तापसी पन्नू ने खत्म किया कंगना से झगड़ा:बी-ग्रेड और सस्ती कॉपी कहा गया, अब बोलीं- मेरी तरफ से कोई लड़ाई नहीं, वो मेरी सीनियर

तापसी पन्नू ने हाल ही में कंगना रनोट से हुए झगड़े पर बात की है। एक समय में कंगना की बहन रंगोली चंदेल ने तापसी पन्नू को कंगना की सस्ती कॉपी कहा था। जिसके जवाब में तापसी ने कहा था कि कंगना एक अच्छी एक्ट्रेस हैं और उनकी कॉपी होना भी अच्छी बात है। दोनों का झगड़ा तब काफी सुर्खियों में रहा था, हालांकि अब तापसी का कहना है कि उन्हें कंगना से दोस्ती करने में ऐतराज नहीं है, ये झगड़ा कभी उनकी तरफ से नहीं था। एक्ट्रेस ने ये भी कहा है कि उनके झगड़े से कुछ लोगों को फायदा पहुंचा है। तापसी पन्नू से हाल ही में शुभांकर मिश्रा के पॉडकास्ट में पूछा गया था कि क्या उनके और झगड़े से नेपोकिड्स को फायदा पहुंचा। इसके जवाब में एक्ट्रेस ने कहा है, ‘मुझे उनके बारे में तो नहीं पता, लेकिन किसी न किसी को कुछ न कुछ फायदा तो हुआ होगा। मेरी तरफ से कोई लड़ाई है नहीं। पर मुझे ये जरूर लगता है कि किसी ने कुछ जरूर जाकर वहां कुछ बोल दिया है, जो नहीं चाहता कि हम साथ आएं। क्योंकि अगर हम साथ आए तो उन्हें पता है कि बहुत जबरदस्त कुछ हो।’ पॉडकास्ट में जब एक्ट्रेस से पूछा गया कि क्या अगर उनकी कंगना से दोस्ती करवाई जाए तो वो करेंगे। जवाब में तापसी ने कहा- ‘मैंने तो हमेशा कहा है कि अगर वो आसपास मिलेंगी तो मैं जरूर जाकर बात करूंगी। टेक्निकली वो मेरी सीनियर हैं। मैं क्यों उनके पास जाकर हाय-हैलो क्यों नहीं करूं। उनका क्या जवाब होगा उसकी गारंटी मेरी नहीं है। अपने बिहेवियर की गारंटी मैं ले सकती हूं।’ कैसे शुरू हुआ था तापसी-कंगना का झगड़ा? फिल्म मनमर्जियां के प्रमोशन के दौरान तापसी पन्नू से एक इंटरव्यू में पूछा गया था कि कंगना रनोट को किस प्रोडक्ट की जरुरत है। जवाब में एक्ट्रेस ने कहा, ‘डबल फिल्टर’। तापसी के बयान से कंगना और उनकी बहन काफी नाराज हुईं। कंगना की बहन रंगोली ने तब इसका जवाब देते हुए लिखा था, ‘कुछ लोग कंगना को कॉपी करके ही अपनी दुकान चलाते हैं। पिछली बार मैंने तापसी जी को ये कहते हुए सुना कि कंगना को डबल फिल्टर की जरूरत है और तापसी जी आपको सस्ती कॉपी बनने से रुकने की जरूरत है।’ कंगना ने तापसी को बताया बी-ग्रेड एक्ट्रेस इसके बाद कंगना ने रिपब्लिक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में तापसी और स्वरा भास्कर को बी-ग्रेड एक्टर बताया। साथ ही कहा था कि उन्हें (मूवी माफिया) कल तापसी पन्नू और स्वरा भास्कर जैसी 20 और जरूरतमंद आउटसाइडर्स मिल जाएंगी, जो कहेंगी सिर्फ कंगना को नेपोटिज्म से दिक्कत है। लेकिन हम करण जौहर से प्यार करते हैं। कंगना के आरोपों पर चुप नहीं रहीं तापसी इसके बाद हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में तापसी ने कहा था- यह देखकर दुख होता है कि कोई उस इंडस्ट्री में बाहरी लोगों का मजाक उड़ा रहा है, जिसने हमें बहुत कुछ दिया है। हां मुझे भी फिल्मों से निकाला गया और स्टार किड्स से रिप्लेस किया गया। लेकिन कंगना और उनकी बहन का मेरी कड़ी मेहनत को क्रेडिट न देना और मेरा नाम घसीटना भी उसी लेवल का हैरेसमेंट है। यह सब इसलिए, क्योंकि मैंने उनके सुर में सुर मिलाने से इनकार कर दिया।’ ‘क्योंकि मैंने आउटसाइडर्स के लिए झंडा उठाने वाली बनने से इनकार कर दिया। क्योंकि हम सभी उतने कड़वे नहीं हैं। क्योंकि मैंने किसी (सुशांत) की मौत का फायदा निजी बदले के लिए उठाने से इनकार कर दिया और मैंने उस इंडस्ट्री का मजाक बनाने से इनकार कर दिया, जिसने हमें रोटी और पहचान दी।’ इसके बाद से ही कंगना और तापसी एक-दूसरे पर कई बयान देती नजर आई थीं। इस समय अनुराग कश्यप ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने कंगना और तापसी की सुलह करवाने की कोशिश की थी, लेकिन बात नहीं बनी।
शादी की खबरों के बीच हैदराबाद एयरपोर्ट में दिखे विजय-रश्मिका:दावा-एक्ट्रेस ने कन्फर्म की शादी, दिल्ली का बैंड हायर किया, 230 गेस्ट शादी में होंगे शामिल

विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना शादी की खबरों से सुर्खियों में हैं। दावा किया जा रहा है कि कपल 26 फरवरी को उदयपुर में शादी करने वाले हैं। इसी बीच कपल को हैदराबाद एयरपोर्ट से रवाना होते हुए स्पॉट किया गया है। इससे पहले दोनों की शादी का एक कार्ड भी वायरल हो चुका है। हैदराबाद एयरपोर्ट में रश्मिका मंदाना टीका लगाई दिखीं। हालांकि इस दौरान उन्होंने मास्क से चेहरा कवर किया हुआ था। उन्होंने कूल हाफ स्लीव्स टी-शर्ट के साथ ब्लैक लोवर और ब्लैक शूज पहने हुए थे। इसके साथ ही एक्ट्रेस ने डार्क ग्लासेस भी पहने थे। विजय देवरकोंडा को ठीक उसी समय हैदराबाद एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया। एयरपोर्ट पर विजय ने भी डार्क ग्लासेस और मास्क से चेहरा छिपाया हुआ था। रश्मिका मंदाना ने कन्फर्म की शादी! इंडियन एक्सप्रेस ने जर्नलिस्ट सुभाष के.झा के हवाले से रश्मिका-विजय की शादी की कन्फर्मेशन दी है। रिपोर्ट के अनुसार, जर्नलिस्ट सुभाष के.झा ने रश्मिका मंदाना को ऑनलाइन मैसेज के जरिए मुबारकबाद दी थी। इस पर एक्ट्रेस ने इनकार करने की बजाए शुक्रिया कहा, जिससे कन्फर्म है कि एक्ट्रेस शादी करने वाली हैं। दिल्ली का बैंड हुआ हायर, वेडिंग प्लानर हैदराबाद से नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट में सूत्र के हवाले से लिखा गया है कि रश्मिका-विजय ने शादी के लिए दिल्ली का एक पॉपुलर बैंड हायर किया है, जो इससे पहले कई सेलिब्रिटी वेडिंग में परफॉर्म कर चुका है। इसके अलावा वेडिंग प्लानर हैदराबाद से हायर हुआ है, जो एक मशहूर टेनिस प्लेयर की शादी भी प्लान कर चुके हैं। इसी रिपोर्ट के अनुसार, विजय-रश्मिका की शादी के लिए आईटीसी मोमेंटोज होटल बुक किया गया है। सभी मेहमान 24 फरवरी को होटल में चेक-इन करेंगे। ये बुकिंग 24-25-26 फरवरी के लिए हुई है। शादी में आने वाले सभी 230 गेस्ट इसी होटल में रहेंगे, जिसमें कुल 117 कमरे हैं। इससे पहले विजय देवरकोंडा के हैदराबाद स्थित घर को भी लाइट्स से सजाया गया था। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। दावा किया जा रहा है कि घर को शादी के लिए डेकोरेट किया गया है। विजय-रश्मिका का वेडिंग कार्ड हुआ वायरल हाल ही में सोशल मीडिया पर एक कार्ड वायरल हुआ, जिस पर विजय देवरकोंडा का नाम लिखा था। कार्ड में लिखा गया है, परिवार के आशीर्वाद से रश्मिका और विजय 26.02.26 को एक छोटे और निजी समारोह में शादी करेंगे। वे अपनी नई जिंदगी की शुरुआत अपनों के साथ करना चाहते हैं और उनका आशीर्वाद उनके लिए बहुत मायने रखता है। दावा- उदयपुर वेडिंग के बाद हैदराबाद में होगा रिसेप्शन रिपोर्ट्स के अनुसार, उदयपुर में होने वाली शादी के बाद कपल 3-4 मार्च को हैदराबाद में रिसेप्शन देंगे, जिसमें फिल्म इंडस्ट्री की कई हस्तियां शामिल होने वाली हैं। यह रिसेप्शन हैदराबाद या बंजारा हिल्स के किसी प्रीमियम स्थल पर होने की चर्चा है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, विजय-रश्मिका एक प्राइवेट सेरेमनी में शादी के बंधन में बंधेंगे, जिसमें महज परिवार के लोग और कुछ करीबी ही शामिल होंगे। शादी में नो फोन पॉलिसी होगी, जिससे इनसाइड तस्वीरें लीक न हों। इसके अलावा शादी के लिए बड़ी सिक्योरिटी एजेंसी हायर किए जाने की भी खबर है। अक्टूबर में हुई विजय-रश्मिका की सगाई विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना ने 3 अक्टूबर को हैदराबाद में सगाई की है। ये एक प्राइवेट सेरेमनी थी, जिसमें कपल के परिवार के चंद लोग ही शामिल हुए थे। इसके बाद रश्मिका को कई मौकों पर एंगेजमेंट रिंग के साथ स्पॉट किया गया था, हालांकि कपल ने अब तक सगाई की ऑफिशियल अनाउंसमेंट नहीं की है। सगाई की खबरों के बीच रश्मिका मंदाना ने हॉटरफ्लाई को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘मैं शादी कंफर्म या खारिज नहीं करना चाहूंगी। मैं बस इतना कहूंगी कि जब इस बारे में बात करने का समय आएगा, तब हम बात करेंगे।’
‘मुझे धृतराष्ट्र की याद दिलाती है…’: मैथली ठाकुर ने लालू यादव पर ‘महाभारत’ पर तंज कसा, तेजस्वी ने दी प्रतिक्रिया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:22 फरवरी, 2026, 08:01 IST मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रशंसा करते हुए, ठाकुर ने कहा, “जब नीतीश कुमार ने सत्ता संभाली, तो सुशासन आया,” और कानून और व्यवस्था में सुधार के लिए उनके प्रशासन को श्रेय दिया। मैथिली ठाकुर ने कहा कि 2005 से पहले शाम के बाद बाहर निकलना असुरक्षित माना जाता था. गायिका से नेता बनीं और बिहार भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव पर परोक्ष हमला करते हुए उनके छोटे बेटे तेजस्वी यादव के प्रति उनके लगाव की तुलना हस्तिनापुर के अंधे राजा धृतराष्ट्र और राजकुमार दुर्योधन से की। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार विधानसभा में अपने पहले भाषण के दौरान, उन्होंने राज्य में अतीत और वर्तमान शासन की तुलना करने के लिए महाभारत का संदर्भ दिया। राजद और उसके नेताओं का नाम लिए बिना, गायक से राजनेता बने गायक ने बिहार के 2005 से पहले के शासन की तुलना धृतराष्ट्र के शासन से करते हुए कहा कि राजा को अपने राज्य के कल्याण की तुलना में अपने बेटे दुर्योधन की अधिक चिंता थी। उन्होंने लालू प्रसाद और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के स्पष्ट संदर्भ में कहा, “जब भी मैं उस समय के बारे में सोचती हूं, मुझे धृतराष्ट्र का हस्तिनापुर याद आता है। राजा को हस्तिनापुर की चिंता नहीं थी, केवल अपने दुर्योधन की चिंता थी।” पहले के दौर को “जंगल राज” का युग बताते हुए ठाकुर ने दावा किया कि बिहार को शिक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा में असफलताओं का सामना करना पड़ा। लालू-राबड़ी शासन का जिक्र करते हुए ठाकुर ने कहा कि उस दौरान सरकारी शिक्षकों को अपना वेतन पाने के लिए दर-दर भटकना पड़ता था। उन्होंने दावा किया कि जब स्कूलों में दोपहर का भोजन नहीं दिया जाता था, तो बच्चों को खाली पेट कक्षाओं में भाग लेना पड़ता था। लोग संकट में थे क्योंकि उनकी बेटियां शिक्षा हासिल करने में असमर्थ थीं, फिर भी सत्ता में बैठे लोगों को कोई दया नहीं आई। उन्होंने कहा कि 2005 से पहले शाम के बाद बाहर निकलना असुरक्षित माना जाता था। “लोग कहते थे, ‘शाम 5 बजे के बाद कार से बाहर मत निकलो, यह खतरनाक है।’ आज एक कलाकार और विधायक के तौर पर मैं सुबह 3 बजे दरभंगा से निकलता हूं और सुरक्षित अपने घर पटना पहुंच जाता हूं. यह बदलाव बेहतर कानून-व्यवस्था को दर्शाता है।” मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रशंसा करते हुए, ठाकुर ने कहा, “जब नीतीश कुमार ने सत्ता संभाली, तो सुशासन आया,” और कानून और व्यवस्था में सुधार के लिए उनके प्रशासन को श्रेय दिया। उन्होंने स्कूली लड़कियों के लिए राज्य की साइकिल योजना के प्रभाव पर भी प्रकाश डाला और कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा, “मेरे अपने गांव में, जहां स्कूली शिक्षा के बारे में बमुश्किल कोई चर्चा होती थी, साइकिल कार्यक्रम शुरू होने के बाद लड़कियों ने स्कूल जाना शुरू कर दिया। हालांकि विपक्ष ने शुरुआत में इसका मजाक उड़ाया, लेकिन आज यह देश के लिए एक मॉडल के रूप में खड़ा है।” तेजस्वी की प्रतिक्रिया इस टिप्पणी पर तेजस्वी यादव की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई। सीधे तौर पर ठाकुर का नाम लिए बिना, उन्होंने सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना की और उन पर “जननायक” के बारे में “अभद्र टिप्पणी” करने का आरोप लगाया, यह शब्द राजद समर्थक लालू यादव के लिए इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “विधायक बनते ही कुछ लोग सोचते हैं कि उन्हें राजनीति का पूरा ज्ञान हो गया है। विधायिका के ए, बी, सी को समझे बिना, उनमें एक ‘जननायक’ (लोगों के नायक, एक विशेषण राजद कार्यकर्ता अपने सुप्रीमो के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला विशेषण) के बारे में भद्दी टिप्पणी करने का साहस करते हैं।” राजद नेता ने कुछ हफ्ते पहले दरभंगा जिले में एक दलित लड़की के बलात्कार और हत्या पर चुप रहने के लिए भी ठाकुर की आलोचना की, जहां उनका अपना निर्वाचन क्षेत्र आता है। उन्होंने व्यंग्यात्मक ढंग से उन्हें यह भी याद दिलाया कि हालांकि उन्होंने राजद शासन के दौरान “जंगल राज” की बात की थी, लेकिन उनकी मां ने कुछ दिन पहले उनके पैतृक जिले मधुबनी में कीमती सामान चोरी होने की शिकायत की थी, जबकि उनकी अपनी पार्टी राज्य में सत्ता में है। (एजेंसियों से इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 22 फरवरी, 2026, 08:01 IST समाचार राजनीति ‘मुझे धृतराष्ट्र की याद दिलाती है…’: मैथली ठाकुर ने लालू यादव पर ‘महाभारत’ पर तंज कसा, तेजस्वी ने दी प्रतिक्रिया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)बिहार की राजनीति(टी)मैथिली ठाकुर(टी)लालू प्रसाद यादव(टी)तेजस्वी यादव(टी)नीतीश कुमार(टी)आरजेडी(टी)बिहार विधानसभा(टी)जंगल राज
