छिपकली हटाने के उपाय: घर से दम-दबाकर भाग मछलियाँ, बस दिन में एक बार करें ये देसी उपाय

लहसुन-प्याज का प्रयोग: चिपकलिपियों को तेज गंध बिल्कुल पसंद नहीं है। लहसुन की कलियाँ या प्याज के टुकड़े घर के नाज़ुक में रख दें या उनके रस को पानी में डुबो दें। दिन में एक बार ऐसा करें। छवि: फ्रीपिक काली मिर्च का झटका: काली मिर्च की पूर्वोत्तर गंध छिपकली को दूर रखने में मदद मिलती है। पानी में काली मिर्च का पाउडर। इस मिश्रण को स्प्रे बोतलों में और नारियल में स्प्रेडें। छवि: फ्रीपिक टेम्पलेट का रस:नीलेंडेम की वनस्पति भी छिपकली कलियों को पसंद नहीं है। विंडो, गैलरी और दीवारों के नैशनल में नेम का रस फ्लोर। इससे छिपकलियाँ अंदर आने से बचती हैं। छवि: फ्रीपिक फ़िनाइल या गाजर का पानी: घर की साफ-सफाई में इस्तेमाल होने वाला फिनाइल भी छिपकलियों को दूर रखने में मदद करता है। सामान और दीवारों के पास नियमित पोखा फर्नीचर। इससे चिपचिप की खाड़ी नहीं। छवि: फ्रीपिक अधिक पंख: यह एक पुराना और काफी लोकप्रिय उपाय है। जहाँ छिपकलियाँ सबसे अधिक दिखाई देती हैं, वहाँ मोर पंख रहते हैं। कहा जाता है कि इसे देखकर छिपकली दूर रहती है। छवि: एआई घर को साफ-सुथरा रखें: छिपकलियाँ अक्सर उन स्थानों पर आती हैं जहाँ कीड़े-मकौड़े होते हैं। घर में सफाई बनाये रखें। किचन और डस्टबिन को साफ रखने की जगह। दरारों और छेदों को बंद करें। छवि: एआई रोजाना एक बार इन उपायों को जरूर अपनाएं। विशेष रूप से शाम के समय शॉक का प्रभाव अधिक होता है। छोटे बच्चे और नाभि से लेकर दूर तक चलने वाले उपकरण। छवि: फ्रीपिक चिपचिपकलियों से एनवायरनमेंट पाना मुश्किल नहीं है, बस थोड़ी सी नियमितता और सही उपाय जरूरी हैं। इन देसी विद्यार्थियों को अपनाकर आप बिना किसी नुकसान के अपने घर को छिपकलियों से मुक्त रख सकते हैं। छवि: एआई
पानी की टंकी पर मिला अज्ञात युवक का शव:धार में 5 से 10 दिन पुराना है शव, वॉलमैन के निरीक्षण में पता चला

धार की गांधी कॉलोनी में स्थित एक पानी की टंकी की छत पर अज्ञात व्यक्ति का सड़ा-गला शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव करीब 5 से 10 दिन पुराना बताया जा रहा है। घटना की जानकारी उस समय सामने आई जब टंकी का वॉलमैन नियमित निरीक्षण के लिए पहुंचा। टंकी की देखरेख करने वाले वॉलमैन इरफान चांद खां करीब 10 दिन बाद निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। छत पर पहुंचते ही उनकी नजर शव पर पड़ी, जो बुरी तरह सड़ चुका था और उससे तेज दुर्गंध आ रही थी घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली थाना प्रभारी दीपक सिंह चौहान अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने आसपास के लोगों से भी पूछताछ शुरू की। पहचान नहीं, मौत की वजह भी साफ नहीं प्रारंभिक जांच में शव 5 से 10 दिन पुराना बताया जा रहा है, लेकिन अब तक मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि व्यक्ति टंकी की छत तक कैसे पहुंचा। नगरपालिका कर्मचारियों और स्थानीय लोगों की मदद से शव को रस्सियों के सहारे नीचे उतारा गया। इसके बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाली पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
गर्मियों में गंदा पानी पीना खतरनाक, कई गंभीर बीमारियों का खतरा, डॉक्टर ने दी चेतावनी

