Thursday, 21 May 2026 | 03:56 PM

Trending :

दुनिया की सबसे खरनाक वायरल बीमारी कौन सी है जिसमें 100 % मौत तय है? इबोला तो इसके सामने कुछ भी नहीं High BP symptoms| हाई बीपी है ‘साइलेंट किलर’ लेकिन ये 6 लक्षण हैं पुख्ता सबूत, तुरंत पकड़ में आ जाएगी बीमारी, डॉक्टर ने बताई काम की बात मैरी विल्सन कौन है? शिक्षाविद् से राजनेता बने अब तमिलनाडु का वित्त संभाल रहे हैं | चेन्नई-समाचार समाचार इलॉन मस्क बन सकते हैं दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर:स्पेसएक्स वॉल स्ट्रीट के इतिहास का सबसे बड़ा IPO लाएगी; वैल्यूएशन 1.25 ट्रिलियन डॉलर आंकी गई अंडे और पनीर की भुर्जी में क्या अंतर है, आपकी सेहत के लिये कौन है ज्यादा फायदेमंद? जानिये पाकिस्तान में आतंकी हमजा बुरहान की गोली मारकर हत्या:पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड था, 2022 में UAPA के तहत आतंकी घोषित हुआ
EXCLUSIVE

भारत में हर वर्ष 54 हजार करोड़ का दान:68% लोग किसी न किसी रूप से करते हैं मदद, सर्वाधिक 45.9% दान धार्मिक संस्थाओं को; हाउ इंडिया गिव्स 2025’ की रिपोर्ट

भारत में हर वर्ष 54 हजार करोड़ का दान:68% लोग किसी न किसी रूप से करते हैं मदद, सर्वाधिक 45.9% दान धार्मिक संस्थाओं को; हाउ इंडिया गिव्स 2025’ की रिपोर्ट

भारत में व्यक्तिगत दान का 45.9% हिस्सा धार्मिक संगठनों को जाता है। 41.8% दान सीधे बेहद गरीब, जरूरतमंद व भिक्षा मांगने वालों को मिलता है। गैर-धार्मिक संगठनों तक सिर्फ 14.9% दान पहुंचता है। यह बात ‘हाउ इंडिया गिव्स’ रिपोर्ट के तीसरे संस्करण में सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक देश में दान का सबसे बड़ा आधार आम घर हैं। कुल घरेलू दान का अनुमान हर साल 54 हजार करोड़ रुपए है। रिपोर्ट के मुताबिक 68% लोगों ने किसी न किसी रूप में देने की बात कही।
दान में दिया बहुत सा खाना मुफ्त सामुदायिक रसोइयों तक जाता है। सेवा का सबसे आम रूप धार्मिक संस्थानों में काम है। रिपोर्ट में भारत में घरों के रोजमर्रा के दान का पैमाना, पैटर्न, वजहें बताई गई हैं। बताया गया है कि भारतीय दुनिया के सबसे उदार लोगों में हैं। यह अध्ययन 20 राज्यों में सर्वे पर आधारित है। इसका मकसद यह समझना रहा कि आम लोग नकद, सामान के रूप में मदद, सामाजिक कामों में कैसे योगदान देते हैं। दान किस रूप में
48% खाना, कपड़े, जरूरी वस्तुएं
44% नकद दान
30% समय देकर सेवा ऊंची आय: दान 80%तक 4000–5000 रुपए महीना आय वाले आधे घर दान करते हैं
ऊंची आय पर भागीदारी 70 से 80% तक बढ़ जाती है। दान की सबसे बड़ी वजह
90%+ इसे धार्मिक कर्तव्य मानते हैं नैतिक जिम्मेदारी आमने-सामने अपील सबसे असरदार कुल दान में नकद का हिस्सा 44 फीसदी
रिपोर्ट में दान के तरीके भी बताए गए हैं। सामान के रूप में मदद का हिस्सा सबसे ज्यादा 46% है। नकद दान 44% है। करीब 30% लोगों ने वॉलंटियरिंग की बात कही। रिपोर्ट के मुताबिक यह दान के रिश्तों और समुदाय आधारित स्वरूप को दिखाता है। रिपोर्ट में दान के तरीके और पैटर्न पर भी हुआ विश्लेषण रिपोर्ट के मुताबिक भारत में रोजमर्रा के घरेलू दान का इकोसिस्टम सालाना करीब 54 हजार करोड़ रुपए का है। रिपोर्ट लॉन्च पर सीएसआईपी की डायरेक्टर और हेड जिनी उप्पल ने कहा कि ‘हाउ इंडिया गिव्स 2025-26’ की रिपोर्ट भारत की उस उदारता को सामने लाती है, जो हमेशा से रही है, पर कम आंकी गई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खपत आंकड़ों के आधार पर विश्लेषण करने से यह समझ आता है कि भारत कैसे दान देता है। यह भी पता चलता है कि देश के विकास की गति के साथ दान कैसे बदलता है। हर आय वर्ग के लोग रोजाना करते हैं दान रिपोर्ट के मुताबिक,रोजमर्रा का दान हर आय वर्ग में होता है। कम खपत स्तर 4 से 5 हजार रुपए महीना पर भी करीब आधे घर दान करते हैं। आय बढ़ने पर भागीदारी तेजी से बढ़ती है। रिपोर्ट ने दानदाताओं के चार प्रकार भी बताए हैं। ग्रासरूट, एस्पिरेशनल, प्रैक्टिकल, वेल-ऑफ गिवर्स। इनकी प्रेरणा, जागरूकता, जुड़ने की पसंद अलग-अलग बताई गई है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
विधानसभा चुनाव 2026 लाइव: टीएमसी नेताओं का बड़ा बयान, बंगाल चुनाव में शामिल होंगी ममता बनर्जी की पार्टी, कर दी भविष्यवाणी

