शाहरुख खान ने फिल्म सूबेदार की तारीफ की:अनिल कपूर की एक्टिंग को लेकर कहा-वे हर किरदार में अपना पूरा दम लगा देते हैं

बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान ने शनिवार को अनिल कपूर स्टारर फिल्म ‘सूबेदार’ को लेकर प्रतिक्रिया दी। फिल्म की तारीफ करते हुए उन्होंने अनिल कपूर के अभिनय को प्रभावी बताया। बता दें कि ‘सूबेदार’ 5 मार्च को अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई है। शाहरुख खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “सूबेदार पूरी तरह से एंजॉय की। पर हमेशा भरोसा किया जा सकता है कि वे हर रोल में अपना पूरा दम लगा देते हैं। उनका शांत लेकिन प्रभावी अभिनय प्रेरणादायक है और एक्शन भी बहुत शानदार है। आदित्य रावल, सौरभ शुक्ला, मोना सिंह, फैजल मलिक, राधिका मदान, हर किरदार को अलग-अलग स्टाइल में बनाया गया है और आप सभी ने शानदार काम किया है। सुरेश त्रिवेणी और पूरी टीम को बहुत-बहुत बधाई और ढेर सारा प्यार।” फिल्म को लेकर इंडस्ट्री के अन्य लोगों ने भी प्रतिक्रिया दी है। फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए लिखा कि ‘सूबेदार’ को सिनेमाघरों में रिलीज होना चाहिए था। उनके अनुसार फिल्म को बड़े पर्दे के लिए अनामॉर्फिक फॉर्मेट में शूट किया गया है। उन्होंने यह भी लिखा कि डायरेक्टर सुरेश त्रिवेणी ने बुंदेलखंड और चंबल के माहौल को दिखाया है, जहां पितृसत्ता और सामाजिक ढांचे की झलक मिलती है। ‘सूबेदार’ की कहानी रिटायर्ड सैनिक अर्जुन मौर्य (अनिल कपूर) के इर्द-गिर्द घूमती है। मध्य प्रदेश की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म में दिखाया गया है कि घर लौटने के बाद वह सामान्य जीवन में ढलने की कोशिश करता है। साथ ही वह अपने इलाके में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई भी लड़ता है। फिल्म में अर्जुन मौर्य की बेटी श्यामा का किरदार राधिका मदान ने निभाया है। कहानी में अर्जुन अपनी मिलिट्री ट्रेनिंग का उपयोग कर परिवार की रक्षा करता है। अनिल कपूर और राधिका मदान के अलावा फिल्म में खुशबू सुंदर, सौरभ शुक्ला, आदित्य रावल, मोना सिंह और फैसल मलिक भी अहम भूमिकाओं में हैं।
तलाक विवाद पर थलापति विजय का पहला रिएक्शन:कहा- जो दिक्कत है, उसकी चिंता मत करिए, मैं इसे संभाल लूंगा, आप ये बोझ न लें

साउथ एक्टर और राजनेता थलापति विजय इन दिनों तलाक के चलते विवादों में हैं। उनकी पत्नी ने एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का आरोप लगाते हुए तलाक की अर्जी दी है और अब एलीमनी की भी चर्चा है। इसी बीच एक्टर ने पहली बार इस पूरे विवाद पर पब्लिकली बात की है। उन्होंने फैंस से कहा है कि उनकी निजी जिंदगी में चल रहीं समस्याएं वो खुद हल कर लेंगे, इसमें समय बर्बाद करने की जरुरत नहीं है। थलापति विजय हाल ही में चेन्नई में अपनी पॉलिटिकल पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम के महिला दिवस इवेंट में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद सभी फैंस को संबोधित करते हुए तलाक के विवाद पर कहा, “हाल ही में मेरे आसपास जो समस्याएं चल रही हैं, प्लीज उनकी चिंता मत कीजिए। वे बातें आपके समय के लायक नहीं हैं। मैं उन्हें खुद संभाल लूंगा।” आगे एक्टर ने कहा, “मुझे सबसे ज्यादा दुख तब होता है जब मैं देखता हूं कि मेरी वजह से आप उदास या परेशान हो जाते हैं। कृपया मेरी समस्याओं का बोझ अपने ऊपर मत लीजिए।” शादी के 26 साल बाद पत्नी ने मांगा तलाक थलापति विजय की पत्नी संगीता सोरनालिंगम ने हाल ही में तलाक की अर्जी दी है। उन्होंने आरोप लगाए हैं कि विजय का एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर चल रहा है, जो उनके तलाक की वजह है। तलाक की खबरों के बीच रूमर्ड गर्लफ्रेंड के साथ दिखे एक्टर थलापति विजय का नाम लंबे समय से साउथ एक्ट्रेस त्रिषा के साथ जोड़ा जा रहा है। तलाक की खबरें सामने आने के बाद विजय, त्रिषा के साथ एक शादी में पहुंचे। दोनों ने साथ एंट्री लीं और साथ तस्वीरें क्लिक करवाईं, जिससे उनके रिलेशनशिप की खबरें और बढ़ चुकी हैं।
‘भाजपा देश की सर्वोच्च कुर्सी का दुरुपयोग कर रही है’: राष्ट्रपति विवाद को लेकर ममता बनर्जी ने केंद्र पर हमला बोला | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 08, 2026, 10:58 IST राष्ट्रपति मुर्मू ने सवाल किया था कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनका स्वागत क्यों नहीं किया और कार्यक्रम स्थल में बदलाव और कार्यक्रम में कम भीड़ की ओर भी इशारा किया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (छवि: पीटीआई) द्रौपदी मुर्मू द्वारा सिलीगुड़ी दौरे के दौरान व्यवस्थाओं पर चिंता जताए जाने के बाद राज्य विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्र के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र और भारतीय जनता पार्टी पर देश के सर्वोच्च पद का अपमान करने और राजनीतिक उद्देश्यों के लिए दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। राष्ट्रपति ने सवाल किया था कि मुख्यमंत्री ने उनका स्वागत क्यों नहीं किया और कार्यक्रम स्थल में बदलाव और कार्यक्रम में कम भीड़ की ओर