Last Updated:April 26, 2026, 18:26 IST Kanpur News: गंदा पानी पीने से छोटी बीमारी से लेकर गंभीर रोग तक हो सकते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, दूषित पानी में बैक्टीरिया, वायरस, केमिकल और भारी धातुएं मिल सकती हैं, जो धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाती हैं. कानपुर के जूही, पनकी, भौंती, जाजमऊ, राखी मंडी, चकेरी और आसपास के कई इलाकों में खराब पानी की शिकायतें सामने आती रही हैं. कानपुर: गर्मी के मौसम में पानी की जरूरत सबसे ज्यादा बढ़ जाती है, लेकिन अगर यही पानी दूषित हो तो यह शरीर के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है. कानपुर के जूही, पनकी, भौंती, जाजमऊ, राखी मंडी, चकेरी और आसपास के कई इलाकों में खराब पानी की शिकायतें सामने आती रही हैं. डॉक्टरों का कहना है कि गंदा पानी पीने से छोटी बीमारी से लेकर गंभीर रोग तक हो सकते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, दूषित पानी में बैक्टीरिया, वायरस, केमिकल और भारी धातुएं मिल सकती हैं, जो धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाती हैं. गर्मी में इसका खतरा और बढ़ जाता है, क्योंकि इस मौसम में पानी ज्यादा पिया जाता है. पेट, त्वचा और लीवर पर सबसे ज्यादा असरजीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सकों के अनुसार, गंदा पानी पीने से सबसे पहले पेट प्रभावित होता है. इससे डायरिया, उल्टी, पेट दर्द, गैस्ट्रोएंट्राइटिस, हैजा और आंतों का संक्रमण हो सकता है. कई लोगों को बार-बार बुखार और कमजोरी भी होने लगती है. अगर लंबे समय तक खराब पानी का उपयोग किया जाए, तो त्वचा रोग, खुजली, चकत्ते और एलर्जी जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं. कई मामलों में लीवर और किडनी पर भी असर पड़ता है. लंबे समय तक पीना पड़ सकता है भारी डॉक्टरों का कहना है कि अगर पानी में केमिकल या जहरीले तत्व मिले हों, तो लंबे समय तक सेवन करने पर गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इससे शरीर के अंग कमजोर पड़ सकते हैं. कुछ मामलों में कैंसर जैसी बीमारी का खतरा भी माना जाता है. बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए दूषित पानी ज्यादा खतरनाक हो सकता है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है. ऐसे करें बचाव डॉक्टर सलाह देते हैं कि हमेशा उबला हुआ, फिल्टर किया हुआ या साफ पानी ही पिएं. बाहर खुले में रखा पानी पीने से बचें. पानी का रंग, गंध या स्वाद बदला लगे तो तुरंत उसका उपयोग बंद करें. घर की टंकी और पाइपलाइन की सफाई भी समय-समय पर कराते रहें. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बार-बार पेट खराब हो, उल्टी-दस्त हो, त्वचा पर दाने निकलें या कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए. साफ पानी ही अच्छे स्वास्थ्य की सबसे बड़ी कुंजी है. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Kanpur Nagar,Uttar Pradesh First Published : April 26, 2026, 18:26 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
गुना में साइड नहीं मिली तो बारात पर चढ़ाया ट्रैक्टर:दूल्हे ने कूदकर बचाई जान, म्याना में मची भगदड़; आरोपी गिरफ्तार

