साउथ अफ्रीकी बॉलर एनगिडी के सिर में चोट:IPL मैच में कैच लेते वक्त गिरे, एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाया गया; 15 मिनट खेल रुका

दिल्ली कैपिटल्स और पंजाब किंग्स के बीच शनिवार को अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जा रहे मुकाबले के दौरान एक गंभीर हादसा हो गया। दिल्ली के तेज गेंदबाज लुंगी एनगिडी कैच लेने की कोशिश में पीछे की ओर गिर पड़े और उनका सिर जोर से जमीन से टकराया। चोट इतनी गंभीर थी कि खेल करीब 15 मिनट तक रुका रहा। उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। यह घटना पंजाब की पारी के तीसरे ओवर में हुई। अक्षर पटेल की फुल लेंथ गेंद पर बल्लेबाज प्रियांश आर्या ने हवा में शॉट खेला। गेंद मिड-ऑफ के ऊपर गई, जहां से एनगिडी तेजी से पीछे भागे। कैच जज करने में हल्की सी चूक हुई और उनका बैलेंस बिगड़ गया। वे पीछे की ओर गिरते हुए सीधे सिर के बल जमीन पर गिरे। टकराव काफी तेज था। गिरते ही उन्होंने सिर पकड़ लिया और मैदान पर ही लेटे रहे। एनगिडी की चोट, 5 PHOTOS पहले स्ट्रेचर, फिर डॉक्टर और एंबुलेंस घटना के तुरंत बाद मैदान पर पहले स्ट्रेचर लाया गया। इसके बाद मेडिकल टीम दौड़कर पहुंची। डॉक्टरों ने एनगिडी से बात की। शुरुआती कुछ क्षणों में वे रिस्पॉन्ड करते हुए नजर आए, जिससे थोड़ी राहत की स्थिति बनी। हालांकि, कुछ ही देर में स्थिति बदलती दिखी। एनगिडी की हालत को लेकर चिंता बढ़ने लगी। मेडिकल स्टाफ ने अतिरिक्त सावधानी बरतते हुए उन्हें स्थिर रखने की कोशिश की। करीब 15 मिनट तक खेल रुका पूरे घटनाक्रम के दौरान मैच करीब 15 मिनट तक रुका रहा। खिलाड़ी, अंपायर और सपोर्ट स्टाफ सभी स्थिति पर नजर बनाए हुए थे। स्थिति गंभीर लगने पर मैदान पर एंबुलेंस बुलाई गई। इसके बाद एनगिडी को स्ट्रेचर पर ले जाकर एंबुलेंस में शिफ्ट किया गया और तुरंत अस्पताल रवाना किया गया। जेंटल जायंट के नाम से जाने जाते हैं एनगिडी लुंगी एनगिडी का पूरा नाम लुंगिसानी ट्रू-मैन एंगिडी है। उनका जन्म 29 मार्च 1996 को साउथ अफ्रीका के डरबन में हुआ था। वह अपनी लंबी कद-काठी और शांत स्वभाव के कारण ‘जेंटल जायंट’ के नाम से जाने जाते हैं। एनगिडी का बचपन एक साधारण परिवार में बीता। उनकी मां घरेलू कामगार थीं और पिता मेंटेनेंस वर्कर थे। शुरुआती दिनों में उन्होंने रग्बी में भी अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन बाद में उन्होंने पूरी तरह क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने हिल्टन कॉलेज से स्कॉलरशिप पर पढ़ाई की और आगे चलकर प्रिटोरिया यूनिवर्सिटी में इंडस्ट्रियल सोशियोलॉजी में बैचलर डिग्री की पढ़ाई भी की। भारत के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया एनगिडी दाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं, जो 140 किमी/घंटा से ज्यादा की रफ्तार से गेंदबाजी करने के लिए जाने जाते हैं। उनकी स्लोअर बॉल खास पहचान है, जो डेथ ओवर्स में बल्लेबाजों के लिए काफी मुश्किल पैदा करती है। उन्होंने 2018 में भारत के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया और पहली ही पारी में 6 विकेट लेकर अपनी पहचान बनाई। इसके बाद उनका अंतरराष्ट्रीय करियर तेजी से आगे बढ़ा। 2020 में उन्हें साउथ अफ्रीका का बेस्ट वनडे और टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेटर चुना गया। वे 2025 में ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप जीतने वाली साउथ अफ्रीकी टीम का हिस्सा भी रहे। IPL में डेथ ओवर बॉलिंग के लिए पहचान एनगिडी IPL में अपनी डेथ ओवर बॉलिंग और नियंत्रण के लिए पहचाने जाते हैं। उनकी स्लोअर गेंदों को हिट करना बल्लेबाजों के लिए काफी मुश्किल होता है। वे पहले भी लीग में कई अहम स्पेल डाल चुके हैं और दिल्ली कैपिटल्स के पेस अटैक का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। क्रिकेट में सिर की चोट को लेकर सख्त नियम क्रिकेट में सिर पर