सोमवार को महाकल के भस्म आरती दर्शन:पंचामृत अभिषेक के बाद राजा स्वरूप में सजे बाबा, डमरू-झांझ गूंजे

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में तड़के चार बजे भस्म आरती के दौरान मंदिर के कपाट खोले गए। भगवान महाकाल का हरीओम जल से अभिषेक करने के पश्चात दूध,दही,घी,शक़्कर शहद फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन किया गया। भगवान महाकाल का रजत चंद्र त्रिशूल त्रिपुण्ड ड्रायफ्रूट से राजा स्वरूप शृंगार किया गया। नंदी हाल में नंदी जी का स्नान,ध्यान, पूजन किया गया। शेषनाग का रजत मुकुट रजत की मुण्डमाल और रुद्राक्ष की माला के साथ-साथ सुगन्धित पुष्प से बनी फूलों की माला धारण की भगवान महाकाल ने। फल और मिष्ठान का भोग लगाया। झांझ मंजीरे डमरू के साथ भगवान महाकाल की भस्म आरती की गई। भस्म आरती में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। महा निर्वाणी अखाड़े की और से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गयी। मान्यता है की भस्म अर्पित करने के बाद भगवान निराकार से साकार रूप में दर्शन देते है।
हापुड़ में ट्रक-बस की टक्कर, 6 बारातियों की मौत:टकराने के बाद बस पर गिरा, लोग अंदर दबे, गाड़ी काटकर निकाले गए

यूपी के हापुड़ में रविवार देर रात 1.30 बजे बारातियों से भरी बस को ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में 5 बारातियों समेत 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 7 गंभीर घायल हो गए। बारात गाजियाबाद के डासना से बुलंदशहर के गुलावठी गई थी। पुलिस के मुताबिक, बस में 20 से 25 बाराती सवार थे। वापस लौटते वक्त ग्रामीण इलाके में खड़ी थी। 10-12 लोग नीचे उतरकर कुछ दूरी पर चाय-नाश्ता कर रहे थे। रास्ता काफी सकरा था। इस दौरान सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने बस को टक्कर मार दी। बस तुरंत ही पलट गई। ट्रक भी बेकाबू होकर बस के ऊपर जा गिरा। बस के परखच्चे उड़ गए। बाराती अंदर ही फंस गए। चीख-पुकार मच गई। बाहर टहल रहे बारातियों ने स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने लोगों के साथ मिलकर रेस्क्यू चलाया। बस के शीशे तोड़कर कुछ लोगों को बाहर निकाला। कुछ लोगों को कटर की मदद से बस की बॉडी काटकर निकालना पड़ा। घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासनिक अमला भी मौके पर पहुंचा। हादसा जिला मुख्यालय से 22 किलोमीटर दूर थाना क्षेत्र धौलाना में धौलाना-गुलावठी रोड पर हुआ। एसपी ज्ञानंजय सिंह ने बताया- शादी समारोह से लौट रही यात्रियों से भरी एक बस को ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसा तेज रफ्तार और अंधेरे की वजह से हुआ। पुलिस टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव काम शुरू किया। घायलों को अस्पताल भेजा गया है। हादसे के बाद कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। हादसे की तस्वीरें देखिए… खड़ी बस को मारी टक्कर, मरने वाले सभी रिश्तेदार प्रत्यक्षदर्शी चांद कुरैशी ने बताया- मैं भी बारात के साथ था। दूसरी कार से लौट रहा था। बाकी बारातियों की बस रास्ते में खड़ी थी। करीब 20-25 बाराती अंदर थे, तभी तेज रफ्तार ट्रक आया और टक्कर मार दी। इसके बाद ट्रक बस पर ही पलट गया। मरने वालों में सभी मेरे रिश्तेदार थे। सभी हताहत गाजियाबाद में डासना के रहने वाले पुलिस ने बताया- मृतकों की पहचान यूनुस (50) पुत्र कदीर, युसूफ (55) पुत्र बशीर, अख्तर (40) पुत्र हामिद, सोनू (25) पुत्र जहीर, मुन्ना (60) पुत्र मेहरबान और खेड़ा निवासी ट्रक चालक शामिल है। हादसे में नदीम (32) पुत्र इलियास, नईम (23) पुत्र यासीन, जुनेद (24) पुत्र शाहिद, अय्युब (45) पुत्र साहबुद्दीन, सिराजुद्दीन (35) पुत्र ननवा, हसरत (45) पुत्र अशफाक, हबीब (45) पुत्र समसु घायल हैं। सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। उनका पिलखुवा स्थित रामा मेडिकल कॉलेज अस्पताल से इलाज चल रहा है। सभी घायलों और मृतकों गाजियाबाद के डासना क्षेत्र के हैं। गंभीर घायलों को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया थाना प्रभारी धौलाना अवनीश शर्मा ने बताया- घायलों को पहले धौलाना सीएचसी ले जाया गया। वहां से कुछ को रामा मेडिकल कॉलेज और बाकी को जीएस मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। खबर अपडेट की जा रही है… ———————- ये खबर भी पढ़िए- दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर ऊपर गाड़ियां चलेंगी, नीचे जानवर निकलेंगे:135KM यूपी से गुजरेगा, 6 घंटे का सफर 3 घंटे में पूरा होगा पीएम नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का उद्धाटन करेंगे। इसकी सबसे खास बात यह है कि शुरुआत के 18 किलोमीटर तक कोई टोल नहीं देना होगा। 212 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे का करीब 135 किलोमीटर (64%) हिस्सा यूपी से होकर गुजरता है। इसी वजह से ये जितना फायदेमंद उत्तराखंड के लिए है, उतना ही यूपी के लिए भी है। पूरी खबर पढ़िए
बेकार समझे जाने वाला पौधा भी है गुणों से भरपूर, जानें पानी में उगने वाले जलकुंभी के फायदे

X बेकार समझे जाने वाला पौधा भी है गुणों से भरपूर, जानें जलकुंभी के फायदे Watercress Health benefits: जलकुंभी को अक्सर बेकार पौधा समझकर हटा दिया जाता है. लेकिन इसमें कई उपयोगी गुण भी पाए जाते है. आयुष चिकित्सक डॉ. मोहम्मद इकबाल के अनुसार यह पौधा एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है और शरीर से कुछ विषैले तत्व बाहर निकालने में सहायक हो सकता है. यह पानी में मौजूद हानिकारक तत्वों को सोखकर उसे साफ करने में भी मदद करता है. ग्रामीण क्षेत्रों में इसके पत्तों का लेप फोड़े-फुंसी, सूजन और जोड़ों के दर्द में लगाया जाता है. कुछ लोग इसे उबालकर सब्जी या सूप के रूप में भी उपयोग करते है. हालांकि, विशेषज्ञ चेतावनी देते है कि प्रदूषित पानी में उगी जलकुंभी नुकसानदायक हो सकती है. इसलिए इसका सेवन सावधानी और सलाह के साथ ही करना चाहिए.
शिक्षकों को मंत्री की सलाह, धरना नहीं सुप्रीम कोर्ट जाएं:सीएम अनुरोध यात्रा से पहले सरकार में अलग-अलग सुर, SC के फैसले पर टिकी नजर

18 अप्रैल को प्रस्तावित शिक्षकों की “मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा” से पहले प्रदेश सरकार के दो मंत्रियों के अलग-अलग बयान सामने आने से मामला और गरमा गया है। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने साफ शब्दों में कहा है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में लगी पुनर्विचार याचिका के फैसले का इंतजार कर रही है, इसके बाद फैसला लिया जाएगा। किसी भी तरह के धरना-प्रदर्शन से इस फैसले में बदलाव संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षक एक दिन धरना दें या 100 दिन तक आंदोलन करें, इससे कुछ नहीं होने वाला। अगर उन्हें राहत चाहिए तो उन्हें सीधे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना चाहिए। सरकार कोर्ट के आदेश के खिलाफ जाकर अवमानना (कंटेम्प्ट) में नहीं फंसना चाहती। सिंह ने यह भी कहा कि विधि विभाग से परामर्श लिया जा चुका है और सरकार अपनी सीमाओं के भीतर रहकर ही निर्णय ले सकती है। उन्होंने शिक्षक संगठनों से अपील की कि वे अपनी ऊर्जा धरना-प्रदर्शन में खर्च करने के बजाय पुनर्विचार याचिका के माध्यम से न्यायालय में प्रयास करें। वहीं दूसरी ओर, शाजापुर में आयोजित शिक्षक सम्मेलन में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार का बयान अपेक्षाकृत अलग नजर आया। उन्होंने कहा कि पात्रता परीक्षा को लेकर स्थिति क्लियर करने की जरूरत है। इसको लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रदेश के सभी शिक्षक प्रभावित नहीं हैं, बल्कि केवल 2005 के पहले नियुक्त लगभग 70 हजार शिक्षक ही इसके दायरे में आते हैं। इसमें जनजाति कार्य विभाग के शिक्षक भी शामिल हैं। परमार ने स्पष्ट किया कि पात्रता परीक्षा (टेट) को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। 