गुना के म्याना कस्बे में शनिवार रात साइड नहीं मिलने से नाराज एक ट्रैक्टर चालक ने गुस्से में आकर नाचते-गाते बारातियों की भीड़ पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश कर दी। इस दौरान दूल्हे ने बग्गी से कूदकर अपनी जान बचाई, जबकि मौके पर भगदड़ मच गई। जानकारी के अनुसार ग्राम चतराई से धाकड़ समाज की बारात शनिवार रात करीब 11 बजे म्याना पहुंची थी। बारात गाजे-बाजे के साथ सदर बाजार से म्याना चौराहे की ओर बढ़ रही थी, तभी म्याना निवासी अंकित भदौरिया ट्रैक्टर लेकर वहां पहुंच गया। बारात की भीड़ के कारण ट्रैक्टर को रास्ता नहीं मिल पा रहा था। कुछ देर इंतजार के बाद आरोपी चालक अंकित भदौरिया ने आपा खो दिया और बारातियों से अभद्रता करने लगा। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया। भीड़ पर चढ़ाया ट्रैक्टर, मची भगदड़ गुस्से में चालक ने ट्रैक्टर को सीधे बारात की भीड़ की ओर दौड़ा दिया। बग्गी के पास ट्रैक्टर आता देख दूल्हे भूपेंद्र धाकड़ ने तुरंत कूदकर जान बचाई। अन्य बारातियों ने भी भागकर खुद को सुरक्षित किया। आरोप है कि जब बारातियों ने उसे रोकने की कोशिश की, तो आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद बाराती म्याना थाने पहुंचे। फरियादी बलवीर सिंह धाकड़ की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी का ट्रैक्टर जब्त कर लिया गया है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। वायरल वीडियो भी पुलिस के पास है। टीआई बोले-शिकायत के बाद FIR म्याना थाना प्रभारी TI ब्रजमोहन भदौरिया ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत मिलते ही एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपी पर धारा 281, 296 (ए), 351 (3) के तहत मामला दर्ज किया गया है। घटना से संबंधित वायरल वीडियो भी पुलिस के पास उपलब्ध है। आरोपी अंकित भदौरिया को पकड़ लिया गया है और उसका ट्रैक्टर जब्त कर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
एक घूंट पीते ही शरीर हो जाएगा तरोताजा, गर्मी में भी देगा ठंडक का एहसास! ये देसी नुस्खा कई बीमारियों में कारगर

Last Updated:April 26, 2026, 18:08 IST Health news: आयुर्वेद में ऐसी कई औषधी है, जिसमें लाखों गुण पाए गए हैं. उन्हीं में से एक है गोंद कतीरा, जिसे आयुर्वेद में गर्मी से राहत देने वाली औषधि भी माना जाता है. इन दिनों गोंद कतीरा लोगों के बीच ठंडक का टॉनिक साबित हो रहा है. बलिया: चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी ने इस बार लोगों की बेचैनी बढ़ा दी है. इस दौरान सड़क पर निकलना या घर में बैठना भी आसान नहीं है, हर कोई तपिश से बेहाल है. ऐसे में एक देसी नुस्खा तेजी से वायरल हो रहा है. बिल्कुल सही सुना आपने, हम बात कर रहे हैं गोंद कतीरा की, जिसे आयुर्वेद में गर्मी से राहत देने वाली औषधि भी माना जाता है. इन दिनों गोंद कतीरा लोगों के बीच ठंडक का टॉनिक साबित हो रहा है. बलिया की फेमस सात साल अनुभवी आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रियंका सिंह के अनुसार, गोंद कतीरा दिखने में तो साधारण लगता है, लेकिन इसके फायदे हैरान करने वाले हैं. गोंद कतीरा बाजार में हर पैसारी या आयुर्वेदिक दुकानों पर आसानी से मिल जाता है. इसका सेवन करना भी बहुत आसान है. रात में दो चम्मच गोंद कतीरा पानी