अपने मन से वेट लॉस की दवा बेची तो खैर नहीं, सरकार ने उठाया सख्त कदम,देश में 49 जगहों पर छापेमारी

Last Updated:March 24, 2026, 13:12 IST Govt Warn on Weight Loss Drugs: वेट लॉस की दवा पर पेटेंट खत्म होने के बाद बाजार में करीब 40 कंपनियों की जेनरिक दवा आ गई है. ये दवा बेहद सस्ती है. लेकिन इस दवा को कोई भी बिना डॉक्टरों की पर्ची से न खरीद सकता है न ही बेच सकता है.लेकिन अभी से ऐसा होने लगा है. इसी कारण सरकार ने हिदायत देते हुए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट कर दिया है. इस सिलसिले में 49 जगहों पर छापेमारी भी की गई है. सरकार को अंदेशा है कि सस्ती दवा की आड़ में लोग या केमिस्ट शॉप वाले खुद से ही दवा को दे सकते हैं. वेट लॉस दवा के गलत इस्तेमाल पर सरकार सख्त. Govt Warn on Weight Loss Drugs: वजन कम करने वाली दवा के सस्ती होने के बाद अगर किसी ने इस GLP-1 दवा को अपने मन से खरीदने या बेचने की कोशिश की तो उसकी खैर नहीं. ड्रग नियामक संस्था सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (सीडीएससीओ) ने इस पर काबू पाने के लिए सख्त गाइडलाइन जारी की है.इतना ही नहीं, इसके लिए कार्रवाई भी शुरू कर दी है. विभाग ने 49 जगहों पर छापेमारी की है. दरअसल, भारत में पहले से ही GLP-1 श्रेणी की वीगोभी और ओजेंपिक इंजेक्शन बहुत ज्यादा बिक रहे हैं. ये दवा बेहद महंगी होती है लेकिन हाल ही में सरकार ने इसे पेटेंट फ्री कर दिया है जिसके बाद कई कंपनियां इस दवा का जेनरिक वर्जन ला रही है. ये दवा अब बेहद सस्ती हो जाएगी. इसलिए सरकार को डर है कि लोग बिना डॉक्टरों की सलाह इस दवा को खरीद न लें क्योंकि बिना डॉक्टरों की सलाह यह दवा बेहद नुकसानदेह साबित हो सकती है. क्यों सरकार ने उठाया ये कदम यही कारण है कि वजन घटाने की सस्ती दवाओं (GLP-1) को लेकर सरकार अलर्ट हो गई है. भारत के ड्रग्स कंट्रोलर ने इन दवाओं की सप्लाई चेन पर कड़ी नजर रखते हुए सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. जेनरिक वर्जन दवाओं की बाजार में भरमार हो गई है. ये दवाएं मेडिकल स्टोर, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और वेलनेस क्लीनिक पर आसानी से मिलने लगी हैं. लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह इनका इस्तेमाल करना खतरनाक साबित हो सकता है. इसी को देखते हुए सरकार ने दवा कंपनियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे किसी भी तरह का भ्रामक विज्ञापन या छिपा प्रचार न करें, जिससे लोग गुमराह हों या बिना जरूरत दवा लें. नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई पिछले कुछ हफ्तों में बड़ी कार्रवाई करते हुए देशभर में 49 जगहों पर छापेमारी और जांच की गई. इनमें ऑनलाइन फार्मेसी, थोक विक्रेता, मेडिकल स्टोर और स्लिमिंग क्लीनिक शामिल हैं. जांच में जहां-जहां गड़बड़ी मिली, वहां नोटिस भी जारी किए गए हैं. सरकार का साफ कहना है कि मरीजों की सुरक्षा सबसे जरूरी है. बिना डॉक्टर की निगरानी के इन दवाओं का इस्तेमाल करने से गंभीर साइड इफेक्ट हो सकते हैं. नियमों के मुताबिक, ये दवाएं सिर्फ एंडोक्रिनोलॉजिस्ट, इंटरनल मेडिसिन के डॉक्टर और कुछ मामलों में कार्डियोलॉजिस्ट की सलाह पर ही दी जा सकती हैं. सरकार ने चेतावनी दी है कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ लाइसेंस रद्द करने, जुर्माना लगाने और कानूनी कार्रवाई जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे. मरीजों की सुरक्षा सर्व प्रमुख 10 मार्च को सीडीएससीओ ने दवा कंपनियों को विस्तृत गाइडलाइन जारी की थी जिसमें कहा गया था कि किसी भी हाल में इस दवा से संबंधित भ्रामक विज्ञापन नहीं दिखाया जाएगा. अगर दिखाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों ने बताया कि GLP-1 दवाएं केवल डॉक्टर की पर्ची पर ही दी जाती हैं और इन्हें मेडिकल निगरानी में ही इस्तेमाल करना चाहिए. भारत में इस दवा को एंडोक्राइनोलॉजिस्ट, इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ और कुछ मामलों में कार्डियोलॉजिस्ट ही लिख सकते हैं. विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बिना डॉक्टर की सलाह के इन दवाओं का इस्तेमाल गंभीर साइड इफेक्ट और स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है. सीडीएससीओ ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा सबसे जरूरी है और इस कार्रवाई का उद्देश्य दवाओं के गलत इस्तेमाल को रोकना और सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करना है. आने वाले समय में निगरानी और सख्त की जाएगी और नियम तोड़ने पर लाइसेंस रद्द, जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें Location : New Delhi,New Delhi,Delhi First Published : March 24, 2026, 13:12 IST
कर्नाटक विधानसभा में गूंजा हिमाचल का आर्थिक संकट:बीजेपी MLA ने सैलरी डेफर पर उठाए सवाल, मंत्री बोले- हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत

हिमाचल प्रदेश की वित्तीय स्थिति अब राज्य की सीमाओं से बाहर निकलकर अन्य राज्यों की विधानसभाओं में भी चर्चा का विषय बन गई है। कर्नाटक विधानसभा में बजट 2026-27 पर चर्चा के दौरान सोमवार को हिमाचल का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा, जहां विपक्ष ने बढ़ती सब्सिडी और आर्थिक प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े किए। विधानसभा में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के विधायक वी सुनील कुमार ने कहा कि कर्नाटक में करीब 14 प्रतिशत बजट सब्सिडी योजनाओं पर खर्च हो रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर यही स्थिति जारी रही, तो राज्य को हिमाचल प्रदेश जैसी आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि ‘गारंटी योजनाओं’ पर एक लाख करोड़ रुपए से अधिक खर्च हो चुका है, जिससे ‘सब्सिडी कल्चर’ बढ़ रहा है। एस सुनील कुमार ने हिमाचल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां कांग्रेस सरकार को गारंटी योजनाओं के चलते वेतन में कटौती और भुगतान स्थगित करने जैसे कदम उठाने पड़े। उन्होंने कहा कि यह स्थिति किसी भी राज्य के लिए चिंताजनक है और कर्नाटक को इससे सबक लेना चाहिए। हिमाचल सरकार ने 3% से 50% तक सैलरी डेफर की दरअसल, हिमाचल में हाल ही में सरकार ने वित्तीय दबाव के चलते बड़ा फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू का 50 प्रतिशत वेतन छह महीने के लिए डेफर किया है। इसके अलावा, मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की 30 प्रतिशत और विधायकों की 20 प्रतिशत सैलरी डेफर की गई है। इसी तरह राज्य सरकार ने 2025-26 की तुलना में 2026-27 में 4 हजार 577 करोड़ रुपए कम का बजट पेश किया है। साल 2025-26 में राज्य के बजट का आकार 58 हजार 514 करोड़ रुपए था, जबकि इस बार