समझौता कराते हुए 1 हजार दिन पूरे:सिंधु मुंहिंजी जीजल द्वारा 2023 से हुई थी शुरुआत, 800 से ज्यादा परिवारों में करा चुके समझौता

सिंधु मुंहिंजी जीजल को मध्यस्थता कराते हुए एक हजार दिन पूरे हो गए हैं। अब तक इनके द्वारा 800 से ज्यादा परिवारों के बीच समझौता कराया जा चुका है। एक हजार दिन पूरे होने पर 3 मई, रविवार को एक आयोजन किया जा रहा है, जिसमें कई लोगों को बुलाया गया है। एक हजार दिन पहले यानी 17 जुलाई 2023 को इसकी शुरुआत हुई थी। यह व्यवस्था मध्यस्थता अधिनियम 2023 व मप्र उच्च न्यायालय के निर्देशों पर शुरू किया गया। इसमें पंच व्यवस्था द्वारा 800 से ज्यादा परिवारों के दाम्पत्य, पारिवारिक, आर्थिक, सामाजिक, संपत्ति पटवारों के बीच समझौते कराए जा चुके हैं। इनमें 27% न्यायालयीन, 23% एक पक्ष बाहर का, 11% अंतर जातीय सम्मिलित रहे। मध्यस्थता की ये प्रक्रिया सोमवार से शुक्रवार साल के 250 दिन शाम 5 से 8 बजे तक अविरल देवश्री टॉकिज कॉम्प्लेक्स वर्मा हॉल पर संचालित हो रही है। समझौता होने पर कोर्ट में डिक्री में कनर्वट होता है इससे जुड़े किशोर कोडवानी ने बताया कि एक हजार दिन पूरे होने पर 3 मई को एक आयोजन रखा है। 1 हजार दिनों में हमने 800 दिन पंच व्यवस्था चलाई है। किसी भी त्योहार पर भी कोई छुट्टी नहीं रखते हैं। 52 हफ्ते 5 दिन बोर्ड चलती है। पांच पंच इसमें बैठते हैं और 4 से 5 केस रोज सुनते हैं। लगभग 84 दिनों का शेड्यूल बनाया है, लेकिन 60 दिन में हमारे यहां केस निराकृत हो जाता है। इसके लिए कोई फीस भी नहीं ली जाती है, ये पूरी तरह नि:शुल्क है। यहां जो समझौता बनता है, वह समझौता कोर्ट में डिक्री में कनर्वट होता है। यदि समझौता नहीं होता है जिन बिंदुओं पर तो उसकी रिपोर्ट बनकर कोर्ट प्रोसिडिंग में आगे के बिंदुओं पर केस चलता है। ये हमारी व्यवस्था है। डॉक्यूमेंट्री फिल्म में बताया विवादों का कारण उन्होंने बताया कि 2023 में हमने यूनिवर्सिटी में एक वर्कशॉप की थी। वहां पर स्पीकर ने जो तथ्य रखे थे कि इंदौर में सिंधुओं की जनसंख्या के मान से 2% है। कुटुंब न्यायालय में 26% हमारे प्रकरण है। उसने हमे झंझोड़ दिया था, जिसके बाद इसकी शुरुआत हुई। कुछ टाइम पहले 7 घंटे की एक वर्कशॉप ओर की थी, जिसमें 90 लोग पूरे समय बैठे रहे और उसमें 40% महिलाएं थीं। उस प्रोग्राम से यह समझ आया कि व्यक्ति बोल नहीं पा रहा है अलग-अलग वजह से। इस पर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी बनाई है। इसमें बताया है कि क्यों विवाद होते है हमारे बीच और उन विवादों का समाधान क्या है। इसमें हमने कोई निर्णय नहीं दिया है, लोग इसे देखें और खुद ही रास्ता बनाएं। 9 मिनट में बताएंगे 40 साल के सफर की कहानी आयोजन को लेकर उन्होंने बताया कि आयोजन में जिनके मध्यस्थता के केस थे, समाज की हमारी जीजल ग्रुप के सदस्य, समाज के अलग-अलग संगठनों के पदाधिकारी सहित करीब एक हजार लोगों के आमंत्रण की व्यवस्था की गई है। इसमें आधे घंटे की डॉक्यूमेंट्री फिल्म चलेगी। 9 मिनट का एक वीडियो है, जिसमें हमने 40 साल में क्या किया है वह बताएंगे। 14 मिनट की सुखमणी पाठ साहब है। बाकी समय सांस्कृति प्रोग्राम होगा। ये प्रोग्राम 3 मई को शाम 7.30 बजे से शुरू होगा।
नृसिंह जयंती पर 6 दिन नौका विहार करेंगे राधा-कृष्ण:उज्जैन के इस्कॉन मंदिर में आज शाम से होगी शुरुआत

