Tuesday, 15 Sep 2026 | 01:25 PM

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लालच में आकर बैंक खाते किराए पर दिए, 2 गिरफ्तार:साइबर क्राइम की टीम ने मध्यप्रदेश के बड़वानी व देवास से पकड़े म्यूल अकाउंट होल्डर

लालच में आकर बैंक खाते किराए पर दिए, 2 गिरफ्तार:साइबर क्राइम की टीम ने मध्यप्रदेश के बड़वानी व देवास से पकड़े म्यूल अकाउंट होल्डर

ग्वालियर में गत्ता फैक्ट्री मालिक को क्रिप्टों करेंसी का लालच देकर 1.41 करोड़ रुपए की ऑनलाइन ठगी करने वाले मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा है। साइबर क्राइम की टीम ने मध्य प्रदेश के सेंधवा बड़वानी व देवास के पास से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके अकाउंट में ठगी के 14 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए थे। पूछताछ में पता लगा है कि इनके अकाउंट “म्यूल खाते’ हैं। मतलब यह इनके नाम पर है, लेकिन इन्होंने ठगों को यह किराए पर दिए हुए हैं। दिसंबर 2025 में कारोबारी के साथ ऑनलाइन फ्रॉड हुआ था। तभी से पुलिस लगातार पड़ताल कर उन लोगों की तलाश कर रही है, जिनके अकाउंट में यह पैसा गया था। एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि पिंटो पार्क में फैक्ट्री संचालित करने वाले दुर्गाशंकर नागर पुत्र जयनारायण नागर निवासी मुरार एन्क्लेव रेजीडेंसी, गोला का मंदिर को ई-मेल के जरिए क्रिप्टो करेंसी में इन्वेस्टमेंट का झांसा दिया गया। गोल्ड डीजीएम कॉइन फिक्स डॉट कॉम कंपनी में रुपए इन्वेस्टमेंट करने की बात कही गई। दुर्गाशंकर नागर इनके झांसे में आ गए और रुपए इन्वेस्टमेंट करने लगे। एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि जब दुर्गाशंकर नागर को कुछ शक हुआ तो अपने इन्वेस्टमेंट किए गए रुपए वापस मांगे तो आरोपियों ने ऑनलाइन तरीके से दिखाया कि आपके रुपए निरंतर बढ़ रहे हैं। इस तरह से आरोपियों ने दुर्गाशंकर नागर से दो महीने में 1 करोड़ 41 लाख 17 हजार रुपए तमाम बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए। कारोबारी इसके बाद जब भी पैसे वापस मांगते तो ठग कुछ न कुछ बहाना बना देते और रुपए देने से मना करने लगे। इसके बाद दुर्गाशंकर नागर क्राइम बांच थाने पहुंचे और मामला कायम कराया। मोबाइल लोकेशन ट्रेस करने पर मिली सफलता एसएसपी धर्मवीर सिंह ने इस मामले को साइबर विंग को सौंपा और सीएसपी मनीष यादव को निर्देश दिए कि जल्द से जल्द आरोपी गिरफ्त में होने चाहिए। सीएसपी मनीष यादव ने बताया कि मामला जब हाथ में आया तो सबसे पहले बारीकी से अध्ययन किया कि कहां-कहां किन बैंक खातों में रुपए ट्रांसफर हुए हैं। उसके बाद जब कुछ डिटेल मिली तो तुरंत बैंक खाते जिनके नाम पर थे उनके मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की जाने लगी। कुछ दिन पहले आरोपी जुब्रान खान तथा अकरम खान के बारे में पता चला कि यह दोनों सेंधवा बड़वानी तथा देवास के आस-पास हैं। तत्काल टीम इनकी धरपकड़ के लिए रवाना की गई। दोनों को रात में हाइवे से दबोच लिया है। दोनों खातों में गए थे ठगी के 14 लाख रुपए पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपी जुब्रान खान पुत्र आलम शेख निवासी देवास के खाते में 9 लाख 30 हजार रुपए तथा अकरम खान पुत्र इस्लाम खान के खाते में 5 लाख रुपए पहुंचे थे। ये दोनों पहली लेयर के आरोपी हैं जिन्होंने कुछ रुपए के लिए अपने खाते किराए पर अपराधियों को दिए थे। सीएसपी मनीष यादव ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों को गिरफ्तार किया जाएगा।

असम चुनाव 2026: जोरहाट में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, गौरव गोगोई के नामांकन में आए 12,000 समर्थक, बीजेपी पर तीखा हमला

असम चुनाव 2026: जोरहाट में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, गौरव गोगोई के नामांकन में आए 12,000 समर्थक, बीजेपी पर तीखा हमला