भी इशारा किया। ममता ने क्या कहा? एक सोशल मीडिया पोस्ट में, सीएम बनर्जी ने कहा कि जिला प्रशासन ने पहले ही कार्यक्रम के लिए चुने गए स्थल की व्यवस्थाओं पर चिंता व्यक्त कर दी थी। सिलीगुड़ी में 9वें अंतरराष्ट्रीय आदिवासी संताल सम्मेलन के लिए निजी संस्था इंटरनेशनल संताल काउंसिल की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. बनर्जी ने कहा कि उन्नत सुरक्षा संपर्क के बाद, जिला प्रशासन ने राष्ट्रपति सचिवालय को लिखित रूप में सूचित किया कि आयोजक अपर्याप्त रूप से तैयार दिखाई दे रहा है। फोन पर भी चिंता से अवगत कराया गया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति सचिवालय की अग्रिम टीम ने 5 मार्च, 2026 को दौरा किया और उन्हें व्यवस्थाओं की कमी के बारे में बताया गया, लेकिन कार्यक्रम निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहा। मुख्यमंत्री कहते हैं, ‘कोई प्रोटोकॉल चूक नहीं।’ ममता बनर्जी ने कहा कि राष्ट्रपति के सचिवालय द्वारा साझा किए गए अनुमोदित लाइनअप के अनुसार सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर, दार्जिलिंग के जिला मजिस्ट्रेट और सिलीगुड़ी पुलिस आयुक्त ने राष्ट्रपति का स्वागत किया और उन्हें विदा किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री लाइनअप या मंच योजना का हिस्सा नहीं थीं और उन्होंने जोर देकर कहा कि जिला प्रशासन द्वारा प्रोटोकॉल में कोई चूक नहीं हुई थी। उन्होंने कहा, “भाजपा अपनी पार्टी के एजेंडे के लिए देश की सर्वोच्च कुर्सी का अपमान और दुरुपयोग कर रही है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।” राष्ट्रपति ने मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति पर उठाए सवाल इससे पहले राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि आम तौर पर किसी यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों को राष्ट्रपति के स्वागत के लिए मौजूद रहना चाहिए. उन्होंने कहा, “आम तौर पर जब राष्ट्रपति आ रहे हों तो मुख्यमंत्री को स्वागत करना चाहिए और अन्य मंत्रियों को भी मौजूद रहना चाहिए। लेकिन वह नहीं आईं। राज्यपाल बदल गए हैं और नहीं आ सके। लेकिन तारीख तय हो गई थी इसलिए मैं आई हूं।” राष्ट्रपति ने आयोजन स्थल के चयन पर भी सवाल उठाया और कहा कि यह ऐसी जगह पर स्थित है जहां लोगों का पहुंचना मुश्किल है। उन्होंने इस बात पर भी आश्चर्य जताया कि क्या राज्य सरकार ने आदिवासी समुदायों को कार्यक्रम में भाग लेने से रोका था। मुर्मू ने कहा कि ममता बनर्जी उनकी छोटी बहन की तरह हैं और वह खुद भी बंगाल की बेटी हैं। प्रधानमंत्री ने घटना को बताया ‘शर्मनाक’ प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने घटनाक्रम को “शर्मनाक और अभूतपूर्व” बताया। एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि जो लोग लोकतंत्र और आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण में विश्वास करते हैं वे बेहद निराश हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस सरकार ने सारी हदें पार कर दी हैं और राष्ट्रपति के अपमान के लिए उसका प्रशासन जिम्मेदार है। मोदी ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर है और इसकी पवित्रता का हमेशा सम्मान किया जाना चाहिए। राजनीतिक आदान-प्रदान बढ़ता है यह आदान-प्रदान तब हुआ है जब आने वाले महीनों में पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने की उम्मीद है, जिसमें तृणमूल कांग्रेस और भाजपा ने राजनीतिक हमले तेज कर दिए हैं। प्रधानमंत्री को जवाब देते हुए, तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने एक्स पर लिखा, “पश्चिम बंगाल के लोग बनाम बीजेपी + ईसीआई + ईडी + आईटी + सीबीआई + एनआईए + सीएपीएफ + राज्यपाल + 20 केंद्रीय मंत्री + 10 सीएम + प्रधान मंत्री + आदरणीय राष्ट्रपति जी + गोदी मीडिया। जब पूरा प्रतिष्ठान बंगाल के खिलाफ खड़ा होता है, तो बंगाल मजबूत खड़ा होता है। आगे बढ़ें।” पहले प्रकाशित: मार्च 08, 2026, 10:58 IST समाचार राजनीति ‘बीजेपी देश की सर्वोच्च कुर्सी का दुरुपयोग कर रही है’: ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति विवाद पर केंद्र पर हमला किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)ममता बनर्जी(टी)ममता(टी)ममता बनर्जी ने केंद्र(टी)अध्यक्ष द्रौपदी मुर्मू(टी)द्रौपदी मुर्मू(टी)द्रौपदी मुर्मू सिलीगुड़ी पर हमला किया।संथाल दिवस
अमीलिया कर ने 44 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा:जिम्बाब्वे के खिलाफ विमेंस वनडे में 7 विकेट लिए; न्यूजीलैंड विमेंस से बेस्ट बॉलिंग परफॉर्मेंस

