भास्कर संवाददाता | छतरपुर विश्व पर्यटन स्थल खजुराहो के पास गुजरात के पैटर्न पर विरासत वन विकसित किया जा रहा है। यह विरासत वन राजनगर-गंज मार्ग पर गोरा तिराहे से खजुराहो मार्ग पर 100 मीटर की दूरी पर दाहिने और वन कक्ष- 675 के अंदर 17 एकड़ जमीन में निर्मित किया जा रहा है। जिसके लिए राज्य शासन से 12 करोड़ रुपए का बजट जारी किया है। खजुराहो रेंजर नीलेश प्रजापति ने बताया कि विरासत वन के पहले चरण में क्षेत्र का सीमांकन, सफाई, विद्युत लाइन और पानी के लिए बोर कराया गया। इसके बाद परिसर की फेंसिंग और गेट निर्माण के साथ राशि वन, नक्षत्र वन, ग्रह वाटिका, चांदनी वन व तरह-तरह की छोटी छोटी वाटिकाओं के रूप में विलुप्त हो रही वृक्ष प्रजातियों को लगाया गया। जो प्रजातियां हमें अपने पूर्वजों से विरासत में प्राप्त हुई थीं। वर्तमान में गेस्ट रूम, कार्ड रूम, टॉयलेट और पार्किंग सहित अन्य पक्के निर्माण किया जा रहे हैं। जो आगामी 6 माह में पूरे होने की उम्मीद है। विरासत वन में जिले की संस्कृति देखने को मिलेगी, इसी मंशा से इसे विकसित किया जा रहा है। 17 एकड़ में प्रस्तावित संस्कृति वन में खजुराहो मंदिर के साथ कंदरिया महादेव और देवी जगदंबिका सहित 25 मंदिरों की झलक दिखाई देगी। खजुराहो में औषधि से संबंधित पौधों के रोपण के साथ ही ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के वन से पौधे लाकर विकसित किए गए हैं। विरासत वन में स्थानीय क्षेत्र की संस्कृति के अनुसार प्रतिमाएं, वृक्ष नक्षत्र वन, नवग्रह पंचवटी वन, तीर्थंकर वन, सप्त ऋषि वन, श्रीपर्णी वन, चरक आरोग्य राशि वन आदि शामिल है। इसके अलावा इस वन के अंदर ओपन चिल्ड्रन एक्टिविटी, कुंड पार्क, गजिबो ओपन एयर थिएटर आदि भी बनाए जाएंगे।













































