बाद, केंद्रीय अपराध शाखा और स्थानीय पुलिस इकाइयों द्वारा सात से 14 मई के बीच मामले दर्ज किए गए। बयान में कहा गया है कि सभी चार पक्षों पर कानूनी कार्यवाही अदालत में पेश की गई है। यह भी पढ़ें: तमिलनाडु के सीएम ने ही लिखी थी पीएम मोदी की अपील, जानिए क्या है अपील
विधानसभा चुनाव के बाद कोलकाता पुलिस ने गर्गा चटर्जी को गिरफ्तार कर लिया, लगाया ये ‘गंभीर’ आरोप

कोलकाता पुलिस ने मंगलवार को ‘बांग्ला पोक्खो’ के नेता गर्गा चटर्जी को हाल ही में बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के बारे में गलत सूचना देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि कोलकाता पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने तब गिरफ्तार किया था जब उन्होंने चुनावी अवधि के दौरान पोस्ट को लेकर नामांकन के अपने रिश्ते में दो समन को कथित तौर पर अंजाम दिया था। पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई चुनाव अधिकारियों की पार्टियों के खिलाफ की गई, जिसमें आरोप लगाया गया कि चटर्जी के पोस्ट की जानकारी को फैलाया गया और मतदान प्रक्रिया में अविश्वास पैदा हुआ। कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंद ने लाल बाजार में सुपरमार्केट को बताया, ” उनकी शिकायत के खिलाफ कोलकाता उत्तर के जिला विद्युत अधिकारी (डीआईओ) ने प्रवेश किया जिसके बाद साइबर प्लाजा ने कार्रवाई शुरू की। इस मामले में उन्हें दो बार तलब किया गया था लेकिन वह पेश नहीं हुए और इसी वजह से उन्हें आज गिरफ्तार कर लिया गया।” नंदा ने कहा कि पुलिस ने चटर्जी द्वारा कथित तौर पर विभिन्न समूहों के मॉडल बनाने और विभाजनकारी विचारों को बढ़ावा देने वाली कई सोशल मीडिया पोस्ट का भी स्मारकीय रूप से प्रचार करने का आरोप लगाया है। कमिश्नर ने कहा, ‘पुलिस ने स्वचालित रिकार्डिंग पर भी कार्रवाई की है। उन्होंने बार-बार सोशल मीडिया पर विभिन्न समूहों से संबंधित सामग्री पोस्ट की। इन पोस्ट में डिवाइडकारी मोबाइल्स वाले और इससे जुड़े रिलेटेड क्रिएटिव भी दर्ज किए जा रहे हैं।’ सूत्रों के अनुसार, चटर्जी को बुधवार को अदालत में पेश किया जा सकता है और पुलिस उनकी निर्धारित मांग के बारे में पूछताछ कर सकती है। यह वीडियो सोशल मीडिया पोस्ट और पब्लिक बार के माध्यम से बार-गायक के काम और भारत निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाता है। चुनाव के बाद राजनीतिक रूप से सबसे प्रभावशाली के रूप में यह अपवित्र महत्वपूर्ण है। ‘बांग्ला पोक्खो’ राष्ट्रवादी विचारधारा का पैरोकार संगठन है।
बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत को ED ने गिरफ्तार किया:नगर निगम में अवैध भर्ती का आरोप; 150 लोगों को नौकरी दिलाई, पैसे-फ्लैट लिए

पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और TMC नेता सुजीत बोस को नगर निगम भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को अरेस्ट किया। सुजीत अपने बेटे समुद्र बोस के साथ सुबह करीब 10:30 बजे ED ऑफिस पहुंचे थे। उनसे करीब 10 घंटे पूछताछ की गई, फिर रात को गिरफ्तार कर लिया गया। सुजीत बोस पर 2014-2018 के बीच साउथ दमदम नगर निगम में करीब 150 लोगों की अवैध भर्ती कराने का आरोप है। सुजीत ने इसके बदले पैसे और फ्लैट लिए थे। सुजीत उस वक्त दमदम नगर पालिका के उपाध्यक्ष थे। बिधाननगर से तीन बार के विधायक रहे सुजीत बोस हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के शरदवत मुखर्जी से 37,000 से अधिक वोटों के अंतर से हार गए थे। 11 दिन में दो बार पूछताछ, फिर गिरफ्तारी सुजीत बोस को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान ED के कई नोटिस मिले। जिनमें से एक 6 अप्रैल को मिला था, जिस दिन नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। उन्होंने पहले कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और चुनाव प्रचार में अपनी व्यस्तता का हवाला देते हुए ED के सामने पेश होने से छूट मांगी थी। चुनावों के बाद बोस 1 मई को CGO कॉम्प्लेक्स में ED अधिकारियों के सामने पेश हुए। 11 दिन बाद दोबारा पेशी में सुजीत को अरेस्ट कर लिया गया। कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देशों पर CBI की तरफ से FIR दर्ज किए जाने के बाद ED ने दो जनवरी 2024 और अक्टूबर 2025 में सुजीत बोस के ठिकानों पर छापेमारी की। क्या है नगर निगम भर्ती घोटाला, कैसे खुलासा हुआ यह मामला 2014 से 2018 के बीच पश्चिम बंगाल की विभिन्न नगर पालिकाओं में भर्ती अनियमितताओं से जुड़ा है। इसका खुलासा तब हुआ जब ED ने प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच शुरू की। 2023 में शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच के दौरान, ED ने TMC के सहयोगी अयान सिल और अन्य लोगों से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी ली। जिसमें आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल सबूत बरामद हुए। एजेंसी को जांच में पता चला कि ये घोटाला केवल शिक्षक भर्ती तक ही सीमित नहीं था, बल्कि साउथ दम दम और अन्य नगर निगम सहित कई नगरपालिका नियुक्तियों में अनियमितताओं तक भी फैला हुआ था। यह भर्ती मजदूर, सफाईकर्मी, क्लर्क, चपरासी, एम्बुलेंस अटेंडेंट, सहायक मिस्त्री, पंप ऑपरेटर, हेल्पर, सैनिटरी सहायक और ड्राइवर जैसे पदों के लिए थी। ED ने आगे आरोप लगाया कि विभिन्न नगर निगम से जुड़े ठेके एक ही कंपनी – M/s ABS Infozon Pvt Ltd – को दिए गए थे, जिसमें अयान सिल एक निदेशक थे। जांचकर्ताओं ने यह भी दावा किया कि सिल ने सरकारी कर्मचारियों, राजनीतिक नेताओं और अन्य निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर साजिश रची और पैसे के बदले अयोग्य उम्मीदवारों की अवैध नियुक्ति में मदद की। —————————-









