Sunday, 27 Sep 2026 | 09:07 AM

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वर्ल्ड अपडेट्स:बंगाल चुनाव में जीत पर नॉर्वे के पूर्व मंत्री बोले- क्या शानदार बदला लिया है, PM मोदी की तारीफ की

वर्ल्ड अपडेट्स:बंगाल चुनाव में जीत पर नॉर्वे के पूर्व मंत्री बोले- क्या शानदार बदला लिया है, PM मोदी की तारीफ की

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में BJP की ऐतिहासिक जीत के बाद नॉर्वे के पूर्व मंत्री और राजनयिक एरिक सोल्हेम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ करते हुए कहा कि क्या शानदार बदला लिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सोलहेम ने 2024 लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि तब पश्चिमी मीडिया ने BJP के बहुमत से नीचे रहने को मोदी युग के अंत की शुरुआत बताया था। लेकिन उसके बाद पार्टी ने ओडिशा, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार, असम और अब पश्चिम बंगाल में जीत दर्ज की, क्या शानदार बदला है। उन्होंने ये भी कहा कि पश्चिम बंगाल जैसे 10 करोड़ की आबादी वाले राज्य में 90% से ज्यादा वोटिंग होना बताता है कि भारत में लोकतंत्र कितना मजबूत है। यूरोप और अमेरिका के कई चुनावों में इतनी भागीदारी देखने को नहीं मिलती। भारत का लोकतंत्र दुनिया के लिए मिसाल है और पश्चिमी देशों को इसे समझने की जरूरत है। तमिलनाडु चुनाव पर भी सोलहेम ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी TVK के प्रदर्शन को राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव बताया।

पहली बार भारत आएगी जिम्बाब्वे महिला क्रिकेट टीम:अक्टूबर में 3 वनडे और 3 टी-20 मैचों की सीरीज खेली जाएगी; यह पहली बाइलेटरल सीरीज

पहली बार भारत आएगी जिम्बाब्वे महिला क्रिकेट टीम:अक्टूबर में 3 वनडे और 3 टी-20 मैचों की सीरीज खेली जाएगी; यह पहली बाइलेटरल सीरीज

भारतीय महिला क्रिकेट टीम और जिम्बाब्वे के बीच अक्टूबर में तीन वनडे और तीन टी-20 मैचों की सीरीज खेली जाएगी। पहली बार जिम्बाब्वे की महिला टीम भारत दौरे पर आएगी। दोनों देशों के बीच अब तक कोई बाइलेटरल इंटरनेशनल सीरीज नहीं हुई है। इतिहास में पहली बार आमने-सामने होंगी दोनों टीमें क्रिकेट इतिहास में पहली बार भारत और जिम्बाब्वे की महिला टीमें किसी इंटरनेशनल फिक्स्चर में आमने-सामने होंगी। अब तक दोनों टीमों के मुकाबले केवल ICC टूर्नामेंट्स या क्वालीफायर्स तक सीमित थे। बाइलेटरल सीरीज के रूप में यह नई शुरुआत होगी। BCCI और जिम्बाब्वे क्रिकेट ने इस सीरीज के जरिए महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने की दिशा में कदम बढ़ाया है। दौरे की शुरुआत टी-20 सीरीज से शेड्यूल के मुताबिक दौरे की शुरुआत टी-20 सीरीज से हो सकती है, जिसके बाद वनडे सीरीज खेली जाएगी। इंडिया विमेंस टीम के लिए यह सीरीज बेंच स्ट्रेंथ आजमाने और युवा खिलाड़ियों को मौका देने का अच्छा मौका होगी। भारत ने भी अब तक जिम्बाब्वे का दौरा नहीं किया रिकॉर्ड्स के अनुसार, इंडिया विमेंस टीम ने भी अब तक बाइलेटरल सीरीज के लिए जिम्बाब्वे का दौरा नहीं किया है। पुरुष क्रिकेट में दोनों देशों के बीच नियमित मैच होते हैं, लेकिन महिला क्रिकेट में यह पहली बाइलेटरल सीरीज होगी। जिम्बाब्वे विमेंस टीम के लिए भारत में खेलना बड़ा अनुभव होगा। टी-20 चैंपियंस ट्रॉफी की तैयारी के लिए अहम अक्टूबर में होने वाली यह सीरीज इंडिया विमेंस टीम के लिए अहम मानी जा रही है। आने वाले ICC टूर्नामेंट्स को देखते हुए BCCI ज्यादा बाइलेटरल सीरीज आयोजित कर रहा है। 2027 में श्रीलंका में वुमेन टी-20 चैंपियंस ट्रॉफी होनी है। जिम्बाब्वे के खिलाफ यह सीरीज भारतीय खिलाड़ियों को लय बनाए रखने और रैंकिंग सुधारने का मौका देगी। मैच के वेन्यू और तारीखों का ऐलान जल्द हो सकता है।

पहली बार भारत आएगी जिम्बाब्वे महिला क्रिकेट टीम:अक्टूबर में 3 वनडे और 3 टी-20 मैचों की सीरीज खेली जाएगी; यह पहली बाइलेटरल सीरीज

पहली बार भारत आएगी जिम्बाब्वे महिला क्रिकेट टीम:अक्टूबर में 3 वनडे और 3 टी-20 मैचों की सीरीज खेली जाएगी; यह पहली बाइलेटरल सीरीज