लगने वाली चोट को बेहद गंभीर माना जाता है। ऐसे मामलों में कंशन का खतरा रहता है, जो खिलाड़ी के लिए जोखिम भरा हो सकता है। ICC ने इसको लेकर स्पष्ट प्रोटोकॉल तय कर रखे हैं। किसी भी खिलाड़ी को सिर पर चोट लगने पर तुरंत मेडिकल जांच और जरूरत पड़ने पर मैदान से बाहर किया जाता है। एनगिडी की मौजूदा स्थिति फिलहाल एनगिडी की स्थिति को लेकर आधिकारिक अपडेट का इंतजार है। शुरुआती तौर पर उनका डॉक्टरों को रिस्पॉन्ड करना सकारात्मक संकेत था, लेकिन बाद में एंबुलेंस बुलाना स्थिति की गंभीरता की ओर इशारा करता है। दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह घटना खेल से बड़ा झटका हो सकती है, क्योंकि एनगिडी टीम के प्रमुख तेज गेंदबाजों में शामिल हैं। दिल्ली ने बनाया सीजन का सबसे बड़ा स्कोर इससे पहले मैच में दिल्ली कैपिटल्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 2 विकेट पर 264 रन बनाए। यह इस सीजन का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है। दिल्ली के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और पंजाब के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। लक्ष्य का पीछा कर रही पंजाब टीम की पारी की शुरुआत ही थी, जब यह हादसा हुआ।
साउथ अफ्रीकी बॉलर एनगिडी के सिर में चोट:IPL मैच में कैच लेते वक्त गिरे, एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाया गया; 15 मिनट खेल रुका

दिल्ली कैपिटल्स और पंजाब किंग्स के बीच शनिवार को अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जा रहे IPL मुकाबले के दौरान एक गंभीर हादसा हो गया। दिल्ली के तेज गेंदबाज लुंगी एनगिडी कैच लेने की कोशिश में पीछे की ओर गिर पड़े और उनका सिर जोर से जमीन से टकराया। चोट इतनी गंभीर थी कि खेल करीब 15 मिनट तक रुका रहा। उन्हें एंबुलेंस से राजेंद्र नगर में मौजूद मैक्स अस्पताल ले जाया गया। अभी उनकी जांच चल रही है। यह घटना पंजाब की पारी के तीसरे ओवर में हुई। अक्षर पटेल की फुल लेंथ गेंद पर बल्लेबाज प्रियांश आर्या ने हवा में शॉट खेला। गेंद मिड-ऑफ के ऊपर गई, जहां से एनगिडी तेजी से पीछे भागे। कैच जज करने में हल्की सी चूक हुई और उनका बैलेंस बिगड़ गया। वे पीछे की ओर गिरते हुए सीधे सिर के बल जमीन पर गिरे। टकराव काफी तेज था। गिरते ही उन्होंने सिर पकड़ लिया और मैदान पर ही लेटे रहे। एनगिडी की चोट, 5 PHOTOS पहले स्ट्रेचर, फिर डॉक्टर और एंबुलेंस घटना के तुरंत बाद मैदान पर पहले स्ट्रेचर लाया गया। इसके बाद मेडिकल टीम दौड़कर पहुंची। डॉक्टरों ने एनगिडी से बात की। शुरुआती कुछ क्षणों में वे रिस्पॉन्ड करते हुए नजर आए, जिससे थोड़ी राहत की स्थिति बनी। हालांकि, कुछ ही देर में स्थिति बदलती दिखी। एनगिडी की हालत को लेकर चिंता बढ़ने लगी। मेडिकल स्टाफ ने अतिरिक्त सावधानी बरतते हुए उन्हें स्थिर रखने की कोशिश की। करीब 15 मिनट तक खेल रुका पूरे घटनाक्रम के दौरान मैच करीब 15 मिनट तक रुका रहा। खिलाड़ी, अंपायर और सपोर्ट स्टाफ सभी स्थिति पर नजर बनाए हुए थे। स्थिति गंभीर लगने पर मैदान पर एंबुलेंस बुलाई गई। इसके बाद एनगिडी को स्ट्रेचर पर ले जाकर एंबुलेंस में शिफ्ट किया गया और तुरंत अस्पताल रवाना किया गया। एनगिडी जूझ रहे थे, डीजे गाने बजा रहा था हादसे के बीच एक और बात ने ध्यान खींचा। जब एनगिडी मैदान पर दर्द से जूझ रहे थे और मेडिकल टीम उनका इलाज कर रही थी, उसी दौरान स्टेडियम का डीजे लगातार गाने बजाता रहा। आमतौर पर ऐसी गंभीर स्थिति में माहौल शांत रखा जाता है, लेकिन यहां म्यूजिक चलता रहा। जेंटल जायंट के नाम से जाने जाते हैं एनगिडी लुंगी एनगिडी का पूरा नाम लुंगिसानी ट्रू-मैन एंगिडी है। उनका जन्म 29 मार्च 1996 को साउथ अफ्रीका के डरबन में हुआ था। वह अपनी लंबी कद-काठी और शांत स्वभाव के कारण ‘जेंटल जायंट’ के नाम से जाने जाते हैं। एनगिडी का बचपन एक साधारण परिवार में बीता। उनकी मां घरेलू कामगार थीं और पिता मेंटेनेंस वर्कर