2005 के बाद नियुक्त सभी शिक्षकों ने यह परीक्षा दी है, इसलिए उन पर यह नियम लागू नहीं होता। उन्होंने कहा कि यह मामला पश्चिम बंगाल के केस के आधार पर बना है। पश्चिम बंगाल के लोग सुप्रीम कोर्ट गए हैं उस पर पुनर्विचार हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार इस मामले में सीधे तौर पर हस्तक्षेप नहीं कर सकती और फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जा रहा है।
गुरुग्राम में एंबियंस मॉल पहुंचे एक्टर राव राजकुमार:फिल्म टोस्टर की को-स्टार सानिया के साथ दी परफॉर्मेंस, फैंस संग ली सेल्फी

गुरुग्राम शहर में रविवार देर शाम बॉलीवुड स्टार राजकुमार राव और उनकी को-स्टार सान्या मल्होत्रा एंबियंस मॉल पहुंचे। उन्होंने फैंस के साथ खूब वक्त बिताया और आगामी फिल्म टोस्टर के बारे में रोचक चर्चा की। राजकुमार राव गुरुग्राम के मूल निवासी हैं और एक पुराने स्कूल के दोस्त ने उनसे पूछा, “भाई, ब्लू बेल्स के दिन याद हैं। राजकुमार राव ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि “हां यार, मुझे सब याद है। इस बातचीत ने पूरे माहौल को और भी गर्म कर दिया। अभिनेता ने फैंस के साथ सेल्फी ली, ऑटोग्राफ दिए और फिल्म की कहानी के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि फिल्म ‘टोस्टर’ एक डार्क कॉमेडी है, जिसमें राजकुमार राव कंजूस (मिजर) रामकांत की भूमिका में हैं। कहानी एक साधारण टोस्टर गिफ्ट से शुरू होती है, जो धीरे-धीरे हत्या और अराजकता तक पहुंच जाती है। 5 अप्रैल को आएगी टोस्टर कोस्टार सान्या मल्होत्रा उनकी पत्नी की भूमिका में हैं। फिल्म में अर्चना पूरन सिंह, अभिषेक बनर्जी, फराह खान समेत कई दिग्गज कलाकार भी शामिल हैं। यह फिल्म राजकुमार राव और उनकी पत्नी पात्रालेखा के प्रोडक्शन हाउस कंपा फिल्म की पहली प्रोडक्शन है। यह 15 अप्रैल 2026 को नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली है। राजकुमार-सान्या की जोड़ी देखने पहुंचे फैंस एंबियंस मॉल में आयोजित इस इवेंट में काफी भीड़ उमड़ी। फैंस ने दोनों अभिनेताओं का जोश भरा स्वागत किया। राजकुमार राव ने कहा कि गुरुग्राम उनके लिए हमेशा खास रहा है और यहां के लोगों से मिलना उन्हें हमेशा एनर्जी देता है। सान्या कई बार गुरुग्राम आ चुकी सान्या मल्होत्रा ने बताया कि ‘टोस्टर’ में हंसी के साथ-साथ कई अनोखे ट्विस्ट हैं, जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखेंगे। गुरुग्राम में वह पहले भी कई बार आ चुकी है और जब भी वह यहां आती है तो माॅल्स में घूमना मिस नहीं करती। फैंस के साथ इंटरैक्टिव सेशन भी किया एंबियंस मॉल में आयोजित इस इवेंट में माहौल बेहद उत्साही रहा। राजकुमार राव और सान्या मल्होत्रा ने फैंस के साथ इंटरैक्टिव सेशन भी किया, जिसमें दर्शकों ने फिल्म से जुड़े सवाल पूछे। राजकुमार राव ने बताया कि ‘टोस्टर’ उनकी सबसे अलग और चुनौतीपूर्ण भूमिका है, क्योंकि इसमें उन्हें एक बेहद कंजूस व्यक्ति का किरदार निभाना पड़ा है। इवेंट के दौरान फिल्म का एक छोटा-सा मजेदार क्लिप भी दिखाया, जिससे फैंस और ज्यादा उत्साहित हो गए। इस मौके पर मॉल में सिक्योरिटी के कड़े इंतजाम किए गए थे। कई युवा फैंस ने कहा कि राजकुमार राव को अपने शहर में देखकर उन्हें गर्व महसूस हो रहा है।
विधानसभा चुनाव 2026 लाइव: बंगाल में ममता की यूपी में वापसी तय, इस नेता ने कर दी बड़ी भविष्यवाणी

