Saturday, 03 Oct 2026 | 02:53 AM

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मुंबई में तरबूज खाने से पति-पत्नी, दो बेटियों की मौत:फूड पॉइजनिंग की आशंका; घर पर मेहमानों के साथ बिरयानी खाई, फिर फल खाए थे

मुंबई में तरबूज खाने से पति-पत्नी, दो बेटियों की मौत:फूड पॉइजनिंग की आशंका; घर पर मेहमानों के साथ बिरयानी खाई, फिर फल खाए थे

मुंबई के जे.जे. मार्ग इलाके में एक ही परिवार के चार सदस्यों की तरबूज खाने से मौत हो गई। मृतकों में अब्दुल्ला अब्दुल कादर (40), उनकी पत्नी नसरिन (35) और उनकी बेटियां जैनब (13) और आयशा (16) शामिल हैं। पुलिस ने फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई है। पुलिस के मुताबिक, 25 अप्रैल को परिवार ने अपने घर पर एक गेट-टुगेदर पार्टी रखी थी। इसमें कुछ रिश्तेदार आए थे। परिवार ने मेहमानों के साथ बिरयानी खाई थी। इसके बाद कपल और उनकी दोनों बेटियों ने तरबूज खाया। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। सभी को पहले एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उन्हें जे.जे. अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान एक के बाद एक चारों परिवार के सदस्यों की मौत हो गई। मेहमानों के जाने तक परिवार को कोई दिक्कत नहीं थी NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, अब्दुल्ला मोबाइल एक्सेसरी की दुकान चलाते थे। शनिवार रात करीब 10:30 बजे अब्दुल्ला के घर पर पांच रिश्तेदार डिनर के लिए इकट्ठा हुए थे। खाने में बिरयानी थी।डिनर के बाद रिश्तेदार अपने घर लौट गए। उस समय तक अब्दुल्ला, उनकी पत्नी या बेटियों को कोई दिक्कत नहीं थी। इसके बाद परिवार ने रात करीब 1 बजे तरबूज खाया। सुबह करीब 5 बजे उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें उल्टी और दस्त होने लगे। परिवार ने डॉक्टर को तरबूज खाने की जानकारी दी थी शुरुआत में एक स्थानीय डॉक्टर ने उनका इलाज किया, लेकिन हालत बिगड़ने पर उन्हें जेजे अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान छोटी बेटी जैनब की सुबह करीब 10:15 बजे मौत हो गई। उसकी मां और बड़ी बहन के बाद पिता की मौत रविवार रात करीब 10:30 बजे हुई। परिवार का इलाज करने वाले डॉ. जियाद कुरैशी ने बताया कि सभी की हालत बहुत खराब थी। डॉक्टर के मुताबिक, परिवार ने खुद ही बताया कि सभी लोगों ने तरबूज खाया था, जिसके कारण उनकी तबीयत खराब हो गई है। पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया गया है और पोस्टमार्टम किया गया है। पोस्टमार्टम के दौरान शरीर से लिए गए सैंपल आगे की जांच के लिए भेजे गए हैं। घर से आधा खाया हुआ तरबूज भी जब्त कर जांच के लिए भेजा गया है। 1 अप्रैल : गुजरात में डोसा से 2 बच्चियों का मौत का दावा अहमदाबाद में अप्रैल की शुरुआत में डोसा खाने से दो बच्चियों की मौत का दावा किया गया था। शुरुआती तौर पर इसे फूड पॉइजनिंग का मामला माना जा रहा था, लेकिन जांच में बच्चियों के पेरेंट्स के ब्लड सैंपल में जहरीले पदार्थ के संकेत मिले। जानकारी के मुताबिक, 1 अप्रैल को बच्चियों के पिता विमल प्रजापति बैटर लेकर आए थे। इससे बना डोसा खाने के बाद पत्नी और दोनों बेटियों की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 3 महीने की बच्ची की 3 अप्रैल को मौत हो गई, जबकि 4 साल की बच्ची ने भी दम तोड़ दिया। नगर निगम ने बैटर के सैंपल जांच के लिए भेजे, लेकिन अन्य ग्राहकों की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिलने पर पुलिस को शक हुआ। शक और गहरा इसलिए भी था क्योंकि छोटी बच्ची सिर्फ 3 महीने की थी। ऐसे में उसे डोसा खिलाने के दावे पर सवाल उठे। टॉक्सिकोलॉजी जांच में माता-पिता के शरीर में एल्युमिनियम फॉस्फाइड जैसे जहरीले पदार्थ के अंश मिले। FSL रिपोर्ट में डोसा भी ठीक निकला। बाद में पुलिस को घर से एक डायरी भी मिली, जिसमें महिला ने बेटे की इच्छा जताई थी। इसके बाद मामला फूड पॉइजनिंग से हटकर जहर के एंगल से जांच के दायरे में आ गया। पुलिस अभी भी इस केस की जांच कर रही है।

