अनूपपुर में अवैध रेत उत्खनन करते ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त:तीन आरोपी गिरफ्तार, मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा

अनूपपुर कोतवाली पुलिस ने अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को ग्राम पंगना में की गई इस कार्रवाई में रेत से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली भी जब्त की गई। एसपी के निर्देश पर कार्रवाई थाना प्रभारी अरविंद जैन ने बताया कि पुलिस अधीक्षक मोतिउर रहमान के निर्देश पर अवैध रेत कारोबार के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने छापा मारकर कार्रवाई की। रंगे हाथों पकड़े गए आरोपी पुलिस टीम ने अवैध रूप से रेत का परिवहन कर रही ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ा। पूछताछ के बाद ट्रैक्टर चालक मोहन सिंह (25), मालिक कुमान सिंह और ट्रैक्टर उपलब्ध कराने वाले सुलोचन सिंह को गिरफ्तार किया गया। कई धाराओं में मामला दर्ज तीनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस, खान-खनिज अधिनियम और मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। जब्त रेत और ट्रैक्टर-ट्रॉली की कुल कीमत करीब 7.03 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस ने बताया कि इससे पहले भी रेत कारोबारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। लगातार हो रही कार्रवाई से रेत माफियाओं में भय का माहौल है और पुलिस आगे भी सख्ती जारी रखेगी।
ओरछा में रामनवमी पर 5 दिवसीय महोत्सव 27 से:बुंदेली गीतकार गाएंगे बधाई, शाम को होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम

निवाड़ी जिले की ओरछा तहसील इस बार रामनवमी पर भव्य और ऐतिहासिक आयोजन की साक्षी बनने जा रही है। रामराजा मंदिर में 27 मार्च से पांच दिवसीय रामजन्म महोत्सव की शुरुआत होगी, जहां धार्मिक अनुष्ठान, शोभायात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार श्रृंखला देखने को मिलेगी। महोत्सव को लेकर पूरे मंदिर परिसर की आकर्षक साज-सज्जा की जा रही है और तैयारियां अंतिम चरण में हैं। महोत्सव की शुरुआत 27 मार्च को प्राकट्य पर्व के रूप में होगी। पहले दिन सुबह 8:30 बजे कुश नगर से रामराजा परिषद एवं मित्र मंडल द्वारा एक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। प्रकटोत्सव के गाई जाएंगी बधाई दोपहर 12:30 बजे रामराजा मंदिर प्रांगण में रामराजा परिषद बुंदेली लोकगीतों के साथ बधाई गीत प्रस्तुत करेगा। इसमें ख्याति प्राप्त कलाकार उर्मिला पांडे, राष्ट्रीय भजन गायक पवन तिवारी और बबलू तिवारी बधाई गीत की प्रस्तुति देंगे। भगवान के ओरछा आगमन की वर्षगांठ भी रामनवमी पर ही होती है, जिसे रामराजा परिषद पिछले कई वर्षों से शोभायात्रा और बधाई कार्यक्रम के साथ मनाता आ रहा है। यह यहां की सालों पुरानी परंपरा है। मंदिर के अंदर दोपहर 12 बजे पूजन-आरती के बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा। रात 8 बजे रामराजा सरकार दालान में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे, जो इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेगा। शाम को होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम शाम 7 बजे मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन निवाड़ी के संयुक्त तत्वावधान में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसमें छतरपुर की लोक कलाकार मुस्कान प्रजापति अपने साथियों के साथ बुंदेली लोक गायन प्रस्तुत करेंगी। इसके बाद “मर्यादा पुरुषोत्तम” विषय पर भव्य नृत्य नाटिका का मंचन होगा, जिसकी प्रस्तुति भोपाल की कलाकार माण्डवी अजय अरोणकर और उनकी टीम द्वारा दी जाएगी। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए विदिशा की सौम्या और उनके साथी भक्ति गायन की प्रस्तुति देंगे, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो जाएगा। प्रशासन ने की चाक चौबंद व्यवस्था 28 मार्च को सुबह 5 बजे मंगला आरती के साथ दिन की शुरुआत होगी और इसके बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा। 29 और 30 मार्च को विशेष रूप से पालना और झांकी दर्शन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें भगवान श्रीराम के बाल स्वरूप के दर्शन कर भक्त भावविभोर होंगे। रामजन्म महोत्सव को लेकर मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली है। लाखों की संख्या में भक्तों के आने की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने दर्शन के लिये उचित व्यवस्था कर रखी है। गर्मी को देखते हुए भक्तों के लिये व्यवस्थाएं की हुई है और पार्किंग के लिय स्थान तय कर दिये गये है। लोगों को परेशानी ना हो इसके लिये भी यातायात पुलिस और मंदिर प्रबंधन ने पूरा समन्वय बैठा रखा है। भारी वाहनों को नगर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा और तय किये स्थानों पर ही वाहनों की पार्किंग की जा सकेगी। कुल मिलाकर यह पूरा आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि बुंदेली संस्कृति और लोक परंपराओं का भी अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगा।
531 प्रेजेंटेशन में सुनाए गए 870 चुटकुलों पर आधारित रिपोर्ट:वैज्ञानिकों के 66% जोक्स फ्लॉप, सिर्फ 9% पर खुलकर हंसी: स्टडी

वैज्ञानिकों के रिसर्च पेपर जितने गंभीर होते हैं, कॉन्फ्रेंस टॉक्स में उनके जोक्स (चुटकुले) उतने ही कम असरदार निकल रहे हैं। प्रोसीडिंग्स ऑफ द रॉयल सोसाइटी बी में छपी एक स्टडी के मुताबिक 14 बायोलॉजी कॉन्फ्रेंस के 531 प्रेजेंटेशन में की गई हंसी-मजाक की 66% कोशिशें फ्लॉप रहीं। इन पर दर्शकों ने या तो हल्की-सी शिष्टाचार वाली मुस्कान दी या फिर कोई रिएक्शन नहीं दिया। स्टडी में कुल 870 जोक्स दर्ज किए गए। इनमें से सिर्फ 9% जोक्स पर पूरी ऑडियंस खुलकर हंसी। करीब 24% मौकों पर जोक्स को मध्यम सफलता मिली, यानी लगभग आधे लोग हंसे। स्टडी की सह-लेखिका विक्टोरिया स्टाउट के अनुसार वैज्ञानिक मजाक को जरूरी स्किल नहीं मानते। उनका कहना है कि ह्यूमर से लोग आपको ज्यादा याद रखते हैं और सहयोग की संभावना भी बढ़ती है। महिलाओं की तुलना में पुरुषों ने अधिक जोक्स किए अध्ययन के अनुसार, महिला वैज्ञानिकों के मुकाबले पुरुषों ने मंच पर अधिक जोक्स सुनाए और मजाक करने का रिस्क लिया। कुल प्रेजेंटेशन में से लगभग 60% में कम से कम एक बार हंसी का माहौल बनाने की कोशिश की गई। वहीं, 40% वैज्ञानिकों ने अपनी बात पूरी तरह गंभीर रखी, ताकि जोक फेल होने का कोई खतरा न रहे। बोरियत से शुरू हुई नोटिंग, फिर बन गई स्टडी सह-लेखिका विक्टोरिया स्टाउट ने पीएचडी की बोरियत दूर करने के लिए वक्ताओं के जोक्स नोट किए, जो बाद में रिसर्च का आधार बने। उन्होंने इटली के स्टेफानो मैमोला के साथ 2022-24 के बीच 14 बायोलॉजी कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया। टीम ने यह भी रिकॉर्ड किया कि मजाक करने के बाद वक्ता दर्शकों की हंसी के लिए कितनी देर तक इंतजार करते हैं। खुद की गलतियों पर बने सबसे ज्यादा मजाक वैज्ञानिकों के जोक्स में सबसे ज्यादा चर्चा खुद की गलतियों और तकनीकी दिक्कतों की रही, जिसे शोधकर्ताओं ने मानवीय पहलू माना। रिसर्च टॉपिक व फील्ड वर्क के किस्से भी कॉमेडी का जरिया बने। साइंस राइटर टायलर सोडरबोर्ग ने कहा कि बायोलॉजिस्ट्स का जोक्स के प्रति यह उत्साह अच्छी बात है, भले ही वे हर बार दर्शकों को हंसाने में पूरी तरह सफल न हो पाए हों।
मछुआ नीति में बदलाव को रोकने छतरपुर में ज्ञापन सौंपा:मछुआरों की आजीविका पर असर, सरकार को चेतावनी- नीलामी की तैयारी से विरोध करेंगे

प्रदेश में मछुआ नीति 2008 में बदलाव की संभावनाओं के बीच मांझी (निषाद) समाज में आक्रोश बढ़ रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को छतरपुर जिले में समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इसमें नीति में किसी भी प्रकार का परिवर्तन न करने की मांग की गई है। समाज के प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि वर्ष 2008 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वंशानुगत मछुआरों के हितों की रक्षा के लिए यह मछुआ नीति लागू की थी। इस नीति के तहत, तालाबों का संचालन पंजीकृत मछुआ सहकारी समितियों द्वारा किया जाता है, जिससे पारंपरिक रूप से मछली पकड़ने वाले परिवारों को आजीविका मिलती है। हालांकि, अब सरकार इस व्यवस्था में बदलाव करने और तालाबों की खुली नीलामी कराने की तैयारी कर रही है। वंशानुगत अधिकार छिनने का डर समाज का आरोप है कि इस बदलाव से वंशानुगत मछुआरों का अधिकार छिन जाएगा और बाहरी ठेकेदारों का प्रभाव बढ़ेगा। इससे उनकी आजीविका पर सीधा नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इसी बीच, पूरे प्रदेश में निषाद समाज गुहराज निषाद की जयंती मना रहा है। इस अवसर पर समाज के लोगों ने अपनी परंपरा और भगवान श्रीराम से जुड़े इतिहास का हवाला देते हुए सरकार से अपनी आजीविका के अधिकारों को सुरक्षित रखने की मांग दोहराई है। छतरपुर में सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि मछुआ नीति 2008 में कोई बदलाव न किया जाए। ऐसा न होने पर प्रदेशभर में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई है।
युवती की हत्या के बाद कलेक्ट्रेट पहुंचे परिजन:आरोपी का मकान-दुकान तोड़ने की मांग, पुलिस ने 5 आरोपियों पर दर्ज किया है केस

बुरहानपुर के आलमगंज मालीवाड़ा में 17 मार्च को निकिता सुरागे की हत्या के मामले में परिजन एक बार फिर कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने आरोपी अर्जुन सुगंधी का मकान और दुकान तोड़ने की मांग की। पुलिस ने इस मामले में दो नाबालिगों सहित कुल पांच आरोपियों पर FIR दर्ज की है। मृतका निकिता की बहन स्नेहा सुरागे ने बताया कि हत्या को आठ दिन हो गए हैं, लेकिन अब तक आरोपी का मकान-दुकान नहीं तोड़ा गया है। आलमगंज के अधिवक्ता राजेश बिडियारे ने भी समाजजनों के साथ मिलकर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और संपत्ति तोड़ने की मांग की। उन्होंने बताया कि पहले भी आवेदन दिया गया था, अब यह एक स्मरण पत्र है। नेपानगर के तहसीलदार जगन्नाथ वास्कले ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए कहा कि वे वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करेंगे। आगे जैसे भी निर्देश मिलेंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। नाबालिग समेत 5 आरोपियों पर केस यह घटना 17 मार्च को हुई थी जब 23 वर्षीय निकिता सुरागे, जो मालीवाड़ा में एक फर्नीचर मार्ट में फर्नीचर डिजाइनिंग का काम करती थी, को आरोपी अर्जुन सुगंधी और उसके परिजनों ने घर बुलाया था। वहां उसके साथ मारपीट की गई और अर्जुन ने चाकू मारकर निकिता की हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में अर्जुन और उसके भाई सागर सुगंधी पर हत्या का केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि घटना के समय अजय सुगंधी की पत्नी मनीषा सुगंधी, उसकी बेटी और अर्जुन का बेटा भी मौजूद थे। इन तीनों ने भी निकिता के साथ मारपीट की थी। सबूत मिटाने के लिए निकाले सीसीटीवी और डीवीआर आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने के लिए सीसीटीवी कैमरे के डीवीआर भी निकाल लिए थे। पुलिस ने बाद में इन तीनों पर हत्या, सामूहिक अपराध, साक्ष्य छिपाने का प्रयास, मारपीट और SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया। मनीषा सुगंधी को खंडवा जेल और दोनों नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेजा गया है।
इजराइल पर ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल गिरने से हड़कंप:इजराइल के मिसाइल डिफेंस सिस्टम में सेंध लगने की जांच शुरू, यूएस से अधिक गोला-बारूद की मांग

इजराइल में शनिवार को डिमोना और नजदीकी शहर अराद पर गिरी ईरान की दो बैलिस्टिक मिसाइलों ने इजराइलियों को स्तब्ध कर दिया है। इजराइल के दक्षिण नेगेव रेगिस्तान में डिमोना शहर से लगभग 14 किलोमीटर दूर स्थित उसके प्रमुख परमाणु रिसर्च सेंटर और रिएक्टर के मुकाबले कुछ ही स्थान ऐसे होंगे जो इनसे ज्यादा सुरक्षित हों। इसलिए तीन घंटे के अंतर से गिरी दो ईरानी मिसाइलों ने इजराइल के मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञ अनुमान लगा रहे हैं कि पिछले सालईरान से 12 दिन के युद्ध में इनका जखीरा खत्म हो गया होगा। यह चिंता आने वाले सप्ताहों में और गहरी होगी। इजराइल के सैनिक अधिकारियों ने बताया, वे जांच कर रहे हैं कि गड़बड़ी कहां हुई है। लेकिन विस्तृत ब्योरे पर चुप्पी साध रखी है। रविवार को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू ने प्रभावित स्थानों का दौरा करने के बाद इजराइलियों से कहा कि वे बेफिक्र न रहें। मिसाइल अलर्ट आने पर बम शेल्टर में शरण लें। इजराइली सेना ने ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने की दर 90% बताई है। अधिकारियों का कहना है कि डिफेंस सिस्टम रोकथाम की 100% क्षमता कभी हासिल नहीं कर सकते हैं। इजराइली एयर और मिसाइल डिफेंस सिस्टम के पूर्व कमांडर ब्रिगेडियर जनरल रैन कोचाव ने बताया कि डिमोना बहुस्तरीय इजराइली और अमेरिकी डिफेंस सिस्टम से सुरक्षित था। यह ऑपरेशनल नाकामी है। इजराइल के मिसाइल डिफेंस में आयरन डोम प्रमुख है। लेकिन इसे हमास की कम दूरी की मिसाइलों को रोकने के लिए बनाया गया है। बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने का उसका सबसे आधुनिक हथियार एरो-3 है, लेकिन एरो-3सिस्टम महंगा है। उसे बनाने में समय लगता है। इजराइली मीडिया ने रविवार को बताया कि अराद और डिमोना में एरो-3 