भारत में हर वर्ष 54 हजार करोड़ का दान:हाउ इंडिया गिव्स 2025’ की रिपोर्ट 68% किसी न किसी रूप से करते हैं मदद, सर्वाधिक 45.9% धार्मिक संस्थाओं को

भारत में व्यक्तिगत दान का 45.9% हिस्सा धार्मिक संगठनों को जाता है। 41.8% दान सीधे बेहद गरीब, जरूरतमंद व भिक्षा मांगने वालों को मिलता है। गैर-धार्मिक संगठनों तक सिर्फ 14.9% दान पहुंचता है। यह बात ‘हाउ इंडिया गिव्स’ रिपोर्ट के तीसरे संस्करण में सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक देश में दान का सबसे बड़ा आधार आम घर हैं। कुल घरेलू दान का अनुमान हर साल 54 हजार करोड़ रुपए है। रिपोर्ट के मुताबिक 68% लोगों ने किसी न किसी रूप में देने की बात कही। दान में दिया बहुत सा खाना मुफ्त सामुदायिक रसोइयों तक जाता है। सेवा का सबसे आम रूप धार्मिक संस्थानों में काम है। रिपोर्ट में भारत में घरों के रोजमर्रा के दान का पैमाना, पैटर्न, वजहें बताई गई हैं। बताया गया है कि भारतीय दुनिया के सबसे उदार लोगों में हैं। यह अध्ययन 20 राज्यों में सर्वे पर आधारित है। इसका मकसद यह समझना रहा कि आम लोग नकद, सामान के रूप में मदद, सामाजिक कामों में कैसे योगदान देते हैं। दान किस रूप में 48% खाना, कपड़े, जरूरी वस्तुएं 44% नकद दान 30% समय देकर सेवा ऊंची आय: दान 80%तक 4000–5000 रुपए महीना आय वाले आधे घर दान करते हैं ऊंची आय पर भागीदारी 70 से 80% तक बढ़ जाती है। दान की सबसे बड़ी वजह 90%+ इसे धार्मिक कर्तव्य मानते हैं नैतिक जिम्मेदारी आमने-सामने अपील सबसे असरदार कुल दान में नकद का हिस्सा 44 फीसदी रिपोर्ट में दान के तरीके भी बताए गए हैं। सामान के रूप में मदद का हिस्सा सबसे ज्यादा 46% है। नकद दान 44% है। करीब 30% लोगों ने वॉलंटियरिंग की बात कही। रिपोर्ट के मुताबिक यह दान के रिश्तों और समुदाय आधारित स्वरूप को दिखाता है। रिपोर्ट में दान के तरीके और पैटर्न पर भी हुआ विश्लेषण रिपोर्ट के मुताबिक भारत में रोजमर्रा के घरेलू दान का इकोसिस्टम सालाना करीब 54 हजार करोड़ रुपए का है। रिपोर्ट लॉन्च पर सीएसआईपी की डायरेक्टर और हेड जिनी उप्पल ने कहा कि ‘हाउ इंडिया गिव्स 2025-26’ की रिपोर्ट भारत की उस उदारता को सामने लाती है, जो हमेशा से रही है, पर कम आंकी गई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खपत आंकड़ों के आधार पर विश्लेषण करने से यह समझ आता है कि भारत कैसे दान देता है। यह भी पता चलता है कि देश के विकास की गति के साथ दान कैसे बदलता है। हर आय वर्ग के लोग रोजाना करते हैं दान रिपोर्ट के मुताबिक,रोजमर्रा का दान हर आय वर्ग में होता है। कम खपत स्तर 4 से 5 हजार रुपए महीना पर भी करीब आधे घर दान करते हैं। आय बढ़ने पर भागीदारी तेजी से बढ़ती है। रिपोर्ट ने दानदाताओं के चार प्रकार भी बताए हैं। ग्रासरूट, एस्पिरेशनल, प्रैक्टिकल, वेल-ऑफ गिवर्स। इनकी प्रेरणा, जागरूकता, जुड़ने की पसंद अलग-अलग बताई गई है।
भारत में हर वर्ष 54 हजार करोड़ का दान:68% लोग किसी न किसी रूप से करते हैं मदद, सर्वाधिक 45.9% दान धार्मिक संस्थाओं को; हाउ इंडिया गिव्स 2025’ की रिपोर्ट