April 27, 2026/
7:15 am

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए पहले चरण की वोटिंग हो गई है। अब दूसरे चरण के लिए 29...

कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर, अभिनेत्री निधि अग्रवाल ने किए महाकाल दर्शन:उज्जैन में पूजा-अर्चना कर मांगी सुख-समृद्धि की कामना

March 11, 2026/
8:04 pm

कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर और फिल्म अभिनेत्री निधि अग्रवाल ने उज्जैन में भगवान महाकालेश्वर के दर्शन किए। दोनों ने मंदिर में...

भोपाल-इंदौर मेट्रो में ₹7000 में प्री-वेडिंग शूट:फिल्म की शूटिंग, बर्थ-डे सेलिब्रेशन भी कर सकेंगे; 15 दिन पहले करानी होगी बुकिंग

May 5, 2026/
6:28 pm

भोपाल और इंदौर मेट्रो में अब आप प्री-वेडिंग शूट, फिल्म की शूटिंग और बर्थडे सेलिब्रेशन भी करा सकेंगे। इसके लिए...

सोनम कपूर ने शेयर की न्यू-बॉर्न बेबी की पहली तस्वीर:बोलीं- जिंदगी एक सपने जैसी है; पति आनंद और बड़े बेटे वायु भी साथ दिखे

April 24, 2026/
4:29 pm

बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनम कपूर ने अपने दूसरे बेटे के जन्म के कुछ हफ्तों बाद सोशल मीडिया पर फोटोज का एक...

Sugar Option | Doctor Recomanded: चीनी के बदले क्या खाएं? प्री-डायबेटिक हैं तो जरूर जानें डॉक्टरों की ये 5 लिस्ट

March 10, 2026/
7:43 pm

Last Updated:March 10, 2026, 19:43 IST Sugar Option: भारत में अधिकांश लोग प्री-डायबेटिक हैं. हालांकि इनमें से अधिकांश को पता...

authorimg

April 23, 2026/
2:30 pm

अलसी के बीज स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. यह वजन घटाने, कोलेस्ट्रॉल कम करने, डायबिटीज नियंत्रित करने...

1971 के नायक रहे राजस्थान के सपूत को बांग्लादेशी सम्मान:22 साल की उम्र में अंतिम सांस तक पाकिस्तानी ठिकानों पर करते रहे थे बमबारी

April 3, 2026/
10:58 am

1971 के भारत-पाक युद्ध में मातृभूमि के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले पिलानी (झुंझुनूं) के शहीद धर्मपाल डूडी के अदम्य...

