ट्रैक्टर ने बाइक को टक्कर मारी, युवक की मौत:दतिया-भांडेर रोड पर हादसा; माता-पिता घायल, लुहार वाली माता के दर्शन को जा रहे थे

दतिया में भांडेर थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक सड़क हादसे में 18 वर्षीय युवक की मौत हो गई।जबकि उसके माता-पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा दतिया-भांडेर रोड पर उस समय हुआ, जब एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक को टक्कर मार दी। मृतक की पहचान संदीप अहिरवार (20) के रूप में हुई है। घायल पिता राकेश अहिरवार और मां भारती अहिरवार हैं। जो मूल रूप से शिवपुरी जिले के राजपुरदयाल गांव के निवासी हैं और वर्तमान में दतिया की सिद्धार्थ कॉलोनी में रह रहे हैं। जानकारी के अनुसार, पूरा परिवार बाइक से भांडेर स्थित लुहार वाली माता के दर्शन करने जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में ट्रैक्टर और बाइक की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि तीनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया।जहां डॉक्टरों ने संदीप को मृत घोषित कर दिया। वहीं पिता राकेश की हालत गंभीर होने पर उन्हें ग्वालियर रेफर किया गया है, जबकि मां भारती का इलाज जिला अस्पताल में जारी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की वजह माना जा रहा है।
‘उनकी प्राथमिकता लोगों को लूटना है’: विजय ने तमिलनाडु चुनाव से पहले सुरक्षा, नशीली दवाओं के खतरे को लेकर द्रमुक की आलोचना की | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:30 मार्च, 2026, 14:40 IST पेरम्बूर में विजय का मुकाबला डीएमके के मौजूदा विधायक आरडी शेखर से होगा और त्रिची पूर्व में उनका मुकाबला मौजूदा डीएमके विधायक इनिगो इरुदयाराज से भी होगा। तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) नेता और अभिनेता विजय ने पेरंबूर निर्वाचन क्षेत्र से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। (पीटीआई) तमिलनाडु विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही अभिनेता से नेता बने और तमिलागा वेट्री कड़गम (टीवीके) प्रमुख विजय ने सोमवार को सत्तारूढ़ द्रमुक पर तीखा हमला किया और उस पर सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और नशीली दवाओं के खतरे से निपटने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “तमिलनाडु में महिलाओं के लिए कोई सुरक्षा नहीं है, अराजकता है, नशीली दवाओं का खतरा है। आप सभी जानते हैं कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है। यह द्रमुक है।” उन्होंने कहा, “पिछले पांच सालों में उन्होंने क्या किया? महिलाएं रात में अपने घरों से बाहर नहीं निकल सकतीं। अगर आप महिलाओं को सुरक्षा नहीं दे सकते, तो आप सत्ता में क्यों हैं? स्टालिन सर को लोगों या उनकी सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है। उनकी प्राथमिकता लोगों को लूटना है।” विजय, जिनकी टीवीके चुनावी शुरुआत कर रही है, अपना पहला विधानसभा चुनाव दो शहरी निर्वाचन क्षेत्रों – चेन्नई के पेरंबूर और तिरुचि पूर्व से लड़ रहे हैं। उन्होंने सोमवार को अपनी मां की जन्मस्थली पेरम्बूर और त्रिची ईस्ट से अपना नामांकन दाखिल किया। उन्होंने विशेष रूप से जनरल जेड मतदाताओं से पार्टी के ‘सीटी’ प्रतीक के लिए बड़ी संख्या में मतदान करने और अपने परिवारों को टीवीके उम्मीदवारों का समर्थन करने के लिए प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। “23 अप्रैल को तैयार हो जाओ, बूथ पर जाओ और सीटी चिन्ह के लिए अपना वोट डालो। क्या हम इस सरकार को बाहर फेंक देंगे?” उन्होंने आग्रह किया. मतदाताओं के विश्वास की अपील करते हुए, विजय ने