Tuesday, 15 Sep 2026 | 03:22 PM

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सूर्य को अर्घ्य देकर होगी हिंदू नववर्ष की शुरुआत:गुड़ी पड़वा पर सीएम करेंगे तरणताल-नैवेद्य लोक का लोकार्पण, गायक विशाल मिश्रा की भी प्रस्तुति

सूर्य को अर्घ्य देकर होगी हिंदू नववर्ष की शुरुआत:गुड़ी पड़वा पर सीएम करेंगे तरणताल-नैवेद्य लोक का लोकार्पण, गायक विशाल मिश्रा की भी प्रस्तुति

उज्जैन में गुरुवार को गुड़ी पड़वा के अवसर पर हिंदू नववर्ष और विक्रम संवत का शुभारंभ उत्साह और आस्था के साथ होगा। सुबह श्रद्धालु रामघाट पर एकत्र होकर शिप्रा नदी में पूजन करेंगे और सूर्य को अर्घ्य अर्पित करेंगे। विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं ने भी शिप्रा तट पर विशेष अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। धार्मिक मान्यता के अनुसार, सृष्टि के आरंभ में भगवान महाकाल की प्रेरणा से ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की थी। इसी कारण गुड़ी पड़वा के दिन ब्रह्मध्वज का विशेष महत्व माना जाता है। महाकालेश्वर मंदिर सहित शहर के प्रमुख मंदिरों में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ब्रह्मध्वज स्थापित कर ध्वजारोहण किया जाएगा। दोपहर में विकास कार्यों का लोकार्पण दोपहर में मुख्यमंत्री मोहन यादव उज्जैन पहुंचेंगे और नानाखेड़ा क्षेत्र में 56 दुकान की तर्ज पर विकसित 36 दुकानों के कॉम्प्लेक्स तथा नए स्विमिंग पूल (तरणताल) का लोकार्पण करेंगे। नगर निगम द्वारा करीब 8.30 करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के तरणताल में 25×50 मीटर का मुख्य पूल बनाया गया है, जिसकी गहराई 4.5 से 6.15 फीट तक है। बच्चों के लिए 2.5 से 3 फीट गहराई वाला अलग वार्मअप पूल भी तैयार किया गया है। इस अत्याधुनिक परिसर में 200 से अधिक लोगों की क्षमता वाली विजिटर गैलरी, पार्किंग, फूड कोर्ट, सिटिंग एरिया, पार्क, आधुनिक फिल्टर प्लांट, शावर और वेटिंग रूम जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम और विशेष आकर्षण शाम को शहर में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें ड्रोन शो और लेजर शो मुख्य आकर्षण रहेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। वहीं, प्रसिद्ध गायक विशाल मिश्रा शिप्रा तट पर अपनी प्रस्तुति देंगे, जिससे पूरा माहौल भक्ति और उत्साह से सराबोर हो जाएगा। इस तरह उज्जैन में गुड़ी पड़वा पर आस्था, परंपरा और आधुनिक आयोजन का संगम देखने को मिलेगा।

घरेलू फ्लाइट्स में 60% सीटें बगैर एक्‍स्‍ट्रा चार्ज के मिलेंगी:बच्‍चा अडॉप्‍ट करने पर मिलेगी 12 हफ्ते मैटरनिटी लीव, 19 मार्च करेंट अफेयर्स

घरेलू फ्लाइट्स में 60% सीटें बगैर एक्‍स्‍ट्रा चार्ज के मिलेंगी:बच्‍चा अडॉप्‍ट करने पर मिलेगी 12 हफ्ते मैटरनिटी लीव, 19 मार्च करेंट अफेयर्स

जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. फ्लाइट में 60% सीटें बगैर एक्स्ट्रा चार्ज के मिलेंगी 18 मार्च को सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने घरेलू हवाई यात्रा को ज्यादा सुविधाजनक बनाने के लिए नए नियम जारी किए हैं। 2. बच्चा गोद लेने पर 12 हफ्ते की मैटरनिटी लीव मिलेगी 17 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में कहा कि किसी भी उम्र के बच्चे को गोद लेने वाली महिला को 12 हफ्ते की मैटरनिटी लीव दी जाएगी। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 3. अमेरिकी NCTC प्रमुख जोए केंट ने इस्तीफा दिया 17 मार्च को डोनाल्ड ट्रम्प के टॉप काउंटर टेरिरिज्म सेंटर डायरेक्टर (NCTC) जोए केंट ने अमेरिका- ईरान युद्ध के विरोध में अपने पद से रिजाइन दे दिया। निधन (DEATH) 4. ईरानी सिक्योरिटी चीफ अली लारिजानी की मौत 17 मार्च को ईरानी नेशनल सिक्योरिटी चीफ अली लारिजानी और बासिज फोर्स के हेड घोलम रजा सुलेमानी की इजराइल एयर स्ट्राइक में मौत हो गई। 5. अमेरिकी मॉडल और होस्ट किकी शेपर्ड का निधन 17 मार्च को मशहूर अमेरिकी सिंगर किकी शेपर्ड का निधन हो गया। 6. हॉलीवुड एक्टर मैट क्लार्क का निधन हॉलीवुड एक्टर मैट क्लार्क का 89 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। 7. कर्नल श्रीकांत पुरोहित के रिटायरमेंट को AFT ने होल्ड किया 16 मार्च को आर्म्ड फोर्स ट्रिब्यूनल (AFT) की प्रिंसिपल बेंच ने कर्नल श्रीकांत पुरोहित के रिटायरमेंट को होल्ड कर दिया है। आज का इतिहास 19 मार्च —————— ये खबरें भी पढ़ें… यूपी में हर अंडे पर लिखी जाएगी एक्‍सपायरी डेट: अब 24 घंटे में डिलीवर होंगे सरकारी डाक और पार्सल; 18 मार्च के करेंट अफेयर्स जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… पूरी खबर पढ़ें…

