Sunday, 23 Aug 2026 | 10:37 AM

Trending :

EXCLUSIVE

How Body Senses Cold | शरीर को ठंड का अहसास कैसे होता है? वैज्ञानिकों ने सुलझाई शरीर की सबसे बड़ी मिस्ट्री, अंदर छिपा है ‘माइक्रोस्कोपिक थर्मामीटर’, वो सेंसर जो दिमाग को भेजता है कूल सिग्नल

authorimg
नई दिल्ली: जब आप सर्दियों की सुबह घर से बाहर निकलते हैं या मुंह में पुदीने की गोली (Mint) रखते हैं, तो आपके शरीर के भीतर एक छोटा सा मॉलिक्यूलर सेंसर तुरंत एक्टिव हो जाता है. यह सेंसर आपके दिमाग को अलर्ट करता है कि बाहर ठंड है या आपने कुछ ठंडा खाया है. वैज्ञानिकों ने अब इस सेंसर की पहली विस्तृत तस्वीरें कैद करने में सफलता हासिल की है. इस रिसर्च से यह साफ हो गया है कि हमारा शरीर असली ठंड और मेंथॉल (Menthol) से मिलने वाली बनावटी ठंडक के बीच कैसे फर्क करता है या कैसे दोनों को एक ही तरह से महसूस करता है. सैन फ्रांसिस्को में 21-25 फरवरी, 2026 तक चलने वाली ’70वीं बायोफिजिकल सोसाइटी एनुअल मीटिंग’ में इस रिसर्च को पेश किया गया.

1. क्या है TRPM8 और यह कैसे काम करता है?

इस पूरी रिसर्च का केंद्र ‘TRPM8’ नामक एक प्रोटीन चैनल है. ड्यूक यूनिवर्सिटी के रिसर्चर ह्युक-जून ली ने इसे शरीर के भीतर मौजूद एक ‘माइक्रोस्कोपिक थर्मामीटर’ की तरह बताया है. यह प्रोटीन हमारे सेंसरी न्यूरॉन्स की झिल्लियों (Membranes) में स्थित होता है, जो हमारी त्वचा, मुंह और आंखों तक फैले होते हैं. जब तापमान 46°F से 82°F (लगभग 8°C से 28°C) के बीच होता है, तो यह चैनल खुल जाता है. इसके खुलते ही कोशिका के अंदर आयन (Ions) का प्रवाह शुरू होता है, जो दिमाग को ठंडक का इलेक्ट्रिकल सिग्नल भेजता है.

2. मेंथॉल कैसे देता है दिमाग को धोखा?

रिसर्च में यह दिलचस्प खुलासा हुआ कि मेंथॉल वास्तव में शरीर को ‘बेवकूफ’ बनाता है. ली के अनुसार, मेंथॉल एक ट्रिक की तरह काम करता है. यह प्रोटीन चैनल के एक खास हिस्से से जुड़ जाता है और उसे बिल्कुल वैसे ही खोल देता है जैसे असली ठंडक खोलती है. हालांकि मेंथॉल किसी चीज को बर्फ की तरह जमाता नहीं है, लेकिन आपका शरीर दिमाग को वही सिग्नल भेजता है जो बर्फ छूने पर मिलता है. यही कारण है कि पुदीना खाने पर या नीलगिरी (Eucalyptus) का तेल लगाने पर हमें तेज ठंडक का एहसास होता है.

क्रायो-इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी एक ऐसी तकनीक जो इलेक्ट्रॉन बीम से फ्लैश-फ्रोजन प्रोटीन की इमेज बनाती है. इसका इस्तेमाल करके रिसर्चर्स ने कोल्ड सेंसिंग चैनल, TRPM8 के कई कन्फर्मेशनल स्नैपशॉट कैप्चर किए, जब यह बंद से खुले में बदलता है. (Credit: Hyuk-Joon Lee)

3.क्रायो-इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी से खुला राज?

वैज्ञानिकों ने इस सेंसर को काम करते हुए देखने के लिए ‘क्रायो-इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी’ तकनीक का इस्तेमाल किया. इसमें प्रोटीन को अचानक जमा दिया जाता है और फिर इलेक्ट्रॉन बीम के जरिए उसकी इमेज ली जाती है. टीम ने TRPM8 के बंद होने से लेकर खुलने तक की कई तस्वीरें लीं. उन्होंने पाया कि ठंड और मेंथॉल दोनों ही इस चैनल को सक्रिय करते हैं, लेकिन उनके तरीके अलग-अलग हैं. ठंड सीधे उस रास्ते (Pore) को प्रभावित करती है जहां से आयन गुजरते हैं, जबकि मेंथॉल प्रोटीन के दूसरे हिस्से से जुड़कर उसमें बदलाव लाता है, जो अंततः रास्ते को खोल देता है.

4. बीमारियों के इलाज में कैसे मिलेगी मदद?