घटकर 54 हजार 928 करोड़ रुपए रह गया है। इस वजह से भी दूसरे राज्यों में हिमाचल के आर्थिक हालात को लेकर चर्चा हो रही है। हिमाचल सीएम ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर फोड़ा ठीकरा इसी वजह से कर्नाटक विधानसभा में भी यह मामला गूंजा। वहां विपक्ष हिमाचल की आर्थिक स्थिति को मुद्दा बनाकर सत्तारूढ़ कांग्रेस को घेर रहा है। वहीं हिमाचल सीएम का कहना है कि संघीय ढांचे में केंद्र का रवैया ठीक नहीं है। पहले GST कंपनसेशन बंद किया गया। इसके बाद NPS के अंगेस्ट मिलने वाला लोन और फिर राज्य की लोन लेने की सीमा 5 फीसदी से घटाकर 3 फीसदी की। अब राज्य को हर साल मिलने वाली लगभग 10 हजार करोड़ की रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट भी बंद कर दी गई है। कर्नाटक सरकार ने बीजेपी के आरोपों को खारिज किया वहीं, कर्नाटक सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया। राज्य के राजस्व मंत्री कृष्णा बायर गौड़ा ने कहा कि उनकी सरकार वित्तीय चुनौतियों को लेकर पूरी तरह सजग है और कर्नाटक की अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में है। उन्होंने बताया कि राज्य की विकास दर 11 प्रतिशत है, जो महाराष्ट्र और गुजरात से अधिक है। गौड़ा ने यह भी कहा कि सब्सिडी को नकारात्मक रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, ‘डिमांड-साइड इकोनॉमिक्स’ के तहत लोगों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता से बाजार में मांग बढ़ती है और इससे आर्थिक गतिविधियां तेज होती हैं। उन्होंने “मल्टीप्लायर इफेक्ट” का जिक्र करते हुए कहा कि लोगों के हाथ में दिया गया पैसा कई बार खर्च होता है, जिससे अर्थव्यवस्था को गति मिलती है। कुल मिलाकर, हिमाचल की वित्तीय स्थिति अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनती जा रही है। कर्नाटक विधानसभा में उठा यह मुद्दा संकेत देता है कि छोटे राज्यों की आर्थिक नीतियों और उनके प्रभाव पर देशभर में नजर रखी जा रही है।
राजस्थान के युवक ने गुना में फांसी लगाई:मामा के लड़के के साथ घूमने आया था; कमरे में फंदे पर मिला

राजस्थान के बारां जिले से गुना में अपने मामा के लड़के के पास घूमने आए 26 वर्षीय युवक शिवचरण मीणा ने सोमवार शाम हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलने पर कैंट पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को फंदे से उतरवाया और जिला अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मंगलवार सुबह परिजनों के पहुंचने पर पोस्टमार्टम के बाद शव उन्हें सौंप दिया गया है और पुलिस मर्ग कायम कर आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है। 2 दिन पहले ही राजस्थान के बारां से आया था गुना जानकारी के अनुसार, शिवचरण मीणा (26) पुत्र सत्यनारायण मीणा राजस्थान के बारां जिले का रहने वाला था। वह दो दिन पहले ही राजस्थान से गुना घूमने आया था। उसके मामा का लड़का गुना में ही एक स्कूल में टीचर है। वह उसी के पास हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहने और घूमने के लिए आया था। मामा का लड़का पहुंचा तो फंदे पर लटका मिला शिवचरण सोमवार शाम शिवचरण ने हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित मामा के लड़के के घर में अज्ञात कारणों के चलते फांसी लगा ली। जब उसका मामा का लड़का घर पहुंचा, तो वह फंदे पर लटका हुआ मिला। इसके बाद उसने