हेल्थ & फिटनेस

राजनीति

भारत में हर वर्ष 54 हजार करोड़ का दान:68% लोग किसी न किसी रूप से करते हैं मदद, सर्वाधिक 45.9% दान धार्मिक संस्थाओं को; हाउ इंडिया गिव्स 2025’ की रिपोर्ट

भारत में हर वर्ष 54 हजार करोड़ का दान:68% लोग किसी न किसी रूप से करते हैं मदद, सर्वाधिक 45.9% दान धार्मिक संस्थाओं को; हाउ इंडिया गिव्स 2025’ की रिपोर्ट

भारत में व्यक्तिगत दान का 45.9% हिस्सा धार्मिक संगठनों को जाता है। 41.8% दान सीधे बेहद गरीब, जरूरतमंद व भिक्षा मांगने वालों को मिलता है। गैर-धार्मिक संगठनों तक सिर्फ 14.9% दान पहुंचता है। यह बात ‘हाउ इंडिया गिव्स’ रिपोर्ट के तीसरे संस्करण में सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक देश में दान का सबसे बड़ा आधार आम घर हैं। कुल घरेलू दान का अनुमान हर साल 54 हजार करोड़ रुपए है। रिपोर्ट के मुताबिक 68% लोगों ने किसी न किसी रूप में देने की बात कही।
दान में दिया बहुत सा खाना मुफ्त सामुदायिक रसोइयों तक जाता है। सेवा का सबसे आम रूप धार्मिक संस्थानों में काम है। रिपोर्ट में भारत में घरों के रोजमर्रा के दान का पैमाना, पैटर्न, वजहें बताई गई हैं। बताया गया है कि भारतीय दुनिया के सबसे उदार लोगों में हैं। यह अध्ययन 20 राज्यों में सर्वे पर आधारित है। इसका मकसद यह समझना रहा कि आम लोग नकद, सामान के रूप में मदद, सामाजिक कामों में कैसे योगदान देते हैं। दान किस रूप में
48% खाना, कपड़े, जरूरी वस्तुएं
44% नकद दान
30% समय देकर सेवा ऊंची आय: दान 80%तक 4000–5000 रुपए महीना आय वाले आधे घर दान करते हैं
ऊंची आय पर भागीदारी 70 से 80% तक बढ़ जाती है। दान की सबसे बड़ी वजह
90%+ इसे धार्मिक कर्तव्य मानते हैं नैतिक जिम्मेदारी आमने-सामने अपील सबसे असरदार कुल दान में नकद का हिस्सा 44 फीसदी
रिपोर्ट में दान के तरीके भी बताए गए हैं। सामान के रूप में मदद का हिस्सा सबसे ज्यादा 46% है। नकद दान 44% है। करीब 30% लोगों ने वॉलंटियरिंग की बात कही। रिपोर्ट के मुताबिक यह दान के रिश्तों और समुदाय आधारित स्वरूप को दिखाता है। रिपोर्ट में दान के तरीके और पैटर्न पर भी हुआ विश्लेषण रिपोर्ट के मुताबिक भारत में रोजमर्रा के घरेलू दान का इकोसिस्टम सालाना करीब 54 हजार करोड़ रुपए का है। रिपोर्ट लॉन्च पर सीएसआईपी की डायरेक्टर और हेड जिनी उप्पल ने कहा कि ‘हाउ इंडिया गिव्स 2025-26’ की रिपोर्ट भारत की उस उदारता को सामने लाती है, जो हमेशा से रही है, पर कम आंकी गई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खपत आंकड़ों के आधार पर विश्लेषण करने से यह समझ आता है कि भारत कैसे दान देता है। यह भी पता चलता है कि देश के विकास की गति के साथ दान कैसे बदलता है। हर आय वर्ग के लोग रोजाना करते हैं दान रिपोर्ट के मुताबिक,रोजमर्रा का दान हर आय वर्ग में होता है। कम खपत स्तर 4 से 5 हजार रुपए महीना पर भी करीब आधे घर दान करते हैं। आय बढ़ने पर भागीदारी तेजी से बढ़ती है। रिपोर्ट ने दानदाताओं के चार प्रकार भी बताए हैं। ग्रासरूट, एस्पिरेशनल, प्रैक्टिकल, वेल-ऑफ गिवर्स। इनकी प्रेरणा, जागरूकता, जुड़ने की पसंद अलग-अलग बताई गई है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.