Thursday, 01 Oct 2026 | 11:43 PM

Trending :

EXCLUSIVE

आज का चाणक्य एग्जिट पोल 2026: तमिलनाडु में DMK की सरकार, TVK का दबदबा; केरल में लेफ्ट की हार, असम में बीजेपी की वापसी

आज का चाणक्य एग्जिट पोल 2026: तमिलनाडु में DMK की सरकार, TVK का दबदबा; केरल में लेफ्ट की हार, असम में बीजेपी की वापसी

देश के पांच राज्यों में मतदान समाप्ति के बाद सभी को 4 मई का इंतजार है। इसी दिन पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे आएंगे। ऐसे में सभी के एलोकैटिक पोल पर टिकी हुई हैं। इंडिया टुडे ने भी टुडेज चाणक्य ने एकालिट पोल जारी किया है। इससे पहले बंगाल में अंतिम चरण की वोटिंग की समाप्ति के बाद कई एजेंसियों ने अपने आंकड़े जारी किए थे। ऐसे में हम आपको केरल, असम, तमिल और पुडुचेरी से जुड़े ज़ोलोसाइट आंकड़े बता रहे हैं। असम में रिटर्न बिजनेस क्या है? असममित पोल को लेकर चाणक्य ने आंकड़े जारी किए हैं। ऐसे में जो अनुमान सामने आया है, उसमें शामिल स्मारकों की झलक दिख रही है। सर्वे में करीब 50 फीसदी वोट शेयर मीटिंग का अनुमान लगाया गया है. हालाँकि, इस बार असम में चुनाव बेहद की टक्कर का माना जा रहा था। लेकिन एक्जिट पोल के आंकड़े अलग-अलग बयान दे रहे हैं। टुडेज चाणक के अनुसार, असम विधानसभा चुनाव 2026 के डिजिटल पोल में विधायकों को बड़ी जीत के संकेत मिल रहे हैं। इन सभी में 102 यूनिट शामिल हो सकते हैं। यह स्पष्ट बहुमत का दावा कर रहे हैं। इसके अलावा कांग्रेस गठबंधन को 23 सीटें और अन्य को एक सीट मिल सकती है। केरल में यू.एस. को बढ़त, लेकिन टक्कर का मुकाबला केरल विधानसभा चुनाव की बात करें तो इस बार यहां चुनाव पर सबसे ज्यादा नजर बनी हुई है. फोस्टज चाणक के अनुसार, यू.एफ.एफ.एफ.सी. को 40, एल.एफ.एफ.एफ.सी. को 98 प्रतिशत वोट देखने को मिल रहे हैं। वहीं, बीजेपी को 20 फीसदी वोट मीटिंग का आकलन दिया गया है. वहीं, अन्य हिस्सों में 2 फीसदी वोट गिर सकते हैं. पसंदीदा की बात करें तो यू एफ एफ सी 140 में से 69 सीट पर, एल एफ एफ सी में 64 सीट पर, बीजेपी में 7 पर और अन्य के मुकाबले 0-1 पर नजर आ रही है। तमिल में टीवीके का शानदार, शिक्षकों का बहुमत तमिल की बात करें तो यहां विधानसभा चुनाव 2026 के लिए टॉचज चाणक के एलेक्टिट पोल में शिक्षक गठबंधन को स्पष्ट बहुमत दिख रहा है। शिक्षकों को 125 ग्रेड मिल सकते हैं। टीवीके एक बड़ी ताकत बनकर उभरी है। टीवीके को इस चुनाव में 63 प्रतिशत मिल सकता है. वहीं, एआईडीएमके 45 पार्टी की पार्टियां नजर आ रही हैं। साथ ही अन्य के बारे में 1 सीट मीटिंग का अनुमान है। यह भी पढ़ें एग्जिट पोल 2026: टुडेज चाणका के एग्जिट पोल में बीजेपी का तूफान, सर्वे में ममता बनर्जी के साथ हो गया ‘खेला’

छतरपुर में आंधी-बारिश से भीगा खुले में रखा अनाज:किसानों को नुकसान; अगले दो दिन और बारिश की चेतावनी

छतरपुर में आंधी-बारिश से भीगा खुले में रखा अनाज:किसानों को नुकसान; अगले दो दिन और बारिश की चेतावनी

