केरल के मुख्यमंत्री की घोषणा: जब वीडियो में केरल के नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की गई, तो क्या कह रहे हैं कांग्रेस नेता

केरल के मुख्यमंत्री पद के लिए कांग्रेस द्वारा वी. डी. श्रीशन के नाम की घोषणा के बाद संप्रदाय के नेताओं और नवनिर्वाचित नामों ने उन्हें बधाई दी। केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष सनी जोसेफ ने फेसबुक पर शेरशान की एक तस्वीर साझा की और लिखा, ”केरल के 24 वें मुख्यमंत्री वी डी शेरशान को बहुत-बहुत बधाई।” कांग्रेस के नेता और नेता वी टी बलराम ने भी श्रीशन को बधाई देते हुए कहा कि यह जनता की इच्छा है। बलराम ने फेसबुक पर लिखा कि यह एक ऐसी घोषणा थी जिसका केरल इंतजार कर रहा था। उन्होंने उन लोगों की भावनाओं की पुष्टि करते हुए कहा कि पहले ही उन्हें अपना नेता मान लिया गया था। बलराम ने कहा, ”एक सच्ची लोकतांत्रिक पार्टी का सम्मान करके ही फैसला सुनाया जा सकता है और स्थायी जनभावनाओं को मंजूरी नहीं दी जा सकती।” उन्होंने कहा कि श्रीशेषन एक ऐसे ही विपरीत जन समर्थन के बीच कब्जा कर रहे हैं, जो किसी भी राजनीतिक नेता के लिए विरले ही देखा जा रहा है। बलराम ने कहा कि श्रीशथन की यह पार्टी केवल कांग्रेस या यूयू के मुख्यमंत्री के रूप में नहीं है, बल्कि केरल की जनता के मुख्यमंत्री के रूप में देखी जानी चाहिए। अपने पोस्ट के समापन में उन्होंने कहा, ”हम ऐसा कर सकते हैं, क्योंकि यह केरल है।” यह भी पढ़ें: जब सम्मान का समर्थन नहीं किया तो कांग्रेस ने कैसे बनाया केरल का नया मुख्यमंत्री? वीडी शेरेशन ने खुद बताया यू.एफ.ई.सी. वी.आई.टी. को बताया गया दार्शनिक की मेहनत कांग्रेस से राष्ट्रीय नेता राहुल ममकूटाथिल ने भी श्रीशरण को बधाई दी। उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट में कहा कि यू-फॉल्क की जीत पार्टी पार्टियों के राजनीतिक संघर्ष और बलिदान का प्रतीक है। उनके अनुसार, कैथोलिक पुरा के सिद्धांत अब एक जन हितैषी सरकार के रूप में सामने आए हैं और अलाकमान ने श्रीशेन को इसके नेतृत्व की जिम्मेदारी दी है। सतीशन को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि नई सरकार के लोगों के विचार काम करने के लिए काम करेंगे। पुथुपल्ली से फिर से विधायक विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चंडी के बेटे चंडी ओमन ने भी श्रीशेषन की तस्वीर साझा कर उन्हें शुभकामनाएं दीं। IUML ने श्रीशेषन के नाम का स्वागत किया मुवत्तुपुझा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मैथ्यू कुझालदान ने कहा कि केरल शासन का एक नया चेहरा और नई शैली दिखेगा। यूएफओ के दूसरे सबसे बड़े घटक दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने कांग्रेस के फैसले का पूरी तरह से समर्थन किया। केरल की जनता के साथ-साथ हम भी इसका समर्थन करते हैं। ”शेषन सुशासन देने में सक्षम होगा.” यह भी पढ़ें: क्वेंच-जिनपिंग बैठक से खुलागा होर्मुज का प्रस्थान? ईरान वॉर के बीच व्हाइट हाउस का बड़ा बयान
कुछ पेनिकलर दवाओं में कैफीन क्यों मिलाया जाता है? क्या यह भी मेडिसिन का तत्व, यहां समझ लीजिए