न्यूजीलैंड विमेंस की कप्तान अमीलिया कर ने रविवार को डुनेडिन के यूनिवर्सिटी ओवल मैदान में इतिहास रच दिया। जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे में कर ने महज 34 रन देकर 7 विकेट झटके। यह न्यूजीलैंड विमेंस के लिए वनडे क्रिकेट में अब तक की बेस्ट बॉलिंग परफॉर्मेंस है। जैकी लॉर्ड का 1982 में बना रिकॉर्ड तोड़ा अमीलिया कर ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 7 विकेट लेकर जैकी लॉर्ड का 44 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा। जैकी ने 1982 के विमेंस वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ महज 10 रन देकर 6 विकेट लिए थे। तब से कोई भी कीवी गेंदबाज एक पारी में 7 विकेट नहीं ले पाई थीं। जिम्बाब्वे की पारी 102 रन पर सिमटी न्यूजीलैंड की घातक गेंदबाजी के सामने जिम्बाब्वे की टीम ताश के पत्तों की तरह ढह गई। पूरी टीम 102 रन ही बना पाई। ओपनर केलिस एनध्लोवु ने 12 और विकेटकीपर मोडेस्टर मुपाचिक्वा ने 32 रन बनाकर टीम को 50 के पार पहुंचाया। वहीं औड्रे माज्विशाया ने 13 और तेंदाई माकुशा ने 12 रन बनाकर जिम्बाब्वे को किसी तरह 100 रन के पार कराया। न्यूजीलैंड के लिए मौली पेनफोल्ड ने जिम्बाब्वे के टॉप ऑर्डर को तोड़ते हुए शुरुआती 3 विकेट लिए। इसके बाद कर ने मोर्चा संभाला और एक के बाद एक 7 विकेट लेकर जिम्बाब्वे की कमर तोड़ दी। ब्री इलिंग, रोजमेरी मेयर और नेन्सी पटेल कोई विकेट नहीं ले पाईं। दुनिया की 7वीं गेंदबाज बनीं अमीलिया अमीलिया कर दुनिया की 7वीं ही गेंदबाज बनीं, जिन्होंने एक विमेंस वनडे में 7 विकेट लिए। इस क्लब में पाकिस्तान की साजिदा शाह, ऑस्ट्रेलिया की एलिस पेरी, अलाना किंग, शेली निशके, वेस्टइंडीज की अनीसा मोहम्मद और इंग्लैंड की जो चेम्बरलैन शामिल हैं। 17 ओवर में जीत गई न्यूजीलैंड विमेंस 103 रन का टारगेट न्यूजीलैंड विमेंस ने 16.2 ओवर में ही चेज कर लिया। कप्तान अमीलिया कर ओपनिंग करने उतरीं और 40 गेंद पर 45 रन बनाए। विकेटकीपर इजाबेला गेज 20 रन बनाकर आउट हुईं। आखिर में मैडी ग्रीन ने 27 और ब्रूक हालिडे ने 7 रन बनाकर टीम को जीत दिला दी। जिम्बाब्वे से औड्रे माज्विशाया और क्रिस्टाबेल चाटोन्ज्वा ने 1-1 विकेट लिया। सीरीज में 2-0 की बढ़त बनाई न्यूजीलैंड ने दूसरा वनडे 8 विकेट से जीतकर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली। टीम ने पहला मैच 180 रन से जीता था। तीसरा मैच 11 मार्च को डुनेडिन में ही खेला जाएगा। इससे पहले व्हाइटफर्न्स ने टी-20 सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली। अमीलिया कर प्लेयर ऑफ द सीरीज चुनी गई थीं। ————————————— क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें ———————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… 2022 के बाद कैसे बदली टीम इंडिया की अप्रोच 10 नवंबर 2022, टी-20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में पहुंची टीम इंडिया को इंग्लैंड ने हरा दिया। हार भी मामूली नहीं, 169 रन का टारगेट 16 ओवर में बगैर विकेट गंवाए ही हासिल कर लिया। मैच के बाद भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने विकेटकीपर दिनेश कार्तिक से कहा, “हमें बदलना होगा।” पढ़ें पूरी खबर…
रोज सुबह पिएं मेथी का पानी, नसों में जमा कोलेस्ट्रॉल हो जाएगा साफ ! आयुर्वेदिक डॉक्टर ने गिनाए 5 बड़े फायदे

Last Updated:March 08, 2026, 08:12 IST Fenugreek Water Benefits: आयुर्वेद में मेथी को औषधीय गुणों से भरपूर माना गया है. मेथी दाना का सही तरीके से सेवन करने से कई समस्याओं से निजात मिल सकती है. आयुर्वेद एक्सपर्ट्स की मानें तो मेथी का पानी धमनियों में जमा गंदे कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और वजन कंट्रोल करने में मदद करता है. मेथी पानी आपके मेटाबॉलिज्म को भी बूस्ट कर सकता है. मेथी पानी को कोलेस्ट्रॉल कम करने में कारगर माना जाता है. Benefits of Drinking Methi Water: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और गलत खान-पान के कारण कोलेस्ट्रॉल की समस्या तेजी से बढ़ रही है. कोलेस्ट्रॉल जब नॉर्मल से ज्यादा हो जाता है, तब यह नसों में जमा हो जाता है. इससे धमनियों में ब्लॉकेज होना शुरू हो जाती है. वैसे तो कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के लिए दवा लेनी पड़ती है, लेकिन दवा के साथ कुछ आयुर्वेदिक उपाय आपको जबरदस्त फायदे दिला सकते हैं. आयुर्वेद में मेथी दाना को एक शक्तिशाली औषधि माना गया है. एक्सपर्ट्स की मानें तो अगर आप रोज सुबह खाली पेट मेथी का पानी पीना शुरू करते हैं, तो यह आपकी धमनियों में जमा गंदे कोलेस्ट्रॉल को बाहर निकालने में अहम भूमिका निभा सकता है. यह साधारण सा नुस्खा आपके दिल की सेहत और ब्लड सर्कुलेशन के लिए बेहद फायदेमंद है. यूपी के अलीगढ़ आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर और आयुर्वेदाचार्य डॉ. पीयूष माहेश्वरी ने News18 को बताया कि मेथी के दानों में भरपूर मात्रा में फाइबर और स्टेरोइडल सैपोनिन्स पाए जाते हैं. जब आप खाली पेट इसका पानी पीते हैं, तो यह खून में मौजूद बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है. यह नसों की दीवारों पर जमा फैट को धीरे-धीरे पिघलाकर शरीर से बाहर निकाल देता है, जिससे नसों की ब्लॉकेज का खतरा कम हो जाता है. यह प्रक्रिया ब्लड फ्लो को बेहतर बनाती है और दिल पर पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव को कम करती है. आप रात को एक गिलास पानी में एक चम्मच मेथी दाना भिगोकर रख दें. सुबह आप मेथी दाने चबाकर खा लें और इसके पानी को पी लें. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. आयुर्वेदाचार्य ने बताया कि डायबिटीज के मरीजों के लिए मेथी का पानी वरदान है. मेथी में मौजूद घुलनशील फाइबर ब्लड में शुगर के अवशोषण की गति को धीमा कर देता है. इसके अलावा यह शरीर में इंसुलिन के उत्पादन को बढ़ाने में भी मदद करता है. नियमित रूप से सुबह इसका सेवन करने से फास्टिंग शुगर लेवल को कंट्रोल में रखा जा सकता है और शरीर की मेटाबॉलिक दर में भी सुधार होता है. अगर आप पेट से जुड़ी समस्याओं जैसे गैस, एसिडिटी या पुरानी कब्ज से परेशान हैं, तो मेथी का पानी आपके पाचन तंत्र को बूस्ट कर सकता है. यह शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालकर आंतों की सफाई करता है. एक्सपर्ट की मानें तो मेथी का पानी मेटाबॉलिज्म को तेज करने के लिए जाना जाता है. सुबह खाली पेट इसे पीने से शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी को बर्न करने में मदद मिलती है. इसके सेवन से पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है, जिससे आप बेवजह की कैलोरी लेने या ओवरईटिंग से बच जाते हैं. जो लोग प्राकृतिक तरीके से अपना वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए यह डिटॉक्स ड्रिंक एक बेहतरीन विकल्प है. इसके अलावा मेथी की तासीर गर्म होती है, जो शरीर में वात दोष को संतुलित करने में मदद करती है. इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो हड्डियों और जोड़ों की सूजन को कम करते हैं. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : March 08, 2026, 08:12 IST
सरिता ने बनाया रिश्वतखोरों की आवाज पहचानने वाला सिस्टम:30 हजार केस की जांच कर चुकीं यजुला, छोटे सुराग से बड़े क्राइम सॉल्व करने वाली साइंटिस्ट

हत्या के बाद जमीन पर पड़ी खून की बूंद…मोबाइल में रिकॉर्ड आवाज…कपड़ों पर मिला DNA जो खुली आंखों से दिखाई नहीं देता। अक्सर यही छोटे-छोटे सुराग बड़े अपराधों का सच सामने लाते हैं। राजस्थान में इन सुरागों की मदद से गंभीर अपराधों की गुत्थियां सुलझाने में स्टेट फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की महिला वैज्ञानिक अहम भूमिका निभा रही हैं। हत्या, दुष्कर्म, साइबर अपराध जैसे संवेदनशील मामलों में डीएनए प्रोफाइलिंग से लेकर वॉइस एनालिसिस तक इनकी जांच अक्सर निर्णायक साबित होती है। महिला दिवस पर पढ़िए ऐसी ही महिला वैज्ञानिकों की कहानी… 2008 में जयपुर के गोविंदगढ़ में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। महीनों की जांच के बावजूद पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। विसरा और अन्य सैंपल जांच के लिए स्टेट फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजे गए। टॉक्सिकोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. यजुला गुप्ता ने साक्ष्यों की जांच की। जांच में सामने आया कि चारों को पहले नशे का इंजेक्शन दिया गया। फिर दर्द निवारक दवा और अंत में जहरीला इंजेक्शन लगाकर हत्या की गई। यह खुलासा मृतकों के शरीर पर मिले कैनुला के बेहद बारीक निशानों से हुआ। इसी आधार पर हुई पूछताछ में परिवार के ही मेल नर्स बेटे ने प्रॉपर्टी के लालच में पूरे परिवार की हत्या करना कबूल कर लिया। इसी तरह चर्चित यूट्यूबर एल्विश यादव की रेव पार्टियों में सांप के जहर के इस्तेमाल के मामले में भी सैंपल जांच के लिए डॉ. यजुला के पास भेजे गए थे। उनकी रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि सांप के जहर को अंडे की जर्दी में इंजेक्ट कर एंटीवेनम तैयार किया गया था। वर्तमान में टॉक्सिकोलॉजी विभाग की उप निदेशक डॉ. यजुला गुप्ता पिछले 27 वर्षों में 30 हजार से अधिक मामलों की जांच कर चुकी हैं। वह बताती हैं कि फॉरेंसिक में आने का उनका कोई तय इरादा नहीं था। पीएचडी के बाद उन्होंने जूनियर साइंटिफिक असिस्टेंट के पद के लिए आवेदन किया और चयन हो गया। वह बताती हैं- जब मैंने 1999 में जॉइन किया तब लैब में करीब 10 हजार केस पेंडिंग थे। टॉक्सिकोलॉजी में हम सिर्फ दो महिला वैज्ञानिक थीं। डॉ. यजुला बताती हैं कि क्राइम सीन पर कई बार बेहद वीभत्स हालात होते हैं, लेकिन सच तक पहुंचना ही मकसद होता है। स्टेट फॉरेंसिक साइंस लैब की फिजिक्स डिवीजन में सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर सरिता कुमारी ने राजस्थान का पहला ऑडियो ऑथेंटिकेशन सिस्टम शुरू किया। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) से आने वाली ऑडियो रिकॉर्डिंग की वैज्ञानिक जांच को व्यवस्थित रूप से शुरू करने का श्रेय उन्हें जाता है। बीते पांच वर्षों में वे 400 से ज्यादा मामलों में अपनी रिपोर्ट दे चुकी हैं। सरिता बताती हैं- बचपन में सीआईडी सीरियल में फॉरेंसिक लैब देखकर इस क्षेत्र में आने की इंस्पिरेशन मिली। एसीबी से मिलने वाली ऑडियो फाइल कई बार बेहद लंबी होती है। कुछ मामलों में 8–10 घंटे तक लगातार रिकॉर्डिंग सुननी पड़ती है। दो बेटियों की मां सरिता के लिए प्रोफेशनल और पर्सनल जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना कम चुनौतीपूर्ण नहीं है। उनका कहना है कि हर केस अपने साथ नई मुश्किलें लेकर आता है। एक ट्रैप केस में जिस व्यक्ति को पकड़ा गया था और जिसकी आवाज का सैंपल भेजा गया था, दोनों अलग निकले। लैब में हुए मिलान से सच्चाई सामने आई और एक निर्दोष व्यक्ति बच गया। कई मामलों में सिर्फ आवाज के पैटर्न से आरोपी की पहचान संभव हुई। 