छतरपुर जिले में गुरुवार को अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तेज आंधी और झमाझम बारिश के चलते जहां एक ओर गर्मी से राहत मिली है। दूसरी ओर खेतों और खलिहानों, मंडियों, सोसायटी, खरीदी केंद्रों में खुले में रखा अनाज भीगने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई गांवों में गेहूं सहित अन्य फसलें खुले में पड़ी थीं, जो बारिश की चपेट में आ गईं। बताया जा रहा है कि कई किसानों ने अपनी उपज मंडियों या सुरक्षित स्थानों तक नहीं पहुंचाई थी, जिसके चलते बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। किसानों का कहना है कि बेमौसम बारिश उनके लिए किसी सजा से कम नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय होने के कारण हुआ है। इसके प्रभाव से क्षेत्र में आंधी, गरज-चमक और बारिश का दौर जारी है, जो अगले एक-दो दिन और जारी रह सकता है। तापमान गिरने से गर्मा से राहत मिली बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात में तापमान गिरकर करीब 23 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि एआज गुरुवार दिन का तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले जिले में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका था, जिससे भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा था। मौसम में आई इस अचानक तब्दीली से जहां आमजन को गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों के लिए यह चिंता का कारण बन गई है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी कि वे अपनी उपज को सुरक्षित स्थानों पर रखें और मौसम को देखते हुए आवश्यक सावधानियां बरतें, ताकि नुकसान को कम किया जा सके।

दादाजी धाम मंदिर में नरसिंह भगवान की संध्या पूजा:कल मनाया जाएगा बुद्ध जन्मोत्सव, हवन व महाआरती में उमड़े श्रद्धालु

दादाजी धाम मंदिर में नरसिंह भगवान की संध्या पूजा:कल मनाया जाएगा बुद्ध जन्मोत्सव, हवन व महाआरती में उमड़े श्रद्धालु

पटेल नगर, रायसेन रोड स्थित जागृत एवं दर्शनीय तीर्थ स्थल दादाजी धाम मंदिर में गुरुवार को भगवान विष्णु के उग्र एवं करुणामय अवतार भगवान नरसिंह का संध्या काल में विशेष पूजन वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। यह पूजन उस पवित्र संधि-क्षण में किया गया, जिसे शास्त्रों में न दिन और न ही रात्रि का समय माना गया है। इस अवसर पर मंदिर परिसर में धार्मिक वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से पुरुष सूक्त और नरसिंह स्तोत्र का पाठ किया। इसके बाद हवन एवं महाआरती आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लेकर भगवान की आराधना की। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी, चतुर्दशी और पूर्णिमा तिथियां अत्यंत पुण्यदायी मानी जाती हैं, जिन्हें ‘पुष्करिणी’ कहा जाता है। मान्यता है कि इन तिथियों में अमृत प्रकट हुआ था। द्वादशी को भगवान विष्णु ने उसकी रक्षा की, त्रयोदशी को देवताओं को अमृत पान कराया, चतुर्दशी को दैत्यों का संहार किया और पूर्णिमा को देवताओं को पुनः उनका साम्राज्य प्राप्त हुआ। इसी क्रम में मंदिर के गर्भगृह परिक्रमा में विराजमान भगवान बुद्ध का जन्मोत्सव शुक्रवार को सुबह 10 बजे से पूजन, हवन और आरती के साथ मनाया जाएगा। आयोजन के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा।

नागपुर में रेडियोएक्टिव खतरे की धमकी वाली चिट्‌ठी मिली,अलर्ट:RSS मुख्यालय, मेट्रो और BJP ऑफिस में मटेरियल रखे जाने का जिक्र, जांच में कुछ नहीं मिला

नागपुर में रेडियोएक्टिव खतरे की धमकी वाली चिट्‌ठी मिली,अलर्ट:RSS मुख्यालय, मेट्रो और BJP ऑफिस में मटेरियल रखे जाने का जिक्र, जांच में कुछ नहीं मिला