Last Updated:May 14, 2026, 17:10 IST Caffeine in Pain Relief Medicines: कई पेनकिलर दवाओं में कैफीन इसलिए मिलाया जाता है, क्योंकि यह दवा के असर को बढ़ाने और दर्द से जल्दी राहत दिलाने में मदद कर सकता है. खासकर सिरदर्द और माइग्रेन की दवाओं में इसका इस्तेमाल ज्यादा होता है. हालांकि ज्यादा कैफीन कुछ लोगों के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है. ऐसे में सावधानी बरतनी चाहिए. पेनकिलर दवाओं में कैफीन मिलाने से उनका असर तेज और बेहतर तरीके से होता है. Caffeine in Headache Medicines: कैफीन एक नेचुरल तत्व होता है, जो चाय-कॉफी और चॉकलेट से लेकर कई खाने-पीने की चीजों में पाया जाता है. कई एनर्जी ड्रिंक्स और शुगरी ड्रिंक्स में भी कैफीन मिलाया जाता है. यह एक स्टिम्युलेंट है, जो हमारे शरीर के सेंट्रल नर्वस सिस्टम को एक्टिव कर सतर्कता और एनर्जी बढ़ाता है. जब भी लोग सिरदर्द, माइग्रेन या बदन दर्द की दवा लेते हैं, तो कई बार दवा के पैकेट पर कैफीन लिखा होता है. अक्सर सवाल उठता है कि दर्द की दवा में कैफीन क्यों मिलाया जाता है? क्या यह सिर्फ जागने या नींद भगाने के लिए होता है या फिर इसका दर्द कम करने में भी कोई रोल है? US के क्लीवलैंड क्लीनिक की रिपोर्ट के मुताबिक कैफीन सिर्फ चाय-कॉफी में पाया जाने वाला तत्व नहीं है, बल्कि कई पेनकिलर दवाओं में इसे एक एनाल्जेसिक एडजुवेंट यानी दवा का असर बढ़ाने वाले तत्व के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. कैफीन खुद बहुत मजबूत पेनकिलर नहीं होता, लेकिन यह पैरासिटामोल, आइबुप्रोफेन और एस्पिरिन जैसी दवाओं के असर को बढ़ाने में मदद कर सकता है. कई रिसर्च में पाया गया है कि पेनकिलर के साथ कैफीन मिलाने से दर्द से राहत थोड़ी तेजी से और बेहतर मिल सकती है. खासकर सिरदर्द और माइग्रेन जैसी परेशानियों में कैफीन वाली दवाएं ज्यादा यूज की जाती हैं. वैज्ञानिकों का मानना है कि कैफीन शरीर में कुछ ऐसे रिसेप्टर्स को ब्लॉक करता है, जो दर्द महसूस कराने में भूमिका निभाते हैं. इसके अलावा यह दवा के अवशोषण को तेज कर सकता है, जिससे दवा जल्दी असर दिखा सकती है. कुछ मामलों में कैफीन ब्रेन की ब्लड वेसल्स को संकरा करने में भी मदद करता है, जो माइग्रेन या सिरदर्द में राहत देने में उपयोगी माना जाता है. एक मेडिकल रिव्यू में पाया गया कि लगभग 100 मिलीग्राम या उससे अधिक कैफीन को सामान्य पेनकिलर के साथ मिलाने पर 5% से 10% ज्यादा लोगों को बेहतर दर्द से राहत मिली, जबकि सामान्य पेनिकलर वालों को कम राहत मिली. हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि ज्यादा कैफीन वाली दवाएं हमेशा बेहतर होती हैं, ऐसा नहीं है. कुछ लोगों को कैफीन से घबराहट, नींद न आना, दिल की धड़कन तेज होना या एसिडिटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. जो लोग पहले से ज्यादा चाय-कॉफी पीते हैं या कैफीन के प्रति संवेदनशील हैं, उन्हें ऐसी दवाएं डॉक्टर की सलाह से ही लेनी चाहिए. हाई ब्लड प्रेशर, एंजायटी या नींद की समस्या वाले लोगों को भी सावधानी बरतने की जरूरत होती है. किसी भी दवा का लगातार या जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए बिना एक्सपर्ट की सलाह के लंबे समय तक दवा का सेवन नहीं करना चाहिए. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें
सूर्यवंशी इंडिया-A के लिए खेलेंगे:ट्राई-सीरीज के लिए टीम में शामिल; अफगानिस्तान के खिलाफ 19 मई को भारतीय टीम का ऐलान संभव