मुंबई में तरबूज खाने से पति-पत्नी, दो बेटियों की मौत:फूड पॉइजनिंग की आशंका; घर पर मेहमानों के साथ बिरयानी खाई, फिर फल खाए थे

मुंबई में तरबूज खाने से पति-पत्नी, दो बेटियों की मौत:फूड पॉइजनिंग की आशंका; घर पर मेहमानों के साथ बिरयानी खाई, फिर फल खाए थे

मुंबई के जे.जे. मार्ग इलाके में एक ही परिवार के चार सदस्यों की तरबूज खाने से मौत हो गई। मृतकों में अब्दुल्ला अब्दुल कादर (40), उनकी पत्नी नसरिन (35) और उनकी बेटियां जैनब (13) और आयशा (16) शामिल हैं। पुलिस ने फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई है। पुलिस के मुताबिक, 25 अप्रैल को परिवार ने अपने घर पर एक गेट-टुगेदर पार्टी रखी थी। इसमें कुछ रिश्तेदार आए थे। परिवार ने मेहमानों के साथ बिरयानी खाई थी। इसके बाद कपल और उनकी दोनों बेटियों ने तरबूज खाया। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। सभी को पहले एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उन्हें जे.जे. अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान एक के बाद एक चारों परिवार के सदस्यों की मौत हो गई। मेहमानों के जाने तक परिवार को कोई दिक्कत नहीं थी NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, अब्दुल्ला मोबाइल एक्सेसरी की दुकान चलाते थे। शनिवार रात करीब 10:30 बजे अब्दुल्ला के घर पर पांच रिश्तेदार डिनर के लिए इकट्ठा हुए थे। खाने में बिरयानी थी।डिनर के बाद रिश्तेदार अपने घर लौट गए। उस समय तक अब्दुल्ला, उनकी पत्नी या बेटियों को कोई दिक्कत नहीं थी। इसके बाद परिवार ने रात करीब 1 बजे तरबूज खाया। सुबह करीब 5 बजे उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें उल्टी और दस्त होने लगे। परिवार ने डॉक्टर को तरबूज खाने की जानकारी दी थी शुरुआत में एक स्थानीय डॉक्टर ने उनका इलाज किया, लेकिन हालत बिगड़ने पर उन्हें जेजे अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान छोटी बेटी जैनब की सुबह करीब 10:15 बजे मौत हो गई। उसकी मां और बड़ी बहन के बाद पिता की मौत रविवार रात करीब 10:30 बजे हुई। परिवार का इलाज करने वाले डॉ. जियाद कुरैशी ने बताया कि सभी की हालत बहुत खराब थी। डॉक्टर के मुताबिक, परिवार ने खुद ही बताया कि सभी लोगों ने तरबूज खाया था, जिसके कारण उनकी तबीयत खराब हो गई है। पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया गया है और पोस्टमार्टम किया गया है। पोस्टमार्टम के दौरान शरीर से लिए गए सैंपल आगे की जांच के लिए भेजे गए हैं। घर से आधा खाया हुआ तरबूज भी जब्त कर जांच के लिए भेजा गया है।

राजगढ़ में गौ माता आगे-आगे, पीछे भजन-कीर्तन की गूंज:बैलगाड़ी में 10 हजार हस्ताक्षरों का ज्ञापन लेकर निकली रैली, गौ-हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगे

राजगढ़ में गौ माता आगे-आगे, पीछे भजन-कीर्तन की गूंज:बैलगाड़ी में 10 हजार हस्ताक्षरों का ज्ञापन लेकर निकली रैली, गौ-हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगे

राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में सोमवार को गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत अनोखे अंदाज में रैली निकाली गई। भोजपुर नाके से शुरू हुई रैली में सबसे आगे सजी-धजी गौ माता चल रही थी, जबकि पीछे संत, महिलाएं, व्यापारी और गौ-भक्त भजन-कीर्तन करते हुए आगे बढ़ रहे थे। रैली का मुख्य आकर्षण बैलगाड़ी रही, जिसमें 10 हजार से अधिक लोगों के हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन को सजाकर रखा गया था। रैली तोपखाना गेट, सुभाष चौक, सराफा बाजार, पिपली बाजार, पटवा बाजार और इमली स्टैंड होते हुए काका कॉलोनी पहुंची। यहां ब्रह्माकुमारी आश्रम द्वारा गौ माता की पूजन की और संतों का स्वागत किया गया। इसके बाद रैली तहसील कार्यालय पहुंची, जहां एसडीएम अंकित जैन को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। रैली में संत रोहित नागर, पंडित नारायण वैष्णव, विष्णुदास, नीलू दीदी, मधु दीदी सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति शामिल रही। लोग हाथों में गौ-रक्षा के नारे लिखे पोस्टर और ध्वज लेकर चल रहे थे। तीन तस्वीरों में देखिए रैली घर-घर जाकर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया आयोजकों के अनुसार, पिछले एक महीने से खिलचीपुर और आसपास के गांवों में घर-घर जाकर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इसमें 10 हजार से अधिक लोगों ने भाग लेकर गौ-हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध और गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने की मांग का समर्थन किया। कल्याणराय हवेली मंदिर के मुख्य पुजारी अनिल पारीक ने बताया कि संतों के सानिध्य में देशभर में यह जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य गौ-हत्या पर पूर्ण रोक लगाना और गौ माता को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाना है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत खिलचीपुर क्षेत्र से 10 हजार से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर कर समर्थन दिया। संत रोहित नागर ने कहा कि पूरे देश में गौ माता के सम्मान में जगह-जगह ज्ञापन दिए जा रहे हैं। गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा मिलना चाहिए। मंदिर टूट जाए तो दोबारा बन सकता है, लेकिन गौ माता कट जाए तो वापस नहीं आ सकती, इसलिए सभी लोगों को इसके सम्मान में आगे आना चाहिए।

6वें ब्रदर एसई कॉफी मेमोरियल टेनिस:शौर्य और अराइना का शानदार प्रदर्शन, टीम इवेंट में वेल्हम बॉयज का दबदबा

6वें ब्रदर एसई कॉफी मेमोरियल टेनिस:शौर्य और अराइना का शानदार प्रदर्शन, टीम इवेंट में वेल्हम बॉयज का दबदबा

शहर के सेंट जोसेफ टेनिस एकेडमी में चल रहे 6वें ब्रदर एसई कॉफी मेमोरियल टूर्नामेंट का सोमवार को शानदार समापन हुआ। इस टूर्नामेंट में देहरादून और आसपास के क्षेत्र के उभरते युवा खिलाड़ियों ने अपना दमखम दिखाया। टूर्नामेंट के सिंगल्स मुकाबलों में जहां शौर्य शर्मा, अराइना विशाल और पूर्वी पटवा जैसे खिलाड़ियों ने अपने शानदार खेल से दर्शकों का दिल जीता, वहीं टीम इवेंट्स में वेल्हम बॉयज और टोन्सब्रिज स्कूल का दबदबा देखने को मिला।प्रतियोगिता के अंत में ब्रदर जेसी कैरोल और ब्रदर जोसेफ एम जोसेफ ने विजेता और उपविजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। शौर्य शर्मा ने दिखाया डबल दम लड़कों के वर्ग में शौर्य शर्मा का प्रदर्शन सबसे खास रहा। अंडर-16 सिंगल्स के बहुप्रतीक्षित फाइनल में शौर्य ने एकतरफा मुकाबले में जसकिरत सिंह अरोड़ा को 6-1 से शिकस्त देकर खिताब अपने नाम किया। वहीं, अंडर-18 डबल्स के फाइनल में भी शौर्य शर्मा और वात्सल्य रावत की जोड़ी ने शानदार तालमेल दिखाते हुए आरुष और अर्णव को 5-1 से हराकर चैंपियनशिप पर कब्जा जमाया। अराइना और पूर्वी ने जीते सिंगल्स खिताब लड़कियों के मुकाबलों में अराइना विशाल ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। अराइना ने अंडर-14 सिंगल्स के फाइनल में अपनी प्रतिद्वंद्वी अंशिका टंडन को 5-0 से हराकर खिताब जीता। वहीं, अंडर-16 सिंगल्स के कड़े फाइनल मुकाबले में पूर्वी पटवा ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए अराइना विशाल को 5-1 से मात दी। वेल्हम बॉयज ने जीते दो खिताब स्कूलों के बीच हुए टीम इवेंट्स में वेल्हम बॉयज स्कूल का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा। अंडर-14 और अंडर-16 दोनों ही श्रेणियों में वेल्हम बॉयज ने पहला स्थान हासिल कर चैंपियनशिप जीती, जबकि दोनों ही वर्गों में सेंट जॉर्ज कॉलेज मसूरी उपविजेता रहा। अंडर-16 टीम इवेंट में घरेलू टीम सेंट जोसेफ एकेडमी ने तीसरा स्थान हासिल किया। वहीं, अंडर-18 टीम इवेंट का खिताब टोन्सब्रिज स्कूल के नाम रहा, जबकि सेंट जोसेफ एकेडमी इसमें उपविजेता रही। विजेता खिलाड़ियों की सूची (बॉयज सिंगल्स) अंडर-10: प्रखर सिंह ने सिद्धांत गुप्ता को हराया (6-2) अंडर-12: शिवांश रावत ने युवराज सिंह रावत को हराया (6-4) अंडर-14: रेयांश अग्रवाल ने आयुष तोमर को हराया (6-2) अंडर-16: शौर्य शर्मा ने जसकिरत सिंह अरोड़ा को हराया (6-1) अंडर-18: शौर्य शर्मा और अर्जुन सिंह के बीच कड़ा फाइनल मुकाबला खेला गया। बॉयज डबल्स अंडर-18: शौर्य शर्मा और वात्सल्य रावत ने आरुष-अर्णव को हराया (5-1) गर्ल्स सिंगल्स अंडर-14: अराइना विशाल ने अंशिका टंडन को हराया (5-0) अंडर-16: पूर्वी पटवा ने अराइना विशाल को हराया (5-1) टीम इवेंट चैंपियंस अंडर-14: वेल्हम बॉयज़ स्कूल (उपविजेता: सेंट जॉर्ज कॉलेज) अंडर-16: वेल्हम बॉयज़ स्कूल (उपविजेता: सेंट जॉर्ज कॉलेज) अंडर-18: टोन्सब्रिज स्कूल (उपविजेता: सेंट जोसेफ एकेडमी)

समर होम कूलिंग टिप्स: गर्मी में तपकर भट्टी बन गई है रूम? आज ही करें ये बदलाव, बिना एसी के घर रहेंगे ठंडे

तस्वीर का विवरण

भट्टी पर फर्नीचर: दोपहर के समय धूप कक्ष को गर्म कर दिया जाता है। वसीयत के रंग का फर्नीचर। विंडो पर उत्पाद या बांस की चटनी लगाई जा सकती है। इससे धूप आने से रिकार्डगी और रूम ठंडा रहेगा। छवि: एआई पंखों के साथ अपनाएं ये ट्रिक: सिर्फ पंखों से गर्म हवा ही घूमती रहती है। प्रदेश के सामने एक बर्फ़ीला तूफ़ान या ठंडा पानी का स्थान। इससे हवा हवाई जहाज पूरे कमरे में खाली हो जाएगी। छवि: एआई घर में उपाय जरूर रखें: घर के अंदर और बाहर के इलाज से तापमान कम होता है। तुलसी, एलोवेरा, मनी प्लांट जैसे प्लांट प्लांट। मॉडल या विंडो के पास की चीज़ें। ये प्राकृतिक तरीकों से बनाएं ठंडक। छवि: एआई रात में खुला खुला: रात का मौसम ठंडा होता है, इसलिए रात में बचा हुआ सामान। सुबह होते ही बंद कर दें। इससे अनभिज्ञ हवा अंदर रहेगी और दिन में गर्मी कम रहेगी। छवि: एआई अनैतिक का उपयोग किया गया उत्पाद: सॉसेज़ समय पर ठंडे पानी का उपयोग करें। फ़्राईड तो पानी में थोड़ा सा नमक या नींबू मिला सकते हैं। इससे सेमेस्टर ठंडा रहेगा और तापमान भी कम होगा। छवि: फ्रीपिक सूती कपड़े का उपयोग: बेड साइज और स्कर्ट हमेशा सुती जगह। गहरे रंग के स्थान पर गहरे रंग का रंग चुनें। ये गर्मी कम सोखते हैं और ठंडक बनाए रखते हैं। छवि: एआई कम इस्तेमाल किया जाने वाला इलेक्ट्रॉनिक सामान: टीवी, लैपटॉप, एलपीजी आदि हीट का जन्म होता है। जरूरत न हो तो अन्य की तरह। एलईडी बल्ब का उपयोग करें। छवि: एआई छत को ठंडा करके: छत सबसे ज्यादा हॉट होती है। छत पर पानी का साज़िश। सफेद पेंट या टाइल्स लगाए गए। इससे घर का तापमान काफी हद तक कम हो जाता है। छवि: एआई बिना एसी के भी घर को ठंडा रखना बिल्कुल संभव है। बस आपको सरल समझदारी और सही उपाय की आवश्यकता है। ये छोटे-छोटे बदलाव न सिर्फ गर्मी से राहत देंगे, बल्कि बिजली का बिल भी बचाएंगे। छवि: एआई

खतौरा अनाज मंडी में किसानों का हंगामा:तुलाई में देरी और अव्यवस्था पर कर्मचारियों पर आरोप

खतौरा अनाज मंडी में किसानों का हंगामा:तुलाई में देरी और अव्यवस्था पर कर्मचारियों पर आरोप

शिवपुरी जिले की बदरवास तहसील स्थित खतौरा अनाज मंडी में सोमवार को समर्थन मूल्य पर उपज बेचने आए किसानों ने तुलाई में देरी और अव्यवस्था को लेकर हंगामा किया। किसानों ने आरोप लगाया कि स्लॉट बुक होने के बावजूद उनका अनाज तय समय पर नहीं तोला जा रहा था, जिससे उन्हें परेशानी हो रही थी। भारतीय किसान संघ के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे और खरीदी व्यवस्था पर नाराजगी जताई। कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया किसानों ने तुलाई में लगे कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने की मांग की। उन्होंने बताया कि खरीदी शुरू होने के पहले दिन से ही इस केंद्र पर अव्यवस्था बनी हुई है। सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार सतीश कुमार उपाध्याय मौके पर पहुंचे और किसानों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने पूरे मामले को समझा और किसानों से बातचीत की। आईडी लॉक होने से समस्या उपार्जन केंद्र के कर्मचारियों ने अपनी सफाई में बताया कि खरीदी से संबंधित आईडी का पासवर्ड रविवार से लॉक हो गया था। इसी वजह से तुलाई प्रक्रिया प्रभावित हुई और किसानों को इंतजार करना पड़ा। नायब तहसीलदार सतीश कुमार उपाध्याय ने पुष्टि की कि पासवर्ड लॉक होने के कारण समस्या उत्पन्न हुई थी। उन्होंने बताया कि संबंधित विभाग से संपर्क कर पासवर्ड को अनलॉक करा दिया गया है। इसके बाद केंद्र पर अनाज की तुलाई दोबारा शुरू कर दी गई है।

जहर खाकर 15 दिन की बेटी को लेकर निकली महिला:रास्ते में मौत, गोद में बच्ची लिए 1 किलोमीटर चली, पति के जाने के बाद निकली

जहर खाकर 15 दिन की बेटी को लेकर निकली महिला:रास्ते में मौत, गोद में बच्ची लिए 1 किलोमीटर चली, पति के जाने के बाद निकली

