स्ट्रांग रूम के बाहर के दिग्गज नेताओं के चित्र और संगीतकारों से अपराधियों के आरोपियों को लेकर माचे पर घमासान के बीच चुनाव आयोग ने गुरुवार (30 अप्रैल) को अपनी स्थिति साफ की है। टीएमसी नेताओं की ओर से दिए गए आरोप में राज्य के मुख्य अभियंता (सीईओ) मनोज कुमार अग्रवाल ने बड़ा बयान दिया है।
चुनाव आयोग ने सीसीटीवी से किया चुनाव आयोग का खंडन
मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि स्ट्रांग रूम का कोई भी सीसीटीवी कैमरा बंद नहीं था. उन्होंने बताया कि स्ट्रॉन्ग रूम के ‘लाइव फुटेज’ के लिए सभी राजनीतिक आश्रमों को उपलब्ध कराया गया था, जिससे वे खुद की निगरानी कर सकें। आयोग ने उन मठाधीशों को सचिवालय से खारिज कर दिया है जिसमें कहा जा रहा है कि साक्षियों के साथ धोखाधड़ी हुई है। हाल ही में टीएमसी नेताओं ने आरोप लगाया था कि कुछ जगहों पर स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर कैमरे लगे हुए थे, जहां पर नेताओं के साक्षियों से पूछताछ की जा रही थी।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि कुल आठ मजबूत कमरे बनाए गए थे, जिनमें सात में ईवीएम मशीन और एक पोस्टल बैलेट रखे गए थे। इन साबिक साकी लाइव में साबिक सावेसी का लाइव रूप सामने आ रहा है। राजनीतिक के प्रतिनिधि सुरक्षा के कमरे से बाहर इस समुदाय के माध्यम से की निगरानी की जा सकती है। इसके लिए सुरक्षा के तीन-स्तरीय मानक तय किए गए हैं।
‘ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह से सुरक्षित’ – चुनाव आयोग
बयान में कहा गया है कि खुदीराम अनुशीलन केंद्र पर साकेत स्टॉकहोम स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह से सुरक्षित, सीलबंद और सीक्वेल निगरानी में हैं। अधिकारियों ने साफ किया कि वहां केवल पोस्टल बैलेट की ड्रॉ की प्रक्रिया तय की गई थी, जिसे गलत तरीके से क्रॉन्ग स्ट्रॉन्ग रूम प्लेयर के रूप में पेश किया गया था।
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बेलियाघाटा क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर कहा कि ‘खुदीराम अनुशीलन केंद्र परिसर में कुल 7 क्षेत्र के जिलों के स्ट्रांग रूम हैं और सभी की वोटिंग खत्म हो गई है, जिसके बाद जेडीयू, उनके चुनाव महासचिव और जनरल ऑब्जर्वर के समर्थकों को बंद कर दिया गया और सील कर दिया गया। अंतिम मोस्टॉल को स्ट्रॉन्ग रूम में रविवार देर रात पूरी होने के बाद गुरुवार सुबह करीब 5:15 बजे सील कर दिया गया। सभी मठ वाले स्ट्रॉन्ग रूम को सुरक्षित रूप से बंद कर दिया गया है और उनकी लगातार सुरक्षा निगरानी की जा रही है।’
क्या बोले रिटर्निंग अधिकारी ?
रिटर्निंग ऑफिसर ने बताया कि इसी परिसर में एक अलग स्ट्रॉन्ग रूम पोस्टल बैलेट भी है, जहां अलग-अलग क्षेत्रों के पोस्टल बैलेट रखे गए हैं। गुरुवार शाम 4 बजे से इसी पोस्टल बैलेट की ड्रॉ की प्रक्रिया शुरू की गई थी। उन्होंने बताया कि पोस्टल बैलेट की ड्राॅक मोनास्टिक स्ट्रांग रूम के आउट मेड मॅक में की जा रही थी, जबकि मेन मोके स्ट्रांग रूम पूरी तरह से बंद और सीलबंद रहे थे। इस प्रक्रिया की जानकारी सबसे पहले सभी पर्यवेक्षकों, रिटर्निंग अधिकारियों और राजनीतिक आश्रमों के बारे में दी गई थी।
रिटर्निंग एक्टर्स को यह निर्देश दिया गया था कि वे अपने-अपने क्षेत्र के सहयोगियों और उद्यमियों को इसकी सूचना दें। इस पर उन्होंने नोबेल के परमाणु घोष, मोनॉक के परमिता रॉय, भाजपा के पार्थ चौधरी, कांग्रेस के शाहीना जावेद, एएसयू सीआइ (सी) के जयंती मित्रा सहित सभी गुट और उनके चुनावी संगठन को आधिकारिक तौर पर सूचित किया गया था। इंस्पेक्टरों ने शाम 4 बजे पोस्टल बैलेट की ड्रॉ निकाली, जिसके बाद सभी राजनीतिक आश्रमों को जानकारी दी गई।
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