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित असम में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य में राजनीतिक हलचल पूरी तरह से तेज हो गई है। चुनाव से पहले राज्य के जोरहाट जिले में सोमवार (23 मार्च, 2026) को कांग्रेस ने नामांकन शक्ति का प्रदर्शन किया। जोरहाट क्षेत्र से कांग्रेस समिति और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन के दौरान गोगोई के साथ 12 हजार से अधिक की संख्या में समरटेक, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। कांग्रेस के झंडों के साथ हजारों लोगों की रैली और बैठक से पूरा शहर गूंज उठा, जिससे ऊपरी असम में पार्टी की मजबूत जनाधार और एकजुट ताकत का साफ संकेत मिला। इस दौरान टीओके विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार पल्ली गोगोई और तिताबर से उम्मीदवार प्राण कुर्मी ने भी अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। तीर्थयात्रियों के एक सहयोगी ने कांग्रेस और उनके सहयोगी आश्रमों की एकता का चित्रण किया। बीजेपी सरकार पर गौरव गोगोई का तीखा हमला नामांकन के बाद नामांकन से बात करते हुए कांग्रेस के उम्मीदवार और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई ने दस्तावेजी भाजपा सरकार पर मुहर लगा दी। उन्होंने कहा, ‘असम की राजनीति का माहौल अब गंदा और नफरत से भर गया है।’ असम के लोग अब इस स्थिति से परेशान हो गए हैं और एक बड़े सफाई अभियान की जरूरत महसूस कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘यह स्वच्छता अभियान राजनीति से ही शुरू होना चाहिए।’ ‘बिजली गठबंधन का लक्ष्य भाजपा और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की छवि लोगों के मन से है।’ पल्लबी गोगोई ने बिग बॉस 19 में बिग बॉस 19 को फॉलो किया था टियोक की उम्मीदवार पल्बी गोगोई ने नामांकन के बाद जनता का समर्थन हासिल किया और अपनी जीत को लेकर विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ‘ईश्वर की कृपा से मुझे आज अपना नॉमिनेशन मिल गया है। टियोक की जनता का मुझे भरपूर समर्थन मिल रहा है। ‘मैंने महान नेता गौरव गोगोई की जीत के लिए भी प्रार्थना की है।’ प्राण कुर्मी ने भी भरी पोजीशन जबकि तिताबर सीट से कांग्रेस उम्मीदवार प्राण कुर्मी ने भी मैदान में अपनी उम्मीदवारी के लिए नामांकित पद के लिए अभिनय किया। इससे इस क्षेत्र में कांग्रेस की रणनीति को और जगह मिली है। आध्यात्मिक शुरुआत के साथ वैचारिक अभियान नामांकन से पहले गौरव गोगोई ने दिन की शुरुआत आध्यात्म में की थी। उन्होंने सुबह एक गुरुद्वारे में मत्था टेककर का आशीर्वाद लिया। इसके बाद वे जोरहाट के प्रसिद्ध माछरहाट नामघर भी गए, जहां उन्होंने राज्य की शांति, समृद्धि और जनता की खुशी के लिए प्रार्थना की। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात की और उनके आशीर्वाद को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताई। आगे की कड़ी प्रतियोगिता नामांकन प्रक्रिया पूरी तरह से और भारी जनसमर्थन के प्रदर्शन के बाद अब जोर हट, टायक और टाइटैबर में चुनावी मुकाबला और तेजी से होने वाला है। अपने कांग्रेस सहयोगी विचारधारा के साथ भाजपा को कड़ी चुनौती देने के लिए पूरी तरह से तैयारी पर नजर रख रही है। यह भी पढ़ेंः ईरान ने खारिज किया दावा, कहा- अमेरिका से जवाबी कार्रवाई, नहीं हुई कोई बातचीत (टैग्सटूट्रांसलेट)असम चुनाव 2026(टी)कांग्रेस(टी)गौरव गोगोई(टी)जोरहाट(टी)बीजेपी(टी)कांग्रेस नेता गौरव गोगोई(टी)राहुल गांधी(टी)प्रियंका गांधी वाड्रा(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)बीजेपी सरकार(टी)असम की राजनीति(टी)असम चुनाव 2026(टी)कांग्रेस(टी)गौरव गोगोई(टी)जोरहाट(टी)भाजपा(टी)कांग्रेस नेता गौरव गोगोई(टी)राहुल गांधी(टी)प्रियंका गांधी मठ(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)भाजपा सरकार(टी)असम की राजनीति

कर्नाटक में ईवीएम बनाम बैलेट पेपर्स पर विवाद तेज, स्थानीय चुनावों में पेपर्स वोटिंग की वापसी का बिल पेश

कर्नाटक में ईवीएम बनाम बैलेट पेपर्स पर विवाद तेज, स्थानीय चुनावों में पेपर्स वोटिंग की वापसी का बिल पेश

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित कर्नाटक में एक बार फिर से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) बनाम बैलेट पेपर को लेकर आपत्तिजनक बहस तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सख्त विरोध के बावजूद राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने स्थानीय चुनावों में बैलेट पेपर से मतदान की वापसी के लिए अहम संशोधन नामांकन विधानसभा में पेश किया है। राज्य सरकार के मंत्री प्रियंक खड़गे ने कर्नाटक स्वराज ग्राम और पंचायत राज (संशोधन) बिश्नोई, 2026 को सदन में पेश किया। इस यूनिवर्सल में प्रस्ताव रखा गया है कि स्थानीय चुनावों में ईवीएम के बजाय फिर से बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया जाए। सरकार के कदम पर निर्भरता की डिग्री इस कदम को लेकर गणितज्ञ ने गणितीय निर्णय लिया है और इसे राजनीतिक निर्णय बताया है। वहीं, राज्य सरकार का कहना है कि यह पहल समूह प्रक्रिया में भागीदारी और जनता की हिस्सेदारी को मजबूत करने का उद्देश्य रखा गया है। इस मुद्दे पर अब सिद्धांत घमासान वृद्धि के आसरे हैं और आने वाले दिनों में यह चिंता और समाधान हो सकता है। कर्नाटक राज्य चुनाव आयोग ने बैलेट पेपर का उपयोग क्या कहा? कर्नाटक राज्य चुनाव आयोग के आयुक्त जी. एस. संग्रेशी ने घोषणा की कि ग्रेटर एसोसिएट्स अथॉरिटीज (जीबीए) के तहत आने वाले पांच नगर निगमों के चुनाव 25 मई, 2026 के बाद और 30 जून, 2026 से पहले आयोजित किए जाएंगे और इस बार होने वाले स्थानीय एसोसिएट्स एसोसिएट्स में एसोसिएट्स की जगह बैलेट पेपर्स का इस्तेमाल किया जाएगा। तीन दशक बाद राज्य में बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया जाएगा कर्नाटक राज्य चुनाव आयुक्त जी. एस. संग्रेशी ने कहा कि मोस्ट का पहली बार उपयोग तीन दशक पहले वर्ष 1996 में किया गया था। इसके बाद से राज्य में हर चुनाव में एक बार फिर से पारंपरिक पेपर के बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया गया। यह भी पढ़ें: ‘भारत के पास 53 लाख टन का तेल भंडार मौजूद’, तेल-एलपीजी संकट पर संसद में क्या बोले पीएम मोदी?