पंजाबी सिंगर ने दुकानदार से माफी मांगी:₹2000 के कुर्ते को लेकर जड़ दिए थे थप्पड़; बोले- ये तैश में हो गया, उसके लिए सॉरी

कपूरथाल के फगवाड़ा में कपड़ा दुकानदार को थप्पड़ मारने के बाद अब पंजाबी सिंगर गीता जैलदार ने माफी मांग ली है। दुकानदार ने कहा कि पंजाबी सिंगर गीता जैलदार आज उनकी दुकान पर आए और उनके फादर के पैर छूकर माफी मांग ली। दुकानदार ने कहा कि आज उनका लहजा काफी नरम था। कल वह शूज डालकर हमारी गद्दी पर चढ़ गए थे, वहां भी माथा टेक कर माफी मांगी है। अब हम पुलिस से शिकायत वापस ले रहे हैं। गीता जैलदार सारे मतभेद खत्म कर गए हैं। दुकानदार ने कहा कि सिंगर ने कहा कि कल जो भी हुआ, वह एकदम से तैश में आकर हो गया, अब उसके लिए सॉरी। गौरतबल है कि दुकानदार ने सिंगर और उसके बाउंसरों पर दुकान में घुसकर मारपीट के आरोप लगाए थे। दुकानदार ने इसकी शिकायत फगवाड़ा पुलिस को दे दी थी। विवाद खरीदे गए कपड़े को वापस करने को लेकर हुआ था। इसके CCTV फुटेज भी सामने आए। जिसमें सिंगर जैलदार दुकानदार से बहस करने के बाद उन्हें थप्पड़ मारते दिख रहे थे। इस दौरान दुकानदार के पिता ने बीच-बचाव किया। दुकानदार ने बताया पूरा मामला 5 पॉइंट में पढ़िए… हंगामे के PHOTOS…
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने की भोपाल उत्तर के विधायक की तारीफ:कहा- गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने का संकल्प लाए, यह हिंदू विधायकों को करना चाहिए था

मध्य प्रदेश की सियासत में ‘गौमाता’ को लेकर एक नया और दिलचस्प मोड़ आ गया है। भोपाल उत्तर से कांग्रेस विधायक आतिफ अकील द्वारा विधानसभा में गौमाता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने के लिए पेश किए गए ‘अशासकीय संकल्प’ ने संतों के गलियारों में हलचल मचा दी है। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने एक वीडियो संदेश जारी कर आतिफ अकील की जमकर तारीफ की है। उन्होंने तीखे लहजे में कहा कि जो काम खुद को हिंदू कहने वाले विधायकों को करना चाहिए था, वह एक मुस्लिम विधायक ने कर दिखाया है। शंकराचार्य ने ‘हिंदू विधायकों के माथे पर बताया कलंक’ शंकराचार्य ने अपने संदेश में एमपी विधानसभा के हिंदू विधायकों को आइना दिखाते हुए तीन बड़ी बातें कहीं हैं। आतिफ अकील के संकल्प में यह है खास मुस्लिम जनप्रतिनिधि आगे, हिंदू क्यों देरी कर रहे शंकराचार्य ने केवल आतिफ ही नहीं, बल्कि अन्य मुस्लिम नेताओं का भी जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि संसद में अफजाल अंसारी और गुजरात की कांग्रेस सांसद गनी बेन ठाकुर ने भी गौमाता के लिए आवाज उठाई है। प्रयागराज के सांसद उज्जवल रमण सिंह का भी उदाहरण दिया है। उन्होंने बताया कि राजस्थान में विधायक बालमुकुंद ने अपनी ही सरकार से इस पर जवाब मांगा है, लेकिन सरकारें अभी भी देरी कर रही हैं। हर हिंदू गौमाता के पक्ष में खड़ा हो और खुद को असली हिंदू घोषित करे, वरना जनता की नजर में आप ‘नकली हिंदू’ कहलाएंगे। यह खबर भी पढ़ें… गोहत्या पर सियासी-गर्मी के बाद विधानसभा में प्रस्ताव की तैयारी दिसंबर में नगर निगम के स्लॉटर हाउस से निकले ट्रक में गोमांस मिलने के बाद मचे हंगामे के बाद अब कांग्रेस के विधायक आतिफ अकील ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कराने की मांग की है। वह विधानसभा में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कराने का संकल्प लेकर आएंगे। मंगलवार को इस संबंध में उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपा। पूरी खबर यहां पढ़ें…
शिखर धवन ने गर्लफ्रेंड सोफी शाइन से शादी की:युजवेंद्र चहल ने बारात में डांस किया; क्रिकेटर ने 2023 में पहली पत्नी से तलाक लिया था

पूर्व भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन ने गर्लफ्रेंड सोफी शाइन के साथ शादी कर ली है। स्पिनर युजवेंद्र चहल ने शनिवार को एक वीडियो पोस्ट किया। इसमें वे मौजा ही मौजा गाने पर डांस करते दिख रहे हैं। चहल ने कुछ फोटो भी पोस्ट किए। इनमें धवन और उनकी पत्नी सोफी शाइन स्टेज पर हैं। 