तत्काल कैंट पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने मर्ग कायम किया, सुसाइड का कारण अज्ञात सूचना पर मौके पर पहुंची कैंट पुलिस ने शव को नीचे उतरवाया और जिला अस्पताल भिजवाया। यहां डॉक्टरों ने शिवचरण को मृत घोषित कर दिया और शव को पीएम रूम में रखवा दिया गया। मंगलवार सुबह परिवार वालों के पहुंचने पर शव का पोस्टमार्टम किया गया। पीएम के बाद शव परिवार वालों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है, हालांकि उसने सुसाइड क्यों किया, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है।
किम जोंग बोले- परमाणु हथियार रखने का फैसला सही था:ईरान पर हमले ने हमें सच साबित किया, ताकत से ही सुरक्षा मिलती है

नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन ने देश के पास परमाणु हथियार होने को लेकर खुशी जताई है। सरकारी मीडिया के मुताबिक उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजराइल के ईरान पर किए गए हमले साबित करते हैं, कि उनके देश का परमाणु हथियार रखने का फैसला सही था। किम ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहा युद्ध दिखाता है कि आज की दुनिया में सिर्फ मजबूत सैन्य ताकत ही किसी देश को सुरक्षित रख सकती है। उन्होंने यह बयान सोमवार को संसद में लंबे भाषण के दौरान दिया। अपने भाषण में किम ने दक्षिण कोरिया के प्रति सख्त रुख दोहराया और कहा कि वह अपने देश की परमाणु ताकत को और मजबूत करेंगे ताकि अमेरिका को रोका जा सके। किम जोंग बोले- और ज्यादा परमाणु हथियार बनाएंगे किम जोंग उन का यह भाषण मंगलवार को लिखित रूप में जारी हुआ है। इसमें उन्होंने कहा कि 2019 में ट्रम्प के साथ बातचीत टूटने के बाद परमाणु हथियार बढ़ाने का फैसला उनका सबसे सही कदम था। किम ने देश को आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था बनाने, ज्यादा परमाणु हथियार और उन्हें ले जाने वाली मिसाइलें बनाने पर जोर दिया। किम ने यह भी कहा कि परमाणु हथियारों की वजह से नॉर्थ कोरिया अब ज्यादा सुरक्षित है और इसी वजह से वह अपने संसाधनों का इस्तेमाल आर्थिक विकास के लिए भी कर पा रहा है। किम जोंग उन के भाषण की अहम बातें… साउथ कोरिया को दुश्मन देश का दर्जा देंगे किम साउथ कोरिया को लेकर उन्होंने कहा कि वह उसे सबसे बड़ा दुश्मन मानेंगे और पूरी तरह नजरअंदाज करेंगे। अगर साउथ कोरिया कोई भी कदम उठाता है जो उनके देश को नुकसान पहुंचाता है, तो उसे कड़ी सजा दी जाएगी। कई दशकों से अमेरिका और उसके सहयोगी देश, प्रतिबंध और बातचीत के जरिए नॉर्थ कोरिया को परमाणु कार्यक्रम छोड़ने के लिए मनाने की कोशिश करते रहे हैं, लेकिन अब तक सभी प्रयास असफल रहे हैं। व्हाइट हाउस में दोबारा आने के बाद ट्रम्प ने किम से फिर बातचीत करने की इच्छा जताई है। हालांकि, किम का कहना है कि बातचीत तभी हो सकती है जब अमेरिका आधिकारिक तौर पर नॉर्थ कोरिया को परमाणु शक्ति के रूप में मान्यता दे। नॉर्थ कोरिया लंबे समय से यह कहता रहा है कि अगर लीबिया के मुअम्मर गद्दाफी और इराक के सद्दाम हुसैन के पास परमाणु हथियार होते, तो उनका अंत इस तरह नहीं होता। 