Sunday, 13 Sep 2026 | 11:05 AM

Trending :

आतंकी लादेन की हिट लिस्ट में भारत भी था:CIA के खुफिया दस्तावेज में खुलासा; 9/11 से पहले कई देशों पर हमले की तैयारी थी थलापति विजय सिल्वरस्टोन में अजीत कुमार की रेस देखी:तृषा कृष्णन सबके सामने आईं तो पीछे हटते दिखे; पत्नी ने वापस लिया है तलाक का केस थलापति विजय सिल्वरस्टोन में अजीत कुमार की रेस देखी:तृषा कृष्णन सबके सामने आईं तो पीछे हटते दिखे; पत्नी ने वापस लिया है तलाक का केस इंडोनेशिया का 240 यात्रियों वाला जहाज लापता:जावा सागर में संपर्क टूटा, पूर्वी जावा से बोर्नियो जा रहा था MP Constable & RRB NTPC Recruitment 2026 ‘बिरजू को क्यों मारा?’ पर बोले रसिका-मोहित:‘कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा’ जैसी ‘मिर्जापुर मूवी की बड़ी मिस्ट्री
EXCLUSIVE

कम उम्र में बाल हो रहे हैं सफेद, तो आयुर्वेदिक डॉक्टर ने जानिए कारण और बचाव के आसान उपाय

authorimg

कम उम्र में बालों का सफेद होना आज के समय की एक तेजी से बढ़ती समस्या बन गई है. पहले इसे बढ़ती उम्र का सामान्य लक्षण माना जाता था, लेकिन अब 14 से 30 वर्ष से कम उम्र के युवाओं में भी यह समस्या तेजी से देखने को मिल रही है. आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार, यह केवल बाहरी कारणों का परिणाम नहीं है, बल्कि शरीर के अंदरूनी असंतुलन का संकेत भी हो सकता है.

कम उम्र में बाल क्यों होते हैं सफेद

आयुर्वेद में समय से पहले बाल सफेद होने को ‘अकाल पल्यता’ कहा जाता है. यह समस्या मुख्य रूप से शरीर के दोषों, विशेषकर पित्त दोष के बढ़ने से जुड़ी होती है. जब पित्त असंतुलित हो जाता है, तो शरीर में गर्मी बढ़ती है जिसका सीधा असर बालों की जड़ों पर पड़ता है. इससे बालों को काला बनाए रखने वाला पिगमेंट कम होने लगता है और बाल धीरे-धीरे सफेद होने लगते हैं.

इस विषय पर जब लोकल 18 की टीम ने अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में कार्यरत आयुर्वेदिक डॉक्टर डॉ. मीनाक्षी शर्मा से बातचीत की, तो उन्होंने बताया कि एक बार बाल सफेद होने की प्रक्रिया शुरू हो जाए, तो उसे पूरी तरह पहले जैसा काला करना संभव नहीं होता, लेकिन इसे आगे बढ़ने से रोका जा सकता है. उन्होंने कहा कि वातावरण को बदलना हमारे हाथ में नहीं है, लेकिन सही खानपान अपनाकर इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है.

गलत खानपान भी है कारण

उन्होंने बताया कि आयुर्वेद में तीन दोष होते हैं वात, पित्त और कफ. कई मामलों में बाल सफेद होने का कारण जेनेटिक फैक्टर भी होता है, लेकिन गर्मियों में गर्म तासीर वाले खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन इस समस्या को बढ़ा देता है. गुड़, अचार, चटनी, ड्राई फ्रूट्स, चाय और कॉफी जैसे खाद्य पदार्थ पित्त को बढ़ाते हैं, जिससे बालों के सफेद होने की समस्या तेज हो सकती है.

बालों को सफेद होने से बचाने के लिए क्या खाएं

इससे बचाव के लिए ठंडी तासीर वाले, मीठे, कड़वे और कसैले खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए. जैसे नारियल पानी, खीरा, तरबूज, अनार, आंवला, सौंफ, धनिया, पुदीना, घी और दूध. ये शरीर को ठंडक देते हैं और पित्त दोष को संतुलित रखते हैं, जिससे जलन और एसिडिटी भी कम होती है.

डॉ. शर्मा ने यह भी बताया कि कई लोग सर्दियों में गर्म पानी से नहाते समय सिर पर भी गर्म पानी डालते हैं, जो सही नहीं है. इससे पित्त दोष बढ़ता है और बाल जल्दी सफेद होने लगते हैं.

क्या है आयुर्वेदिक उपाय

उन्होंने सलाह दी कि बचपन से ही जल नेति अपनाने से भी बालों को सफेद होने से बचाया जा सकता है. जल नेति आयुर्वेद और योग (हठयोग) में वर्णित एक प्राचीन शुद्धिकरण प्रक्रिया है, जिसमें गुनगुने नमक वाले पानी से नासिका मार्ग को साफ किया जाता है. इसमें एक नासिका से पानी डालकर दूसरी नासिका से बाहर निकाला जाता है.

इसके अलावा अनु तेल का नियमित उपयोग भी फायदेमंद है. रोजाना नाक में 2 से 3 बूंद अनु तेल डालने से लाभ मिलता है. साथ ही, बचपन से ही भृंगराज तेल का बालों में उपयोग करने से बाल लंबे समय तक काले और स्वस्थ बने रहते हैं.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
भोपाल के रचना टॉवर पहुंचे मंत्री विश्वास सारंग:निरीक्षण किया, कैम्पस में होगा सौंदर्यीकरण; पार्क, ओपन जिम-पोल लाइट भी लगेगी

March 11, 2026/
6:37 pm

भोपाल के रचना नगर स्थित रचना टॉवर पर बुधवार को मंत्री विश्वास कैलाश सारंग पहुंचे। उन्होंने रचना टॉवर परिसर का...