नृसिंह जयंती पर उज्जैन के इस्कॉन मंदिर में महाअभिषेक महाआरती प्रसाद वितरण के साथ शाम को राधा-कृष्ण नौका विहार महोत्सव का भी भव्य आयोजन किया जाएगा। आयोजन में बड़ी संख्या में भक्त शामिल होकर राधा कृष्ण भगवान को अपने हाथों से नौका विहार करवाएंगे। अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ द्वारा भगवान श्री नृसिंह देव के प्राकट्य दिवस नृसिंह जयंती के पावन अवसर पर गुरुवार को भव्य महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। आज सुबह से कई कार्यकम हुए और ये दिन भर चलेंगे। दिव्य उत्सव में श्रद्धालुओं को भगवान नृसिंह देव की विशेष पूजा, अभिषेक, कथा एवं आरती में भाग ले सकेंगे। कार्यक्रम परम पूज्य लोकनाथ स्वामी महाराज जी के दिव्य सान्निध्य में संपन्न होगा। श्रीमद्भागवत एवं नृसिंह कथा का विशेष प्रवचन दिया जाएगा। नृसिंह चतुर्दशी कार्यक्रम में शाम 5:30 बजे महाअभिषेक, 7:00 बजे महाआरती और 7:30 बजे प्रसाद वितरण होगा। इसी पावन अवसर पर इस्कॉन द्वारा श्री राधा-कृष्ण नौका विहार महोत्सव का भी भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह उत्सव 30 अप्रैल से 6 मई तक प्रतिदिन सायं 5:30 बजे से 8:00 बजे तक आयोजित होगा। इस विशेष महोत्सव के अंतर्गत लगभग 25–30 फीट के पवित्र सरोवर में 12 फीट लंबी एवं 5 फीट चौड़ी सुंदर नौका में श्री राधा-कृष्ण विराजमान होकर दिव्य विहार करेंगे, जों भक्तों के लिए अत्यंत आकर्षक एवं आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करेगा। विशेष रूप से, नौका विहार महोत्सव का उद्घाटन सायं 7:00 बजे परम पूज्य लोकनाथ स्वामी महाराज जी द्वारा किया जाएगा।
बैतूल में शादी समारोह में डीजे वाहन भीड़ में घुसा:दूल्हे के पेट से गुजरा टायर, कई घायल; आशंका- ब्रेक फेल होने से हादसा

बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी में मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह समारोह के दौरान गुरुवार दोपहर बारात निकलते समय एक डीजे वाहन अनियंत्रित होकर दूल्हे और बारातियों पर चढ़ गया, जिससे कई लोग घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बारात कार्यक्रम स्थल से निकल रही थी। ढलान पर उतरते समय डीजे वाहन अचानक न्यूट्रल हो गया या उसके ब्रेक फेल हो गए। ड्राइवर वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और गाड़ी सीधे बारातियों की भीड़ में जा घुसी। जनपद अध्यक्ष राहुल उइके ने बताया कि हादसा संभवतः ब्रेक फेल होने के कारण हुआ है और अधिकांश लोगों को मामूली चोटें आई हैं। दूल्हा और चचेरा भाई घायल हादसे में मुलताई क्षेत्र के भुवान खापा निवासी दूल्हा अनुल सरोदे (25) और उसका चचेरा भाई राहुल (27) गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि वाहन का टायर दूल्हे के पेट के ऊपर से गुजर गया, जबकि राहुल के पैर में गंभीर चोट (फ्रैक्चर) आई है। एक अन्य बाराती भी घायल हुआ है। सभी घायलों को तुरंत 108 एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल बैतूल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। कंडम हालत में था डीजे वाहन घटना के बाद परिजनों ने आरोप लगाया कि डीजे के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा वाहन पहले से ही जर्जर और कंडम स्थिति में था। इसे संशोधित करके उपयोग में लिया जा रहा था, जो सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरता था। हादसे के बाद समारोह में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति ऐसी हो गई कि दुल्हन पक्ष को कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर अपने गांव सलैया लौटना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इस संबंध में अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। समारोह के दौरान घोड़ाडोंगरी विधायक गंगा बाई भी मौके पर मौजूद थीं।
निवाड़ी में सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलने पर प्रदर्शन:पृथ्वीपुर और जेरोन में PM आवास और भूमि पट्टे की मांग; तहसीलदार को दिया ज्ञापन