नागपुर में एक अनजान चिट्ठी के बाद हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी कर दिया गया है। इस चिट्ठी में दावा किया गया कि RSS मुख्यालय,BJP ऑफिस और मेट्रो ट्रेनों में रेडियोएक्टिव मटेरियल रखा गया है। पुलिस के मुताबिक यह चिट्ठी 27 अप्रैल को पुलिस कमिश्नर डॉ. रविंदर सिंगल के ऑफिस में मिली थी। इसके बाद तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया गया। NDRF और परमाणु ऊर्जा विशेषज्ञों की मदद से सभी बताए गए स्थानों पर जांच की गई, लेकिन अब तक कोई रेडियोएक्टिव मटेरियल नहीं मिला है। इन स्थानों में रेडियोएक्टिव मटेरियल की धमकी मिली: चिट्ठी में खतरनाक रेडियोएक्टिव पदार्थ का जिक्र पुलिस को शक है कि यह चिट्ठी फर्जी हो सकती है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच जारी है। यह चिट्ठी अंग्रेजी में लिखी गई थी और खुद को DSS नाम के संगठन की बताती है। इसमें सीज़ियम-137 जैसे खतरनाक रेडियोएक्टिव पदार्थ का जिक्र किया गया था। चिट्ठी में खास तौर पर RSS मुख्यालय, स्मृति मंदिर और गणेशपेठ स्थित BJP ऑफिस का नाम लिया गया है। साथ ही दावा किया गया कि मेट्रो की ऑरेंज और एक्वा लाइन की ट्रेनों की सीटों के नीचे और इन इलाकों में चलने वाली बसों में भी यह मटेरियल रखा गया है। इसी में यह भी कहा गया कि यह रेडियोएक्टिव पदार्थ किसी कैंसर अस्पताल से लिया गया है और इससे पूरे शहर में रेडिएशन का खतरा हो सकता है। इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चिट्ठी मिलते ही सभी इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू कर दिए गए। ATS, NDRF और एक्सपर्ट टीमों ने सभी जगहों की गहन जांच की। ATS के एक अधिकारी ने कहा कि पहली नजर में यह मामला फर्जी लगता है, लेकिन जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है। चिट्ठी में हाल ही में दोसर भवन मेट्रो स्टेशन के पास मिले डेटोनेटर और जिलेटिन स्टिक का भी जिक्र किया गया है। इसमें उस घटना की जिम्मेदारी लेते हुए इसे एक “चेतावनी” बताया गया है। इस मामले में ATS की शिकायत पर सदर थाने में केस दर्ज किया गया है। RSS मुख्यालय के आसपास पहले से ही CISF और नागपुर पुलिस की सुरक्षा रहती है, जिसे अब और बढ़ा दिया गया है। एक अन्य ATS अधिकारी ने कहा कि किसी भी तरह का जोखिम नहीं लिया जा रहा है। निगरानी बढ़ा दी गई है और चिट्ठी भेजने वाले और DSS नाम के संगठन की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

नल सूखे तो सड़क पर उतरीं महिलाएं:नर्मदापुरम में नगरपालिका में फोड़े मटके, गंदगी, अधूरे निर्माण और शुद्ध पेयजल की मांग

नल सूखे तो सड़क पर उतरीं महिलाएं:नर्मदापुरम में नगरपालिका में फोड़े मटके, गंदगी, अधूरे निर्माण और शुद्ध पेयजल की मांग

भीषण गर्मी में नर्मदापुरम जिला मुख्यालय पर पीने का पानी लोगों को नहीं मिल रहा। जिसके चलते नर्मदापुरम के वार्ड नम्बर 13,14 आदर्श नगर ओर छोटी पहाड़िया क्षेत्र के लोगों ने पार्षद के साथ पहुंचकर जमकर हंगामा किया। महिलाएं मिट्टी का मटके लेकर विरोध प्रदर्शन के लिए नगरपालिका पहुंची। बीजेपी पार्षद प्रेमा पांडे और वर्षा भंडारी और पूर्व पार्षद पंकज पांडे, अतुल भंडारी ने लोगों के साथ ऑफिस के गेट पर ही धरने पर बैठ गए। महिलाओं की यह मांग नगर पालिका और सीएमओ के विरोध में नारे लगाए। महिलाओं ने ढोलक मंजीरा लेकर भजन भी गए। महिलाओं का कहना है कि भारी गर्मी में क्षेत्र के लोगों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा अधूरे सड़क, नाली निर्माण, नाली, नालों की सफाई, कचरा गाड़ी नहीं आने समेत अन्य समस्याओं को लेकर महिलाओं ने प्रदर्शन किया। कई इलाकों में नहीं हो रही जल सप्लाई महिलाओं ने कहा थोड़ा बहुत जो नल से पानी आ रहा, वह पीने योग्य नहीं है। नगरपालिका क्षेत्र के आदर्श नगर ओर छोटी पहाड़िया के निवासियों को इन दिनों पानी नहीं मिल पा रहा जिसके चलते आज क्षेत्र के लोगों ने नर्मदापुरम नगरपालिका पहुंचकर जम कर हंगामा किया और महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन के लिए घर से खाली मिट्टी के मटके नगर पालिका में फोड़े। लोगों का कहना है कि पानी के साथ क्षेत्र में बहुत सी समस्याएं हैं जिन्हें लेकर नगरपालिका में पहले भी शिकायतें दर्ज कराई है, वर्तमान में क्षेत्र के लोगों को पीने का पानी भी नसीब नहीं हो रहा, जिसके चलते आज नगर पालिका में विरोध प्रदर्शन किया गया है। नगर पालिका की उपयंत्री आयुषी रिछारिया का कहना है कि क्षेत्र के पाइप लाइन बाधित हुई है जिसे लेकर कार्य कराया गया है और पानी सप्लाई शुरू कर दी गई है।