भारतीय महिला क्रिकेट टीम और जिम्बाब्वे के बीच अक्टूबर में तीन वनडे और तीन टी-20 मैचों की सीरीज खेली जाएगी। पहली बार जिम्बाब्वे की महिला टीम भारत दौरे पर आएगी। दोनों देशों के बीच अब तक कोई बाइलेटरल इंटरनेशनल सीरीज नहीं हुई है। इतिहास में पहली बार आमने-सामने होंगी दोनों टीमें क्रिकेट इतिहास में पहली बार भारत और जिम्बाब्वे की महिला टीमें किसी इंटरनेशनल फिक्स्चर में आमने-सामने होंगी। अब तक दोनों टीमों के मुकाबले केवल ICC टूर्नामेंट्स या क्वालीफायर्स तक सीमित थे। बाइलेटरल सीरीज के रूप में यह नई शुरुआत होगी। BCCI और जिम्बाब्वे क्रिकेट ने इस सीरीज के जरिए महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने की दिशा में कदम बढ़ाया है। दौरे की शुरुआत टी-20 सीरीज से शेड्यूल के मुताबिक दौरे की शुरुआत टी-20 सीरीज से हो सकती है, जिसके बाद वनडे सीरीज खेली जाएगी। इंडिया विमेंस टीम के लिए यह सीरीज बेंच स्ट्रेंथ आजमाने और युवा खिलाड़ियों को मौका देने का अच्छा मौका होगी। भारत ने भी अब तक जिम्बाब्वे का दौरा नहीं किया रिकॉर्ड्स के अनुसार, इंडिया विमेंस टीम ने भी अब तक बाइलेटरल सीरीज के लिए जिम्बाब्वे का दौरा नहीं किया है। पुरुष क्रिकेट में दोनों देशों के बीच नियमित मैच होते हैं, लेकिन महिला क्रिकेट में यह पहली बाइलेटरल सीरीज होगी। जिम्बाब्वे विमेंस टीम के लिए भारत में खेलना बड़ा अनुभव होगा। टी-20 चैंपियंस ट्रॉफी की तैयारी के लिए अहम अक्टूबर में होने वाली यह सीरीज इंडिया विमेंस टीम के लिए अहम मानी जा रही है। आने वाले ICC टूर्नामेंट्स को देखते हुए BCCI ज्यादा बाइलेटरल सीरीज आयोजित कर रहा है। 2027 में श्रीलंका में वुमेन टी-20 चैंपियंस ट्रॉफी होनी है। जिम्बाब्वे के खिलाफ यह सीरीज भारतीय खिलाड़ियों को लय बनाए रखने और रैंकिंग सुधारने का मौका देगी। मैच के वेन्यू और तारीखों का ऐलान जल्द हो सकता है।

अमेरिका-ईरान जंग 24 घंटे में खत्म हो सकती है:ट्रम्प बोले- तेहरान परमाणु हथियार नहीं रखने को तैयार, ईरान ने कहा- अभी फैसला नहीं हुआ

अमेरिका-ईरान जंग 24 घंटे में खत्म हो सकती है:ट्रम्प बोले- तेहरान परमाणु हथियार नहीं रखने को तैयार, ईरान ने कहा- अभी फैसला नहीं हुआ

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि वे अमेरिका के साथ जंग रोकने और परमाणु प्रोग्राम से जुड़े समझौते के बेहद करीब पहुंच गए हैं। साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर बातचीत विफल होती है तो बमबारी फिर शुरू की जा सकती है। इससे पहले बुधवार को अमेरिकी वेबसाइट एक्सियोस की रिपोर्ट में बताया गया था कि ईरान 48 घंटे के भीतर सीजफायर को लेकर सहमति दे सकता है। हालांकि ईरान ने इसे लेकर कोई साफ जवाब नहीं दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा कि समझौते के करीब होने की खबरों को बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया बताया। उन्होंने कहा कि हमने प्रस्ताव पर जवाब नहीं दिया है, हालांकि पाकिस्तान के जरिए बातचीत जारी है। ईरान की मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अमेरिकी प्रस्ताव में कुछ ऐसी शर्तें हैं जो स्वीकार नहीं की जा सकतीं, लेकिन यह साफ नहीं किया गया कि वे कौन सी शर्तें हैं। ईरानी संसद की विदेश मामलों की समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रेजई ने इसे ‘अमेरिका की विशलिस्ट’ बताया है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… अमेरिका-ईरान समझौता आगे बढ़ा: रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों के बीच 14 पॉइंट वाला समझौता (MOU) तैयार है। हालांकि अभी यह फाइनल नहीं हुआ है, लेकिन बातचीत पहले से ज्यादा आगे बढ़ चुकी है। अमेरिका ने UNSC में प्रस्ताव पेश किया: अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बहाल कराने के लिए UNSC में नया प्रस्ताव पेश किया है। दूसरी तरफ ईरान ने सदस्य देशों से इस प्रस्ताव को खारिज करने की अपील की। चीन-ईरान के बीच बैठक: चीन और ईरान के बीच बीजिंग में हाई-लेवल बैठक हुई। चीन ने युद्ध तुरंत रोकने की बात कही और ईरान को समर्थन का भरोसा दिया। वहीं ईरान चाहता है कि ट्रम्प की चीन यात्रा के दौरान बीजिंग अमेरिका के दबाव में कोई ऐसा फैसला न ले जिससे तेहरान को नुकसान हो। ट्रम्प बोले- स्थिति कंट्रोल में है: ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान की नौसेना, वायुसेना, मिसाइल सिस्टम और रडार नेटवर्क को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि स्थिति हमारे कंट्रोल में है और अगर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका पहले से बड़े हमले करेगा। होर्मुज में फ्रांसीसी जहाज पर हमला: फ्रांस की शिपिंग कंपनी CMA CGM ने बताया कि उसके एक कार्गो जहाज पर मिसाइल या ड्रोन से हमला हुआ, जिसमें कुछ क्रू मेंबर घायल हो गए। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

पंजाब में चुनाव से पहले धमाकों का ट्रेंड पुराना:2 बार के चुनावों में ब्लास्ट हुआ तो सरकार बदल गई; क्या AAP को भी नुकसान होगा

पंजाब में चुनाव से पहले धमाकों का ट्रेंड पुराना:2 बार के चुनावों में ब्लास्ट हुआ तो सरकार बदल गई; क्या AAP को भी नुकसान होगा