15 साल के ओपनर वैभव सूर्यवंशी को इंडिया-A में जगह मिली है। श्रीलंका में जून में होने वाली ट्राई-सीरीज के लिए गुरुवार को टीम का ऐलान किया गया। तिलक वर्मा को टीम की कप्तानी सौंपी गई है, जबकि रियान पराग उपकप्तान होंगे। सीरीज में भारत-A के अलावा श्रीलंका-A और अफगानिस्तान-A की टीमें हिस्सा लेंगी। वहीं, भारतीय सीनियर टीम का ऐलान 19 मई को होने की संभावना है। टीम इंडिया को जून में अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे और टेस्ट सीरीज खेलनी है। प्रियांश-प्रभसिमरन के नाम BCCI ने स्क्वॉड में प्रियांश आर्या, वैभव सूर्यवंशी, आयुष बडोनी, निशांत सिंधु और अंशुल कम्बोज जैसे युवा खिलाड़ियों को मौका दिया है। विकेटकीपर के तौर पर प्रभसिमरन सिंह और कुमार कुशाग्र टीम में शामिल हैं। ट्राई सीरीज के लिए इंडिया-A स्क्वॉड- तिलक वर्मा (कप्तान), प्रियांश आर्या, वैभव सूर्यवंशी, रियान पराग (उपकप्तान), आयुष बडोनी, निशांत सिंधु, हर्ष दुबे, सूर्यांश शेडगे, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), विपराज निगम, यश ठाकुर, युधवीर सिंह, अंशुल कम्बोज, अरशद खान। वनडे ट्राई-सीरीज के सभी मुकाबले दांबुला में खेले जाएंगे। इसके बाद इंडिया-A टीम श्रीलंका-A के खिलाफ दो मल्टी-डे मैच भी खेलेगी, जिनके लिए अलग स्क्वॉड का ऐलान बाद में किया जाएगा। बुमराह को आराम दिया जा सकता है अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट मुकाबला IPL खत्म होने के तुरंत बाद 6 जून को न्यू चंडीगढ़ में खेला जाना है। ऐसे में चयनकर्ता टीम में कुछ नए चेहरों को मौका दे सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, जसप्रीत बुमराह को इस टेस्ट में आराम दिया जा सकता है, क्योंकि यह मुकाबला वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा नहीं है। गिल ही कप्तानी करेंगे शुभमन गिल ही टेस्ट टीम की कप्तानी करते दिखेंगे। पंजाब के तेज गेंदबाज गुरनूर बरार का नाम भी चर्चा में है। डोमेस्टिक क्रिकेट में चयनकर्ताओं को उनकी लगातार सही लाइन-लेंथ, तेज गेंदबाजी और मूवमेंट ने प्रभावित किया है। वनडे ईशान की वापसी हो सकती है वनडे टीम में बहुत बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है, लेकिन दूसरे विकेटकीपर को लेकर चर्चा तेज है। ऋषभ पंत लंबे समय से टीम सेटअप का हिस्सा रहे हैं, लेकिन IPL में खराब बल्लेबाजी फॉर्म की वजह से उनकी जगह पर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच, ईशान किशन की वापसी की संभावना बढ़ गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले चयन बैठकों में भी उनका नाम चर्चा में रहा था। बाएं हाथ के बल्लेबाज होने और किसी भी क्रम पर बल्लेबाजी करने की क्षमता को टीम मैनेजमेंट अहम मान रहा है। टी-20 में वापसी के बाद उनका प्रदर्शन भी अच्छा रहा है। केएल राहुल फिलहाल टीम मैनेजमेंट की पहली पसंद बने हुए हैं। उनकी फॉर्म अच्छी है और अगले साल साउथ अफ्रीका में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए उनका अनुभव टीम के लिए अहम माना जा रहा है। जडेजा-अक्षर में से एक को मौका वनडे टीम में स्पिन ऑलराउंडर की जगह को लेकर भी बड़ी चर्चा हो सकती है। रवींद्र जडेजा और अक्षर पटेल में से एक को चुना जाएगा, इस पर चयनकर्ता और टीम मैनेजमेंट बातचीत कर सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, जडेजा का हालिया वनडे प्रदर्शन गेंद और बल्ले दोनों से उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। खासकर उनकी बल्लेबाजी अप्रोच को लेकर सवाल हैं, क्योंकि टीम मैनेजमेंट उस बल्लेबाजी पोजिशन पर ज्यादा आक्रामकता चाहता है।
खट्टी कढ़ी रेसिपी: घर में ऐसे पक्के बच्चों वाली कढ़ी, भूल जाएंगे होटल का स्वाद; नोट करें सबसे आसान तरीका

