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‘कांग्रेस बनाम कांग्रेस’: गौरव गोगोई ने दलबदलुओं पर परोक्ष रूप से कटाक्ष किया, कहा कि असम में कोई बीजेपी नहीं बची | राजनीति समाचार

Lockie Ferguson was the star for New Zealand in the third T20I

आखरी अपडेट:22 मार्च, 2026, 15:37 IST यह टिप्पणी 9 अप्रैल को होने वाले असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस से हाई-प्रोफाइल लोगों के बाहर निकलने के बाद आई है। असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा (बाएं) और कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई (दाएं)। (छवि: पीटीआई/फ़ाइल) असम कांग्रेस प्रमुख गौरव गोगोई ने प्रतिद्वंद्वी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि राज्य में कोई भाजपा नहीं बची है क्योंकि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पूर्व कांग्रेसियों के एक समूह का नेतृत्व करने की तैयारी कर रहे हैं जो पार्टी में शामिल हो गए हैं। यह टिप्पणी 9 अप्रैल को होने वाले असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस से हाई-प्रोफाइल लोगों के बाहर निकलने के बाद आई है। गौरव गोगोई ने माजुली में कांग्रेस उम्मीदवार डॉ इंद्रनील पेगु के लिए प्रचार करते हुए मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, “हमारे सामने जो खड़ा है वह हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली कांग्रेस है; यह केवल भाजपा का टैग रखती है। जिन नेताओं ने तरुण गोगोई के कार्यकाल के दौरान गलत काम किया, वे अब भाजपा में हैं। यह चुनाव तरुण गोगोई के नेतृत्व वाली कांग्रेस और हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली कांग्रेस के बीच लड़ाई होगी।” गोगोई ने कहा कि सीएम हिमंत बिस्वा सरमा अब केवल बीजेपी लेबल के तहत कांग्रेस का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने अपने पिता, कांग्रेस के कद्दावर नेता और असम के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले अपने पिता का जिक्र करते हुए कहा, “असम में अब कोई भाजपा नहीं है। हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा लेबल वाली कांग्रेस मौजूद है। उनके नेतृत्व में, कुछ पूर्व कांग्रेस नेता अपने और अपने परिवार के हितों के लिए चुनाव लड़ने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं, जो वाजपेयी भवन में एकत्र हुए हैं। दूसरी ओर, हम तरूण गोगोई के आदर्शों से प्रेरित कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करते हैं।” विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने कुछ बड़े नेताओं को बाहर होते देखा है। पिछले महीने, पूर्व राज्य कांग्रेस प्रमुख भूपेन बोराज भाजपा में चले गए। और अभी हाल ही में, लोकसभा सांसद और पूर्व राज्य मंत्री प्रद्युत बोरदोलोई भाजपा में शामिल हो गए। कथित तौर पर गौरव गोगोई के नेतृत्व वाले राज्य नेतृत्व के साथ दलबदलू नेताओं का टकराव चल रहा था। लोकसभा सांसद और असम में कांग्रेस के प्रमुख नेता गोगोई ने कहा, “असम में कांग्रेस सरकार के दौरान, कुछ नेता और मंत्री जिनके कार्यों ने तरुण गोगोई की सरकार की छवि खराब की थी, अब (राज्य भाजपा मुख्यालय) वाजपेयी भवन में इकट्ठे हुए हैं, मंत्री और विधायक के रूप में पद की मांग कर रहे हैं। हम एक ऐसी कांग्रेस के साथ खड़े हैं जो तरुण गोगोई के आदर्शों के साथ आगे बढ़ती है, जहां लोग नए चेहरों को उभरते हुए देख रहे हैं।” उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कांग्रेस पार्टी आगामी चुनावों में विजयी होगी। उन्होंने कहा, “इस बार हम नए चेहरों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। ऊपरी असम में विपक्षी दलों के बीच काफी एकता है, जिससे मुझे आशा है कि असम में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार बनेगी। इस बदलाव के पहले संकेत ऊपरी और उत्तरी असम में दिखाई देंगे, जहां हमें बेहतर परिणाम की उम्मीद है।” असम में 9 अप्रैल को एक ही चरण में विधानसभा चुनाव होंगे और वोटों की गिनती 4 मई को होगी। पहले प्रकाशित: 22 मार्च, 2026, 15:37 IST समाचार राजनीति ‘कांग्रेस बनाम कांग्रेस’: गौरव गोगोई ने दलबदलुओं पर परोक्ष रूप से कटाक्ष किया, कहा कि असम में कोई बीजेपी नहीं बची है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)असम विधानसभा चुनाव(टी)असम कांग्रेस(टी)गौरव गोगोई(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)असम में बीजेपी(टी)कांग्रेस बनाम बीजेपी असम(टी)तरुण गोगोई विरासत(टी)असम की राजनीति 2026

