Friday, 02 Oct 2026 | 09:44 PM

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सन फार्मा 1 लाख करोड़ में अमेरिकी कंपनी 'ऑर्गेनॉन' खरीदेगी:इसकी कई महंगी पेटेंट दवाएं भी बेचेगी, पूरा सौदा नगद में होगा

सन फार्मा 1 लाख करोड़ में अमेरिकी कंपनी 'ऑर्गेनॉन' खरीदेगी:इसकी कई महंगी पेटेंट दवाएं भी बेचेगी, पूरा सौदा नगद में होगा

भारत की सबसे बड़ी दवा कंपनी सन फार्मा अमेरिका (न्यू जर्सी) की दिग्गज कंपनी ऑर्गेनॉन को 1.10 लाख करोड़ रुपए में खरीदेगी। यह किसी भी भारतीय दवा कंपनी द्वारा किया जाने वाला अब तक का सबसे बड़ा विदेशी सौदा है। डील को लेकर दोनों कंपनियों ने सोमवार को संयुक्त बयान जारी किया। इसके तहत सन फार्मा ऑर्गेनॉन के सभी बकाया शेयर 14 डॉलर प्रति शेयर की कीमत पर खरीदेगी। पूरा सौदा नकद में होगा। इससे सन फार्मा दुनिया की टॉप-25 दवा कंपनियों में शामिल हो जाएगी। उसकी पहुंच 150 देशों में होगी। दुनिया की 7वीं बड़ी कंपनी बन जाएगी सनफार्मा बायोसिमिलर्स जैविक दवाओं वाली यह दुनिया की 7वीं बड़ी कंपनी बन जाएगी। 900-900 करोड़ रुपए राजस्व वाले 18 बड़े बाजार उसके पास होंगे। डील में ऑर्गेनॉन का 81 हजार करोड़ रु. का कर्ज भी शामिल है। हालांककि सन फार्मा का कहना है कि डील के बाद दोनों कंपनियों का संयुक्त राजस्व 1.16 लाख करोड़ रुपए होगा। सौदा 2027 में पूरा होने की उम्मीद है। जानें इस डील से जुड़ी सवालों के जवाब सवाल 1: दुनिया में सन फार्मा की स्थिति क्या है? जवाब: यह दुनिया की सबसे बड़ी जेनेरिक दवा बनाने की कंपनियों में से एक है। इसकी मार्केट वैल्यू 4 लाख करोड़ रु. है। वैश्विक स्तर पर 2 हजार से ज्यादा प्रोडक्ट हैं। 5 महाद्वीपों में 41 अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं। 100 से अधिक देशों में कारोबार फैला है। सवाल 2: ऑर्गेनॉन कितनी बड़ी फार्मा कंपनी है? जवाब: 28 हजार करोड़ रुपए की मार्केट वैल्यू वाली ऑर्गेनॉन 2021 में दवा जगत की दिग्गज मर्क एंड कंपनी से अलग होकर बनी थी। आज चीन, अमेरिका, कनाडा, यूरोप, ब्राजील समेत 140 देशों में इसका बाजार है। 