पकौड़ों के लिए: 1 कप बेसन, 1 इलेक्ट्रोनिक कटा प्याज, 1 हरी मिर्च, थोड़ा हरा धनिया, नमक का स्वाद, तेल तलने के लिए छवि: फ्रीपिक कढ़ी के लिए: 1 कप कटा दही, 3 कप सोडा, 3 कप पानी, 1/2 छोटा सोडा, नमक बड़ा स्वाद छवि: सोशल मीडिया धन्यवाद के लिए: 1 छोटा चम्मच जीरा, 1/2 छोटा चम्मच मेथी दाना, 2 सूखी लाल मिर्च, कैरी पत्ते, एक चुटकी हींग, 1 बड़ा चम्मच तेल या घी छवि: एआई पकौड़े बनाने की विधि: बेसन लेन में सबसे पहले एक बाउल। इसमें प्याज, हरी मिर्च, हरा धनियां और नमक डालें। थोड़ा-थोड़ा पानी, अल्ट्रा-इलेक्ट्रॉनिक बैटर तैयार करें। छवि: एआई अब हो जाएं मसाले में तेल गर्म करें और छोटी-छोटी पकौड़े की संरचना तक तल लें। पकौड़ों को श्रमिक अलग रख दें। छवि: एआई कढ़ी बनाने की आसान विधि: एक बड़े तालाब में दही और बेसन के महानुभाव से फेंट लें ताकि पेट न रहें। अब इसमें पानी, हल्दी और नमक मिलाप लें। इसके बाद गैस पर पेस्ट्री के बर्तन और उसमें मौजूद घी गर्म करें। छवि: फ्रीपिक फिर जीरा, मेथी दाना, हींग, सूखी लाल मिर्च और करी पत्ते का तड़का स्टूडियो। अब तैयार है दही-बेसन वाला इसमें मिक्स दाल के टुकड़े और लगातार मसाले बने रहें ताकि कढ़ी फटे नहीं. मध्यम गति पर 20 से 25 मिनट तक का समय। छवि: फ्रीपिक जब अच्छी तरह पक जाए और हल्की गाढ़ी हो जाए, तब पकौड़े डाल कर तैयार कर लीजिए. 5 मिनट और पकाकर गैस बंद कर दें। गरमा-गरम खट्टी कढ़ी को जीरा राइस, गेहूँ चावल या रोटी के साथ सर्व करें। छवि: एआई ऊपर से छोटी हरी धनिया दाल दे, इससे स्वाद और भी बढ़ेगा। ज्यादा कट्टापन चाहिए तो दही को थोड़ा पुराना इस्तेमाल करें। छवि: सोशल मीडिया पकौड़ों को सामान्य बनाए रखने के लिए तलने के बाद स्वादिष्ट गुनगुने पानी में 2 मिनट डाल सकते हैं। लाजवाब में लहसुनिया से बनी कढ़ी का स्वाद और भी लाजवाब है। छवि: फ्रीपिक
महिलाओं पर आतंकी हमले से भड़कीं देवोलीना भट्टाचार्जी:नाइजीरिया में आतंकियों ने प्रेग्नेंट महिलाओं की हत्या की, एक्ट्रेस बोलीं- इन राक्षसों के लिए नरक में जगह

साथ निभाना साथिया’ में गोपी बहु के नाम से फेमस देवोलीना भट्टाचार्जी ने नाइजीरिया में महिलाओं पर हुए आतंकी हमले पर अपना गुस्सा जाहिर किया है। इस घटना में आतंकियों ने प्रेग्नेंट महिलाओं और बच्चों के साथ काफी क्रूरता की, जिसे देखकर एक्ट्रेस ने इन हमलावरों को ‘राक्षस’ और ‘शैतान’ करार दिया है। देवोलीना ने कहा- नरक में मिलेगी खास जगह देवोलीना ने इस बर्बर घटना पर नाराजगी जताते हुए अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा, ‘एकदम राक्षस और शैतान वाली प्रवृत्ति। इन राक्षसों के लिए नरक में खास जगह है, जिसे वे स्वर्ग समझते हैं।’ एक्ट्रेस उस वीडियो पर भड़क गईं जिसमें आतंकियों ने निर्दोष परिवारों और गर्भवती महिलाओं को अपना निशाना बनाया। प्रेग्नेंट महिलाओं के साथ की गई क्रूरता मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नाइजीरिया के एक ईसाई गांव पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया। जो परिवार वहां से भाग नहीं पाए, उन पर आतंकियों ने कुल्हाड़ियों से हमला किया। वीडियो में दावा किया गया है कि इन आतंकियों ने प्रेग्नेंट महिलाओं को पकड़ लिया और उनके पेट पर वार किए। इतना ही नहीं, उन महिलाओं को अपने अजन्मे बच्चों को आंखों के सामने मरते हुए देखने के लिए मजबूर किया गया। 11 ईसाइयों की हत्या सीबीएन (CBN) न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला 8 मई की रात को हुआ था। हथियारबंद फुलानी आतंकवादियों ने इस ईसाई समुदाय पर हमला किया, जिसमें बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं सहित कम से कम 11 लोगों की हत्या कर दी गई। हमले में बंदूकों और चाकुओं का इस्तेमाल हुआ था। बंगाल चुनाव में भी रही थीं चर्चा में देवोलीना भट्टाचार्जी हाल ही में तब भी चर्चा में रही थीं, जब उन्होंने मई 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने बीजेपी की जीत का समर्थन किया था और ममता बनर्जी को बंगाल के लिए ‘बुरा सपना’ बताया था।
