शिवपुरी में गर्लफ्रेंड को भगाने पहुंचे प्रेमी की पीट-पीटकर हत्या:परिजनों ने घर में बंधक बनाकर रात भर मारा, आज होनी थी लड़की की सगाई

शिवपुरी के कोलारस कस्बे में अपनी गर्लफ्रेंड को घर से भगाकर ले जाने पहुंचे एक युवक की परिजनों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। सोमवार सुबह करीब 10 बजे उसका शव गांव के पास नाले में पड़ा मिला। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोनों के बीच चल रहा था अफेयर रन्नौद थाना क्षेत्र के नेगमा गांव का रहने वाला 26 वर्षीय अर्जुन पाल का कोलारस की 20 वर्षीय युवती के साथ अफेयर चल रहा था। दोनों के परिवारों को इस संबंध की जानकारी थी। लेकिन अलग-अलग समाज के होने के कारण लड़की के परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे और शादी के लिए तैयार नहीं थे। आज ही होनी थी लड़की की सगाई बताया जा रहा है कि लड़की अपने प्रेमी अर्जुन से शादी करना चाहती थी और इस बात पर अड़ी हुई थी लेकिन परिवार ने उसकी शादी कहीं और तय कर दी थी। सोमवार को उसकी सगाई होने वाली थी। इस बात की जानकारी लड़की ने फोन पर अर्जुन को दी थी। भागने की बनाई थी योजना जिसके बाद दोनों ने मिलकर घर से भाग जाने की योजना बनाई थी। इसी योजना के तहत अर्जुन रविवार देर शाम कोलारस पहुंचा। उसने अपने रिश्तेदार कल्ला पाल से मदद मांगी, जो कोलारस में एक फार्म हाउस पर रहकर खेती करता था। रविवार रात करीब 1 बजे अर्जुन और कल्ला, लड़की के घर के पास खेत और हाईवे किनारे पहुंच गए। लड़की को वहीं आना था, ताकि दोनों वहां से भाग सकें। लेकिन इस योजना की जानकारी लड़की के परिजनों को लग गई। लड़की के आने की जगह उसके परिजन मौके पर पहुंच गए और दोनों युवकों को पकड़ लिया। परिजनों ने कल्ला पाल को थप्पड़ मारे और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद कल्ला किसी तरह मौके से भाग निकला लेकिन अर्जुन को पकड़कर परिजन अपने घर ले गए। बंधक बनाकर बेरहमी से की मारपीट घर ले जाकर अर्जुन को बंधक बना लिया गया और उसके साथ जमकर मारपीट की गई। लगातार पिटाई के चलते अर्जुन की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद परिजनों ने सबूत छिपाने के लिए अर्जुन के शव को खेत से करीब 100 मीटर दूर नाले में फेंक दिया। सुबह ग्रामीणों ने देखा शव सोमवार सुबह ग्रामीणों ने नाले में एक शव पड़ा देखा, जिसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पहचान की, जिसमें मृतक अर्जुन पाल निकला। बताया गया है कि सुबह लड़की का दादा खुद थाने पहुंचा और अर्जुन के साथ मारपीट की जानकारी दी। इस मामले में कल्ला पाल की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर लिया है। पांच लोगों पर एफआईआर कोलारस थाना प्रभारी गब्बर सिंह गुर्जर के अनुसार, लड़की के पिता, दादा और तीन अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
हिमाचल में CAG रिपोर्ट ने खोली वित्तीय गड़बड़ियों की पोल:HPU में अयोग्य टीचर भर्ती, रिसर्च-वर्क घटा; सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में सोमवार को पेश नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ताजा रिपोर्ट ने राज्य के वित्तीय प्रबंधन, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। रिपोर्ट में फंड के उपयोग में गड़बड़ियां, परियोजनाओं में देरी, राजस्व वसूली में कमी, अव्यवस्थित वित्तीय नियंत्रण और कई विभागों में अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। खनन, सिंचाई, आपदा राहत, विश्वविद्यालय और वन विभाग तक फैली इन खामियों ने शासन-प्रशासन की पारदर्शिता और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। खास बात यह है कि 2024-25 में खर्च की गई बड़ी धनराशि का पूरा हिसाब स्पष्ट नहीं है। कई विभागों ने यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट समय पर जमा नहीं किए। इसे पारदर्शिता और जवाबदेही के लिहाज से गंभीर चूक माना