सतना में मेयर-कमिश्नर टकराव में फंसा नगर निगम बजट:13 दिन बाद रिमाइंडर पत्र, 31 मार्च डेडलाइन पर संशय, विकास कार्य प्रभावित होने के आसार

सतना में मेयर-कमिश्नर टकराव में फंसा नगर निगम बजट:13 दिन बाद रिमाइंडर पत्र, 31 मार्च डेडलाइन पर संशय, विकास कार्य प्रभावित होने के आसार

सतना नगर निगम का वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट 31 मार्च तक परिषद में पेश हो कर पास हो जाना चाहिए लेकिन अभी तक बजट प्रस्ताव का ही पता नहीं है। दरअसल, नगर निगम कमिश्नर शेर सिंह मीना और मेयर योगेश ताम्रकार के बीच पिछले लगभग एक माह से खुलकर चल रही नाराजगी और टकराहट के इस दौर में नगर सरकार पत्राचार से चल रही है। आमतौर पर शहर विकास से जुड़े मसलों पर कमिश्नर और मेयर के बीच पहले की तरह टेबल टॉक न होकर दोनों के बीच चिट्ठी-पत्री के जरिए संवाद चल रहा है। मार्च माह में नगर निगम का बजट पेश हो जाना चाहिए। लेकिन अब तक बजट प्रस्ताव को ले कर दोनों के बीच कोई चर्चा ही नहीं हुई है। जबकि महापौर योगेश ताम्रकार ने 10 मार्च को पत्र लिख कर कमिश्नर शेर सिंह मीना से सभी संबंधित विभागों से चर्चा कर प्रस्ताव तैयार कर अंतिम रूप देते हुए अवगत कराने के निर्देश दिए थे। लेकिन 13 दिन हो जाने के बाद भी कमिश्नर द्वारा बजट के प्रस्ताव को लेकर कोई जानकारी नहीं दिए जाने से महापौर नाराज हैं। उन्होंने 23 मार्च को एक बार फिर रिमाइंडर पत्र लिख कर कमिश्नर के इस रवैए पर खेद प्रगट किया है। इसके साथ महापौर ने कमिश्नर को स्पष्ट किया है कि यदि शहर विकास के लिए पेश होने वाले बजट की प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी उनकी (कमिश्नर) होगी। एक माह पहले खुल कर खोला था मोर्चा दरअसल, महापौर और कमिश्नर के बीच छोटी छोटी अनबन की शुरुआत वैसे तो दिसंबर 2025 से शुरू हो गई थी। इस दौरान एमआईसी की बैठक भी बीच में छोड़कर महापौर चले गए थे। तब महापौर ने आरोप लगाया था कि विकास कार्यों के औचक निरीक्षण के दौरान सामने आए भ्रष्टाचारों पर दोषी इंजीनियरों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्यवाही किए जाने के निर्देश निगम प्रशासन को दिए जाते हैं जिन्हें अनदेखा किया जाता है। कमिश्नर से लगातार इन्हीं शिकायतों के बीच 18 फरवरी को महापौर के नेतृत्व में कुछ पार्षदों ने कमिश्नर शेर सिंह मीना के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोलते हुए कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस से मिलकर पूरी बात रखी थी। इतना ही नहीं 45 पार्षद वाली नगर निगम में कमिश्नर की कार्यशैली से नाराज 30 पार्षदों के हस्ताक्षर वाली सूची भी सौंपी गई थी। इसी दिन मेयर और कुछ पार्षद भोपाल भी रवाना हो गए थे। इसके बाद से महापौर और कमिश्नर के मध्य फेस टू फेस कोई बात नहीं हुई। सिर्फ पत्राचार के माध्यम से बजट और बैठक बुलाए जाने को ले कर संवाद चल रहा है। बजट को लेकर मेयर ने क्या लिखा है