तैनात नहीं था। इजराइल और अमेरिका द्वारा तैयार एंटीबैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम धरती के वातावरण के बाहर अंतरिक्ष में मिसाइलों को रोकता है। इजराइल में अमेरिका का थाड सिस्टम भी तैनात है। अधिक इंटरसेप्टर की मांग इजराइली रक्षा मंत्रालय के डायरेक्टर जनरल अमीर बराम इस माह अधिक इंटरसेप्टर और गोला-बारूद सप्लाई करने की मांग करने वाशिंगटन गए थे। नामन बताने की शर्त पर तीन इजराइली अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि क्या अमेरिका अधिक सप्लाई के लिए सहमत हो गया है। क्लस्टर मिसाइलों से खतरा जमीन से कुछ किलोमीटर ऊपर फटने वाली ईरान की क्लस्टर मिसाइलें घातक साबित हो रही हैं। अराद, डिमोना, तेल अवीव और यरूशलम के पास बेट शेमेश पर हमलों के अलावा अन्य इलाकों में बड़े मिसाइल के हिस्सों या क्लस्टर मिसाइलों से कई बिल्डिंग और सड़कों को नुकसान पहुंचा है। इजराइल के सेफ्टी सिस्टम के कमजोर होने पर चिंता पिछले साल जून में 12 दिन के युद्ध कीसमाप्ति के बाद इजराइली सेना ने चिंताजताई थी कि क्या देश का मिसाइल एयरडिफेंस सिस्टम ईरान की बैलिस्टिकमिसाइल खत्म होने से पहले ही चुकजाएगा। उस वक्त अधिकारियों ने कहा थाकि इजराइल को अपने इंटरसेप्टर बचा करखर्च करना होंगे। उसे सामरिक इंफ्रास्ट्रक्चरको अहमियत देना पड़ेगी। वैसे इजराइली सेना ने इन बातों का खंडन किया है।
इजराइल पर ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल गिरने से हड़कंप:इजराइल के मिसाइल डिफेंस सिस्टम में सेंध लगने की जांच शुरू, यूएस से अधिक गोला-बारूद की मांग

इजराइल में शनिवार को डिमोना और नजदीकी शहर अराद पर गिरी ईरान की दो बैलिस्टिक मिसाइलों ने इजराइलियों को स्तब्ध कर दिया है। इजराइल के दक्षिण नेगेव रेगिस्तान में डिमोना शहर से लगभग 14 किलोमीटर दूर स्थित उसके प्रमुख परमाणु रिसर्च सेंटर और रिएक्टर के मुकाबले कुछ ही स्थान ऐसे होंगे जो इनसे ज्यादा सुरक्षित हों। इसलिए तीन घंटे के अंतर से गिरी दो ईरानी मिसाइलों ने इजराइल के मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञ अनुमान लगा रहे हैं कि पिछले सालईरान से 12 दिन के युद्ध में इनका जखीरा खत्म हो गया होगा। यह चिंता आने वाले सप्ताहों में और गहरी होगी। इजराइल के सैनिक अधिकारियों ने बताया, वे जांच कर रहे हैं कि गड़बड़ी कहां हुई है। लेकिन विस्तृत ब्योरे पर चुप्पी साध रखी है। रविवार को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू ने प्रभावित स्थानों का दौरा करने के बाद इजराइलियों से कहा कि वे बेफिक्र न रहें। मिसाइल अलर्ट आने पर बम शेल्टर में शरण लें। इजराइली सेना ने ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने की दर 90% बताई है। अधिकारियों का कहना है कि डिफेंस सिस्टम रोकथाम की 100% क्षमता कभी हासिल नहीं कर सकते हैं। इजराइली एयर और मिसाइल डिफेंस सिस्टम के पूर्व कमांडर ब्रिगेडियर जनरल रैन कोचाव ने बताया कि डिमोना बहुस्तरीय इजराइली और अमेरिकी डिफेंस सिस्टम से सुरक्षित था। यह ऑपरेशनल नाकामी है। इजराइल के मिसाइल डिफेंस में आयरन डोम प्रमुख है। लेकिन इसे हमास की कम दूरी की मिसाइलों को रोकने के लिए बनाया गया है। बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने का उसका सबसे आधुनिक हथियार एरो-3 है, लेकिन एरो-3सिस्टम महंगा है। उसे बनाने में समय लगता है। इजराइली मीडिया ने