कहा, “मैंने अपना करियर छोड़ दिया है और यहां केवल आपकी सेवा करने के लिए आया हूं। मैं आपको धोखा नहीं दूंगा। इस बार लड़ाई डीएमके और टीवीके के बीच है। कृपया अपने भाई/बेटे को एक मौका दें।” तमिलनाडु में 23 अप्रैल को एक ही चरण में राज्य के कुल 234 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान होगा। मतगणना 4 मई को होनी है. पेरम्बूर में विजय का मुकाबला डीएमके के मौजूदा विधायक आरडी शेखर से होगा और त्रिची पूर्व में उनका मुकाबला मौजूदा डीएमके विधायक इनिगो इरुदयाराज से भी होगा। जगह : तमिलनाडु, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 30 मार्च, 2026, 14:40 IST समाचार चुनाव ‘उनकी प्राथमिकता लोगों को लूटना है’: विजय ने तमिलनाडु चुनाव से पहले सुरक्षा, नशीली दवाओं के खतरे को लेकर द्रमुक की आलोचना की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु विधानसभा चुनाव(टी)विजय टीवीके प्रमुख(टी)तमिलगा वेट्री कड़गम(टी)डीएमके बनाम टीवीके(टी)तमिलनाडु नशीली दवाओं का खतरा(टी)तमिलनाडु में महिला सुरक्षा(टी)पेरंबूर निर्वाचन क्षेत्र चुनाव(टी)त्रिची पूर्व निर्वाचन क्षेत्र चुनाव
बुरहानपुर नगर निगम ने बकाया कर पर दी छूट:आयुक्त बोले- 31 मार्च तक भुगतान पर अधिभार में मिलेगी राहत

बुरहानपुर नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लंबित संपत्ति कर और अन्य निगम करों के शीघ्र भुगतान को प्रोत्साहित करने के लिए एक विशेष राहत योजना लागू की है। इस योजना के तहत, करदाताओं को अधिभार (सरचार्ज) और पेनल्टी में विशेष छूट प्रदान की जाएगी, बशर्ते वे 31 मार्च 2026 तक अपना बकाया कर जमा कर दें। यह निर्णय नागरिकों को समय पर कर भुगतान के लिए प्रेरित करने और नगर निगम की राजस्व व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से लिया गया है। नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने शहरवासियों और करदाताओं से अपील की है कि वे इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाते हुए निर्धारित तिथि के भीतर अपने करों का पूर्ण भुगतान सुनिश्चित करें। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि समय सीमा के पश्चात नियमानुसार अधिभार और दंडात्मक प्रावधान लागू होंगे, जिसके लिए संबंधित करदाता स्वयं उत्तरदायी होंगे। करदाताओं की सुविधा के लिए, नगर निगम के सभी जोनल कार्यालयों, काउंटरों और ऑनलाइन पोर्टल पर कर भुगतान की व्यवस्था उपलब्ध है। किसी भी जानकारी या सहायता के लिए संबंधित नगर निगम कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
अनीत पड्डा की बहन ने इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट किया:धुरंधर-2 को प्रोपेगेंडा कहने पर जमकर आलोचना हुई, एक्ट्रेस के बॉयकॉट की मांग भी उठी

सैयारा स्टार अनीत पड्डा की बहन उस बयान से विवादों में घिर गईं, जिसमें उन्होंने रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर 2 को प्रोपेगेंडा बताया था। बयान के बाद उनकी काफी आलोचना हुई, जिसके चलते उन्होंने इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट कर दिया। रीत पड्डा ने इंस्टाग्राम के अलावा लिंक्डइन अकाउंट भी डिएक्टिवेट कर दिया। इससे पहले उन्होंने अपना अकाउंट प्राइवेट कर दिया था। जानिए पूरा विवाद रीत पड्डा की इंस्टाग्राम पोस्ट पर एक यूजर ने कमेंट किया, जिसके जवाब में उन्होंने लिखा, ‘मैं सोशल मीडिया पर किसी कमेंट का जवाब दे रही हूं, थोड़ा अजीब लग सकता है, क्योंकि मैं आमतौर पर ऐसा नहीं करती। मुझे लगता है कि यहां किसी की सोच बदलना मुश्किल होता है। लेकिन तुमने मेरी हर पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी है, इसलिए मैंने एक-एक बात का जवाब देने का सोचा।’ आगे उन्होंने कहा, ‘सबसे पहले, कश्मीर फाइल्स, केरल फाइल्स और धुरंधर को प्रोपेगेंडा कहने पर उन्होंने कहा कि उनके हिसाब से धुरंधर सरकार के पक्ष में कहानी दिखाती है और कुछ राजनीतिक बातों को सही ठहराती है, इसलिए इसे प्रोपेगेंडा कहना गलत नहीं है।’ ‘कश्मीर फाइल्स और केरल फाइल्स पर उन्होंने कहा कि इनमें कुछ आंकड़े बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए हैं, जैसे “32,000 महिलाओं के धर्म परिवर्तन” की बात, जबकि असली संख्या कम बताई जाती है। यानी थोड़ी सच्चाई को बढ़ाकर एक खास कहानी बनाई गई है।’ उन्होंने कहा कि ऐसी फिल्में बनना ठीक है, लेकिन समस्या तब होती है जब पंजाब ’95 जैसी अलग नजरिया दिखाने वाली फिल्में रिलीज नहीं हो पातीं। इसके अलावा रीत ने प्रियंका चोपड़ा के ऑस्कर में ईरान-इजरायल युद्ध पर प्रतिक्रिया न देने सहित कई मुद्दों पर राय रखी। इसके बाद उनकी जमकर आलोचना हुई और विवाद बढ़ने पर कई लोगों ने अनीत पड्डा के बॉयकॉट की मांग की। रीत पड्डा का अकाउंट डिएक्टिवेट होने के बाद ट्रोलर्स अनीत पड्डा के ऑफिशियल अकाउंट सेक्शन की पोस्ट पर कमेंट कर आलोचना कर रहे हैं।
आंध्र प्रदेश में नेवी कर्मचारी ने प्रेमिका की हत्या की:पत्नी के मायके जाने के बाद घर बुलाया; झगड़े के बाद कई टुकड़े किए, सिर फेंका

आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक नेवी कर्मचारी ने अपनी प्रेमिका की हत्या कर शव के टुकड़े कर दिए। आरोपी ने सिर को अलग जगह ठिकाने लगाया, जबकि बाकी टुकड़े अपने घर के फ्रिज में छिपा दिया। घटना के समय उसकी पत्नी घर पर नहीं थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी चिंताडा रविंद्र (35) नेवी कर्मचारी हैं। वह INS डेगा में तैनात है। रविंद्र ने रविवार दोपहर अपनी 29 साल गर्लफ्रेंड मौनिका को घर बुलाया था। शाम के समय दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद उसने मौनिका की हत्या कर दी। पुलिस के जांच में सामने आया कि रविंद्र ने मौनिका की चाकू मारकर हत्या की। फिर शव के कई टुकड़े कर दिए। कुछ हिस्सों को बैग में भरकर सुनसान जगह पर फेंक आया, जबकि बाकी हिस्सों को घर के फ्रिज में छिपा दिया। दोनों 5 साल डेट कर रहे थे रविंद्र और मौनिका की मुलाकात 2021 में एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच संबंध बन गए। वे विशाखापत्तनम में अलग-अलग जगहों पर मिलते थे। रविंद्र की पत्नी कुछ दिन पहले विजयनगरम स्थित अपने मायके गई हुई थी। इसी दौरान उसने मौनिका को घर बुलाया था। पुलिस के मुताबिक, रविंद्र का दावा है कि मौनिका ने उससे 3.5 लाख रुपए लिए थे। वे अक्सर दोनों के रिश्ते के बारे में सभी को सब कुछ बता देने की धमकी देती थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। हत्या के बाद खुद पुलिस स्टेशन पहुंचा घटना के बाद आरोपी खुद पुलिस स्टेशन पहुंचा और अपराध कबूल कर लिया। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो घर और फ्रिज से शव के टुकड़े बरामद हुए, हालांकि सिर नहीं मिला है। आशंका है कि उसे कहीं और ठिकाने लगाया गया है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और शव के बाकी हिस्सों की तलाश के लिए विशेष टीम बनाई गई है। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। यह मामला 2022 के चर्चित श्रद्धा वाकर हत्याकांड की याद दिलाता है, जिसमें आरोपी ने हत्या के बाद शव के टुकड़े कर फ्रिज में रखा था और बाद में अलग-अलग जगहों पर फेंका था। ————- ये खबर भी पढ़ें… कर्नाटक में पति ने बीच सड़क पत्नी का गला काटा: फिर कार से कुचला, मौके पर मौत कर्नाटक में एक व्यक्ति ने बीच सड़क पत्नी की हत्या कर दी। उसने पहले पत्नी का गला काटा, फिर SUV से कुचल दिया। घटना के 2 वीडियो सामने आए है। घटना कलबुर्गी जिले के बल्लूरगी गांव के पास की है। वीडियो में आरोपी पत्नी के बाल पकड़कर उसे पीटता दिख रहा है, जबकि महिला मदद के लिए चीखती नजर आती है। पूरी खबर पढ़ें…