में भिगो दीजिए और सुबह इसे घोलकर पी लें. चाहें तो शरबत या मिश्री मिलाकर इसका स्वाद बढ़ाया जा सकता है. यह शरीर को अंदर से ठंडा रखता है और लू के असर को कम करने में रामबाण साबित हो सकता है. कई समस्याओं में कारगरगोंद कतीरा न केवल गर्मी से राहत देता है, बल्कि तमाम समस्याओं में भी बहुत उपयोगी है. यह जरूरत से ज्यादा पसीना, हाथ-पैर में जलन, पाचन की दिक्कत और कमजोरी जैसी दिक्कतों में बहुत लाभकारी और गुणकारी है. इसमें फाइबर पाए जाते हैं, जो पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद करते हैं, जबकि फोलिक एसिड शरीर को ऊर्जा भी देता है. यह खून की कमी से जूझ रहे लोगों के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है. हालांकि, जनपद बलिया में इन दिनों गोंद कतीरा का खूब उपयोग हो रहा है. एक्सपर्ट की सलाह के बाद करें इस्तेमालगोंद कतीरा घरेलू नुस्खों में मेहंदी के फूल या धनिया के साथ इस्तेमाल करने की जाती है, ऐसा करने से माइग्रेन या टॉन्सिल जैसी समस्याओं से निजात मिलती है. भीषण गर्मी के इस दौर में गोंद कतीरा लोगों के लिए राहत की उम्मीद जरूर बना है, लेकिन अगर आपको पहले से कोई गंभीर बीमारी हो, तो बगैर किसी एक्सपर्ट से संपर्क या सलाह लिए गोंद कतीरा का सेवन न करें, वरना हानिकारक भी सिद्ध हो सकता है. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Ballia,Uttar Pradesh First Published : April 26, 2026, 18:08 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
साई से लौटकर गांव में सीख रही कुश्ती:12 राष्ट्रीय पदक जीती माधुरी; ओलंपिक में भारत के लिए लाना चाहती हैं मेडल

खंडवा जिले के बोरगांवखुर्द की युवा पहलवान माधुरी पटेल देवास में आयोजित कुश्ती महोत्सव में हिस्सा लेने आई हैं। 21 वर्षीय माधुरी का सपना ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतना है। वह अपने पिता से कुश्ती के गुर सीख रही हैं। माधुरी अब तक 12 राष्ट्रीय पदक जीत चुकी हैं। उनकी कहानी फिल्म ‘दंगल’ से मिलती-जुलती है, जहां उनके पिता जगदीश पटेल, जो खुद राज्य स्तर के पहलवान रह चुके हैं, पिछले 11 सालों से उन्हें प्रशिक्षण दे रहे हैं। पिता जगदीश पटेल का एकमात्र सपना है कि उनकी बेटी देश के लिए ओलंपिक में पदक जीते। उन्होंने माधुरी के सपनों को साकार करने के लिए अथक प्रयास किए हैं और उनका अटूट विश्वास ही माधुरी की सबसे बड़ी ताकत है। शुरुआत में माधुरी अपने गांव की अकेली लड़की थीं जो अखाड़े में उतरती थीं। उन्हें और उनके पिता को समाज के सवालों का सामना करना पड़ा। माधुरी को भी शुरू में इस संघर्ष और कड़ी मेहनत का अर्थ समझ नहीं आता था, लेकिन जैसे-जैसे उन्होंने दंगल जीते और पदक प्राप्त किए, उन्हें अपनी मेहनत का महत्व समझ आने लगा। आज माधुरी न केवल खुद कुश्ती लड़ रही हैं, बल्कि अपने गांव की 15-20 अन्य बेटियों को भी कुश्ती के लिए प्रेरित कर रही हैं। जो लड़कियां पहले अखाड़े के बाहर खड़ी होकर देखती थीं, वे अब उनके साथ मिट्टी में पसीना बहा रही हैं। सुबह शाम तीन-तीन घंटे करती हैं अभ्यास माधुरी ने बताया कि उनकी दिनचर्या में हर सुबह और शाम तीन-तीन घंटे का अभ्यास, सख्त आहार और पिता की डांट में छिपा प्यार शामिल है। मुंबई के साई सेंटर तक पहुंचने के बाद भी उन्होंने गांव लौटना चुना, क्योंकि उनका मानना है कि उनका असली संघर्ष और पहचान इसी मिट्टी से जुड़ी है। साम्या के पिता ट्रेन में चने बेचते है इसी अखाड़े में खंडवा की एक और बेटी, समय साम्या बानो भी अपने सपनों की लड़ाई लड़ रही हैं। 