थे। शुरुआती दिनों में उन्होंने रग्बी में भी अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन बाद में उन्होंने पूरी तरह क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने हिल्टन कॉलेज से स्कॉलरशिप पर पढ़ाई की और आगे चलकर प्रिटोरिया यूनिवर्सिटी में इंडस्ट्रियल सोशियोलॉजी में बैचलर डिग्री की पढ़ाई भी की। भारत के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया एनगिडी दाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं, जो 140 किमी/घंटा से ज्यादा की रफ्तार से गेंदबाजी करने के लिए जाने जाते हैं। उनकी स्लोअर बॉल खास पहचान है, जो डेथ ओवर्स में बल्लेबाजों के लिए काफी मुश्किल पैदा करती है। उन्होंने 2018 में भारत के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया और पहली ही पारी में 6 विकेट लेकर अपनी पहचान बनाई। इसके बाद उनका अंतरराष्ट्रीय करियर तेजी से आगे बढ़ा। 2020 में उन्हें साउथ अफ्रीका का बेस्ट वनडे और टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेटर चुना गया। वे 2025 में ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप जीतने वाली साउथ अफ्रीकी टीम का हिस्सा भी रहे। क्रिकेट में सिर की चोट को लेकर सख्त नियम क्रिकेट में सिर पर लगने वाली चोट को बेहद गंभीर माना जाता है। ऐसे मामलों में कंशन का खतरा रहता है, जो खिलाड़ी के लिए जोखिम भरा हो सकता है। ICC ने इसको लेकर स्पष्ट प्रोटोकॉल तय कर रखे हैं। किसी भी खिलाड़ी को सिर पर चोट लगने पर तुरंत मेडिकल जांच और जरूरत पड़ने पर मैदान से बाहर किया जाता है। एनगिडी की मौजूदा स्थिति फिलहाल एनगिडी की स्थिति को लेकर आधिकारिक अपडेट का इंतजार है। शुरुआती तौर पर उनका डॉक्टरों को रिस्पॉन्ड करना सकारात्मक संकेत था, लेकिन बाद में एंबुलेंस बुलाना स्थिति की गंभीरता की ओर इशारा करता है। दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह घटना खेल से बड़ा झटका हो सकती है, क्योंकि एनगिडी टीम के प्रमुख तेज गेंदबाजों में शामिल हैं। दिल्ली ने बनाया सीजन का सबसे बड़ा स्कोर इससे पहले मैच में दिल्ली कैपिटल्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 2 विकेट पर 264 रन बनाए। यह इस सीजन का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है। दिल्ली के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और पंजाब के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। लक्ष्य का पीछा कर रही पंजाब टीम की पारी की शुरुआत ही थी, जब यह हादसा हुआ।
मणिपुर में प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़े:सुरक्षाबलों ने रोकने के लिए आंसू गैस के गोले चलाए, CM के घर की ओर मार्च निकाल रहे थे

मणिपुर में स्थायी शांति की मांग कर रहे हजारों लोगों की शनिवार को पुलिस से झड़प हो गई। ये सभी CM आवास की ओर मार्च करने निकले थे लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के लगाए बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की। सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के कई गोले दागे। प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए और तख्तियां थामे हुए बिष्णुपुर जिले में हाल ही में हुए एक बम धमाके में मारे गए दो बच्चों के लिए न्याय और जातीय संघर्ष से प्रभावित आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के पुनर्वास की मांग की। बाद में प्रदर्शनकारियों के एक समूह को CM वाई. खेमचंद सिंह से मिलने की अनुमति दी गई। उन्होंने इस मामले पर एक ज्ञापन सौंपा। 