फुटबॉल क्लब चेल्सी ने शुरू की ‘बॉल-हडल’ की नई परंपरा:खिलाड़ियों को डांस करने, घास पर चलने जैसी प्री-मैच रस्मों से मिलती है ऊर्जा; इन्हें साथ करें तो पूरी टीम में आती है एकाग्रता

फुटबॉल क्लब चेल्सी ने शुरू की ‘बॉल-हडल’ की नई परंपरा:खिलाड़ियों को डांस करने, घास पर चलने जैसी प्री-मैच रस्मों से मिलती है ऊर्जा; इन्हें साथ करें तो पूरी टीम में आती है एकाग्रता

फुटबॉल मैदान पर इन दिनों इंग्लिश क्लब चेल्सी का एक नया तरीका सुर्खियों में है। मैच शुरू होने से ठीक पहले खिलाड़ी मैदान के बीचों-बीच रखी गेंद के चारों ओर एक गोल घेरा (हडल) बनाते हैं। मैनचेस्टर यूनाइटेड के पूर्व दिग्गज गैरी नेविले को यह बिल्कुल पसंद नहीं आया। उनका मानना है कि फैंस इन हरकतों से बेवकूफ नहीं बनेंगे, वे केवल खेल देखते हैं। हालांकि चेल्सी के कोच लियाम रोसेनियोर का नजरिया अलग है। उनका कहना है कि यह घेरा बनाने का फैसला उनका नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के लीडरशिप ग्रुप का था। टीम इसके जरिए अपनी एकजुटता दिखाना चाहती है और ‘गेंद का सम्मान’ करना चाहती है। प्री-मैच रस्में नई बात नहीं खेल जगत में प्री-मैच रस्में (मैच से पहले की आदतें) नई बात नहीं हैं। जीत और हार के बीच के फासले को कम करने के लिए टीमें ऐसे तरीके अपनाती हैं। 2019 वनडे वर्ल्ड कप सेमीफाइनल से पहले ऑस्ट्रेलिया के कोच जस्टिन लैंगर ने अपनी टीम को एजबेस्टन के मैदान पर नंगे पैर घास पर चलने को कहा था। उनका मानना था कि इससे खिलाड़ियों को धरती से ‘सकारात्मक ऊर्जा’ मिलती है। वहीं, लिवरपूल के पूर्व मैनेजर जुर्गन क्लॉप मैच से पहले वॉर्म-अप के दौरान मैदान के बीच खड़े होकर विपक्षी टीम को घूरते थे, ताकि विरोधी खिलाड़ियों की शारीरिक भाषा और कमियों को समझ सकें। रग्बी में भी इसके उदाहरण रग्बी में भी इसके दिलचस्प उदाहरण हैं। 2003 में इंग्लैंड के कप्तान मार्टिन जॉनसन अपनी टीम को लेकर विपक्षी टीम आयरलैंड के ‘रेड कार्पेट’ वाले हिस्से पर खड़े हो गए और हटने से साफ इनकार कर दिया। इस जिद ने इंग्लैंड की टीम में जबरदस्त जोश भर दिया। इसका असर मैच के दौरान खिलाड़ियों की बॉडी लैंग्वेज में साफ दिखा और उन्होंने मैच एकतरफा अंदाज में जीत लिया। ‘हाका’ डांस पूरी दुनिया में मशहूर दूसरी ओर, न्यूजीलैंड की रग्बी टीम का पारंपरिक ‘हाका’ डांस पूरी दुनिया में मशहूर है, जो विरोधी टीम को खुली चुनौती देता है। खेल मनोवैज्ञानिक जमील कुरैशी मानते हैं कि इन रस्मों का खिलाड़ियों पर गहरा असर होता है। चेल्सी का ‘गेंद के प्रति सम्मान’ इस बात का प्रतीक है कि खिलाड़ी उन चीजों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं जो उनके नियंत्रण में हैं। जीत की नींव रखने वाला मनोवैज्ञानिक हथियार मैच से पहले एक जैसी रूटीन अपनाने से दिमाग एकाग्र होता है। पूर्व रग्बी खिलाड़ी विल ग्रीनवुड का भी मानना है कि जब पूरी टीम मिलकर ऐसा करती है, तो यह सामूहिक ताकत बन जाती है। जाहिर है, सिर्फ गेंद के चारों ओर खड़े होने या नंगे पैर घास पर चलने से कोई टीम मैच नहीं जीत सकती, लेकिन अगर खिलाड़ी इन रस्मों पर पूरी तरह विश्वास करते हैं, तो यह कोई दिखावा नहीं, बल्कि जीत की नींव रखने वाला एक मजबूत मनोवैज्ञानिक हथियार बन सकता है।