महिलाओं पर आतंकी हमले से भड़कीं देवोलीना भट्टाचार्जी:नाइजीरिया में आतंकियों ने प्रेग्नेंट महिलाओं की हत्या की, एक्ट्रेस बोलीं- इन राक्षसों के लिए नरक में जगह

साथ निभाना साथिया’ में गोपी बहु के नाम से फेमस देवोलीना भट्टाचार्जी ने नाइजीरिया में महिलाओं पर हुए आतंकी हमले पर अपना गुस्सा जाहिर किया है। इस घटना में आतंकियों ने प्रेग्नेंट महिलाओं और बच्चों के साथ काफी क्रूरता की, जिसे देखकर एक्ट्रेस ने इन हमलावरों को ‘राक्षस’ और ‘शैतान’ करार दिया है। देवोलीना ने कहा- नरक में मिलेगी खास जगह देवोलीना ने इस बर्बर घटना पर नाराजगी जताते हुए अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा, ‘एकदम राक्षस और शैतान वाली प्रवृत्ति। इन राक्षसों के लिए नरक में खास जगह है, जिसे वे स्वर्ग समझते हैं।’ एक्ट्रेस उस वीडियो पर भड़क गईं जिसमें आतंकियों ने निर्दोष परिवारों और गर्भवती महिलाओं को अपना निशाना बनाया। प्रेग्नेंट महिलाओं के साथ की गई क्रूरता मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नाइजीरिया के एक ईसाई गांव पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया। जो परिवार वहां से भाग नहीं पाए, उन पर आतंकियों ने कुल्हाड़ियों से हमला किया। वीडियो में दावा किया गया है कि इन आतंकियों ने प्रेग्नेंट महिलाओं को पकड़ लिया और उनके पेट पर वार किए। इतना ही नहीं, उन महिलाओं को अपने अजन्मे बच्चों को आंखों के सामने मरते हुए देखने के लिए मजबूर किया गया। 11 ईसाइयों की हत्या सीबीएन (CBN) न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला 8 मई की रात को हुआ था। हथियारबंद फुलानी आतंकवादियों ने इस ईसाई समुदाय पर हमला किया, जिसमें बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं सहित कम से कम 11 लोगों की हत्या कर दी गई। हमले में बंदूकों और चाकुओं का इस्तेमाल हुआ था। बंगाल चुनाव में भी रही थीं चर्चा में देवोलीना भट्टाचार्जी हाल ही में तब भी चर्चा में रही थीं, जब उन्होंने मई 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने बीजेपी की जीत का समर्थन किया था और ममता बनर्जी को बंगाल के लिए ‘बुरा सपना’ बताया था।
घर में चूहे भागते रहते हैं, तो सावधान हो जाइए, इनसे फैल सकती हैं हंता वायरस समेत ये 5 गंभीर बीमारियां

Diseases That Spread Through Rats: घर और दुकानों में चूहों की समस्या कॉमन है. अधिकतर लोगों को इस परेशानी का सामना करना पड़ता है. कई बार पिंजरा और रैट किलर रखने के बावजूद चूहों की संख्या कम नहीं हो पाती है. चूहे अक्सर खाने-पीने की चीजों के आसपास घूमते हैं. चूहे सिर्फ खाने-पीने की चीजों को नुकसान नहीं पहुंचाते, बल्कि कई खतरनाक बीमारियों की वजह भी बन सकते हैं. चूहों के मल, पेशाब, लार और शरीर पर मौजूद कीटाणु इंसानों तक गंभीर संक्रमण पहुंचा सकते हैं. खासकर गंदगी वाली जगहों में रहने वाले चूहे कई तरह के बैक्टीरिया और वायरस फैलाने का काम करते हैं. यही वजह है कि घर में चूहों की मौजूदगी को हल्के में नहीं लेना चाहिए. घर से चूहों को खत्म करने के उपाय करने चाहिए. गुरुग्राम के मारेंगो एशिया हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट की फिजीशियन डॉ. दीक्षा गोयल ने News18 को बताया घर के अंदर चूहे घूमने