वर्ल्ड अपडेट्स:पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने एक दूसरे पर हमलों में अस्थायी रोक की घोषणा की

वर्ल्ड अपडेट्स:पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने एक दूसरे पर हमलों में अस्थायी रोक की घोषणा की

अफगानिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद पर काबुल के एक पुनर्वास अस्पताल पर हमले में 400 लोगों को मारने का आरोप लगाने के एक दिन बाद, पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने बुधवार को ईद-उल-फितर के मद्देनजर और सऊदी अरब, तुर्की तथा कतर के अनुरोध पर लड़ाई में अस्थायी रोक की घोषणा की। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तारड़ ने ‘X’ पर एक पोस्ट में यह घोषणा की। यह घोषणा उनके देश द्वारा सीमावर्ती क्षेत्र में कथित तालिबान ठिकानों पर नए हमले किए जाने के कुछ घंटों बाद की गई। उन्होंने कहा, आने वाले इस्लामी त्योहार ईद-उल-फितर के मद्देनजर, अपनी पहल पर और साथ ही सऊदी अरब, कतर और तुर्की जैसे ‘भाईचारे वाले इस्लामी देशों’ के अनुरोध पर, पाकिस्तान ने चल रहे ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ के बीच एक अस्थायी रोक की घोषणा करने का फैसला किया है।

भोपाल के बैरसिया में सुपरवाइजर के मुंह पर कालिख पोती:पाइप लाइन बिछाने पर देरी से नाराज पार्षद प्रतिनिधि; कहा-2 साल से परेशान हैं

भोपाल के बैरसिया में सुपरवाइजर के मुंह पर कालिख पोती:पाइप लाइन बिछाने पर देरी से नाराज पार्षद प्रतिनिधि; कहा-2 साल से परेशान हैं

भोपाल के बैरसिया में पानी की पाइप लाइन बिछाने में हुई देरी पर पार्षद प्रतिनिधि का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज पार्षद प्रतिनिधि रवि करोसिया ने ठेकेदार के सुपरवाइजर के मुंह पर कालिख पोत दी। कहा कि जनता दो साल से परेशान हो रही है। बैरसिया नगर पालिका में शहरी अमृत 2.0 जलप्रदाय योजना के तहत काम चल रहा है। यह शमशाबाद डेम से बैरसिया शहर तक पाइप लाइन बिछा हर घर तक पानी पहुंचाने के उद्देश्य से 13 सितंबर 2023 को शुरू की गई थी। इसे दो साल हो चुके हैं, लेकिन यह अधूरी है। करीब 22 करोड़ रुपए की इस योजना ने जहां लोगों को राहत देने का वादा किया था, वहीं अब यह नगरवासियों के लिए परेशानी और खतरे का कारण बन गई है। कारण प्रोजेक्ट के ठेकेदार द्वारा नगर के वार्डों की सड़कों और गलियों में जगह-जगह खुदाई कर पाइप लाइन डाली गई, लेकिन काम अधूरा छोड़ दिया गया। इस नाराजगी के चलते मंगलवार को नगर पालिका में पार्षद प्रतिनिधि करोसिया सहित अन्य पार्षदों ने ठेकेदार के सुपरवाइजर के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित पार्षदों ने काम में लापरवाही को लेकर सुपरवाइजर के चेहरे पर कालिख पोतकर अपना विरोध जताया। हंगामे की देखिए 3 तस्वीरें… दो साल से आश्वासन ही मिल रहा नाराज पार्षदों का कहना है कि ठेकेदार पिछले दो वर्ष से सिर्फ आश्वासन दे रहा है, लेकिन काम पूरा करने की कोई गंभीरता नहीं दिखा रहा। अगर काम नहीं करना है तो ठेका छोड़ दें, ताकि किसी दूसरे जिम्मेदार ठेकेदार को काम सौंपा जा सके। पूरे नगर की सड़कें उखड़ी जानकारी के अनुसार, पूरे नगर के वार्डों में उखड़ी सड़कें और खुले गड्ढे अब हादसों को न्योता दे रहे हैं। आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं। जिससे आम जनता में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।

भोपाल की 732 लोकेशन पर महंगी होगी प्रॉपर्टी:63 सुझावों पर मंथल, 23 मार्च को फिर मीटिंग; सांसद-विधायकों की कई मुद्दों पर आपत्ति