भोपाल में निर्माणाधीन ब्रिज के पिलर से टकराई कार:टूर्स एंड ट्रेवल्स कंपनी संचालक की मौत, दोस्त गंभीर जख्मी

भोपाल में निर्माणाधीन ब्रिज के पिलर से टकराई कार:टूर्स एंड ट्रेवल्स कंपनी संचालक की मौत, दोस्त गंभीर जख्मी

भोपाल-इंदौर हाईवे पर खजुरी जोड़ में रविवार तड़के सुबह i20 कार एक निर्माण अधीन ब्रिज के पिलर से जा टकराई। हादसे में कार चालक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसके साथी की हालत नाजुक बताई जा रही है। मृतक एक टूर्स एंड ट्रेवल्स कंपनी का संचालन करता थे। जानकारी के मुताबिक वह फूफा के निधन की सूचना के बाद दोस्त के साथ कार में सवार होकर इंदौर जाने के लिए निकला थे। भोपाल की खजूरी सड़क थाना पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जहां शुरू कर दी है। रविवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया गया है। साथी दोस्त की हालत गंभीर पुलिस के मुताबकि गौरव सिंह (30) पिता स्वर्गीय शिवराज सिंह बड़ा कॉलोनी अवधपुरी के रहने वाले थे और टूर्स एंड ट्रेवल्स एजेंसी का संचालन करते थे। रविवार तड़के सुबह 3:00 बजे फूफा के निधन की सूचना के बाद इंदौर के लिए रवाना हुए थे। उनके साथ दोस्त लकी भी उनकी कर में मौजूद था। तड़के करीब 3:45 बजे गौरव की कर भौरी जोड़ के करीब एक निर्माण अधीन ब्रिज के पिलर से जा टकराई। इससे गौरव की मौके पर ही मौत हो गई जबकि लकी की हालत गंभीर है और हमीदिया अस्पताल में उनका इलाज जारी है। 4 साल पहले की थी शादी गौरव की 4 साल पहले लव-अरेंज मैरिज हुई थी। हालांकि उनकी फिलहाल कोई संतान नहीं है। गौरव ने अपने दम पर टूर्स एंड ट्रेवल्स के कारोबार को बढ़ाया। वहीं गौरव की मौत के बाद पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। हादसे की सभी एंगल पर जांच की जा रही है। वन वे रोड पर क्रॉसिंग के दौरान हुआ हादसा मृतक के रिश्तेदार शिवराज सिंह ने बताया कि निर्माण कार्य के चलते भोपाल-इंदौर रोड भौरी जोड़ पर सड़क को वनवे किया गया है। उन्हें लोगों ने बताया कि गौरव सामने से आ रही तेज रफ्तार कार को क्रॉसिंग देने के प्रयास में पिलर से जा टकराए। राहगीरों ने तत्काल 108 एंबुलेंस पर कॉल किया। इस बीच पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। दोनों घायलों को कार से निकालकर अस्पताल पहुंचाया। जहां गौरव को चेक करने के बाद डॉक्टर ने मृत्य घोषित कर दिया जबकि लकी का इलाज जारी है।

श्रीलंका में पेट्रोल-डीजल 81 रुपए तक महंगा:पेट्रोल 398 और डीजल 382 रुपए लीटर हुआ, अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का असर

श्रीलंका में पेट्रोल-डीजल 81 रुपए तक महंगा:पेट्रोल 398 और डीजल 382 रुपए लीटर हुआ, अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का असर

कच्चे तेल की सप्लाई संकट के बीच श्रीलंकाई सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 25% तक की बढ़ोतरी की है। आज यानी 22 मार्च को हुई बढ़ोतरी के बाद श्रीलंका में रेगुलर पेट्रोल की कीमत 81 श्रीलंकाई रुपए बढ़कर 398 रुपए प्रति लीटर हो गई है। वहीं डीजल 79 रुपए महंगा होकर 382 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गया है। पिछले दो हफ्तों में यह दूसरी बार है जब पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले पिछले हफ्ते कीमतों में 8% का इजाफा किया था। हालात बिगड़ते देख राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने देश में ‘4 डे वर्किंग वीक’ (हफ्ते में सिर्फ 4 दिन काम) लागू कर दिया है और कंपनियों से वर्क-फ्रॉम-होम मोड पर लौटने को कहा है। ईंधन बचाने के लिए वर्क-फ्रॉम-होम के निर्देश सीलोन पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (CPC) के एक अधिकारी ने बताया कि कीमतों में इस बड़ी बढ़ोतरी का मकसद देश में ईंधन की खपत को 15 से 20% तक कम करना है। राष्ट्रपति दिसानायके ने पिछले बुधवार से ही सरकारी और निजी दफ्तरों के लिए हफ्ते में केवल 4 दिन काम करने का आदेश जारी कर दिया था। इसके साथ ही कंपनियों से कहा गया है कि जहां संभव हो, कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति दी जाए ताकि सड़कों पर गाड़ियां कम निकलें और तेल की बचत हो सके। हॉर्मुज जल मार्ग बंद होने से थमी सप्लाई चेन श्रीलंका की इस मुश्किल की सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच छिड़ा युद्ध है। युद्ध के चौथे हफ्ते में प्रवेश करने के साथ ही ईरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है। यह वही समुद्री रास्ता है जहां से शांति के समय दुनिया के कुल तेल निर्यात का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है। श्रीलंका अपनी जरूरत का पूरा तेल और बिजली बनाने के लिए कोयला आयात करता है, ऐसे में सप्लाई रुकने से देश के पास स्टॉक खत्म होने का खतरा पैदा हो गया है। 2022 जैसे ‘डिफॉल्ट’ का डर फिर सताने लगा श्रीलंका सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर मिडिल ईस्ट में युद्ध लंबा खिंचता है, तो देश के लिए 2022 के आर्थिक संकट से बाहर निकलना मुश्किल हो जाएगा। बता दें कि 2022 में विदेशी मुद्रा भंडार खत्म होने के बाद श्रीलंका ने अपने 46 अरब डॉलर के विदेशी कर्ज पर ‘सॉवरेन डिफॉल्ट’ घोषित कर दिया था। हालांकि, बाद में उसे अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से 2.9 अरब डॉलर का बेलआउट पैकेज मिला, जिससे स्थिति थोड़ी सुधरी थी, लेकिन अब युद्ध ने फिर से रिकवरी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। सिंगापुर और मलेशिया से होता है तेल का आयात श्रीलंका अपनी रिफाइनरी के लिए कच्चा तेल मिडिल ईस्ट से मंगवाता है, जबकि रिफाइंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के लिए वह सिंगापुर, मलेशिया और दक्षिण कोरिया पर निर्भर है। ईरान द्वारा निर्मित श्रीलंका की इकलौती रिफाइनरी भी अब कच्चे तेल की कमी का सामना कर रही है। सरकार ने पिछले हफ्ते ही ईंधन की राशनिंग शुरू कर दी थी ताकि जरूरी सेवाओं के लिए स्टॉक बचा कर रखा जा सके।

शरीर में नजर आने वाले ये संकेत किडनी खराब होने के हैं लक्षण, इन 6 चेतावनियों को न करें नजरअंदाज

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Last Updated:March 22, 2026, 14:19 IST Sign and Symptoms of kidney disease: किडनी शरीर में कई तरह के महत्वपूर्ण काम करती है. कई बार किडनी में कोई समस्या होती है, तो इसके संकेत पेशाब में नजर आते हैं जैसे पेशाब करते समय जलन होना, खून आना आदि. इतना ही नहीं, कम पानी पीने के बाद भी पेशाब बहुत अधिक होने लगे तो यह शरीर का चेतावनी संकेत हो सकता है. विशेषज्ञ के अनुसार, ऐसी स्थिति क्रोनिक किडनी डिजीज होने के शुरुआती संकेत हो सकते हैं. किडनी खराब होने के संकेत. Sign and Symptoms of kidney disease: किडनी शरीर की बेहद ही महत्वपूर्ण अंग है, जो कई महत्वूपूर्ण काम करती है. शरीर में गुर्दे (Kidney) दो होते हैं और ये अपना काम सही से न करें तो आप समझ लीजिए कि इसमें कोई समस्या शुरू हो चुकी है. आपको कई संकेत शरीर में नजर आने लगेंगे. इन संकेतों को समय रहते समझ लिया जाए तो गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है. किडनी शरीर में खून साफ करती है. शरीर से गंदगी और अतिरिक्त पानी को पेशाब के जरिए बाहर निकालती है. जब किडनी अपने ये सभी कार्य करना बंद कर देगी तो आपकी किडनी फेल हो जाएगी. ऐसे में शरीर छोटे-छोटे संकेत देना शुरू कर देता है. जब किडनी बीमार होती है, तो शरीर में कई तरह की परेशानियां शुरू हो सकती हैं. जानिए, किडनी खराब होने के क्या संकेत पहले नजर आते हैं… किडनी खराब होने के संकेत – जब किडनी में कोई समस्या शुरू होती है तो बार-बार पेशाब आना हो सकता है. कुछ लोग सोचते हैं कि बार-बार पेशाब आना कोई समस्या नहीं है, ये कॉमन है. लेकिन, जब आप कम पानी पीते हैं, उसके बाद भी अधिक पेशाब आए तो ये चिंता की बात हो सकती है. -रात में कई बार उठकर पेशाब जाना पड़े, तो यह शरीर का चेतावनी संकेत हो सकता है. विशेषज्ञ के अनुसार, कई बार यह स्थिति क्रोनिक किडनी डिजीज की शुरुआती संकेत हो सकते हैं. यदि आपको भी ये लक्षण कई दिनों से नजर आ रहे हैं, तो इसे बिल्कुल भी इग्नोर न करें. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. -कई बार पेशाब करते समय झाग आता है. पेशाब का रंग डार्क लगता है. ये बदलाव भी किडनी की समस्या का संकेत हो सकते हैं. पेशाब में झाग बनने का मतलब ये होता है कि शरीर से प्रोटीन बाहर निकल रहा है. सामान्य स्थिति में किडनी प्रोटीन को शरीर के अंदर ही रखती है. जब किडनी के फिल्टर कमजोर हो जाते हैं तो प्रोटीन पेशाब के साथ बाहर आने लगता है. ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से मिलें. -किडनी की क्षमता कम होने पर शरीर में सूजन दिखाई देने लगती है. ये सूजन पैरों, टखनों और आंखों के आसपास नजर आ सकती है. ये संकेत हैं कि किडनी शरीर से अतिरिक्त तरल पदार्थ को सही तरीके से बाहर नहीं निकाल पा रही है. जब टॉक्सिन तरल पदार्थ शरीर में जमा होने लगे तो सूजन बढ़ जाती है. इससे थकान समझने की गलती न करें. लगातार सूजन होना चिंता की बात हो सकती है. -किडनी की बीमारी होने पर त्वचा से संबंधित समस्याएं भी हो सकती हैं. जब किडनी शरीर से गंदे पदार्थों को ठीक से बाहर नहीं निकाल पाती, तो खून में यूरिया बढ़ जाता है. इसका असर त्वचा पर भी पड़ सकता है. कई लोगों को त्वचा में खुजली, रूखापन या जलन जैसी समस्या होती है. -कई बार हाई ब्लड प्रेशर होना भी किडनी की समस्या से संबंधित हो सकता है. अगर ब्लड प्रेशर लंबे समय तक कंट्रोल न हो, तो इससे किडनी के फिल्टर को नुकसान पहुंचा सकता है. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें First Published : March 22, 2026, 14:19 IST

टीकमगढ़ गैस एजेंसी पर 2 दिन से ताला:घरेलू सिलेंडर की किल्लत; होटल-रेस्टोरेंट में धड़ल्ले से हो रहा उपयोग

टीकमगढ़ गैस एजेंसी पर 2 दिन से ताला:घरेलू सिलेंडर की किल्लत; होटल-रेस्टोरेंट में धड़ल्ले से हो रहा उपयोग

टीकमगढ़ में घरेलू गैस सिलेंडर की किल्लत से लोग परेशान हैं। शहर की गैस एजेंसियों पर सिलेंडर के लिए लंबी कतारें देखी जा रही हैं। सिविल लाइन रोड स्थित गैस एजेंसी पिछले दो दिनों से बंद है, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गिर्राज गैस एजेंसी और निर्मल गैस एजेंसी पर भी उपभोक्ताओं की भीड़ लगी हुई है। लोग खाली सिलेंडर लेकर गैस मिलने का इंतजार कर रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि सिलेंडर की होम डिलीवरी सेवा बंद है और एजेंसियों पर भी पर्याप्त गैस उपलब्ध नहीं है। होटलों में गैस सिलेंडरों का उपयोग जारी इस बीच, सिविल लाइन रोड स्थित कई होटल और रेस्टोरेंट में अभी भी धड़ल्ले से घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग किया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि जब आम उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं, तो व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को ये सिलेंडर कैसे उपलब्ध हो रहे हैं। घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग पर जल्द होगी कार्रवाई लोगों का आरोप है कि जिला प्रशासन की ओर से अब तक इन होटल, रेस्टोरेंट और चाय-नाश्ते की दुकानों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसी कारण खुलेआम घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग जारी है। इस संबंध में, जिला खाद्य अधिकारी कुलदीप मौर्य ने बताया कि जतारा और कारी क्षेत्रों में कार्रवाई की गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि टीकमगढ़ शहर में भी जल्द ही अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। मौर्य ने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग करने वाले होटल, रेस्टोरेंट और दुकानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जीशान ने ईशान को आउटकर बाहर जाने का इशारा किया:चार गेंद में 20 रन खाने के बाद विकेट लिया, किशन मुस्कुराते हुए लौटे

जीशान ने ईशान को आउटकर बाहर जाने का इशारा किया:चार गेंद में 20 रन खाने के बाद विकेट लिया, किशन मुस्कुराते हुए लौटे

IPL 2026 की शुरुआत 28 मार्च से रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के ओपनिंग मैच के साथ होने वाली है। इससे पहले अब बीते शनिवार यानी 21 मार्च को हैदराबाद ने एक प्रैक्टिस मैच भी खेला। इस मैच में गेंदबाज जीशान अंसारी ने अपने स्टेंड इन कप्तान ईशान किशन को आउट कर उंगली उठाकर उन्हें बाहर जाने का इशारा किया। इसका वीडियो भी अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि, ईशान किशन हंसते हुए बाहर चले गए। जीशान की शुरुआती चार गेंदों पर ईशान ने बनाए 20 रन दरअसल, यह घटना दूसरी पारी के 8वें ओवर में हुई, जिसे 26 साल के लेग स्पिनर जीशान अंसारी गेंदबाजी कर रहे थे। ईशान किशन ने ओवर की शुरुआती चार गेंदों पर दो छक्के और दो चौके जड़कर 20 रन बना लिए। हालांकि, अगली ही गेंद पर जीशान अंसारी ने उन्हें डीप स्क्वायर लेग पर कैच आउट करा दिया। ईशान किशन का विकेट लेने के बाद जीशान अंसारी ने उंगली से इशारा करते हुए उन्हें मैदान से बाहर जाने का संकेत दिया। इस दौरान जीशान थोड़े गंभीर नजर आए, जबकि ईशान किशन उनके इस इशारे पर मुस्कुराते हुए पवेलियन लौट गए। पैट कमिंस की गैरमौजूदगी में ईशान किशन को बनाया गया कप्तान ईशान किशन को नियमित कप्तान पैट कमिंस की गैरमौजूदगी में कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जबकि अभिषेक शर्मा को उपकप्तान बनाया गया है। पैट कमिंस इंजरी से रिकवर कर रहे हैं। ऐसे में वह शुरुआती कुछ मैच हैदराबाद के लिए IPL 2026 में मिस करेंगे। कमिंस चोट की वजह से टी-20 वर्ल्ड कप से भी बाहर थे। ईशान किशन और अभिषेक शर्मा हाल ही में भारतीय टीम के साथ टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब जीतकर आ रहे हैं। भारत ने फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीता था। सनराइजर्स हैदराबाद की टीम पैट कमिंस (कप्तान), ट्रैविस हेड, अभिषेक शर्मा, अनिकेत वर्मा, आर. स्मरण, ईशान किशन, हेनरिक क्लासेन, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्ष दुबे, कामिंदु मेंडिस, हर्षल पटेल, ब्रायडन कार्स, जयदेव उनादकट, ईशान मलिंगा, जीशान अंसारी, शिवांग कुमार, सलिल अरोड़ा, ओंकार तरमाले, साकिब हुसैन, क्रेन्स फुलेट्रा, प्रफुल्ल हिंज, अमित कुमार, लियाम लिविंगस्टन, अमित कुमार। ——————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… आकाश दीप IPL 2026 से बाहर हुए:KKR के पेसर इंजरी के कारण नहीं खेलेंगे; मेगा ऑक्शन में एक करोड़ में खरीदा था कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को IPL 2026 से पहले एक और झटका लगा है। टीम के तेज गेंदबाज आकाश दीप पूरे सीजन से बाहर हो गए हैं। शनिवार को क्रिकेट वेबसाइट क्रिकबज को फ्रेंचाइजी के एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि की। पूरी खबर

हरदा में ट्रक-डंपर की टक्कर में ड्राइवर की मौत:जेसीबी से दो घंटे बाद निकाला शव, महाराष्ट्र से शक्कर भरकर आ रहा था, लोगों ने बोरियां लूटी

हरदा में ट्रक-डंपर की टक्कर में ड्राइवर की मौत:जेसीबी से दो घंटे बाद निकाला शव, महाराष्ट्र से शक्कर भरकर आ रहा था, लोगों ने बोरियां लूटी

हरदा में सिविल लाइन थाना क्षेत्र के ग्राम कांकरिया के पास देर रात ट्रक और डंपर की भिड़ंत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। टक्कर के बाद ट्रक ड्राइवर अजमल (33) केबिन में फंस गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जेसीबी की मदद से करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद उनका शव बाहर निकाला। मंडीदीप जा रहा था शक्कर से भरा ट्रक पुलिस के अनुसार, अजमल खंडवा जिले के खालवा क्षेत्र से महाराष्ट्र के कन्नड़ से शक्कर भरकर मंडीदीप जा रहे थे। रात करीब 11:30 बजे सामने से आ रहे तेज रफ्तार डंपर से उनकी टक्कर हो गई। हादसे में डंपर चालक दीपक कुशवाहा को भी चोटें आई हैं। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रविवार सुबह जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक के पिता ने बताया कि अजमल चार भाइयों में सबसे बड़े थे और उनका एक तीन साल का बेटा है। लोगों ने बोरियां लूटी घटना के बाद कुछ लोगों द्वारा ट्रक से शक्कर की बोरियां उठाकर ले जाने की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस के पहुंचने के बाद यह बंद हो गया।

चिलचिलाती गर्मी में शरीर रहेगा हमेशा हाइड्रेटेड, हर दिन पिएं ये 6 टॉप देसी ड्रिंक्स, लू से भी होगा बचाव

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Last Updated:March 22, 2026, 11:07 IST Summer healthy drinks: गर्मियों से लोगों की हालत खराब है. तेज धूप और अधिक गर्मी के कारण लोगों का हाल बेहाल है. प्रॉपर लिक्विड डाइट ना लिया जाे, तो शरीर डिहाइड्रेशन से ग्रस्त हो सकता है. इससे आपको सिरदर्द, थकान, सुस्ती, चक्कर आने जैसा महसूस हो सकता है. बेहतर है कि आप दिन भर में पानी पीने के साथ ही कुछ समर कूलिंग ड्रिंक्स का भी सेवन करते रहें. आपको यहां कुछ हेल्दी, मगर नेचुरल देसी ड्रिंक्स के बारे में बता रहे हैं, जिसे आप हर दिन गर्मी के मौसम में पी सकते हैं.  गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेटेड रखना बहुत जरूरी है. ऐसे में सिर्फ पानी पीना ही पर्याप्त नहीं होता, इसलिए गर्मियों में कुछ हेल्दी और नेचुरल ड्रिंक्स को अपनी दिनचर्या में शामिल करना बेहद जरूरी है. इसके लिए आप फलों का जूस, नींबू पानी, नारियल पानी, छाछ, लस्सी, नमक-चीनी पानी का घोल आदि पीना हेल्दी ऑप्शन है. आम पन्ना- आप परफेक्ट देसी ड्रिंक्स में आम पन्ना भी पी सकते हैं. आम पन्ना कच्चे आम से बनता है. यह पारंपरिक रूप से गर्मियों का सबसे पसंदीदा पेय माना जाता है. छोटे शहरों, गांव में लोग इसे खूब पीते हैं. यह बेहद ही टेस्टी, चटपटा और हेल्दी ड्रिंक है. आम पन्नी पीने से आप गर्मियों में लू, हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन से बचे रह सकते हैं. शरीर को तुरंत फ्रेश महसूस कराता है. इसमें आप काला नमक और पुदीना भी डाल सकते हैं. इससे ये स्वादिष्ट और ठंडक देने वाला ड्रिंक बन सकता है. नारियल पानी- ये गर्मी का एक बेहद ही हेल्दी और सुपर ड्रिंक है. इसे पीने से शरीर में पानी की कमी दूर होती है. इसमें इलेक्ट्रोलाइट्स और मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं. बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह ड्रिंक बेहद फायदेमंद है. इसे पीते ही शरीर को फुल एनर्जी मिलती है. थकान मिटाने में भी कारगर है. Add News18 as Preferred Source on Google तरबूज का जूस- तरबूज में पानी की मात्रा लगभग 95 प्रतिशत तक होती है. तरबूज खाना या इसका जूस बनाकर पीना, सभी बेहद फायदेमंद माने गए हैं. गर्मियों के लिए इसे एक बेहद ही हेल्दी ड्रिंक माना गया है. तरबूज का जूस शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने में मदद करता है. साथ ही इसमें मौजूद विटामिन्स और मिनरल्स शरीर को ठंडक और ऊर्जा दोनों प्रदान करते हैं. खट्टे फलों से बने जूस- संतरा, मौसमी और नींबू के जूस भी गर्मियों में जरूर पीना चाहिए. ये न केवल शरीर को तरोताजा रखते हैं, बल्कि विटामिन सी से भरपूर होने की वजह से इम्यूनिटी भी बढ़ाते हैं. आप चाहें तो इनमें थोड़ी पुदीना, अदरक या काला नमक डालकर स्वाद और भी बढ़ा सकते हैं. छाछ- आप गर्मियों लस्सी, छाछ का भी सेवन जरूर करें. विटामिंस, कैल्शियम से भरपूर छाछ, लस्सी हड्डियों को हेल्दी रखता है. शरीर को कूल रखने के साथ ही गर्मियों में पाचन तंत्र को खराब होने से बचाए रखता है. यह पेट को ठंडक देता है. पाचन बेहतर करता है. शरीर की आंतरिक गर्मी को कम करने में भी बेहद फायदेमंद होता है. First Published : March 22, 2026, 11:07 IST

भरंगी पौधा औषधीय गुणों से भरपूर, दमा से लेकर पेट दर्द तक में लाभकारी, कई रोगों में उपयोगी

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Last Updated:March 22, 2026, 10:55 IST Benefits of Bharangi: प्रकृति ने इंसान को कई ऐसे पौधे दिए हैं जो देखने में साधारण लगते हैं, लेकिन उनके भीतर कई औषधीय गुण छिपे होते हैं. सही जानकारी और सही उपयोग से ये पौधे स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकते हैं. इन्हीं पौधों में एक नाम भरंगी का भी आता है. यह पौधा आमतौर पर जंगल या बगीचों के आसपास देखने को मिल जाता है, लेकिन बहुत कम लोगों को इसके गुणों की जानकारी होती है. भरंगी का पौधा करीब 10 से 12 फीट तक लंबा हो सकता है और इसमें बैंगनी रंग के फूल भी आते हैं. आयुर्वेद में इस पौधे को खास महत्व दिया गया है और इसकी जड़ को कई औषधीय प्रयोगों में इस्तेमाल किया जाता है.समस्तीपुर के डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के मेडिसिनल प्लांट विभाग के वैज्ञानिक डॉ. दिनेश राय ने लोकल 18 से बातचीत करते बताया कि भरंगी का पौधा औषधीय दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. उन्होंने बताया कि यह पौधा लगभग 8 से 14 फीट तक बढ़ सकता है और इसके फूल बैंगनी रंग के होते हैं. आयुर्वेद में इसकी जड़ का विशेष उपयोग किया जाता है. वैज्ञानिकों के अनुसार भरंगी का उपयोग दमा यानी अस्थमा जैसी समस्या में लाभकारी माना जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google इसके अलावा पेट दर्द, बवासीर और मूत्र रोग जैसी समस्याओं में भी इसका प्रयोग किया जाता है. पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में इसे कई रोगों के उपचार में काफी उपयोगी माना जाता है. डॉ. दिनेश राय के अनुसार भरंगी के पौधे को घर या बगीचे में आसानी से लगाया जा सकता है. यह पौधा ज्यादा देखभाल के बिना भी बढ़ जाता है. उन्होंने बताया कि आयुर्वेद में इसकी जड़ का पाउडर बनाकर उपयोग किया जाता है. हालांकि, इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. आमतौर पर 5 से 10 ग्राम तक इसका उपयोग किया जाता है. विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी औषधीय पौधे का उपयोग करने से पहले आयुर्वेदाचार्य या चिकित्सक से सलाह लेना जरूरी है, ताकि इसका सही और सुरक्षित लाभ मिल सके. First Published : March 22, 2026, 10:55 IST