नो शुगर ड्रिंक में जब नहीं होती चीनी तो मीठा करने के लिए क्या डाला जाता है? क्या यह फायदेमंद!

authorimg

Last Updated:April 30, 2026, 18:16 IST नो शुगर ड्रिंक्स में चीनी की जगह अलग-अलग तरह के स्वीटनर, प्राकृतिक मिठास देने वाले तत्व या फ्लेवर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है. ये सामान्य चीनी का विकल्प हो सकते हैं, लेकिन इन्हें भी समझदारी से लेना चाहिए. सबसे अच्छा विकल्प हमेशा सादा पानी, नारियल पानी या घर के हेल्दी ड्रिंक्स ही माने जाते हैं. आर्टिफिशियल स्वीटनर सेहत के लिए फायदेमंद या नुकसानदायक. आजकल बाजार में नो शुगर, जीरो शुगर और शुगर फ्री ड्रिंक्स तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं. कई लोग वजन कम करने, डायबिटीज कंट्रोल करने या कम कैलोरी लेने के लिए इन्हें चुनते हैं. लेकिन जब बोतल पर साफ लिखा होता है कि इसमें चीनी नहीं है, तब सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि फिर इसका स्वाद मीठा कैसे होता है? आखिर बिना चीनी के कोई ड्रिंक मीठी कैसे लग सकती है. इसका जवाब स्वाद बढ़ाने वाले खास तत्वों में छिपा होता है, जिन्हें कम मात्रा में मिलाकर मीठापन दिया जाता है. असल में इन ड्रिंक्स में साधारण चीनी की जगह ऐसे पदार्थ डाले जाते हैं, जो जीभ के स्वाद रिसेप्टर्स को मीठा महसूस कराते हैं. यानी शरीर को मीठा स्वाद मिलता है, लेकिन उसमें सामान्य चीनी जैसी कैलोरी या ब्लड शुगर बढ़ाने वाला असर कम या बिल्कुल नहीं होता. यही वजह है कि ये ड्रिंक्स उन लोगों के बीच लोकप्रिय हैं जो मीठा स्वाद चाहते हैं, लेकिन चीनी से बचना चाहते हैं. आर्टिफिशियल स्वीटनर क्या होते हैंकई नो शुगर ड्रिंक्स में आर्टिफिशियल स्वीटनर देने वाले तत्व मिलाए जाते हैं. इनमें एस्पार्टेम, सुक्रालोज और एसेसल्फेम पोटैशियम जैसे नाम शामिल हैं. ये सामान्य चीनी से कई गुना ज्यादा मीठे होते हैं, इसलिए बहुत कम मात्रा में ही इस्तेमाल किए जाते हैं. थोड़ी सी मात्रा में भी ये ड्रिंक को मीठा स्वाद दे देते हैं. इसी वजह से कैलोरी भी काफी कम रहती है. नेचुरल विकल्प भी होते हैंकुछ कंपनियां प्राकृतिक स्रोतों से मिलने वाली मिठास का इस्तेमाल करती हैं. जैसे स्टीविया और मोंक फ्रूट एक्सट्रैक्ट. स्टीविया एक पौधे की पत्तियों से मिलता है और यह बिना चीनी के मीठा स्वाद देता है. इसी तरह मोंक फ्रूट भी प्राकृतिक विकल्प माना जाता है. ये दोनों आमतौर पर उन लोगों को पसंद आते हैं जो आर्टिफिशियल चीजों से बचना चाहते हैं. शुगर अल्कोहल क्या हैकई जीरो शुगर या लो कार्ब ड्रिंक्स और प्रोडक्ट्स में एरिथ्रिटॉल, जाइलिटॉल जैसे तत्व मिलाए जाते हैं. इन्हें शुगर अल्कोहल कहा जाता है. ये स्वाद में मीठे होते हैं, लेकिन सामान्य चीनी की तुलना में कम कैलोरी देते हैं. हालांकि कुछ लोगों को ज्यादा मात्रा में लेने पर पेट फूलना या गैस जैसी परेशानी हो सकती है. बिना मीठा डाले भी मीठा स्वाद कैसे बढ़ता हैकुछ ड्रिंक्स में फ्लेवर एन्हांसर, एसिड्स और खुशबू वाले तत्व भी डाले जाते हैं. ये दिमाग को मीठा स्वाद ज्यादा महसूस कराने में मदद करते हैं. यानी कभी-कभी वास्तविक मिठास कम होने पर भी स्वाद मीठा लग सकता है. यह स्वाद विज्ञान का हिस्सा है. क्या ये फायदेमंद हैंअगर कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा चीनी वाले ड्रिंक्स पीता है और उसकी जगह सीमित मात्रा में नो शुगर ड्रिंक चुनता है, तो यह बेहतर विकल्प हो सकता है. इससे कैलोरी कम हो सकती है और शुगर इनटेक भी घट सकता है. खासकर वजन कंट्रोल या डायबिटीज मैनेजमेंट में कुछ लोगों को फायदा मिल सकता है. नो शुगर का मतलब यह नहीं कि आप इसे जितना चाहें उतना पी सकते हैं. ज्यादा मात्रा में लेने से मीठे स्वाद की आदत बनी रह सकती है. कुछ लोगों को कुछ स्वीटनर सूट नहीं करते. इसलिए लेबल पढ़ना जरूरी है और सीमित मात्रा में सेवन करना बेहतर है. About the Author Vividha SinghSub Editor विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 30, 2026, 18:16 IST