ये BJP का स्टाइल है। चुनाव वाले स्टेट में ब्लास्ट और दंगे करा दो। BJP की पंजाब इलेक्शन की तैयारी है। BJP पंजाबियों को डराकर वोट लेना चाहती है पंजाब में मंगलवार रात जालंधर BSF हेडक्वार्टर और अमृतसर आर्मी कैंप के बाहर 3 घंटे में 2 ब्लास्ट के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार चला रहे CM भगवंत मान ने यह बयान दिया। इससे BJP पंजाब से लेकर दिल्ली तक एग्रेसिव मोड में आ गई। केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्‌टू ने तो यहां तक चैलेंज कर दिया कि अगर ब्लास्ट BJP ने कराए तो मुझ पर FIR कर दो। AAP छोड़कर BJP जॉइन करने वाले पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्‌ढा भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने कहा- पंजाब के DGP कह रहे कि ब्लास्ट में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी का हाथ हो सकता है तो CM भगवंत मान को PAK को क्लीन चिट देने की इतनी जल्दी क्यों है। ISI की गोद में बैठने क्यों जा रहे हैं। इन्हें लॉ एंड ऑर्डर पर ध्यान देना चाहिए। पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव हैं। चुनाव से पहले ब्लास्ट होने का यह ट्रेंड नया नहीं है। 2017 और 2022 में भी चुनाव से पहले ब्लास्ट हुए। दोनों बार पंजाब की सरकार बदल गई। तब भी कमजोर लॉ एंड ऑर्डर को लेकर सरकार के खिलाफ नैरेटिव बिल्ड कर सत्ता विरोधी लहर तैयार करने में ब्लास्ट अहम साबित हुए। पंजाब में चुनाव से पहले कब-कब ब्लास्ट हुए, किस पार्टी की सरकार बदली और किसे फायदा हुआ, ब्लास्ट से मौजूदा सरकार को क्या नुकसान, ये जानने के लिए पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पहले जानिए, पिछले 2 विधानसभा चुनाव में ब्लास्ट के बाद कैसे बदली सरकारें 2017: वोटिंग 4 दिन पहले धमाका, अकाली दल 10 साल बाद सत्ता से बाहर पंजाब में 2007 से लेकर 2017 तक अकाली दल+भाजपा गठबंधन की सरकार रही। 4 फरवरी को पंजाब में वोटिंग होनी थी। इसके ठीक 4 दिन पहले 31 जनवरी को बठिंडा के मौड़ मंडी कस्बे में कार में ब्लास्ट हो गया। जहां ब्लास्ट हुआ, वहां अकाली+भाजपा गठबंधन की रैली थी। इस ब्लास्ट में 3 बच्चों समेत 7 लोगों की मौत हुई। ब्लास्ट से पंजाब की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए। कांग्रेस ने एग्रेसिव ढंग से मामला उठाया। इसका लाभ कांग्रेस को मिला और वह कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुआई में 117 में से 77 सीटें जीतकर सत्ता में आ गई। अकाली दल को सिर्फ 15 सीटें मिलीं और वह विपक्षी दल के लायक भी नहीं रहा। तब 20 सीटें जीतकर AAP प्रमुख विपक्षी दल बना। हालांकि उस वक्त अकाली दल के खिलाफ श्री गुरू ग्रंथ साहिब की बेअदबी और उससे जुड़े गोलीकांड से भी माहौल बना हुआ था। 2022: चुनाव आचार संहिता से 16 दिन पहले ब्लास्ट, AAP सत्ता में आई साल 2022 में विधानसभा चुनाव से पहले फिर ब्लास्ट हुआ। तब आचार संहिता लगने ही वाली थी कि 23 दिसंबर 2021 को लुधियाना कोर्ट कॉम्लैक्स में IED ब्लास्ट हो गया। इसके 16 दिन बाद 8 जनवरी 2022 को चुनाव आचार संहिता लागू हो गई। मगर, उससे पहले ही तत्कालीन कांग्रेस सरकार के CM चरणजीत चन्नी लॉ एंड ऑर्डर को लेकर घिर गई। ये मुद्दा पंजाब से निकलकर नेशनल लेवल तक पहुंच गया। चन्नी को CM बने महज 3 महीने ही हुए थे तो उनके पास इसे काउंटर करने के लिए पर्याप्त मौका नहीं था। ऐसे में जब 20 फरवरी को वोटिंग हुई तो पंजाबियों ने पंजाब की पारंपरिक पार्टियों अकाली दल के बाद कांग्रेस से भी भरोसा खो दिया। 10 मार्च 2022 को जब काउंटिंग हुई तो आम आदमी पार्टी (AAP) ने लैंडस्लाइड विक्ट्री हासिल करते हुए 117 में से 92 सीटें जीत लीं। कांग्रेस महज 18 सीटों पर सिमट गई थी। हालांकि तब पंजाब में बदलाव और अकाली-कांग्रेस छोड़ दूसरी पार्टी को एक मौका देने का भी माहौल बना था। जो बंपर जीत की बड़ी वजह बना। इस बार चुनाव से पहले 5 महीने में 5 ब्लास्ट, सत्ता में AAP पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं। इसके लिए चुनाव आचार संहिता इसी साल के अंत या फिर 2027 के शुरूआती महीनों में लग सकता है क्योंकि इस सरकार का कार्यकाल मार्च 2027 में खत्म होना है। इससे पहले ही 5 महीने में 5 ब्लास्ट हो चुके हैं। पहले चंडीगढ़ में पंजाब BJP के हेडक्वार्टर में ब्लास्ट हुआ। फिर अमृतसर के भिंडी सैदां, उसके बाद राजपुरा में रेलवे ट्रैक पर ब्लास्ट हुआ। उसके बाद मंगलवार रात पहले जालंधर में BJP हेडक्वार्टर और फिर अमृतसर में आर्मी कैंप के पास ब्लास्ट हुए। DGP गौरव यादव ने इनके IED ब्लास्ट का शक जताया। ब्लास्ट होते ही विरोधी दलों BJP, कांग्रेस और अकाली दल ने खराब लॉ एंड ऑर्डर पर ही सवाल उठाए। चुनाव से पहले धमाकों के इलेक्शन पर 3 बड़े इंपैक्ट धमाकों का नैरेटिव कैसे तोड़ेगी AAP पिछले चुनावों से समझ आता है कि चुनाव से पहले धमाके मौजूदा सरकार की कुर्सी के लिए खतरा हैं। यही बैचेनी CM भगवंत मान के बयानों से भी नजर आती है। पॉलिटिकल एक्सपर्ट प्रो. केके रत्तू मानते हैं कि विरोधी दल AAP सरकार चुनाव से पहले माइनिंग से कमाई, ड्रग्स जैसे कई मुद्दों पर घेर रहे हैं। ऐसे में सीधे लॉ एंड ऑर्डर को लेकर चिंता हुई तो वोटरों के AAP से छिटकने का खतरा बढ़ेगा। खासकर, शहरी एरिया में, जहां लोग अपने कारोबार पर निर्भर हैं। AAP इस नैरेटिव को तोड़ने के लिए मुफ्त बिजली, अच्छी शिक्षा, 10 लाख तक कैशलेस इलाज, नहरी पानी, टोल बंद करने और महिलाओं को 1 हजार रुपए महीना जैसे फायदे गिनाएगी। हालांकि अगर वोटर के मन में लॉ एंड ऑर्डर का डर बैठ गया तो फिर ये सारे फायदे पीछे छूट जाएंगे। यही वजह है कि CM ने इसे बहुत एग्रेसिव ढंग से काउंटर करने की कोशिश की है।

