मंदसौर जिले के सीतामऊ क्षेत्र में महिला ने युवक को प्रेम जाल में फंसाकर उससे लाखों रुपये ऐंठ लिए। पीड़ित की पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। युवक रेलवे कर्मचारी है। शिकायत के अनुसार, आरोपी महिला पूजा उर्फ सिया चौहान निवासी कसाई गली, सदर बाजार सीतामऊ ने सुनियोजित तरीके से पीड़िता के पति को अपने जाल में फंसाया। बताया गया कि आरोपी को यह जानकारी थी कि पीड़ित रेलवे कर्मचारी है, जिसके चलते उसने 25 अप्रैल 2025 से फोन और सोशल मीडिया के माध्यम से उससे संपर्क बढ़ाया और धीरे-धीरे प्रेम संबंध स्थापित कर लिए। नशीला पदार्थ देकर बनाए वीडियो आरोप है कि आरोपी महिला पीड़ित को मंदसौर स्थित रामटेकरी क्षेत्र के एक मकान में ले गई, जहां कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे बेहोशी की हालत में पहुंचा दिया। इस दौरान उसके आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बना लिए गए। होश में आने पर आरोपी ने वीडियो वायरल करने और झूठे दुष्कर्म मामले में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। 21 लाख की वसूली पीड़ित दलौदा स्थित रेलवे क्वार्टर में रहता है, आरोपी के दबाव और बदनामी के डर से लगातार पैसे देता रहा। आरोप है कि आरोपी महिला ने अलग-अलग तारीखों में उसके खाते में करीब 21 लाख 13 हजार रुपये ट्रांसफर करवाए। इसके अलावा नकद राशि भी वसूली गई। पैसे देने के लिए पीड़ित को लोन तक लेना पड़ा और वेतन का अधिकांश हिस्सा भी इसी में चला गया। आरोपी महिला ने खुद को प्रभावशाली लोगों और पुलिस अधिकारियों से जुड़ा बताते हुए पीड़ित और उसके परिवार को बर्बाद करने की धमकी दी। जब पीड़ित ने पैसे देने से मना किया, तो उसे झूठे बलात्कार के केस में फंसाने और नौकरी से निकलवाने की धमकी दी गई। पीड़ित का कहना है कि जब उसने आरोपी से इस बारे में बात की, तो आरोपी ने उसके घर के सामने आकर अभद्रता की और जान से मारने की धमकी दी। मामला दर्ज, जांच जारी लगातार मानसिक और आर्थिक शोषण से परेशान होकर पीड़ित परिवार ने आखिरकार पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(6), 296 (ए) और 351 (3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीतामऊ थाना प्रभारी कमलेश प्रजापति के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस हनी ट्रैप गिरोह में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर दी गई हैं।















