भोपाल की 732 लोकेशन पर महंगी होगी प्रॉपर्टी:63 सुझावों पर मंथल, 23 मार्च को फिर मीटिंग; सांसद-विधायकों की कई मुद्दों पर आपत्ति

सांसद-विधायकों और आम लोगों की आपत्ति के बाद भोपाल की कुल 732 लोकेशन पर प्रॉपर्टी गाइडलाइन बढ़ाने का प्रस्ताव है। कुल 63 दावे-आपत्ति को लेकर मंथन जरूर हुआ है और कुछ को मान्य भी कर लिया, लेकिन उन जगहों को लेकर कोई चर्चा नहीं की गई, जहां प्रस्ताव 181 प्रतिशत तक बढ़ाने का है। पंजीयन विभाग ने एक महीने के अंदर 100 लोकेशन और बढ़ा दी। कमेटी ने अलार्क रेजीडेंसी की प्रस्तावित दरों को कम करने का सुझाव पास किया। वहीं, भौंरी की कृषि भूमि की दरों को बढ़ाए जाने या प्रचलित दरों अनुरूप रखे जाने के लिए और भूखंड की दरों को कम किए जाने का सुझाव दिया गया था। समिति ने इसे यथावत रखने का निर्णय लिया है। नूर-उस-सबाह रेजीडेंसी कोहेफिजा की ओर से प्रस्तुत सुझाव को अमान्य कर दिया गया। नगर निगम के वार्ड-74 स्थित महोली की मेयर कॉलोनी की प्रस्तावित दरों को प्रचलित गाइड लाइन की दर की श्रेणी में शामिल करने के सुझाव को मंजूर कर लिया गया। कृष्णा होम्स द्वारा भोजपुर रोड ग्राम दीपड़ी की दरों में वृद्धि प्रस्तावित नहीं करने का सुझाव दिया गया था। जिसे मंजूर कर लिया गया। गोल्डन सिटी जाटखेड़ी की प्रस्तावित दरें कम नहीं होगी। ग्राम अचारपुरा, परेवाखेड़ा, चांदपुर, मनीखेड़ी, अरवलिया, परवलिया, ईंटखेड़ी, इमालिया आदि क्षेत्रों में गाइड लाइन को भी नहीं बढ़ाने का फैसला लिया है। री-ट्रांसफर को लेकर प्रस्ताव क्रेडाई ने री-ट्रांसफर को लेकर सुझाव दिया था। इसमें अनुसार, महाराष्ट्र की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी कोई संपत्ति तीन वर्ष की अवधि के भीतर पुनः अंतरण (री ट्रांसफर) की जाती है तो संबंधित संपत्ति के पूर्व पंजीयन में जमा की गई स्टॉम्प ड्यूटी की राशि का समायोजन (इनपुट क्रेडिट) नवीन पंजीयन में प्रदान किया जाना चाहिए। इससे संपत्ति के बार-बार क्रय-विक्रय की स्थिति में नागरिकों एवं व्यवसायियों पर अनावश्यक आर्थिक भार नहीं पड़ेगा। वर्तमान व्यवस्था में एक ही संपत्ति पर अल्प अवधि में पुनः पूर्ण स्टाम्प ड्यूटी देना पड़ती हैं, जो व्यवहारिक एवं न्याय संगत नहीं है। स्टॉम्प ड्यूटी समायोजन की सुविधा मिलने से रियल एस्टेट क्षेत्र में लेन-देन सरल होंगे। निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और संपत्ति बाजार में तरलता बढ़ेगी। जिससे शासन को भी दीर्घकाल में राजस्व वृद्धि का लाभ प्राप्त होगा। इस सुझाव से सहमत होकर विधायक भगवानदास सबनानी ने उनकी ओर से भी अनुशंसा की जाकर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड और शासन को सुझाव भेजने के लिए कहा है। अन्य सुझाव जो शासन एवं केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड से संबंधित होने से उन्हें केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड भेजे जाने के लिए कहा। सांसद ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई… 23 मार्च को फिर होगी बैठक कलेक्टर एवं जिला मूल्यांकन समिति के अध्यक्ष सिंह ने प्रस्तावित गाइड लाइन वर्ष 2026-27 को अंतिम रूप दिये जाने के लिए 23 मार्च को फिर से बैठक करने की बात कहीं। इसके बाद यह केंद्रीय मूल्यांकन समिति को भेजी जाएगी। इन इलाकों में सबसे ज्यादा बढ़ेंगे रेट जानकारी के अनुसार निर्मल सिटी, निशातपुरा रोड, मुर्गी बाजार, समर ग्रीन में 181% बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। वहीं, यशोदा नगर, भोपाल टॉकीज से सेफिया रोड, मालीपुरा, माया विहार, पाल विहार, रेत घाट से वीआईपी रोड, कबाड़खाना, गौतम नगर, पंचशील नगर, न्यू मार्केट, रोशनपुरा, सेवनिया गौंड, चौकी बरखेड़ी, एयरोसिटी परिसर, बेहटा, दामखेड़ा समेत में रेट बढ़ेंगे। इसके अलावा कोलार रोड, बंजारी, अकबरपुर, बावड़ियाकलां, मिसरोद, एयरपोर्ट, अयोध्या बायपास में भी गाइड लाइन बढ़ाने का प्रस्ताव है। भौंरी क्षेत्र में 58 प्रतिशत कटौती का प्रस्ताव एक ओर जहां सैकड़ों इलाकों में प्रॉपर्टी के रेट बढ़ाने का प्रस्ताव है। वहीं, दूसरी ओर भौंरी क्षेत्र में गाइड लाइन को 58 प्रतिशत तक कम करने का प्रस्ताव भी लाया जा रहा है। किसानों का कहना है कि जहां सरकार के बड़े प्रोजेक्ट हैं, वहां पर रेट घटाना समझ से बाहर है। भौंरी क्षेत्र की 3700 एकड़ में प्रदेश की पहली एआई एंड नॉलेज सिटी प्रस्तावित है। इसे लेकर किसानों ने भोपाल कलेक्टर के पास जाकर आपत्ति भी दर्ज कराई थी। हालांकि, इसे यथावत रखने की बात कही गई है। लगातार दूसरे साल बढ़ेगी गाइड लाइन भोपाल जिला मूल्यांकन समिति 12 महीने में दूसरी बार गाइड लाइन बढ़ेगी। इसके पहले 1 हजार 312 लोकेशन पर औसत 11% गाइडलाइन बढ़ाई थी। इनमें सुल्तानिया रोड, गांधीनगर, दानिश हिल्स, मैकेनिकल मार्केट, नयापुरा, जहांगीराबाद समेत अन्य इलाके शामिल हैं। इतनी लोकेशन का ड्राफ्ट जारी कुल 2175 लोकेशन का ड्राफ्ट जारी किया गया है। नगर निगम सीमा में 607 लोकेशन पर प्रॉपर्टी के रेट 5% से लेकर 181% तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। पंजीयन विभाग ने 628 लोकेशन पर दरें बढ़ाने और 795 लोकेशन को मर्ज करने का प्रस्ताव दिया है, जिससे इन क्षेत्रों में भी दाम बढ़ेंगे। ड्राफ्ट के अनुसार नगर निगम क्षेत्र में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी भानपुर स्थित निर्मल सिटी में प्रस्तावित है, जहां दर 6400 रुपए प्रति वर्गमीटर से बढ़ाकर 18 हजार रुपए की गई है, यानी 181% तक वृद्धि। भोपाल में 4 सब-रजिस्ट्रार ऑफिस जिले में जमीन और मकान से जुड़े दस्तावेजों का रजिस्ट्रेशन उप पंजीयक कार्यालयों में होता है। लोगों की सुविधा के लिए भोपाल शहर में चार उप पंजीयक कार्यालय काम कर रहे हैं। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए संपदा 2.0 का नया ऑनलाइन सिस्टम लागू किया गया है। इस सिस्टम में रजिस्ट्रेशन से पहले संपत्ति का वास्तविक स्थल निरीक्षण किया जाता है। जियो-टैगिंग के जरिए फोटो अपलोड की जाती है। इससे संपत्ति की सही लोकेशन और जानकारी की पुष्टि हो सके और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बने। इन कारणों से बढ़ सकती हैं गाइडलाइन दरें टीएंडसीपी से स्वीकृत नई कॉलोनियों और आम जनता की सुविधाओं के कारण 38 लोकेशन प्रभावित हुईं। नए राष्ट्रीय राजमार्ग, बायपास और रिंग रोड बनने से 18 लोकेशन पर असर पड़ा। वहीं नए औद्योगिक और विशेष आर्थिक क्षेत्रों की स्थापना से 3 लोकेशन प्रभावित पाई गईं। इस तरह जिले की कुल 621 लोकेशनों पर दर वृद्धि का प्रस्ताव है। इनमें कोलार रोड, अयोध्या बायपास, रायसेन रोड, भोपाल बायपास और कई पॉश इलाके शामिल हैं, जहां प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो सकता है।

खेलते-खेलते बच्ची ने निगली छोटी सी ‘चीज’, फट गई सांस नली, वेंटिलेटर पर रखना पड़ा, पेरेंट्स दें ध्यान

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छोटे बच्चे खेलते-खेलते अक्सर चीजें मुंह में डाल लेते हैं. यहां तक कि खाने पीने की चीजें ही उनके लिए कभी-कभी इतनी नुकसानदेह हो जाती हैं, जिसका अंदाजा भी नहीं लगा सकते. ऐसा ही एक मामला दिल्ली में सामने आया है जब डेढ़ साल की बच्ची ने खेलते-खेलते मूंगफली का दाना निगल लिया और वह दाना उसकी सांस नली में इस कदर फंस गया कि बच्ची को वेंटिलेटर तक पर रखना पड़ा. बच्ची के मूंगफली निगलने के बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी तो पेरेंट्स उसको गंभीर हालत में आकाश हेल्थकेयर लेकर पहुंचे. जहां डॉक्टरों ने जांच में पाया कि मूंगफली का दाना उसकी सांस नली में फंसा हुआ था और उसके सीने के अंदर हवा लीक होने लगी थी. फेफड़ों की हवा बाहर निकलकर आसपास के ऊतकों में फैलने लगी. मूंगफली का टुकड़ा पूरी तरह से सांस की नली को बंद कर चुका था, जिससे शरीर में ऑक्सीजन की गंभीर कमी हो गई और फेफड़ों पर दबाव बढ़ गया. आकाश हेल्थकेयर के पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर विशेषज्ञ डॉ. समीर पुनिया ने बताया कि बच्ची को जब अस्पताल लाया गया था तो उसके शरीर में ऑक्सीजन का स्तर काफी कम था. जांच में पता चला कि फेफड़ों से हवा बाहर निकलकर आसपास के ऊतकों में जा रही थी, जो सांस की नली को गंभीर नुकसान का संकेत था. बच्ची को तुरंत पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (PICU) में भर्ती किया गया और वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया. डेढ़ साल की बच्‍ची ने मूंगफली का दाना न‍िगल ल‍िया था, हालांक‍ि अब बच्‍ची ठीक है. डॉ. समीर ने बताया कि यह सामान्य चोकिंग का मामला नहीं था, बल्कि फेफड़ों से जुड़ी एक गंभीर आपात स्थिति थी. मूंगफली का टुकड़ा पूरी तरह से सांस की नली को चोक कर चुका था, जिससे शरीर में ऑक्सीजन का स्तर तेजी से गिर रहा था और फेफड़ों पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा था. रेस्पिरेटरी और स्लीप मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. अक्षय बुधराजा ने बताया कि बच्ची की स्थिति काफी क्रिटिकल थी क्योंकि मूंगफली के टुकड़े ने सांस की नली की अंदरूनी परत को फाड़ दिया था. फेफड़ों को पहले से हुए नुकसान को देखते हुए, मूंगफली को निकालने की प्रक्रिया बहुत सावधानी और सटीकता के साथ करनी थी, ऐसे में प्रक्रिया के बाद बच्ची को कई दिनों तक वेंटिलेटर पर रखा गया. इलाज के बाद अब वह पूरी तरह स्वस्थ हो चुकी है. उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन की कमी के मामलों में कई बार न्यूरोलॉजिकल समस्या भी पैदा हो जाती है हालांकि जांचों में पाया गया कि बच्ची को ऐसा कोई खतरा पैदा नहीं हुआ है. माता-पिता के ल‍िए चेतावनी है ये केसआकाश हेल्थकेयर के प्रबंध निदेशक डॉ. आशीष चौधरी ने कहा कि यह मामला माता-पिता के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी है. बहुत छोटे बच्चों को मेवे और पॉपकॉर्न जैसी चीजें देना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि ये सांस की नली में फंसकर फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं. उन्होंने बताया कि बाल रोग विशेषज्ञों, श्वसन विशेषज्ञों, ईएनटी सर्जनों, एनेस्थेटिस्ट और क्रिटिकल केयर टीम के बेहतरीन सहयोग से बच्ची की जान बचाई जा सकी, लेकिन छोटे बच्चों के मामलों में थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा हो सकती है.

नर्मदापुरम में सीवरेज काम के दौरान मजदूर की पिटाई:ठेकेदार ने लात और थप्पड़ बरसाए, धक्का देकर गिराया, पीठ पर छपे जख्म के निशान

नर्मदापुरम में सीवरेज काम के दौरान मजदूर की पिटाई:ठेकेदार ने लात और थप्पड़ बरसाए, धक्का देकर गिराया, पीठ पर छपे जख्म के निशान

नर्मदापुरम में मालाखेड़ी रोड स्थित शारदा कॉलोनी में बुधवार को सीवरेज कार्य कर रहे एक मजदूर को दूसरे स्थानीय ठेकेदार ने लात थप्पड़ से मारा। मजदूर को तार फैंसिंग की तरफ भी फेंक दिया। मारपीट की वारदात मोहल्ले में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई। जिसका फुटेज सामने आया। मजदूर ने ठेकेदार पर बेल्ट से मारने और गाड़ी में जबरन बैठाने के लिए खींचने के भी आरोप लगाएं। मामले में मजदूर ने मारपीट करने वाले दो आरोपी ठेकेदार पीयूष पटेल और सत्यम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। बेहरमी से की मारपीट में युवक के कंधे और पीठ में चोट के निशान छप गए। जानकारी के मुताबिक शहर में मप्र अर्बन डेवलमेंट कंपनी लिमिटेड (एमपीयूडीसी) द्वारा सीवरेज लाइन बिछा रही है। जिसका ठेका भुवन इंफ्रा लिमिटेड है। भुवन इंफ्रा लिमिटेड से पेटी कॉन्टेक्ट पर लेकर ठेकेदार कार्य कर रहे है। जिसमें फरियादी नीरज कुमार चौहान (18) भी चुभ कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार मनोज शर्मा के पास कार्य कर रहा है। बुधवार दोपहर शारदा कॉलोनी में मजदूर नीरज कुमार, पप्पू सिंह और आशीष कुमार सीमेंट-कंक्रीट का काम कर रहे थे। तभी वहां एक सफेद रंग की कार आकर रुकी, जिसमें से पीयूष पटेल और सत्यम उतरे। वे भी सीवर लाइन का छोटा ठेका (सब कॉन्ट्रैक्ट) लेते हैं। मजदूर बोला- गालियां दी लात मारकर गिराया मजदूर ने बताया कि पीयूष पटेल ने आकर कहा कि तेरे ठेकेदार को हमने काम करने से मना किया, फिर तुम काम क्यों कर रहे हो। गालियां देते हुए काम बंद करने का कहते हुए। पीयूष दौड़कर आया और मुझे लात मारने लगा। मेरा हाथ पकड़कर मरोड़ दिया, तभी उसका साथी सत्यम ने मेरे साथ झूमाझटकी कर मुझे तार फेसिंग की तरफ धक्का देकर फेंक दिया। जिससे मुझे पीठ में चोट आई। मेरे साथी पप्पू सिंह, आशीष कुमार ने बीच बचाव किया। तभी मेरे ठेकेदार मनोज शर्मा आ गए तो उन्हें भी पीयूष और सत्यम ने धमकी दी कि आईंदा यहां काम किया तो तुम्हे जान से खत्म दूंगा।

विवादित गाने पर नोरा फतेही की सफाई:कहा- गलत ट्रांसलेशन बताकर शूट करवाया, बिना अप्रूवल हिंदी में बनाया, AI फोटोज यूज कीं, हिंदी गाना देखकर शॉक थी

विवादित गाने पर नोरा फतेही की सफाई:कहा- गलत ट्रांसलेशन बताकर शूट करवाया, बिना अप्रूवल हिंदी में बनाया, AI फोटोज यूज कीं, हिंदी गाना देखकर शॉक थी

नोरा फतेही पैन इंडिया फिल्म केडीःद डेविल के गाने सरके चुनर तेरी सरके की रिलीज से विवादों में हैं। अश्लील गाने पर विवाद बढ़ने के बाद अब एक्ट्रेस ने बयान जारी कर साफ कहा है कि उनसे कन्नड़ में गलत ट्रांसलेशन बताकर पूरा गाना शूट करवाया गया और फिर बिना अप्रूवल या परमिशन गाने को हिंदी में बना लिया। एक्ट्रेस ने मेकर्स पर भी कई संगीन आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मेकर्स ने लिरिकल गाने को बिना इजाजत लिए उनकी AI इमेज के साथ रिलीज किया। एक्ट्रेस ने ये भी माना कि गाना वाकई अनुचित है, लेकिन इसकी जानकारी उन्हें सॉन्ग लॉन्च इवेंट में पहुंचकर मिलीं। हिंदी गाना देखकर एक्ट्रेस खुद शॉक में थीं। विवाद पर नोरा फतेही ऑफिशियल सोशल मीडिया से एक वीडियो पोस्ट कर कहा- ‘मैं इस गाने से जुड़ी कंट्रोवर्सी पर डिस्कस करना चाहती हूं। इस वक्त में अपने करीबी की मौत के सदमे में हूं। मैं नेटवर्क में नहीं थी, जिससे मुझे पता नहीं चला कि क्या चल रहा है। आज मैं नेटवर्क में आई तो मुझे इसकी जानकारी मिली। मैं कुछ चीजें साफ करना चाहती हूं।’ ‘मैंने ये गाना तीन साल पहले कन्नड़ में शूट किया था। जो एक अलग इंडस्ट्री का हिस्सा है, जिसे सैंडलवुड कहा जाता है। जब मैंने 3 साल पहले ये गाना शूट किया तो मैंने इसके लिए हां इसलिए कहा क्योंकि ये बड़ी फिल्म का हिस्सा था, जिसमें बड़े आइकन संजय दत्त थे। कौन उनके साथ काम करने से मना करता। वो एक रीमेक था, नायक नहीं खलनायक हूं में, जैसा कि मैंने सोचा। वो भी एक आइकॉनिक गाना था।’ वीडियो में नोरा ने आगे कहा, ‘जब मैं ये गाना शूट कर रही थी तो मैं ट्रांसलेशन के लिए पूरी तरह मेकर्स पर डिपेंडेंट थी। जब उन्होंने गाना ट्रांसलेट किया, तो कुछ भी वल्गर और इनअप्रोप्रिएट नहीं था। मैं कन्नड़ नहीं समझती, तो वो जो भी कह रहे थे, मैं वही मान रही थी। जो उन्होंने अब किया कि उस गाने का हिंदी में बनाया, उसकी डबिंग करवाई, जिसकी लिरिक्स वाकई बहुत इनअप्रोप्रिएट है, मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने इसके लिए मुझसे कोई परमिशन नहीं ली, न ही मुझे बताया। जब मुझे लॉन्च इवेंट में बुलाया, तब मैंने वो कन्नड़ गाना देखा, जो लिरिकल था, उसमें मेरे फोटोज लगाए गए।’ नोरा फतेही ने मेकर्स पर लगाए कई आरोप नोरा फतेही ने स्टेटमेंट में मेकर्स पर भी कई संगीन आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है, ‘उन्होंने (मेकर्स ने) मेरे अप्रूवल के बिना वो लिरिकल वीडियो बनाया। इसके बाद उन्होंने मेरी और संजय दत्त की फोटो बनाई, जो AI जनरेटेड है। मैं पहले ही AI के खिलाफ हूं। मैं इवेंट में ही बहुत इरिटेट हो गई थी।’ ‘मैं इस चीज के लिए जिम्मेदार हूं। वहां लोगों की मौजूदगी थी। मीडिया की मौजूदगी थी। वहां वो लोग थे, जिन्होंने मुझे मौका दिया था। अंदर से मैं बहुत फंसी हुई थी, जो मैंने देखा उसके बाद। जब मैंने वहां हिंदी गाना देखा, तो मैं समझ गई कि मैं इसमें नहीं हूं। मैं समझ गई कि इससे दिक्कत होने वाली है। क्योंकि कम से कम मैं हिंदी समझती हूं। मैंने डायरेक्टर से कहा कि ये ठीक नहीं है। मैंने कहा कि इससे काफी आलोचना होने वाली है। मैंने कहा कि मैं इसे प्रमोट नहीं करती। मैंने कहा कि मेरी इमेज और रेपुटेशन दाव पर है।’ नोरा बोलीं- मैं नेपोकिड्स नहीं, हमारे पीछे पावर नहीं है वीडियो में नोरा ने कहा, ‘हम आर्टिस्ट। खासकर मेरी तरह के आर्टिस्ट जिनके पास कोई बैकअप नहीं है, हम नेपोकिड्स नहीं हैं, हमारे पीछे किसी तरह का पावर नहीं है। हम सिर्फ इंडिविजुअल्स हैं और हमारे साथ सिर्फ ऑडियंस है। हमारे पास बहुत कम पावर है। हमारे पास बहुत कम कंट्रोल है। खुशकिस्मती से मैं लकी हूं कि बॉलीवुड में मैंने उन लोगों के साथ काम किया है, जो मेरी ओपनियन की इज्जत करते हैं। जो मेरे क्रिएटिव कॉल की इज्जत करते हैं। जो मेरी सुनते हैं। हालांकि कुछ इंडस्ट्री में हमारी नहीं सुनी जाती। उन्हें मेरी ओपनियन से फर्क नहीं पड़ता। इस बैकलैश के बाद उन्हें वो गाना हटाना पड़ा। मैं इस चीज की शुक्रगुजार हूं।’ वीडियो में नोरा ने मीडिया के लिए कहा है कि जब इस तरह की घटना होती है तो मीडिया को बढ़-चढ़कर उन फिल्ममेकर्स के नाम और तस्वीरें पब्लिश करना चाहिए, जिससे वो उसकी जिम्मेदारी ले सकें और उन्हें डर हो। संसद में भी उठा गाने का मुद्दा संसद में भी समाजवादी पार्टी के नेता आनंद भदोरिया ने सरके चुनरिया गाने की अश्लील लिरिक्स का मुद्दा उठाया था। इस पर सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘अध्यक्ष जी, जिस गाने के बारे में सांसद जी ने कहा है, उस गाने पर पहले ही बैन लग चुका है। मैं स्पष्ट तौर पर आपके माध्यम से पूरे सदन को कहना चाहूंगा कि हमें फ्रीडम ऑफ स्पीच पर भारत के संविधान निर्माताओं ने जो रीजनेबल रिस्ट्रिक्शन लगाए हैं, उसी के हिसाब से चलना चाहिए।’ आगे उन्होंने कहा, ‘आने वाले समय में डिजिटल के माध्यम से जिस तरह से तेजी से चीजें फैलती हैं, उसमें हमें समाज के प्रोटेक्शन खासकर बच्चों के प्रोटेक्शन, महिलाओं के प्रोटेक्शन और पिछड़े वर्ग के प्रोटेक्शन के लिए जो भी कड़े एक्शन लेने पड़ें, वो लेने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।’ बता दें कि ये हिंदी गाना पहले ही बैन कर दिया है। इस गाने को यूट्यूब से भी हटा दिया है। हालांकि विवाद जारी है। मंगलवार को नेशनल ह्यूमन राइट्स कमिशन ने शिकायत मिलने के बाद सेंसर बोर्ड, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और गूगल इंडिया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। वहीं दूसरी तरफ लिरिसिस्ट रकीब आलम ने मामले पर सफाई देते हुए दावा किया है कि ये विवादित गाना उन्होंने नहीं बल्कि फिल्म के डायरेक्टर ने लिखा है।

कम वेतन पर काम को मजबूर युवा:खेती छोड़कर गांव से निकले, पर शहरों में स्थायी नौकरी मुश्किल, 15 हजार आईटीआई फिर भी स्किल की कमी

कम वेतन पर काम को मजबूर युवा:खेती छोड़कर गांव से निकले, पर शहरों में स्थायी नौकरी मुश्किल, 15 हजार आईटीआई फिर भी स्किल की कमी