2019 में अमेरिका-नॉर्थ कोरिया की बातचीत टूटी थी अमेरिका और नॉर्थ कोरिया के बीच परमाणु कार्यक्रम छोड़ने को लेकर साल 2018 में बातचीत शुरू हुई थी। इसे लेकर जून 2018 में सिंगापुर में पहली बार ट्रम्प और किम जोंग उन की ऐतिहासिक मुलाकात हुई थी। इसके बाद फरवरी 2019 में वियतनाम के हनोई में दूसरी बैठक हुई, लेकिन यहीं बातचीत टूट गई क्योंकि दोनों पक्ष शर्तों पर सहमत नहीं हो पाए। इसके बाद नॉर्थ कोरिया ने कहा था कि अमेरिका पर भरोसा नहीं किया जा सकता और सुरक्षा के लिए उसे अपनी सैन्य ताकत बढ़ानी होगी। इसी सोच के तहत उसने अपने परमाणु हथियार और मिसाइल कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का फैसला किया। नॉर्थ कोरिया का मानना है कि मजबूत परमाणु क्षमता ही उसे बाहरी हमलों से बचा सकती है। नॉर्थ कोरिया के पास अमेरिका तक पहुंचने वाली मिसाइलें हैं इसके बाद नॉर्थ कोरिया ने धीरे-धीरे अपनी पुरानी रणनीति पर वापसी कर ली। उसने मिसाइल टेस्टिंग बढ़ा दी और अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाने लगा। कई बार लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों का भी परीक्षण किया गया। फिलहाल नॉर्थ कोरिया के पास कुल कितनी मिसाइलें हैं, इसका सटीक आंकड़ा सार्वजनिक नहीं है। लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुमान के मुताबिक नॉर्थ कोरिया के पास सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलें हैं, जिनमें शॉर्ट रेंज, मीडियम रेंज और और लंबी दूरी (ICBM) की मिसाइलें शामिल हैं ICBM यानी लंबी दूरी की मिसाइलें ऐसी हैं जो अमेरिका तक पहुंचने की क्षमता रखती हैं। नॉर्थ कोरिया ने ह्वासोंग-15, ह्वासोंग-17 और ह्वासोंग-18 जैसी मिसाइलों की टेस्टिंग की है। इन मिसाइलों की रेंज लगभग 10,000 से 15,000 किलोमीटर तक मानी जाती है। इसका मतलब है कि ये अमेरिका के बड़े हिस्से तक पहुंच सकती हैं। कुछ रिपोर्ट्स यह भी मानती हैं कि नॉर्थ कोरिया के पास करीब 50–100 के आसपास परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम मिसाइलें हो सकती हैं, लेकिन यह पक्का आंकड़ा नहीं है। किम जोंग से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… किम जोंग-उन की साउथ कोरिया को चेतावनी, बोले- खतरा हुआ तो ‘पूरी तरह तबाह’ कर देंगे नॉर्थ कोरिया के शासक किम जोंग-उन ने साउथ कोरिया को कड़ी चेतावनी दी है। किम ने कहा है कि उनके देश की सुरक्षा को खतरा हुआ तो वे साउथ कोरिया को ‘पूरी तरह नष्ट’ कर सकते हैं। प्योंगयांग में सात दिन चली वर्कर्स पार्टी कांग्रेस के समापन पर किम ने अगले पांच वर्षों के लिए परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को तेज करने का खाका पेश किया। पूरी खबर यहां पढ़ें…
सोने ₹56 रुपए घटा, 10 ग्राम की कीमत ₹1.39 लाख:चांदी में ₹1 हजार रुपए की तेजी, दाम 2.20 लाख रुपए प्रति किलो पर पहुंचे

सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 24 मार्च को मामूली उतार-चढ़ाव है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 56 रुपए गिरकर 1.39 लाख रुपए के करीब है। चांदी में 1093 रुपए की तेजी है। ये 2.20 लाख रुपए प्रति किलो पर है। रिकॉर्ड हाई से 37 हजार रुपए सस्ता हुआ सोना रिकॉर्ड हाई से 1.66 लाख रुपए सस्ती हुई चांदी सोना खरीदते समय इन 2 बातों का ध्यान रखें 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके
सतना में 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड:बोरवेल पर बैन का झूठा डर दिखाकर मैनेजर से वसूले 5 हजार रुपए; आईजी के निर्देश पर कार्रवाई