10 हजार कर्मचारी हैं। इनके पास महिला स्वास्थ्य एवं सामान्य दवाओं के क्षेत्र में 70 से अधिक प्रोडक्ट का पोर्टफोलियो है। इनमें सबसे प्रमुख है नेक्सप्लानन, जो गर्भनिरोधक इम्प्लांट है। ये 60 देशों में ऑर्गेनॉन बेचती है। सवाल 3: भारत दुनिया की फार्मेसी क्यों है? जवाब: अमेरिकी जेनेरिक बाजार में भारतीय दवाओं हिस्सेदारी 40% तो यूरोप में 25% है। अमेरिका में इस्तेमाल होने वाली हर 3 में से एक दवा भारतीय कंपनी की है। यहां पिछले साल भारत से 99 हजार करोड़ रु. की दवाएं भेजी गईं। दोनों बाजारों में सन फार्मा, ऑरोबिंदो, डॉ. रेड्डीज, ल्यूपिन बड़ी हिस्सेदार हैं। सवाल 4: सन फार्मा देश की नंबर वन कंपनी कैसे बनी? जवाब: सन फार्मा 16 साल में छह अधिग्रहण कर चुकी है। 2013 में रेनबैक्सी देश में नंबर वन थी, लेकिन 2014 में सन फार्मा ने अधिग्रहण कर लिया। 2025 में अमेरिकी बायोफार्मा कंपनी चेकपॉइंट ​थेराप्यूटिक्स के अधिग्रहण से कंपनी की वैश्विक धाक जमीं। 10 हजार रुपए उधार लेकर शुरू की थी कंपनी सन फार्मा के संस्थापक दिलीप सांघवी (71) मूल रूप से गुजरात के अमरेली जिले के हैं। अभी पूरा परिवार मुंबई में रहता है। इनके शुरुआती दिनों का एक किस्सा है। दरअसल, 1983 में दिलीप ने दवा कारोबारी पिता शांतिलाल से 10 हजार रुपए उधार लेकर 5 दोस्तों के साथ एक कमरे में सन फार्मा की नींव रखी। तब वे खुद सेल्समैन थे। एमआर की तरह डॉक्टरों के पास जाकर दवाएं समझाते थे। 1993 में दिलीप ने सिजोफ्रेनिया की दवा क्लोजापाइन लॉन्च करने की योजना बनाई। तभी पता चला कि प्रतिद्वंद्वी कंपनी सैंडोज भी इसे 22 शहरों में लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। सांघवी ने रणनीति बदली और डेडलाइन से तीन हफ्ते ही दवा लॉन्च कर दी। देश के लिए गौरव; फाइजर जैसी कंपनी की लीग में होगी सन फार्मा चॉइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटी के जमैत्री सेठ कहते हैं कि ऑर्गेनॉन अपने साथ 58 हजार करोड़ रुपए का राजस्व लेकर आएगी। डील दिखाती है कि भारतीय कंपनियां अब अमेरिकी और यूरोपीय कंपनियों को खरीदने की वित्तीय ताकत रखती हैं। इससे सन फार्मा फाइजर और नोवार्टिस जैसी कंपनियों की लीग में खड़ी होगी। भारत इनोवेटिव और स्पेशलिटी दवाओं के क्षेत्र में भी एक वैश्विक शक्ति बन सकता है। हालांकि अभी इस सौदे को कई देशों के नियामक प्राधिकरणों से मंजूरी लेनी होगी। अमेरिका में फेडरल ट्रेड कमीशन इस सौदे की बारीकी से जांच करेगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इससे बाजार में प्रतिस्पर्धा कम न हो।