देश का युवा अब खेती में भविष्य नहीं देखता। वह अच्छी नौकरी और बेहतर लाइफ स्टाइल के लिए गांवों से निकलकर शहर जा रहा है। लेकिन वहां न तो स्थायी नौकरी मिल रही है और न ही पढ़ाई और मेहनत के हिसाब से वेतन। नतीजतन सबसे ऊर्जावान वर्ग एक ऐसे चक्र में फंसता जा रहा है, जहां काम तो है पर तरक्की नहीं। अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट ‘स्टेट ऑफ वर्किंग इंडिया 2026’ के मुताबिक, 1983 से 2023 के बीच खेती में 20-29 साल के युवाओं की हिस्सेदारी 56% से घटकर 27% रह गई। लेकिन शहरों में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, स्किल की कमी और कमजोर जॉब मार्केट के बीच युवाओं को मुफीद काम नहीं मिल रहा है। देश में स्किल डेवलपमेंट का ढांचा, खास तौर पर आईटीआई तेजी से फैले हैं। लेकिन कई नए संस्थान प्रशिक्षण के मामले में राष्ट्रीय मानकों पर खरे नहीं उतरते। देश में 15,000 से ज्यादा आईटीआई हैं, फिर भी उद्योगों को स्किल वर्कर्स नहीं मिल पा रहे हैं। पहले आईटीआई शहरों और औद्योगिक केंद्रों के आसपास बनाए जाते थे, ताकि ट्रेनिंग के बाद सीधे नौकरी मिल सके। लेकिन अब 70% नए आईटीआई गांवों में खुल रहे हैं और ज्यादातर ट्रेनिंग वहीं हो रही है। दूसरी तरफ 66% कारखानें शहरों में हैं। यानी जहां स्किल तैयार हो रही है, वहां नौकरी नहीं है और जहां नौकरी है, वहां स्किल की सप्लाई नहीं है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि काम में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। लेकिन इसका बड़ा हिस्सा बिना वेतन के पारिवारिक काम या छोटे-मोटे स्वरोजगार से आता है, जहां न तो स्थिर आमदनी होती है न पहचान। इसके चलते शहरों में पढ़ी-लिखी महिलाएं अब गिग वर्क या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की तरफ जा रही हैं, ताकि नौकरी और घर की जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बना सकें। इन कामों में लचीलापन तो है, पर नौकरी की सुरक्षा और स्थिरता नहीं है। रिपोर्ट कहती है कि सिर्फ स्किल डेवलपमेंट से समस्या हल नहीं होगी। जब तक बड़े पैमाने पर सुरक्षित नौकरियां नहीं होंगी, युवा आबादी कम उत्पादक कामों में ही उलझी रहेगी। 7% से भी कम ग्रेजुएट्स एक साल के भीतर स्थायी नौकरी पा रहे, 12वीं पास में यह औसत सिर्फ 4% रिपोर्ट बताती है कि भारत में 7 फीसदी से भी कम ग्रेजुएट्स को एक साल के भीतर स्थायी नौकरी मिलती है। 12वीं पास युवाओं में तो यह आंकड़ा 4 फीसदी ही है। वाइट-कॉलर जॉब, मसलन ऑफिस एग्जीक्यूटिव, बैंक कर्मचारी, आईटी प्रोफेशनल में हालात ज्यादा नाजुक हैं। ग्रेजुएट्स में बस 3.7 फीसदी को और 12वीं पास युवाओं में सिर्फ 1.5 फीसदी को ऐसी नौकरियां मिल पाती हैं।

आधी रात को बच्चे का दर्द करता है पैर? जानें क्यों बार-बार होती है ये दिक्कत

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Last Updated:March 18, 2026, 16:24 IST क्या आपका बच्चा शाम या रात में पैरों में दर्द की शिकायत करता है? यह समस्या अक्सर 3 से 12 साल के बच्चों में होने वाले “ग्रोइंग पेन” से जुड़ी होती है. सही देखभाल और कुछ आसान आदतों से इस दर्द को काफी हद तक कम किया जा सकता है. कई माता-पिता इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि उनका बच्चा शाम या रात के समय अचानक पैरों में दर्द की शिकायत क्यों करता है. खासकर जब बच्चा दिनभर एक्टिव रहता है और रात होते-होते रोने या दर्द की बात करने लगता है, तो चिंता होना स्वाभाविक है. लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह समस्या अक्सर “ग्रोइंग पेन” यानी बढ़ती उम्र के दौरान होने वाला सामान्य दर्द हो सकता है, जो 3 से 12 साल के बच्चों में काफी आम है. ग्रोइंग पेन आमतौर पर जांघों, पिंडलियों या घुटनों के आसपास महसूस होता है और ज्यादातर शाम या रात में बढ़ जाता है. अच्छी बात यह है कि यह कोई गंभीर बीमारी नहीं होती, लेकिन कुछ आदतें और कारण इसे ज्यादा बढ़ा सकते हैं. अगर सही समय पर ध्यान दिया जाए, तो इस दर्द को आसानी से कम किया जा सकता है और बच्चे को राहत मिल सकती है. View this post on Instagram