संजय कपूर की ₹30,000 करोड़ की संपत्ति बेचने पर रोक:करिश्मा कपूर के बच्चों का वसीयत में जालसाजी का आरोप; दिल्ली HC ने संपत्ति को फ्रीज किया

संजय कपूर की ₹30,000 करोड़ की संपत्ति बेचने पर रोक:करिश्मा कपूर के बच्चों का वसीयत में जालसाजी का आरोप; दिल्ली HC ने संपत्ति को फ्रीज किया

दिल्ली हाई कोर्ट ने एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के पूर्व पति और दिवंगत इंडस्ट्रियलिस्ट संजय कपूर की करीब 30 हजार करोड़ रुपए की संपत्ति बेचने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने संजय की संपत्तियों को सुरक्षित रखने का आदेश देते हुए उनकी तीसरी पत्नी, प्रिया सचदेवा कपूर को इन्हें बेचने रोका है। यह आदेश बॉलीवुड एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के बच्चों, कियान और समायरा की याचिका पर दिया गया है। बच्चों ने लगाया वसीयत में जालसाजी का आरोप करिश्मा कपूर के बच्चों कियान और समायरा ने कोर्ट में दावा किया है कि प्रिया सचदेवा ने उनके पिता की एक फर्जी वसीयत तैयार की है। बच्चों का आरोप है कि प्रिया ने कोर्ट में संपत्तियों की जो लिस्ट पेश की है, वह अधूरी है। उनके मुताबिक, इस लिस्ट में संजय की कई महंगी रोलेक्स घड़ियां, पोलो खेलने वाले कीमती घोड़े और करोड़ों की पेंटिंग्स का जिक्र नहीं किया गया है। बच्चों का कहना है कि संजय कपूर की कई अचल संपत्तियां भी इस सूची से बाहर रखी गई हैं। कोर्ट ने बैंक खातों पर भी लगाई रोक सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि संजय कपूर की संपत्ति को सुरक्षित रखा जाना जरूरी है ताकि उसे नष्ट न किया जा सके। कोर्ट ने प्रिया सचदेवा को किसी भी संपत्ति को बेचने से रोक दिया है और संजय के बैंक खातों के संचालन पर भी फिलहाल पाबंदी लगा दी है। कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि अब यह साबित करने की जिम्मेदारी प्रिया की है कि वसीयत असली है। अगर अभी कार्रवाई नहीं की गई और बाद में वसीयत फर्जी निकली, तो यह बच्चों के साथ बड़ा अन्याय होगा। पूरे कपूर परिवार में चल रही है कानूनी जंग यह विवाद केवल बच्चों और प्रिया सचदेवा तक सीमित नहीं है। संजय कपूर की मां रानी कपूर और उनकी बहन मंदिरा कपूर के साथ भी प्रिया का विवाद चल रहा है। पिछले साल नवंबर में सुनवाई के दौरान बच्चों के पक्ष को लेकर तीखी बयानबाजी भी हुई थी, जिसमें उन्हें “अमीर ओलिवर ट्विस्ट” तक कह दिया गया था। कोर्ट ने साफ किया है कि फिलहाल संपत्तियों को सुरक्षित रखना प्राथमिकता है। लंदन में पोलो खेलते समय हुई थी मौत यह पूरा विवाद 2025 जून में संजय कपूर की मौत के बाद और गहरा गया। 53 साल के संजय कपूर की इंग्लैंड में एक पोलो मैच के दौरान कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई थी। रानी कपूर का कहना है कि बेटे की मौत के बाद उनकी तीसरी पत्नी प्रिया कपूर ने पूरी ग्रुप कंपनियों पर नियंत्रण कर लिया और उन्हें संपत्ति में कोई हिस्सा नहीं दिया। रानी कपूर अब अपनी संपत्ति और घर को सुरक्षित करने के लिए कानूनी सुरक्षा मांग रही हैं।