इस खोज के मेडिकल मायने बहुत गहरे हैं. जब TRPM8 सेंसर सही से काम नहीं करता, तो यह क्रोनिक पेन (लगातार होने वाला दर्द), माइग्रेन, आंखों का सूखापन (Dry Eye) और यहां तक कि कुछ प्रकार के कैंसर से जुड़ जाता है. फिलहाल ‘एकोल्ट्रेमोन’ नामक दवा, जो TRPM8 को सक्रिय करती है, ड्राई आई के इलाज के लिए इस्तेमाल की जा रही है. यह दवा मेंथॉल की तरह ही काम करती है और आंखों में ठंडक का अहसास कराकर आंसू बनाने की प्रक्रिया को तेज करती है.

AI की मदद से बनाई प्रतीकात्मक तस्वीर.

5. क्या भविष्य में दर्द से मिलेगी पूरी राहत?

रिसर्चर्स ने प्रोटीन के अंदर एक ‘कोल्ड स्पॉट’ (Cold Spot) की भी पहचान की है. यह हिस्सा तापमान को भांपने के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार होता है. यह खोज वैज्ञानिकों को ऐसी नई दवाएं विकसित करने का आधार प्रदान करती है जो सीधे इस रास्ते को टारगेट कर सकें. इससे न केवल दर्द के इलाज में मदद मिलेगी, बल्कि यह भी समझ में आएगा कि लंबे समय तक ठंड में रहने पर हमारा शरीर उसे सहने के अनुकूल कैसे हो जाता है. दशकों से वैज्ञानिक जिस सवाल का जवाब ढूंढ रहे थे, वह अब हमारे सामने है.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
PM बोले-2047 तक भारत को AI सुपरपावर बनाने का लक्ष्य:इससे रोजगार खत्म नहीं पैदा होगा; तकनीक का मकसद सबका हित, सबकी खुशी

February 17, 2026/
7:40 pm

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत AI का सिर्फ उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता बनेगा। उन्होंने युवाओं को...

Kolkata TMC Office Demolished | Clock Tower Illegal

May 14, 2026/
10:13 pm

कोलकाता17 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल के कोलकाता में गुरुवार को नगर निगम ने बुलडोजर से तृणमूल कांग्रेस (TMC)...

स्टूडेंट प्रोटेस्ट के सवाल पर भड़के सोनू निगम:रूपाली गांगुली बोलीं- कानून हाथ में लेने वाले स्टूडेंट नहीं, शशि थरूर ने अमिताभ बच्चन की चुप्पी का मजाक उड़ाया

July 23, 2026/
10:34 am

बॉलीवुड के कई बड़े सेलेब्स लगातार जंतर मंतर में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन कर रहे हैं। वहीं दूसरी...

Vedanta Group ED Raid | FEMA Violation; Rs74,000 Cr Debt

June 2, 2026/
3:40 pm

नई दिल्ली29 मिनट पहले कॉपी लिंक प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार, 2 जून को दिग्गज बिजनेसमैन अनिल अग्रवाल के नेतृत्व...

authorimg

April 20, 2026/
7:16 pm

गर्मियों के मौसम में स्किन की देखभाल सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है. तेज धूप, पसीना और टैनिंग के कारण...

हरियाणा में भाई के संस्कार में आए NRI की मौत:कुरुक्षेत्र में हाईवे पर डिवाइडर से टकराई स्कॉर्पियो, तेज थी रफ्तार; भाभी मौजूदा सरपंच

February 25, 2026/
8:16 pm

हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में पूर्व सरपंच के संस्कार में जर्मनी से आए उसके भाई की सड़क हादसे में मौत...

क्रिकेटर आकाशदीप की शादी, वाराणसी में अक्षिता संग लेंगे फेरे:दूल्हा-दुल्हन काशी पहुंचे, शिव मंदिर की थीम पर सजा मंडप; QR कोड से गेस्ट की एंट्री

June 24, 2026/
5:00 am

भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज आकाश दीप की आज शादी है। वे रोहतास की अक्षिता राज के साथ शादी...

राजनीति

How Body Senses Cold | शरीर को ठंड का अहसास कैसे होता है? वैज्ञानिकों ने सुलझाई शरीर की सबसे बड़ी मिस्ट्री, अंदर छिपा है ‘माइक्रोस्कोपिक थर्मामीटर’, वो सेंसर जो दिमाग को भेजता है कूल सिग्नल

authorimg
नई दिल्ली: जब आप सर्दियों की सुबह घर से बाहर निकलते हैं या मुंह में पुदीने की गोली (Mint) रखते हैं, तो आपके शरीर के भीतर एक छोटा सा मॉलिक्यूलर सेंसर तुरंत एक्टिव हो जाता है. यह सेंसर आपके दिमाग को अलर्ट करता है कि बाहर ठंड है या आपने कुछ ठंडा खाया है. वैज्ञानिकों ने अब इस सेंसर की पहली विस्तृत तस्वीरें कैद करने में सफलता हासिल की है. इस रिसर्च से यह साफ हो गया है कि हमारा शरीर असली ठंड और मेंथॉल (Menthol) से मिलने वाली बनावटी ठंडक के बीच कैसे फर्क करता है या कैसे दोनों को एक ही तरह से महसूस करता है. सैन फ्रांसिस्को में 21-25 फरवरी, 2026 तक चलने वाली ’70वीं बायोफिजिकल सोसाइटी एनुअल मीटिंग’ में इस रिसर्च को पेश किया गया.