सतना जिले के धारकुंडी थाना क्षेत्र के जमुआनी गांव में रविवार-सोमवार की दरमियानी रात बोरवेल खनन पर प्रतिबंध का झूठा डर दिखाकर मैनेजर से 5,000 रुपए की वसूली करने वाले तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। सोशल मीडिया पर वसूली का यह मामला सामने आने के बाद आईजी गौरव राजपूत के निर्देश पर एसपी हंसराज सिंह ने धारकुंडी थाने में पदस्थ पुलिसकर्मी बृजेश पटेल, विकास राजपूत और सुरेश मिश्रा पर तत्काल प्रभाव से यह कार्रवाई की है। गौरतलब है कि सतना जिले में नलकूप खनन पर वर्तमान में कोई प्रतिबंध लागू नहीं है। रात 1:30 बजे मशीन बंद कराई, मैनेजर को गाड़ी में बैठाया रीवा जिले के सेमरिया निवासी बोरवेल संचालक रामबहोर यादव ने बताया कि उनकी मशीन जमुआनी गांव में बोरिंग कर रही थी। रात करीब 1:30 बजे दो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और मशीन बंद करवा दी। पुलिसकर्मियों ने मैनेजर अजीत को बोरिंग पर प्रतिबंध होने की बात कही। इसी दौरान पुलिसकर्मी बृजेश पटेल ने मोबाइल पर प्रतिबंध का एक आदेश भी दिखाया और मैनेजर अजीत को अपनी गाड़ी में बैठा लिया। थाना प्रभारी के नाम पर मांगे 10 हजार, 5 हजार लेकर छोड़ा पुलिसकर्मी मैनेजर अजीत को अपनी गाड़ी में बैठाकर पहले शुकवाह और फिर विजयपुर ले गए। इस दौरान पुलिसकर्मी बृजेश ने थाना प्रभारी को ‘मैनेज’ करने के नाम पर 10,000 रुपए की मांग की। पुलिसकर्मियों ने धमकी दी कि पैसे न देने पर बोरिंग मशीन थाने में खड़ी कर दी जाएगी। इस धमकी से डरकर मैनेजर अजीत ने बृजेश पटेल को 5,000 रुपए दे दिए, जिसके बाद उसे छोड़ा गया। सोशल मीडिया पर खुला राज, जांच में हुई पुष्टि वसूली का यह पूरा मामला सोमवार शाम सोशल मीडिया पर सामने आया। इसके बाद आईजी गौरव राजपूत ने मामले पर संज्ञान लेते हुए धारकुंडी थाने में पदस्थ पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच के आदेश दिए। जांच में इस बात की पुष्टि हुई कि प्रतिबंध का झूठा डर दिखाकर बोरवेल मैनेजर से 5,000 रुपए की वसूली की गई थी। इसके बाद आईजी के निर्देश पर एसपी हंसराज सिंह ने तीनों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया।
मथुरा में मोहन भागवत ने संतों के पैर छुए:बोले- घुसपैठियों को रोजगार मत दो, ये लोग गड़बड़ी करते हैं

संघ प्रमुख मोहन भागवत मंगलवार सुबह 10 बजे मथुरा के वृंदावन पहुंचे। यहां एक आश्रम के लोकार्पण समारोह में हिस्सा लिया। संतों का पैर छूकर आशीर्वाद लिया। संघ प्रमुख ने धर्मांतरण पर कहा- जो लोग पहले हिंदू थे, अब दूसरे संप्रदायों में चले गए हैं, उन्हें वापस लाने की कोशिशें जारी हैं। अगर वो खुद ही वापस आना चाहते हैं तो हमें दरवाजे खुले रखने चाहिए। भागवत ने घुसपैठ के मुद्दे पर कहा- समाज का दायित्व है कि जैसे ही किसी घुसपैठिए का पता चले, अधिकारियों को बताएं। वैसे तो हमें भेदभाव नहीं करना है, लेकिन जो देश में चोरी-छिपे आए हैं, कभी-कभी बड़ी गड़बड़ियों का कारण बनते हैं, ऐसे लोगों के लिए हमें स्पष्ट रहना होगा कि हम उन्हें रोजगार नहीं देंगे। समाज और प्रशासन को मिलकर ऐसे प्रयास करने चाहिए कि धर्मांतरण और घुसपैठ को रोका जाए। संघ प्रमुख ने हिंदुओं को तीन बच्चे पैदा करने की अपनी सलाह फिर से दोहराई। उन्होंने कहा- डॉक्टर मानते हैं कि अगर किसी परिवार में तीन संतान होती हैं तो माता-पिता और बच्चों के सेहतमंद होने की संभावना बढ़ जाती है। जैसा कि मानस शास्त्र कहता है कि घर में तीन बच्चे होने पर वे बड़े होकर बेहतर और संतुलित व्यक्तित्व