टीकमगढ़ में तेज आंधी-बारिश के साथ गिरे ओले:एसपी दफ्तर-कलेक्ट्रेट में पेड़ गिरे; विवाह घर की दीवार क्षतिग्रस्त

टीकमगढ़ में तेज आंधी-बारिश के साथ गिरे ओले:एसपी दफ्तर-कलेक्ट्रेट में पेड़ गिरे; विवाह घर की दीवार क्षतिग्रस्त

टीकमगढ़ में गुरुवार शाम करीब 4 बजे मौसम में अचानक बदलाव आया। तेज आंधी-तूफान के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई, जिससे शहर के कई हिस्सों में बेर के आकार के ओले भी गिरे। इस मौसमी बदलाव से जनजीवन प्रभावित हुआ। तेज आंधी और बारिश के कारण एसपी दफ्तर के मुख्य गेट पर लगा एक पुराना पेड़ गिर गया। कलेक्ट्रेट परिसर में भी कई पेड़ धराशायी हो गए, जिससे उनके नीचे खड़े कई दोपहिया और चारपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। कुंवरपुर रोड, भगत नगर रोड और नजाई गल्ला मंडी सहित कई अन्य इलाकों में भी पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। नजाई गल्ला मंडी में एक पुराना पीपल का पेड़ भी तेज हवा के कारण गिर गया। दोपहर में कई व्यापारी खुले में गेहूं तौल रहे थे, लेकिन आंधी-तूफान और बारिश इतनी तेज थी कि उन्हें गेहूं हटाने का मौका नहीं मिला, जिससे खुले में रखा गेहूं भीग गया। इसी तरह, कृषि उपज मंडी और खरीदी केंद्रों में किसानों का खुला रखा गेहूं और अन्य अनाज भी बारिश की भेंट चढ़ गया। तेज आंधी-तूफान के कारण शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। इसके अलावा, तेज हवा के चलते हवेली रोड स्थित एक विवाह गार्डन की दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई। मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी और गर्म हवा से फिलहाल राहत मिली है। आज दिन के तापमान में करीब तीन से चार डिग्री सेल्सियस की कमी आने की संभावना है। भू-अभिलेख कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार को अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मंगलवार को अधिकतम तापमान घटकर 42.5 डिग्री और बुधवार को 42.6 डिग्री रहा। रात का तापमान मंगलवार को 25.02 डिग्री और बुधवार रात 24.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। आज अधिकतम तापमान 36 से 37 डिग्री और रात का तापमान 22 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। तस्वीरें देखिए…