भारत में व्यक्तिगत दान का 45.9% हिस्सा धार्मिक संगठनों को जाता है। 41.8% दान सीधे बेहद गरीब, जरूरतमंद व भिक्षा मांगने वालों को मिलता है। गैर-धार्मिक संगठनों तक सिर्फ 14.9% दान पहुंचता है। यह बात ‘हाउ इंडिया गिव्स’ रिपोर्ट के तीसरे संस्करण में सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक देश में दान का सबसे बड़ा आधार आम घर हैं। कुल घरेलू दान का अनुमान हर साल 54 हजार करोड़ रुपए है। रिपोर्ट के मुताबिक 68% लोगों ने किसी न किसी रूप में देने की बात कही। दान में दिया बहुत सा खाना मुफ्त सामुदायिक रसोइयों तक जाता है। सेवा का सबसे आम रूप धार्मिक संस्थानों में काम है। रिपोर्ट में भारत में घरों के रोजमर्रा के दान का पैमाना, पैटर्न, वजहें बताई गई हैं। बताया गया है कि भारतीय दुनिया के सबसे उदार लोगों में हैं। यह अध्ययन 20 राज्यों में सर्वे पर आधारित है। इसका मकसद यह समझना रहा कि आम लोग नकद, सामान के रूप में मदद, सामाजिक कामों में कैसे योगदान देते हैं। दान किस रूप में 48% खाना, कपड़े, जरूरी वस्तुएं 44% नकद दान 30% समय देकर सेवा ऊंची आय: दान 80%तक 4000–5000 रुपए महीना आय वाले आधे घर दान करते हैं ऊंची आय पर भागीदारी 70 से 80% तक बढ़ जाती है। दान की सबसे बड़ी वजह 90%+ इसे धार्मिक कर्तव्य मानते हैं नैतिक जिम्मेदारी आमने-सामने अपील सबसे असरदार कुल दान में नकद का हिस्सा 44 फीसदी रिपोर्ट में दान के तरीके भी बताए गए हैं। सामान के रूप में मदद का हिस्सा सबसे ज्यादा 46% है। नकद दान 44% है। करीब 30% लोगों ने वॉलंटियरिंग की बात कही। रिपोर्ट के मुताबिक यह दान के रिश्तों और समुदाय आधारित स्वरूप को दिखाता है। रिपोर्ट में दान के तरीके और पैटर्न पर भी हुआ विश्लेषण रिपोर्ट के मुताबिक भारत में रोजमर्रा के घरेलू दान का इकोसिस्टम सालाना करीब 54 हजार करोड़ रुपए का है। रिपोर्ट लॉन्च पर सीएसआईपी की डायरेक्टर और हेड जिनी उप्पल ने कहा कि ‘हाउ इंडिया गिव्स 2025-26’ की रिपोर्ट भारत की उस उदारता को सामने लाती है, जो हमेशा से रही है, पर कम आंकी गई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खपत आंकड़ों के आधार पर विश्लेषण करने से यह समझ आता है कि भारत कैसे दान देता है। यह भी पता चलता है कि देश के विकास की गति के साथ दान कैसे बदलता है। हर आय वर्ग के लोग रोजाना करते हैं दान रिपोर्ट के मुताबिक,रोजमर्रा का दान हर आय वर्ग में होता है। कम खपत स्तर 4 से 5 हजार रुपए महीना पर भी करीब आधे घर दान करते हैं। आय बढ़ने पर भागीदारी तेजी से बढ़ती है। रिपोर्ट ने दानदाताओं के चार प्रकार भी बताए हैं। ग्रासरूट, एस्पिरेशनल, प्रैक्टिकल, वेल-ऑफ गिवर्स। इनकी प्रेरणा, जागरूकता, जुड़ने की पसंद अलग-अलग बताई गई है।
सूर्या बोले– अभिषेक के फॉर्म की चिंता न करें:उनकी चिंता करें, जिसके खिलाफ उनका बल्ला चलेगा; वर्ल्डकप के तीनों मैच में 0 पर आउट हुए

टी-20 वर्ल्ड कप के तीन मैचों में बिना खाता खोले आउट हुए टीम इंडिया के ओपनर अभिषेक शर्मा के सपोर्ट में कप्तान सूर्यकुमार यादव का बयान आया है। शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सूर्या बोले, अभिषेक शर्मा का फॉर्म चिंता का विषय नहीं है। मुझे चिंता उन लोगों की है, जो अभिषेक की चिंता कर रहे हैं। मुझे फिक्र उन टीमों की है, जिनके खिलाफ अभिषेक का बल्ला चलेगा। उसने पिछले साल टीम के लिए सब कुछ किया था, अब हमारी बारी है कि हम उसका साथ दें। भारत का मुकाबला रविवार को सुपर-8 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ अहमदाबाद में खेला जाएगा। अब तक खाता भी नहीं खेल सके टीम इंडिया के ओपनर अभिषेक शर्मा का मौजूदा फॉर्म चिंता का विषय बना हुआ है। वे लगातार तीन मैचों में शून्य पर आउट हुए हैं। इस वर्ल्ड कप में उन्होंने अब तक तीन मुकाबले खेले हैं, लेकिन उनका खाता भी नहीं खुल पाया है। प्लेइंग-11 में बदलाव पर हंस पड़े जब प्लेइंग इलेवन में बदलाव और संजू सैमसन को शामिल करने पर सवाल पूछा गया तो सूर्यकुमार हंस पड़े। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि क्या अभी अभिषेक को हटा दूं? या तिलक को? पिच और परिस्थितियों पर भरोसा पिच को लेकर सूर्यकुमार ने कहा कि टीम हर तरह की परिस्थितियों के लिए तैयार है। उन्होंने माना कि विकेट ज्यादा चुनौतीपूर्ण नहीं थे, लेकिन टीम ने हालात के मुताबिक खुद को ढालने की कोशिश की है। उन्होंने यह भी कहा, बल्लेबाजी में परिस्थिति का सम्मान करना जरूरी है। हमारे पास पर्याप्त कौशल है। कभी-कभी स्थिति के अनुसार खेलना पड़ता है। हमारे पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो मैच का रुख बदल सकते हैं। ——————————- क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें ———————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर की कमजोरी ऑफ-स्पिन:13 टीमों में भारत का स्कोरिंग रेट सबसे खराब टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज में टीम इंडिया का प्रदर्शन शानदार रहा, लेकिन एक बड़ी कमजोरी भी सामने आई है। भारतीय टॉप ऑर्डर के पहले आठ बल्लेबाजों में से छह बाएं हाथ के हैं। टीमें इसी का फायदा उठाते हुए भारतीय बल्लेबाजों के खिलाफ लगातार ऑफ स्पिन का इस्तेमाल कर रही हैं। पढ़ें पूरी खबर…
सूर्या बोले– अभिषेक के फॉर्म की चिंता न करें:उनकी चिंता करें, जिनके खिलाफ उनका बल्ला चलेगा; वर्ल्डकप के तीनों मैच में 0 पर आउट हुए

टी-20 वर्ल्ड कप के तीन मैचों में बिना खाता खोले आउट हुए टीम इंडिया के ओपनर अभिषेक शर्मा के सपोर्ट में कप्तान सूर्यकुमार यादव का बयान आया है। शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सूर्या बोले, अभिषेक शर्मा का फॉर्म चिंता का विषय नहीं है। मुझे चिंता उन लोगों की है, जो अभिषेक की चिंता कर रहे हैं। मुझे फिक्र उन टीमों की है, जिनके खिलाफ अभिषेक का बल्ला चलेगा। उसने पिछले साल टीम के लिए सब कुछ किया था, अब हमारी बारी है कि हम उसका साथ दें। भारत का मुकाबला रविवार को सुपर-8 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ अहमदाबाद में खेला जाएगा। प्लेइंग-11 में बदलाव पर हंस पड़े सूर्या जब प्लेइंग इलेवन में बदलाव और संजू सैमसन को शामिल करने पर सवाल पूछा गया तो सूर्यकुमार हंस पड़े। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि क्या अभी अभिषेक को हटा दूं? या तिलक को? कप्तान बोले-पिच और परिस्थितियों पर भरोसा पिच को लेकर सूर्यकुमार ने कहा कि टीम हर तरह की परिस्थितियों के लिए तैयार है। उन्होंने माना कि विकेट ज्यादा चुनौतीपूर्ण नहीं थे, लेकिन टीम ने हालात के मुताबिक खुद को ढालने की कोशिश की है। उन्होंने यह भी कहा, बल्लेबाजी में परिस्थिति का सम्मान करना जरूरी है। हमारे पास पर्याप्त कौशल है। कभी-कभी स्थिति के अनुसार खेलना पड़ता है। हमारे पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो मैच का रुख बदल सकते हैं। नामीबिया के खिलाफ नहीं खेले थे अभिषेक अभिषेक टूर्नामेंट के दूसरे मुकाबले में नामीबिया के खिलाफ पेट में इन्फेक्शन के कारण नहीं खेल सके थे। उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें दो दिनों के लिए दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती भी कराया गया था। हालांकि इलाज के बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ और वे फिर से टीम से जुड़ गए। ——————————- क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें ———————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर की कमजोरी ऑफ-स्पिन:13 टीमों में भारत का स्कोरिंग रेट सबसे खराब टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज में टीम इंडिया का प्रदर्शन शानदार रहा, लेकिन एक बड़ी कमजोरी भी सामने आई है। भारतीय टॉप ऑर्डर के पहले आठ बल्लेबाजों में से छह बाएं हाथ के हैं। टीमें इसी का फायदा उठाते हुए भारतीय बल्लेबाजों के खिलाफ लगातार ऑफ स्पिन का इस्तेमाल कर रही हैं। पढ़ें पूरी खबर…
2 साल से प्रेग्नेंट बता रहे लोग:सरगुन मेहता ने अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी, रवि दुबे संग बेबी प्लानिंग खबरों को बताया झूठ

टीवी एक्ट्रेस सरगुन मेहता और उनके पति अभिनेता रवि दुबे के बारे में हाल ही में चल रही प्रेग्नेंसी अफवाहों ने मीडिया और सोशल मीडिया पर तूल पकड़ लिया था। कई न्यूज पोर्टल्स पर दावा किया कि यह कपल अपनी शादी के 12 साल बाद अपने पहले बच्चे का स्वागत करने वाला है। हालांकि, अब खुद सरगुन ने इसपर सख्त प्रतिक्रिया दी है और इन सभी अफवाहों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। शनिवार को सोशल मीडिया पर एक लंबा नोट साझा करते हुए सरगुन ने लिखा कि यह बिना चीजों की खबरें बहुत पहले से वायरल हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “लोगों को कैसे पता कि हम दोनों (मैं और रवि) के बारे में हमसे पहले ही प्रेग्नेंसी का पता चल गया है? कृपया इसे बंद करें।” सरगुन ने अपने नोट में यह भी मजाकिया लहजे में लिखा कि अगर मीडिया की बात मानी जाए तो वे पिछले दो साल से प्रेग्नेंट हैं- “इतनी लंबी प्रेग्नेंसी? जो कि सच से कोसों दूर है।’’ उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी में अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि कभी-कभी उनकी कैफे या सलून की फोटो को देखकर भी लोग यह मान लेते हैं कि वे प्रेग्नेंट हैं। सरगुन ने सवाल उठाया, “क्या वे मेरे डाक्टर्स को जानते हैं? या सिर्फ कुछ तस्वीरें देखकर अनाप-शनाप बातें बना रहे हैं?” उन्होंने लोगों से विनती की कि वे ऐसी अफवाहें फैलाने से पहले किसी विश्वसनीय स्रोत से पुष्टि करें। इससे पहले भी सरगुन ने एक इंटरव्यू में कहा था कि शादी का मतलब हमेशा बच्चों की उम्मीद नहीं होती। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की जिंदगी की प्राथमिकताएं अलग होती हैं। कुछ लोग जल्दी माता-पिता बनते हैं, कुछ बाद मे, यह व्यक्ति के निर्णय पर निर्भर करता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की अफवाहें शादी की पवित्रता को छोटा कर देती हैं, जबकि हर रिश्ते की अपनी एक अलग यात्रा होती है। बता दें कि सरगुन मेहता और रवि दुबे ने टीवी शो ‘12/24 करोल बाग’ की शूटिंग के दौरान एक-दूसरे को डेट किया और 7 दिसंबर 2013 को शादी रचाई। रवि दुबे जल्द ही फिल्म ‘रामायण’ में लक्ष्मण के रोल में दिखाई देंगे, जबकि सरगुन ने हाल ही में पंजाबी फिल्म ‘सौंकन सौंकने 2’ में काम किया है।
भोपाल में नर्सिंग की छात्रा ने फांसी लगाकर किया सुसाइड:प्रेमी की दूसरी जगह शादी तय होने की बात से दुखी थी