से कई गंभीर बीमारियां फैल सकती हैं. चूहे कई खतरनाक बैक्टीरिया और वायरस लेकर घूमते हैं. इनके संपर्क में आने से भी जानलेवा कंडीशंस पैदा हो सकती हैं. घरों में चूहे की मौजूदगी लोगों के लिए एक गंभीर समस्या है. चूहों के मल, मूत्र से हंता वायरस फैल सकता है. चूहे के काटने से भी रैट-बाइट फीवर हो सकता है. एक जमाने में प्लेग की समस्या भी चूहों के कारण फैली थी. भारत में प्लेग का सबसे विनाशकारी प्रकोप 1896 में मुंबई में शुरू हुआ था, जो तीसरी महामारी का हिस्सा था और दशकों तक चला. अगस्त-अक्टूबर 1994 में गुजरात के सूरत और अन्य हिस्सों में प्लेग का प्रकोप देखा गया था. प्लेग की वजह से दुनिया भर में लाखों लोगों की मौत हुई थी. हालांकि अब प्लेग के मामले बहुत रेयर हो गए हैं. चूहों से फैल सकती हैं ये 5 घातक बीमारियां हंता वायरस (Hantavirus) : चूहों से फैलने वाली सबसे खतरनाक बीमारियों में हंता वायरस का नाम शामिल है. यह वायरस संक्रमित चूहों के मल, पेशाब या लार के संपर्क में आने से फैल सकता है. कई बार सूखे मल या गंदगी की सफाई करते समय वायरस हवा में मिल जाता है और सांस के जरिए शरीर में पहुंच सकता है. इसके लक्षणों में तेज बुखार, शरीर दर्द, सांस लेने में दिक्कत और कमजोरी शामिल हो सकती है. गंभीर मामलों में यह फेफड़ों को भी प्रभावित कर सकता है. लेप्टोस्पायरोसिस (Leptospirosis) : यह बीमारी चूहों के पेशाब से फैलने वाले बैक्टीरिया की वजह से होती है. अगर संक्रमित जगह का पानी या गंदगी शरीर के संपर्क में आ जाए, तो संक्रमण फैल सकता है. इसके लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, मसल्स में दर्द और उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. समय पर इलाज न मिलने पर यह बीमारी किडनी और लिवर पर भी असर डालती है. साल्मोनेला संक्रमण (Salmonella Infection) : चूहे खाने-पीने की चीजों को दूषित कर सकते हैं, जिससे साल्मोनेला संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है. यह संक्रमण पेट से जुड़ी समस्याएं पैदा करता है. संक्रमित खाना खाने से दस्त, पेट दर्द, बुखार और उल्टी जैसी परेशानी हो सकती है. छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है. प्लेग (Plague) : आज के समय में प्लेग के मामले बहुत कम देखने को मिलते हैं, लेकिन यह बीमारी इतिहास की सबसे खतरनाक महामारियों में शामिल रही है. यह बीमारी चूहों पर रहने वाले संक्रमित पिस्सुओं के जरिए इंसानों तक पहुंच सकती है. इसके लक्षणों में तेज बुखार, सूजी हुई गांठें और कमजोरी शामिल हो सकती है. रैट-बाइट फीवर (Rat-Bite Fever) : अगर चूहा काट ले या उसके संपर्क से संक्रमण फैल जाए, तो रैट-बाइट फीवर होने का खतरा रहता है. इसमें बुखार, जोड़ों में दर्द, उल्टी और त्वचा पर दाने जैसी समस्याएं हो सकती हैं. समय पर इलाज जरूरी होता है, वरना संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है. चूहों से कैसे करें बचाव? एक्सपर्ट की मानें तो घर को हमेशा साफ-सुथरा रखें और खाने की चीजों को खुला न छोड़ें. कूड़ा समय पर बाहर फेंकें और घर के कोनों या दीवारों के छेद बंद कर दें, ताकि चूहे अंदर न आ सकें. अगर घर में ज्यादा चूहे दिखाई दें, तो तुरंत पेस्ट कंट्रोल करवाना बेहतर रहेगा. साथ ही चूहों की गंदगी साफ करते समय दस्ताने और मास्क का इस्तेमाल जरूर करें. चूहों को मामूली परेशानी समझने की गलती सेहत पर भारी पड़ सकती है. इसलिए समय रहते सावधानी बरतना बेहद जरूरी है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.