पत्र में 23 मार्च को मेयर योगेश ताम्रकार द्वारा एक बार फिर कमिश्नर शेर सिंह मीना को बजट प्रस्ताव को ले कर पत्र लिखा गया। पत्र में लिखा कि 10 मार्च 2026 को आगामी बजट के संबंध में आवश्यक निर्देश प्रदान किए गए थे, जिसमें स्पष्ट रूप से अपेक्षा की गई थी कि आप सभी संबंधित विभागों के साथ समुचित चर्चा कर प्रस्तावों को अंतिम रूप देते हुए मुझे अवगत कराएंगे। आज दिनांक 23 मार्च 2026 तक इस संबंध में न तो आपकी ओर से कोई जवाब प्राप्त हुआ है और न ही इस विषय पर कोई चर्चा की गई है, जो अत्यंत खेदजनक एवं चिंताजनक है। यह विषय शहर के समग्र विकास से जुड़ा हुआ है। यदि बजट संबंधी प्रक्रिया में विलंब होता है अथवा पर्याप्त विचार-विमर्श के बिना निर्णय लिए जाते हैं, तो इससे भविष्य में विभिन्न विकास कार्यों में बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं। आपके द्वारा चर्चा न करने के कारण मेयर-इन-काउंसिल की बैठक नहीं कर पा रहे हैं। अतः आपको निर्देशित किया जाता है कि इस विषय को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए शीघ्रातिशीघ्र सभी संबंधित विभागों के साथ बैठक कर विस्तृत चर्चा सुनिश्चित करें तथा उसकी प्रगति से मुझे तत्काल अवगत कराएं। यदि बजट प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी होती है, तो उसकी पूर्ण जिम्मेदारी आपकी होगी। महापौर बोले- IAS अधिकारी हैं और इतने गैर जिम्मेदार दैनिक भास्कर से बातचीत में महापौर योगेश ताम्रकार ने बताया कि बजट पेश होने के पहले आयुक्त द्वारा सभी संबंधित विभाग की बैठक कर प्रस्ताव तैयार किया जाता है। प्रस्ताव पर मुझसे चर्चा के बाद मेयर इन काउंसिल में रखा जाता है। वहां बजट प्रस्ताव में शहर के विकास को देखते हुए संशोधन कर परिषद में पेश किया जाता है। मेयर ने बताया कि अभी तक कमिश्नर द्वारा बजट को लेकर एक भी बिंदु पर मेरे साथ चर्चा नहीं की है। एक फाइल मेरे पास आई थी। मुझे समझ में नहीं आया तो मैंने फाइल लौटाते हुए 10 मार्च को पत्र लिखा था और कहा था आयुक्त मुझसे चर्चा करेंगे लेकिन आज 23 तारीख हो गई मेरे से कोई चर्चा नहीं की गई। अगर शहर का बजट समय पर पास नहीं होता है तो कहीं न कहीं अगले वर्ष के काम करने में असुविधा होगी। इसी लिए आज पत्र लिखकर रिमाइंडर किया है कि अगर समय पर बजट प्रस्तुत नहीं होगा तो संपूर्ण जवाबदारी आयुक्त की होगी। महापौर ने कहा कि मुझे आश्चर्य होता है, हमारे आयुक्त महोदय एक आईएएस अधिकारी है और इतना गैरजिम्मेदाराना इनका व्यवहार है मुझे सोच कर ही बड़ा कष्ट होता है। कमिश्नर ने कहा- कॉर्डिनेशन कर बैठक बुलाएं इस मामले में नगर निगम कमिश्नर शेर सिंह मीना ने बताया कि लगभग 2 हफ्ते पहले हमने बजट प्रस्ताव बना कर मेयर इन काउंसिल के कार्यालय को भेज दिया था। अब एमआईसी कार्यालय की जिम्मेदारी होती है कि कॉर्डिनेशन कर बैठक बुलाएं और चर्चा करें। लेकिन एमआईसी अब क्या कर रही है उन्हें जानकारी नहीं है।

भाजपा के वाकआउट के बीच हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने ईंधन पर ‘अनाथ, विधवा उपकर’ के प्रस्ताव वाला विधेयक पारित किया | राजनीति समाचार

Several people are feared to have been injured after an incoming Air Canada Express CRJ-900 flight and a fire engine collided on runway 4 of the airport.

आखरी अपडेट:मार्च 23, 2026, 23:18 IST हिमाचल प्रदेश मूल्य वर्धित कर (संशोधन) विधेयक, 2026, अनाथों और विधवाओं को लक्षित करने वाली कल्याणकारी योजनाओं के लिए संसाधन जुटाने के लिए ईंधन पर 5 रुपये प्रति लीटर तक उपकर का प्रस्ताव करता है। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू राज्य विधानसभा में। (फोटो: एक्स/@सुक्खूसुखविंदर) हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायकों के कड़े विरोध के बीच पेट्रोल और डीजल पर “अनाथ और विधवा उपकर” लगाने का प्रस्ताव वाला एक विधेयक पारित कर दिया, जिन्होंने विरोध में बहिर्गमन किया। द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, हिमाचल प्रदेश मूल्य वर्धित कर (संशोधन) विधेयक, 2026 में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के अनाथों और विधवाओं को लक्षित करने वाली कल्याणकारी योजनाओं के लिए संसाधन जुटाने के लिए ईंधन पर 5 रुपये प्रति लीटर तक का उपकर लगाने का प्रस्ताव है। सरकार का कहना है कि यह कानून अनाथों और विधवाओं की सहायता करने वाली कल्याणकारी योजनाओं के लिए एक स्थिर, स्थायी राजस्व प्रदान करेगा। भाजपा ने प्रस्तावित उपकर का विरोध करते हुए चेतावनी दी कि इससे राज्य में ईंधन की कीमतें पड़ोसी राज्य पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ से अधिक हो जाएंगी। विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर ने “विधवाओं और अनाथों के नाम पर” राजस्व उत्पन्न करना अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि लोग पड़ोसी राज्यों से ईंधन खरीदने के लिए मजबूर होंगे, जिससे हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा, खासकर सीमावर्ती जिलों में। भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने भी संशोधन का विरोध करते हुए चेतावनी दी कि उपकर से ईंधन की कीमतें पड़ोसी राज्यों से ऊपर चली जाएंगी। यह भी पढ़ें: वित्तीय संकट के बीच हिमाचल सरकार ने 6 महीने के लिए सीएम, मंत्रियों, अधिकारियों के वेतन में कटौती की उन्होंने कहा, “पंजाब में पेट्रोल 97.70 रुपये और डीजल 88.20 रुपये के आसपास है। यहां तक ​​कि चंडीगढ़ में भी हिमाचल से सस्ता डीजल है। आगे कीमतें बढ़ने से हमारा ईंधन इस क्षेत्र में सबसे महंगा हो जाएगा।” बीजेपी नेता सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि सेस की शब्दावली विधवा महिलाओं के लिए आपत्तिजनक मानी जा सकती है. भाजपा की टिप्पणियों के जवाब में, सुक्खू ने नीति का बचाव करते हुए कहा कि उनकी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी विधवा या अनाथ असहाय महसूस न करे और ईंधन की कीमतें पंजाब और हरियाणा से अधिक नहीं होंगी। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने भाजपा नेताओं पर पेट्रोल पंप मालिकों के साथ साठगांठ करने का भी आरोप लगाया और कहा कि विधेयक का उनका विरोध राजनीति से प्रेरित है। सुक्खू ने भाजपा नेताओं से केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए कई उपकरों का मामला प्रधानमंत्री के समक्ष उठाने का आग्रह किया और विपक्ष पर राज्य प्रशासन पर गलत तरीके से निशाना साधने का आरोप लगाया। जगह : शिमला, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 23, 2026, 23:18 IST समाचार राजनीति भाजपा के वाकआउट के बीच हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने ईंधन पर ‘अनाथ, विधवा उपकर’ के प्रस्ताव वाला विधेयक पारित किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)हिमाचल प्रदेश अनाथ और विधवा उपकर(टी)हिमाचल प्रदेश ईंधन उपकर(टी)हिमाचल प्रदेश वैट संशोधन विधेयक 2026(टी)पेट्रोल और डीजल उपकर हिमाचल(टी)अनाथों और विधवाओं के लिए कल्याण योजनाएं(टी)ईंधन उपकर पर भाजपा का विरोध(टी)हिमाचल प्रदेश ईंधन की कीमतें बनाम पंजाब हरियाणा(टी)हिमाचल प्रदेश विधानसभा कर विधेयक

छिंदवाड़ा में संतरे से भरे ट्रक-पिकअप की आमने-सामने टक्कर:तीन की मौत; एक घायल, लावाघोघरी घाट पर हादसा

छिंदवाड़ा में संतरे से भरे ट्रक-पिकअप की आमने-सामने टक्कर:तीन की मौत; एक घायल, लावाघोघरी घाट पर हादसा

छिंदवाड़ा जिले के मोहखेड़ थाना क्षेत्र में लावाघोघरी के पास घाट परासिया इलाके रविवार रात करीब दो बजे संतरे से भरे ट्रक और पिकअप वाहन के बीच आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा इतना भीषण था कि दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। टक्कर के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। तीन लोगों की मौत, एक घायल सूचना मिलते ही पुलिस डायल 112 के माध्यम से मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। दुर्घटना में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उप निरीक्षक राजकुमार मार्को के अनुसार मृतकों की पहचान प्रजुल चावले, भूषण मधुकर राव और नागेंद्र रावत के रूप में हुई है। वहीं वाहन का क्लीनर गंभीर रूप से घायल है, जिसका अस्पताल में इलाज जारी है। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपे शव सोमवार को तीनों मृतकों का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिए गए। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। उप निरीक्षक राजकुमार मार्को के अनुसार मृतकों की पहचान प्रजुल चावले, भूषण मधुकर राव और नागेंद्र रावत के रूप में हुई है। वहीं वाहन का क्लीनर गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सोमवार को तीनों मृतकों का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

लिप बाम बनाम लिप मास्क बनाम लिप स्क्रब: केवल 10 रुपये में घर पर जितना हो सके उतना मोटा, फटे दाम से हमेशा के लिए जरूरी

लिप बाम बनाम लिप मास्क बनाम लिप स्क्रब: केवल 10 रुपये में घर पर जितना हो सके उतना मोटा, फटे दाम से हमेशा के लिए जरूरी

लिप बाम बनाम लिप मास्क बनाम लिप स्क्रब: पुनः प्राप्त किया 2019-05-05 इसे ठीक करने के लिए आप घर की रसोई में मौजूद 10 रुपये की जगह अपने मसालों को गुलाबी और प्राकृतिक बना सकते हैं। इसके लिए आपको बस तीन आसान स्टेप्स फॉलो करने होंगे। आइए आपको बताते हैं कि आखिर कौन-कौन से स्टेप होते हैं और सभी स्टेप के क्या फायदे होते हैं। शॉपकीपर के डेड स्किन रिमूवल के लिए सबसे जरूरी विचार है। इसी तरह का मसाला का कालापन कम होता है। इस स्टेप को करने से रक्तचाप का रक्त स्तर भी ऊंचा है। इसे बनाने के लिए आवश्यक सामग्रियां शामिल हैं जिनमें आधा दर्जन पिसी हुई चीनी, कुछ ड्रमें शुद्ध शहद, दो ड्रम नींबू का रस शामिल है। इसे बनाने के लिए एलीया को पेस्टेस्ट तैयार करना होता है। फिर दो मिनट तक इसे मेटल पर बनाया जाता है। परिसंपत्तियों के बाद स्टॉकिंग्स की आवश्यकता होती है। गहनता से पोषण मूल्य के लिए मास्क का उपयोग किया जाता है। यह फटे कार्टून को रिपेयर करने में मदद करता है। इसे बनाने के लिए अलग-अलग तरीकों से आवश्यक सामग्रियां जो मौजूद हैं, उनमें एक-मोरीन ताजी मलाई, एक-एक चुटकी हल्दी पाउडर, गुलाब जल की कुछ चीजें शामिल हैं। इसे मिक्स करके 10 मिनट तक छोड़ दें, फिर किसी तरह के प्यारे कपड़ों से साफ कर लें। आखिरी बार सुपरमार्केट की दुकान में लिप बाम का इस्तेमाल किया जाता है। यह कार्टून को प्रतिबिंबित करने वाला है। घर पर ही इसे बनाने के लिए जरूरी चीजें जो होती हैं, उनमें आधा नारियल तेल या शुद्ध देसी घी, विटामिन ई का एक कैप्सूल होता है। इन दोनों को कुल मिलाकर एक छोटी डिब्बी में रख लें और दिन में दो से तीन बार इस्तेमाल कर सकते हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट)सूखे होठों के लिए घरेलू उपचार(टी)डीआईवाई लिप स्क्रब रेसिपी(टी)प्राकृतिक लिप मास्क(टी)मुलायम होंठ युक्तियाँ(टी)सस्ते होंठ देखभाल(टी)प्राकृतिक रूप से गुलाबी होंठ(टी)घर पर बने सौंदर्य हैक्स(टी)घर पर त्वचा की देखभाल(टी)हर्बल लिप बाम(टी)लिप एक्सफोलिएशन सामग्री

पेट्रोल की कमी की अफवाह गुजरात में फैली:कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर लगी लाइनें, सरकार ने कहा- अफवाहों से दूर रहें

पेट्रोल की कमी की अफवाह गुजरात में फैली:कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर लगी लाइनें, सरकार ने कहा- अफवाहों से दूर रहें

अहमदाबाद समेत कई शहरों में सोमवार सुबह कुछ पेट्रोल पंप बंद होने की अफवाह फैल गई। इसके चलते वाहन चालक पेट्रोल पंपों पर पहुंचने लगे। शाम तक अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट समेत कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गईं। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि सरकार राज्य के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए इंतजाम कर रही है। संघवी ने कहा कि अफवाहों के आधार पर लोगों को पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगाने की जरूरत नहीं है। अहमदाबाद पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद ठक्कर ने भी वाहन चालकों से अपील करते हुए कहा है कि अफवाहों पर ध्यान न दें। सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल उपलब्ध है। गुजरात में पेट्रोल और डीजल की कमी नहीं: मुख्य सचिव गुजरात में पेट्रोल और डीजल की कमी की अफवाहों के बीच, नागरिक आपूर्ति निगम, मोनाखंड के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य के सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और नागरिकों को गलतफहमी के कारण कतारें लगाने की जरूरत नहीं है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के नोडल अधिकारी संजय मेहरा ने भी कहा कि राज्य में आपूर्ति नियमित है और कोई कमी नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई डीलर स्टॉक होने के बावजूद पेट्रोल-डीजल देने से इनकार करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पेट्रोल-डीजल एसोसिएशन के अध्यक्ष ने भी एक संयुक्त बयान में कहा कि अहमदाबाद सहित कुछ स्थानों पर गलतफहमी के कारण कतारें लगी हैं, लेकिन सरकार पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति कर रही है और सभी डीलरों को उनकी आवश्यकता के अनुसार आपूर्ति मिल रही है। राज्य में पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं है – धीमंत गेलानी गुजरात पेट्रोल-डीजल डीलर्स एसोसिएशन के सचिव धीमंत गेलानी ने बताया कि राज्य में सिर्फ इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के 7 पंप फिलहाल बंद हैं। दो दिन की छुट्टी के कारण आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई थी। पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। एसोसिएशन ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के अधिकारियों को इस संबंध में ज्ञापन दिया है। उन्होंने बताया कि पहले कुछ जगहों पर रुकावटें थीं, जिन्हें दूर कर दिया गया है। अब कोई समस्या नहीं है। डीलर अपनी जरूरत के हिसाब से सामान मंगवा सकेंगे। जो भी समस्या आई है, वह छुट्टी के कारण है और अगले तीन-चार दिनों में ठीक हो जाएगी। ————————————— गुजरात से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… गुजरात में गैस की किल्लत, प्रवासी मजदूर गांव लौट रहे:लोग बोले- सिलेंडर ₹5 हजार में मिल रहा, फ्लैट में चूल्हा नहीं जला सकते देश में एलपीजी गैस कि कमी से चलते गुजरात से अब प्रवासी मजदूरों का पलायन शुरू हो गया है। सूरत के रेलवे स्टेशनों पर बिहार और यूपी लौटने वाले लोगों की लाइनें लगी हैं। दरअसल, रसोई गैस की कमी के चलते राज्य में रेस्टोरेंट-ढाबा और दूसरे खाने-पीने के स्टॉल चलाने वालों का रोजगार ठप होने लगा है। पूरी खबर पढ़ें…

चुनाव आयोग के पत्र पर बीजेपी की मुहर, कांग्रेस-सीपीएम-टीएमसी ने सवाल उठाया तो आई ईसी की सफाई

चुनाव आयोग के पत्र पर बीजेपी की मुहर, कांग्रेस-सीपीएम-टीएमसी ने सवाल उठाया तो आई ईसी की सफाई

पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में अगले कुछ दिनों में वोट खराब है। इस बीच इलेक्शन कमीशन का एक पुराना लेटर वायरल हो रहा है, जिस पर केरल बीजेपी की धूम मची है, जिसके बाद सारथी में मोटरसाइकल गरमा गया है। इस पत्र को सबसे पहले सीपीआईएम केरल ने शेयर कर आयोग के सचिवालय पर साझा किया था, उसके बाद पूरे नामांकन ने ही चुनाव आयोग के सहयोगियों पर प्रश्नचिह्न लगाया। विवाद बढ़ा देख अब चुनाव आयोग की ओर से राइटर लेकर सफाई दी गई है। क्या भाजपा ने सारे दिखावे छोड़ दिये हैं? यह कोई रहस्य नहीं है कि एक ही सत्ता केंद्र भारत के चुनाव आयोग और भाजपा दोनों को नियंत्रित करता है। फिर भी कम से कम दो अलग-अलग डेस्कों का शिष्टाचार तो बनाए रखें। अब तो वह भी अनावश्यक लगता है. मुहरें लापरवाही से लगाई जा रही हैं… pic.twitter.com/MfMXNaXTgk – सीपीआई (एम) केरल (@CPIMKerala) 23 मार्च 2026 सीपीआईएम ने सोशल मीडिया पर एक डॉक्युमेंट शेयर किया था। इसमें 19 मार्च 2019 को चुनाव आयोग के पत्र के साथ हाफनामे पर केरल बीजेपी की छाप दिखाई दी। सीपीआईएम ने सवाल किया कि अब चुनाव आयोग और बीजेपी एक ही पावर सेंटर से क्या चल रहे हैं? वहीं कांग्रेस ने पूछा कि चुनाव आयोग के पास बीजेपी की ओर से कैसे मतदान किया जाए। चुनाव आयोग ने यह काम किया चुनाव आयोग ने कहा, ‘हमें यह जानकारी मिली है कि बीजेपी की छाप लगी है चुनाव आयोग के एक चैनल पर कई मलयालम न्यूज चैनल प्रसारित हो रहे हैं। मुख्य इलेक्ट्रॉनिक्स अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक क्लेरिकल एरर था, जिसे तुरंत पहचान कर सुधार किया गया।’ आधिकारिक स्पष्टीकरण: चुनाव आयोग दस्तावेज़ के ग़लत प्रसार के संबंध में यह हमारे संज्ञान में आया है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मुहर वाला चुनाव आयोग का एक पत्र विभिन्न मलयालम समाचार चैनलों पर प्रसारित किया जा रहा है।… – मुख्य निर्वाचन अधिकारी केरल (@Ceokerala) 23 मार्च 2026 टीएमसी ने चुनाव आयोग को बीजेपी की ‘बी’ टीम बताया कांग्रेस नेता पवन चौधरी ने कहा, ‘क्या अबकी बार, मोदी सरकार भी इसी तरह की थी?’ कैथोलिक कांग्रेस (टीएमसी) ने कहा, ‘आधिकारिक तौर पर यह एक तरह से मिल गया है कि चुनाव आयोग की बी-टीम बन गई है।’ अविश्वासी न्यूनाइन मोइत्रा ने कहा, ‘चुनाव आयोग ने पहली बार बीजेपी की मुहर लगाई थी, आधिकारिक पत्र जारी करने का साहसिक कार्य दिखाया गया था। ज्ञानेश कुमार से निवेदन है कि वह बात स्पष्ट करें जो हम सभी पहले से जानते हैं और आगे भी इसी तरह का पत्र जारी करते हैं। लोकतंत्र जिंदाबाद.’ चुनाव आयोग के पदाधिकारियों पर कांग्रेस ने प्रतिबंध प्रश्न एक्स पर पोस्ट कर कहा गया, ‘चुनाव आयोग की ओर से राजनीतिक आश्रमों को चुनाव आयोग की ओर से भेजे गए पत्र में केरल कांग्रेस बीजेपी की मुहर लगी थी।’ यह कोई ग़लत नहीं, बल्कि एक गंभीर संदेह का विषय है। इससे संबंधित संवैधानिक संस्था की समितियाँ और सामान्यतः गंभीर प्रश्न पूछे जाते हैं। कांग्रेस ने पूछा, चुनाव आयोग का किसी राजनीतिक दल पर आधिकारिक संदेश कैसा लगा? चुनाव आयोग बीजेपी के कठपुतली की तरह व्यवहार क्यों कर रहा है? क्या चुनाव आयोग भारत की जनता को पहचान दिला सकता है?’ 𝐀 𝐁𝐉𝐏 𝐬𝐞𝐚𝐥 𝐨𝐧 𝐚𝐧 𝐄𝐥𝐞𝐜𝐭𝐢𝐨𝐧 𝐂𝐨𝐦𝐦𝐢𝐬𝐬𝐢𝐨𝐧 𝐥𝐞𝐭𝐭𝐞𝐫! चुनाव आयोग की ओर से राजनीतिक दलों को भेजे गए पत्र में चुनाव आयोग की मुहर की जगह बीजेपी की केरल इकाई की मुहर लगी हुई है. उसे अंदर डूबने दो। कोई ग़लती नहीं, लेकिन एक गंभीर ख़तरा… pic.twitter.com/eXSqartMLH – कांग्रेस (@INCIndia) 23 मार्च 2026 एक अधिकारी को ऑफिस भेज दिया गया इस मामले में विज्ञप्ति जारी करने के बाद, मुख्य अधिकारी के कार्यालय में, इस मामले से जुड़े विभागीय अधिकारी की जांच के लिए अपार्टमेंट में बिस्तर तक रखा गया है। केरल के मुख्य इलेक्ट्रॉनिक्स अधिकारी कार्यालय ने कहा, ‘यह पूरी तरह से एक क्लेरिकल एरर था। केरल बीजेपी ने हाल ही में एक पुरानी कॉमर्स की कॉपी जमा की थी, जिस पर उनकी मुहर लगी थी। इसी कॉपी को अन्य सॉफ्टवेयर से भेज दिया गया।’ (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)बीजेपी(टी)ईसीआई(टी)कांग्रेस(टी)केरल(टी)इलेक्शन कमीशन बीजेपी सिंबल लेटर(टी)ईसी केरलम(टी)ईसीआई केरल(टी)केरल विधानसभा चुनाव(टी)सीपीआईएम केरल(टी)सीपीएम न्यूज(टी)केरल न्यूज(टी)केरल न्यूज(टी)कांग्रेस प्रतिक्रिया ईसीआई लेटर(टी)ईसी लेटर बीजेपी सील(टी)चुनाव आयोग(टी)बीजेपी(टी)कांग्रेस(टी)केरल चुनाव बीजेपी लेखक(टी)केरल बीजेपी नेता(टी)चुनाव आयोग पत्र(टी)चुनाव आयोग पत्र बीजेपी सील(टी)महुआ मोइत्रा(टी)पवन साहूकार(टी)कांग्रेस

‘शीशमहल’ विवाद- केजरीवाल के सरकारी बंगले पर 342% ज्यादा खर्च:CAG रिपोर्ट में कई गड़बड़ियां उजागर, काम पहले कराया मंजूरी बाद में मिली

‘शीशमहल’ विवाद- केजरीवाल के सरकारी बंगले पर 342% ज्यादा खर्च:CAG रिपोर्ट में कई गड़बड़ियां उजागर, काम पहले कराया मंजूरी बाद में मिली

दिल्ली के पूर्व CM अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास 6, फ्लैगस्टाफ रोड के रिनोवेशन पर तय अनुमान से करीब 342% ज्यादा खर्च किया गया। यह खुलासा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में इस काम की अनुमानित लागत करीब 7.91 करोड़ रुपए थी, लेकिन अंतिम खर्च बढ़कर 33.66 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। इसमें से लगभग 18.88 करोड़ रुपए महंगे इंटीरियर, सजावटी और एंटीक सामान पर खर्च किए गए। यह रिपोर्ट सोमवार को दिल्ली विधानसभा में पेश की गई। CAG रिपोर्ट के मुताबिक, पूरे प्रोजेक्ट में नियमों की अनदेखी, फंड के गलत उपयोग और लागत में भारी बढ़ोतरी जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। स्टाफ ब्लॉक बना ही नहीं CAG ने पाया कि रिनोवेशन का काम पूरा होने के दो महीने बाद 9.34 करोड़ रुपए की प्रशासनिक मंजूरी दी गई, जो नियमों का उल्लंघन है। इससे बिना अनुमति के खर्च की स्थिति बनी। रिपोर्ट में कहा गया है कि स्टाफ ब्लॉक और कैंप ऑफिस के लिए मंजूर 19.87 करोड़ रुपए का सही उपयोग नहीं हुआ। स्टाफ ब्लॉक बना ही नहीं, इसके बजाय कहीं और 7 सर्वेंट क्वार्टर बना दिए गए। वहीं, कैंप ऑफिस को स्थायी के बजाय अस्थायी (सेमी-परमानेंट) बना दिया गया और वह भी अधूरा रह गया। बढ़ाया गया एरिया और बदले गए डिजाइन काम के दौरान बंगले का क्षेत्रफल 1397 वर्गमीटर से बढ़ाकर 1905 वर्गमीटर कर दिया गया। साथ ही, कई महंगे और विशेष डिजाइन वाले सामान लगाए गए, जिससे लागत और बढ़ गई। पीडब्ल्यूडी ने कार्य को अत्यावश्यक घोषित किया गया था। एक ही ठेकेदार को काम, चार बार बदला अनुमान रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि अतिरिक्त काम के लिए नया टेंडर नहीं निकाला गया और एक ही ठेकेदार को करीब 25.80 करोड़ रुपए का काम दे दिया गया। PWD ने खर्च को समायोजित करने के लिए अनुमान (एस्टिमेट) को चार बार संशोधित किया। फ्लैगस्टाफ बंगला, जहां केजरीवाल 2015 से 2024 तक दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में रहे, को भाजपा ने “शीश महल” नाम दिया था। भाजपा ने एक दशक बाद दिल्ली में आम आदमी पार्टी को सत्ता से बेदखल कर दिया। रिपोर्ट में कहा गया है, रिनोवेशन का काम अनुमानित लागत से 13.21 प्रतिशत अधिक यानी 8.62 करोड़ रुपए में आवंटित किया गया था, लेकिन अंततः यह अनुमानित लागत से 342.31 प्रतिशत अधिक यानी 33.66 करोड़ रुपए में पूरा हुआ। केजरीवाल जिस बंगले में रहते थे, उसकी 8 तस्वीरें…