रॉकस्टार का सीक्वल नहीं बनाएंगे इम्तियाज अली:कहा- जिसे पसंद हो, वो बनाए, अपकमिंग फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में अधूरा प्यार और बिछड़ने का दर्द दिखेगा

May 23, 2026/
6:30 am

रॉकस्टार का सीक्वल नहीं बनाएंगे इम्तियाज अली, लेकिन उनकी आगामी फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में एक बार फिर अधूरे प्यार,...

Several people are feared to have been injured after an incoming Air Canada Express CRJ-900 flight and a fire engine collided on runway 4 of the airport.

March 23, 2026/
3:18 pm

आखरी अपडेट:मार्च 23, 2026, 15:18 IST सूत्रों ने कहा कि सरकार मौजूदा संसद सत्र में संशोधित कानून लाने की इच्छुक...

PM Narendra Modi speaks in the Lok Sabha during the special session of Parliament, in New Delhi on April 16, 2026. (Image: Sansad TV/PTI)

April 18, 2026/
4:35 pm

आखरी अपडेट:18 अप्रैल, 2026, 16:35 IST स्मृति ईरानी ने कहा कि विपक्ष ने भारत की महिलाओं को हराने और उन्हें...

Bangladesh Vs Pakistan 1st Test Day 2 Live (AFP)

May 9, 2026/
12:34 pm

आखरी अपडेट:09 मई, 2026, 12:34 IST कूच बिहार जिले के दिनहाटा में जन्मे प्रमाणिक ने 2019 में भाजपा में जाने...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

कम उम्र में बाल हो रहे हैं सफेद, तो आयुर्वेदिक डॉक्टर ने जानिए कारण और बचाव के आसान उपाय

authorimg

कम उम्र में बालों का सफेद होना आज के समय की एक तेजी से बढ़ती समस्या बन गई है. पहले इसे बढ़ती उम्र का सामान्य लक्षण माना जाता था, लेकिन अब 14 से 30 वर्ष से कम उम्र के युवाओं में भी यह समस्या तेजी से देखने को मिल रही है. आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार, यह केवल बाहरी कारणों का परिणाम नहीं है, बल्कि शरीर के अंदरूनी असंतुलन का संकेत भी हो सकता है.

कम उम्र में बाल क्यों होते हैं सफेद

आयुर्वेद में समय से पहले बाल सफेद होने को ‘अकाल पल्यता’ कहा जाता है. यह समस्या मुख्य रूप से शरीर के दोषों, विशेषकर पित्त दोष के बढ़ने से जुड़ी होती है. जब पित्त असंतुलित हो जाता है, तो शरीर में गर्मी बढ़ती है जिसका सीधा असर बालों की जड़ों पर पड़ता है. इससे बालों को काला बनाए रखने वाला पिगमेंट कम होने लगता है और बाल धीरे-धीरे सफेद होने लगते हैं.

इस विषय पर जब लोकल 18 की टीम ने अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में कार्यरत आयुर्वेदिक डॉक्टर डॉ. मीनाक्षी शर्मा से बातचीत की, तो उन्होंने बताया कि एक बार बाल सफेद होने की प्रक्रिया शुरू हो जाए, तो उसे पूरी तरह पहले जैसा काला करना संभव नहीं होता, लेकिन इसे आगे बढ़ने से रोका जा सकता है. उन्होंने कहा कि वातावरण को बदलना हमारे हाथ में नहीं है, लेकिन सही खानपान अपनाकर इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है.

गलत खानपान भी है कारण

उन्होंने बताया कि आयुर्वेद में तीन दोष होते हैं वात, पित्त और कफ. कई मामलों में बाल सफेद होने का कारण जेनेटिक फैक्टर भी होता है, लेकिन गर्मियों में गर्म तासीर वाले खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन इस समस्या को बढ़ा देता है. गुड़, अचार, चटनी, ड्राई फ्रूट्स, चाय और कॉफी जैसे खाद्य पदार्थ पित्त को बढ़ाते हैं, जिससे बालों के सफेद होने की समस्या तेज हो सकती है.

बालों को सफेद होने से बचाने के लिए क्या खाएं

इससे बचाव के लिए ठंडी तासीर वाले, मीठे, कड़वे और कसैले खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए. जैसे नारियल पानी, खीरा, तरबूज, अनार, आंवला, सौंफ, धनिया, पुदीना, घी और दूध. ये शरीर को ठंडक देते हैं और पित्त दोष को संतुलित रखते हैं, जिससे जलन और एसिडिटी भी कम होती है.

डॉ. शर्मा ने यह भी बताया कि कई लोग सर्दियों में गर्म पानी से नहाते समय सिर पर भी गर्म पानी डालते हैं, जो सही नहीं है. इससे पित्त दोष बढ़ता है और बाल जल्दी सफेद होने लगते हैं.

क्या है आयुर्वेदिक उपाय

उन्होंने सलाह दी कि बचपन से ही जल नेति अपनाने से भी बालों को सफेद होने से बचाया जा सकता है. जल नेति आयुर्वेद और योग (हठयोग) में वर्णित एक प्राचीन शुद्धिकरण प्रक्रिया है, जिसमें गुनगुने नमक वाले पानी से नासिका मार्ग को साफ किया जाता है. इसमें एक नासिका से पानी डालकर दूसरी नासिका से बाहर निकाला जाता है.

इसके अलावा अनु तेल का नियमित उपयोग भी फायदेमंद है. रोजाना नाक में 2 से 3 बूंद अनु तेल डालने से लाभ मिलता है. साथ ही, बचपन से ही भृंगराज तेल का बालों में उपयोग करने से बाल लंबे समय तक काले और स्वस्थ बने रहते हैं.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.