रविवार को बताया कि अराद और डिमोना में एरो-3 तैनात नहीं था। इजराइल और अमेरिका द्वारा तैयार एंटीबैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम धरती के वातावरण के बाहर अंतरिक्ष में मिसाइलों को रोकता है। इजराइल में अमेरिका का थाड सिस्टम भी तैनात है। अधिक इंटरसेप्टर की मांग इजराइली रक्षा मंत्रालय के डायरेक्टर जनरल अमीर बराम इस माह अधिक इंटरसेप्टर और गोला-बारूद सप्लाई करने की मांग करने वाशिंगटन गए थे। नामन बताने की शर्त पर तीन इजराइली अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि क्या अमेरिका अधिक सप्लाई के लिए सहमत हो गया है। क्लस्टर मिसाइलों से खतरा जमीन से कुछ किलोमीटर ऊपर फटने वाली ईरान की क्लस्टर मिसाइलें घातक साबित हो रही हैं। अराद, डिमोना, तेल अवीव और यरूशलम के पास बेट शेमेश पर हमलों के अलावा अन्य इलाकों में बड़े मिसाइल के हिस्सों या क्लस्टर मिसाइलों से कई बिल्डिंग और सड़कों को नुकसान पहुंचा है। इजराइल के सेफ्टी सिस्टम के कमजोर होने पर चिंता पिछले साल जून में 12 दिन के युद्ध कीसमाप्ति के बाद इजराइली सेना ने चिंताजताई थी कि क्या देश का मिसाइल एयरडिफेंस सिस्टम ईरान की बैलिस्टिकमिसाइल खत्म होने से पहले ही चुकजाएगा। उस वक्त अधिकारियों ने कहा थाकि इजराइल को अपने इंटरसेप्टर बचा करखर्च करना होंगे। उसे सामरिक इंफ्रास्ट्रक्चरको अहमियत देना पड़ेगी। वैसे इजराइली सेना ने इन बातों का खंडन किया है।
ध्रुव राठी पर भड़के धुरंधर एक्टर:नवीन कौशिक बोले- फिल्म को हेट का सोर्स मत बनाओ, सिर्फ फ्लो एन्जॉय करो

यूट्यूबर ध्रुव राठी के धुरंधर 2 को प्रोपेगेंडा बताए जाने पर एक्टर नवीन कौशिक नाराज हो गए हैं। धुरंधर 1 में ‘डोंगा’ का किरदार निभाने वाले एक्टर नवीन कौशिक ने कहा है कि, जिंदगी का हर पहलू पॉलिटिक्स से जुड़ा है, चाहे वह नेशनल पॉलिटिक्स हो या आपसी रिश्ते। कोई भी अच्छी फिल्म किसी न किसी तरह की आइडियोलॉजी को जरूर दिखाएगी। उन्होंने आगे कहा कि फिल्म को नफरत फैलाने का जरिया नहीं बनाना चाहिए। सबके पास बोलने की आजादी है, मैं बहस कर सकता हूं। लेकिन फिल्म को हेट का सोर्स मत बनाओ। फिल्म है, इसे फिल्म के फ्लो में देखो और एन्जॉय करो। नवीन कौशिक ने यूट्यूब चैनल हिंदी रश को दिए इंटरव्यू में ये बातें कहीं। ध्रुव राठी ने फिल्म को बताया ‘दिमाग की बकवास’ विवाद की शुरुआत यूट्यूबर ध्रुव राठी के एक वीडियो से हुई, जिसमें उन्होंने डायरेक्टर आदित्य धर को ‘बीजेपी प्रचारक’ बताया। ध्रुव ने सोशल मीडिया पर लिखा, मैंने 3 महीने पहले ही आदित्य धर को प्रोपेगेंडा करने वाला कहा था। पिछली फिल्म में यह हल्का था, लेकिन इस बार वह ओवरकॉन्फिडेंस में खुलकर बोल गए हैं। अच्छी तरह से बनाया गया प्रोपेगेंडा खतरनाक होता है, लेकिन यह फिल्म तो अच्छी तरह बनी भी नहीं है। पहले भी आलोचना कर चुके ध्रुव राठी यह पहली बार नहीं है जब आदित्य धर की फिल्म पर सवाल उठे हों। पिछले साल दिसंबर 2025 में रिलीज हुई ‘धुरंधर’ के पहले पार्ट को भी ध्रुव राठी ने ‘झूठा और वाहियात प्रोपेगेंडा’ बताया था। उस वक्त भी उन्होंने आदित्य धर पर झूठ बेचने का आरोप लगाया था। 5 दिन और 800 करोड़ से ज्यादा की कमाई प्रोपेगेंडा के आरोपों और आलोचनाओं के बावजूद फिल्म की कमाई की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। भारत में फिल्म ने 5 दिनों में 519.12 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया है। फिल्म ने रिलीज के पांचवें दिन यानी सोमवार को भारत में 65 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया। ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क के अनुसार, फिल्म ने दुनियाभर में 800 करोड़ रुपए की कमाई कर ली है और फिल्म छावा और पीके के लाइफटाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया है।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: बंगाल में वोटर लिस्ट पर मतदान! आधी रात जारी की गई ऐतिहासिक सूची से बढ़ा तनाव, कितने नाम जुड़े-कटे अब भी रहस्य

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सांस्कृतिक कलाकारों की सूची ने राज्य की राजनीति में नया तूफ़ान खड़ा कर दिया है। चुनाव आयोग ने सोमवार 23 मार्च की आधी रात को सबसे पहले एसआईआर मतदाता सूची जारी की, लेकिन अब तक साफ नहीं किया गया कि कुल कितने जिलों का नाम जोड़ा या हटाया गया है, इस अनिश्चितता ने राजनीतिक समीकरण के बीच आरोप-प्रत्यारोप की जंग को तेजी से कर दिया है। 28 फरवरी को जारी अंतिम कलाकार सूची में करीब 60 लाख नाम एडजुडिकेशन के तहत कलाकार दिए गए थे। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर 705 शहीद अधिकारियों के इन मामलों की समीक्षा के लिए सुझाव दिया गया है। मुख्य अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि अब तक लगभग 29 लाख लाख का निर्णय लिया जा चुका है, जबकि शेष मामलों की प्रक्रिया जारी है। गॉडफादर ने सवाल उठाया रूढ़िवादी कांग्रेस ने इस प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कोलकाता के मेयर और मंत्री फिरहाद हकीम ने लगाया आरोप. उन्होंने कहा, ‘देखा गया है कि भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में करीब 40 फीसदी आबादी के ताले गिरे हुए हैं. संविधान हमें वोट देने का अधिकार देता है और जो संविधान विरोध करता है, वह भारत का है। अगर चुनाव आयोग भारत के खिलाफ है तो हम उच्च न्यायालय का रुख करेंगे और उसे हटाने की मांग करेंगे, क्योंकि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि हर नागरिक को मतदान का अवसर मिले।’ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार का जवाब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने भी इस प्रक्रिया को मंदिर पर्यवेक्षण में बताया। उन्होंने कहा, ‘प्रतिनिधि सूची सुप्रीम कोर्ट की निगरानी और कोलकाता उच्च न्यायालय के अधिकारियों की जांच की तैयारी की जा चुकी है। नामकरण स्तर पर नवीन के साथ क्षेत्र-वार नामांकन पर बैठकें हो रही हैं। इन बैठकों में सीमित पुस्तकालयों को बुलाया जा रहा है और विशेष क्षेत्रों व विभागों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।’ भाजपा प्रत्याशी प्रत्याशी टिबरेवाल ने सूची जारी करते हुए कहा, “नाम आधी रात के बाद के हैं, नाम नहीं हैं। आप सुबह देखिए या शाम को, वही नाम रहते हैं। जो समर्थक शामिल थे, उन्हें अब हटा दिया गया है। लोकतंत्र में केवल वैध समर्थकों को वोट देने का अधिकार है, अवैध लोगों को नहीं।” सूची पर राजनीति फ्लोरिडा को अपना स्टेटस जांचने के लिए बूथ-स्टार की सूची डाउनलोड करने को कहा गया है, लेकिन कई लोगों ने तकनीकी समस्याओं की शिकायत की है। जिन अभियोजकों का नाम उजागर किया गया है, उन्हें 15 दिनों के भीतर न्यायिक न्यायाधिकरण में अपील करने का अधिकार दिया गया है। सूची सूची यह विवाद राजनीति को और तीखा बना सकती है। एक ओर बीजेपी इसे ‘फर्जी वोटरों की सफ़ाई’ बता रही है, वहीं टीएमसी इसे लोकतांत्रिक अधिकार पर हमला दे रही है। अब संस्था चुनाव आयोग के अगले कदम पर गौर कर रही है। अंतिम आँकड़े और आगे जारी करने वाली योजनाएँ ही तय करती हैं कि यह विवाद थमेगा या अल्पमत बॉट को और तेज़ करेगा। इस्लामिक यूरोपियन को देखते हुए राज्य भर में सुरक्षा एपिसोड जारी किया गया है। 