सन फार्मा 1 लाख करोड़ में अमेरिकी कंपनी 'ऑर्गेनॉन' खरीदेगी:इसकी कई महंगी पेटेंट दवाएं भी बेचेगी, पूरा सौदा नगद में होगा

सन फार्मा 1 लाख करोड़ में अमेरिकी कंपनी 'ऑर्गेनॉन' खरीदेगी:इसकी कई महंगी पेटेंट दवाएं भी बेचेगी, पूरा सौदा नगद में होगा

भारत की सबसे बड़ी दवा कंपनी सन फार्मा अमेरिका (न्यू जर्सी) की दिग्गज कंपनी ऑर्गेनॉन को 1.10 लाख करोड़ रुपए में खरीदेगी। यह किसी भी भारतीय दवा कंपनी द्वारा किया जाने वाला अब तक का सबसे बड़ा विदेशी सौदा है। डील को लेकर दोनों कंपनियों ने सोमवार को संयुक्त बयान जारी किया। इसके तहत सन फार्मा ऑर्गेनॉन के सभी बकाया शेयर 14 डॉलर प्रति शेयर की कीमत पर खरीदेगी। पूरा सौदा नकद में होगा। इससे सन फार्मा दुनिया की टॉप-25 दवा कंपनियों में शामिल हो जाएगी। उसकी पहुंच 150 देशों में होगी। दुनिया की 7वीं बड़ी कंपनी बन जाएगी सनफार्मा बायोसिमिलर्स जैविक दवाओं वाली यह दुनिया की 7वीं बड़ी कंपनी बन जाएगी। 900-900 करोड़ रुपए राजस्व वाले 18 बड़े बाजार उसके पास होंगे। डील में ऑर्गेनॉन का 81 हजार करोड़ रु. का कर्ज भी शामिल है। हालांककि सन फार्मा का कहना है कि डील के बाद दोनों कंपनियों का संयुक्त राजस्व 1.16 लाख करोड़ रुपए होगा। सौदा 2027 में पूरा होने की उम्मीद है। जानें इस डील से जुड़ी सवालों के जवाब सवाल 1: दुनिया में सन फार्मा की स्थिति क्या है? जवाब: यह दुनिया की सबसे बड़ी जेनेरिक दवा बनाने की कंपनियों में से एक है। इसकी मार्केट वैल्यू 4 लाख करोड़ रु. है। वैश्विक स्तर पर 2 हजार से ज्यादा प्रोडक्ट हैं। 5 महाद्वीपों में 41 अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं। 100 से अधिक देशों में कारोबार फैला है। सवाल 2: ऑर्गेनॉन कितनी बड़ी फार्मा कंपनी है? जवाब: 28 हजार करोड़ रुपए की मार्केट वैल्यू वाली ऑर्गेनॉन 2021 में दवा जगत की दिग्गज मर्क एंड कंपनी से अलग होकर बनी थी। आज चीन, अमेरिका, कनाडा, यूरोप, ब्राजील समेत 140 देशों में इसका बाजार है। 10 हजार कर्मचारी हैं। इनके पास महिला स्वास्थ्य एवं सामान्य दवाओं के क्षेत्र में 70 से अधिक प्रोडक्ट का पोर्टफोलियो है। इनमें सबसे प्रमुख है नेक्सप्लानन, जो गर्भनिरोधक इम्प्लांट है। ये 60 देशों में ऑर्गेनॉन बेचती है। सवाल 3: भारत दुनिया की फार्मेसी क्यों है? जवाब: अमेरिकी जेनेरिक बाजार में भारतीय दवाओं हिस्सेदारी 40% तो यूरोप में 25% है। अमेरिका में इस्तेमाल होने वाली हर 3 में से एक दवा भारतीय कंपनी की है। यहां पिछले साल भारत से 99 हजार करोड़ रु. की दवाएं भेजी गईं। दोनों बाजारों में सन फार्मा, ऑरोबिंदो, डॉ. रेड्डीज, ल्यूपिन बड़ी हिस्सेदार हैं। सवाल 4: सन फार्मा देश की नंबर वन कंपनी कैसे बनी? जवाब: सन फार्मा 16 साल में छह अधिग्रहण कर चुकी है। 2013 में रेनबैक्सी देश में नंबर वन थी, लेकिन 2014 में सन फार्मा ने अधिग्रहण कर लिया। 2025 में अमेरिकी बायोफार्मा कंपनी चेकपॉइंट ​थेराप्यूटिक्स के अधिग्रहण से कंपनी की वैश्विक धाक जमीं। 10 हजार रुपए उधार लेकर शुरू की थी कंपनी सन फार्मा के संस्थापक दिलीप सांघवी (71) मूल रूप से गुजरात के अमरेली जिले के हैं। अभी पूरा परिवार मुंबई में रहता है। इनके शुरुआती दिनों का एक किस्सा है। दरअसल, 1983 में दिलीप ने दवा कारोबारी पिता शांतिलाल से 10 हजार रुपए उधार लेकर 5 दोस्तों के साथ एक कमरे में सन फार्मा की नींव रखी। तब वे खुद सेल्समैन थे। एमआर की तरह डॉक्टरों के पास जाकर दवाएं समझाते थे। 1993 में दिलीप ने सिजोफ्रेनिया की दवा क्लोजापाइन लॉन्च करने की योजना बनाई। तभी पता चला कि प्रतिद्वंद्वी कंपनी सैंडोज भी इसे 22 शहरों में लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। सांघवी ने रणनीति बदली और डेडलाइन से तीन हफ्ते ही दवा लॉन्च कर दी। देश के लिए गौरव; फाइजर जैसी कंपनी की लीग में होगी सन फार्मा चॉइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटी के जमैत्री सेठ कहते हैं कि ऑर्गेनॉन अपने साथ 58 हजार करोड़ रुपए का राजस्व लेकर आएगी। डील दिखाती है कि भारतीय कंपनियां अब अमेरिकी और यूरोपीय कंपनियों को खरीदने की वित्तीय ताकत रखती हैं। इससे सन फार्मा फाइजर और नोवार्टिस जैसी कंपनियों की लीग में खड़ी होगी। भारत इनोवेटिव और स्पेशलिटी दवाओं के क्षेत्र में भी एक वैश्विक शक्ति बन सकता है। हालांकि अभी इस सौदे को कई देशों के नियामक प्राधिकरणों से मंजूरी लेनी होगी। अमेरिका में फेडरल ट्रेड कमीशन इस सौदे की बारीकी से जांच करेगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इससे बाजार में प्रतिस्पर्धा कम न हो।

