ग्वालियर के एक निजी नर्सिंग होम में 9 महीने के मासूम की इलाज के दौरान मौत के बाद शुक्रवार सुबह जमकर हंगामा हो गया। नाराज परिजनों ने अस्पताल के बाहर चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया और डॉक्टर पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। वहीं, डॉक्टर ने सीसीटीवी वीडियो पुलिस को दिया है, जिसमें बच्चे का झाड़-फूंक करवाने का दावा किया जा रहा है। मृतक बच्चे की पहचान तनुज कुशवाहा के रूप में हुई है। उसके पिता का नाम प्रशांत कुशवाहा है, जो कि नहर वाले हनुमान मंदिर के पीछे के रहने वाले है। 22 अप्रैल को कराया गया था भर्ती परिजनों के मुताबिक, बच्चे को उल्टी और सांस संबंधी परेशानी (पसली चलने) की शिकायत थी। उसे 22 अप्रैल की दोपहर करीब 2 बजे जनकगंज थाना क्षेत्र में सरोज घर के सामने स्थित अंकुर बाल चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। गुरुवार देर रात उसकी मौत हो गई। डॉक्टर पर जबरन इलाज का आरोप परिजनों का आरोप है कि अस्पताल की डॉक्टर स्नेहा गडकर ने उनकी मर्जी के खिलाफ बच्चे को सांस की नली लगाई और इंजेक्शन दिए। उनका कहना है कि बच्चे को मामूली तकलीफ थी, लेकिन गलत इलाज के कारण उसकी मौत हो गई। मृतक की मां हेमलता ने यह भी आरोप लगाया कि डॉक्टर ने मामले को दबाने के लिए ₹50 हजार लेने की कोशिश की। देखिए 2 तस्वीरें…
अस्पताल के बाहर हंगामा, चक्का जाम घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल के बाहर धरना दिया और चक्का जाम कर दिया। उन्होंने डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुंची पुलिस, जांच शुरू हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। जनकगंज सीएसपी मनीष यादव ने बताया कि इलाज के दौरान बच्चे की मौत हुई है और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि शव का पैनल पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिससे मौत के सही कारणों का पता चल सके। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल प्रबंधन ने सौंपा CCTV वीडियो वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज सौंपा है। इसमें परिजनों द्वारा झाड़-फूंक कराए जाने की बात सामने आने का दावा किया जा रहा है। पुलिस ने अस्पताल से इलाज से जुड़े दस्तावेज भी जब्त कर लिए हैं और पूरे मामले की जांच जारी है। डॉक्टर का कहना है कि बच्चा वेटिंलेटर पर था, उसके परिजनों ने उसे वेटिंलेटर से हटा कर झाड़-फूंक करवाया।













