5 तस्वीरें में देखें घटना: रैलियों को रोका, CM के घर की सुरक्षा बढ़ाई प्रदर्शनकारियों ने, मैतेई संगठन COCOMI (कोऑर्डिनेटिंग कमिटी ऑन मणिपुर इंटीग्रिटी) के बैनर तले चार अलग-अलग रैलियां निकालीं, जिन्हें अलग-अलग जगहों पर रोक दिया गया। ये बाबूपाड़ा इलाके में CM के बंगले की ओर बढ़ रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि CM के आवास की ओर जाने वाली चारों दिशाओं में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए और बैरिकेड लगाए गए। इंफाल पूर्वी जिले में खुराई लामलोंग में CM के बंगले से करीब 2 किलोमीटर दूर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की। आंदोलन और तेज करेंगे COCOMI के संयोजक वाई. के. धीरेन ने CM से मुलाकात के बाद पत्रकारों से कहा कि संगठन, जनता के साथ मिलकर, लोगों की मांगों को मनवाने के लिए आंदोलन को और तेज करेगा। उन्होंने कहा कि 3 मई, 2023 से मणिपुर संकट में कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है; उन्होंने आरोप लगाया कि निर्णायक राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी है और परस्पर विरोधी बयानों ने शांति प्रयासों में बाधा डाली है। COCOMI के प्रवक्ता नाहकपम शांता सिंह ने इससे पहले कहा था कि संगठन मणिपुर सरकार से 7 अप्रैल को त्रोंगलाओबी में हुए बम धमाके में दो बच्चों की मौत पर ‘एक्शन टेकन रिपोर्ट’ की मांग करता है। उन्होंने कहा, “इसके साथ ही, हमने कई अन्य मांगें भी उठाई हैं। यदि सरकार जवाब देने में विफल रहती है, तो हम आंदोलन के अन्य लोकतांत्रिक तरीकों को अपनाने के लिए विवश होंगे। 3 मई, 2023 से मणिपुर में इम्फाल घाटी के मैतेई और आस-पास की पहाड़ियों के कुकी समुदायों के बीच हुई जातीय हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। मणिपुर में एक साल राष्ट्रपति शासन रहा, 4 फरवरी को नई सरकार बनी मणिपुर में मई 2023 में मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय हिंसा शुरू हुई थी। यह 2025 के शुरुआती महीनों तक जारी रही। हिंसा के दौरान कई इलाकों में आगजनी, लूट और हत्याओं की घटनाएं हुईं। हजारों लोग विस्थापित हुए और राहत शिविरों में रहने को मजबूर हुए। मणिपुर के तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने 9 फरवरी, 2025 को इस्तीफा दे दिया था। दो साल से ज्यादा समय तक जारी हिंसा न रोक पाने के कारण उनपर लगातार राजनीतिक दबाव बन रहा था। बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद 13 फरवरी 2025 को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगा था। करीब एक साल बाद 4 फरवरी 2026 को मणिपुर में नई सरकार का गठन हुआ। भाजपा के युमनाम खेमचंद सिंह ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। —————————————- ये खबर भी पढ़ें: मणिपुर के उखरुल में फायरिंग से 3 की मौत:मिलिटेंट्स ने कई घर जलाए, नगा-कुकी समुदाय में तनाव; 7 अप्रैल से अब तक 10 मौतें मणिपुर के उखरुल जिले में शुक्रवार सुबह दो अलग-अलग फायरिंग घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई। मुल्लम गांव के पास सुरक्षाबलों ने करीब 11:25 बजे दो शव बरामद किए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों आर्मी प्रिंट कपड़ों में थे। पढ़ें पूरी खबर…
रणवीर सिंह को कांतारा विवाद में कोर्ट से राहत:चार हफ्तों में मंदिर जाकर माफी की शर्त, हाईकोर्ट ने केस निपटाने के संकेत दिए

बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह ‘कांतारा मिमिक्री विवाद’ में कर्नाटक हाईकोर्ट से राहत की ओर बढ़ते दिख रहे हैं। कोर्ट ने केस निपटाने के संकेत दिए हैं, लेकिन एक शर्त रखी है। हाईकोर्ट ने अभिनेता को 4 हफ्ते में चामुंडी हिल मंदिर जाकर माफी मांगने को कहा है। रणवीर सिंह ने अपने खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने के लिए याचिका दाखिल की थी। मामला तब सामने आया था, जब उन्होंने गोवा में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) के दौरान ‘कांतारा’ के एक सीन की मिमिक्री की थी। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने ‘चवुंडा दैवा’ पर टिप्पणी की, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक वकील की शिकायत पर FIR दर्ज हुई थी। इसके बाद रणवीर ने कोर्ट का रुख किया और माफी मांगी। सुनवाई में उनके वकील ने कहा कि रणवीर खेद जता चुके हैं और मंदिर जाकर सम्मान प्रकट करने को तैयार हैं। हालांकि, याचिकाकर्ता ने दलील दी कि अभिनेता की माफी स्पष्ट और ठोस नहीं है। उन्होंने कहा कि “ड्यू कोर्स” जैसे शब्द अस्पष्ट हैं, इसलिए तय समयसीमा होनी चाहिए। इस पर कोर्ट ने कहा कि आदेश में लिखा जाएगा कि रणवीर को चार हफ्तों में मंदिर जाना होगा। सुनवाई में जस्टिस एम नागप्रसन्ना ने कहा कि अभिनेता के व्यवहार पर टिप्पणी की जाएगी, ताकि भविष्य में सेलिब्रिटी ऐसी घटनाओं को हल्के में न लें। कोर्ट ने संकेत दिया कि केस निपटाते समय चेतावनी दर्ज की जा सकती है। विवाद की शुरुआत तब हुई जब रणवीर सिंह ने ‘कांतारा’ में ऋषभ शेट्टी के किरदार की नकल करते हुए उसे ‘घोस्ट’ कहा था। इस पर सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हुई, जिसके बाद मामला कानूनी रूप ले गया। अब सभी की नजरें कोर्ट के अंतिम फैसले पर हैं, जो आने वाले दिनों में विवाद को खत्म कर सकता है।
रणवीर सिंह को कांतारा विवाद में कोर्ट से राहत:चार हफ्तों में मंदिर जाकर माफी की शर्त, हाईकोर्ट ने केस निपटाने के संकेत दिए

बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह ‘कांतारा मिमिक्री विवाद’ में कर्नाटक हाईकोर्ट से राहत की ओर बढ़ते दिख रहे हैं। कोर्ट ने केस निपटाने के संकेत दिए हैं, लेकिन एक शर्त रखी है। हाईकोर्ट ने अभिनेता को 4 हफ्ते में चामुंडी हिल मंदिर जाकर माफी मांगने को कहा है। रणवीर सिंह ने अपने खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने के लिए याचिका दाखिल की थी। मामला तब सामने आया था, जब उन्होंने गोवा में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) के दौरान ‘कांतारा’ के एक सीन की मिमिक्री की थी। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने ‘चवुंडा दैवा’ पर टिप्पणी की, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक वकील की शिकायत पर FIR दर्ज हुई थी। इसके बाद रणवीर ने कोर्ट का रुख किया और माफी मांगी। सुनवाई में उनके वकील ने कहा कि रणवीर खेद जता चुके हैं और मंदिर जाकर सम्मान प्रकट करने को तैयार हैं। हालांकि, याचिकाकर्ता ने दलील दी कि अभिनेता की माफी स्पष्ट और ठोस नहीं है। उन्होंने कहा कि “ड्यू कोर्स” जैसे शब्द अस्पष्ट हैं, इसलिए तय समयसीमा होनी चाहिए। इस पर कोर्ट ने कहा कि आदेश में लिखा जाएगा कि रणवीर को चार हफ्तों में मंदिर जाना होगा। सुनवाई में जस्टिस एम नागप्रसन्ना ने कहा कि अभिनेता के व्यवहार पर टिप्पणी की जाएगी, ताकि भविष्य में सेलिब्रिटी ऐसी घटनाओं को हल्के में न लें। कोर्ट ने संकेत दिया कि केस निपटाते समय चेतावनी दर्ज की जा सकती है। विवाद की शुरुआत तब हुई जब रणवीर सिंह ने ‘कांतारा’ में ऋषभ शेट्टी के किरदार की नकल करते हुए उसे ‘घोस्ट’ कहा था। इस पर सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हुई, जिसके बाद मामला कानूनी रूप ले गया। अब सभी की नजरें कोर्ट के अंतिम फैसले पर हैं, जो आने वाले दिनों में विवाद को खत्म कर सकता है।
एकल घर खरीद की सबसे बड़ी डील:रिनात ने 5 हजार करोड़ का खरीदा घर; मां का खाली पर्स देख लिया प्रण, पैसों से भर देंगे

यूक्रेन के सबसे अमीर व बैंकिंग कारोबारी रिनात अख्मेतोव (59) ने यूरोपीय देश मोनाको के मारेटेरा में 5,137 करोड़ रु. में पांच मंजिला अपार्टमेंट खरीदा है। 2024 में हुई ये डील इतिहास की सबसे बड़ी एकल आवासीय डील में से एक है। यह खुलासा हाल ही में मोनाको के संपत्ति रिकॉर्ड और लीक ईमेल की जांच के बाद हुआ है। खदान मजदूर के बेटे से 73,328 करोड़ रुपए की नेटवर्थ खड़ी करने के पीछे अथक प्रयास हैं। रिनात का जन्म 1966 में यूक्रेन के डोनेत्स्क में हुआ। मजदूर परिवार से होने के चलते बचपन तंगहाली में बीता। 215 वर्गफुट फीट का घर था, जिसमें शौचालय और पानी की सुविधा नहीं थी। एक बार डॉक्टर को दिखाकर वे मां के संग लौट रहे थे। रास्ते में उनकी नजर मां के खाली बटुए पर पड़ी। यह देख रिनात बहुत दुखी हुए। तभी उन्होंने ठान लिया कि एक दिन वो बड़े फुटबॉलर बनेंगे और मां का पर्स पैसों से भर देंगे। 