निवाड़ी जिले की पृथ्वीपुर और जेरोन नगर परिषद के पात्र हितग्राहियों ने जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ न मिलने के विरोध में बुधवार को प्रदर्शन किया। लोगों ने सीएम के नाम तहसीलदार को ज्ञापन देकर योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही के आरोप लगाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों का निराकरण नहीं हुआ, तो 18 मई से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। 99 प्रतिशत पात्र परिवारों को नहीं मिला पीएम आवास जनआंदोलन का नेतृत्व कर रहे अवधेश प्रताप सिंह बुंदेला ने बताया कि पीएम आवास योजना के तहत पात्र होने के बावजूद लगभग 99 प्रतिशत जरूरतमंद परिवारों को अब तक लाभ नहीं मिला है। प्रदर्शन के दौरान भूमिहीन परिवारों को तत्काल भूमि पट्टे आवंटित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। बिजली कटौती और गर्मी से लोग परेशान ज्ञापन में बिजली आपूर्ति की लचर व्यवस्था पर भी गहरी नाराजगी व्यक्त की गई। नागरिकों का आरोप है कि भीषण गर्मी के मौसम में बार-बार बिजली गुल होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि नगर परिषद क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को तत्काल सुचारू और स्थिर बनाया जाए। तहसीलदार ने दिया उचित कार्रवाई का आश्वासन पृथ्वीपुर तहसीलदार शुभम मिश्रा ने स्वीकार किया कि कई पात्र हितग्राही आवास योजना और पट्टों जैसी सुविधाओं से वंचित रह गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी मांगों को संबंधित विभागों तक पहुँचाया जाएगा। प्रशासन के मुताबिक, पात्र लोगों को लाभ दिलाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
गर्मियों में जलजीरा रेसिपी: गर्मी में शरीर को पकाया जाता है जलजीरा, घर के इन टुकड़ों से करें मिनट में तैयार; आप रहें कूल-कूल

अब इस पेस्ट को एक बड़े स्थान पर रखा गया है। इसके अलावा इसमें जीरा, काला नमक, सामान्य नमक और इमली का पल्प या नींबू का रस शामिल है। अब ठंडा पानी सभी तरह से अच्छे से मिक्स करें। छवि: एआई जलजीरा पीने के फायदे: शरीर को ठंडा किया जाता है। डायग्नोस्टिक्स से खरीदना है। पाचन तंत्र में सुधार होता है। गैस एसिडिटी से राहत मिलती है। साथ ही, ताजगी और ऊर्जा देता है। छवि: एआई सामग्री: पुदीना पत्ता, हरा धनिया, 1-2 हरी मिर्च, अदरक, 1 छोटा चम्मच जीरा पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच मोटा काला नमक, 1 छोटा चम्मच इमली का गूदा, 3-4 चम्मच ठंडा पानी, बर्फ के टुकड़े छवि: मेटा एआई बनाने की आसान विधि: सबसे पहले पुदीना, हरा धनिया, अदरक और हरी मिर्च को मिक्सी में डालें। इसमें छोटे पानी के उपकरण तरह के पीस लें और एक इन्वेस्टमेंट गुड पेस्ट बनाएं लें। छवि: एआई पिड्रॉ तो इसे अच्छा लें शीतल पेय और दोस्त हो जाए। ऊपर से बर्फ का टुकड़ा और ठंडा-ठंडा सर्व करें। ज्यादा ठंडक के लिए इसमें थोड़ी सा ड्रॉपरी भी डाल सकते हैं. स्वाद बढ़ाने के लिए चाट मसाला मिला सकते हैं। छवि: एआई गर्मी में जब भी आपको कुछ ठंडा और चॉकलेट ड्रिंक का मन करे, तो बाजार के ड्रिंक की जगह घर का बना जलजीरा ड्रिंक का मजा ले सकते हैं। यह आपको कूल रिटायरमेंट और स्टेलर टैरोताजा फ़ेल्टोगा से मिलता है। छवि: एआई अगर कट्टापन ज्यादा पसंद है, तो नींबू थोड़ा ज्यादा डाला जाता है। पहले से फ़र्ज़ी में रख सकते हैं। छवि: फ्रीपिक
मंडला में ड्रोन निगरानी, नियमित गश्त और चेकिंग अभियान:बम स्क्वॉड नैनपुर रेलवे स्टेशन पहुंची, सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया

मंडला पुलिस ने अपराध नियंत्रण और असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए सघन निगरानी अभियान शुरू किया है। पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के निर्देश पर जिलेभर में ड्रोन निगरानी, नियमित गश्त और चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में, बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS) टीम ने नैनपुर रेलवे स्टेशन पर गहन जांच अभियान चलाया। टीम ने स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इसके अतिरिक्त, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, प्रमुख चौराहों, बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी नियमित रूप से जांच की जा रही है। मंडला शहर के अपराध संभावित, सुनसान और संवेदनशील क्षेत्रों में हाई क्वालिटी कैमरों से लैस ड्रोन के माध्यम से निगरानी रखी जा रही है। ड्रोन की मदद से अंधेरे और संदिग्ध गतिविधियों वाले स्थानों पर नजर रखी जा रही है, जिससे असामाजिक तत्वों में पुलिस की सक्रियता का प्रभाव स्पष्ट दिख रहा है। शहर और संवेदनशील इलाकों में पेट्रोलिंग वाहनों के जरिए लगातार गश्त की जा रही है। कुंभ स्थल, सहस्त्रधारा, संगम, हाईवे और ढाबा क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। थाना कोतवाली की महिला सुरक्षा पेट्रोलिंग टीम शाम के समय गश्त कर महिलाओं और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। मंडला पुलिस नशा, जुआ और अन्य अवैध गतिविधियों से जुड़े संभावित स्थानों पर भी लगातार नजर बनाए हुए है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक तकनीक और निरंतर निगरानी के माध्यम से जिले में अपराधों की रोकथाम और आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
रायसेन में स्वगणना पूरी, प्रदेश में नंबर-1:कल से मकान गणना शुरू, शहरी क्षेत्र में 13 सुपरवाइजर नियुक्त, हर मकान की होगी एंट्री

रायसेन जिले में जनगणना-2027 के तहत स्वगणना का कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा कर लिया गया है। 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक चले इस अभियान में रायसेन जिला पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर रहा। 29 अप्रैल की शाम तक जिले में कुल 93,779 स्वगणना दर्ज की गईं, जो प्रदेश में सर्वाधिक हैं। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा के निर्देशन में यह अभियान मिशन मोड में चलाया गया। इसमें प्रशासनिक अमले और आम नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी की। कलेक्टर ने बताया कि स्वगणना प्रक्रिया को सरल बनाया गया था, जिससे नागरिक मोबाइल के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सके। स्वगणना के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए जिले की पंचायतों और वार्डों में शिविर आयोजित किए गए। अधिकारियों ने क्षेत्रों का भ्रमण कर लोगों से सीधा संवाद किया और मौके पर ही स्वगणना कराई। प्रतिदिन प्रगति की निगरानी भी की गई, जिससे लक्ष्य समय पर पूरा हो सका। कल से मकान गणना का काम शुरू होगा अब अगले चरण में कल (1 मई) से मकान गणना (हाउस लिस्टिंग) का कार्य शुरू किया जाएगा। इसके लिए नगरीय निकायों में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रायसेन नगर पालिका की सीएमओ सुरेखा जाटव ने जानकारी दी कि डायट भवन में गुरुवार को वार्ड प्रभारियों और सुपरवाइजरों की बैठक आयोजित कर उन्हें प्रशिक्षण दिया गया है। शहरी क्षेत्र के लिए कुल 13 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं। इन्हें कार्य की विस्तृत जानकारी और तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। ये टीमें घर-घर जाकर पहले नागरिकों को ऐप डाउनलोड कराएंगी, जिसके बाद प्रत्येक मकान की क्रमवार एंट्री की जाएगी। कर्मचारियों को ब्लॉकवार जिम्मेदारियां भी सौंप दी गई हैं, ताकि कार्य व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकें।