भारत- पहली बार 50 हजार जवानों की अलग ड्रोन फोर्स:BSF और ITBP में भी बनेंगी, किसी भी सैन्य हमले में सबसे पहले यही प्रहार करेंगी

भारत- पहली बार 50 हजार जवानों की अलग ड्रोन फोर्स:BSF और ITBP में भी बनेंगी, किसी भी सैन्य हमले में सबसे पहले यही प्रहार करेंगी

ऑपरेशन सिंदूर और वैश्विक युद्धों (रूस-यूक्रेन व पश्चिम एशिया) से सबक लेते हुए भारतीय रक्षा प्रतिष्ठान ने एक ‘ड्रोन फोर्स’ बनाने का निर्णय लिया है। यह फोर्स किसी भी सैन्य कार्रवाई में ‘फर्स्ट रेस्पोंडर’ (पहली जवाबी कार्रवाई) के तौर पर तैनात की जाएगी। इसे डेटा और कॉग्निटिव वारफेयर फोर्स का तकनीकी समर्थन होगा। इंटीग्रेटेड रक्षा मुख्यालय के अनुसार इस फोर्स के लिए अभी 50 हजार सैन्य कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। अगले 3 साल में 15 नए ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ बनाए जाएंगे। यहां सिम्युलेटर और वर्चुअल रियलिटी के जरिए रीयल-टाइम बैटल ट्रेनिंग दी जाएगी। भविष्य में बीएसएफ और आईटीबीपी जैसे सुरक्षा बलों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। यह फोर्स इंटेलिजेंस, सर्विलांस और सटीक प्रहार की दोहरी भूमिका निभाएगी। इस तंत्र को वायुसेना के इंटीग्रेटेड एयर कमांड और सेना के ‘आकाशतीर’ सिस्टम का कवच मिलेगा। डिफेंस ईकोसिस्टम भी नया, तीनों सेनाएं एक ऑपरेशन सिंदूर के बाद से भारत ने खुद को रक्षा उत्पादन में काफी मजबूत किया है। यह 1.54 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। तीनों सेनाओं की थिएटर कमान बन रही है। दुश्मन के सस्ते ड्रोन्स से निपटने के लिए अब किफायती ‘सॉफ्ट किल’ (जैमिंग/स्पूफिंग) और ‘हार्ड किल’ (लेजर-आधारित डायरेक्टेड एनर्जी वेपन) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। बता दें कि ड्रोन फोर्स का विचार पिछले साल तब आया, जब पाकिस्तान ने 1,000 ड्रोन्स से हमला किया। उसका मकसद हमारे एयर डिफेंस गैप्स को समझना और महंगे मिसाइल डिफेंस सिस्टम को सस्ते ड्रोन्स के जरिए आर्थिक नुकसान पहुंचाना था। हर फौजी के पास होगा अपना ड्रोन सेना की योजना इस ड्रोन फोर्स के हर जवान को ड्रोन चलाने की बेसिक ट्रेनिंग देने की है। लक्ष्य यह है कि युद्ध के मैदान में हर फौजी के पास अपना ड्रोन हो। इसके अलावा, सेना की प्रत्येक कोर में 8,000 ड्रोन्स शामिल करने की योजना है, जिससे एक लाख ड्रोन्स की विशाल शक्ति तैयार होगी। हमारे हथियार:- इस साल 120 डिफेंस स्टार्टअप खुले ​ 20 नई कंपनियां सिर्फ ड्रोन, एआई, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर में एक्टिव हैं। इनकी मदद 16 हजार एमएसएमई कर रहे हैं। 7.85 लाख करोड़ के रक्षा बजट का 75% हिस्सा भारत में ही खर्च हो रहा। जबकि इस एक साल में भारत का कुल रक्षा आयात 11 से 15% घटा है। हमारा कौशल:- ड्रोन के ‘दिल-दिमाग’ भी यहीं बन रहे, मिसाइल का दिल यानी सीकर्स (अहम सेंसर) और दिमाग यानी इंजन। इन्हें भारतीय कंपनियां पीटीसी इंडस्ट्रीज, डेटा पैटर्न्स और सोलर इंडस्ट्रीज बना रहे हैं। पहले ये हिस्से रूस से मिलते थे। 2015 में ब्रह्मोस मिसाइल के 15% पुर्जे स्वदेशी थे, आज 72% हैं। मिसाइलों का मेंटेनेंस भारत में ही होगा इधर यूरोपीय रक्षा दिग्गज कंपनी एमबीडीए के साथ भारतीय वायुसेना का एक अहम समझौता हुआ है। समझौते के तहत राफेल लड़ाकू विमान में लगने वाली मीका एयर टू एयर मिसाइलों का रखरखाव अब भारत में ही वायुसेना करेगी। इसके लिए देश में इनके ‘मेंटेनेंस, रिपेयर, मिड लाइफ ओवरहॉल’ की सुविधा तैयार की जाएगी। यह कदम भारत द्वारा प्रस्तावित 114 अतिरिक्त मल्टीरोल लड़ाकू विमानों के अधिग्रहण से ठीक पहले उठाया गया है। बता दें कि यह 60-80 किमी रेंज की छोटी से मध्यम दूरी वाली मिसाइल है। इसे राफेल विमानों में बियॉन्ड-विजुअल-रेंज (दृश्य सीमा से परे) और क्लोज-कॉम्बैट (नजदीकी डॉगफाइट) दोनों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे ड्रोन जो जाम नहीं होंगे और बिना जीपीएस चलेंगे एयर कमोडोर गौरव एम त्रिपाठी (रिटायर्ड) के मुताबिक भविष्य के ऑपरेशन मल्टी-डोमेन होंगे। ‘अंतरिक्ष से समुद्र’ तक। इसमें कम्युनिकेशन ‘चेन’ नहीं, बल्कि एक साथ चलने वाला ‘वेब’ होगा। त्रिपाठी ने बताया कि इसके अलावा, अगली बार हमारा सामना ‘हार्डन्ड’ ड्रोन से हो सकता है, जिन्हें जाम करना मुश्किल होगा, जिनमें बेहतर नेविगेशन, जीपीएस के बिना काम करने की क्षमता, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल होमिंग और झुंड में हमला करने की ताकत होगी। इसके लिए हमें एंटी-ड्रोन क्षमता का दायरा सभी अहम ठिकानों तक बढ़ाना होगा। कम्युनिकेशन सिस्टम को इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, साइबर वॉरफेयर के खिलाफ मजबूत बनाना होगा। ………….. यह खबर भी पढ़ें… भारत रूस से 5 S-400 सुदर्शन डिफेंस सिस्टम खरीदेगा: पाकिस्तान-चीन सीमा पर तैनात किया जाएगा; वायुसेना ने इसे ऑपरेशन सिंदूर में गेम चेंजर बताया था भारत रूस से 5 नए S-400 ‘सुदर्शन’ एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने की तैयारी में है। रक्षा मंत्रालय जल्द ही वायुसेना के प्रस्ताव को मंजूरी के लिए आगे बढ़ाएगा। न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के आधार पर सोमवार को बताया कि पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान S-400 सिस्टम के प्रदर्शन के बाद और खरीदने का निर्णय लिया गया है। पूरी खबर पढ़ें…