1. क्या है TRPM8 और यह कैसे काम करता है?

इस पूरी रिसर्च का केंद्र ‘TRPM8’ नामक एक प्रोटीन चैनल है. ड्यूक यूनिवर्सिटी के रिसर्चर ह्युक-जून ली ने इसे शरीर के भीतर मौजूद एक ‘माइक्रोस्कोपिक थर्मामीटर’ की तरह बताया है. यह प्रोटीन हमारे सेंसरी न्यूरॉन्स की झिल्लियों (Membranes) में स्थित होता है, जो हमारी त्वचा, मुंह और आंखों तक फैले होते हैं. जब तापमान 46°F से 82°F (लगभग 8°C से 28°C) के बीच होता है, तो यह चैनल खुल जाता है. इसके खुलते ही कोशिका के अंदर आयन (Ions) का प्रवाह शुरू होता है, जो दिमाग को ठंडक का इलेक्ट्रिकल सिग्नल भेजता है.

2. मेंथॉल कैसे देता है दिमाग को धोखा?

रिसर्च में यह दिलचस्प खुलासा हुआ कि मेंथॉल वास्तव में शरीर को ‘बेवकूफ’ बनाता है. ली के अनुसार, मेंथॉल एक ट्रिक की तरह काम करता है. यह प्रोटीन चैनल के एक खास हिस्से से जुड़ जाता है और उसे बिल्कुल वैसे ही खोल देता है जैसे असली ठंडक खोलती है. हालांकि मेंथॉल किसी चीज को बर्फ की तरह जमाता नहीं है, लेकिन आपका शरीर दिमाग को वही सिग्नल भेजता है जो बर्फ छूने पर मिलता है. यही कारण है कि पुदीना खाने पर या नीलगिरी (Eucalyptus) का तेल लगाने पर हमें तेज ठंडक का एहसास होता है.

क्रायो-इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी एक ऐसी तकनीक जो इलेक्ट्रॉन बीम से फ्लैश-फ्रोजन प्रोटीन की इमेज बनाती है. इसका इस्तेमाल करके रिसर्चर्स ने कोल्ड सेंसिंग चैनल, TRPM8 के कई कन्फर्मेशनल स्नैपशॉट कैप्चर किए, जब यह बंद से खुले में बदलता है. (Credit: Hyuk-Joon Lee)

3.क्रायो-इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी से खुला राज?

वैज्ञानिकों ने इस सेंसर को काम करते हुए देखने के लिए ‘क्रायो-इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी’ तकनीक का इस्तेमाल किया. इसमें प्रोटीन को अचानक जमा दिया जाता है और फिर इलेक्ट्रॉन बीम के जरिए उसकी इमेज ली जाती है. टीम ने TRPM8 के बंद होने से लेकर खुलने तक की कई तस्वीरें लीं. उन्होंने पाया कि ठंड और मेंथॉल दोनों ही इस चैनल को सक्रिय करते हैं, लेकिन उनके तरीके अलग-अलग हैं. ठंड सीधे उस रास्ते (Pore) को प्रभावित करती है जहां से आयन गुजरते हैं, जबकि मेंथॉल प्रोटीन के दूसरे हिस्से से जुड़कर उसमें बदलाव लाता है, जो अंततः रास्ते को खोल देता है.

4. बीमारियों के इलाज में कैसे मिलेगी मदद?

इस खोज के मेडिकल मायने बहुत गहरे हैं. जब TRPM8 सेंसर सही से काम नहीं करता, तो यह क्रोनिक पेन (लगातार होने वाला दर्द), माइग्रेन, आंखों का सूखापन (Dry Eye) और यहां तक कि कुछ प्रकार के कैंसर से जुड़ जाता है. फिलहाल ‘एकोल्ट्रेमोन’ नामक दवा, जो TRPM8 को सक्रिय करती है, ड्राई आई के इलाज के लिए इस्तेमाल की जा रही है. यह दवा मेंथॉल की तरह ही काम करती है और आंखों में ठंडक का अहसास कराकर आंसू बनाने की प्रक्रिया को तेज करती है.

AI की मदद से बनाई प्रतीकात्मक तस्वीर.

5. क्या भविष्य में दर्द से मिलेगी पूरी राहत?

रिसर्चर्स ने प्रोटीन के अंदर एक ‘कोल्ड स्पॉट’ (Cold Spot) की भी पहचान की है. यह हिस्सा तापमान को भांपने के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार होता है. यह खोज वैज्ञानिकों को ऐसी नई दवाएं विकसित करने का आधार प्रदान करती है जो सीधे इस रास्ते को टारगेट कर सकें. इससे न केवल दर्द के इलाज में मदद मिलेगी, बल्कि यह भी समझ में आएगा कि लंबे समय तक ठंड में रहने पर हमारा शरीर उसे सहने के अनुकूल कैसे हो जाता है. दशकों से वैज्ञानिक जिस सवाल का जवाब ढूंढ रहे थे, वह अब हमारे सामने है.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.