के बनते हैं। आपसी झगड़े-टकराव भी कम होते हैं। यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी कार्यक्रम में शामिल हुए। फरसा वाले बाबा की मौत के सवाल पर कहा- SIT जांच चल रही है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रयागराज में कोल्ड स्टोरेज हादसे पर कहा कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री ने सहायता की घोषणा की है। घायलों का बेहतर इलाज कराया जाएगा। पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। दरअसल, रुक्मिणी विहार में रुड़की के संत महामंडलेश्वर यतींद्रानंद के ‘जीवनदीप’ आश्रम का लोकार्पण किया गया। 24 कमरे के आश्रम में आध्यात्मिक और वैदिक शिक्षा दी जाएगी। इसका शिलान्यास संघ के सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने किया था। समारोह में एमपी के मुख्यमंत्री मोहन यादव और जूना अखाड़ा के अवधेशानंद गिरी ने भी हिस्सा लिया। देखिए 3 तस्वीरें.. जीवनदीप आश्रम के कार्यक्रम की पल-पल की अपडेट जानने के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
जयपुर में मॉडल रह चुकी युवती की मौत, VIDEO:कार बेकाबू होकर डिवाइडर पर चढ़ी, सहेली के घर से लौट रही थी

जयपुर में सोमवार देर रात सड़क हादसे में मॉडल रह चुकी युवती की मौत हो गई। अभी स्टेज एंकरिंग करती थी। देर रात अपनी सहेली के घर से लौट रही थी। घर लौटते समय उसकी कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़कर पलटी खा गई। हादसे का वीडियो भी सामने आया है। एक्सीडेंट थाना (साउथ) के हेड कॉन्स्टेबल कैलाश ने बताया- हादसे में मानसरोवर की एसएफएस कॉलोनी निवासी हर्षिल कालिया (30) पुत्री अरविंद कालिया की मौत हो गई। रात करीब 11:30 बजे युवती कार से घर लौट रही थी। शिप्रापथ रोड पर नगर निगम कार्यालय के पास मोड़ पर कार बेकाबू हो गई, डिवाइडर पर चढ़ी और पलट गई। सिर में गंभीर चोट लगी थी कार पलटने के कारण युवती के सिर में गंभीर चोट लग गई थी। राहगीरों की सूचना पर शिप्रापथ और एक्सीडेंट साउथ पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से क्षतिग्रस्त कार को सीधा करवाया और घायल हर्षिल को गंभीर हालत में जयपुरिया अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया। सिर फटने से हुई मौत हर्षिल अपनी सहेली से मिलकर वापस घर लौट रही थी। कार पलटने पर सिर सहित आधा हिस्सा खिड़की से बाहर आ गया। शरीर का आधा हिस्सा कार के अंदर था। सिर फटने से युवती मौत हो गई।
खरबूजे की चटनी: घर पर खास खरबूजे की चटनी, मुंह का स्वाद होगा चटपटा; नोट कर लें विधि

खरबूजे की चटनी कैसे बनाएं: गर्मियों में खरबूजा खाना सभी को पसंद होता है, लेकिन अक्सर हम उसके छिलकों को फेंक देते हैं। क्या आप जानते हैं कि व्यवसायिक चिप्स से एक अत्यंत स्वादिष्ट और चटपटी वस्तु तैयार की जा सकती है? जी हाँ, यह मच ना सिर्फ स्वाद में कमाल होता है, बल्कि उपकरण भी होता है। तो जानिए क्या है इसे बनाने की आसान विधि। खरबूजे के टुकड़े की चटनी क्यों है खास? खरबूजे के टुकड़े की संरचना बनाने के लिए आवश्यक सामग्री खरबूजे की विधि से बनाना आसान यह चटनी आप पराठा, दाल-चावल, या सब्जी के साथ सर्व कर सकते हैं। इसका स्वाद-तीखा स्वाद हर खाने को और भी मजेदार बनाता है। अब अगली बार जब आप खड़बूजा हैं, तो उसके विचित्र क्रिएशन की जगह इस टेस्टी रचना को जरूर ट्राई कर सकते हैं। यह आसान भी है और स्वाद में भी लाजवाब!