IPL में आज लखनऊ Vs बेंगलुरु:पिछले मैच में 155 पर सिमट गई थी बेंगलुरु; हार का सिलसिला तोड़ने की उतरेगी LSG

IPL में आज लखनऊ Vs बेंगलुरु:पिछले मैच में 155 पर सिमट गई थी बेंगलुरु; हार का सिलसिला तोड़ने की उतरेगी LSG

IPL में आज रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का सामना लखनऊ सुपर जायंट्स से होगा। मैच लखनऊ के इकाना स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। पॉइंट्स टेबल में दूसरे नंबर पर मौजूद RCB को पिछले मैच में गुजरात टाइटंस से 4 विकेट से हार मिली थी। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु यह मैच जीतकर प्लेऑफ की रेस में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेगी। वहीं, लगातार 6 हार के बाद पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे पहुंच चुकी लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए यह मुकाबला साख बचाने जैसा होगा। इकाना में बेंगलुरु को नहीं हरा सकी है लखनऊ अभी तक दोनों टीमों के बीच IPL में 7 मुकाबले हुए हैं। लखनऊ सुपर जायंट्स ने 2 और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 5 मैच जीते हैं। इस सीजन में दोनों के बीच यह दूसरा मुकाबला है। बेंगलुरु में खेले गए पहले मैच में RCB ने लखनऊ को 5 विकेट से हराया था। पिछले सीजन में दोनों के बीच एक मैच हुआ था, जिसे बेंगलुरु ने जीता था। दोनों टीमें इकाना में दो बार भिड़ीं है और दोनों बार बेंगलुरु जीती है। दूसरे नंबर पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, लेकिन 4 टीमें बराबरी पर RCB 12 अंकों के साथ पॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर है। हालांकि, तीन अन्य टीमों के भी 12-12 अंक हैं। गुजरात टाइटंस से मिली हार के बाद बेंगलुरु का नेट रन रेट प्रभावित हुआ है, जिसे टीम सुधारना चाहेगी। दूसरी ओर, लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए टूर्नामेंट लगभग खत्म हो चुका है, लेकिन ऋषभपंत की कप्तानी वाली टीम बेंगलुरु का खेल बिगाड़ सकती है। लखनऊ सुपर जायंट्स की मुश्किल, न कप्तान चल रहे हैं न विदेशी सितारे लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए यह सीजन निराशाजनक रहा है। मिचेल मार्श, एडन मार्करम और निकोलस पूरन लगातार संघर्ष कर रहे हैं। कप्तान ऋषभपंत की फॉर्म पर भी सवाल हैं। बैटिंग ऑर्डर में लगातार बदलाव की रणनीति टीम पर भारी पड़ी है। अब उनका सामना भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड जैसे अनुभवी गेंदबाजों से होगा, जिन्होंने दिल्ली कैपिटल्स को 75 रन पर समेट दिया था। लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए गेंदबाजी में प्रिंस यादव (13 विकेट) और मोहसिन खान (10 विकेट) ही सफल रहे हैं। मोहम्मद शमी की खराब फॉर्म और डेथ ओवर्स में रन रोकने में नाकामी टीम की सबसे बड़ी कमजोरी रही है। विराट कोहली फॉर्म में, लेकिन फिल सॉल्ट की चोट ने बढ़ाई चिंता RCB की बल्लेबाजी इस सीजन में आक्रामक रही है। विराट कोहली 379 रन के साथ टीम के टॉप रन स्कोरर हैं। पिछले मैच में टीम की बल्लेबाजी बिखर गई थी। स्कोर 79/2 से 96/6 हो गया और पूरी टीम 155 रन पर सिमट गई। टीम के लिए ओपनर फिल सॉल्ट की उंगली की चोट बड़ा झटका है। उनकी गैरमौजूदगी में जैकब बेथेल पर विराट कोहली के साथ तेज शुरुआत दिलाने की जिम्मेदारी होगी। कप्तान रजत पाटीदार और देवदत्त पडिक्कल से भी मध्यक्रम में बड़े स्कोर की उम्मीद है। वहीं, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के पास अनुभवी तेज गेंदबाजी आक्रमण है। भुवनेश्वर कुमार नई गेंद से विकेट निकाल रहे हैं, जबकि जोश हेजलवुड का सटीक स्पेल बल्लेबाजों को बांधे रखता है। स्पिन में क्रुणाल पंड्या 9 विकेट लेकर प्रभावशाली रहे हैं। इकाना में अब तक 26 मैच खेले गए लखनऊ के इकाना स्टेडियम की पिच पर स्पिनर्स को मदद मिलने की उम्मीद है। यहां अब तक कुल 26 IPL मैच खेले गए। 10 मैच में पहले बैटिंग और 14 में चेज करने वाली टीमों को जीत मिली। एक मैच बेनतीजा भी रहा। जबकि एक मैच का फैसला सुपर ओवर में हुआ है। यहां IPL का सबसे बड़ा स्कोर कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के नाम है, जिन्होंने 2024 में लखनऊ के खिलाफ 235/6 रन बनाए थे। वहीं, सबसे छोटा स्कोर लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के नाम दर्ज है, जब वे 2023 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ महज 108 रन पर सिमट गए थे। लखनऊ में बारिश की 25% आशंका लखनऊ में आज आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर या शाम में हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की 25% संभावना है। अधिकतम तापमान 31 से 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 से 27 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-XI रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: रजत पाटीदार (कप्तान), विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, जैकब बेथेल, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, सुयश शर्मा, रोमारियो शेफर्ड। लखनऊ सुपर जाइंट्स: ऋषभ पंत (कप्तान और विकेटकीपर), निकोलस पूरन, मिचेल मार्श, एडन मार्करम, आयुष बडोनी, मोहम्मद शमी, मोहसिन खान, प्रिंस यादव, आवेश खान, शाहबाज अहमद, अब्दुल समद।

IPL में आज लखनऊ Vs बेंगलुरु:पिछले मैच में 155 पर सिमट गई थी बेंगलुरु; हार का सिलसिला तोड़ने की उतरेगी LSG

IPL में आज लखनऊ Vs बेंगलुरु:पिछले मैच में 155 पर सिमट गई थी बेंगलुरु; हार का सिलसिला तोड़ने की उतरेगी LSG