गर्मी में बढ़ रहा है शुगर लेवल, तो यहां जानिए डायबिटीज मरीज क्या खाएं और क्या नहीं

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अंबाला: गर्मियों का मौसम आते ही लोग राहत पाने के लिए ठंडी और मीठी चीजों की ओर तेजी से आकर्षित होते हैं, लेकिन यही आदत अब सेहत के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है, खासकर डायबिटीज (मधुमेह) के मरीजों के लिए. विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी से बचने के चक्कर में लोग अनजाने में अपनी शुगर तेजी से बढ़ा रहे हैं, जो गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है. ऐसे में लोगों को खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. यदि रोजाना डाइट में कुछ सही चीजें शामिल कर ली जाएं, तो शुगर लेवल को काफी हद तक नियंत्रित रखा जा सकता है. डायबिटीज मरीजों को सतर्क रहने की जरूरत अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में कार्यरत आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ. मीनाक्षी शर्मा ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि गर्मियों में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए लोग शरबत, मीठे जूस और ठंडे पेय पदार्थों का अधिक सेवन करने लगते हैं. यह आदत शरीर को अस्थायी ठंडक तो देती है, लेकिन ब्लड शुगर लेवल को असंतुलित कर देती है. उन्होंने कहा कि इस मौसम में मिलने वाले कई फलों में भी शुगर की मात्रा अधिक होती है, इसलिए डायबिटीज मरीजों को सतर्क रहने की जरूरत है. शुगर मरीज इन चीजों का करें सेवन उन्होंने बताया कि जिन मरीजों में शुगर का स्तर कम होता है, वे थोड़ी सावधानी बरतकर सामान्य जीवन जी सकते हैं. लेकिन जिनका शुगर लेवल अधिक होता है, उन्हें खानपान में विशेष परहेज रखना चाहिए. गर्मी से राहत के लिए डायबिटीज मरीज नींबू पानी और नारियल पानी का सेवन कर सकते हैं. नींबू पानी में चीनी कम रखें और उसमें गोंद कतीरा मिलाकर पीना अधिक फायदेमंद होता है, इससे शरीर को ठंडक मिलती है और शुगर लेवल भी नियंत्रित रहता है. आयुर्वेद में धनिया, गोंद कतीरा और अमलतास को लाभकारी माना गया है. अमलतास की फलियों के बीच का गूदा धनिया के साथ भिगोकर सुबह सेवन करने से शरीर को ठंडक मिलती है और शुगर नहीं बढ़ती. उन्होंने सलाह दी कि डायबिटीज मरीजों को ऐसी ठंडी चीजों का सेवन करना चाहिए जिनमें मिठास कम हो. उन्होंने यह भी कहा कि थोड़ी मात्रा में मीठा खाया जा सकता है, लेकिन अत्यधिक मीठे आम की बजाय सामान्य या खट्टे आम का सेवन करना बेहतर है. डायबिटीज मरीज इन फलों का करें सेवन डॉ. शर्मा के अनुसार, गर्मियों में डायबिटीज मरीज हरा सेब, नाशपाती, जामुन, बेरी और नारियल पानी का सेवन कर सकते हैं. इसके साथ ही, जब भी कोई भोजन करें, उसके 10 से 15 मिनट बाद हल्की वॉक जरूर करें, इससे शुगर लेवल नियंत्रित रहता है. डायबिटीज मरीजों का डाइट चार्ट उन्होंने आगे बताया कि रोटी या चावल के साथ सलाद जरूर शामिल करें. दूध से बने भारी शेक का सेवन कम करें और लस्सी की जगह छाछ का उपयोग करें, क्योंकि यह ज्यादा फायदेमंद होती है. नींबू पानी में चिया सीड्स और गोंद कतीरा मिलाकर पीना भी लाभकारी है. इसके अलावा, गर्मियों में खट्टे आम का पन्ना भी सीमित मात्रा में लिया जा सकता है.

शादी से लौट रहे मां-बेटे को वाहन ने मारी टक्कर:गंभीर घायल अस्पताल में भर्ती; शाजापुर नेशनल हाईवे पर हादसा

शादी से लौट रहे मां-बेटे को वाहन ने मारी टक्कर:गंभीर घायल अस्पताल में भर्ती; शाजापुर नेशनल हाईवे पर हादसा

शाजापुर जिले में नेशनल हाईवे 52 पर सोमवार रात करीब 11 बजे सड़क हादसा हो गया। अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक पर सवार मां-बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए। वे पलसावद सोन गांव निवासी अर्जुन और उनकी मां कालीबाई थे, जो बोल्डी गांव में एक शादी समारोह से अपने घर लौट रहे थे। टक्कर से दोनों घायल सड़क पर गिर गए हादसा गोलवा के पास हुआ। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों सड़क पर गिरकर घायल हो गए। सूचना मिलने पर नेशनल हाईवे एंबुलेंस 1033 के पायलट किशोर पटेल और ईएमटी कुलदीप आर्य तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को शाजापुर जिला अस्पताल पहुंचाया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें रेफर कर दिया। हालांकि, परिजनों ने उन्हें इंदौर ले जाने की बजाय शाजापुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उनका इलाज जारी है। हादसे में अर्जुन के सिर में चोट आई है, जबकि उनकी मां कालीबाई के पैर में गंभीर चोट लगी है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

बारात के बीच गाड़ी निकालने पर विवाद:सतना में साइड मांगने पर 24 वर्षीय युवक को मारी गोली; कट्टे से किया फायर

बारात के बीच गाड़ी निकालने पर विवाद:सतना में साइड मांगने पर 24 वर्षीय युवक को मारी गोली; कट्टे से किया फायर

सतना शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात करीब 12 बजे बारात के बीच से वाहन निकालने के विवाद में एक 24 वर्षीय युवक को कट्टे से गोली मार दी गई। घटना पतेरी स्थित क्रिस्टकुला चौराहे के पास की है। गोली युवक के पैर में लगी है, जिसे उपचार के लिए तत्काल जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सोमवार रात महदेवा चौराहे के पास क्रिस्टकुला स्कूल से एक बारात मिलन मैरिज गार्डन की ओर जा रही थी। पूरी बारात सड़क के बीच में चल रही थी। इसी दौरान जवाहर निवासी राहुल उर्फ अनुराग द्विवेदी (24) अपने एक साथी के साथ वहां से गुजर रहा था। अपने वाहन को निकालने के लिए राहुल ने बारातियों को किनारे हटने को कहा था। कहासुनी के बाद मारपीट, फिर कट्टे से किया फायर रास्ता मांगने की बात पर राहुल का बारातियों में शामिल कुछ युवकों के साथ विवाद हो गया। कहासुनी का मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच सड़क पर ही मारपीट शुरू हो गई। इसी दौरान भीड़ में से किसी अज्ञात व्यक्ति ने कट्टे से फायर कर दिया। गोली सीधा राहुल के पैर में जाकर लगी, जिससे वह मौके पर ही घायल हो गया। अस्पताल पहुंचा दो थानों का बल, जांच जारी गोली चलने की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद सिविल लाइन टीआई योगेन्द्र सिंह और सिटी कोतवाली टीआई रावेन्द्र द्विवेदी सहित भारी पुलिस बल जिला अस्पताल पहुंच गया। कार्रवाई को लेकर सिविल लाइन टीआई योगेन्द्र सिंह परिहार ने बताया कि, “घायल के बयान के आधार पर घटना की विस्तृत जांच की जा रही है।”

हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी- 2मिनट में ओला-उबर, एंबुलेंस क्यों नहीं?:रोड सेफ्टी पर सुनवाई; हाईवे पर 300 अवैध कट-प्वाइंट्स का मुद्दा उठा, एनएचएआई से भी जवाब तलब

हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी- 2मिनट में ओला-उबर, एंबुलेंस क्यों नहीं?:रोड सेफ्टी पर सुनवाई; हाईवे पर 300 अवैध कट-प्वाइंट्स का मुद्दा उठा, एनएचएआई से भी जवाब तलब