असम, केरल और पुडुचेरी में वोटिंग के बाद अब सभी को 23 और 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में होने वाली वोटिंग का इंतजार है। पश्चिम बंगाल में इस वक्त डेमी की सरकार है तो कहीं ना कहीं बीजेपी की सरकार है। इस बार भी मुख्य बात: राज्य में प्रतिस्पर्धा मित्रता पार्टी के बीच है। हालांकि कांग्रेस और वामदल भी अपनी खोई हुई जमीन तलाश रहे हैं। अब देखिए कि चार मई को जब नतीजे आएंगे तो क्या ममता बनर्जी की सरकार की वापसी होगी, क्या भाजपा पश्चिम बंगाल में सरकार बनाएगी। हालाँकि अभी मतदान से पहले जंज़ी जंग जारी है। ममता बनर्जी बंगाल के लिए खतरा- राधा मोहन दास अग्रवाल भाजपा के संयुक्त राज्य अमेरिका के सदस्य राधा मोहन दास अग्रवाल ने रविवार को जिलों में भाजपा की वापसी का दावा किया। उन्होंने कहा, “तीन राज्यों में चुनाव हो चुके हैं और अभी दो साल बाकी हैं। जिन तीन राज्यों में चुनाव जारी हैं, वहां की जनता ने बीजेपी के समरूपता के सिद्धांत का समर्थन किया है। असम और पुदुचेरी दोनों जगहों पर बीजेपी की सरकार बन रही है। जनता ने बीजेपी के साथ मिलकर अलग होने का फैसला किया है। यह बीजेपी के लिए बेहद उत्साहजनक परिणाम है।” राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा, “डॉ. भीमराव कॉम को खत्म करने की पहली कोशिश कांग्रेस पार्टी ने ही की थी। जब देश में पहला चुनाव हुआ था, तब सेंट्रल बॉम्बे सीट से चुनाव लड़ रहे डॉक्टर कॉम ने कांग्रेस के लिए करीब 77,000 फर्जी वोट डलवाए थे। राहुल गांधी को अब डॉ. राहुल गांधी के नाम पर राजनीति करने का कोई अधिकार नहीं है।” उन्होंने कहा, “राहुल गांधी भी कहते हैं, उन्हें आदरभाव देना चाहिए। आज लोग उनकी बातों पर विश्वास नहीं करते, न भरोसा करते हैं और न ही उन्हें वोट देते हैं। उनकी बातों का अब कोई असर नहीं हो रहा है।” पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर बहुमत का दावा करते हुए न्यूनतम राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा, “ममता बनर्जी बंगाल के लोगों की गरिमा और प्रतिष्ठा को खतरे में डाल रही हैं। आज बंगाल के लगभग 70 प्रतिशत लोग डर के साए में जी रहे हैं। वे समाजवादी कांग्रेस की गुंडागर्दी के साए में सांस ले रहे हैं।” उन्होंने बताया, “हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें 81 साल की एक बुजुर्ग महिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में फूल दोस्त दिख रही थीं। इसके बाद यहां के उद्योगपति ने अपनी दुकान में लूटा, सामान लूटा और कहा कि जब से वह बीजेपी की रैली में फूल फेंकती हैं, इसलिए अब उनकी दुकान में कोई जगह नहीं है।” पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार नहीं बनेगी: हुसैन दलवाई पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर मोदी की सिलीगुड़ी में हुई चुनावी सभा के बाद बीजेपी ने दावा किया कि 4 मई को बंगाल में सरकार बनाई जा रही है. बीजेपी के दावे पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने तंजानिया कासा और कहा कि बीजेपी भले ही बहुत कोशिश कर ले, लेकिन बंगाल में बीजेपी की सरकार नहीं बनेगी. मुंबई में कांग्रेस नेताओं ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कांग्रेस पर आरोप लगा रहे हैं, लेकिन इससे बंगाल की जनता प्रभावित नहीं हो रही है। आरोप पूरी तरह गलत है. उन्होंने कहा कि चुनाव के वक्त बीजेपी कुछ भी आरोप लगाती रहती है. बंगाल में भाजपा को अपनी सरकार लानी है। एस मजबूत के माध्यम से लोगों से वोट देने का अधिकार छीना गया। चुनाव आयोग अपने संस्थापक पर काम करता है, लेकिन फिर भी बंगाल में भाजपा की सरकार नहीं बनेगी। तमिलनाडु चुनाव प्रचार के दौरान असंबद्धता के संस्थापक रामदास, अस्पताल में भर्ती तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले लीपली मक्कल प्लास्टिक (पीएमके) में चल रहे बेहतर विवाद के बीच पार्टी के संस्थापक एस. रामदास रविवार को सेलम जिले में एक रैली के दौरान अचानक गिर गए, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटना से गोलीबारी और पार्टी की विचारधारा में चिंता फैल गई। इस समय नेतृत्व को लेकर साक्षात् पर प्रबलता दिखाई दे रही है। पार्टी संस्थापक एस. रामदास और उनके बेटे व पार्टी के अध्यक्ष अंबुमणि रामदास अलग-अलग तरीके से काम कर रहे हैं और दोनों ही अपनी पार्टी पर अपनी नियंत्रण रेखा की कोशिश कर रहे हैं।