तलविंदर ने पाकिस्तानी सिंगर के साथ मंच शेयर किया:टोरंटो में कॉन्सर्ट में गले मिले, हसन रहीम ने कहा- भाई

भारतीय पंजाबी सिंगर तलविंदर हाल ही में टोरंटो में पाकिस्तानी सिंगर हसन रहीम के लाइव कॉन्सर्ट में शामिल हुए और उनके साथ मंच शेयर किया। दरअसल, मंगलवार को तलविंदर ने इंस्टाग्राम पर कॉन्सर्ट की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए। उन्होंने पोस्ट पर कैप्शन लिखा, ‘टोरंटो में हसन रहीम के साथ विशेज पूरी हुईं।’ वीडियो में दोनों स्टेज पर एक साथ गाते, गले मिलते और डांस करते दिखे। हसन ने तलविंदर की इंस्टाग्राम पोस्ट पर ‘भाई’ लिखकर रिएक्ट किया। इस पोस्ट के बाद कुछ यूजर्स ने कमेंट सेक्शन में अपनी नाराजगी जाहिर की। कुछ ने लिखा कि हाल के भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच ऐसी मौजूदगी गलत थी। एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा, ‘मैंने नहीं सोचा था भाई कि ये लोग हमारे देश की सेना का मजाक उड़ाने वालों के साथ स्टेज शो करेंगे।’ गौरतलब है कि पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद से भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में और तनाव बढ़ गया है। इसके बाद ‘फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज’ (FWICE) जैसे संगठन ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय को पत्र लिखकर पाकिस्तानी कलाकारों, गायकों और तकनीशियनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। तलविंदर को गाने ‘पल पल’ से मिली थी पहचान तलविंदर का असली नाम तलविंदर सिंह सिद्धू है। उन्हें उनके गाने पल पल से पहचान मिली। कुछ महीने पहले उनका नाम एक्ट्रेस दिशा पाटनी से जुड़ा। दोनों को कई मौकों पर एक साथ देखा गया था। वहीं, तलविंदर ने दिशा के साथ कथित रिलेशनशिप को लेकर हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया को दिए इंटरव्यू में कहा था, हमारी मुलाकात शादी (नूपुर सेनन की शादी) से ठीक पहले हुई थी और अचानक मिली इतनी सारी चर्चा ने हमें हैरान कर दिया। हम न तो किसी प्रेशर में आना चाहते हैं और न ही अफवाहों पर ध्यान देना चाहते हैं। हम अभी खुद को समझने और एक-दूसरे को जानने की प्रोसेस में हैं। मैं बस इतना ही कहना चाहूंगा कि अगर लोग अफवाहें फैलाने की कोशिश करेंगे तो मैं उन्हें अफवाह ही रहने दूंगा। जब तलविंदर से पूछा गया था कि क्या वह प्यार और रिश्तों के बारे में सोचते हैं, तो उन्होंने जवाब दिया, ‘मैं हर दिन प्यार में पड़ जाता हूं। मैं अभी भी प्यार में पड़ रहा हूं।’
तलविंदर ने पाकिस्तानी सिंगर के साथ मंच शेयर किया:टोरंटो में कॉन्सर्ट में गले मिले, हसन रहीम ने कहा- भाई

भारतीय पंजाबी सिंगर तलविंदर हाल ही में टोरंटो में पाकिस्तानी सिंगर हसन रहीम के लाइव कॉन्सर्ट में शामिल हुए और उनके साथ मंच शेयर किया। दरअसल, मंगलवार को तलविंदर ने इंस्टाग्राम पर कॉन्सर्ट की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए। उन्होंने पोस्ट पर कैप्शन लिखा, ‘टोरंटो में हसन रहीम के साथ विशेज पूरी हुईं।’ वीडियो में दोनों स्टेज पर एक साथ गाते, गले मिलते और डांस करते दिखे। हसन ने तलविंदर की इंस्टाग्राम पोस्ट पर ‘भाई’ लिखकर रिएक्ट किया। इस पोस्ट के बाद कुछ यूजर्स ने कमेंट सेक्शन में अपनी नाराजगी जाहिर की। कुछ ने लिखा कि हाल के भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच ऐसी मौजूदगी गलत थी। एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा, ‘मैंने नहीं सोचा था भाई कि ये लोग हमारे देश की सेना का मजाक उड़ाने वालों के साथ स्टेज शो करेंगे।’ गौरतलब है कि पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद से भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव बढ़ गया है। इसके बाद ‘फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज’ (FWICE) जैसे संगठन ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय को पत्र लिखकर पाकिस्तानी कलाकारों, गायकों और तकनीशियनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। तलविंदर को गाने ‘पल पल’ से मिली थी बड़ी पहचान तलविंदर का असली नाम तलविंदर सिंह सिद्धू है। उन्हें उनके गाने पल पल से पहचान मिली। कुछ महीने पहले उनका नाम एक्ट्रेस दिशा पाटनी से जुड़ा था। दोनों को कई मौकों पर एक साथ देखा गया था। वहीं, तलविंदर ने दिशा पाटनी के साथ कथित रिलेशनशिप को लेकर हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में कहा था, हमारी मुलाकात शादी (नूपुर सेनन की शादी) से ठीक पहले हुई थी और अचानक मिली इतनी सारी चर्चा ने हमें हैरान कर दिया। हम न तो किसी दबाव में आना चाहते हैं और न ही अफवाहों पर ध्यान देना चाहते हैं। हम अभी खुद को समझने और एक-दूसरे को जानने की प्रोसेस में हैं। मैं बस इतना ही कहना चाहूंगा कि अगर लोग अफवाहें फैलाने की कोशिश करेंगे तो मैं उन्हें अफवाह ही रहने दूंगा। जब तलविंदर से पूछा गया था कि क्या वह प्यार और रिश्तों के बारे में सोचते हैं, तो उन्होंने जवाब दिया, “मैं हर दिन प्यार में पड़ जाता हूं। मैं अभी भी प्यार में पड़ रहा हूं।”
विजय ने तमिलनाडु विधानसभा में क्या किया, यह हर सीएम को देखना चाहिए

वह आदमी जिसने भूमिकाएँ बदल दीं: लाइट्स, कैमरा, एक्शन – यही दशकों तक विजय की दुनिया थी। आज, सेट की जगह तमिलनाडु विधानसभा ने ले ली है, संवादों की जगह नीतिगत बहस ने ले ली है, और तालियों की जगह एक राज्य अपने नए मुख्यमंत्री के हर कदम को एक थ्रिलर फिल्म की तीव्रता के साथ देख रहा है। वह क्षण जो वायरल हो गया: हाथ में कलम, सिर थोड़ा झुका हुआ, उनके सामने एक नोटबुक खुली – विधानसभा कार्यवाही के दौरान सीएम विजय की शांत, केंद्रित उपस्थिति ने इंटरनेट की कल्पना पर कब्जा कर लिया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का विधानसभा सत्र के दौरान ध्यान से नोट्स लेते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया है। अनुभवी राजनेताओं से भरे हॉल में, यह नवागंतुक ही थे जो सबसे अधिक तैयार दिखे। (X/thefederal.com) विपक्ष पर नोट्स लेना: जिस चीज़ ने छवि को और भी आकर्षक बना दिया वह था संदर्भ। रिपोर्टों से पता चलता है कि विजय विपक्ष द्वारा उनकी सरकार पर लगाए गए हर आरोप को चुपचाप चुपचाप नोट कर रहे थे। कोई रुकावट नहीं. कोई नाटकीयता नहीं. बस एक कलम, एक नोटबुक और पूरा ध्यान। नाटकीय राजनीतिक रंगमंच के आदी राज्य के लिए, यह पूरी तरह से एक अलग तरह का तमाशा था। नेटिज़ेंस प्रतिक्रिया: विपक्ष के बोलने के दौरान शांति से टिप्पणी करते हुए एक मुख्यमंत्री की छवि ने ऑनलाइन टिप्पणियों की बाढ़ ला दी। एक नेटिज़न ने लिखा, “हमने कभी किसी सीएम को इतना केंद्रित और गंभीर नहीं देखा।” दूसरे ने कहा, “राजनीति में हर किसी को इससे सीखना चाहिए।” ऐसे राजनीतिक माहौल में जिसे अक्सर वाकआउट, नारेबाजी और व्यवधान से परिभाषित किया जाता है, नोटबुक में लिखने का सरल कार्य एक बयान बन गया। स्टारडम से स्टेट्समैनशिप तक: रजनीकांत – विजय के समकालीन और तमिल सिनेमा के अन्य दिग्गज सुपरस्टार – से हाल ही में एक हवाई अड्डे पर विजय के राजनीतिक उत्थान के बारे में पूछा गया था। वह चुप रहा, हाथ जोड़े, कुछ नहीं बोला। प्रशंसकों का कहना है कि उनकी चुप्पी किसी भी टिप्पणी से ज़्यादा ज़ोर से बोलती है। वह व्यक्ति जिसने कभी विजय के साथ ब्लॉकबस्टर पोस्टर साझा किए थे, अब हर किसी की तरह देखता है कि उसका साथी तमिलनाडु की राजनीतिक कहानी को फिर से लिख रहा है। संख्याएँ झूठ नहीं बोलतीं: विधानसभा एकमात्र ऐसी जगह नहीं थी जहां विजय ने प्रभाव डाला। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर उनके पद संभालने के बाद आश्चर्यजनक वृद्धि देखी गई – 9 मई को 4.56 लाख फॉलोअर्स से बढ़कर 11 मई तक 1.9 मिलियन हो गए, जो कि केवल 48 घंटों में लगभग पांच गुना बढ़ गया। विजय के शपथ ग्रहण समारोह की रील को एक घंटे में 12 मिलियन बार देखा गया – यह संख्या एक सुपरस्टार की प्रशंसक संख्या और एक मुख्यमंत्री के सार्वजनिक जनादेश के बीच की रेखा को धुंधला कर देती है।