IPL में आज रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का सामना लखनऊ सुपर जायंट्स से होगा। मैच लखनऊ के इकाना स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। पॉइंट्स टेबल में दूसरे नंबर पर मौजूद RCB को पिछले मैच में गुजरात टाइटंस से 4 विकेट से हार मिली थी। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु यह मैच जीतकर प्लेऑफ की रेस में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेगी। वहीं, लगातार 6 हार के बाद पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे पहुंच चुकी लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए यह मुकाबला साख बचाने जैसा होगा। इकाना में बेंगलुरु को नहीं हरा सकी है लखनऊ अभी तक दोनों टीमों के बीच IPL में 7 मुकाबले हुए हैं। लखनऊ सुपर जायंट्स ने 2 और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 5 मैच जीते हैं। इस सीजन में दोनों के बीच यह दूसरा मुकाबला है। बेंगलुरु में खेले गए पहले मैच में RCB ने लखनऊ को 5 विकेट से हराया था। पिछले सीजन में दोनों के बीच एक मैच हुआ था, जिसे बेंगलुरु ने जीता था। दोनों टीमें इकाना में दो बार भिड़ीं है और दोनों बार बेंगलुरु जीती है। दूसरे नंबर पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, लेकिन 4 टीमें बराबरी पर RCB 12 अंकों के साथ पॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर है। हालांकि, तीन अन्य टीमों के भी 12-12 अंक हैं। गुजरात टाइटंस से मिली हार के बाद बेंगलुरु का नेट रन रेट प्रभावित हुआ है, जिसे टीम सुधारना चाहेगी। दूसरी ओर, लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए टूर्नामेंट लगभग खत्म हो चुका है, लेकिन ऋषभपंत की कप्तानी वाली टीम बेंगलुरु का खेल बिगाड़ सकती है। लखनऊ सुपर जायंट्स की मुश्किल, न कप्तान चल रहे हैं न विदेशी सितारे लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए यह सीजन निराशाजनक रहा है। मिचेल मार्श, एडन मार्करम और निकोलस पूरन लगातार संघर्ष कर रहे हैं। कप्तान ऋषभपंत की फॉर्म पर भी सवाल हैं। बैटिंग ऑर्डर में लगातार बदलाव की रणनीति टीम पर भारी पड़ी है। अब उनका सामना भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड जैसे अनुभवी गेंदबाजों से होगा, जिन्होंने दिल्ली कैपिटल्स को 75 रन पर समेट दिया था। लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए गेंदबाजी में प्रिंस यादव (13 विकेट) और मोहसिन खान (10 विकेट) ही सफल रहे हैं। मोहम्मद शमी की खराब फॉर्म और डेथ ओवर्स में रन रोकने में नाकामी टीम की सबसे बड़ी कमजोरी रही है। विराट कोहली फॉर्म में, लेकिन फिल सॉल्ट की चोट ने बढ़ाई चिंता RCB की बल्लेबाजी इस सीजन में आक्रामक रही है। विराट कोहली 379 रन के साथ टीम के टॉप रन स्कोरर हैं। पिछले मैच में टीम की बल्लेबाजी बिखर गई थी। स्कोर 79/2 से 96/6 हो गया और पूरी टीम 155 रन पर सिमट गई। टीम के लिए ओपनर फिल सॉल्ट की उंगली की चोट बड़ा झटका है। उनकी गैरमौजूदगी में जैकब बेथेल पर विराट कोहली के साथ तेज शुरुआत दिलाने की जिम्मेदारी होगी। कप्तान रजत पाटीदार और देवदत्त पडिक्कल से भी मध्यक्रम में बड़े स्कोर की उम्मीद है। वहीं, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के पास अनुभवी तेज गेंदबाजी आक्रमण है। भुवनेश्वर कुमार नई गेंद से विकेट निकाल रहे हैं, जबकि जोश हेजलवुड का सटीक स्पेल बल्लेबाजों को बांधे रखता है। स्पिन में क्रुणाल पंड्या 9 विकेट लेकर प्रभावशाली रहे हैं। इकाना में अब तक 26 मैच खेले गए लखनऊ के इकाना स्टेडियम की पिच पर स्पिनर्स को मदद मिलने की उम्मीद है। यहां अब तक कुल 26 IPL मैच खेले गए। 