भोपाल के अयोध्या नगर की विंध्याचल कॉलोनी में रहने वाली नर्सिंग की छात्रा ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। जीजा के भाई से उसका प्रेम संबंध था। हालांकि प्रेमी की पिछले दिनों दूसरी लड़की से शादी तय हो गई। इससे दुखी होकर उसने सुसाइड किया है। मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। घटना शुक्रवार रात की है। जबकि शनिवार दोपहर को पीएम के बाद बॉडी परिजनों के हवाले कर दी गई। पुलिस के मुताबिक उमा लोधी पुत्री नर्मदा प्रसाद (24) विंध्याचल कॉलोनी अयोध्या नगर में किराए से रहती थी। नर्स बनने की चाह में भोपाल आई थी वह मूल रूप से बरखेड़ा हसन जिला सीहोर की रहने वाली थी। उमा चार बहन और 6 भाईयों में आठवें नंबर की थी। उसके रिश्तेदार नरेंद्र ने बताया कि उमा का अपने ही जीजा के भाई से करीबी रिश्ता था। दोनों शादी करना चाहते थे। हालांकि बाद में युवक के परिजनों ने कहीं और उसकी शादी तय कर दी। युवक ने पूछा था- कोई परेशानी तो नहीं उमा ने भी इसका विरोध नहीं किया था। अब युवक ने उमा को कॉल कर पूछा कि मैं शादी करने वाला हूं तुम्हे कोई परेशानी तो नहीं है। गुरुवार को आए इस कॉल के बाद से उमा तनाव में थी। परिजनों का मानना है कि इसी डिप्रेशन के चलते उमा ने जान दी है।
‘हम सभी को शर्मिंदगी महसूस हुई’: एआई शिखर सम्मेलन में शर्टलेस विरोध पर विपक्षी दलों ने कांग्रेस की आलोचना की | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:21 फरवरी, 2026, 15:55 IST युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारत मंडपम में एआई इम्पैक्ट समिट में शर्ट उतारकर हंगामा किया, जिसकी भाजपा, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी प्रमुख, मायावती सहित अन्य लोगों ने निंदा की। बाएं: बसपा प्रमुख मायावती, मध्य: विरोध प्रदर्शन कर रहे युवा कांग्रेस कार्यकर्ता, दाएं: वाईएसआर कांग्रेस पार्टी सुप्रीमो वाईएस जगन मोहन रेड्डी यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा एआई इम्पैक्ट समिट में शर्ट उतारकर हंगामा करने के बाद कांग्रेस पार्टी की तीखी आलोचना हुई। दृश्यों में प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं को हाथों में शर्ट लेकर भारत मंडपम के अंदर जाते हुए और कार्यक्रम स्थल पर मार्च करते हुए नारे लगाते हुए दिखाया गया है। इस कृत्य की न केवल केंद्रीय मंत्रियों और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने, बल्कि अन्य राजनीतिक दलों ने भी निंदा की, जिनमें से कई ने वैश्विक मंचों पर “राजनीति से ऊपर उठने” की आवश्यकता पर बल दिया। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के प्रमुख और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने भी एक्स को संबोधित करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद दुनिया के सामने एकजुट मोर्चा पेश करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने लिखा, “कल एआई शिखर सम्मेलन में, युवा कांग्रेस ने हम सभी को शर्मिंदा कर दिया। हमारी राजनीति कहां जा रही है! किसी को भी हमारे देश को अपमानित नहीं करना चाहिए। हमारे राजनीतिक मतभेद जो भी हों, हमें हमेशा दुनिया के सामने एकजुट चेहरा पेश करना चाहिए।” कल एआई शिखर सम्मेलन में युवा कांग्रेस ने हम सभी को शर्मसार कर दिया। हमारी राजनीति किस ओर जा रही है! किसी को भी हमारे देश का अपमान नहीं करना चाहिए।’ हमारे राजनीतिक मतभेद चाहे जो भी हों, हमें हमेशा दुनिया के सामने एकजुट चेहरा पेश करना चाहिए।