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने रोड सेफ्टी को लेकर दायर जनहित याचिका पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब ओला-उबर जैसी सेवाएं कुछ मिनट में उपलब्ध हो जाती हैं, तो आपात स्थिति में एंबुलेंस समय पर क्यों नहीं पहुंचती? कोर्ट ने इस मामले में केंद्र और राज्य सरकार के साथ-साथ एनएचएआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिविजन बेंच ने कहा कि यह मामला सीधे लोगों की जान से जुड़ा है। कोर्ट ने पूछा जब कैब सर्विस मिनटों में उपलब्ध हो सकती है, तो एंबुलेंस क्यों नहीं? डिंडोरी निवासी सेवानिवृत्त अधिकारी महावीर सिंह ने जनहित याचिका दायर कर मांग की है कि सड़कों पर भी ओला-उबर की तरह रियल टाइम एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई जाए। याचिका में राष्ट्रीय राजमार्गों पर बने अवैध कट-प्वाइंट्स को भी हादसों की बड़ी वजह बताया गया है। हाईवे पर 300 अवैध कट-प्वाइंट्स याचिकाकर्ता ने भोपाल-जबलपुर हाईवे का उदाहरण देते हुए बताया कि यहां डिवाइडर तोड़कर करीब 300 अवैध कट-प्वाइंट्स बना दिए गए हैं। इससे न केवल ट्रैफिक प्रभावित होता है, बल्कि सड़क हादसों का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। याचिका में कहा गया है कि इन अवैध कट-प्वाइंट्स के कारण एंबुलेंस की समय पर आवाजाही बाधित होती है, जिससे गंभीर मरीजों की जान जोखिम में पड़ती है। अब आगे क्या हाईकोर्ट ने सभी संबंधित पक्षों से जवाब तलब कर अगली सुनवाई में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले को लेकर अब प्रशासनिक स्तर पर भी सख्ती की उम्मीद जताई जा रही है।

सागर में भीषण गर्मी के बीच हुई बारिश:गढ़ाकोटा मंडी में भीगा किसानों का गेहूं और चना, आज भी बादल छाने का अनुमान

सागर में भीषण गर्मी के बीच हुई बारिश:गढ़ाकोटा मंडी में भीगा किसानों का गेहूं और चना, आज भी बादल छाने का अनुमान

सागर में इस समय मौसम के दो रंग देखने को मिल रहे हैं। सुबह से झुलसाने वाली धूप से लोग हलाकान है। लेकिन दोपहर के बाद मौसम बदलने से आसमान बादल छा रहे हैं। बादलों के बीच बारिश का दौर भी जारी है। पिछले दो दिनों से जिले के अलग-अलग हिस्सों में शाम के समय बारिश हो रही है। सोमवार को भी दिनभर तल्ख धूप रही। लेकिन शाम को मौसम बदला। आसमान में बादल छा गए। हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई। इस दौरान शहर में बूंदाबांदी हुई। लेकिन ग्रामीण इलाकों में झमाझम बारिश देखने को मिली। गढ़ाकोटा में अचानक हुई बारिश से मंडी में रखा किसानों की गेहूं और चना की उपज भीग गई। इसके अलावा बड़ा क्षेत्र में भी बारिश हुई। बारिश से शाम के समय मौसम खुशनुमा रहा। बाजार में हवाओं में ठंडक रही। लेकिन घरों के अंदर उमस से लोग परेशान रहे। सोमवार को सागर का अधिकतम तापमान 43.7 डिग्री और न्यूनतम पारा 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया है। दिन का पारा सामान्य से 3 डिग्री और रात का तापमान सामान्य से 2 डिग्री ज्यादा बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण मौसम में बदलाव आया है। मंगलवार को भी सागर जिले समेत संभाग के जिलों में बादल छाने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। तीन दिनों से पारा 43-44 डिग्री के बीच सागर में अप्रैल के आखिरी सप्ताह में झुलसाने वाली गर्मी पड़ रही है। दिन का तापमान पिछले तीन दिनों से 43-44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। सुबह 9 बजे से ही तल्ख धूप का असर शुरू हो रहा है। दिन चढ़ने के साथ ही गर्मी के तेवर बढ़ रहे हैं। दोपहर के समय गर्म हवाओं के थपेड़ों से लोग परेशान हैं। गर्मी से बचने लोग आम दिनों की अपेक्षा घरों से कम निकल रहे हैं। दोपहर के समय बाजार में सन्नाटा पसरा रहता है।