गया। CAG ने पाया कि कई विभागों ने आवंटित बजट का पूरा उपयोग नहीं किया और कुछ मामलों में बिना स्वीकृति के खर्च किया गया। खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया का पालन न होने के मामले भी सामने आए हैं। इससे सरकारी खर्च की निष्पक्षता पर सवाल उठे हैं। CAG ने 2024-25 के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) की वित्तीय स्थिति पर भी चिंता जताई है। राजस्व विभाग में गड़बड़ी जयराम सरकार में 2019-20 में आपदा फंड में भी गड़बड़ी SDRF और NDRF फंड के उपयोग में भी बड़ी अनियमितताएं सामने आई हैं। 2019-20 में केंद्र सरकार ने ₹61.07 करोड़ रोक लिए थे, क्योंकि राज्य ने SDRF फंड का दुरुपयोग किया था। इसके बावजूद 2019-23 के दौरान भी यह स्थिति जारी रही। रिपोर्ट के अनुसार, ₹254.73 करोड़ की NDRF सहायता जारी ही नहीं हो सकी। क्योंकि राज्य के पास पहले से ही SDRF का बड़ा बैलेंस पड़ा था। इससे राहत कार्यों में 1 से 2 साल तक की देरी हुई। इसके अलावा ₹122.27 करोड़ राशि नियमों के अनुसार निवेश करने के बजाय सेविंग अकाउंट में पड़ी रही, जिससे ब्याज का नुकसान हुआ। कई जगह नियमों के खिलाफ ₹11.76 करोड़ के कार्य कर दिए गए, जैसे सामान्य मरम्मत और नए निर्माण, जो आपदा राहत के दायरे में नहीं आते। आपदा प्रबंधन सिस्टम कमजोर आपदा प्रबंधन सिस्टम भी कमजोर पाया गया। राज्य आपदा योजना अपडेट नहीं हुई, जिला योजनाओं को मंजूरी नहीं मिली और कई जगह आपदा प्रबंधन टीमें बनी ही नहीं। SDRF में स्टाफ की कमी भी सामने आई, जहां 326 पदों में से केवल 193 ही भरे गए। इसके अलावा 9,449 कार्यों (₹172.47 करोड़) का डेटा पोर्टल पर अपडेट नहीं किया गया और बड़ी संख्या में उपयोग प्रमाण पत्र लंबित पाए गए। वन विभाग में अनियमितताएं CAMPA फंड में ₹1.33 करोड़ की संभावित कमी वन विभाग की कार्यप्रणाली पर CAG की रिपोर्ट में सवाल उठे हैं। फॉरेस्ट कंजर्वेशन एक्ट (FCA) के तहत शिमला स्थित नोडल अधिकारी के रिकॉर्ड की जांच में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। इसके अलावा एक अन्य मामले में वन भूमि पर मौजूद पौधों को वन घनत्व की गणना में शामिल नहीं किया गया। इस वजह से CAMPA (कंपनसेटरी एफॉरस्टेशन फंड मैनेजमेंट एंड प्लानिंग ऑथोरिटी) फंड के आकलन में कमी की आशंका जताई गई है। इन गड़बड़ियों के कारण करीब ₹1.33 करोड़ की राशि की कम वसूली होने की संभावना है। CAG ने इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए वन विभाग की प्रक्रियाओं और आकलन प्रणाली को मजबूत करने की जरूरत बताई है। खनन सेक्टर में बड़ी गड़बड़ियां CAG रिपोर्ट में उद्योग विभाग के तहत खनन सेक्टर की स्थिति भी चिंताजनक बताई गई है। 2018-19 से 2022-23 के दौरान राज्य में 40 हजार से अधिक अवैध खनन के मामले सामने आए, जिनमें अकेले 2022-23 में ही 8,000 से ज्यादा केस दर्ज हुए। खनन विभाग ने 5 साल तक एक्शन प्लान नहीं बनाया ऑडिट में पाया गया कि खनन विभाग ने पांच साल तक वार्षिक कार्ययोजना ही तैयार नहीं की, जिससे निरीक्षण, रॉयल्टी वसूली और परियोजनाओं की निगरानी प्रभावित हुई। राजस्व वसूली में भी खामियां सामने आई हैं। जांच के दौरान 27 खदानों में ₹1.81 करोड़ की रॉयल्टी कम वसूली पाई गई। इसके अलावा, ₹74.81 लाख डेड रेंट और ₹7.27 लाख सरफेस रेंट भी समय पर वसूल नहीं किया गया। जमीनी स्तर पर निगरानी तंत्र बेहद कमजोर पाया गया। कई जिलों में GPS ट्रैकिंग सिस्टम, फ्लाइंग स्क्वॉड और टास्क फोर्स तक नहीं बनाई गई, जिससे अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो सका।
कटनी पीजी कॉलेज में छात्राओं को फेल करने की धमकी:अतिरिक्त फीस वसूली का विरोध किया, स्टूडेंट्स ने थाने में की शिकायत