10 मैच में पहले बैटिंग और 14 में चेज करने वाली टीमों को जीत मिली। एक मैच बेनतीजा भी रहा। जबकि एक मैच का फैसला सुपर ओवर में हुआ है। यहां IPL का सबसे बड़ा स्कोर कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के नाम है, जिन्होंने 2024 में लखनऊ के खिलाफ 235/6 रन बनाए थे। वहीं, सबसे छोटा स्कोर लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के नाम दर्ज है, जब वे 2023 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ महज 108 रन पर सिमट गए थे। लखनऊ में बारिश की 25% आशंका लखनऊ में आज आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर या शाम में हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की 25% संभावना है। अधिकतम तापमान 31 से 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 से 27 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-XI रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: रजत पाटीदार (कप्तान), विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, जैकब बेथेल, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, सुयश शर्मा, रोमारियो शेफर्ड। लखनऊ सुपर जाइंट्स: ऋषभ पंत (कप्तान और विकेटकीपर), निकोलस पूरन, मिचेल मार्श, एडन मार्करम, आयुष बडोनी, मोहम्मद शमी, मोहसिन खान, प्रिंस यादव, आवेश खान, शाहबाज अहमद, अब्दुल समद।

गर्मी में इम्यूनिटी बूस्ट करने के 5 सरल उपाय, बीमारियों से होगा बचाव

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Last Updated:May 07, 2026, 00:00 IST Summer Health Tips: गर्मी के मौसम में बीमारियों से बचाव के लिए इम्यूनिटी को बूस्ट रखना बहुत जरूरी है. यदि आपकी इम्यूनिटी कमजोर है तो आप बार-बार बीमार हो सकते हैं. ऐसे में बचाव के लिए यहां बताए गए ये 5 उपायों को करें. ख़बरें फटाफट बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम, खांसी और संक्रमण जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे समय में शरीर की इम्यूनिटी यानी रोगों से लड़ने की क्षमता को मजबूत रखना बहुत जरूरी हो जाता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, कुछ आसान आदतों को अपनाकर इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाया जा सकता है और बीमार पड़ने का खतरा कम किया जा सकता है. Ayush Department Chhattisgarh के अनुसार, मजबूत इम्यून सिस्टम शरीर को संक्रमण से बचाने में मदद करता है और स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखता है. विशेषज्ञों का कहना है कि दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय रोजमर्रा की दिनचर्या को सही करना ज्यादा फायदेमंद होता है. हालांकि, अगर किसी को कोई पुरानी बीमारी है, तो इन उपायों को अपनाने से पहले डॉक्टर या आयुष विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है. पूरी और अच्छी नींद लेंइम्यूनिटी को मजबूत रखने के लिए रोजाना 7 से 8 घंटे की गहरी नींद लेना जरूरी है. नींद के दौरान शरीर खुद की मरम्मत करता है और इम्यून सिस्टम सक्रिय होता है. अगर नींद पूरी नहीं होती, तो शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता कमजोर हो सकती है. संतुलित आहार लें और चीनी कम करेंस्वस्थ खानपान इम्यून सिस्टम की नींव है. अपने भोजन में फल, सब्जियां, दालें, अनाज, नट्स और दही शामिल करें। ये सभी विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं. वहीं, ज्यादा चीनी और जंक फूड से दूरी बनानी चाहिए, क्योंकि ये इम्यूनिटी को कमजोर करते हैं. नियमित व्यायाम करेंहर दिन 30 से 45 मिनट तक हल्का व्यायाम, योग, वॉक या एक्सरसाइज करने से शरीर की इम्यूनिटी मजबूत होती है. इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और शरीर में सूजन कम होती है. तनाव को कम करेंज्यादा तनाव लेने से इम्यून सिस्टम पर नकारात्मक असर पड़ता है. इसलिए ध्यान, प्राणायाम, संगीत सुनना या अपनी पसंद की गतिविधियों में समय बिताना फायदेमंद होता है. अच्छा मानसिक स्वास्थ्य शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है. शरीर को हाइड्रेटेड रखेंपर्याप्त पानी पीना बहुत जरूरी है. दिनभर में सही मात्रा में पानी, नींबू पानी, छाछ या हर्बल टी लेने से शरीर के टॉक्सिन बाहर निकलते हैं और कोशिकाएं बेहतर तरीके से काम करती हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