- वाईएस जगन मोहन रेड्डी (@ysjagan) 21 फ़रवरी 2026 ‘हम सभी को शर्मिंदगी महसूस हुई’: राजनीतिक दलों ने एआई-इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन में शर्टलेस विरोध पर कांग्रेस की आलोचना की उत्तर प्रदेश की पूर्व सीएम और बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) सुप्रीमो मायावती ने एक्स पर लिखा, ”नई दिल्ली में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट’, जिसमें देश और विदेश दोनों से काफी प्रमुख हस्तियों को आमंत्रित किया गया था और जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर रहा था, जिस तरह से कुछ व्यक्तियों-जिनकी पहचान युवा कांग्रेस सदस्यों के रूप में की गई-ने इस कार्यक्रम के दौरान अर्ध-नग्न होकर अपना गुस्सा व्यक्त किया, वह पूरी तरह से अपमानजनक और निंदनीय है।” उन्होंने कहा, “अगर यह सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय स्तर का नहीं होता, तो यह बिल्कुल अलग बात होती; हालांकि, शिखर सम्मेलन के दौरान ऐसा आचरण चिंता का कारण है, यानी यह सुनिश्चित करना उचित होगा कि हमारे देश की गरिमा और छवि खराब न हो।” तेलुगु देशम पार्टी के महासचिव लोकेश नारा ने भी चिंता जताते हुए कहा कि “इतने प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम को राजनीतिक तमाशे में बदलने से दुनिया के सामने हमारी सामूहिक स्थिति कम हो जाती है।” उन्होंने कहा, “कल एआई शिखर सम्मेलन में युवा कांग्रेस के कारण हुए व्यवधान से मैं स्तब्ध और निराश हूं। यह वैश्विक मंच एक उभरती एआई महाशक्ति के रूप में भारत के बढ़ते नेतृत्व को प्रदर्शित करने के लिए था। इस तरह के प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम को राजनीतिक तमाशा में बदलने से दुनिया के सामने हमारी सामूहिक स्थिति कम हो जाती है।” मैं कल एआई शिखर सम्मेलन में युवा कांग्रेस द्वारा किए गए व्यवधान से स्तब्ध और निराश हूं। इस वैश्विक मंच का उद्देश्य एक उभरती हुई एआई महाशक्ति के रूप में भारत के बढ़ते नेतृत्व को प्रदर्शित करना था। इतने प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय आयोजन को केवल राजनीतिक तमाशा बना देना… pic.twitter.com/5338c5NtPV– लोकेश नारा (@naralokesh) 21 फ़रवरी 2026 उन्होंने कहा, “भारत बेहतर का हकदार है। आइए हम क्षुद्र राजनीति से ऊपर उठें और नवाचार और उत्कृष्टता के माध्यम से राष्ट्र निर्माण पर ध्यान केंद्रित करें।” इस बीच, दिल्ली पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कार्यकर्ताओं की हिरासत की मांग करते हुए कहा कि विरोध “बड़ी साजिश का एक हिस्सा है जिसने नेपाल में जेन जेड विरोध प्रदर्शन से प्रेरणा ली है।” पुलिस ने अदालत को बताया, “आरोपियों का एक-दूसरे के साथ-साथ डिजिटल सबूतों से आमना-सामना कराने की जरूरत है। यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण जांच है।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 21 फरवरी, 2026, 15:42 IST समाचार राजनीति ‘हम सभी को शर्मिंदगी महसूस हुई’: एआई शिखर सम्मेलन में शर्टलेस विरोध पर विपक्षी दलों ने कांग्रेस की आलोचना की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)युवा कांग्रेस ने एआई शिखर सम्मेलन का विरोध किया(टी)कांग्रेस पार्टी की आलोचना(टी)एआई प्रभाव शिखर सम्मेलन में व्यवधान(टी)भारत मंडपम विरोध(टी)राजनीतिक निंदा भारत(टी)वैश्विक मंच राजनीति(टी)वाईएस जगन मोहन रेड्डी प्रतिक्रिया(टी)लोकेश नारा बयान