8 जनवरी 2014 को वे फिजिक्स डिवीजन की पहली महिला अधिकारी के रूप में नियुक्त हुई थीं। स्टेट फॉरेंसिक साइंस लैब, जयपुर के आर्सेनल और एक्सप्लोसिव डिवीजन में रश्मि गुप्ता अकेली महिला वैज्ञानिक हैं, क्योंकि यहां का काम सीधे विस्फोटकों, ज्वलनशील पदार्थों और हथियारों से जुड़ा होता है। रश्मि बताती हैं- हमारे पास जो सैंपल आते हैं, वे अक्सर बेहद ज्वलनशील और खतरनाक होते हैं। जांच के दौरान आग लगने या दुर्घटना का जोखिम हमेशा बना रहता है। एक छोटी सी चूक भी गंभीर हादसे में बदल सकती है। वे पिछले 19 वर्षों में 1000 से ज्यादा क्राइम सीन की जांच कर चुकी हैं। जयपुर बम ब्लास्ट, अजमेर रोड गैस टैंकर ब्लास्ट, भांकरोटा गैस कांड जैसे मामलों में उनकी जांच रिपोर्ट ने अहम भूमिका निभाई। 2022 में उदयपुर में रेलवे ट्रैक पर हुए विस्फोट के मामले में डॉ. रश्मि और उनकी टीम ने इनका विश्लेषण कर जांच एजेंसियों को महत्वपूर्ण सुराग दिए। आठ महीने के बेटे की मां होने के बावजूद वे इस जोखिम भरे विभाग में पूरी जिम्मेदारी के साथ काम कर रही हैं। स्टेट फॉरेंसिक साइंस लैब की केमिस्ट्री डिवीजन में कार्यरत फॉरेंसिक साइंटिफिक असिस्टेंट (FSA) मीना ने पढ़ाई के दौरान ही इस क्षेत्र में आना तय कर लिया था। मीना कहती हैं- समाज में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसक अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे मामलों में सच सामने लाने और पीड़ितों को इंसाफ दिलाने के लिए विज्ञान सबसे मजबूत हथियार है। मैं चाहती थी कि इसी हथियार के साथ इस लड़ाई का हिस्सा बनूं। वे मानती हैं कि फॉरेंसिक कोई ग्लैमर भरा पेशा नहीं, बल्कि बेहद जिम्मेदारी और धैर्य वाला विज्ञान है। हमारी लैब में किए गए वैज्ञानिक परीक्षण ही कई बार अदालत में सच और झूठ के बीच फर्क तय करते हैं। टोंक की रहने वाली जूनियर साइंटिफिक असिस्टेंट (JSA) मोताली आफाक ने बचपन में टीवी पर आने वाले क्राइम शो ‘सीआईडी’ में फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. सालुंखे और उनकी असिस्टेंट डॉ. तारिका को देखकर फॉरेंसिक साइंटिस्ट बनने का सपना देखा था। टोंक से निकलकर इस फील्ड तक पहुंचना आसान नहीं था, लेकिन परिवार के सहयोग से मोताली ने टीचिंग, पुलिस या मेडिकल जैसे पारंपरिक विकल्पों की बजाय फॉरेंसिक साइंस को चुना। मोताली कहती हैं- रेप या चाइल्ड अब्यूज जैसे मामलों की फाइल जब हमारे पास आती है तो कई बार रूह कांप जाती है। लेकिन उसी पल खुद को संभालकर हम इस सोच के साथ काम करते हैं कि हमारी जांच किसी पीड़ित को इंसाफ दिला सकती है। दोहरी भूमिका : चुनौती सिर्फ क्राइम नहीं, जिंदगी भी फॉरेंसिक लैब में काम करने वाली महिला वैज्ञानिकों के लिए लड़ाई सिर्फ अपराध से नहीं, बल्कि जिंदगी की जिम्मेदारियों से भी होती है। नारकोटिक्स विभाग की असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. गीता वाधवानी कहती हैं- मैं दिव्यांग हूं, लेकिन कभी काम को हल्के में नहीं लिया।
जंग में मारी गई बच्ची को महिलाओं ने कंधा दिया:फूलों से सजी कब्र में दफनाया; अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग की 20 PHOTOS

ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल हमले का रविवार को नौवां दिन है। जंग की वजह से ईरान के कई शहरों में भंयकर तबाही हुई है और 1400 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। लोग अपना घर छोड़कर सुरक्षित जगह पर शरण लेने को मजबूर हैं। वहीं दुनिया भर में इस जंग के खिलाफ और समर्थन में प्रदर्शन किया जा रहा है। ईरान समर्थकों और अमेरिका समर्थकों ने शनिवार को एक ही दिन ब्रिटेन में मार्च निकाला। वहीं दूसरी तरफ लेबनान में भी इजराइल, ईरान समर्थक ग्रुप हिजबुल्लाह के खिलाफ हमले कर रहा है। युद्ध की तबाही और डर के बीच आम नागरिकों की जिंदगी कैसे प्रभावित हो रही है, इन 20 तस्वीरों में देखिए। ईरान लेबनान ईरान समर्थक और विरोधियों का प्रदर्शन US-इजराइल vs ईरान की 7 तस्वीरें… ईरान के हमले अमेरिका-इजराइल के ईरान पर हमले ————– यह खबर भी पढें… UAE, सऊदी, जॉर्डन में अमेरिकी THAAD डिफेंस-सिस्टम पर ईरानी हमला:जॉर्डन वाला सिस्टम तबाह, कीमत ₹22 हजार करोड़; अमेरिका के पास ऐसे सिर्फ 7 सिस्टम अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज आठवां दिन है। ईरान ने बीते एक हफ्ते में सऊदी अरब, UAE और जॉर्डन में तैनात अमेरिका के टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) सिस्टम को निशाना बनाया है। पढ़ें पूरी खबर…