40 साल के पूर्व भारतीय ओपनर ने एक महीने पहले 12 जनवरी को अपनी आयरिश गर्लफ्रेंड के साथ सगाई की थी। दोनों पिछले कुछ समय से रिलेशनशिप में थे और मई 2025 में अपने रिश्ते को सार्वजनिक किया था। इससे पहले धवन ने 2023 में अपनी पहली पत्नी आयशा मुखर्जी से तलाक ले लिया था। दोनों ने 2011 में शादी की थी। आयशा-धवन का एक बेटा भी है। धवन की शादी की फोटो देखिए चहल ने धवन की शादी में डांस की वीडियो भी पोस्ट किया, देखिए… पिछले महीने धवन ने सगाई की थी धवन ने 12 जनवरी को इंस्टाग्राम पर लिखा था- मुस्कान से लेकर सपनों तक, सब कुछ साझा करते हुए। हमारी सगाई के लिए मिले प्यार, आशीर्वाद और शुभकामनाओं के लिए आभारी हूं। हम हमेशा के लिए एक-दूसरे का साथ चुन रहे हैं। इससे पहले IPL में शिखर के पंजाब किंग्स के लिए खेलने के दौरान भी सोफी टीम को सपोर्ट करती नजर आई थीं। कौन हैं सोफी शाइन? सोफी शाइन आयरलैंड की रहने वाली हैं। जब वह धवन से मिली थी तब UAE में जॉब करती थी। उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक वह अमेरिका की फाइनेंशियल सर्विस कंपनी नॉर्दर्न ट्रस्ट कॉरपोरेशन में सेकेंड वाइस प्रेसिडेंट (प्रोडक्ट कंसल्टेंट) के पद पर कार्यरत रही हैं। सोफी पिछले साल जुलाई से धवन की स्पोर्ट्स कंपनी डा वन स्पोर्ट्स की COO (चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर) हैं। उन्होंने आयरलैंड के लिमरिक इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से मार्केटिंग और मैनेजमेंट की पढ़ाई की है। शुरुआती शिक्षा उन्होंने कैसलरॉय कॉलेज से पूरी की। सोफी, धवन के इंस्टाग्राम पर आने वाले कई मजेदार वीडियो में भी नजर आती रहती हैं। धवन तलाक के बाद मुश्किल दौर से गुजरे थे पिछले साल एक इंटरव्यू में धवन ने अपने तलाक के बाद के मुश्किल दौर को लेकर खुलकर बात की थी। उन्होंने बताया था कि वह लंबे समय से अपने बेटे जोरावर से नहीं मिल पाए हैं और संपर्क भी टूट गया है। धवन और उनकी पूर्व पत्नी आयशा मुखर्जी का अक्टूबर 2023 में आधिकारिक तौर पर तलाक हुआ था। दोनों की शादी 2011 में हुई थी और यह रिश्ता करीब 11 साल चला। आयशा की पहले की शादी से दो बेटियां हैं। धवन के साथ उन्होंने बेटे जोरावर को जन्म दिया। तलाक के फैसले के दौरान दिल्ली की अदालत ने कहा था कि धवन को मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी और उन्हें कई सालों तक अपने इकलौते बेटे से दूर रखा गया। हालांकि कोर्ट ने धवन को स्थायी कस्टडी नहीं दी थी, बल्कि मिलने और वीडियो कॉल की सीमित अनुमति दी थी। धवन का कहना है कि बाद में उन्हें बेटे से वर्चुअल बातचीत से भी रोक दिया गया। घरवालों के मना करने के बावजूद शिखर ने पहली शादी की थी ऑस्ट्रेलियन नागरिक आयशा का जन्म हिंदुस्तान में हुआ था। उनके पिता भारतीय और उनकी मां ब्रिटिश मूल की हैं। शिखर से 10 साल बड़ी आयशा किक बॉक्सर हैं और नेशनल व इंटरनेशनल इवेंट में हिस्सा ले चुकी हैं। आयशा की पहली शादी एक ऑस्ट्रेलियाई बिजनेसमैन से हुई थी। इस शादी के बाद आयशा की दो बेटियां आलिया और रिया हुईं। शिखर ने आयशा को पहली बार फेसबुक पर देखा था और यहीं से प्यार की शुरुआत हुई थी। इस लव स्टोरी में हरभजन सिंह मीडिएटर थे। धवन के घरवाले आयशा से शादी के खिलाफ थे। वे नहीं चाहते थे कि तलाकशुदा और 10 साल बड़ी औरत जिसकी दो बेटियां हों, उससे वे शादी करें। हालांकि, बाद में परिवार ने इस रिश्ते को मंजूरी दे दी। 2012 में सिख परंपरा से शादी हुई। शिखर की बारात में विराट कोहली समेत कई क्रिकेटर्स शामिल हुए थे। शिखर ने 2022 में भारत के लिए आखिरी मैच खेला शिखर धवन ने 2010 में टी-20 और 2011 में भारत के लिए वनडे डेब्यू किया। हालांकि, टीम में जगह बनाने में उन्हें 3 साल लग गए। 2013 में उन्होंने टेस्ट डेब्यू किया, यहीं से वे तीनों फॉर्मेट में फिक्स हो गए। उन्होंने 10 दिसंबर 2022 तक भारत के लिए 167 वनडे, 68 टी-20 और 34 टेस्ट खेले। इनमें 24 शतक और 55 फिफ्टी शामिल रहीं। —————————————————— भारतीय क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… सूर्या बोले– अभिषेक के फॉर्म की चिंता न करें टी-20 वर्ल्ड कप के तीन मैचों में बिना खाता खोले आउट हुए टीम इंडिया के ओपनर अभिषेक शर्मा के सपोर्ट में कप्तान सूर्यकुमार यादव का बयान आया है। शनिवार को सूर्या ने कहा- ‘अभिषेक शर्मा का फॉर्म चिंता का विषय नहीं है। मुझे चिंता उन लोगों की है, जो अभिषेक की चिंता कर रहे हैं। मुझे फिक्र उन टीमों की है, जिनके खिलाफ अभिषेक का बल्ला चलेगा।’ पढ़ें पूरी खबर
How Body Senses Cold | शरीर को ठंड का अहसास कैसे होता है? वैज्ञानिकों ने सुलझाई शरीर की सबसे बड़ी मिस्ट्री, अंदर छिपा है ‘माइक्रोस्कोपिक थर्मामीटर’, वो सेंसर जो दिमाग को भेजता है कूल सिग्नल