45 के बाद शरीर में होने वाले बदलावों से न हों परेशान, बस रोज जरूर खाएं ये 3 चीजें, न्यूट्रिशनिस्ट ने बताया

Last Updated:February 21, 2026, 14:39 IST Daily Superfoods After 45 For Women:45 की उम्र के बाद हॉर्मोन्स का बिगड़ना, सुस्त पाचन और कमजोर होती हड्डियां जैसी समस्या अक्सर परेशान करती हैं. ऐसे में न्यूट्रिशनिस्ट ने डाइट में 3 सिंपल चीजों को शामिल करने की बात कही है जो आपकी सेहत के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं. उम्र के इस पड़ाव पर शरीर को पोषण की ज्यादा जरूरत होती है. Foods For Hormone Fluctuations: 45 की उम्र पार करते ही महिलाओं के शरीर में बदलाव की प्रक्रिया तेज हो जाती है. यह वह समय है जब हॉर्मोन्स में उतार-चढ़ाव शुरू होता है, मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है और हड्डियों को पहले से कहीं ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है. अक्सर इस उम्र में महिलाएं थकान, ब्लोटिंग और जोड़ों में दर्द की शिकायत करती हैं. लेकिन क्या आप जानती हैं कि सही खान-पान की मदद से इन समस्याओं को मात दी जा सकती है? जानी मानी न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह ने अपना निजी अनुभव साझा करते हुए बताया है कि वह 45 के बाद खुद को फिट रखने के लिए रोज किन 3 चीजों का सेवन कभी नहीं भूलतीं. न्यूट्रिशनिस्ट के अनुसार, उम्र के इस पड़ाव पर शरीर को पोषण की ज्यादा जरूरत होती है. उन्होंने अपनी दिनचर्या से ये 3 जादुई चीजें सुझाई हैं: उम्र के इस पड़ाव पर शरीर को पोषण की ज्यादा जरूरत होती है. 45 की उम्र के बाद महिलाएं अपने डाइट में जरूर शामिल करें ये 3 चीजें – 1. खजूर और घी – यह दोनों हॉर्मोनल बैलेंस और एनर्जी का पावरहाउस है. न्यूट्रिशनिस्ट भी अपनी सुबह की शुरुआत 1 खजूर और थोड़ा सा घी खाकर करती हैं. दरअसल महिलाएं 45 की उम्र के बाद हॉर्मोन्स (Hormones) में काफी बदलाव आते हैं. ऐसे में अगर वे इसे खाएं तो काफी परेशानियों से बच सकती हैं. दरअसल, घी हेल्दी वसा (Healthy Fats) का स्रोत होता है जो हॉर्मोन बनाने में मदद करता है, वहीं खजूर शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है. यह कॉम्बिनेशन दिन भर थकान महसूस नहीं होने देता और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर है. View this post on Instagram
सिर दर्द ने जीना मुहाल कर रखा है? आजमाएं आचार्य बालकृष्ण का बताया यह रामबाण काढ़ा, तुरंत मिलेगा सुकून

Last Updated:February 21, 2026, 13:45 IST Headache Home Remedy By Acharya Balkrishna: अगर आप भी बार-बार होने वाले सिर दर्द से परेशान हैं और दवाओं के चक्कर से बचना चाहते हैं, तो आचार्य बालकृष्ण का यह सरल आयुर्वेदिक नुस्खा जरूर आजमाएं. यह न केवल सुरक्षित है, बल्कि इसे बनाना भी बेहद आसान है. सिर दर्द का रामबाण इलाज है यह आयुर्वेदिक काढ़ा Sir Dard Ke Gharelu Upchar : सिर दर्द (Headache) आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में एक आम समस्या बन चुका है. चाहे काम का तनाव हो, नींद की कमी या फिर माइग्रेन, सिर दर्द होने पर इंसान का किसी भी काम में मन नहीं लगता. अक्सर लोग राहत के लिए तुरंत पेनकिलर का सहारा लेते हैं, लेकिन इनके लंबे समय तक इस्तेमाल से सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है. ऐसे में आयुर्वेद के प्रसिद्ध विशेषज्ञ आचार्य बालकृष्ण(Acharya Balkrishna) ने एक बेहद सरल और प्रभावी घरेलू नुस्खा साझा किया