29 साल बाद वे फुटबॉल क्लब ‘एफसी शाख्तार डोनेत्स्क’ के प्रेसिडेंट बने। 90 के दशक में रिनात ने ‘आर्स’ कंपनी बनाकर कोयला व्यापार शुरू किया और यहीं से पहली बार 10 लाख रु. कमाए। इसके बाद एनर्जी, बैंकिंग, स्टील क्षेत्रों से जुड़े। अभी इनकी होल्डिंग कंपनी सिस्टम कैपिटल मैनेजमेंट है। 2000 के दशक में रिनात अरबपति बने, तो बचपन की पुरानी झोपड़ी वाली जगह पर मां को तोहफा देते हुए बड़ा महल बनवा दिया। 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होते ही रिनात ने अपने स्टील प्लांट्स का काम बदलकर टैंक रोधी अवरोध, बंकर और स्टील शेल्टर बनाने शुरू किए। इस दौरान 1.70 लाख बुलेटप्रूफ जैकेट तैयार कर सेना को मुफ्त में दान दिए। 2011 में लंदन का सबसे महंगा पेंटहाउस भी खरीदा था 2011 में रिनात ने लंदन के ‘वन हाइड पार्क’ में दो अपार्टमेंट्स खरीदे और उन्हें मिलाकर एक आलीशान पेंटहाउस बनवाया। इसकी कीमत उस समय लगभग ₹930 करोड़ से अधिक थी। ये तब ब्रिटेन के इतिहास की सबसे महंगी आवासीय खरीद भी थी। रिनात के पास 5,510 करोड़ रु. कीमत की यॉट भी है।
गर्मियों में मिलने वाला यह पौधा सेहत के लिए फायदेमंद, कई गंभीर बीमारियों का जड़ से करता खात्मा

Last Updated:April 25, 2026, 17:46 IST Health News: हमारे देश के लोग आज भी बड़ी से बड़ी बीमारी में आयुर्वेदिक औषधीयों का सहारा लेते हैं, क्योंकि आयुर्वेद में हर मर्ज का इलाज है ऐसी ही एक औषधि, जिसे मेंथा का पौधा कहते हैं. यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद ही फायदेमंद है. आइए एक्सपर्ट से इसके फायदों के बारे में जानते हैं. आयुर्वेद में कई ऐसे पेड़-पौधे बताए गए हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी माने जाते हैं. उन्हीं में से एक है मेंथा का पौधा. यह एक सुगंधित और शीतल प्रकृति वाला पौधा है, जो खासतौर पर गर्मियों के मौसम में आसानी से खेतों और बागानों में उगाया जाता है. मेंथा को प्राकृतिक औषधि के रूप में भी जाना जाता है, क्योंकि इसमें कई प्रकार के औषधीय गुण मौजूद होते हैं. इसकी पत्तियों का उपयोग शरीर की विभिन्न प्रकार की समस्याओं में मददगार साबित होता है और सामान्य उपयोग में इसके कोई विशेष दुष्प्रभाव नहीं होते. आयुर्वेद के अनुसार, मेंथा का नियमित सेवन शरीर को स्वस्थ रखने और कई छोटी-बड़ी बीमारियों से बचाव में सहायक होता है. जिला अस्पताल बाराबंकी के चिकित्सक डॉक्टर अमित वर्मा एमडी मेडिसिन ने बताया कि गर्मियों के दिनों में पाए जाने वाला मेंथा एक औषधीय पौधा है. इसे मेंथा पुदीना के नाम से भी जाना जाता है. इसके पत्ते तना हमारी सेहत वह स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद हैं. इसमें बहुत सारे औषधीय गुण मौजूद होते हैं. इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, नियासिन, विटामिन-ए, विटामिन-सी, सोडियम, पोटैशियम, आयरन, मैग्नीशियम और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हमें कई बीमारियों से बचाते हैं. बस इसका सही से इस्तेमाल करने की जरूरत है. गठिया की समस्या में फायदेमंद: अगर आपको काफी ज्यादा सूजन हो रही है, तो इसकी पत्तियों का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए पिपरमिंट की पत्तियों को अच्छे से पीस लें. अब इस पीसी हुई पत्तियों के पेस्ट को अपने प्रभावित हिस्से पर लगाएं. इससे गठिया में होने वाले सूजन से तुरंत आराम मिल सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google पेट की समस्या में फायदेमंद: अक्सर मसालेदार खाना या ज्यादा खाना खा लेने से पेट में गैस हो जाता है, जो पेट दर्द का कारण बन जाता है. घर में पेट दर्द से जल्द आराम पाने के लिए 25 ग्राम पिपरमिंट के निचोड़ में शक्कर मिलाकर सेवन करने से पेट दर्द से राहत मिलती है. दांत दर्द में