कटनी जिले के विजयराघवगढ़ में स्थित श्री द्वारका प्रसाद आर्ट्स एंड साइंस पीजी कॉलेज (DPCT) की छात्राओं ने कॉलेज मैनेजमेंट पर ज्यादा फीस वसूलने का आरोप लगाया है। छात्राओं का कहना है कि विरोध करने पर उन्हें फेल करने की धमकी दी जा रही है। सोमवार को इस मामले में पीड़ित छात्राओं ने विजयराघवगढ़ थाने में शिकायत की है। कॉलेज की सेकंड ईयर की छात्रा भूमि पाठक ने अपनी सहेलियों खुशबू भगत, ईशू तिवारी और श्वेता के साथ मिलकर पुलिस को लिखित आवेदन दिया है। छात्राओं ने बताया कि उन्होंने साल 2024 में कॉलेज में एडमिशन लिया था, लेकिन उस वक्त स्टाफ ने फीस को लेकर कोई साफ जानकारी नहीं दी थी। आरोप है कि छात्राओं से 8 से 10 हजार रुपए तक की फीस लेकर रसीदें थमा दी गईं। अतिरिक्त फीस का दबाव शिकायत में कहा गया है कि अब कॉलेज मैनेजमेंट बिना किसी ठोस वजह या कागज के 1,000 रुपए एक्स्ट्रा मांग रहा है। जब छात्राओं ने इस फालतू खर्चे का विरोध किया, तो कॉलेज प्रशासन उन पर दबाव बनाने लगा। फेल करने की धमकी छात्राओं का आरोप है कि उन्हें डराया जा रहा है कि अगर पैसे नहीं दिए, तो परीक्षा में फेल कर दिया जाएगा और एग्जाम फॉर्म भी नहीं भरने देंगे। छात्राओं के मुताबिक, कॉलेज के इस डर की वजह से कई छात्र पहले ही यह एक्स्ट्रा पैसे जमा कर चुके हैं। अब पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। कॉलेज प्रबंधन ने नहीं दिया कोई जवाब इस मामले में कॉलेज का पक्ष जानने के लिए जब कॉलेज प्राचार्य और संचालक दोनों से ही फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने कॉल का कोई जवाब नहीं दिया। थाना प्रभारी बोले- शिकायत मिली है विजयराघवगढ़ थाना प्रभारी रितेश शर्मा ने बताया कि छात्राओं की ओर से शिकायत प्राप्त हुई है। पुलिस ने मामले को संज्ञान में ले लिया है और आरोपों की बारीकी से जांच कराई जा रही है। जांच के बाद नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। विजयराघवगढ़ एसडीएम विवेक गुप्ता ने कहा कि आपके माध्यम से जानकारी प्राप्त हुई है। अगर शिकायत प्राप्त होती है तो मामले की जांच कराई जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
महिला के शरीर में कितने अंडे होते हैं? आजकल 30 साल में ही महिलाओं अंडों का रिजर्व क्यों कम होने लगता? न्यूट्रिशन ने बताई सच्ची बात

Last Updated:March 30, 2026, 16:37 IST Why Fertility Decline: आज से सिर्फ 2 दशक पहले तक महिलाएं 40 साल की उम्र तक आराम से कंसीव कर लेती थी. मुश्किल से ही किसी महिला को इसके लिए डॉक्टर के पास जाना पड़ता था लेकिन आजकल 30 साल के बाद तेजी से महिलाओं में फर्टिलिटी या प्रजनन क्षमता कम होने लगती है और अधिकांश महिलाओं को आईवीएफ का सहारा लेना पड़ता है. आखिर वह क्या कारण है कि 30 साल की उम्र से ही महिलाओं में फर्टिलिटी कम होने लगती है. एक महिला के जीवनकाल में कुल कितने अंडों का रिजर्व होता है. आइए इसके बारे में जानते हैं. महिलाओं में ओवेरियन रिजर्व का क्या मतलब. Why Fertility Decline: महिला का शरीर प्रकृति की कारीगरी का नायाब नमूना है. इसमें इतनी कारीगरी है कि इसे अब तक पूरी तरह से समझा नहीं जा सका है. लेकिन कुतरत में हस्तक्षेप की वजह से महिलाओं का बायलॉजिकल चक्र कमजोर पड़ने लगा है. महज 15 से 20 साल पहले तक 40 साल की उम्र तक महिलाओं को कंसीव करने में शायद ही दिक्कतों का सामना करना पड़ता था लेकिन आज 30 साल क्रॉस करते ही महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य में कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और अधिकांश महिलाओं को बच्चा पैदा करने के लिए आईवीएफ का सहारा लेना पड़ता है. आखिर ऐसा क्यों होता कि महिलाओं में अंडों का रिजर्व कम होने लगा है. महिलाओं कितने अंडों का रिजर्व होताआइए पहले ये जानते हैं कि एक महिला के शरीर में कितने अंडों का रिजर्व होता है. पहले तो यह जानकर आपको हैरानी होगी कि जन्म के बाद महिला के शरीर में एक भी नया अंडा नहीं बनता. जो भी अंडा होता है वह जन्म से पहले मां के पेट में ही बन जाता है. हेल्थलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक जब मादा भ्रुण मां के गर्भ में होता है तब दो अंडाणु बनता है. इन्हीं अंडाणु में अंडा बनता है और मादा भ्रुण एक दो महीने का होता है तभी अंडा बनना शुरू हो जाता है. गर्भ में ही महिला के शरीर में 60 लाख अंडे बन जाते हैं. इसके बाद से तेजी से इनकी संख्या घटती जाती है. जन्म के समय महिला के शरीर में 10 से 20 लाख अंडों का रिजर्व रहता है. हर दिन यह रिजर्व घटता जाता है. प्यूबर्टी यानी पहला पीरियड आते ही अंडों की संख्या घटकर 3 से 4 लाख तक रह जाती है. अब अंडों का रिजर्व एकदम सीमित हो जाता है. हर महीने पीरियड्स आने से पहले सिर्फ 1 अंडा परिपक्व होकर कंसीव के लिए तैयार होता है और इसी अंडे से अगर शुक्राणु को मिलन हो गया तो यह भ्रुण बनता है. अगर भ्रुण नहीं बना तो 28 दिनों के बाद इसका विखंडन हो जाता है और यही पीरियड्स के दौरान निकल जाता है. पीरियड शुरू होने के समय जो अंडे रिजर्व में रहता है उनमें से हर महीने करीब 1000 परिपक्व नहीं होता है और वह मर जाता है. इस तरह एक महिला के जीवन काल में 450 से 500 पीरियड्स आते हैं और हर महीने सिर्फ 1 अंडे मैच्योर होता है. लेकिन आजकल इसी रिजर्व में कमी आने लगी है. आखिर इसका क्या कारण है. क्यों घटने लगा है अंडों का रिजर्व न्यूट्रिशनिस्ट अवंती देशपांडे सोशल मीडिया पर बताती है कि कई शोध हुए हैं जिनमें कहा गया है कि कुछ साल पहले तक महिलाओं को 40 साल की उम्र तक कंसीव करने में कोई परेशानी नहीं होती थी लेकिन आजकल 30 साल होते ही महिलाओं को फर्टिलिटी संबंधी समस्याएं होने लगी है. उनका ओवेरियन रिजर्व यानी अंडों का रिजर्व कम होने लगा है. इसके वैसे तो कई कारण है लेकिन इसके लिए लाइफस्टाइल के साथ-साथ पर्यावरण भी जिम्मेदार है. उन्होंने कहा कि अब फर्टिलिटी सिर्फ उम्र पर नहीं बल्कि शरीर की कोशिकाओं की सेहत और लाइफस्टाइल पर भी निर्भर करती है. आज भारत में करीब 10–15% दंपति बांझपन की समस्या से जूझ रहे हैं और शहरों में 35 साल से कम उम्र की महिलाएं भी इलाज के लिए पहुंच रही हैं. ये कारण हैं जिम्मेदार आजकल कम उम्र से महिलाएं इंसुलिन रेजिस्टेंस का शिकार हो रही है. इसके कारण प्रीडायबिटीज हो जाता है. वहीं ओवरी की बीमारी पीसीओसी बढ़ रही हैं जिससे ओव्यूलेशन और अंडों की गुणवत्ता प्रभावित होती है. देर रात तक जागना और ज्यादा स्क्रीन देखने से मेलाटोनिन हार्मोन बिगड़ता है. मेलोटोनिन हार्मोन के कम होने से अंडों की सेहत कमजोर होती है. प्लास्टिक, प्रदूषण और हॉर्मोन को प्रभावित करने वाले केमिकल्स शरीर के सामान्य हार्मोन संतुलन को खराब करते हैं. प्रोसेस्ड खाना जैसे कि पिज्जा, बर्गर, पैकेटबंद फूड, फास्ट फूड, मोमोज, नूडल्स आदि से इंफ्लामेशन बढ़ता है. इससे भी ज्यादा परेशानी तनाव से है. तनाव से पूरे शरीर में सूजन बढ़ जाती हैं, जिससे ओवरी पर असर पड़ता है. कई महिलाएं कैरियर को प्राथमिकता देते हुए गर्भधारण में देरी करती हैं, लेकिन समय रहते अपनी सेहत (जैसे मेटाबॉलिक या थायरॉयड) की जांच नहीं करातीं. फिर क्या करना चाहिए कि कंसीव में दिक्कत न हो हर वयस्क महिला को हर साल नियमित रूप से कुछ टेस्ट कराना चाहिए. इनमें फास्टिंग इंसुलिन, HbA1c, विटामिन D, थायरॉयड और AMH, ओविरयन रिजर्व टेस्ट, लिपिड प्रोफाइल आदि की जांच प्रमुख करें. अगर किसी तरह की दिक्कत है तो तुरंत डॉक्टर से इसका इलाज कराएं. प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करें. प्लास्टिक फर्टिलिटी पर असर डाल सकता है. इसकी जगह स्टील जैसे सुरक्षित विकल्प अपनाएं. सही तरह से कंसीव करने के लिए मांसपेशियां को मजबूत बनाना जरूरी है. मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए नियमित रूप से एक्सरसाइज करना चाहिए. साथ ही पौष्टिक फूड भी जरूरी है. नियमित एक्सरसाइज से ओवरऑल हेल्थ सुधरती है. आंत की सेहत का ध्यान रखें, इससे सूजन कम होती है. वहीं हार्मोन संतुलित रहते हैं और फर्टिलिटी बेहतर होती है. इसके लिए आपको रोज हरी पत्तीदार सब्जियां, दाल, साबुत अनाज, फल, सीड्स आदि का सेवन करें. About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें
ट्रैक्टर ने बाइक को टक्कर मारी, युवक की मौत:दतिया-भांडेर रोड पर हादसा; माता-पिता घायल, लुहार वाली माता के दर्शन को जा रहे थे

दतिया में भांडेर थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक सड़क हादसे में 18 वर्षीय युवक की मौत हो गई।जबकि उसके माता-पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा दतिया-भांडेर रोड पर उस समय हुआ, जब एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक को टक्कर मार दी। मृतक की पहचान संदीप अहिरवार (20) के रूप में हुई है। घायल पिता राकेश अहिरवार और मां भारती अहिरवार हैं। जो मूल रूप से शिवपुरी जिले के राजपुरदयाल गांव के निवासी हैं और वर्तमान में दतिया की सिद्धार्थ कॉलोनी में रह रहे हैं। जानकारी के अनुसार, पूरा परिवार बाइक से भांडेर स्थित लुहार वाली माता के दर्शन करने जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में ट्रैक्टर और बाइक की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि तीनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया।जहां डॉक्टरों ने संदीप को मृत घोषित कर दिया। वहीं पिता राकेश की हालत गंभीर होने पर उन्हें ग्वालियर रेफर किया गया है, जबकि मां भारती का इलाज जिला अस्पताल में जारी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की वजह माना जा रहा है।
‘उनकी प्राथमिकता लोगों को लूटना है’: विजय ने तमिलनाडु चुनाव से पहले सुरक्षा, नशीली दवाओं के खतरे को लेकर द्रमुक की आलोचना की | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:30 मार्च, 2026, 14:40 IST पेरम्बूर में विजय का मुकाबला डीएमके के मौजूदा विधायक आरडी शेखर से होगा और त्रिची पूर्व में उनका मुकाबला मौजूदा डीएमके विधायक इनिगो इरुदयाराज से भी होगा। तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) नेता और अभिनेता विजय ने पेरंबूर निर्वाचन क्षेत्र से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। (पीटीआई) तमिलनाडु विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही अभिनेता से नेता बने और तमिलागा वेट्री कड़गम (टीवीके) प्रमुख विजय ने सोमवार को सत्तारूढ़ द्रमुक पर तीखा हमला किया और उस पर सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और नशीली दवाओं के खतरे से निपटने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “तमिलनाडु में महिलाओं के लिए कोई सुरक्षा नहीं है, अराजकता है, नशीली दवाओं का खतरा है। आप सभी जानते हैं कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है। यह द्रमुक है।” उन्होंने कहा, “पिछले पांच सालों में उन्होंने क्या किया? महिलाएं रात में अपने घरों से बाहर नहीं निकल सकतीं। अगर आप महिलाओं को सुरक्षा नहीं दे सकते, तो आप सत्ता में क्यों हैं? स्टालिन सर को लोगों या उनकी सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है। उनकी प्राथमिकता लोगों को लूटना है।” विजय, जिनकी टीवीके चुनावी शुरुआत कर रही है, अपना पहला विधानसभा चुनाव दो शहरी निर्वाचन क्षेत्रों – चेन्नई के पेरंबूर और तिरुचि पूर्व से लड़ रहे हैं। उन्होंने सोमवार को अपनी मां की जन्मस्थली पेरम्बूर और त्रिची ईस्ट से अपना नामांकन दाखिल किया। उन्होंने विशेष रूप से जनरल जेड मतदाताओं से पार्टी के ‘सीटी’ प्रतीक के लिए बड़ी संख्या में मतदान करने और अपने परिवारों को टीवीके उम्मीदवारों का समर्थन करने के लिए प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। “23 अप्रैल को तैयार हो जाओ, बूथ पर जाओ और सीटी चिन्ह के लिए अपना वोट डालो। क्या हम इस सरकार को बाहर फेंक देंगे?” उन्होंने आग्रह किया. मतदाताओं के विश्वास की अपील करते हुए, विजय ने कहा, “मैंने अपना करियर छोड़ दिया है और यहां केवल आपकी सेवा करने के लिए आया हूं। मैं आपको धोखा नहीं दूंगा। इस बार