है. उन्होंने एक खास ‘काढ़ा’ बनाने की विधि बताई है जो सिर दर्द को मिनटों में दूर करने की क्षमता रखता है. सिर दर्द का रामबाण इलाज है यह आयुर्वेदिक काढ़ा सिर दर्द का रामबाण इलाज है यह आयुर्वेदिक काढ़ा-आचार्य बालकृष्ण के अनुसार, आपकी रसोई में मौजूद कुछ मसाले ही बड़े से बड़े सिर दर्द की दवा बन सकते हैं. इस काढ़े को बनाने के लिए आपको केवल तीन मुख्य सामग्रियों की आवश्यकता होगी: जरूरी सामग्री: लौंग: दो से तीन नगछोटी इलायची: दो पीसअदरक: एक छोटा टुकड़ा (कूटा हुआ)पानी: एक गिलास काढ़ा बनाने की स्टेप-बाय-स्टेप विधि: सबसे पहले अदरक के छोटे टुकड़े को अच्छी तरह से धोकर पोछें और ओखली में कूट लें. अब एक बर्तन में एक गिलास पानी डालें. इसमें कुटी हुई अदरक, दो-तीन लौंग और दो छोटी इलायची डाल दें. इस मिश्रण को मध्यम आंच पर तब तक उबालें जब तक कि पानी आधा (आधा गिलास) न रह जाए. जब पानी आधा रह जाए, तो गैस बंद कर दें और इस मिश्रण को एक कप में छान लें. सेवन करने का सही तरीका: इस काढ़े का पूरा लाभ उठाने के लिए इसके सेवन का तरीका बहुत महत्वपूर्ण है. इस काढ़े को एक बार में न पिएं. इसके बजाय, इसे धीरे-धीरे घूंट-घूंट (Sip by Sip) करके पिएं. जैसे ही यह गर्माहट आपके गले से नीचे उतरती है, यह नसों को आराम देना शुरू कर देती है और सिर दर्द में तुरंत राहत महसूस होने लगती है. View this post on Instagram
जैकी श्रॉफ ने नूतन की 35वीं पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि:एक्टर ने दिवंगत एक्ट्रेस की ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरें शेयर कर उन्हें किया याद

बॉलीवुड एक्टर जैकी श्रॉफ ने दिवंगत एक्ट्रेस नूतन की 35वीं पुण्यतिथि पर सोशल मीडिया के जरिए उन्हें श्रद्धांजलि दी। एक्टर ने शनिवार को अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें नूतन की कई ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरें तस्वीरें शामिल थीं। वीडियो पर लिखा था, “नूतन जी को उनकी पुण्यतिथि पर याद करते हुए।” बता दें कि नूतन का जन्म 1936 में हुआ था और 21 फरवरी 1991 को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उनका निधन हो गया था। वह 54 साल की थीं। वर्ष 1990 में उन्हें ब्रेस्ट कैंसर का पता चला था, जिसके बाद उनका इलाज शुरू हुआ। हालांकि, 1991 में उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई थी। नूतन का फिल्म करियर नूतन हिंदी सिनेमा की फेमस एक्ट्रेसेस में थीं। उन्होंने 1945 में अपने पिता की फिल्म नल दमयंती में बाल कलाकार के रूप में कैमरे के सामने पहली बार काम किया। 1950 में मां के निर्देशन में बनी हमारी बेटी से उन्होंने बतौर लीड एक्ट्रेस करियर शुरू किया। इसके बाद 1951 में नगीना और हम लोग जैसी फिल्मों ने उन्हें पहचान दिलाई। 1955 में फिल्म सीमा उनकी पहली बड़ी सफलता साबित हुई, जिसके लिए उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का पहला फिल्मफेयर पुरस्कार मिला। 1959 में अनाड़ी और सुजाता से उनका करियर नई ऊंचाइयों पर पहुंचा। 1963 में बिमल रॉय की बंदिनी में उनकी एक्टिंग को भारतीय सिनेमा के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में गिना जाता है। 1960 और 70 के दशक में छलिया, सरस्वतीचंद्र, मिलन और मैं तुलसी तेरे आंगन की जैसी फिल्मों से उन्होंने स्टारडम कायम रखा। 1980 के दशक में उन्होंने मेरी जंग, नाम और कर्मा में भी काम किया।