बेल से मिटेगा ब्रेस्ट कैंसर..! गर्मियों में मिलने वाला सुपरफूड, दवा बनाने में होगा उपयोग, वैज्ञानिकों का रिसर्च

पटना. देश में स्तन कैंसर के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है. बिहार भी इससे अछूता नहीं है. यह गंभीर बीमारी अब केवल महिलाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि पुरुषों को भी अपनी चपेट में ले रही है. इस चुनौती से निपटने के लिए वैज्ञानिक लगातार नए शोध में जुटे हुए हैं, ताकि सटीक इलाज खोजा जा सके. इसी दिशा में पटना स्थित महावीर कैंसर संस्थान के वैज्ञानिकों ने एक अहम खोज की है. शोध के दौरान गर्मियों में सुपर ड्रिंक माने जाने वाले बेल के गूदे में ऐसे तत्व पाए गए हैं, जो स्तन कैंसर को रोकने में सहायक हो सकते हैं. चूहों पर इसका परीक्षण भी किया गया. इससे पॉजिटिव रिजल्ट सामने आए हैं. इस महत्वपूर्ण शोध में संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अरुण कुमार की प्रमुख भूमिका रही है. चूहों पर किया गया शोधवरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अरुण कुमार ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि उनके शोध में यह सामने आया है कि बेल के पल्प में ऐसे तत्व मौजूद हैं, जो कैंसररोधी प्रभाव रखते हैं. इस दावे की पुष्टि के लिए टीम ने चूहों पर प्रयोग किया. रिसर्च के दौरान चूहों को एक विशेष केमिकल दिया गया, जिससे करीब छह महीने में उनके स्तन में ट्यूमर विकसित हो गया. इसके बाद चूहों को मिश्रित मात्रा में बेल का पल्प दिया गया. कुछ समय बाद यह देखा गया कि ट्यूमर का आकार धीरे-धीरे सिकुड़ने लगा और कुछ दिनों बाद पूरी तरह समाप्त हो गया. इसके बाद चूहे पूरी तरह स्वस्थ हो गए. इस शोध के आधार पर वैज्ञानिकों का मानना है कि बेल में ऐसे तत्व मौजूद हो सकते हैं, जो कैंसर के इलाज में सहायक साबित हो सकते हैं. हालांकि, इस पर अभी और विस्तृत शोध और मानव परीक्षण की आवश्यकता है. पेटेंट करने की तैयारीउन्होंने आगे बताया कि अब उनकी टीम बेल के पल्प में मौजूद मॉलिक्यूल को अलग यानी आइसोलेट कर दोबारा चूहों पर परीक्षण करेगी. अगर इस चरण में भी पॉजिटिव परिणाम मिलते हैं, तो शोध को पेटेंट कराया जाएगा और प्रकाशित किया जाएगा. इसके बाद अगला चरण मानवों पर क्लीनिकल ट्रायल का होगा, ताकि इसके प्रभाव की विस्तृत जांच की जा सके. उन्होंने यह भी बताया कि इस पूरे शोध में करीब तीन से चार साल का समय लगा है और प्रक्रिया अभी भी जारी है. इस महत्वपूर्ण अध्ययन को इंग्लैंड की प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिका नेचर जर्नल में भी प्रकाशित किया गया है. सस्ती हो जाएंगी दवाएंउन्होंने जानकारी दी कि शोध के अनुसार बेल के गूदे में कई प्रकार के फाइटोकेमिकल यौगिक पाए जाते हैं, जिनमें कैरोटेनॉइड, फिनोलिक यौगिक, टैनिन, एल्कलॉइड, टरपेनॉइड, कूमरिन, स्टेरॉयड सैपोनिन, इनुलिन, कार्डियक ग्लाइकोसाइड्स और लिग्निन शामिल हैं. अध्ययन में पाया गया कि ये तत्व कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को रोकने में सहायक हो सकते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में कैंसर की दवाएं काफी महंगी हैं. कुछ दवाएं हजारों रुपये की होती हैं, जबकि कई की कीमत लाखों तक पहुंच जाती है. ऐसे में अगर इस शोध से प्रभावी मॉलिक्यूल विकसित हो जाता है, तो ब्रेस्ट कैंसर के इलाज की लागत कम हो सकती है और मरीजों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं.