इजराइल ने CNN पत्रकारों से बदसलूकी पर बटालियन सस्पेंड की:सैनिकों ने हिरासत में लिया था; ऑपरेशन से हटाकर ट्रेनिंग में भेजा

इजराइली सेना ने वेस्ट बैंक में CNN के पत्रकारों से बदसलूकी और हिरासत में लेने के मामले में एक पूरी बटालियन को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही रिजर्व बटालियन की सभी ऑपरेशनल गतिविधियां सस्पेंड कर दी हैं। सेना के मुताबिक इस बटालियन को तुरंत प्रभाव से वेस्ट बैंक से हटाकर ट्रेनिंग के लिए भेज दिया गया है। जांच पूरी होने तक यह यूनिट किसी भी ऑपरेशन में शामिल नहीं होगी। यह घटना पिछले हफ्ते फिलिस्तीनी गांव तायासिर में हुई थी, जहां CNN की टीम रिपोर्टिंग कर रही थी। आरोप है कि सैनिकों ने टीम को हिरासत में लिया और एक फोटो जर्नलिस्ट के साथ मारपीट भी की, जिससे उसका कैमरा टूट गया। इजराइली सेना ने कहा है कि बटालियन को प्रोफेशनल और एथिकल ट्रेनिंग दी जाएगी और मामले में शामिल सैनिकों के खिलाफ अलग से कार्रवाई भी की जाएगी। पत्रकारों से बदसलूकी का वीडियो… इजराइली सैनिकों ने पत्रकार का गला पकड़ा 26 मार्च को वेस्ट बैंक के फिलिस्तीनी गांव तयासिर में CNN की टीम रिपोर्टिंग कर रही थी। कुछ समय पहले ही वहां इजराइली सेटलर्स ने हमला किया था। उसी के बाद की स्थिति दिखाने के लिए CNN के पत्रकार जेरेमी डायमंड अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे थे। आसपास टूटे हुए ढांचे, बिखरा सामान और डरे हुए स्थानीय लोग उस हमले की कहानी बयान कर रहे थे। टीम कैमरे पर हालात रिकॉर्ड कर रही थी और चश्मदीदों से बात कर रही थी। तभी अचानक वहां इजरायली सैनिकों की टीम पहुंची। शुरुआत में सैनिकों ने टीम से सवाल-जवाब किए, लेकिन माहौल जल्दी ही तनावपूर्ण हो गया। कुछ ही देर में सैनिकों ने CNN टीम को आगे बढ़ने से रोक दिया और उन्हें वहीं रोककर हिरासत में ले लिया। इसी दौरान हालात और बिगड़ गए। आरोप है कि एक सैनिक ने फोटो जर्नलिस्ट सिरिल थियोफिलॉस को पकड़कर उनका गला जकड़ लिया। अचानक हुए इस हमले से वह संतुलन खो बैठे और जमीन पर गिर गए। इस धक्का-मुक्की में उनका कैमरा भी टूट गया। अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठन ने हमले की निंदा की वेस्ट बैंक में CNN की टीम के साथ हुई बदसलूकी को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठन फॉरेन प्रेस एसोसिएशन (FPA) ने निंदा की। संगठन ने इस घटना को हिंसक हमला बताते हुए प्रेस की आजादी पर सीधा हमला करार दिया। संगठन ने आरोप लगाया कि सैनिकों ने पत्रकारों और वहां मौजूद लोगों पर बंदूक तान दी, जबकि पत्रकार अपनी पहचान बता चुके थे। इतना ही नहीं, टीम को शूटिंग बंद करने के लिए मजबूर किया गया और कैमरा छीनने की धमकी भी दी गई। संगठन ने इस मामले की जांच की मांग करते हुए कहा कि यह घटना दिखाती है कि मीडिया के प्रति दुश्मनी बढ़ रही है, जो बेहद चिंताजनक है। हरेदी समुदाय के लिए बनाई गई नेत्जाह यूनिट इजराइल में हर किसी के लिए जरूरी रूप से सेना में शामिल होने का नियम है। पुरुषों को लगभग तीन साल और महिलाओं को दो साल सेना में सेवा देनी होती है। यह यूनिट इजराइली सेना की कफिर ब्रिगेड का हिस्सा है। 