केजरीवाल बोले- मोदी बतौर पीएम 2026 पूरा नहीं कर पाएंगे:मोदी और शाह का साम्राज्य खत्म होने वाला है, पॉपुलैरिटी पाताललोक में पहुंची

दिल्ली के पूर्व सीएम और AAP के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री के तौर पर 2026 पूरा नहीं कर पाएंगे। मेरा दिल और राजनीतिक समझ कहती है कि मोदी और अमित शाह जाने वाले है। केजरीवाल ने कहा कि मोदी जी की पॉपुलैरिटी आज पाताल लोक पहुंच चुकी है। उनका साम्राज्य जाने वाला है। केजरीवाल ने यह बात शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय रावत की किताब लॉन्च के दौरान दिल्ली में कही। इस दौरान कई विपक्षी नेता मौजूद थे। ‘सोशल मीडिया पर कंट्रोल खत्म, आलोचना बढ़ी’ केजरीवाल ने कहा कि पहले सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना दबा दी जाती थी, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। जनता के बीच वे इतने अलोकप्रिय हो चुके हैं कि हजारों-लाखों ट्रोल्स बैठाने के बावजूद सोशल मीडिया पर नेरैटिव कंट्रोल नहीं कर पा रहे है। उन्होंने आगे कहा कि मोदी जी एक पोस्ट डालते हैं, आप उसके नीचे कमेंट्स पढ़ लो। एक समय ऐसा होता था जब इनकी पूरी मशीनरी मिलकर एक भी नेगेटिव कमेंट आता था तो उसको डिलीट या म्यूट कर देते थे। लेकिन अब तो मोदी जी एक ट्वीट करते हैं तो नीचे (कमेंट बॉक्स) में सिर्फ गालियां मिलती हैं और इसके अलावा कुछ नहीं होता। केजरीवाल ने कहा कि एक समय था जब मोदी जी के खिलाफ कोई मीम बना देता था तो उसको जेल हो जाती थी। लेकिन अब इतने मीम बन रहे हैं कि किस-किस को जेल में डालेंगे। सोशल मीडिया का पूरा माहौल और इको-सिस्टम ही बदल चुका है और वही आपको बताता है कि मोदी जी की पॉपुलैरिटी आज पाताल लोक पहुंच चुकी है।” केजरीवाल ने कहा- बेईमानी से चुनाव जीत रहे है बीजेपी के चुनाव जीतने पर केजरीवाल ने कहा कि चुनाव बेईमानी से जीत रहे हैं। उसका सबसे बड़ा जीता जागता उदाहरण मैं हूं। मैं नई दिल्ली विधानसभा से चुनाव लड़ा। मेरे जेल जाने से पहले मेरी विधानसभा में जब मैं पिछली बार लड़ा था तो 1 लाख 48 हजार वोट थे। जब मैं जेल से लौटकर आया तो 1 लाख 6 हजार वोट बचे थे। 42 हजार वोट इन्होंने पीछे से कटवा दिए। यानी कि मेरी विधानसभा के लगभग 30 फीसदी वोट कटवा दिए और 3 हजार वोट से जीत गए। पिछली बार मैं 30 हजार वोट से जीता था। ये इसी तरह से जीत रहे हैं, वोट जोड़ते हैं, डिलीट करवाते हैं और फर्जी वोट डलवाते हैं। जब देश को इन दोनों (पीएम मोदी और अमित शाह) से मुक्ति मिलेगी तो एक संतुष्टि यह होगी कि इस लड़ाई में हमने भी योगदान दिया और हम भी जेल गए थे। मिडिल ईस्ट संकट को लेकर केंद्र पर सवाल इससे पहले केजरीवाल ने X पर पोस्ट कर मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध से पैदा हालात को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शेयर बाजार में गिरावट है, एलपीजी की कमी से कई कारोबार प्रभावित हुए हैं और लोग गर्मी में सिलेंडर के लिए कतारों में खड़े हैं। साथ ही प्रवासी मजदूरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है और रुपया भी निचले स्तर पर है। जब दुनिया को पहले से अंदेशा था, तो सरकार ने पहले से तैयारी क्यों नहीं की और हर संकट का बोझ आम लोगों पर ही क्यों पड़ता है। ED और चुनाव आयोग को लेकर दूसरे विपक्षी नेताओं का बयान… इस कार्यक्रम में मौजूद अन्य विपक्षी नेताओं ने भी केंद्र सरकार और एजेंसियों पर सवाल उठाए। किताब के लेखक संजय राउत ने अपने जेल के अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने वहां बहुत कुछ सीखा। उन्होंने कहा, “हम इंतजार करेंगे, जो जिम्मेदार हैं, उन्हें भी एक दिन जेल जाना होगा।”