मैहर में ASI शिवनंदन साकेत का निधन:लीवर संबंधी बीमारी का नागपुर में चल रहा था इलाज; अमदरा में तोड़ा दम

मैहर जिले के अमदरा थाना के एएसआई शिवनंदन साकेत का गुरुवार सुबह इलाज के दौरान निधन हो गया। वे पिछले लंबे समय से लीवर की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनका उपचार महाराष्ट्र के नागपुर में चल रहा था, लेकिन तबीयत अधिक बिगड़ने पर उन्हें स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। अमदरा अस्पताल में भर्ती थे एएसआई तबीयत में सुधार न होने के कारण शिवनंदन साकेत को हाल ही में अमदरा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही थी, लेकिन संक्रमण और लीवर डिसऑर्डर के कारण उनके स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ। डॉक्टरों ने सुबह उनकी मृत्यु की पुष्टि की। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव निधन की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया और पार्थिव देह परिजनों को सौंप दी गई। पुलिसकर्मियों ने दी श्रद्धांजलि एएसआई शिवनंदन साकेत को उनके सहकर्मियों ने एक अनुशासित और मिलनसार अधिकारी के रूप में याद किया। पुलिसकर्मियों और स्थानीय नागरिकों ने उनकी कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की है।
अंजड़ के 5 वार्डों में दूषित जल आपूर्ति:रहवासी बोले- नलों से आ रहा बदबूदार पानी; 8 हजार लोगों को बीमारियों का खतरा

बड़वानी जिले के अंजड़ नगर के वार्ड क्रमांक 7, 8, 9, 14 और 15 में पिछले कई महीनों से नलों के माध्यम से दूषित और बदबूदार पानी की आपूर्ति हो रही है। इस समस्या के कारण करीब 8 हजार रहवासियों के बीच डायरिया, टाइफाइड और हेपेटाइटिस जैसी जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बार नर्मदा पाइपलाइन से स्वच्छ पेयजल की मांग की है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। वार्डों में भेदभाव और उपेक्षा का आरोप नगर परिषद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि सूरजमल पिपल्या ने परिषद अध्यक्ष मांगीलाल मुकाती पर भेदभाव करने के आरोप लगाए हैं। पिपल्या के अनुसार, नगर के कुछ वार्डों को जानबूझकर उपेक्षित रखा जा रहा है और वहां के नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। उन्होंने पूरी जिम्मेदारी नगर परिषद की बताते हुए भेदभाव खत्म करने की मांग की है। अध्यक्ष ने दूषित जल की खबरों को बताया अफवाह नगर परिषद अध्यक्ष मांगीलाल मुकाती ने सभी आरोपों को गलत और अफवाह बताया। मुकाती का दावा है कि वार्ड नंबर 7 और 8 में पीने के लिए अलग से पानी भिजवाया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अन्य दैनिक कार्यों के लिए कुएं और बावड़ी का पानी दिया जा रहा है, जबकि पीने के लिए केवल नर्मदा का जल ही उपलब्ध कराया जा रहा है। पाइपलाइन में टूट-फूट से जल वितरण प्रभावित अध्यक्ष मुकाती ने बताया कि गर्मी के मौसम के कारण पाइपलाइन कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे जल वितरण में तकनीकी समस्याएं आ रही हैं। उन्होंने कहा कि सप्लाई में देरी हो सकती है, लेकिन पानी नर्मदा का ही दिया जा रहा है। उनके अनुसार, कुछ लोग क्षेत्र में गलत जानकारी फैलाकर भ्रम की स्थिति पैदा कर रहे हैं। बावड़ी और कुओं की सफाई न होने से आक्रोश वार्ड 8 के रहवासियों का आरोप है कि उन्हें जो पानी मिल रहा है वह वर्षों से साफ न की गई बावड़ियों और कुओं का है। जमीनी तस्वीरों में भी इन जल स्रोतों में गंदगी नजर आ रही है। नागरिकों ने मांग की है कि नर्मदा की स्थायी पाइपलाइन से नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और पुराने जल स्रोतों की तत्काल सफाई कराई जाए।