1948 में जब इस देश का गठन हुआ था। तब हरेदी समुदाय से आने वाले 400 अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स पुरुषों को सेना में सेवा से छूट दी थी। इसका मकसद था कि ये लोग धार्मिक शिक्षा और यहूदी परंपराओं को बचाने का काम जारी रख सकें। धीरे-धीरे हरेदी समुदाय के लोगों का आंकड़ा बढ़ता गया जो सेना में शामिल होने से बचते रहे। इससे बाकी समुदाय नाराज रहने लगे। इसके बाद सरकार ने 1999 में नेत्जाह येहूदा यूनिट बनाई जहां वे अपनी धार्मिक पहचान बनाए रखते हुए सेना में सेवा दे सकें। यह यूनिट बाकी सैन्य यूनिट्स से थोड़ी अलग है। इसमें महिलाएं शामिल नहीं होतीं। माहौल पूरी तरह से धार्मिक वाला रखा जाता है और कोषेर (धार्मिक नियमों वाला) खाना दिया जाता है। ज्यादातर वेस्ट बैंक (पश्चिमी तट) इलाके में तैनाती रहती है। सुरक्षा और गश्त जैसे काम करती है। हालांकि इस यूनिट में हरेदी के अलावा भी दूसरे समुदाय के लोग शामिल होते हैं। हालांकि आबादी सबसे ज्यादा हरेदी समुदाय के लोगों की होती है। विवादों में रही है यह यूनिट
‘उन्हें मानसिक डॉक्टर की जरूरत है’: नवीन पटनायक ने बीजू पटनायक पर बीजेपी सांसद की ‘अपमानजनक’ टिप्पणी की आलोचना की | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:30 मार्च, 2026, 12:38 IST बीजू पटनायक के खिलाफ विवादित टिप्पणी के बाद निशिकांत दुबे को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। बीजद नेता नवीन पटनायक; भाजपा सांसद निशिकांत दुबे (दाएं) (छवि: पीटीआई/फ़ाइल) भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक के बारे में विवादास्पद टिप्पणी करने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है, जिस पर उनके बेटे और बीजद नेता नवीन पटनायक ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। दुबे की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, नवीन पटनायक ने कहा कि वह अपने पिता के बारे में दिए गए “अपमानजनक” बयानों से “आश्चर्यचकित” थे। उन्होंने कहा, “बीजू बाबू के बारे में कही गई अपमानजनक बातें सुनकर मुझे आश्चर्य हुआ। मुझे नहीं लगता कि उन्हें पता है कि प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें चीनी संघर्ष के दौरान रणनीति में मदद करने के लिए दिल्ली में अपने बगल में एक कार्यालय दिया था, जब वह ओडिशा के मुख्यमंत्री थे। मैं तब लगभग 13 साल का था, लेकिन मुझे याद है कि बीजू बाबू चीनी हमले से कितने गुस्से में थे और उन्होंने इसे पीछे हटाने के लिए कितना कुछ किया था।” वीडियो | भुवनेश्वर: ओडिशा के पूर्व सीएम नवीन पटनायक ने अपने पिता बीजू पटनायक पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “बीजू बाबू के बारे में कही गई अपमानजनक बातें सुनकर मुझे आश्चर्य हुआ। मुझे नहीं लगता कि वह जानते हैं कि प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें… pic.twitter.com/XnXrY03ZZ1– प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 30 मार्च 2026 ओडिशा में विपक्ष के नेता ने यहां तक सुझाव दिया कि भाजपा सांसद को “मानसिक चिकित्सक” से परामर्श लेना चाहिए। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि इस तरह की अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए सांसद को किसी मानसिक चिकित्सक के ध्यान की जरूरत है।” दुबे ने बीजू पटनायक के बारे में क्या कहा? विवाद शुक्रवार को शुरू हुआ, जब दुबे ने एक्स पर आरोपों की एक श्रृंखला साझा की, जिसमें दावा किया गया कि नेहरू-गांधी परिवार ने 1960 के दशक के दौरान “अमेरिका के दलाल” के रूप में काम किया था। दुबे ने ट्वीट किया, “अमेरिका के दलाल नेहरू-गांधी परिवार, आज ही के दिन यानी 27 मार्च 1963 को ओडिशा के तत्कालीन मुख्यमंत्री बीजू पटनायक जी अमेरिका पहुंचे थे। चीन के साथ 1962 का युद्ध हमने अमेरिका के इशारे पर और अमेरिका के पैसे से लड़ा था।” वरिष्ठ भाजपा नेता ने आगे आरोप लगाया कि बीजू पटनायक ने प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू और सीआईए के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम किया था, चीन के साथ 1962 के युद्ध के दौरान सहायता प्रदान की और भारत के रणनीतिक मामलों में अमेरिकी भागीदारी को सुविधाजनक बनाया। उनके पोस्ट में दलाई लामा के भाई और अमेरिकी सहायता के बारे में दावे शामिल थे, और 1955 और 1962 के बीच चुनावों में अमेरिका से कांग्रेस को कथित वित्तीय सहायता का संदर्भ दिया गया था। दुबे ने आरोप लगाया, “दलाई लामा के भाई अमेरिका के संपर्क में थे; 1959 में दलाई लामा अमेरिकी मदद से भारत आए थे। बीजू पटनायक जी नेहरू जी और अमेरिका/सीआईए के बीच महत्वपूर्ण कड़ी थे।” दुबे की टिप्पणी पर सस्मित पात्रा ने संसदीय पैनल से इस्तीफा दिया इस टिप्पणी की बीजद के कई नेताओं ने तीखी आलोचना की। इससे पहले शनिवार को, सस्मित पात्रा ने अपनी टिप्पणी के विरोध में संचार और आईटी पर संसदीय स्थायी समिति से इस्तीफा दे दिया, जिसके अध्यक्ष दुबे हैं। पात्रा ने टिप्पणियों को “अपमानजनक, गलत और गैर-जिम्मेदाराना आक्षेप” बताते हुए कहा कि वह किसी ऐसे व्यक्ति के अधीन काम करना जारी नहीं रख सकते जिसने एक राष्ट्रीय आइकन के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की। जगह : भुवनेश्वर, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 30 मार्च, 2026, 12:38 IST समाचार राजनीति ‘उन्हें मानसिक डॉक्टर की जरूरत है’: नवीन पटनायक ने बीजू पटनायक पर बीजेपी सांसद की ‘अपमानजनक’ टिप्पणी की आलोचना की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राजनीतिक विवाद निशिकांत दुबे बीजू पटनायक नवीन पटनायक(टी)बीजेपी सांसद की विवादित टिप्पणी बीजू पटनायक(टी)नवीन पटनायक की निशिकांत दुबे पर प्रतिक्रिया(टी)ओडिशा की राजनीति बीजेडी बीजेपी झड़प(टी)ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री पर टिप्पणी(टी)मानसिक चिकित्सक टिप्पणी राजनीतिक विवाद(टी)जवाहरलाल नेहरू बीजू पटनायक चीनी संघर्ष(टी)ओडिशा में विपक्ष के नेता की प्रतिक्रिया
बुरहानपुर में अध्यापक संगठनों ने बनाया संयुक्त शिक्षा मोर्चा:प्रथम नियुक्ति से सेवा गणना, TET रद्द करने की मांग पर आंदोलन

मध्य प्रदेश के अध्यापक संगठनों ने 29 मार्च को भोपाल के गांधी भवन में एक संयुक्त बैठक की। इस बैठक में सभी प्रदेश अध्यक्षों की सहमति से एक प्रदेश स्तरीय चरणबद्ध आंदोलन पर निर्णय लिया गया। आंदोलन का मुख्य उद्देश्य प्रथम नियुक्ति दिनांक से सेवा गणना और टीईटी (TET) परीक्षा को निरस्त करवाना है। साथ ही, सरकार से सुप्रीम कोर्ट में शिक्षकों का पक्ष रखने की मांग भी की गई है। मोर्चा के सदस्य ठाकुर संतोष सिंह दीक्षित ने बताया कि आंदोलन के तहत 8 अप्रैल को जिला स्तर पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 11 अप्रैल को ब्लॉक स्तर पर धरना आयोजित कर जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। अंत में, 18 अप्रैल को भोपाल में एक सामूहिक धरना प्रदर्शन करने पर सहमति बनी है। इस संयुक्त मोर्चे में कई प्रमुख अध्यापक संगठन और उनके पदाधिकारी शामिल हैं। इनमें शिल्पी सिवान (प्रदेश अध्यक्ष, आजाद अध्यापक संघ), मनोहर दुबे (प्रदेश अध्यक्ष, प्रांतीय शिक्षक संघ), जगदीश यादव (प्रदेश अध्यक्ष, राज्य शिक्षक संघ), राकेश दुबे (प्रदेश अध्यक्ष, शासकीय शिक्षक संगठन), भरत पटेल (प्रदेश अध्यक्ष, आजाद अध्यापक शिक्षक संघ), राकेश नायक (प्रदेश अध्यक्ष, राज्य शिक्षक कांग्रेस), शालिगराम चौधरी (प्रदेश अध्यक्ष, राज्य अध्यापक संघ), परमानंद डेहरिया (प्रदेश अध्यक्ष, NMOPS), डीके सिंगोर (प्रदेश अध्यक्ष, ट्रायबल वेलफेयर एसोसिएशन), राकेश पटेल (प्रदेश अध्यक्ष, गुरुजी शिक्षक संघ), रमाशंकर पांडे (प्रदेश