‘सभी हदें पार’: पीएम मोदी ने राष्ट्रपति मुर्मू, आदिवासियों का अपमान करने के लिए ममता बनर्जी की टीएमसी की आलोचना की | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 07, 2026, 21:02 IST पीएम मोदी की यह टिप्पणी राष्ट्रपति मुर्मू द्वारा कथित तौर पर अंतर्राष्ट्रीय संथाल कॉन्क्लेव की अनुमति देने से इनकार करने पर पश्चिम बंगाल सरकार के प्रति खुले तौर पर नाराजगी व्यक्त करने के बाद आई है। पीएम मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (क्रेडिट: एक्स) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की यात्रा के दौरान कथित प्रोटोकॉल चूक और बिधाननगर में होने वाले अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के स्थल को अचानक बदलने के लिए पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार की आलोचना की। उनकी टिप्पणी राष्ट्रपति मुर्मू द्वारा एक दुर्लभ कदम के तहत, उत्तर बंगाल में अंतर्राष्ट्रीय संथाल कॉन्क्लेव की अनुमति देने से कथित तौर पर इनकार करने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार के प्रति खुले तौर पर नाराजगी व्यक्त करने के बाद आई है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रोटोकॉल के अनुसार न तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और न ही उनके किसी मंत्री ने उनकी यात्रा के दौरान उनकी अगवानी की। एक्स को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने संताल समुदाय के साथ आकस्मिक व्यवहार के लिए टीएमसी सरकार की आलोचना करते हुए इस घटना को “शर्मनाक और अभूतपूर्व” कहा। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति का कार्यालय राजनीति से ऊपर है और इसका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “यह शर्मनाक और अभूतपूर्व है। लोकतंत्र और आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण में विश्वास करने वाला हर कोई निराश है। राष्ट्रपति जी, जो खुद एक आदिवासी समुदाय से हैं, ने जो दर्द और पीड़ा व्यक्त की है, उससे भारत के लोगों के मन में भारी दुख हुआ है।” यह शर्मनाक और अभूतपूर्व है. लोकतंत्र और आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण में विश्वास करने वाला हर कोई निराश है। राष्ट्रपति जी, जो खुद एक आदिवासी समुदाय से हैं, द्वारा व्यक्त किए गए दर्द और पीड़ा ने लोगों के मन में बहुत दुख पैदा किया है… https://t.co/XGzwMCMFrT -नरेंद्र मोदी (@नरेंद्रमोदी) 7 मार्च 2026 उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार ने वास्तव में सभी हदें पार कर दी हैं। राष्ट्रपति के इस अपमान के लिए उनका प्रशासन जिम्मेदार है। यह भी उतना ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि संथाल संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषय के साथ पश्चिम बंगाल सरकार इतनी लापरवाही से व्यवहार करती है।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने टिप्पणी की कि टीएमसी सरकार ने राष्ट्रपति को अपमानित करके अपने “अराजक व्यवहार” में एक नई गिरावट दर्ज की है। उन्होंने कहा, “यह टीएमसी सरकार की सड़ांध को उजागर करता है जो न केवल नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करती है, बल्कि अपने अत्याचार से भारत के राष्ट्रपति को भी नहीं बख्शती। भारत के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान, वह भी हमारी आदिवासी बहनों और भाइयों द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में, हमारे राष्ट्र और उन मूल्यों का अपमान है जो हमारे संवैधानिक लोकतंत्र को परिभाषित करते हैं।” पश्चिम बंगाल में टीएमसी सरकार ने आज भारत के राष्ट्रपति को प्रोटोकॉल की घोर उपेक्षा के साथ अपमानित करके अपने अराजक व्यवहार में एक नई गिरावट दर्ज की है। यह टीएमसी सरकार की सड़ांध को उजागर करता है जो न केवल अपनी इच्छानुसार नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करती है बल्कि… – अमित शाह (@AmitShah) 7 मार्च 2026 यह भी पढ़ें: दुर्लभ फटकार में, राष्ट्रपति मुर्मू ने बंगाल में प्रोटोकॉल चूक को चिह्नित किया, कहा कि ‘बहन’ ममता से कोई शिकायत नहीं मुर्मू के दौरे के दौरान क्या हुआ? 9वां अंतर्राष्ट्रीय संथाली कॉन्क्लेव पहले बिधाननगर में होने वाला था। हालांकि, मुर्मू ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के अधिकारियों ने भीड़भाड़ का हवाला देते हुए कार्यक्रम स्थल को बागडोगरा हवाई अड्डे के पास गोशाईपुर में छोटा कर दिया। आयोजकों ने अनुचित मंच व्यवस्था और खराब शौचालय सुविधाओं की भी शिकायत की। मुर्मू ने बाद में फांसीदेवा क्षेत्र के बिधाननगर की यात्रा की, जो एक महत्वपूर्ण आदिवासी आबादी वाला क्षेत्र है, और कहा कि सभी संथाल दूसरे आयोजन स्थल पर नहीं जा पाएंगे। उन्होंने कहा, “शायद प्रशासन ने सोचा था कि वहां कोई नहीं जा पाएगा। उन्हें लगा कि राष्ट्रपति आएंगे, खाली जगह पर कार्यक्रम करेंगे और लौट जाएंगे। मुझे नहीं पता कि उनके मन में क्या आया, लेकिन मैं बहुत आहत हूं।” राष्ट्रपति मुर्मू ने बंगाल सरकार द्वारा प्रोटोकॉल में खामियों को भी उजागर किया और कहा कि न तो मुख्यमंत्री और न ही राज्य के मंत्री हवाई अड्डे पर उनका स्वागत करने आए। राष्ट्रपति के स्वागत के लिए केवल सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देब ही हवाईअड्डे पर पहुंचे थे. उन्होंने कहा, “मैं भी बंगाल की बेटी हूं। फिर भी मुझे यहां आने की अनुमति नहीं है। ममता ‘दीदी’ मेरी छोटी बहन की तरह हैं। मुझे नहीं पता, हो सकता है कि वह किसी कारण से मुझसे नाराज हों। वैसे भी, मुझे उनसे कोई शिकायत नहीं है। वह भी अच्छी तरह से रहें और आप सभी भी अच्छे से रहें।” भाजपा ने इन घटनाओं को तृणमूल कांग्रेस के तहत “संवैधानिक ढांचे का पूर्ण पतन” बताया। “जब एक राज्य सरकार भारत के राष्ट्रपति के पद की गरिमा की अवहेलना करना शुरू कर देती है, तो यह न केवल प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है, बल्कि संवैधानिक औचित्य और शासन का टूटना भी दर्शाता है। यह केवल असभ्यता नहीं है। यह संस्थागत अनादर है और बंगाल में शासन कैसे अराजकता में उतर गया है, इसकी एक और याद दिलाता है,” भाजपा नेता अमित मालवीय ने कहा। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: मार्च 07, 2026, 19:31 IST समाचार राजनीति ‘सभी हदें पार’: पीएम मोदी ने राष्ट्रपति मुर्मू, आदिवासियों का अपमान करने के लिए ममता बनर्जी की टीएमसी की आलोचना की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
दुर्लभ फटकार में, राष्ट्रपति मुर्मू ने बंगाल में प्रोटोकॉल की चूक को चिह्नित किया, कहा ‘बहन’ ममता से कोई शिकायत नहीं | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 07, 2026, 19:47 IST राष्ट्रपति मुर्मू ने एक आदिवासी कार्यक्रम को अनुमति देने से इनकार करने के लिए टीएमसी सरकार पर सवाल उठाया, साथ ही इस बात पर जोर दिया कि उन्हें “बहन” ममता बनर्जी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं है। सिलीगुड़ी में एक कार्यक्रम को संबोधित करतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू। एक दुर्लभ फटकार में, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को सार्वजनिक रूप से उत्तर बंगाल में एक अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी सम्मेलन की अनुमति देने से इनकार करने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार के प्रति नाराजगी व्यक्त की, जहां वह मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेने वाली थीं। सिलीगुड़ी की अपनी यात्रा के दौरान बोलते हुए, राष्ट्रपति ने प्रोटोकॉल और तैयारियों में खामियों की ओर भी इशारा किया, इस बात पर जोर दिया कि न तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और न ही उनके किसी मंत्री ने उनकी यात्रा के दौरान उनकी अगवानी की। 9वां अंतर्राष्ट्रीय संथाली कॉन्क्लेव पहले बिधाननगर में होने वाला था। हालांकि, मुर्मू ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के अधिकारियों ने भीड़भाड़ का हवाला देते हुए कार्यक्रम स्थल को बागडोगरा हवाई अड्डे के पास गोशाईपुर में छोटा कर दिया। आयोजकों ने अनुचित मंच व्यवस्था और खराब शौचालय सुविधाओं की भी शिकायत की। मुर्मू ने बाद में फांसीदेवा क्षेत्र के बिधाननगर की यात्रा की, जो एक महत्वपूर्ण आदिवासी आबादी वाला क्षेत्र है, जहां उन्होंने स्थानीय निवासियों के साथ बातचीत की। उन्होंने क्षेत्र में सामाजिक सद्भाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आदिवासी, गोरखा, राजबंगशी और बंगाली सहित समुदाय शांति से एक साथ रहते थे। मुर्मू ने सिलीगुड़ी में स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “मैं यहां बहुत आसानी से आ गया, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट रूप से कहा कि यहां अत्यधिक भीड़ हो जाएगी। हालांकि, मैं देख सकता हूं कि यहां 500,000 लोगों की भीड़ को भी समायोजित किया जा सकता है।” “जिस स्थान पर कार्यक्रम हो रहा है, वहां सभी संथाल नहीं जा पाएंगे। मुझे लगा कि यहां के सभी भाई-बहन इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगे।” उन्होंने कहा, “शायद प्रशासन ने सोचा था कि वहां कोई नहीं जा पाएगा। उन्हें लगा कि राष्ट्रपति आएंगे, खाली जगह पर कार्यक्रम करेंगे और लौट जाएंगे। मुझे नहीं पता कि उनके मन में क्या आया, लेकिन मैं बहुत आहत हूं।” ‘बहन’ ममता से कोई शिकायत नहीं राष्ट्रपति मुर्मू ने बंगाल सरकार द्वारा प्रोटोकॉल में खामियों को भी उजागर किया और कहा कि न तो मुख्यमंत्री और न ही राज्य के मंत्री हवाई अड्डे पर उनका स्वागत करने आए। राष्ट्रपति के स्वागत के लिए केवल सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देब ही हवाईअड्डे पर पहुंचे थे. उन्होंने कहा, “प्रशासन ने कहा कि यह बहुत भीड़भाड़ वाला इलाका है। मैंने सोचा कि मुझे आकर देखना चाहिए कि वास्तव में यह कितना भीड़भाड़ वाला है। अगर जरूरत पड़ी तो मैं राज्य सरकार से और जगह की व्यवस्था करने के लिए कहूंगी। लेकिन यहां पहले से ही इतना बड़ा क्षेत्र है।” हालाँकि, राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि उन्हें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से कोई शिकायत नहीं है। उन्होंने कहा, “मैं भी बंगाल की बेटी हूं। फिर भी मुझे यहां आने की अनुमति नहीं है। ममता ‘दीदी’ मेरी छोटी बहन की तरह हैं। मुझे नहीं पता, हो सकता है कि वह किसी कारण से मुझसे नाराज हों। वैसे भी, मुझे उनसे कोई शिकायत नहीं है। वह भी अच्छी तरह से रहें और आप सभी भी अच्छे से रहें।” भाजपा ने बंगाल में ‘पूर्ण पतन’ की निंदा की भाजपा ने पश्चिम बंगाल सरकार पर हमला बोलते हुए इन घटनाओं को तृणमूल कांग्रेस के तहत ”संवैधानिक ढांचे का पूर्ण पतन” करार दिया। “एक दुर्लभ और अभूतपूर्व घटनाक्रम में, भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने सिलीगुड़ी की अपनी यात्रा के दौरान तैयारी और प्रोटोकॉल की कमी पर खुले तौर पर नाराजगी व्यक्त की। इससे भी अधिक चौंकाने वाली बात यह है कि राज्य सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय संथाली कॉन्क्लेव के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया, जहां राष्ट्रपति खुद मुख्य अतिथि थीं,” भाजपा नेता अमित मालवीय ने कहा। पश्चिम बंगाल में आज की घटनाएँ ममता बनर्जी सरकार के तहत संवैधानिक ढांचे के पूर्ण पतन की ओर इशारा करती हैं। एक दुर्लभ और अभूतपूर्व विकास में, भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने खुले तौर पर कमी पर नाराजगी व्यक्त की… pic.twitter.com/ZMiRwZkVbJ – अमित मालवीय (@amitmalviya) 7 मार्च 2026 उन्होंने कहा, “जब कोई राज्य सरकार भारत के राष्ट्रपति के पद की गरिमा की अवहेलना करना शुरू कर देती है, तो यह न केवल प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है, बल्कि संवैधानिक औचित्य और शासन का उल्लंघन भी है। यह केवल असभ्यता नहीं है। यह संस्थागत अनादर है और बंगाल में शासन कैसे अराजकता में उतर गया है, इसकी एक और याद दिलाता है।” ममता बनर्जी का पलटवार इस बीच, ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति पर पलटवार करते हुए कहा कि वह मुर्मू का बहुत सम्मान करती हैं, लेकिन उन्हें राजनीति से दूर रहने की सलाह दी। बनर्जी ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा, “हम माननीय राष्ट्रपति का सम्मान करते हैं। उन्हें राजनीति करने और भाजपा के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए भेजा गया है। मुझे खेद है मैडम, मैं आपका बहुत सम्मान करता हूं, लेकिन आप भाजपा के जाल में फंस गई हैं।” उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को राष्ट्रपति की यात्रा के बारे में सूचित नहीं किया गया था और कहा कि सरकार को अन्य काम भी करने थे। उन्होंने कहा, “आप बीजेपी की प्राथमिकता हैं और जनता मेरी प्राथमिकता है। मुझे कार्यक्रम के बारे में, आयोजकों के बारे में या कार्यक्रम में कौन शामिल हो रहा है, इसके बारे में नहीं पता था।” उन्होंने यह कहने के लिए भी राष्ट्रपति की आलोचना की कि बंगाल सरकार ने आदिवासियों के लिए बहुत कुछ नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया, “जब मणिपुर में आदिवासियों पर अत्याचार हो रहा था तो आप चुप क्यों थे? राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मामले में आप चुप क्यों हैं? हमने आदिवासी भाषाओं को मान्यता दी है – संताली भाषा का उपयोग राज्य सरकार की सेवाओं के लिए किया जाता है। हमने संताली लोगों के लिए स्कूल और विश्वविद्यालय प्रदान किए हैं।” बनर्जी ने कहा, “आप एक भी काम नहीं कर पाए। पहले कुछ करें और फिर बीजेपी के
‘धुरंधर 2’ का ट्रेलर देख ‘आउट ऑफ कंट्रोल’ हुईं आलिया:ऋतिक रोशन ने भी रणवीर सिंह की जमकर तारीफ की, फैंस हुए एक्साइटेड

रणवीर सिंह की अपकमिंग फिल्म ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ का ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर छा गया है। ट्रेलर में दमदार एक्शन, इंटेंस बैकग्राउंड म्यूजिक और रणवीर के खतरनाक अवतार ने दर्शकों के साथ-साथ बॉलीवुड सितारों को भी हैरान कर दिया है। खास बात यह है कि कई बड़े सितारों ने इस ट्रेलर पर तुरंत रिएक्शन दिया है, जिनमें आलिया भट्ट और ऋतिक रोशन भी शामिल हैं। ट्रेलर देखने के बाद आलिया भट्ट ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि यह ट्रेलर “आउट ऑफ कंट्रोल” है और उन्होंने “बीस्ट मोड ऑन” जैसे शब्दों से फिल्म की तारीफ की। आलिया की इस प्रतिक्रिया से साफ है कि फिल्म का एक्शन और प्रस्तुति उन्हें बेहद प्रभावित कर गई। ट्रेलर में रणवीर सिंह का अंदाज इतना दमदार दिखाया गया है कि फैंस के साथ-साथ सेलेब्स भी इसे लेकर काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं। वहीं ऋतिक रोशन ने भी ट्रेलर पर कमेंट करते हुए रणवीर सिंह के काम की तारीफ की। उन्होंने ट्रेलर को बहुत ज्यादा अच्छा बताया और कहा कि यह बेहद प्रभावशाली है। खास बात यह है कि पहले फिल्म के पहले भाग की राजनीति से असहमति जताने के बावजूद ऋतिक ने इसके सीक्वल के ट्रेलर को शानदार बताया है। फिल्म के ट्रेलर पर राम गोपाल वर्मा, रोहित शेट्टी और कई अन्य बॉलीवुड सितारों ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। कई सेलेब्स ने सोशल मीडिया पर कमेंट और इमोजी के जरिए फिल्म की टीम को बधाई दी। ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ का निर्देशन आदित्य धर ने किया है। यह फिल्म ‘धुरंधर’ का सीक्वल है और इसमें रणवीर सिंह के साथ अर्जुन रामपाल, संजय दत्त और आर. माधवन जैसे कलाकार भी नजर आएंगे। फिल्म एक स्पाई-एक्शन कहानी पर आधारित है, जिसमें भारतीय जासूस और आतंकवादी नेटवर्क के बीच की टकराहट को दिखाया गया है। ट्रेलर रिलीज होने के बाद से सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त चर्चा देखने को मिल रही है। फैंस रणवीर सिंह के नए लुक और हाई-ऑक्टेन एक्शन की खूब तारीफ कर रहे हैं। यही वजह है कि फिल्म की रिलीज को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और भी बढ़ गई है।