पेंशनर्स मिलन में छलका अपनापन: वर्षों बाद मिले साथी, सम्मान से खिले चेहरे

भास्कर संवाददाता|हरदा रिटायरमेंट के बाद भी रिश्तों की गर्माहट और साथियों का अपनापन कितना मायने रखता है। इसकी झलक रविवार को पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के मिलन समारोह में देखने को मिली। जब वर्षों पुराने साथी आमने-सामने आए, तो किसी की आंखें नम थीं। किसी के चेहरे पर मुस्कान थी। सम्मान, संवाद और संवेदनाओं से भरा यह आयोजन यादगार बन गया। बायपास रोड स्थित निजी गार्डन में पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन भोपाल की हरदा इकाई ने पेंशनर्स मिलन समारोह का आयोजन किया। कार्यक्रम में जिलेभर से बड़ी संख्या में पेंशनर्स और रिटायर्ड फौजियों ने भाग लिया। लंबे समय बाद पुराने साथियों से मिलकर वरिष्ठजन भावुक हो उठे। वे बीते दिनों की यादें साझा करते नजर आए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने कहा कि पेंशनर्स ने अपने जीवन का स्वर्णिम समय देश और समाज की सेवा में समर्पित किया है। आज भी उनकी सक्रियता और सकारात्मक ऊर्जा समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि पेंशनर्स की जीवंतता देखकर उन्हें भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने लंबित मांगों के समाधान का आश्वासन भी दिया। प्रदेशाध्यक्ष अमोद कुमार सक्सेना ने पेंशनर्स की लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने छठवें और सातवें वेतनमान के बकाया एरियर्स के शीघ्र भुगतान की मांग की। उन्होंने केंद्र के समान महंगाई राहत देने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच पेंशनर्स को एकजुट करते हैं। उनकी आवाज को मजबूत बनाते हैं। कार्यक्रम में न्यायिक मजिस्ट्रेट चंद्रशेखर राठौर, जिला पेंशन अधिकारी आरएस डुडवे, वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. प्रभु शंकर शुक्ल, डीईओ डीएस रघुवंशी, प्रकाशचंद्र वशिष्ठ सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन के अंत में सभी ने एक-दूसरे से मुलाकात की। भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को जारी रखने का संकल्प लिया। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अनिल अग्निहोत्री ने बताया कि समारोह में 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ पेंशनर्स और रिटायर्ड फौजियों का विशेष सम्मान किया गया। सभी को शॉल, श्रीफल, दुपट्टा, माला और तिलक लगाकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होते ही कई वरिष्ठों के चेहरे गर्व और खुशी से खिल उठे।
72 फीट लंबे पीतल पर 193 देशों के प्रतीक चिन्ह:आंबेडकर जयंती के पहले होगा तैयार, काटने में लगा 3 घंटे से ज्यादा का समय

14 अप्रैल को डॉ.भीमराव आंबेडकर की जयंती है। इसके पहले इंदौर में एक अनूठा काम किया जा रहा है। 72 फीट लंबे पीतल पट्ट पर 193 देशों के प्रतीक चिन्हों को प्रिंट किया जाएगा। रविवार को इस पीतल पट्ट को काटने का काम किया गया। दरअसल, संविधान से देश पुस्तक के माध्यम से डॉ.भीमराव अंबेडकर की जयंती पर 72 फिट लंबे पीतल पट्ट को जारी करने की तैयारी की जा रही है। इसकी चौड़ाई 5 इंच होगी। सर्वेभवन्तु: सुखिन: के उद्घोष के साथ 193 देशों के प्रतीक चिन्हों को इसमें समाहित किया जाएगा, ताकि विश्व में शांति स्थापित हो सके। 72 फीट के पीतल पट्ट का वजन 1 किलो इस 72 फीट लंबे पीतल पट्ट का वजन करीब 1 किलो है। रविवार को इस पीतल पट्ट को काटने का काम किया गया, जिसमें करीब 3 घंटे 10 मिनट का समय लगा। सोमवार को इस पीतल पट्ट पर प्रिंटिंग का काम किया जाएगा। ये काम एडवोकेट लोकेश मंगल द्वारा किया जा रहा है। बता दे कि इसके पहले भी कई चीजें पीतल पर उकेर चुके हैं। उन्होंने बताया कि थावरचंद गेहलोत, राज्यपाल, कर्नाटक की प्रेरणा से वे ये काम कर रहे है। संविधान से देश पुस्तक के माध्यम से 72 फीट लंबा और 5 इंच चौड़ा पीतल पट्ट जारी किया जाएगा। इसमें 193 देशों के प्रतीक चिन्हों को शामिल है। इसकी छपाई सोमवार को की जाएगी और मंगलवार को इसे जारी किया जाएगा। सर्वेभवन्तु: सुखिन: के भाव को समझे उन्होंने बताया कि सर्वेभवन्तु: सुखिन: के उद्घोष के साथ ये किया जाएगा। हम विश्व में भी सर्वेभवन्तु: सुखिन: का संदेश दे। रविवार को 72 फीट लंबा पीतल पट्ट काटने के साथ ही इसकी सफाई की गई है। हम सर्वेभवन्तु: सुखिन: के भाव को हम सभी समझे, माने और जीवन में आत्मसात करें। विश्व कल्याण के लिए 80 एडवोकेट्स के सहयोग से ये काम किया जा रहा है। फोल्ड करके रख सकेंगे उन्होंने बताया कि इस पीतल पट्ट का वजन करीब 1 किलो है। खासबात यह है कि इस पर 193 देशों के प्रतीक चिह्न उकेरने के बाद इसे फोल्ड करके रखा जा सकेगा। इससे इसे कही भी ले जाना आसान होगा। सोमवार को तैयार होने के बाद मंगलवार को इसे जारी किया जाएगा, जिसे सभी देख सकेंगे।
स्वप्निल असनोदकर ने पहले सीजन में 311 रन बनाए:10 हजार रन बनाने वाले गोवा के पहले क्रिकेटर; एक चोट ने करियर बर्बाद किया

जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंड्या, रवींद्र जडेजा और सूर्यकुमार यादव ऐसे नाम हैं, जो IPL में चमके और भारतीय टीम में जगह बनाई। लेकिन कुछ खिलाड़ी ऐसे भी रहे, जिन्हें फैंस धीरे-धीरे भूल गए। IPL के अनसंग हीरोज सीरीज में ऐसे ही क्रिकेटर्स की स्टोरी पढ़िए… पहला नाम गोवा के स्वप्निल असनोदकर का है। स्वप्निल 2008 में पहला टाइटल जीतने वाली राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा रहे। उन्हें पहले ही मैच में प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिला। स्वप्निल ने कोलकाता के खिलाफ 34 गेंदों पर 60 रन बनाए, जिसमें 10 चौके और 1 सिक्स शामिल था। स्वप्निल ने उस सीजन के 9 मैचों में 311 रन बनाए और टीम को चैंपियन बनाया। वे वर्तमान में केरल की अंडर-23 टीम के मुख्य कोच हैं। स्वप्निल असनोदकर ने दैनिक भास्कर से अपनी कहानी साझा की। उन्होंने अपने सफर, IPL की चकाचौंध और टीम से बाहर किए जाने का दर्द बताया… गोवा में फुटबॉल का माहौल, पर क्रिकेट का भूत सवार था स्वप्निल गोवा से हैं, जहां फुटबॉल सबसे लोकप्रिय खेल है। उनके पिता और चाचा क्लब लेवल पर फुटबॉल और क्रिकेट खेलते थे। स्वप्निल ने बताया- मेरे परिवार में पांचों भाई स्पोर्ट्स में थे। बुआ स्टेट लेवल एथलीट थीं। घर में खेल का माहौल बचपन से ही था। स्वप्निल ने बताया- मैंने टेनिस बॉल से गली क्रिकेट शुरू किया और वहीं से क्रिकेट का भूत सवार हो गया। 9वीं क्लास में लगातार तीन मैचों में तीन शतक लगाए, तब लगा कि मैं लेदर बॉल से खेल सकता हूं। पिता ने कोचिंग कैंप भेजा और वहीं से करियर बदल गया। मैच से 4 घंटे पहले शेन वॉर्न ने कहा- ‘तुम यह मैच खेल रहे हो’ 2008 के पहले सीजन को याद करते हुए स्वप्निल ने बताया कि शुरुआती चार मैचों में मौका नहीं मिला था। लेकिन शेन वॉर्न ने कहा था- कभी न कभी मौका आएगा, तैयार रहना। 1 मई 2008 को KKR के खिलाफ दोपहर 12 बजे मीटिंग थी। वॉर्न ने अचानक कहा- ‘यू आर प्लेइंग टुडे’। स्वप्निल तैयार थे। इसी मैच में उन्होंने पहली IPL फिफ्टी लगा दी और 60 रन बनाए। चैंपियन बनाने का क्रेडिट वॉर्न को दिया, ‘गोवा की तोप’ नाम मिला था राजस्थान रॉयल्स उस साल चैंपियन बनी। स्वप्निल को Goan Cannon नाम मिला। उन्होंने 9 मैचों में 2 फिफ्टी के साथ 311 रन बनाए। स्वप्निल और ग्रीम स्मिथ की ओपनिंग जोड़ी ने 418 रन जोड़े, जो सीजन की सबसे बेहतरीन जोड़ी थी। स्वप्निल ने कहा- टीम में बड़े स्टार नहीं थे, लेकिन शेन वॉर्न और डेरेन बेरी ने ऐसा माहौल बनाया कि हम सबने अपना बेस्ट दिया। पहले तीन मैच हारने के बाद हमने कमबैक किया। लक भी साथ रहा और हम चैंपियन बने। पूरा क्रेडिट वॉर्न और सपोर्ट स्टाफ को जाता है। उंगली की चोट से प्रदर्शन खराब हुआ, मौके मिलना कम हो गए पहला सीजन शानदार रहा, लेकिन दूसरे सीजन में इंजरी ने झटका दिया। साउथ अफ्रीका में IPL के दौरान फील्डिंग में उंगली में लिगामेंट टियर हो गया। 10 दिन के कैंप का फायदा नहीं मिला। बाउंस वाली पिचों पर एडजस्ट नहीं हो पाए और प्रदर्शन प्रभावित रहा। 2009 के सीजन में स्वप्निल को 8 मैचों में मौका मिला, लेकिन वे 98 रन ही बना सके। उसके बाद 2010 और 2011 के सीजन में उन्हें मौके कम मिले। स्वप्निल ने 2011 में अपना आखिरी मैच खेला। उन्होंने किंग्स XI पंजाब (अब पंजाब किंग्स) के खिलाफ 21 अप्रैल को खेले गए मुकाबले में 9 गेंद पर 9 रन बनाए थे। इस पारी में एक चौका शामिल रहा। स्वप्निल ने अपने IPL करियर में कुल 20 मैच खेले और इनमें दो फिफ्टी के सहारे 423 रन बनाए। स्वप्निल ने कहा- मेरी मेहनत जारी रही, लेकिन सफलता की कोई गारंटी नहीं थी। मैं पॉजिटिव माइंडेड हूं। लाखों लोग IPL खेलने का सपना देखते हैं, मैंने वहां जाकर अपना जलवा दिखाया। लोग आज भी 2008 की वजह से मुझे याद करते हैं। यही मेरे लिए संतोष की बात है। 10 हजार रन बनाए, फिर भी संभावितों में जगह नहीं मिली गोवा के लिए 17 साल खेलने वाले स्वप्निल ने बताया- 2017-18 में मैं तीनों फॉर्मेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाला बल्लेबाज था। रणजी और वनडे में शतक लगाए थे, फिर भी अगले साल संभावित खिलाड़ियों में जगह नहीं मिली। मैं गोवा का पहला खिलाड़ी था, जिसने सभी फॉर्मेट मिलाकर 10 हजार से ज्यादा रन बनाए थे। यह फैसला एसोसिएशन का था, जिसमें मैं कुछ नहीं कर सकता था। 33 साल की उम्र में यह फैसला समझ नहीं आया, लेकिन मैंने इसे पॉजिटिव तरीके से लिया। अब कोचिंग के जरिए टीम इंडिया के रडार पर हैं स्वप्निल 2019 में स्वप्निल ने खिलाड़ी के रूप में संन्यास लिया और कोचिंग शुरू की। उन्होंने गोवा की अंडर-23 टीम को 4 साल कोचिंग दी। नागालैंड की सीनियर टीम के बैटिंग कोच रहे, जहां टीम प्लेट ग्रुप से एलीट ग्रुप में पहुंची। स्वप्निल को BCCI के NCA असाइनमेंट भी मिल रहे हैं। उन्होंने कहा- क्रिकेट ने मुझे जो दिया, उसे वापस लौटाना चाहता हूं। खिलाड़ियों को अपना अनुभव शेयर करना है। मेरा लक्ष्य अंडर-19 इंडिया या उससे आगे कोचिंग करना है। मेहनत जारी रहेगी। ——————————————————————
स्वप्निल असनोदकर ने पहले सीजन में 311 रन बनाए:10 हजार रन बनाने वाले गोवा के पहले क्रिकेटर; एक चोट ने करियर बर्बाद किया

जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंड्या, रवींद्र जडेजा और सूर्यकुमार यादव ऐसे नाम हैं, जो IPL में चमके और भारतीय टीम में जगह बनाई। लेकिन कुछ खिलाड़ी ऐसे भी रहे, जिन्हें फैंस धीरे-धीरे भूल गए। IPL के अनसंग हीरोज सीरीज में ऐसे ही क्रिकेटर्स की स्टोरी पढ़िए… पहला नाम गोवा के स्वप्निल असनोदकर का है। स्वप्निल 2008 में पहला टाइटल जीतने वाली राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा रहे। उन्हें पहले ही मैच में प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिला। स्वप्निल ने कोलकाता के खिलाफ 34 गेंदों पर 60 रन बनाए, जिसमें 10 चौके और 1 सिक्स शामिल था। स्वप्निल ने उस सीजन के 9 मैचों में 311 रन बनाए और टीम को चैंपियन बनाया। वे वर्तमान में केरल की अंडर-23 टीम के मुख्य कोच हैं। स्वप्निल असनोदकर ने दैनिक भास्कर से अपनी कहानी साझा की। उन्होंने अपने सफर, IPL की चकाचौंध और टीम से बाहर किए जाने का दर्द बताया… गोवा में फुटबॉल का माहौल, पर क्रिकेट का भूत सवार था स्वप्निल गोवा से हैं, जहां फुटबॉल सबसे लोकप्रिय खेल है। उनके पिता और चाचा क्लब लेवल पर फुटबॉल और क्रिकेट खेलते थे। स्वप्निल ने बताया- मेरे परिवार में पांचों भाई स्पोर्ट्स में थे। बुआ स्टेट लेवल एथलीट थीं। घर में खेल का माहौल बचपन से ही था। स्वप्निल ने बताया- मैंने टेनिस बॉल से गली क्रिकेट शुरू किया और वहीं से क्रिकेट का भूत सवार हो गया। 9वीं क्लास में लगातार तीन मैचों में तीन शतक लगाए, तब लगा कि मैं लेदर बॉल से खेल सकता हूं। पिता ने कोचिंग कैंप भेजा और वहीं से करियर बदल गया। मैच से 4 घंटे पहले शेन वॉर्न ने कहा- ‘तुम यह मैच खेल रहे हो’ 2008 के पहले सीजन को याद करते हुए स्वप्निल ने बताया कि शुरुआती चार मैचों में मौका नहीं मिला था। लेकिन शेन वॉर्न ने कहा था- कभी न कभी मौका आएगा, तैयार रहना। 1 मई 2008 को KKR के खिलाफ दोपहर 12 बजे मीटिंग थी। वॉर्न ने अचानक कहा- ‘यू आर प्लेइंग टुडे’। स्वप्निल तैयार थे। इसी मैच में उन्होंने पहली IPL फिफ्टी लगा दी और 60 रन बनाए। चैंपियन बनाने का क्रेडिट वॉर्न को दिया, ‘गोवा की तोप’ नाम मिला था राजस्थान रॉयल्स उस साल चैंपियन बनी। स्वप्निल को Goan Cannon नाम मिला। उन्होंने 9 मैचों में 2 फिफ्टी के साथ 311 रन बनाए। स्वप्निल और ग्रीम स्मिथ की ओपनिंग जोड़ी ने 418 रन जोड़े, जो सीजन की सबसे बेहतरीन जोड़ी थी। स्वप्निल ने कहा- टीम में बड़े स्टार नहीं थे, लेकिन शेन वॉर्न और डेरेन बेरी ने ऐसा माहौल बनाया कि हम सबने अपना बेस्ट दिया। पहले तीन मैच हारने के बाद हमने कमबैक किया। लक भी साथ रहा और हम चैंपियन बने। पूरा क्रेडिट वॉर्न और सपोर्ट स्टाफ को जाता है। उंगली की चोट से प्रदर्शन खराब हुआ, मौके मिलना कम हो गए पहला सीजन शानदार रहा, लेकिन दूसरे सीजन में इंजरी ने झटका दिया। साउथ अफ्रीका में IPL के दौरान फील्डिंग में उंगली में लिगामेंट टियर हो गया। 10 दिन के कैंप का फायदा नहीं मिला। बाउंस वाली पिचों पर एडजस्ट नहीं हो पाए और प्रदर्शन प्रभावित रहा। 2009 के सीजन में स्वप्निल को 8 मैचों में मौका मिला, लेकिन वे 98 रन ही बना सके। उसके बाद 2010 और 2011 के सीजन में उन्हें मौके कम मिले। स्वप्निल ने 2011 में अपना आखिरी मैच खेला। उन्होंने किंग्स XI पंजाब (अब पंजाब किंग्स) के खिलाफ 21 अप्रैल को खेले गए मुकाबले में 9 गेंद पर 9 रन बनाए थे। इस पारी में एक चौका शामिल रहा। स्वप्निल ने अपने IPL करियर में कुल 20 मैच खेले और इनमें दो फिफ्टी के सहारे 423 रन बनाए। स्वप्निल ने कहा- मेरी मेहनत जारी रही, लेकिन सफलता की कोई गारंटी नहीं थी। मैं पॉजिटिव माइंडेड हूं। लाखों लोग IPL खेलने का सपना देखते हैं, मैंने वहां जाकर अपना जलवा दिखाया। लोग आज भी 2008 की वजह से मुझे याद करते हैं। यही मेरे लिए संतोष की बात है। 10 हजार रन बनाए, फिर भी संभावितों में जगह नहीं मिली गोवा के लिए 17 साल खेलने वाले स्वप्निल ने बताया- 2017-18 में मैं तीनों फॉर्मेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाला बल्लेबाज था। रणजी और वनडे में शतक लगाए थे, फिर भी अगले साल संभावित खिलाड़ियों में जगह नहीं मिली। मैं गोवा का पहला खिलाड़ी था, जिसने सभी फॉर्मेट मिलाकर 10 हजार से ज्यादा रन बनाए थे। यह फैसला एसोसिएशन का था, जिसमें मैं कुछ नहीं कर सकता था। 33 साल की उम्र में यह फैसला समझ नहीं आया, लेकिन मैंने इसे पॉजिटिव तरीके से लिया। अब कोचिंग के जरिए टीम इंडिया के रडार पर हैं स्वप्निल 2019 में स्वप्निल ने खिलाड़ी के रूप में संन्यास लिया और कोचिंग शुरू की। उन्होंने गोवा की अंडर-23 टीम को 4 साल कोचिंग दी। नागालैंड की सीनियर टीम के बैटिंग कोच रहे, जहां टीम प्लेट ग्रुप से एलीट ग्रुप में पहुंची। स्वप्निल को BCCI के NCA असाइनमेंट भी मिल रहे हैं। उन्होंने कहा- क्रिकेट ने मुझे जो दिया, उसे वापस लौटाना चाहता हूं। खिलाड़ियों को अपना अनुभव शेयर करना है। मेरा लक्ष्य अंडर-19 इंडिया या उससे आगे कोचिंग करना है। मेहनत जारी रहेगी। ——————————————————————