नई दिल्ली: जब आप सर्दियों की सुबह घर से बाहर निकलते हैं या मुंह में पुदीने की गोली (Mint) रखते हैं, तो आपके शरीर के भीतर एक छोटा सा मॉलिक्यूलर सेंसर तुरंत एक्टिव हो जाता है. यह सेंसर आपके दिमाग को अलर्ट करता है कि बाहर ठंड है या आपने कुछ ठंडा खाया है. वैज्ञानिकों ने अब इस सेंसर की पहली विस्तृत तस्वीरें कैद करने में सफलता हासिल की है. इस रिसर्च से यह साफ हो गया है कि हमारा शरीर असली ठंड और मेंथॉल (Menthol) से मिलने वाली बनावटी ठंडक के बीच कैसे फर्क करता है या कैसे दोनों को एक ही तरह से महसूस करता है. सैन फ्रांसिस्को में 21-25 फरवरी, 2026 तक चलने वाली ’70वीं बायोफिजिकल सोसाइटी एनुअल मीटिंग’ में इस रिसर्च को पेश किया गया. 1. क्या है TRPM8 और यह कैसे काम करता है? इस पूरी रिसर्च का केंद्र ‘TRPM8’ नामक एक प्रोटीन चैनल है. ड्यूक यूनिवर्सिटी के रिसर्चर ह्युक-जून ली ने इसे शरीर के भीतर मौजूद एक ‘माइक्रोस्कोपिक थर्मामीटर’ की तरह बताया है. यह प्रोटीन हमारे सेंसरी न्यूरॉन्स की झिल्लियों (Membranes) में स्थित होता है, जो हमारी त्वचा, मुंह और आंखों तक फैले होते हैं. जब तापमान 46°F से 82°F (लगभग 8°C से 28°C) के बीच होता है, तो यह चैनल खुल जाता है. इसके खुलते ही कोशिका के अंदर आयन (Ions) का प्रवाह शुरू होता है, जो दिमाग को ठंडक का इलेक्ट्रिकल सिग्नल भेजता है. 2. मेंथॉल कैसे देता है दिमाग को धोखा? रिसर्च में यह दिलचस्प खुलासा हुआ कि मेंथॉल वास्तव में शरीर को ‘बेवकूफ’ बनाता है. ली के अनुसार, मेंथॉल एक ट्रिक की तरह काम करता है. यह प्रोटीन चैनल के एक खास हिस्से से जुड़ जाता है और उसे बिल्कुल वैसे ही खोल देता है जैसे असली ठंडक खोलती है. हालांकि मेंथॉल किसी चीज को बर्फ की तरह जमाता नहीं है, लेकिन आपका शरीर दिमाग को वही सिग्नल भेजता है जो बर्फ छूने पर मिलता है. यही कारण है कि पुदीना खाने पर या नीलगिरी (Eucalyptus) का तेल लगाने पर हमें तेज ठंडक का एहसास होता है. क्रायो-इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी एक ऐसी तकनीक जो इलेक्ट्रॉन बीम से फ्लैश-फ्रोजन प्रोटीन की इमेज बनाती है. इसका इस्तेमाल करके रिसर्चर्स ने कोल्ड सेंसिंग चैनल, TRPM8 के कई कन्फर्मेशनल स्नैपशॉट कैप्चर किए, जब यह बंद से खुले में बदलता है. (Credit: Hyuk-Joon Lee) 3.क्रायो-इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी से खुला राज? वैज्ञानिकों ने इस सेंसर को काम करते हुए देखने के लिए ‘क्रायो-इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी’ तकनीक का इस्तेमाल किया. इसमें प्रोटीन को अचानक जमा दिया जाता है और फिर इलेक्ट्रॉन बीम के जरिए उसकी इमेज ली जाती है. टीम ने TRPM8 के बंद होने से लेकर खुलने तक की कई तस्वीरें लीं. उन्होंने पाया कि ठंड और मेंथॉल दोनों ही इस चैनल को सक्रिय करते हैं, लेकिन उनके तरीके अलग-अलग हैं. ठंड सीधे उस रास्ते (Pore) को प्रभावित करती है जहां से आयन गुजरते हैं, जबकि मेंथॉल प्रोटीन के दूसरे हिस्से से जुड़कर उसमें बदलाव लाता है, जो अंततः रास्ते को खोल देता है. 4. बीमारियों के इलाज में कैसे मिलेगी मदद? इस खोज के मेडिकल मायने बहुत गहरे हैं. जब TRPM8 सेंसर सही से काम नहीं करता, तो यह क्रोनिक पेन (लगातार होने वाला दर्द), माइग्रेन, आंखों का सूखापन (Dry Eye) और यहां तक कि कुछ प्रकार के कैंसर से जुड़ जाता है. फिलहाल ‘एकोल्ट्रेमोन’ नामक दवा, जो TRPM8 को सक्रिय करती है, ड्राई आई के इलाज के लिए इस्तेमाल की जा रही है. यह दवा मेंथॉल की तरह ही काम करती है और आंखों में ठंडक का अहसास कराकर आंसू बनाने की प्रक्रिया को तेज करती है. AI की मदद से बनाई प्रतीकात्मक तस्वीर. 5. क्या भविष्य में दर्द से मिलेगी पूरी राहत? रिसर्चर्स ने प्रोटीन के अंदर एक ‘कोल्ड स्पॉट’ (Cold Spot) की भी पहचान की है. यह हिस्सा तापमान को भांपने के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार होता है. यह खोज वैज्ञानिकों को ऐसी नई दवाएं विकसित करने का आधार प्रदान करती है जो सीधे इस रास्ते को टारगेट कर सकें. इससे न केवल दर्द के इलाज में मदद मिलेगी, बल्कि यह भी समझ में आएगा कि लंबे समय तक ठंड में रहने पर हमारा शरीर उसे सहने के अनुकूल कैसे हो जाता है. दशकों से वैज्ञानिक जिस सवाल का जवाब ढूंढ रहे थे, वह अब हमारे सामने है.