लड़ाई डीएमके और टीवीके के बीच है। कृपया अपने भाई/बेटे को एक मौका दें।” तमिलनाडु में 23 अप्रैल को एक ही चरण में राज्य के कुल 234 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान होगा। मतगणना 4 मई को होनी है. पेरम्बूर में विजय का मुकाबला डीएमके के मौजूदा विधायक आरडी शेखर से होगा और त्रिची पूर्व में उनका मुकाबला मौजूदा डीएमके विधायक इनिगो इरुदयाराज से भी होगा। जगह : तमिलनाडु, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 30 मार्च, 2026, 14:40 IST समाचार चुनाव ‘उनकी प्राथमिकता लोगों को लूटना है’: विजय ने तमिलनाडु चुनाव से पहले सुरक्षा, नशीली दवाओं के खतरे को लेकर द्रमुक की आलोचना की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु विधानसभा चुनाव(टी)विजय टीवीके प्रमुख(टी)तमिलगा वेट्री कड़गम(टी)डीएमके बनाम टीवीके(टी)तमिलनाडु नशीली दवाओं का खतरा(टी)तमिलनाडु में महिला सुरक्षा(टी)पेरंबूर निर्वाचन क्षेत्र चुनाव(टी)त्रिची पूर्व निर्वाचन क्षेत्र चुनाव
बुरहानपुर नगर निगम ने बकाया कर पर दी छूट:आयुक्त बोले- 31 मार्च तक भुगतान पर अधिभार में मिलेगी राहत

बुरहानपुर नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लंबित संपत्ति कर और अन्य निगम करों के शीघ्र भुगतान को प्रोत्साहित करने के लिए एक विशेष राहत योजना लागू की है। इस योजना के तहत, करदाताओं को अधिभार (सरचार्ज) और पेनल्टी में विशेष छूट प्रदान की जाएगी, बशर्ते वे 31 मार्च 2026 तक अपना बकाया कर जमा कर दें। यह निर्णय नागरिकों को समय पर कर भुगतान के लिए प्रेरित करने और नगर निगम की राजस्व व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से लिया गया है। नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने शहरवासियों और करदाताओं से अपील की है कि वे इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाते हुए निर्धारित तिथि के भीतर अपने करों का पूर्ण भुगतान सुनिश्चित करें। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि समय सीमा के पश्चात नियमानुसार अधिभार और दंडात्मक प्रावधान लागू होंगे, जिसके लिए संबंधित करदाता स्वयं उत्तरदायी होंगे। करदाताओं की सुविधा के लिए, नगर निगम के सभी जोनल कार्यालयों, काउंटरों और ऑनलाइन पोर्टल पर कर भुगतान की व्यवस्था उपलब्ध है। किसी भी जानकारी या सहायता के लिए संबंधित नगर निगम कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
अनीत पड्डा की बहन ने इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट किया:धुरंधर-2 को प्रोपेगेंडा कहने पर जमकर आलोचना हुई, एक्ट्रेस के बॉयकॉट की मांग भी उठी

सैयारा स्टार अनीत पड्डा की बहन उस बयान से विवादों में घिर गईं, जिसमें उन्होंने रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर 2 को प्रोपेगेंडा बताया था। बयान के बाद उनकी काफी आलोचना हुई, जिसके चलते उन्होंने इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट कर दिया। रीत पड्डा ने इंस्टाग्राम के अलावा लिंक्डइन अकाउंट भी डिएक्टिवेट कर दिया। इससे पहले उन्होंने अपना अकाउंट प्राइवेट कर दिया था। जानिए पूरा विवाद रीत पड्डा की इंस्टाग्राम पोस्ट पर एक यूजर ने कमेंट किया, जिसके जवाब में उन्होंने लिखा, ‘मैं सोशल मीडिया पर किसी कमेंट का जवाब दे रही हूं, थोड़ा अजीब लग सकता है, क्योंकि मैं आमतौर पर ऐसा नहीं करती। मुझे लगता है कि यहां किसी की सोच बदलना मुश्किल होता है। लेकिन तुमने मेरी हर पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी है, इसलिए मैंने एक-एक बात का जवाब देने का सोचा।’ आगे उन्होंने कहा, ‘सबसे पहले, कश्मीर फाइल्स, केरल फाइल्स और धुरंधर को प्रोपेगेंडा कहने पर उन्होंने कहा कि उनके हिसाब से धुरंधर सरकार के पक्ष में कहानी दिखाती है और कुछ राजनीतिक बातों को सही ठहराती है, इसलिए इसे प्रोपेगेंडा कहना गलत नहीं है।’ ‘कश्मीर फाइल्स और केरल फाइल्स पर उन्होंने कहा कि इनमें कुछ आंकड़े बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए हैं, जैसे “32,000 महिलाओं के धर्म परिवर्तन” की बात, जबकि असली संख्या कम बताई जाती है। यानी थोड़ी सच्चाई को बढ़ाकर एक खास कहानी बनाई गई है।’ उन्होंने कहा कि ऐसी फिल्में बनना ठीक है, लेकिन समस्या तब होती है जब पंजाब ’95 जैसी अलग नजरिया दिखाने वाली फिल्में रिलीज नहीं हो पातीं। इसके अलावा रीत ने प्रियंका चोपड़ा के ऑस्कर में ईरान-इजरायल युद्ध पर प्रतिक्रिया न देने सहित कई मुद्दों पर राय रखी। इसके बाद उनकी जमकर आलोचना हुई और विवाद बढ़ने पर कई लोगों ने अनीत पड्डा के बॉयकॉट की मांग की। रीत पड्डा का अकाउंट डिएक्टिवेट होने के बाद ट्रोलर्स अनीत पड्डा के ऑफिशियल अकाउंट सेक्शन की पोस्ट पर कमेंट कर आलोचना कर रहे हैं।
आंध्र प्रदेश में नेवी कर्मचारी ने प्रेमिका की हत्या की:पत्नी के मायके जाने के बाद घर बुलाया; झगड़े के बाद कई टुकड़े किए, सिर फेंका

आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक नेवी कर्मचारी ने अपनी प्रेमिका की हत्या कर शव के टुकड़े कर दिए। आरोपी ने सिर को अलग जगह ठिकाने लगाया, जबकि बाकी टुकड़े अपने घर के फ्रिज में छिपा दिया। घटना के समय उसकी पत्नी घर पर नहीं थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी चिंताडा रविंद्र (35) नेवी कर्मचारी हैं। वह INS डेगा में तैनात है। रविंद्र ने रविवार दोपहर अपनी 29 साल गर्लफ्रेंड मौनिका को घर बुलाया था। शाम के समय दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद उसने मौनिका की हत्या कर दी। पुलिस के जांच में सामने आया कि रविंद्र ने मौनिका की चाकू मारकर हत्या की। फिर शव के कई टुकड़े कर दिए। कुछ हिस्सों को बैग में भरकर सुनसान जगह पर फेंक आया, जबकि बाकी हिस्सों को घर के फ्रिज में छिपा दिया। दोनों 5 साल डेट कर रहे थे रविंद्र और मौनिका की मुलाकात 2021 में एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच संबंध बन गए। वे विशाखापत्तनम में अलग-अलग जगहों पर मिलते थे। रविंद्र की पत्नी कुछ दिन पहले विजयनगरम स्थित अपने मायके गई हुई थी। इसी दौरान उसने मौनिका को घर बुलाया था। पुलिस के मुताबिक, रविंद्र का दावा है कि मौनिका ने उससे 3.5 लाख रुपए लिए थे। वे अक्सर दोनों के रिश्ते के बारे में सभी को सब कुछ बता देने की धमकी देती थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। हत्या के बाद खुद पुलिस स्टेशन पहुंचा घटना के बाद आरोपी खुद पुलिस स्टेशन पहुंचा और अपराध कबूल कर लिया। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो घर और फ्रिज से शव के टुकड़े बरामद हुए, हालांकि सिर नहीं मिला है। आशंका है कि उसे कहीं और ठिकाने लगाया गया है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और शव के बाकी हिस्सों की तलाश के लिए विशेष टीम बनाई गई है। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। यह मामला 2022 के चर्चित श्रद्धा वाकर हत्याकांड की याद दिलाता है, जिसमें आरोपी ने हत्या के बाद शव के टुकड़े कर फ्रिज में रखा था और बाद में अलग-अलग जगहों पर फेंका था। ————- ये खबर भी पढ़ें… कर्नाटक में पति ने बीच सड़क पत्नी का गला काटा: फिर कार से कुचला, मौके पर मौत कर्नाटक में एक व्यक्ति ने बीच सड़क पत्नी की हत्या कर दी। उसने पहले पत्नी का गला काटा, फिर SUV से कुचल दिया। घटना के 2 वीडियो सामने आए है। घटना कलबुर्गी जिले के बल्लूरगी गांव के पास की है। वीडियो में आरोपी पत्नी के बाल पकड़कर उसे पीटता दिख रहा है, जबकि महिला मदद के लिए चीखती नजर आती है। पूरी खबर पढ़ें…
इजराइल ने CNN पत्रकारों से बदसलूकी पर बटालियन सस्पेंड की:सैनिकों ने हिरासत में लिया था; ऑपरेशन से हटाकर ट्रेनिंग में भेजा