फायदेमंद: आजकल बच्चे से लेकर बूढ़े सभी दांत दर्द से किसी न किसी समय परेशान होते ही हैं. सबसे अहम बात यह है कि दांत दर्द होने पर लोग घरेलू उपाय ही सबसे पहले उपयोग करते हैं. पिपरमिंट के क्रिस्टल को दांतों के बीच में रखकर दबाने से दांत दर्द में लाभ होता है. सर्दी में फायदेमंद: सालभर में जब भी मौसम में उतार-चढ़ाव होता है, सर्दी सबको अपनी चपेट में ले लेती है. सर्दी से आराम दिलाने में पिपरमिंट बहुत ही गुणकारी होता है. पिपरमिंट का बफारा या भाप लेने से सर्दी या कफ जैसी बीमारियों से राहत मिलती है. दस्त की समस्या में फायदेमंद: अक्सर गलत खानपान की वजह से दस्त होना शुरू हो जाता है. दस्त होने पर पिपरमिंट का सेवन इस तरह से करने पर लाभ मिलता है. पिपरमिंट के पत्तों का काढ़ा बनाकर 5-10 मिली मात्रा में पीने से दस्त, पेट संबंधी समस्या और पेट दर्द में लाभ मिलता है. सिर दर्द की समस्या में फायदेमंद: दिनभर काम के तनाव की वजह से या मौसम के कारण सिरदर्द से सबको कभी न कभी परेशान होना पड़ता है. पिपरमिंट के पत्ते, तना को पीसकर मस्तक पर लगाने से सिरदर्द से लाभ होता है. First Published : April 25, 2026, 17:46 IST
दमोह बैंक ऑफ बड़ौदा कियोस्क में 2 लाख की चोरी:दो प्रिंटर और एक एलसीडी टीवी समेत नकदी ले गए बदमाश

दमोह के कचोरा बाजार में शुक्रवार देर रात चोरों ने बैंक ऑफ बड़ौदा के कियोस्क सेंटर को निशाना बनाया। चोर दुकान का ताला तोड़कर नकद रुपयों समेत करीब दो लाख रुपए का सामान समेट ले गए। शनिवार सुबह 11 बजे जब संचालक दुकान पहुंचा, तब चोरी का पता चला। कियोस्क संचालक अरविंद जैन ने बताया कि शुक्रवार रात वे दुकान बंद करते समय दराज में 50 हजार रुपए नकद छोड़कर गए थे। शनिवार को जब वे सेंटर पहुंचे, तो ताला टूटा हुआ देख उनके होश उड़ गए। अंदर जाकर देखा तो नकद रुपयों के साथ-साथ दो प्रिंटर और एक एलसीडी टीवी भी गायब थी। पुलिस और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट पहुंचे सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस की टीम और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट मौके पर पहुंचे और सबूत जुटाए। संचालक के मुताबिक, नकदी और चोरी हुए सामान की कुल कीमत लगभग 2 लाख रुपए है। पुलिस ने चोरों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस पुलिस अब कचोरा बाजार और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देख रही है, ताकि चोरों का सुराग लगाया जा सके। संचालक ने पुलिस से मांग की है कि आरोपियों को जल्द पकड़कर उनका सामान और नकदी वापस दिलाई जाए।
गुना में बैंक की प्रोजेक्ट मैनेजर ने खाया जहर, मौत:पति को घर का सामान लाने बाजार भेजा; पति ने कॉल किया तो बोली-जहर खा लिया

गुना की विंध्याचल कॉलोनी में नवविवाहिता ने जहर खाकर सुसाइड कर लिया। महिला ने पहले अपने पति को घर का सामान लेने बाजार भेजा, इसके बाद चूहामार खा ली। जानकारी के अनुसार, रीवा जिले की रहने वाली दिव्या मिश्रा (33) अपने पति दीपेंद्र मिश्रा के साथ यहां रहती थीं। शुक्रवार शाम पति को बाजार भेजने के बाद दिव्या ने उसे फोन पर बताया कि उसने जहर खा लिया है। यह सुनते ही पति तुरंत घर पहुंचा और उसे अस्पताल ले गया। दिव्या को पहले एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रातभर इलाज चलता रहा। शनिवार सुबह करीब 7 बजे उसकी मौत हो गई। लव मैरिज के बाद साथ रह रहा था दंपती दोनों की तीन साल पहले लव मैरिज हुई थी। दीपेंद्र मिश्रा कार शोरूम में काम करते हैं, जबकि दिव्या एक बैंक में प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर कार्यरत थीं। मौत के बाद शव को जिला अस्पताल लाया गया, जहां तहसीलदार की मौजूदगी में डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। कारण स्पष्ट नहीं, पुलिस जांच में जुटी प्राथमिक जानकारी में पति-पत्नी के बीच किसी तरह का विवाद सामने नहीं आया है। महिला ने यह कदम क्यों उठाया, इसका कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है। कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