झाबुआ में कृषि विज्ञान मेले का शुभारंभ:मंत्री निर्मला भूरिया ने जैविक खेती पर जोर दिया

झाबुआ के कृषि विज्ञान केंद्र प्रक्षेत्र में शनिवार को दो दिवसीय जिला स्तरीय कृषि विज्ञान मेले का शुभारंभ हुआ। इसका उद्देश्य कृषक कल्याण वर्ष के संकल्प को साकार करना है। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया मुख्य अतिथि थीं, जबकि कलेक्टर नेहा मीना ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। मेले का फोकस कृषि, उद्यानिकी तकनीक विस्तारण और तिलहन मिशन पर है, जिसका लक्ष्य किसानों को आधुनिक तकनीक, प्राकृतिक खेती और उन्नत विपणन प्रणालियों से जोड़ना है। अपने संबोधन में मंत्री निर्मला भूरिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजन का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 को किसान कल्याण के लिए समर्पित किया गया है। मंत्री ने रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से स्वास्थ्य और भूमि पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के प्रति आगाह किया। उन्होंने कृषि सखियों और उपस्थित जनसमूह से मिश्रित खेती व जैविक पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया। कलेक्टर नेहा मीना ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की प्राथमिकता केवल मेले का आयोजन नहीं, बल्कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के किसान तक पहुंचाना है। उन्होंने जिले की जैविक खेती के क्षेत्र में उपलब्धियों का जिक्र किया। मीना ने वैज्ञानिकों से अपील की कि वे किसानों को उनकी स्थानीय भाषा में तकनीकी प्रशिक्षण दें, ताकि ज्ञान का व्यावहारिक उपयोग सुनिश्चित हो सके। कार्यक्रम के दौरान ग्राम खेड़ी के विमल भाभोर को बायो रिसोर्स सेंटर के लिए सहायता प्रदान की गई। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और फसल बीमा योजना के तहत कई हितग्राहियों को ड्रिप सिस्टम और बीमा पॉलिसी वितरित की गईं। उद्यानिकी और पशुपालन विभाग द्वारा भी ट्रैक्टर, सब्जी खेती और बकरी पालन के लिए लाखों रुपए की सहायता राशि के चेक प्रदान किए गए। मेले में लगाई गई प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों ने सूक्ष्म सिंचाई, नरवाई प्रबंधन और आधुनिक कृषि यंत्रों की बारीकियों को समझा। कार्यक्रम के समापन पर मंत्री भूरिया ने उपस्थित जनसमूह को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। उन्होंने एक प्रश्नोत्तरी के माध्यम से कृषि सखी गंगा मेडा को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। मेले की अन्य तस्वीरें…
भारत में हर वर्ष 54 हजार करोड़ का दान:हाउ इंडिया गिव्स 2025’ की रिपोर्ट 68% किसी न किसी रूप से करते हैं मदद, सर्वाधिक 45.9% धार्मिक संस्थाओं को

भारत में व्यक्तिगत दान का 45.9% हिस्सा धार्मिक संगठनों को जाता है। 41.8% दान सीधे बेहद गरीब, जरूरतमंद व भिक्षा मांगने वालों को मिलता है। गैर-धार्मिक संगठनों तक सिर्फ 14.9% दान पहुंचता है। यह बात ‘हाउ इंडिया गिव्स’ रिपोर्ट के तीसरे संस्करण में सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक देश में दान का सबसे बड़ा आधार आम घर हैं। कुल घरेलू दान का अनुमान हर साल 54 हजार करोड़ रुपए है। रिपोर्ट के मुताबिक 68% लोगों ने किसी न किसी रूप में देने की बात कही। दान में दिया बहुत सा खाना मुफ्त सामुदायिक रसोइयों तक जाता है। सेवा का सबसे आम रूप धार्मिक संस्थानों में काम है। रिपोर्ट में भारत में घरों के रोजमर्रा के दान का पैमाना, पैटर्न, वजहें बताई गई हैं। बताया गया है कि भारतीय दुनिया के सबसे उदार लोगों में हैं। यह अध्ययन 20 राज्यों में सर्वे पर आधारित है। इसका मकसद यह समझना रहा कि आम लोग नकद, सामान के रूप में मदद, सामाजिक कामों में कैसे योगदान देते हैं। दान किस रूप में 48% खाना, कपड़े, जरूरी वस्तुएं 44% नकद दान 30% समय देकर सेवा ऊंची आय: दान 80%तक 4000–5000 रुपए महीना आय वाले आधे घर दान करते हैं ऊंची आय पर भागीदारी 70 से 80% तक बढ़ जाती है। दान की सबसे बड़ी वजह 90%+ इसे धार्मिक कर्तव्य मानते हैं नैतिक जिम्मेदारी आमने-सामने अपील सबसे असरदार कुल दान में नकद का हिस्सा 44 फीसदी रिपोर्ट में दान के तरीके भी बताए गए हैं। सामान के रूप में मदद का हिस्सा सबसे ज्यादा 46% है। नकद दान 44% है। करीब 30% लोगों ने वॉलंटियरिंग की बात कही। रिपोर्ट के मुताबिक यह दान के रिश्तों और समुदाय आधारित स्वरूप को दिखाता है। रिपोर्ट में दान के तरीके और पैटर्न पर भी हुआ विश्लेषण रिपोर्ट के मुताबिक भारत में रोजमर्रा के घरेलू दान का इकोसिस्टम सालाना करीब 54 हजार करोड़ रुपए का है। रिपोर्ट लॉन्च पर सीएसआईपी की डायरेक्टर और हेड जिनी उप्पल ने कहा कि ‘हाउ इंडिया गिव्स 2025-26’ की रिपोर्ट भारत की उस उदारता को सामने लाती है, जो हमेशा से रही है, पर कम आंकी गई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खपत आंकड़ों के आधार पर विश्लेषण करने से यह समझ आता है कि भारत कैसे दान देता है। यह भी पता चलता है कि देश के विकास की गति के साथ दान कैसे बदलता है। हर आय वर्ग के लोग रोजाना करते हैं दान रिपोर्ट के मुताबिक,रोजमर्रा का दान हर आय वर्ग में होता है। कम खपत स्तर 4 से 5 हजार रुपए महीना पर भी करीब आधे घर दान करते हैं। आय बढ़ने पर भागीदारी तेजी से बढ़ती है। रिपोर्ट ने दानदाताओं के चार प्रकार भी बताए हैं। ग्रासरूट, एस्पिरेशनल, प्रैक्टिकल, वेल-ऑफ गिवर्स। इनकी प्रेरणा, जागरूकता, जुड़ने की पसंद अलग-अलग बताई गई है।
भारत में हर वर्ष 54 हजार करोड़ का दान:68% लोग किसी न किसी रूप से करते हैं मदद, सर्वाधिक 45.9% दान धार्मिक संस्थाओं को; हाउ इंडिया गिव्स 2025’ की रिपोर्ट

भारत में व्यक्तिगत दान का 45.9% हिस्सा धार्मिक संगठनों को जाता है। 41.8% दान सीधे बेहद गरीब, जरूरतमंद व भिक्षा मांगने वालों को मिलता है। गैर-धार्मिक संगठनों तक सिर्फ 14.9% दान पहुंचता है। यह बात ‘हाउ इंडिया गिव्स’ रिपोर्ट के तीसरे संस्करण में सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक देश में दान का सबसे बड़ा आधार आम घर हैं। कुल घरेलू दान का अनुमान हर साल 54 हजार करोड़ रुपए है। रिपोर्ट के मुताबिक 68% लोगों ने किसी न किसी रूप में देने की बात कही। दान में दिया बहुत सा खाना मुफ्त सामुदायिक रसोइयों तक जाता है। सेवा का सबसे आम रूप धार्मिक संस्थानों में काम है। रिपोर्ट में भारत में घरों के रोजमर्रा के दान का पैमाना, पैटर्न, वजहें बताई गई हैं। बताया गया है कि भारतीय दुनिया के सबसे उदार लोगों में हैं। यह अध्ययन 20 राज्यों में सर्वे पर आधारित है। इसका मकसद यह समझना रहा कि आम लोग नकद, सामान के रूप में मदद, सामाजिक कामों में कैसे योगदान देते हैं। दान किस रूप में 48% खाना, कपड़े, जरूरी वस्तुएं 44% नकद दान 30% समय देकर सेवा ऊंची आय: दान 80%तक 4000–5000 रुपए महीना आय वाले आधे घर दान करते हैं ऊंची आय पर भागीदारी 70 से 80% तक बढ़ जाती है। दान की सबसे बड़ी वजह 90%+ इसे धार्मिक कर्तव्य मानते हैं नैतिक जिम्मेदारी आमने-सामने अपील सबसे असरदार कुल दान में नकद का हिस्सा 44 फीसदी रिपोर्ट में दान के तरीके भी बताए गए हैं। सामान के रूप में मदद का हिस्सा सबसे ज्यादा 46% है। नकद दान 44% है। करीब 30% लोगों ने वॉलंटियरिंग की बात कही। रिपोर्ट के मुताबिक यह दान के रिश्तों और समुदाय आधारित स्वरूप को दिखाता है। रिपोर्ट में दान के तरीके और पैटर्न पर भी हुआ विश्लेषण रिपोर्ट के मुताबिक भारत में रोजमर्रा के घरेलू दान का इकोसिस्टम सालाना करीब 54 हजार करोड़ रुपए का है। रिपोर्ट लॉन्च पर सीएसआईपी की डायरेक्टर और हेड जिनी उप्पल ने कहा कि ‘हाउ इंडिया गिव्स 2025-26’ की रिपोर्ट भारत की उस उदारता को सामने लाती है, जो हमेशा से रही है, पर कम आंकी गई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खपत आंकड़ों के आधार पर विश्लेषण करने से यह समझ आता है कि भारत कैसे दान देता है। यह भी पता चलता है कि देश के विकास की गति के साथ दान कैसे बदलता है। हर आय वर्ग के लोग रोजाना करते हैं दान रिपोर्ट के मुताबिक,रोजमर्रा का दान हर आय वर्ग में होता है। कम खपत स्तर 4 से 5 हजार रुपए महीना पर भी करीब आधे घर दान करते हैं। आय बढ़ने पर भागीदारी तेजी से बढ़ती है। रिपोर्ट ने दानदाताओं के चार प्रकार भी बताए हैं। ग्रासरूट, एस्पिरेशनल, प्रैक्टिकल, वेल-ऑफ गिवर्स। इनकी प्रेरणा, जागरूकता, जुड़ने की पसंद अलग-अलग बताई गई है।