सतना के वन स्टॉप सेंटर से 3 नाबालिग फरार:9 माह पहले हुआ था सिक्योरिटी ऑडिट, फिर भी हुई सुरक्षा में चूक

सतना के वन स्टॉप सेंटर से 3 नाबालिग फरार:9 माह पहले हुआ था सिक्योरिटी ऑडिट, फिर भी हुई सुरक्षा में चूक

सतना के वन स्टॉप सेंटर से रविवार रात तीन नाबालिग लड़कियां फरार हो गईं। लड़कियां खिड़की की ग्रिल निकालकर और तार की साढ़े पांच फीट ऊंची बाड़ी फांदकर भागी हैं। इस घटना ने सेंटर की सुरक्षा व्यवस्था और लोक निर्माण विभाग (PIU) द्वारा किए गए भवन निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि 9 महीने पहले ही इस सेंटर का सिक्योरिटी ऑडिट किया गया था। नाबालिग लड़कियों ने भागने के लिए सेंटर की सुरक्षा खामियों का सीधा फायदा उठाया। वन स्टॉप सेंटर और जिला कल्याण समिति (CWC) के बीच कंक्रीट की दीवार के बजाय सिर्फ साढ़े पांच फीट ऊंची तार की बाड़ी लगी हुई है। इसी बाड़ी के पास एक पुराना पेड़ गिरा हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि लड़कियों ने इसी गिरे हुए पेड़ का इस्तेमाल कर बाड़ी को पार किया और भागने में सफल रहीं। 9 महीने पहले ही हुआ था सिक्योरिटी ऑडिट महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी राजीव सिंह ने जुलाई में सतना का कार्यभार संभालने के बाद सेंटर का सिक्योरिटी ऑडिट कराया था। सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से उन्होंने वन स्टॉप सेंटर की चहारदीवारी के ऊपर कंटीले तारों की फेंसिंग भी करवाई थी, लेकिन सुरक्षा के ये सभी उपाय नाकाफी साबित हुए। भवन निर्माण की गुणवत्ता की खुली पोल वन स्टॉप सेंटर का निर्माण लोक निर्माण विभाग की प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट (PIU) ने कराया था। चार साल पहले यह भवन महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंपा गया था। लड़कियों ने भागने के लिए जिस खिड़की की ग्रिल को दीवार से अलग किया, उसका हुक दीवार में ठीक से फिक्स ही नहीं किया गया था। इस खुलासे ने भवन निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। तीन साल पहले भी भागी थी एक लड़की सेंटर से लड़कियों के भागने का यह पहला मामला नहीं है। करीब तीन साल पहले भी यहां से एक लड़की फरार हुई थी। उस घटना के बाद सुरक्षा के लिहाज से खिड़कियों में जाली लगवाई गई थी, लेकिन 27 अप्रैल की घटना में यह उपाय भी काम नहीं आया। सूत्रों के मुताबिक, मैहर की ‘पिपरा सेवा दल बिरादरी संस्थान’ वन स्टॉप सेंटर को मानव संसाधन (स्टाफ) उपलब्ध कराने का काम करती है।

सागर में ऑटो से बछड़ा उठा ले गए बदमाश, VIDEO:गोपालगंज थाना प्रभारी बोले- फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश जारी

सागर में ऑटो से बछड़ा उठा ले गए बदमाश, VIDEO:गोपालगंज थाना प्रभारी बोले- फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश जारी

सागर के गोपालगंज थाना क्षेत्र में स्थित एकता कॉलोनी से गाय का बछड़ा चोरी हो गया। बदमाश सवारी ऑटो लेकर आए और जबरदस्ती बछड़े को पकड़ा और ऑटो में बैठाकर भाग गए। यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। सीसीटीवी फुटेज सामने आते ही गौरक्षकों ने थाने पहुंचकर शिकायत की। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच में लिया है। पुलिस के अनुसार, फरियादी आशीष दुबे निवासी गायत्री नगर ने थाने में आकर शिकायत की। शिकायत में बताया कि सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर सामने आया है। जिसमें सवारी ऑटो का चालक अपने एक साथी के साथ गाय को बछड़ा चोरी कर ले जाते हुए दिख रहा है। फुटेज की हकीकत जानने की कोशिश की। पता लगने पर एकता कॉलोनी पहुंचे। कॉलोनी के रहवासियों ने बताया कि 26 अप्रैल की रात करीब 3.30 से 4 बजे के बीच अज्ञात आरोपी ऑटो रिक्शा लेकर आए थे। वे बछड़ा ऑटो में उठाकर ले गए है। वारदात की पुष्टि होने के बाद थाने में शिकायत की। मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश कर रहे शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी शहर में ऑटो से गाय चोरी करने के मामले सामने आ चुके हैं। गोपालगंज थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा ने बताया कि सवारी ऑटो से गाय का बछड़ा चोरी करने की शिकायत मिली है। अज्ञात ऑटो चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीम लगाई है। फुटेज के आधार पर और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

पचोर के पास सड़क हादसा, दो महिला की मौत:पिकअप-ट्रक भिड़ंत में 20 घायल, 6 इंदौर रेफर; अस्पताल में घायलों का इलाज जारी

पचोर के पास सड़क हादसा, दो महिला की मौत:पिकअप-ट्रक भिड़ंत में 20 घायल, 6 इंदौर रेफर; अस्पताल में घायलों का इलाज जारी

राजगढ़ जिले के पचोर के पास सड़क हादसे में घायल सभी लोगों को गंभीर अवस्था में शाजापुर जिला अस्पताल लाया गया। यहां इलाज के दौरान दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक महिला-पुरुष घायल हैं। इनमें से 6 लोगों से अधिक घायलों की हालत नाजुक होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है। बांकि घायलों का इलाज शाजापुर जिला अस्पताल में जारी है। राजगढ़ जिले के पचोर क्षेत्र के कचनारिया के पास सोमवार रात करीब 11 बजे एक सड़क हादसा हो गया। यहां एक पिकअप वाहन और ट्रक की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में पिकअप में सवार करीब 20 महिला-पुरुष गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान दो महिलाओं की मौत शाजापुर जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दो महिलाओं की मौत हो गई। मृतकों की पहचान भगवती बाई पति चंद्र सिंह निवासी मवासा और अवंती बाई पति गोपाल निवासी मवासा,जिला राजगढ़ के रूप में हुई है। दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल के शवगृह में रखा गया है,जिनका मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंपा जाएगा। घटना की सूचना मिलते ही शाजापुर जिला अस्पताल में आपात स्थिति बना दी गई। सिविल सर्जन,सहित डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को अलर्ट मोड पर रखकर घायलों का तत्काल इलाज शुरू किया गया। गंभीर रूप से घायल मरीजों को इंदौर रेफर किया गया है। सभी शादी समारोह में ममेरा लेकर जा रहे थे रेफर किए गए मरीजों में हुकम सिंह,रामलखन,राधाबाई, कोमलबाई,कलाबाई,गीताबाई,कलाबाई सहित अन्य शामिल हैं। वहीं पिकअप वाहन के चालक देव सिंह को भी गंभीर हालत में पचोर से भोपाल रेफर किया गया है। घायल धीरप सिंह यादव ने बताया कि सभी लोग मवासा गांव से ब्यावर के पास बरखेड़ा में आयोजित शादी समारोह में “ममेरा” लेकर जा रहे थे, तभी तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी, जिससे पिकअप पलट गई और सभी घायल हो गए। घायलों में कांताप्रसाद,लक्ष्मी नारायण ,महेश, गीताबाई प्रेम सिंह, होकम सिंह,संजू बाई, मंजू बाई, भगवती,पवन ,धीरप,कलाबाई, इन सभी घायलों का शाजापुर जिला अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस चौकी शाजापुर जिला अस्पताल के प्रधान आरक्षक पदम सिंह ने बताया कि दो महिलाओं की मौत हो चुकी है, जबकि अन्य घायलों का इलाज जारी है। डॉक्टर अरुण पाटीदार के अनुसार गंभीर घायलों को इंदौर रेफर किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।