अपने पिता को मार लाश के टुकड़े करने वाला ‘बेटा’ कैसे फंसा जाल में? पुलिस को कैसे हुआ उसपर शक, जानिए लखनऊ मर्डर केस की पूरी कहानी

Lucknow Murder Case News: नवाबों के शहर लखनऊ का पॉश इलाका ‘आशियाना’ उस वक्त थर्रा उठा, जब एक घर के बंद कमरे से बदबू आने लगी. ये बदबू किसी कूड़े की नहीं, बल्कि उस पिता की लाश की थी, जिसे उसके अपने ही इकलौते बेटे ने बेरहमी से काटकर टुकड़े टुकड़े कर दिया था. पुलिस जब मौके पर पहुंची और घर के अंदर का नजारा देखकर दंग रह गई. दरअसल, मशहूर पैथोलॉजी और शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की लाश ‘नीले ड्रम’ के अंदर कटी-फटी हालत में थी. सबसे ज्यादा खौफनाक बात यह थी कि इस कत्ल को किसी बाहरी दुश्मन ने नहीं, बल्कि उनके अपने 21 साल के बेटे अक्षत प्रताप सिंह ने अंजाम दिया था. 21 साल के बीकॉम छात्र ने ‘श्रद्धा’ और मेरठ के ‘सौरभ हत्याकांड’ की तर्ज पर अपने पिता के शरीर को आरी से काटकर टुकड़ों में बांट दिया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिता चाहता था कि बेटा डॉक्टर बने, लेकिन बेटे ने उसी आरी से पिता के जिस्म को चीर डाला जिससे कभी वह एनाटॉमी पढ़ने वाला था. आइए जानते हैं आखिर पुलिस ने इस शातिर कातिल को कैसे दबोचा और कैसे एक ‘नीला ड्रम’ इस खौफनाक राज का गवाह बना. नीट का दबाव और वो खूनी सुबहवारदात की शुरुआत 20 फरवरी की सुबह करीब 4:30 बजे हुई. आशियाना के सेक्टर-एल स्थित मकान नंबर 91 में मानवेंद्र सिंह अपने बेटे अक्षत (21) पर नीट परीक्षा की तैयारी करने और पढ़ाई पर ध्यान देने का दबाव बना रहे थे. क्योंकि, अक्षत पहले भी दो बार परीक्षा दे चुका था, लेकिन सफल नहीं हुआ था. बाप-बेटे के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मानवेंद्र ने गुस्से में अपनी लाइसेंसी राइफल तान दी. तभी अक्षत ने राइफल छीनी और सीधे पिता के सिर में गोली दाग दी. मौके पर ही मानवेंद्र की मौत हो गई. बहन के सामने हुआ कत्ल, 4 दिन तक घर में कैद रही मासूमजिस वक्त अक्षत ने पिता को गोली मारी, उसकी 11वीं में पढ़ने वाली छोटी बहन कृति जाग गई थी. उसने खून से लथपथ पिता को देखा तो चीख पड़ी. लेकिन अक्षत के सिर पर उस वक्त खून सवार था. उसने अपनी सगी बहन को धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो उसे भी मार डालेगा. डरी-सहमी मासूम 4 दिन तक उसी घर में कैद रही जहां उसके पिता की लाश के टुकड़े किए जा रहे थे. आरी से किए टुकड़े, नीले ड्रम में भरा धड़हत्या के बाद अक्षत ने सबूत मिटाने के लिए बाजार से एक इलेक्ट्रॉनिक आरी और एक बड़ा नीला ड्रम खरीदा. उसने अपने पिता की लाश को घसीटकर तीसरी मंजिल से ग्राउंड फ्लोर के एक खाली कमरे में लाया. वहां उसने लाश के हाथ और पैर काटकर अलग कर दिए. उसने हाथ-पैर को कार में लादकर पारा के सदरौना इलाके में फेंक दिया, जबकि धड़ को नीले ड्रम में भरकर केमिकल (एसिड) से गलाने की कोशिश की. खून से सने बिस्तर और चादर को उसने अमौसी ले जाकर जला दिया. क्या इस हैवानियत में कोई और भी शामिल था?पुलिस अब इस एंगल की भी जांच कर रही है कि क्या 21 साल का लड़का अकेले इतनी बड़ी लाश को काटकर ठिकाने लगा सकता था? हालांकि, अभी तक अक्षत ने अकेले ही जुर्म कुबूल किया है. पुलिस के जाल में कैसे फंसा ‘शातिर’ बेटा? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अक्षत ने खुद को बचाने के लिए पूरी प्लानिंग की थी. उसने खुद थाने जाकर पिता की गुमशुदगी दर्ज कराई थी. उसने कहानी बुनी कि ‘पापा दिल्ली गए हैं और फोन बंद आ रहा है.’ अक्षत ने पुलिस और पड़ोसियों को भी यही कहानी सुनाई थी. लेकिन पुलिस को शक तब हुआ जब मानवेंद्र के मोबाइल की आखिरी लोकेशन उनके अपने ही लैब के पास मिली, जबकि बेटा उन्हें दिल्ली में बता रहा था. इतना ही नहीं, पुलिस की पूछताछ में अक्षत बार-बार बयान बदल रहा था. कभी कहता पिता ने सुसाइड किया, तो कभी कहता वो कहीं चले गए हैं. पुलिस को कैसे हुआ शक? वो 3 गलतियां जो भारी पड़ींअक्षत खुद को बहुत शातिर समझ रहा था, लेकिन पुलिस की पैनी नजरों से नहीं बच सका. शक की सुई इन वजहों से घूमी: मानवेंद्र के तीनों मोबाइल बंद थे, लेकिन उनकी अंतिम लोकेशन काकोरी