क्या बंगाल में दोबारा मतदान होगा? मतदान निकाय को 77 ईवीएम छेड़छाड़ की शिकायतें मिलीं | भारत समाचार

GT vs RCB IPL 2026 Live Score: Follow Gujarat Titans vs Royal Challengers Bengaluru match. (Picture Credit: X/@IPL)

आखरी अपडेट:30 अप्रैल, 2026, 17:46 IST सीईओ का यह बयान भाजपा के इन आरोपों के बाद आया है कि बुधवार को मतदान के दौरान कुछ बूथों पर ईवीएम पर पार्टी के चिह्नों को टेप या स्याही से ढक दिया गया था। मतदाताओं को मतदान केंद्रों पर जाने से पहले आवश्यक क्या करें और क्या न करें के बारे में जागरूक होने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। (पीटीआई फ़ाइल) पश्चिम बंगाल चुनाव चरण-2: पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल ने बुधवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान के दौरान ईवीएम से छेड़छाड़ के 77 मामले सामने आए। ऐसे अपराधों के खिलाफ “शून्य सहिष्णुता” की नीति पर जोर देते हुए, सीईओ ने कहा कि चुनाव आयोग उन बूथों पर पुनर्मतदान का आदेश देगा जहां ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोप सही पाए जाएंगे। शिकायतों के अनुसार, कथित तौर पर काले टेप, गोंद जैसे पदार्थ, स्याही और इत्र का उपयोग करके ईवीएम पर बटन लगाए गए थे। चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, शिकायतें फाल्टा, मगराहाट, डायमंड हार्बर और बज बज निर्वाचन क्षेत्रों से आईं। अग्रवाल ने कहा कि अधिकारियों द्वारा ईवीएम के साथ छेड़छाड़ के आरोपों पर जिला चुनाव अधिकारी या चुनाव पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट की जांच करने के बाद ही पुनर्मतदान का आदेश दिया जाएगा। कौन से जिले प्रभावित हुए? चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, शिकायतें फाल्टा, मगराहाट, डायमंड हार्बर और बज बज निर्वाचन क्षेत्रों से आईं। फाल्टा, जो एक प्रमुख राजनीतिक फ्लैशप्वाइंट के रूप में उभरा, 32 शिकायतों के लिए जिम्मेदार था, इसके बाद डायमंड हार्बर (29), मगराहाट (13) और बज बज (3) थे। अधिकारियों ने कहा कि 23 शिकायतों की प्रथम दृष्टया पुष्टि की गई है, जिनमें फाल्टा की 20 शिकायतें शामिल हैं। सभी मामलों के सत्यापन के बाद, चुनाव आयोग से पूर्ण कोरम बैठक में निष्कर्षों की समीक्षा करने और किसी भी पुनर्मतदान के लिए समय और स्थानों पर निर्णय लेने की उम्मीद की जाती है। सीईओ ने यह भी कहा कि दोषी पाए जाने वालों को कानून के मुताबिक सख्त से सख्त सजा दी जाएगी। क्या थे आरोप? उनका यह बयान भाजपा के इन आरोपों के बाद आया है कि बुधवार को दूसरे चरण के मतदान के दौरान कुछ बूथों पर ईवीएम पर पार्टी के चिह्नों को टेप या स्याही से ढक दिया गया था। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने एक्स पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें दावा किया गया कि फाल्टा विधानसभा सीट में बूथ संख्या 144 और 189 पर पार्टी के प्रतीक पर सफेद टेप लगाया गया था और फिर से मतदान की मांग की गई। अग्रवाल ने संवाददाताओं से कहा, “जहां भी हमें (ईवीएम पर) टेप या ईवीएम के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की जानकारी मिली है, हम दोबारा मतदान कराएंगे। हम जीरो-टॉलरेंस नीति का पालन करेंगे।” पनिहाटी के एक मतदान केंद्र पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर भाजपा के “कमल” चिन्ह वाले बटन पर कथित तौर पर स्याही का धब्बा पाए जाने के बाद विवाद पैदा हो गया, जिससे वह पढ़ने योग्य नहीं रह गया। पार्टी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं की आपत्तियों के बाद, स्याही को सैनिटाइज़र का उपयोग करके हटाया गया, जिसके बाद मतदान फिर से शुरू हुआ। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 30 अप्रैल, 2026, 17:46 IST न्यूज़ इंडिया क्या बंगाल में दोबारा मतदान होगा? पोल बॉडी को 77 ईवीएम से छेड़छाड़ की शिकायतें मिलीं अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल ईवीएम से छेड़छाड़(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)चरण 2 मतदान(टी)ईवीएम छेड़छाड़ के मामले(टी)बूथों पर पुनर्मतदान(टी)चुनाव आयोग की कार्रवाई(टी)फाल्टा निर्वाचन क्षेत्र की शिकायतें(टी)बीजेपी का प्रतीक कवर किया गया