8 साल से कुश्ती कर रही साम्या के पिता ट्रेन में चने बेचते हैं, लेकिन उनकी हिम्मत कभी नहीं टूटी। पांच बार नेशनल में उतर चुकीं साम्या ने एक मेडल जरूर जीता है, पर उनका हौसला उससे कहीं बड़ा है। माधुरी और साम्या की कहानी सिर्फ कुश्ती की नहीं, बल्कि उस जिद की है जो हालातों से लड़ना सिखाती है… उस भरोसे की है जो एक पिता अपनी बेटी पर करता है… और उस सपने की है, जो छोटे गांवों की मिट्टी से निकलकर देश का नाम रोशन करने का हौसला रखता है। आयोजन से जुड़े आकाश संगते ने बताया कि इस कुश्ती महोत्सव में राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय महिला पहलवान अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं। खंडवा से भी कई प्रतिभाशाली महिला पहलवान शामिल हुई है
कैलाश खेर का इवेंट में गाने से इनकार:बोले- कलाकार को जोकर न बनाएं; क्या सचिन तेंदुलकर से कभी कहोगे छक्का मार कर दिखा दो?

सिंगर कैलाश खेर ने हाल ही में दिल्ली के एक प्रोग्राम में ऑन-डिमांड गाना गाने की रिक्वेस्ट ठुकरा दी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में गायकों से चलते-फिरते दो लाइनें सुनाने की जिद करना कलाकार की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। सिंगर के मुताबिक, कलाकारों को मनोरंजन का साधन या ‘जोकर’ नहीं समझा जाना चाहिए। दिल्ली के इवेंट में भड़के सिंगर कैलाश खेर 25 अप्रैल को दिल्ली के ताज पैलेस में ‘सिक्स सिग्मा लीडरशिप समिट’ के सातवें एडिशन में शामिल हुए थे। इवेंट के दौरान जब होस्ट ने उनसे दर्शकों के मनोरंजन के लिए कुछ लाइनें गाने को कहा, तो सिंगर असहज हो गए। उन्होंने माइक पर ही नाराजगी जताते हुए कहा, “यही सोच मैं बदलना चाहता हूं। गायक या संगीत को ऐसा न माना जाए कि ‘सर दो लाइन गा दीजिए, मूड बना दीजिए’। यह बहुत गलत है, ऐसी रिक्वेस्ट मत किया कीजिए।” सचिन और आर्मी जवान से की तुलना अपनी बात को स्पष्ट करने के लिए कैलाश खेर ने क्रिकेट और सेना का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, क्या आप कभी सचिन तेंदुलकर से कहेंगे कि जरा एक छक्का लगाकर दिखा दीजिए? या किसी आर्मी के जवान से कहेंगे कि अपनी पोजीशन लेकर एक शॉट चलाकर दिखाएं? कलाकार साधक होते हैं, उन्हें जोकर मत बनाइए। वे अपने मन के मालिक होते हैं। 2003 में मिली थी बड़ी पहचान कैलाश खेर के फिल्मी सफर की बात करें तो उन्हें 2003 में फिल्म ‘वैसे भी होता है पार्ट II’ के गाने ‘अल्लाह के बंदे’ से बड़ी पहचान मिली थी। इसके बाद उन्होंने ‘कैलासा’ बैंड बनाया और ‘तेरी दीवानी’ जैसे सुपरहिट गाने दिए। वे ‘बाहुबली’ सीरीज के गाने ‘कौन हैं वो’ और ‘जय जयकारा’ के लिए भी जाने जाते हैं। अपनी अनोखी आवाज और सूफी अंदाज की वजह से वे भारत के सबसे सम्मानित गायकों में से एक हैं।
मंदसौर में 41°C तापमान, ऑरेंज अलर्ट जारी:भीषण गर्मी से जनजीवन प्रभावित, 28-29 अप्रैल को मौसम बदलने के आसार