294 अरुणाचल प्रदेश के लिए मतदान 23 और 29 अप्रैल को होना है, जबकि प्राथमिक 4 मई को होगा। ये भी पढ़ें: हैदराबाद पेट्रोल संकट: पेट्रोल पंप पर नो स्टॉक के बिल, देश के राज्यों में ईरान जंग का असर, पढ़ें पूरी रिपोर्ट (टैग्सटूट्रांसलेट)डब्ल्यूबी चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल मतदाता सूची विवाद(टी)एसआईआर अनुपूरक सूची(टी)टीएमसी बनाम बीजेपी(टी)चुनाव आयोग भारत(टी)डब्ल्यूबी चुनाव 2026(टी)डब्ल्यूबी चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)वेस्ट बंगाल चुनावी सूची(टी)एसआईआर लिस्ट(टी)टीएमसी बनाम बीजेपी(टी)चुनाव आयोग भारत(टी)डब्ल्यूबी चुनाव 2026
'ये मेरी बहन है, बीवी नहीं':फरदीन खान ने बहन लैला को पत्नी समझने पर पैपराजी की गलती सुधारी, देखें वीडियो

मुंबई में हाल ही में एक अवॉर्ड फंक्शन के दौरान एक्टर फरदीन खान अपनी बहन लैला के साथ नजर आए, जहां पैपराजी ने लैला को उनकी पत्नी समझ लिया। इस पर फरदीन ने मौके पर ही साफ करते हुए कहा कि वह उनकी बहन हैं, पत्नी नहीं, जिससे कन्फ्यूजन दूर हुआ। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में फरदीन पैपराजी की गलती सुधारते नजर आते हैं। वह कहते हैं, “ये बहन है मेरी, बीवी नहीं। बहुत सारे हैंडल्स लिखते हैं कि ये मेरी बीवी है।” इस पर उनकी बहन लैला हंस पड़ती हैं और फरदीन भी मुस्कुराते दिखते हैं। फरदीन की शादी मुमताज की बेटी से हुई फरदीन खान की शादी एक्ट्रेस मुमताज की बेटी नताशा माधवानी से हुई। दोनों के दो बच्चे बेटी डायनी और बेटा अजेरियस हैं। फरदीन लंबे समय तक लंदन में रहे, लेकिन अब उन्होंने मुंबई में फिर से अपना बेस बना लिया है। उनके मुंबई शिफ्ट होने के बाद सोशल मीडिया पर नताशा से अलग होने की अफवाहें सामने आई थीं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। 2024 में टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में फरदीन ने बच्चों से दूर रहने को मुश्किल बताया था और कहा था कि वह उनसे रेगुलरली वीडियो कॉल पर कनेक्ट रहते हैं। मुमताज ने तलाक की खबरों को खारिज किया था वहीं, मुमताज ने टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि इस मामले में कुछ भी सीरियस नहीं है। फरदीन और नताशा अब भी पति-पत्नी हैं और उनका तलाक नहीं हुआ है। उन्होंने कहा था कि शायद अब उनकी आपस में नहीं बनती, लेकिन हर शादी में उतार-चढ़ाव आते हैं। फरदीन ने 2024 में हीरामंडी से कमबैक किया फरदीन खान ने लंबे समय के बाद फिल्म इंडस्ट्री में वापसी की है। फिल्म दूल्हा मिल गया (2010) के बाद लंबे ब्रेक के पश्चात उन्होंने 2024 में वेब सीरीज हीरामंडी से कमबैक किया। इसके बाद वह ‘खेल खेल में’, ‘विस्फोट’ और ‘हाउसफुल 5’ जैसे प्रोजेक्ट्स में नजर आए। बता दें कि 1998 में ‘प्रेम अगन’ से करियर शुरू करने वाले फरदीन ‘जंगल’, ‘प्यार तूने क्या किया’ और ‘नो एंट्री’ जैसी फिल्मों में दिखे हैं।