दांत दर्द हो या मसूड़ों में सूजन…गोरसपान का पत्ता चुटकियों में दिलाएगा राहत, जानिए ट्रिक

दांत दर्द हो या मसूड़ों में सूजन...गोरसपान का पत्ता चुटकियों में दिलाएगा राहत, जानिए ट्रिक

Last Updated:May 06, 2026, 22:11 IST Health Tips : गोरसपान उत्तराखंड के पहाड़ों में मिलने वाला औषधीय पौधा है, जिसे लोग दांत दर्द में राहत के लिए इस्तेमाल करते हैं. इसके पत्तों में एंटीसेप्टिक और दर्द कम करने वाले गुण होते हैं. लोकल 18 से औषधीय पौधों के जानकार पिथौरागढ़ के राम सिंह बताते हैं कि दर्द होने पर इसके पत्ते चबाने या रस लगाने से आराम मिलता है. यह सूजन और बैक्टीरिया को भी कम करता है. यह आमतौर पर घरों के आसपास, खेतों की मेड़ों या जंगल के किनारों पर उग जाता है. पहाड़ों में रहने वाले लोग इसे पहचानते भी हैं और जरूरत पड़ने पर तुरंत इसका इस्तेमाल भी कर लेते हैं. राम सिंह बताते हैं कि गोरसपान एक प्राकृतिक और सुरक्षित उपाय है, फिर भी कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. हमेशा ताजे और साफ पत्तों का ही इस्तेमाल करें, अगर दर्द बहुत ज्यादा हो या कई दिनों तक बना रहे, तो डॉक्टर से जरूर दिखाएं. इसे सिर्फ प्राथमिक राहत के लिए इस्तेमाल करें, पूरी तरह इलाज के लिए नहीं. राम सिंह बताते हैं कि कई बार दांत दर्द के साथ मसूड़ों में सूजन भी हो जाती है. गोरसपान इस स्थिति में भी काफी मददगार साबित होता है. इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन को कम करते हैं और मसूड़ों को आराम देते हैं. यह इंफेक्शन को फैलने से रोकता है, जिससे दर्द जल्दी कंट्रोल में आ जाता है. गोरसपान पहाड़ी इलाकों में आसानी से मिलने वाला एक पारंपरिक औषधीय पौधा है. यह आमतौर पर घरों के आसपास, खेतों की मेड़ों या जंगल के किनारों पर उग जाता है. पहाड़ों में रहने वाले लोग इसे पहचानते भी हैं और जरूरत पड़ने पर तुरंत इसका इस्तेमाल भी कर लेते हैं. इसे उगाने के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती, यह प्राकृतिक रूप से ही उग आता है. इसलिए इसे हर घर का “घरेलू डॉक्टर” भी कहा जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google पहाड़ों में पहले के समय में अस्पताल या दवाइयां आसानी से उपलब्ध नहीं होती थीं. ऐसे में लोग अपने आसपास मिलने वाले पौधों पर ही निर्भर रहते थे. गोरसपान भी उन्हीं में से एक है. दांत दर्द, मुंह की सूजन या हल्की चोट, इन सब में लोग इसका इस्तेमाल करते हैं. यह पौधा सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि पहाड़ी संस्कृति और परंपरा का भी हिस्सा है. गोरसपान का उपयोग कोई नया ट्रेंड नहीं है. यह सालों से पहाड़ी लोगों के जीवन का हिस्सा रहा है. दादी-नानी के समय से लोग इसे इस्तेमाल करते आए हैं और अपने अनुभव के आधार पर इसे अगली पीढ़ी को सिखाते रहे हैं. यह ज्ञान किताबों से नहीं, बल्कि अनुभव से आया है, इसलिए लोग इस पर भरोसा भी करते हैं. दांत का दर्द अचानक शुरू हो जाता है और कई बार बहुत तेज होता है. ऐसे समय में गोरसपान के पत्ते तुरंत राहत देने में मदद करते हैं. इसके अंदर ऐसे प्राकृतिक गुण होते हैं जो दर्द को धीरे-धीरे कम करते हैं. जब इसे चबाया जाता है या इसका रस लगाया जाता है, तो यह दर्द वाली जगह पर असर करता है और नसों को थोड़ा शांत करता है. गोरसपान के पत्तों में एंटीसेप्टिक, एंटी-बैक्टीरियल और दर्द निवारक गुण पाए जाते हैं. इसका मतलब यह है कि यह मुंह के अंदर मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करता है. यह सूजन को कम करता है और संक्रमण को बढ़ने से रोकता है. यही कारण है कि यह सिर्फ दर्द दबाने का काम नहीं करता, बल्कि उसकी जड़ पर भी असर डालता है. गोरसपान का उपयोग करना बहुत आसान है. सबसे पहले इसके ताजे और साफ पत्ते तोड़ लें, उन्हें अच्छे से धो लें ताकि कोई गंदगी न रहे. अब इन पत्तों को हल्का-हल्का चबाएं और रस को दांत के दर्द वाली जगह पर रहने दें, अगर चबाना मुश्किल लगे, तो पत्तों को कूटकर उसका रस निकाल लें और सीधे दर्द वाली जगह पर लगा लें. कुछ ही समय में आपको राहत महसूस होने लगेगी. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।