मन्दसौर जिले में इन दिनों तेज धूप और भीषण गर्मी ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। चिलचिलाती धूप के बीच लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा नजर आ रहा है, वहीं जो लोग बाहर निकल रहे हैं वे गर्मी से बचने के लिए मुंह पर गमछा या कपड़ा बांधकर सफर करते दिख रहे हैं। तेज धूप और लू के चलते दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर लोगों की संख्या कम हो गई है। खासकर पैदल चलने वाले और दोपहिया वाहन चालकों को गर्मी का सबसे ज्यादा सामना करना पड़ रहा है। तपती गर्मी से लोग खासे परेशान नजर आ रहे हैं। तेज धूप की तीन तस्वीरें… तापमान 41 डिग्री के पार, लू का असर जारी मंदसौर में अधिकतम तापमान करीब 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री के आसपास बना हुआ है। लगातार बढ़ती गर्मी के चलते लोगों को दिनभर गर्म हवाओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है। शनिवार को तेज गर्मी के बीच अचानक 15 से 20 मिनट की बारिश हुई, जिससे लोगों को कुछ समय के लिए राहत जरूर मिली। हालांकि इसके बाद फिर से गर्मी का असर बरकरार रहा। हीट वेव का ऑरेंज अलर्ट जारी मौसम विभाग ने मंदसौर जिले में हीट वेव का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके तहत भीषण गर्मी और तेज गर्म हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। 27 अप्रैल को भी इसी तरह गर्मी बनी रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार 28 और 29 अप्रैल को मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी होने की संभावना है, जिससे तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है।
जिंदगी की कीमत 18 करोड़! बेगूसराय की रूही के पास बचे हैं सिर्फ 6 महीने, सिस्टम सुनेगा मां की पुकार?

Last Updated:April 26, 2026, 16:56 IST Spinal Muscular Atrophy Treatment: बेगूसराय की 16 माह की मासूम रूही एक दुर्लभ बीमारी SMA से जंग लड़ रही है. जिसके इलाज के लिए 18 करोड़ के इंजेक्शन की जरूरत है. बेबस मां और डॉक्टर ने सरकार व समाज से मदद की गुहार लगाई है. क्या वक्त रहते रूही को नई जिंदगी मिल पाएगी? पढ़िए पूरी रिपोर्ट. ख़बरें फटाफट बेगूसराय: राजनेताओं और सरकार के दावों के बीच बेगूसराय की एक मां अपनी मासूम बच्ची की जिंदगी के लिए झोली फैलाकर खड़ी है. यह कहानी है 16 महीने की रूही की. जिसकी मुस्कान अब धीरे-धीरे धुंधली पड़ रही है. रूही एक ऐसी दुर्लभ बीमारी से जूझ रही है. जिसका इलाज तो मुमकिन है, लेकिन उसकी कीमत इतनी अधिक है कि एक मध्यमवर्गीय परिवार के लिए वह महज एक सपना बनकर रह गई है. मदद की आस में भटकती मांबेगूसराय जिले के सदर प्रखंड के पचम्बा की रहने वाली अंजली कुमारी अपनी बेटी रूही की जान बचाने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही हैं. अंजली ने लोकल 18 को अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उन्होंने बेगूसराय से लेकर पटना तक के अनगिनत चक्कर काटे. शुरुआत में स्थानीय डॉक्टरों ने भारी-भरकम बिल तो बनाए, लेकिन मर्ज समझ नहीं पाए. पटना में तो यहां तक कह दिया गया कि यह बच्ची कभी ठीक नहीं होगी. हताशा और कर्ज के बोझ तले दबी अंजली जब अंत में बेगूसराय सदर अस्पताल पहुंचीं. तब जाकर इस बीमारी का असली नाम सामने आया. क्या है स्पाइनल मस्कुलर अट्रॉफी?सदर अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.