देवास में एक महिला ने सोमवार सुबह जहर खा लिया। जहर खाने के बाद वह 15 दिन की बेटी को गोद में लेकर घर से निकल गई। करीब 1 किमी दूर जमीन पर गिरी और उल्टी करने लगी। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उसकी जान नहीं बची। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस के अनुसार- सुतारपुरा (पुंजापुरा) निवासी रामेश्वर सोमवार अलसुबह विवाह कार्यक्रम में शामिल होने खरगोन रवाना हुआ। पति के जाते ही रेशमीबाई ने जहर पी लिया। बिना किसी को बताए, उसने सो रही अपनी 15 दिन की बेटी को गोद में उठाया और घर से निकल गई। तीन बेटियों की नींद खुली तो उन्होंने मां को आवाज लगाई। आसपास नहीं दिखने पर परिवार से पूछा। इसके बाद सभी उसे खोजने लगे। 1 किलोमीटर पैदल चली फिर सड़क पर गिरी करीब एक किमी दूर वह सड़क किनारे उल्टी करते मिली। परिवार वाले उसे तत्काल बागली के स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए, जहां से उसे देवास जिला अस्पताल रैफर कर दिया। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों का कहना था कि पति-पत्नी में कोई विवाद नहीं था। रेशमीबाई ने ऐसा क्यों कदम उठाया, समझ नहीं आई। राधाबाई ने बताया कि भाभी बेटी को लेकर घर से निकल गई थी। ढूंढा तो वह बच्ची को लेकर चल रही थी। बैठकर उल्टी करने लगी, बदबू आई तो समझ आया कि उसने कुछ जहरीला पदार्थ खाया है, सभी उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन रेमशीबाई को मृत घोषित कर दिया। सुबह से बेटी रो रही है राधाबाई ने बताया कि रेमशीबाई की तीन बेटियां थी, चौथी बेटी का जन्म 15 दिन पहले ही हुआ था। अभी तो उसका नाम भी नहीं रखा। तीन बेटियों के नाम चंदा, एश्वर्या और सीमा है। छोटी बेटी सुबह से रो रही है। घर के पास ही जंगल में प्रसव हुआ था परिजनों ने बताया कि घर पास ही जंगल में उनका परिवार महुआ बीनने जाता है। 15 दिन पहले ही रेशमीबाई का जंगल में प्रसव हुआ था। सास श्यानीबाई ने बताया कि बेटे और बहू घर से कुछ ही दूर रहते हैं। आज सुबह बेटियों ने आकर बताया कि मम्मी रेशमीबाई कहीं चली गई है। मैं नदी तक देखने भी गई थी। पति पत्नी के बीच कोई विवाद नहीं होता था। रविवार रात को मछली लाए थे, दोनों अच्छे से रह रहे थे, कुछ नहीं हुआ था। बेटा सुबह बोलकर गया था श्यानीबाई ने बताया कि बेटा सुबह विवाह कार्यक्रम में शामिल होने खरगोन जाने का कहकर घर से निकला था। मैंने कहा था कि आते समय बेटियों के लिए कपड़े ले आना। गांव में शादी आएगी तो काम आएंगे। कुंवरसिंह ने बताया कि बहू रेशमीबाई ने हमें कुछ नहीं कहा, जब वह रास्ते में गिरी मिली तो उसके पास से दवा की बदबू आ रही थी।

पीएम एक्सीलेंस कॉलेज में बस शुल्क को लेकर विवाद:जबरन वसूली के विरोध में एनएसयूआई ने खोला मोर्चा, कहा-10 दिन में समाधान करें

पीएम एक्सीलेंस कॉलेज में बस शुल्क को लेकर विवाद:जबरन वसूली के विरोध में एनएसयूआई ने खोला मोर्चा, कहा-10 दिन में समाधान करें

रीवा में पीएम एक्सीलेंस (मॉडल साइंस कॉलेज) में छात्रों से जबरन बस शुल्क वसूली के विरोध में एनएसयूआई ने मोर्चा खोल दिया है। जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और जल्द समाधान की मांग की। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने कहा कि कॉलेज में बसों की संख्या और उनकी क्षमता सीमित है, साथ ही बसों का संचालन केवल दो राउंड में प्रस्तावित है। ऐसे में सभी छात्रों पर अनिवार्य बस शुल्क थोपना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो छात्र बस सेवा का उपयोग नहीं करते, उनसे भी शुल्क वसूला जाना गलत है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों पर बढ़ रहा बोझ एनएसयूआई ने कहा कि एक समान शुल्क लागू करने से गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों पर अनावश्यक आर्थिक दबाव पड़ रहा है, जो न्यायसंगत नहीं है। संगठन ने मांग की है कि बस शुल्क केवल उन्हीं छात्रों से लिया जाए, जो वास्तव में इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो सैकड़ों छात्र उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

बैतूल में गूंजे नारे-‘गौमाता को राष्ट्रमाता बनाओ’:भजन-कीर्तन के साथ निकली पदयात्रा, कहा- स्वतंत्र गो पालन मंत्रालय बनाया जाए

बैतूल में गूंजे नारे-‘गौमाता को राष्ट्रमाता बनाओ’:भजन-कीर्तन के साथ निकली पदयात्रा, कहा- स्वतंत्र गो पालन मंत्रालय बनाया जाए

बैतूल में ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत सोमवार को जिले में विराट गौ सम्मान पदयात्रा निकाली गई। इसमें सैकड़ों गौभक्त शामिल हुए। पदयात्रा शिवाजी ऑडिटोरियम से शुरू होकर तहसील कार्यालय पहुंची, जहां राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। पदयात्रा सुबह 11 बजे शुरू हुई और भजन-कीर्तन व प्रार्थना के साथ शांतिपूर्ण ढंग से शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई तहसील कार्यालय पहुंची। गौभक्तों ने 9 सूत्रीय मांग पत्र प्रस्तुत किया, जिसमें गोवंश को ‘राष्ट्रमाता’ का संवैधानिक दर्जा देने की प्रमुख मांग रखी गई। आंदोलन की तीन तस्वीरें देखिए… गौ संरक्षण और सख्त कानून की मांग ज्ञापन में गौशालाओं को सहायता, गौ अभयारण्य निर्माण, तस्करी पर कड़े कानून और आधुनिक गौ चिकित्सालय स्थापित करने की मांग शामिल रही। ज्ञापन में कहा गया कि भूख, दुर्घटनाओं, तस्करी और वध के कारण देशी गोवंश की संख्या लगातार घट रही है, जो चिंता का विषय है। गौवंश वध और तस्करी को संज्ञेय व गैर-जमानती अपराध घोषित करने, आजीवन कारावास का प्रावधान करने और स्वतंत्र गो-पालन मंत्रालय बनाने की मांग की गई। आंदोलन को आगे बढ़ाने की चेतावनी पंचगव्य अनुसंधान केंद्र, गो आधारित उद्योगों को बढ़ावा, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन और किसानों को आर्थिक सहायता देने के सुझाव भी दिए गए। आयोजकों ने बताया कि मई से जुलाई तक शासन से संवाद किया जाएगा। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।

खंडवा में कर्मवीर विद्यापीठ को बचाने की उठी मांग:“माखन दादा” की धरोहर के लिए विधायक ने सीएम से की मुलाकात

खंडवा में कर्मवीर विद्यापीठ को बचाने की उठी मांग:“माखन दादा” की धरोहर के लिए विधायक ने सीएम से की मुलाकात

निमाड़ की ऐतिहासिक पहचान कर्मवीर विद्यापीठ को बंद किए जाने की आशंकाओं ने जनआक्रोश और जनजागरण को जन्म दे दिया है। पत्रकार संगठनों, सामाजिक संस्थाओं ने इस संस्थान को बचाने की मांग उठाई है। लोगों ने कहा, यह केवल एक शैक्षणिक केंद्र नहीं, बल्कि खंडवा की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक है। विधायक ने सीएम के सामने रखी मांग पंधाना विधायक छाया मोरे ने इस मुद्दे को उठाते हुए आंदोलन को नई दिशा दी है। उन्होंने बिना किसी राजनीतिक दबाव के स्वयं आगे बढ़कर इस विषय को राज्य स्तर तक पहुंचाया। विधायक मोरे ने भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय का खंडवा स्थित परिसर कर्मवीर विद्यापीठ महान स्वतंत्रता सेनानी और पत्रकार पंडित माखनलाल चतुर्वेदी की कर्मभूमि से जुड़ी अमूल्य धरोहर है। “माखन दादा” की विरासत बचाने की मांग विधायक ने मुख्यमंत्री के सामने स्पष्ट कहा कि संस्थान को बंद करना निमाड़ के युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय होगा। यह “माखन दादा” की ऐतिहासिक विरासत के प्रति उपेक्षा भी मानी जाएगी। उन्होंने मांग की कि परिसर को यथावत संचालित रखा जाए और यहां स्थायी, सर्वसुविधायुक्त भवन निर्माण के लिए जल्द कदम उठाए जाएं। मुख्यमंत्री का सकारात्मक रुख मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए संवेदनशीलता के साथ विचार करने और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। सामाजिक संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि संस्थान को बंद करने की प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा। हालांकि फिलहाल मुख्यमंत्री के सकारात्मक संकेतों के बाद समाधान की उम्मीद बरकरार है।