दिल्ली-इंदौर एअर इंडिया फ्लाइट में तकनीकी खराबी, उड़ान कैंसिल:रनवे से लौटा विमान, भीषण गर्मी में घंटों बिना AC के बैठे यात्री; एयरपोर्ट पर नारेबाजी

दिल्ली से इंदौर आने वाली एअर इंडिया की फ्लाइट AI-2515 को तकनीकी खराबी के चलते रनवे से वापस टर्मिनल पर लाना पड़ा। रनवे पर खड़ी फ्लाइट के अंदर एयर कंडीशनिंग (AC) बंद कर दी गई। भीषण गर्मी और बंद केबिन में घंटों फंसे रहने से यात्रियों की तबीयत बिगड़ने लगी। यात्री रिफंड की मांग को लेकर दिल्ली एयरपोर्ट पर नारेबाजी कर रहे हैं। फ्लाइट रोजाना दोपहर 12:10 बजे दिल्ली से उड़ान भरती है। 1:45 बजे इंदौर पहुंचती है। तकनीकी समस्या के कारण देरी हुई। इसके शाम 5 बजे तक इंदौर पहुंचने की संभावना जताई गई थी, लेकिन एअर इंडिया ने फ्लाइट को रद्द कर दिया है। घटनाक्रम की शुरुआत दिल्ली एयरपोर्ट पर गेट बदलने से हुई। बोर्डिंग से पहले दो बार गेट बदला गया, जिससे अफरा-तफरी रही। विमान में बैठाने के बाद तकनीकी क्लियरेंस न मिलने से फ्लाइट को लंबे समय तक रनवे पर खड़ा रखा गया। यात्रियों ने रिफंड की मांग की यात्रियों का कहना है कि देरी को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई और चालक दल से भी संतोषजनक जवाब नहीं मिले। स्थिति लंबे समय तक जस की तस रही, जिसके बाद विमान को वापस टर्मिनल पर लाया गया। एयरपोर्ट पर उतरते ही यात्रियों ने एअर इंडिया के खिलाफ नारेबाजी की और विरोध जता रहे हैं। यात्रियों ने एयरलाइन पर सुरक्षा से खिलवाड़ और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार का आरोप लगाया। कई यात्री वैकल्पिक व्यवस्था या रिफंड की मांग को लेकर एयरपोर्ट पर अड़े हैं। शालिन जैन नाम के पैसेंजर ने सोशल मीडिया प्लेफॉर्म एक्स पर एअर इंडिया को टैग कर लिखा- एअर इंडिया की लापरवाही दिन-ब-दिन नई ऊंचाइयों पर पहुंच रही है। AI-2516 इंदौर-दिल्ली फ्लाइट, जो दोपहर 2:15 बजे निर्धारित थी, हर 30 मिनट में समय बदलते हुए अब शाम 6 बजे बताई जा रही है। क्या यह फ्लाइट आज रवाना भी होगी? फ्लाइट 2 घंटे देरी से चली, अब कैंसिल वहीं @astro_moon_6 नाम के यूजर ने @airindia को टैग करते हुए लिखा कि फ्लाइट 2 घंटे देरी से चली और अब रद्द कर दी गई है। तकनीकी खराबी के अलावा कोई ठोस कारण नहीं बताया गया। यह भी स्पष्ट नहीं है कि यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए क्या व्यवस्था की गई है। असुविधा को कम करने हमारी टीम काम कर रही- एअर इंडिया इसके जवाब में एअर इंडिया ने रिप्लाई करते हुए लिखा- मिस्टर जैन, हम आपकी बात समझते हैं। आपके अनुभव के प्रति सहानुभूति रखते हैं। यह देरी परिचालन कारणों से हुई है। हमारी टीम असुविधा को कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। आपके धैर्य के लिए धन्यवाद। ………………………………………. यह खबरें भी पढ़ें… 1. अहमदाबाद प्लेन क्रैश- फ्यूल में गड़बड़ी या दोनों इंजन फेल:क्या पायलट ने गलत इंजन बंद किया, 4 केस स्टडी से समझिए हादसे की थ्योरी अहमदाबाद से 12 जून को लंदन जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI-171 उड़ने के तुरंत बाद एक हॉस्टल के ऊपर क्रैश हो गई। कुल 260 लोग मारे गए। इनमें 230 पैसेंजर और 12 क्रू मेंबर्स शामिल हैं। टेकऑफ के दो मिनट बाद ही जिस तरह प्लेन गिरा, उसकी वजह समझने के लिए दैनिक भास्कर ने बड़े विमान हादसों की पड़ताल की। इनकी जांच रिपोर्ट पढ़ी। पढ़ें पूरी खबर… 2. इंदौर एयरपोर्ट प्रबंधन ने रनवे के पास छोड़ा गड्ढा इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यह मामला रनवे से जुड़ा है, जहां केबलिंग कार्य के लिए रनवे के पास गड्ढा खोदा गया है। हैरानी की बात यह है कि आम सड़कों की तरह इस गड्ढे को न तो तुरंत भरा गया और न ही आसपास कोई सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। पढ़ें पूरी खबर…