अध्यक्ष, नवीन शिक्षक गुरुजी संघ), विनोद राठौर (महासचिव, PMUMS), पवन खरे (कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष, PMUMS), राजिक कुरैशी (प्रदेश अध्यक्ष, मध्यप्रदेश शिक्षक अध्यापक संघ), वीरेंद्र पटेल, भरत भार्गव (प्रदेश अध्यक्ष, अध्यापक अधिकार संघ), महेश भादे (प्रदेश अध्यक्ष, अध्यापक संघर्ष समिति) और राजा भैय्या गुर्जर (प्रदेश अध्यक्ष, क्रांतिकारी जनशिक्षक मोर्चा) प्रमुख हैं। मंडी कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर संतोष सिंह दीक्षित ने भी संयुक्त शिक्षा मोर्चा को अपना सहयोग और समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि वे कर्मचारी हित में शिक्षकों के साथ खड़े हैं।
बंगाली एक्टर राहुल बनर्जी की समुद्र में डूबने से मौत:शूटिंग के दौरान हुआ हादसा, पुलिस का दावा- बिना इजाजत हुई शूटिंग; ममता बनर्जी ने दी श्रद्धांजलि

बंगाली सिनेमा के एक्टर राहुल अरुणोदय बनर्जी की कल हादसे में मौत हो गई। वह ओडिशा के तलसरी समुद्र तट पर टीवी शो ‘भोले बाबा पार करेगा’ की शूटिंग कर रहे थे, तभी डूब गए। इस हादसे में उनकी को-एक्ट्रेस श्वेता मिश्रा की जान बच गई। जांच में सामने आया कि प्रोडक्शन टीम ने न तो इजाजत ली थी और न ही प्रशासन को जानकारी दी थी। एक्टर की मौत पर बालासोर (ओडिशा) के एसपी ने बताया, ‘कल तलसरी पुलिस को दीघा पुलिस से सूचना मिली कि एक बंगाली अभिनेता की मौत हो गई और शव दीघा अस्पताल में है। जांच में पता चला कि शाम करीब 5:30 बजे राहुल बनर्जी और श्वेता मिश्रा शूटिंग के दौरान घुटने तक पानी में डांस कर रहे थे, तभी गड्ढे में गिर गए। टीम उन्हें तुरंत अस्पताल ले गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।’ एसपी ने आगे कहा, ‘टीम ने शूटिंग के लिए न जानकारी दी थी और न अनुमति ली थी। आगे की कार्रवाई के लिए तलसरी और दीघा पुलिस मिलकर काम कर रही है।’ को-स्टार का दावा- पैकअप के बाद हुआ हादसा पुलिस के अनुसार शूटिंग के दौरान एक्टर की मौत हुई, लेकिन को-स्टार दिंगता बागची ने पीटीआई से कहा कि पैकअप के बाद वह अकेले समुद्र में गए थे, जहां उनका पैर फंस गया। लहरों में फंसने के बाद सेट पर अफरा-तफरी मच गई। टीम उन्हें निकालकर दीघा अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पत्नी ने की प्राइवेसी की मांग एक्टर राहुल बनर्जी की पत्नी प्रियंका सरकार ने इस मुश्किल समय में प्राइवेसी की मांग की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है, यह हमारे लिए बहुत दुख का समय है। इस मुश्किल घड़ी में हम आपसे थोड़ा समय और प्राइवेसी देने की अपील करते हैं। हमारे परिवार में एक बच्चा, एक मां और बाकी सभी लोग मिलकर इस दुख को सहने की कोशिश कर रहे हैं। हम मीडिया से निवेदन करते हैं कि हमारी भावनाओं और सीमाओं का सम्मान करें, ज्यादा दखल न दें और हमें शांति से दुख मनाने दें। इस समय आपका साथ और समझ हमारे लिए बहुत मायने रखती है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने श्रद्धांजलि दी एक्टर राहुल बनर्जी के निधन की खबर के बाद रविवार रात पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘युवा और लोकप्रिय अभिनेता राहुल अब हमारे बीच नहीं रहे। यह खबर सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ है और मैं हैरान हूं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि ऐसा कैसे हुआ। वह मेरे पसंदीदा कलाकारों में से एक थे और बहुत अच्छे इंसान थे। मैं उनके परिवार, करीबियों और चाहने वालों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करती हूं। राहुल का अचानक जाना बंगाली फिल्म इंडस्ट्री के लिए बहुत बड़ा नुकसान है।’ राहुल अरुणोदय बनर्जी को 2008 की फिल्म ‘चिरोदिनी तुमी जे अमार’ से पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने ‘तुमी असबे बोले’ (2014), ‘जुल्फीकार’ (2016), ‘ब्योमकेश गोत्रो’ (2018), ‘बिदय ब्योमकेश’ (2018) और ‘द एकेडमी ऑफ फाइन आर्ट्स’ (2025) में काम किया। उन्होंने टीवी सीरियल्स ‘होरोगौरी पिसे होटल’ और ‘मोहोना’ में भी काम किया।