इजराइली सेना ने वेस्ट बैंक में CNN के पत्रकारों से बदसलूकी और हिरासत में लेने के मामले में एक पूरी बटालियन को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही रिजर्व बटालियन की सभी ऑपरेशनल गतिविधियां सस्पेंड कर दी हैं। सेना के मुताबिक इस बटालियन को तुरंत प्रभाव से वेस्ट बैंक से हटाकर ट्रेनिंग के लिए भेज दिया गया है। जांच पूरी होने तक यह यूनिट किसी भी ऑपरेशन में शामिल नहीं होगी। यह घटना पिछले हफ्ते फिलिस्तीनी गांव तायासिर में हुई थी, जहां CNN की टीम रिपोर्टिंग कर रही थी। आरोप है कि सैनिकों ने टीम को हिरासत में लिया और एक फोटो जर्नलिस्ट के साथ मारपीट भी की, जिससे उसका कैमरा टूट गया। इजराइली सेना ने कहा है कि बटालियन को प्रोफेशनल और एथिकल ट्रेनिंग दी जाएगी और मामले में शामिल सैनिकों के खिलाफ अलग से कार्रवाई भी की जाएगी। पत्रकारों से बदसलूकी का वीडियो… इजराइली सैनिकों ने पत्रकार का गला पकड़ा 26 मार्च को वेस्ट बैंक के फिलिस्तीनी गांव तयासिर में CNN की टीम रिपोर्टिंग कर रही थी। कुछ समय पहले ही वहां इजराइली सेटलर्स ने हमला किया था। उसी के बाद की स्थिति दिखाने के लिए CNN के पत्रकार जेरेमी डायमंड अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे थे। आसपास टूटे हुए ढांचे, बिखरा सामान और डरे हुए स्थानीय लोग उस हमले की कहानी बयान कर रहे थे। टीम कैमरे पर हालात रिकॉर्ड कर रही थी और चश्मदीदों से बात कर रही थी। तभी अचानक वहां इजरायली सैनिकों की टीम पहुंची। शुरुआत में सैनिकों ने टीम से सवाल-जवाब किए, लेकिन माहौल जल्दी ही तनावपूर्ण हो गया। कुछ ही देर में सैनिकों ने CNN टीम को आगे बढ़ने से रोक दिया और उन्हें वहीं रोककर हिरासत में ले लिया। इसी दौरान हालात और बिगड़ गए। आरोप है कि एक सैनिक ने फोटो जर्नलिस्ट सिरिल थियोफिलॉस को पकड़कर उनका गला जकड़ लिया। अचानक हुए इस हमले से वह संतुलन खो बैठे और जमीन पर गिर गए। इस धक्का-मुक्की में उनका कैमरा भी टूट गया। अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठन ने हमले की निंदा की वेस्ट बैंक में CNN की टीम के साथ हुई बदसलूकी को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठन फॉरेन प्रेस एसोसिएशन (FPA) ने निंदा की। संगठन ने इस घटना को हिंसक हमला बताते हुए प्रेस की आजादी पर सीधा हमला करार दिया। संगठन ने आरोप लगाया कि सैनिकों ने पत्रकारों और वहां मौजूद लोगों पर बंदूक तान दी, जबकि पत्रकार अपनी पहचान बता चुके थे। इतना ही नहीं, टीम को शूटिंग बंद करने के लिए मजबूर किया गया और कैमरा छीनने की धमकी भी दी गई। संगठन ने इस मामले की जांच की मांग करते हुए कहा कि यह घटना दिखाती है कि मीडिया के प्रति दुश्मनी बढ़ रही है, जो बेहद चिंताजनक है। हरेदी समुदाय के लिए बनाई गई नेत्जाह यूनिट इजराइल में हर किसी के लिए जरूरी रूप से सेना में शामिल होने का नियम है। पुरुषों को लगभग तीन साल और महिलाओं को दो साल सेना में सेवा देनी होती है। यह यूनिट इजराइली सेना की कफिर ब्रिगेड का हिस्सा है। 1948 में जब इस देश का गठन हुआ था। तब हरेदी समुदाय से आने वाले 400 अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स पुरुषों को सेना में सेवा से छूट दी थी। इसका मकसद था कि ये लोग धार्मिक शिक्षा और यहूदी परंपराओं को बचाने का काम जारी रख सकें। धीरे-धीरे हरेदी समुदाय के लोगों का आंकड़ा बढ़ता गया जो सेना में शामिल होने से बचते रहे। इससे बाकी समुदाय नाराज रहने लगे। इसके बाद सरकार ने 1999 में नेत्जाह येहूदा यूनिट बनाई जहां वे अपनी धार्मिक पहचान बनाए रखते हुए सेना में सेवा दे सकें। यह यूनिट बाकी सैन्य यूनिट्स से थोड़ी अलग है। इसमें महिलाएं शामिल नहीं होतीं। माहौल पूरी तरह से धार्मिक वाला रखा जाता है और कोषेर (धार्मिक नियमों वाला) खाना दिया जाता है। ज्यादातर वेस्ट बैंक (पश्चिमी तट) इलाके में तैनाती रहती है। सुरक्षा और गश्त जैसे काम करती है। हालांकि इस यूनिट में हरेदी के अलावा भी दूसरे समुदाय के लोग शामिल होते हैं। हालांकि आबादी सबसे ज्यादा हरेदी समुदाय के लोगों की होती है। विवादों में रही है यह यूनिट