कृष्ण कुमार ने रूही की जांच के बाद बताया कि वह स्पाइनल मस्कुलर अट्रॉफी यानी SMA नामक दुर्लभ बीमारी से ग्रस्त है. यह बीमारी जींस की खराबी के कारण होती है. जो न्यूरोमस्कुलर जंक्शन को प्रभावित करती है. इसमें बच्चे की मांसपेशियां धीरे-धीरे काम करना बंद कर देती हैं. बच्चा न तो ठीक से बैठ पाता है और न खड़ा हो पाता है. साथ ही चल भी नहीं पाता है. डॉ.कुमार के अनुसार यह एक ऑटोसोमल रिसेसिव बीमारी है. जो लगभग 10000 बच्चों में से किसी एक को होती है. 18 करोड़ का एक इंजेक्शन, असंभव सी चुनौतीइस बीमारी का दुनिया में एकमात्र प्रभावी इलाज जीन थेरेपी है. इसके लिए ज़ोल्जेंसमा नामक एक सिंगल डोज इंजेक्शन दिया जाता है. इस इंजेक्शन की कीमत जानकर किसी के भी पैरों तले जमीन खिसक जाए. इसकी कीमत लगभग 17 से 18 करोड़ रुपये है. डॉक्टर बताते हैं कि इस इंजेक्शन का सक्सेस रेट 92% से 95% तक है. लेकिन इस तक पहुंचना एक गरीब या सामान्य परिवार के लिए असंभव है. रूही के पास अब केवल 6 महीने का समय शेष है. क्योंकि इस इंजेक्शन का असर एक निश्चित आयु सीमा तक ही सबसे प्रभावी होता है. सिस्टम और समाज से उम्मीदडॉ.कृष्ण कुमार ने बताया कि इससे पहले उन्होंने बदलपुर के एक बच्चे के लिए प्रयास किया था. जिसे मुंबई भेजकर यह इंजेक्शन दिलवाया गया. वह बच्चा अब ठीक है. रूही के मामले में भी वे कोशिश कर रहे हैं. लेकिन अब तक न तो कोई बड़ी संस्था सामने आई है. न ही क्राउडफंडिंग की कोई बड़ी शुरुआत हुई है. अंजली कहती हैं कि अब कोई कर्ज देने को भी तैयार नहीं है. क्या मेरी बच्ची सिर्फ इसलिए दम तोड़ देगी क्योंकि हमारे पास 18 करोड़ रुपये नहीं हैं. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Begusarai,Bihar First Published : April 26, 2026, 16:56 IST
सीधी में 16 साल की लड़की का अपहरण:गुजरात में होने का आशंका, वापस लाने पुलिसल ने मांगेै 50 हजार

सीधी जिले के सेमरिया थाना क्षेत्र में एक नाबालिग बच्ची को वापस लाने के लिए पुलिसकर्मी पर ₹50 हजार मांगने का आरोप लगा है। ग्राम बढऊरा की 16 वर्षीय नाबालिग बालिका के अपहरण के बाद उसका परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है। परिजनों ने बताया कि 16 अप्रैल को जब वे अपनी बेटी की शिकायत लेकर सेमरिया थाने पहुंचे, तो पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज करने के बजाय गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की। 19 अप्रैल को परिवार को सूचना मिली कि उनकी बेटी गुजरात के एक शहर में है। इसके बाद, जब उन्होंने पुलिस से बच्ची को वापस लाने का अनुरोध किया, तो मामले की जांच कर रहे एएसआई भूपेंद्र बागड़ी पर आरोप लगे। पीड़ित माता-पिता का आरोप है कि एएसआई बागड़ी ने उनसे ₹50 हजार की मांग की। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि वाहन और अन्य खर्चों के बिना बच्ची को वापस लाना संभव नहीं होगा। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए यह राशि जुटाना कठिन है। हालांकि, सेमरिया थाना प्रभारी केदार परोहा ने इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है और पुलिस बच्ची की तलाश में गंभीरता से जुटी है। एएसआई भूपेंद्र बागड़ी ने भी पैसे मांगने के आरोपों को निराधार बताया और कहा कि वे नियमों के अनुसार कार्रवाई कर रहे हैं।