बंगाली एक्टर राहुल बनर्जी की समुद्र में डूबने से मौत:शूटिंग के दौरान हुआ हादसा, पुलिस का दावा- बिना इजाजत हुई शूटिंग; ममता बनर्जी ने दी श्रद्धांजलि

बंगाली सिनेमा के एक्टर राहुल अरुणोदय बनर्जी की कल हादसे में मौत हो गई। वह ओडिशा के तलसरी समुद्र तट पर टीवी शो ‘भोले बाबा पार करेगा’ की शूटिंग कर रहे थे, तभी डूब गए। इस हादसे में उनकी को-एक्ट्रेस श्वेता मिश्रा की जान बच गई। जांच में सामने आया कि प्रोडक्शन टीम ने न तो इजाजत ली थी और न ही प्रशासन को जानकारी दी थी। एक्टर की मौत पर बालासोर (ओडिशा) के एसपी ने बताया, ‘कल तलसरी पुलिस को दीघा पुलिस से सूचना मिली कि एक बंगाली अभिनेता की मौत हो गई और शव दीघा अस्पताल में है। जांच में पता चला कि शाम करीब 5:30 बजे राहुल बनर्जी और श्वेता मिश्रा शूटिंग के दौरान घुटने तक पानी में डांस कर रहे थे, तभी गड्ढे में गिर गए। टीम उन्हें तुरंत अस्पताल ले गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।’ एसपी ने आगे कहा, ‘टीम ने शूटिंग के लिए न जानकारी दी थी और न अनुमति ली थी। आगे की कार्रवाई के लिए तलसरी और दीघा पुलिस मिलकर काम कर रही है।’ को-स्टार का दावा- पैकअप के बाद हुआ हादसा पुलिस के अनुसार शूटिंग के दौरान एक्टर की मौत हुई, लेकिन को-स्टार दिंगता बागची ने पीटीआई से कहा कि पैकअप के बाद वह अकेले समुद्र में गए थे, जहां उनका पैर फंस गया। लहरों में फंसने के बाद सेट पर अफरा-तफरी मच गई। टीम उन्हें निकालकर दीघा अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पत्नी ने की प्राइवेसी की मांग एक्टर राहुल बनर्जी की पत्नी प्रियंका सरकार ने इस मुश्किल समय में प्राइवेसी की मांग की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है, यह हमारे लिए बहुत दुख का समय है। इस मुश्किल घड़ी में हम आपसे थोड़ा समय और प्राइवेसी देने की अपील करते हैं। हमारे परिवार में एक बच्चा, एक मां और बाकी सभी लोग मिलकर इस दुख को सहने की कोशिश कर रहे हैं। हम मीडिया से निवेदन करते हैं कि हमारी भावनाओं और सीमाओं का सम्मान करें, ज्यादा दखल न दें और हमें शांति से दुख मनाने दें। इस समय आपका साथ और समझ हमारे लिए बहुत मायने रखती है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने श्रद्धांजलि दी एक्टर राहुल बनर्जी के निधन की खबर के बाद रविवार रात पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘युवा और लोकप्रिय अभिनेता राहुल अब हमारे बीच नहीं रहे। यह खबर सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ है और मैं हैरान हूं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि ऐसा कैसे हुआ। वह मेरे पसंदीदा कलाकारों में से एक थे और बहुत अच्छे इंसान थे। मैं उनके परिवार, करीबियों और चाहने वालों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करती हूं। राहुल का अचानक जाना बंगाली फिल्म इंडस्ट्री के लिए बहुत बड़ा नुकसान है।’ राहुल अरुणोदय बनर्जी को 2008 की फिल्म ‘चिरोदिनी तुमी जे अमार’ से पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने ‘तुमी असबे बोले’ (2014), ‘जुल्फीकार’ (2016), ‘ब्योमकेश गोत्रो’ (2018), ‘बिदय ब्योमकेश’ (2018) और ‘द एकेडमी ऑफ फाइन आर्ट्स’ (2025) में काम किया। उन्होंने टीवी सीरियल्स ‘होरोगौरी पिसे होटल’ और ‘मोहोना’ में भी काम किया।