कनाडा में कैनेबिस प्रोडक्ट्स सहित 5 पंजाबी गिरफ्तार:पुलिस ने कार्गो गिरोह का किया भंडाफोड़; लाखों डॉलर का शिपमेंट बरामद

कनाडा में कैनेबिस प्रोडक्ट्स सहित 5 पंजाबी गिरफ्तार:पुलिस ने कार्गो गिरोह का किया भंडाफोड़; लाखों डॉलर का शिपमेंट बरामद

कनाडा के ओंटारियो प्रांत में पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय कार्गो चोरी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 5 पंजाबी युवकों को गिरफ्तार किया है। पील रीजनल पुलिस की ऑटो कार्गो थेफ्ट यूनिट (ACTU) ने इन आरोपियों के पास से लगभग $2 मिलियन (भारतीय मुद्रा में करीब 16.5 करोड़ रुपये) मूल्य के चोरी किए गए कैनेबिस (गांजा) उत्पाद बरामद किए हैं। यह गिरफ्तारी मिसिसॉगा और ब्रैम्पटन के आस-पास के इलाकों में की गई है। चोरी के ट्रेलर की जांच से खुला राज यह पूरा मामला 15 अप्रैल, 2026 को शुरू हुआ, जब पुलिस की स्पेशल यूनिट मिसिसॉगा में मैकलॉघलिन रोड और हाईवे 401 के पास गश्त और जांच कर रही थी। जांच के दौरान अधिकारियों की नजर एक संदिग्ध ट्रेलर पर पड़ी। रिकॉर्ड की जांच करने पर पता चला कि यह वही ट्रेलर था, जिसके चोरी होने की रिपोर्ट कुछ समय पहले नियाग्रा क्षेत्र से दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस ट्रेलर को अपने कब्जे में ले लिया। लाखों डॉलर का शिपमेंट बरामद जब पुलिस ने बरामद ट्रेलर की तलाशी ली, तो उसमें भारी मात्रा में कैनेबिस प्रोडक्ट्स का स्टॉक मिला। जानकारी के अनुसार, यह शिपमेंट कानूनी तौर पर कई लाइसेंस प्राप्त डिस्पेंसरी (दुकानों) तक पहुँचाया जाना था, लेकिन रास्ते में ही इसे ट्रक समेत गायब कर दिया गया था। बरामद माल की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत $2 मिलियन से अधिक आंकी गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस गिरोह ने बड़ी चालाकी से पूरे शिपमेंट को ठिकाने लगाने की योजना बनाई थी। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान जांचकर्ताओं ने चोरी के इस माल और ट्रेलर से जुड़े कड़ियों को जोड़ते हुए पांच लोगों की पहचान की और उन्हें हिरासत में लिया। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी भारतीय मूल के पंजाबी युवक हैं। इनके नाम मनवीर सिंह (21),सरबजीत सिंह (32 वर्ष),दिलखब सिंह (21),करण कुमार (25),जसकेवन मल्ही (23) के रुप में हुई है। ये आरोपी ब्रैम्पटन में रहते थे। पुलिस की आगे की कार्रवाई पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इन युवकों का संबंध किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय कार्गो थेफ्ट सिंडिकेट से है। इन सभी पर चोरी का माल रखने और तस्करी की साजिश रचने सहित कई गंभीर धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। कनाडा में हाल के वर्षों में कार्गो चोरी की घटनाओं में काफी इजाफा हुआ है। पील रीजनल पुलिस ने स्थानीय व्यवसायों को सचेत रहने की सलाह दी है और कहा है कि इस तरह के अपराधों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। आरोपियों को जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा।