केरल में बीजेपी ने जारी की चौथी लिस्ट, सिर्फ एक जिओबोल का ऐलान, जानिए कौन है वो?

केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए बीजेपी ने चौथी सूची जारी की है। इसमें एक अभ्यर्थी का नाम जारी किया गया है। भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने आगामी केरल विधानसभा चुनाव के लिए एडवोकेट एस. स्मिता को असुविधा बनी है. घरेलू वर्कशॉप सीट से वेबसाइट ने टिकट दिए हैं। कौन हैं एस. स्मिता? वकील एस स्मिता केरल में कानूनी, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय हैं। वह कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) में रह चुके हैं। हाल ही में उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया था. अब बीजेपी ने आगामी केरल विधानसभा चुनाव में एडवोकेट एस.एस. स्मिता ने अप्रैल में वर्कशॉप सीट से अपना कैंडिडेट बनाया है, जो 2026 में होने वाले हैं। तीसरी सूची में 11 केश का विनाश इससे पहले 21 मार्च को बीजेपी ने केरल विधानसभा चुनाव के लिए 11 क्यूबिक की अपनी तीसरी लिस्ट जारी की थी। पार्टी ने तिरुवंतपुरम से कर्मना जैन को उम्मीदवार बनाया है। पुथुपल्ली से रवींद्रनाथ वकथानम को, चवारा से के आर राजेश को, चदायमंगलम से आरएस अरुण राज को और पीरुमाडे सीट से वी रतीश चुनाव मैदान में उतरेंगे। विवेक गोपन को अरुविक्करा सीट, टी एन सुरेश को कोवलम और एसशेखरन नायर को नैयट्टिनकारा सीट से राज उम्मीदवार बनाया गया है। पार्टी ने मावेलिकरा सीट से अजिमोन, चिरयिनकीझू से बी एस एस अनूप और अदूर सीट से अनंतम प्रतापन को प्रतियोगी बनाया है। केरल में कब होगा विधानसभा चुनाव? केरल में 9 अप्रैल 2026 को एक ही चरण में वोटिंग होगी, जबकि 140 विधानसभा वाले राज्य में किस दल की सरकार होगी, इसका फैसला वहां के कुल 2.71 करोड़ होंगे। चुनाव 20 फरवरी को तैयार और जारी किया जाएगा, अंतिम मतदाता सूची के आधार पर, जिसमें विशेष गहन संशोधन के बाद तैयारी की गई है। चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही राजनीतिक आश्रमों ने नामांकन तेज कर दिया है। अत्यंत कठिन प्रतियोगिता होने की संभावना है।
हर वक्त थकान से हो जाता है बुरा हाल? शरीर में बिगड़ गया हार्मोन्स का बैलेंस, ये संकेत न करें नजरअंदाज

Hormones Disrupt Energy and Sleep: जब आप रात में अच्छी तरह नहीं सो पाते हैं, तब अगले दिन थकान महसूस होती है. यह एक कॉमन बात है और पर्याप्त नींद लेने के बाद समस्या दूर हो जाती है. कई बार लोग रात में 7-8 घंटे की पूरी नींद और अच्छी डाइट लेने के बावजूद दिनभर थकान की शिकायत करते हैं. कई बार एनर्जी लेवल स्तर इतना कम रहता है कि छोटे-छोटे काम भी मुश्किल लगने लगते हैं. यह कंडीशन अक्सर आलस या अनुशासन की कमी नहीं होती, बल्कि शरीर के भीतर चल रहे किसी बायोलॉजिकल असंतुलन का संकेत हो सकती है. खासतौर पर हार्मोनल असंतुलन लगातार थकान का बड़ा कारण है. नई दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल के एंडोक्रोनोलॉजिस्ट डॉ. सप्तर्षि भट्टाचार्य ने TOI की रिपोर्ट में बताया हमारे शरीर में कोर्टिसोल, थायराइड, इंसुलिन और एस्ट्रोजन जैसे हार्मोन एनर्जी बैलेंस को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं. ये हार्मोन संदेशवाहकों की तरह काम करते हैं और दिनभर शरीर की एनर्जी जरूरतों को कंट्रोल करते हैं. शरीर में जब इनका संतुलन बिगड़ जाता है, तो शरीर का एनर्जी सिस्टम अनस्टेबल हो जाता है. इसका परिणाम यह होता है कि व्यक्ति पूरी नींद लेने के बाद भी थका हुआ महसूस करता है और दिन के दौरान एनर्जी अचानक गिरने लगती है. हार्मोनल असंतुलन का एक कॉमन लक्षण वायर्ड बट टायर्ड की स्थिति है. इसमें दिमाग सक्रिय रहता है, लेकिन शरीर पूरी तरह थका हुआ महसूस करता है. यह समस्या मुख्य रूप से कोर्टिसोल हार्मोन के असंतुलन से जुड़ी होती है. कोर्टिसोल सुबह अधिक और रात में कम होना चाहिए, लेकिन जब इसका चक्र बिगड़ जाता है, तो शरीर लगातार तनाव की स्थिति में बना रहता है. इससे रात में नींद प्रभावित होती है और सुबह उठने पर भी शरीर तरोताजा महसूस नहीं करता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. यह थकान केवल शारीरिक नहीं होती, बल्कि मानसिक स्तर पर भी असर डालती है. इससे ब्रेन फॉग की कंडीशन पैदा हो जाती है. यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति को ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई होती है, सोचने की गति धीमी हो जाती है और सामान्य कार्यों में भी भ्रम महसूस होता है. इसमें थायराइड हार्मोन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. जब थायराइड का स्तर असंतुलित होता है, तो ब्रेन फंक्शन प्रभावित होता है. इसे लोग अक्सर सामान्य थकान या ध्यान की कमी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. इंसुलिन हार्मोन के असंतुलन से भूख और खाने की आदतों में भी बदलाव आता है. अचानक मीठा या जंक फूड खाने की तीव्र इच्छा होना, फिर ऊर्जा का तेजी से बढ़ना और गिरना, इस असंतुलन के संकेत हो सकते हैं. इसके अलावा बिना वजह के वजन बढ़ना या प्रयास के बावजूद वजन कम न होना भी हार्मोनल गड़बड़ी का संकेत है. ऐसी स्थिति में शरीर एनर्जी को खर्च करने के बजाय उसे फैट के रूप में जमा करने लगता है, जिससे समस्या और बढ़ जाती है. हार्मोनल बदलावों का असर हमारे मूड और भावनाओं पर भी पड़ता है. कोर्टिसोल और एस्ट्रोजन के इंबैलेंस से चिड़चिड़ापन, चिंता और प्रेरणा की कमी जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं. ऐसी थकान को केवल आराम या अधिक मेहनत से ठीक नहीं किया जा सकता. जरूरी है कि हम अपने शरीर के संकेतों को समझें और उन्हें नजरअंदाज न करें. अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो किसी डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है, ताकि सही कारण का पता लगाकर ट्रीटमेंट किया जा सके.
बेटे-बहू ने सास-ससुर को डंडों से पीटा:अस्पताल में भर्ती महिला बोली- हमें अधमरा कर दिया, रिपोर्ट तो करेंगे

छतरपुर में पारिवारिक विवाद के चलते बहू और बेटे ने अपने ही माता-पिता पर हमला कर दिया। इस मारपीट में 60 वर्षीय आशा वाल्मीकि और उनके पति गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। दोनों घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल आशा वाल्मीकि ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे ने कुछ साल पहले प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद से ही बहू का व्यवहार परिवार के प्रति ठीक नहीं था। आशा के अनुसार, बहू दहेज में कुछ नहीं लाई थी, लेकिन अब घर और संपत्ति में हिस्सा मांग रही है। महिला बोली- पति बीमार रहते हैं, खुद मेहनत करने चली जाती आशा ने बताया कि उनके पति बीमार रहते हैं, और वह स्वयं मेहनत कर घर चलाती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बहू घर के काम में सहयोग नहीं करती और अक्सर विवाद करती रहती है। बीती रात यह विवाद इतना बढ़ गया कि बहू ने अपने पति के साथ मिलकर सास-ससुर पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। सिर, हाथ-पैर में आई चोट इस हमले में आशा वाल्मीकि के सिर, आंख, हाथ-पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। उनके पति का हाथ टूट गया है। मारपीट के बाद दोनों घायल सीधे जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उनका इलाज जारी है। फिलहाल पीड़िता ने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है, लेकिन उन्होंने बेटे और बहू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही है। पुलिस का कहना है कि अक्सर पारिवारिक मामलों में लोग शिकायत दर्ज कराने से बचते हैं। हालांकि, शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की जाएगी और उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नई वेबसीरीज:करण जौहर की ‘नजदीकियां’ में दिखेंगे ‘हीरामंडी’ के नवाब ताजदार

बॉलीवुड अभिनेता ताहा शाह बदुशा इन दिनों लगातार चर्चा में हैं। हाल ही में उन्होंने ‘हीरामंडी’ में नवाब ताजदार का किरदार निभाकर दर्शकों का दिल जीत लिया। इस सीरीज में उनके अभिनय को खूब सराहा गया और इससे उन्हें एक नई पहचान मिली। अब ताहा शाह जल्द ही फिल्म निर्माता करण जौहर की नई वेब सीरीज ‘नजदीकियां’ में नजर आने वाले हैं। यह सीरीज धर्मा प्रोडक्शन्स के बैनर तले बनेगी और प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम की जाएगी। वेब सीरीज करण जौहर की फिल्म ‘कभी अलविदा ना कहना’ से प्रेरित हो सकती है, जिसमें रिश्तों की जटिलताओं को दिखाया गया था। सीरीज की कहानी दो शादीशुदा जोड़ों के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां उनके पति एक-दूसरे के प्यार में पड़ जाते हैं। इस कहानी में कर्तव्य और व्यक्तिगत खुशी के बीच संघर्ष को दिखाया जाएगा। धर्मा के साथ फिर से काम करना मेरे लिए खास सीरीज में ताहा शाह के साथ परेश पाहुजा, आकांक्षा सिंह और निकिता दत्ता भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। इसका निर्देशन रुचिर अरुण करेंगे। ताहा ने इस प्रोजेक्ट को लेकर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि धर्मा प्रोडक्शन के साथ फिर काम करना उनके लिए खास है। इससे पहले वह ‘गिप्पी’ में भी काम कर चुके हैं। ताहा शाह ने अपने करियर की शुरुआत 2011 में फिल्म ‘लव का द एंड’ से की थी। इसके बाद वह कई प्रोजेक्ट्स में नजर आए।
मखाने की सब्जी रेसिपी: अचानक मेहमानों के पास जाएं तो सिर्फ 15 मिनट में बनाएं मखाने की ये लजीज सब्जी, हर कोई पूछेगा बनाने का राज; नोट करें आसान रेसिपी

22 मार्च 2026 को 17:16 IST पर अपडेट किया गया मखाने की सब्जी रेसिपी: अगर आपके घर मेहमान आए तो आप समझ नहीं पाएंगे कि इतनी जल्दी क्या स्वादिष्ट रेसिपी बनाई जा सकती है। ताकि सभी खुश हो जाएं तो आइए आपको इस लेख में सांकेतिक मखाने की सब्जी बनाने के बारे में बताते हैं।
‘डकैत’ में दिखेगी एंग्री लव स्टोरी:अदिवि शेष ने कहा- इंडियन सोल और अमेरिकन टेक्नीक का मेल है ये फिल्म

अदिवि शेष जल्द ही ‘डकैत: ए लव स्टोरी’ में नजर आने वाले हैं। फिल्म में उनके साथ मृणाल ठाकुर भी हैं। अदिवि ने दैनिक भास्कर से बातचीत की- यह प्रेम कहानी होने के बावजूद आपने शीर्षक ‘डकैत’ क्यों चुना? फिल्म का विचार हमारे सिनेमाई जुनून और पुरानी यादों का मेल है। मैं और मेरे करीबी दोस्त व निर्देशक शनि, हम दोनों ही ‘द मैग्निफिसेंट सेवन’ और ‘द गुड, ‘द बैड एंड द अग्ली’ जैसी क्लासिक काउबॉय फिल्मों के प्रशंसक रहे हैं। काफी समय से मेरा मन एक प्रेम कहानी पर काम करने का था, लेकिन मैं उसे पारंपरिक रूप में नहीं देखना चाहता था। हमने सोचा, क्या होगा अगर तपते रेगिस्तान, रेल की पटरियों, बंदूकों और खून-खराबे के उस खौफनाक काउबॉय माहौल के बीच एक ‘एंग्री लव स्टोरी’ बुनी जाए? बस, इसी कल्पना ने ‘डकैत’ को जन्म दिया। यह असल में डकैती के हिंसक बैकड्रॉप में रची गई एक ऐसी प्रेम कहानी है, जहां दो किरदारों के बीच प्यार और नफरत का एक बेहद बारीक और गहरा संघर्ष चलता है। क्या लीड पेयर पूरी तरह से डकैती से जुड़ा है? देखिए जब माहौल ही इतना कठोर हो, तो किरदारों को भी उसी रंग में ढलना पड़ता है। यही वजह है कि यह कहानी एक बिल्कुल अलग और यूनिक संयोजन बनकर सामने आई है। आमतौर पर दर्शक या तो पूरी तरह एक्शन से भरी फिल्म देखते हैं, या फिर एक ऐसी प्रेम कहानी, जहां भावनाएं आंसुओं और गीतों में बहती हैं। लेकिन हमने इस सोच को थोड़ा मोड़ा। हमने तय किया कि इस बार प्यार की बात तो होगी, लेकिन उस नरम, मासूम अंदाज में नहीं, बल्कि गुस्से, टकराव और तीखे जज्बातों के साथ। यानी यह एक ऐसी प्रेम कहानी है, जहां भावनाएं दबी नहीं रहती, बल्कि खुलकर, तेज और कभी-कभी चिल्लाते हुए सामने आती हैं। इस फिल्म में आपने प्यार का कौन सा अनछुआ पहलू छुआ है? फिल्म ‘डकैत’ की प्रेम कहानी पारंपरिक सामाजिक संघर्षों, जैसे जाति, धर्म या अमीरी-गरीबी तक सीमित नहीं है। इसका केंद्र किरदारों की आंतरिक संवेदनाएं और उनके निजी अनुभव हैं। यहां प्रेम को एक बेहद व्यक्तिगत एहसास की तरह दिखाया गया है, जो माता-पिता और संतान के रिश्ते जितना गहरा हो सकता है। जब भावनाएं इतनी निजी हो जाती हैं, तो उनका प्रभाव भी अनोखा बनता है। कहानी इस बात को टटोलती है कि कोई रिश्ता क्यों खास बनता है और टूटने पर भीतर क्या बदल जाता है, यही इसकी असली ताकत है। ‘ एक्शन और इसकी कोरियोग्राफी आपके लिए कैसी रही? मैं अपनी एक्शन कोरियोग्राफी के लिए जाना जाता हूं। मैं नियमित रूप से ‘मास’ फिल्में नहीं करता, बल्कि मुझे ‘हाइपर-रियल’ एक्शन पसंद है, जो दिखने में असली भी लगे और ग्लैमरस भी। अगर मेरी फिल्म में कोई बंदा हवा में उड़ रहा है, तो उसके पीछे एक तार्किक कारण होना चाहिए। इस फिल्म के निर्देशक सुनील, जो मेरे बहुत अच्छे दोस्त भी हैं, उन्होंने सिनेमैटोग्राफी की थी। वह अब डायरेक्टर बन गया है। हम दोनों की एक्शन को लेकर जो अमेरिकन सेंसिबिलिटी है, उसे हम इस फिल्म में लेकर आए हैं। हॉलीवुड की तकनीक और जिस तरह से वे एक्शन को कट और डायरेक्ट करते हैं, हमने उसे इस्तेमाल किया है। आप इसे इंडियन सोल और अमेरिकन टेक्नीक का मेल कह सकते हैं। अनुराग कश्यप से इस प्रोजेक्ट को लेकर पहली बार कब बात हुई? मेरे दोस्त शोभिता धुलिपाला और नागा चैतन्य की शादी का मौका था, जहां अनुराग कश्यप भी मौजूद थे। मैंने मौका देखते ही अनुराग सर का हाथ पकड़ा और उसी माहौल में उन्हें ‘डकैत’ की कहानी सुनानी शुरू कर दी। शादी के जश्न के बीच ही मैंने उन्हें फिल्म के लिए पिच किया और इसी तरह वे हमारे इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बन गए।
pregnancy mistakes: प्रेग्नेंसी की गलतियां जो बढ़ा सकती हैं बच्चे में ऑटिज्म का खतरा

Last Updated:March 22, 2026, 16:58 IST Pregnancy Mistakes Causes Autism: बच्चों में ऑटिज्म का खतरा प्रेग्नेंसी के दौरान लापरवाही का भी नतीजा होता है. ये एक मनोवैज्ञानिक समस्या है. एक्सपर्ट बताती हैं कि गर्भावस्था में जेस्टेशनल डायबिटीज को नजरअंदाज करना एक बड़ी गलती हो सकती है. यदि ब्लड शुगर कंट्रोल नहीं रहती, तो इसका असर बच्चे के ब्रेन के विकास पर पड़ सकता है. ख़बरें फटाफट Pregnancy Mistakes Causes Autism: ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (एएसडी) बच्चों में होने वाली एक साइकोलॉजिकल बीमारी है, जो जन्मजात बच्चों में होते हैं. इसके लक्षण बच्चों में 3 साल की उम्र से पहले नजर आते हैं. माना जाता है कि ये बीमारी बच्चों में गर्भ में विकास के दौरान, जन्म से काफी पहले शुरू हो जाता है. यह एक न्यूरो डेवलपमेंट संबंधी कंडीशन है जो जेनेटिक बदलावों और पर्यावरणीय कारकों के कारण बनती है जो ब्रेन की परतों और तंत्रिका मार्गों के निर्माण को प्रभावित करते हैं, विशेष रूप से गर्भावस्था की दूसरी और तीसरी तिमाही के दौरान. इसलिए प्रेग्नेंसी के दौरान की जाने वाली लापरवाही इसके खतरे को बढ़ाने में अहम रोल निभाते हैं. मां का तनाव में रहना बढ़ाता है खतराडॉ. भास्कर शुक्ला, वरिष्ठ सलाहकार, न्यूरोलॉजी डिपार्टमेंट, पीएसआरआई अस्पताल, दिल्ली बताते हैं कि गर्भावस्था के दौरान मां की मानसिक स्थिति, भावनात्मक संतुलन और जीवनशैली भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. सबसे बड़ी समस्या होती है लगातार तनाव में रहना. जब कोई महिला लंबे समय तक तनाव झेलती है, तो उसके शरीर में तनाव से जुड़े हार्मोन बढ़ जाते हैं. ये हार्मोन भ्रूण के मस्तिष्क के विकास को प्रभावित कर सकते हैं.जिस वातावरण में मां रह रही है, उसका भी असर पड़ता है. प्रदूषण, शोर और जहरीले तत्वों के संपर्क में रहना शरीर में सूजन और असंतुलन पैदा कर सकता है, जो बच्चे के विकास को प्रभावित कर सकता है. डायबिटीज- बीपी को नजरअंदाज करनाडॉ. नीलम कुमारी एला, वरिष्ठ सलाहकार – प्रसूति एवं स्त्रीरोग विशेषज्ञ, मैक्योर अस्पताल, दिल्ली बताती हैं कि गर्भावस्था एक ऐसा समय होता है जब मां की सेहत और उसकी दिनचर्या सीधे बच्चे के मस्तिष्क के विकास को प्रभावित करती है. हालांकि ऑटिज्म किसी एक कारण से नहीं होता, लेकिन गर्भावस्था के दौरान की गई कुछ लापरवाहियां जोखिम को बढ़ा सकती हैं, जिनसे बचाव करना संभव है. सबसे पहले, गर्भावस्था में मधुमेह यानी जेस्टेशनल डायबिटीज को नजरअंदाज करना एक बड़ी गलती हो सकती है. यदि ब्लड शुगर नियंत्रित नहीं रहती, तो इसका असर बच्चे के मस्तिष्क के विकास पर पड़ सकता है. इसी तरह गर्भावस्था के दौरान होने वाले संक्रमणों को हल्के में लेना भी नुकसानदायक हो सकता है. शरीर में संक्रमण होने से सूजन बढ़ती है, जो भ्रूण के न्यूरोलॉजिकल विकास को प्रभावित कर सकती है. लेट प्रेग्नेंसी से भी बढ़ता है खतराएक्सपर्ट बताती हैं कि ज्यादा उम्र में कंसीव करना भी बच्चों में ऑटिज्म से जुड़ा एक कारक है.अधिक उम्र में गर्भधारण करने पर कुछ जैविक बदलावों का खतरा बढ़ सकता है, जो बच्चे के विकास को प्रभावित कर सकते हैं. इसके अलावा, मोटापा और असंतुलित आहार भी जोखिम को बढ़ाने वाले कारक हैं. गर्भावस्था में पोषण की कमी, खासकर जरूरी विटामिन और मिनरल्स की कमी, बच्चे के ब्रेन डेवलपमेंट को प्रभावित कर सकती है. इसके साथ ही कई बार महिलाएं सामान्य दवाइयों को भी सुरक्षित मानकर ले लेती हैं, जबकि कुछ दवाएं भ्रूण के विकास पर असर डाल सकती हैं. इसलिए गर्भावस्था में किसी भी दवा का उपयोग केवल विशेषज्ञ की सलाह से ही करना चाहिए. इस बात का रखें ध्यानयह समझना जरूरी है कि ऑटिज्म केवल इन कारणों से नहीं होता. अक्सर यह जेनेटिक प्रवृत्ति और बाहरी कारकों के मिले जुले प्रभाव से विकसित होता है. इसलिए किसी एक कारण को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है. गर्भावस्था के दौरान मानसिक रूप से स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है. इसके लिए योग, मेडिटेशन, रिलैक्सेशन तकनीक और सकारात्मक वातावरण मददगार हो सकते हैं. जरूरत पड़ने पर काउंसलिंग लेना भी फायदेमंद होता है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें First Published : March 22, 2026, 16:57 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
साउथ अफ्रीका ने न्यूजीलैंड को 19 रन से हराया:चौथे टी-20 में एस्टरहुइजन की फिफ्टी, कूट्जी ने 3 विकेट लिए; सीरीज 2-2 से बराबर

वेलिंगटन में खेले गए चौथे टी-20 में साउथ अफ्रीका ने न्यूजीलैंड को 19 रन से हराकर सीरीज 2-2 से बराबर कर ली। पांचवां मैच हेग्ले ओवल में 25 मार्च को खेला जाएगा। रविवार को पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम ने 20 ओवर में 164/5 का स्कोर बनाया। जवाब में न्यूजीलैंड की टीम 18.5 ओवर में 145 रन पर ऑलआउट हो गई। एस्टरहुइजन के 57 रन साउथ अफ्रीका के लिए कॉनर एस्टरहुइजन ने 36 गेंद में 57 रन की पारी खेली। उनके अलावा रुबिन हरमन ने नाबाद 28 रन जोड़े। अंत में जॉर्ज लिंडे ने तेज 14 रन बनाकर टीम को 160 के पार पहुंचाया। न्यूजीलैंड की ओर से काइल जैमीसन ने शुरुआत में विकेट मेडेन डालकर दबाव बनाया। बाद में बेन सीयर्स ने भी कसी हुई गेंदबाजी की और आखिरी ओवर में सिर्फ 2 रन दिए। न्यूजीलैंड की तेज शुरुआत लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड को टिम रॉबिन्सन और डेब्यू कर रहे कैटेन क्लार्क ने तेज शुरुआत दिलाई। पावरप्ले में टीम ने 63/2 का स्कोर बना लिया था। रॉबिन्सन ने 32 रन बनाए, जबकि डेन क्लेवर ने भी कुछ अच्छे शॉट लगाए। साउथ अफ्रीका ने लगातार 3 विकेट लिए मध्य ओवर में साउथ अफ्रीका ने मैच पर पकड़ बना ली। टीम ने लगातार विकेट लेकर न्यूजीलैंड को 96/5 पर रोक दिया। प्रेनेलन सुब्रायन ने क्लेवर और बेवन जैकब्स को आउट किया, जबकि ओटनील बार्टमैन और केशव महाराज ने भी अहम विकेट लिए। आखिरी ओवरों में न्यूजीलैंड की कोशिशें जारी रहीं, लेकिन टीम लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। जेराल्ड कूट्जी ने 3 विकेट लेकर जीत पक्की की और 19वें ओवर में आखिरी विकेट लेकर मैच खत्म किया। ——————————— क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें कोहली ने लंदन के लिए चार्टर्डफ्लाइट वाली खबर को नकारा RCB से ऐसी कोई डिमांड नहीं की; इंस्टाग्राम पर हंसने वाली इमोजी लगाई IPL 2026 से पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बल्लेबाज विराट कोहली ने लंदन आने-जाने के लिए चार्टर्ड फ्लाइट मांगने की खबरों को खारिज कर दिया है। उन्होंने इन रिपोर्ट्स को अफवाह बताते हुए इंस्टाग्राम पर हंसने वाले इमोजी के साथ प्रतिक्रिया दी। पढ़ें पूरी खबर…
केरल चुनाव 2026: ‘केरल में त्रिकोणीय हो सकता है मुकाबला’, सीपीआई नेता का विश्वासनामा, बीजेपी को लेकर कर दी ये भविष्यवाणी

इस बार केरल में विधानसभा चुनाव के दौरान त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है। सी. सर्वेक्षण नेता हन्नान मोल्लाह ने भाजपा के राज्य में जनाधार बढ़ने की बात पर सहमति जताते हुए यह भविष्यवाणी की है। उन्होंने कहा कि राज्य में बीजेपी का जनाधार मजबूत है. हालाँकि हन्नान मोल्लाह ने कहा है कि केरल में बीजेपी के दोबारा शुरू होने की कोई उम्मीद नहीं है। उनकी कुछ शुरूआत ही हुई। वे सिस्टम को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश करेंगे. सबसे पहले यहां कांग्रेस और हमारे यानी सी क्वेश्चन के बीच हुआ था। इस बार बीजेपी का वोट समर्थन बढ़ा है. इतना नहीं बढ़ाया गया है कि वे किसी को चुनौती दे चुनौती. सत्य में आने की सम्भावना नहीं है. इज़राइल ने ईरान पर परमाणु हमला किया: सी क्रूज़ नेता वे मध्य पूर्व में चल रही जंग को लेकर मुख्यधारा का सार है। उन्होंने कहा कि अमेरिका, इजराइल ने ईरान पर हमला कर दिया। सी क्रूज़ नेता हन्नान मोल्लाह ने कहा कि ईरान के साथ हमारा संबंध सबसे पुराना है। वो हमें सुविधा देता है। जब ईरान पर हमला हुआ तो भारत को खड़ा होना पड़ा, लेकिन हमारी सरकार को कोई राहत नहीं मिली। इसके अलावा उन्होंने कहा कि युद्ध के 10 दिन बाद भारत में गैस की समस्या हुई तो ईरान से बात हुई। ईरान ने भारत को गैस सरकार की सदस्यता की वजह से नहीं, भारत के लोगों को इसकी वजह से दिया है। उन्होंने कहा कि दोस्ती संभव नहीं है. ईरान हमारे दोस्त हमें भी उनके बुरे वक्त में साथ देना होगा। सी. ईसाई नेताओं ने कहा कि उनका काम ही खतरनाक है। सुबह जागते हैं, तो दिन की शुरुआत खतरनाक खतरे करते हैं। केंद्र सरकार ने सी सुपरमार्केट (एम) के नेता हन्नान मोल्लाह पर 20 फीसदी एक्स्ट्रा फूड की मंजूरी दे दी है, उन्होंने कहा कि यह थोड़ा जरूरी है। हमारे देश के कई शहरों में छोटे-छोटे रेस्तरां बंद हो गए थे। अगर चूल्हा ही नहीं जलेगा, तो रेस्तरां कैसे छोड़ें। ऐसी स्थिति में, स्वाभाविक रूप से, सरकार को इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए। यह भी पढ़ें: सबसे लंबे समय तक राज करने वाले नेता बने पीएम मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस अंदाज में दी बधाई (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल विधानसभा चुनाव 2026(टी)सीपीआई(टी)ईरान इजराइल युद्ध(टी)केरल(टी)विधानसभा चुनाव 2026। त्रिकोणीय मुकाबला(टी)सीपीआई नेता भविष्यवाणी(टी)केरल में भाजपा(टी)ईरान इजराइल युद्ध(टी)ताजा समाचार(टी)अद्यतन समाचार(टी)केरल समाचार(टी)हन्नान मोल्ला(टी)केरल चुनाव 2026(टी)सीपीआई(टी)ईरान-इजरायल युद्ध(टी)केरल(टी)विधानसभा चुनाव 2026। त्रिकोणीय मुकाबला(टी)सीपीआई नेताओं की भविष्यवाणी(टी)केरल में बीजेपी(टी)ईरान-इजरायल युद्ध(टी)ताजा खबरें(टी)अपडेटेड खबरें(टी)केरल समाचार(टी)हन्नानल्लाह मो
मंडला जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी:पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने तलाशी ली, मेल दक्षिण भारतीय भाषा में आया

मंडला जिला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद रविवार को पूरे शहर में हड़कंप मच गया। यह धमकी कोर्ट की ऑफिशियल मेल आईडी पर एक अनजान ईमेल के जरिए भेजी गई थी। खबर मिलते ही पुलिस, डॉग स्क्वाड और बम निरोधक दस्ता (BDDS) तुरंत मौके पर पहुंचे और पूरे परिसर को घेरकर तलाशी शुरू कर दी। थाना प्रभारी शफीक खान के मुताबिक, धमकी भरा यह ईमेल दक्षिण भारतीय भाषा में लिखा गया है। पुलिस की विशेष टीमें और बम निरोधक दस्ता कोर्ट के चप्पे-चप्पे की बारीकी से जांच कर रहे हैं। एहतियात के तौर पर कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और वहां आने-जाने वाले हर व्यक्ति पर पैनी नजर रखी जा रही है। साइबर सेल कर रही है मेल की जांच एसडीओपी पीयूष मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। अब तकनीकी तौर पर ईमेल का विश्लेषण किया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह मेल आखिर कहां से और किसने भेजा है। पुलिस का कहना है कि अगर कोई भी संदिग्ध चीज मिलती है, तो तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