स्थित उनके अपने लैब में मिली. जब पुलिस ने अक्षत से पूछा कि पिता दिल्ली गए तो लोकेशन यहाँ कैसे? वह हकलाने लगा. अक्षत बार-बार कार धो रहा था. उसकी चाची ने जब कार साफ करने में मदद की पेशकश की, तो उसने सख्ती से मना कर दिया. कार की डिक्की में खून के निशान रह गए थे. पड़ोसियों ने जब अपने कैमरों की फुटेज देखी, तो 19 फरवरी की रात मानवेंद्र घर के अंदर जाते दिखे, लेकिन बाहर निकलते कभी नहीं दिखे. वहीं अक्षत रात के अंधेरे में कार लेकर बार-बार बाहर जा रहा था. करीबी दोस्त के सामने टूटा अक्षतजब पुलिस और पड़ोसियों का दबाव बढ़ा, तो सोमवार दोपहर अक्षत ने अपने पिता के करीबी दोस्त सोनू को फोन किया और कहा, ‘अंकल पापा ने सुसाइड कर लिया है.’ जब सोनू घर पहुंचे और कड़ाई से पूछा, तो अक्षत फूट-फूट कर रोने लगा और सारा सच उगल दिया. पुलिस ने जब घर की तलाशी ली, तो नीले ड्रम से मानवेंद्र का धड़ बरामद हुआ. नीला ड्रम और ‘मेरठ’ कनेक्शनपुलिस को घर के ग्राउंड फ्लोर के कमरे से वही नीला ड्रम मिला, जिसमें मानवेंद्र का धड़ भरा हुआ था. जांच में पता चला कि अक्षत ने मेरठ के ‘सौरभ हत्याकांड’ से प्रेरित होकर लाश को ड्रम में भरकर एसिड से गलाने या सीमेंट से भरने की योजना बनाई थी. बिखर गया हंसता-खेलता परिवारमानवेंद्र सिंह मूल रूप से जालौन के थे. उनके पिता रिटायर्ड दरोगा हैं. 9 साल पहले मानवेंद्र की पत्नी की मौत हो गई थी. वह अपने पीछे करोड़ों की संपत्ति (पैथोलॉजी और शराब की दुकानें) छोड़ गए हैं. अब पिता की मौत हो चुकी है, बेटा जेल में है और मासूम बेटी गहरे सदमे में. डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर के मुताबिक, आरोपी अक्षत को गिरफ्तार कर लिया गया है. हत्या में इस्तेमाल लाइसेंसी राइफल, आरी और कार बरामद कर ली गई है. पुलिस अब शव के उन हिस्सों की तलाश कर
शोएब अख्तर बोले-भारतीय गेंदबाजों में मेल्कम मार्शल जैसा खौफ नहीं:साउथ अफ्रीका के खिलाफ पंड्या-दुबे बेअसर रहे; कुलदीप मैच विनर, उन्हें खिलाएं

टी-20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 मुकाबले में भारत को साउथ अफ्रीका के खिलाफ 76 रन से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद पूर्व पाकिस्तानी तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की आलोचना की। अख्तर ने कहा, ‘हार्दिक और शिवम दुबे 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी कर रहे थे। वे कोई मैल्कम मार्शल नहीं हैं जो साउथ अफ्रीका जैसी टीम को डरा सकें। अगर आप डेथ ओवर्स में उनसे गेंदबाजी कराएंगे, तो अफ्रीकी बल्लेबाजों का ऐसा पलटवार होना तय था।’ मैल्कम मार्शल वेस्टइंडीज के गेंदबाज थे, जो 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करते थे। 1970 और 80 के दशक में जब वेस्टइंडीज क्रिकेट की दुनिया पर राज करता था, तब मार्शल उनके सबसे खतरनाक हथियार थे। वे दुनिया के सबसे खतरनाक बाउंसर मारने के लिए जाने जाते थे। कई दिग्गज बल्लेबाजों की नाक और जबड़े उनकी गेंदों से टूट चुके थे। अख्तर- बोले- भारतीय बॉलिंग यूनिट की कमियां उजागर हुईं अख्तर का मानना है कि इस हार ने भारतीय बॉलिंग यूनिट की कमियों को उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा कि साउथ अफ्रीका जैसे मजबूत बैटिंग लाइन-अप के सामने भारतीय गेंदबाज पूरी तरह बेअसर नजर आए। खासकर हार्दिक पंड्या और शिवम दुबे की गेंदबाजी को उन्होंने बिना धार वाली बताया। दोनों ऑलराउंडर्स ने मिलकर 6 ओवरों में 67 रन खर्च किए और केवल एक विकेट हासिल किया। वरुण चक्रवर्ती की कम हुई स्पीड पर उठाए सवाल अख्तर ने मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती की गेंदबाजी पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि वरुण अपनी सामान्य लय में नहीं दिखे। अख्तर के मुताबिक ,’वरुण की ताकत 97-98 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद डालना है, लेकिन इस मैच में वे 94 की स्पीड पर आ गए थे। जब वे अटैक पर आए, तो डेवाल्ड ब्रेविस ने उन्हें सिक्स जड़ दिया। इससे साफ है कि गेंदबाज दबाव में थे।’ कुलदीप यादव हैं ‘मिसिंग लिंक’, उन्हें खिलाना जरूरी भारतीय गेंदबाजी में सुधार के लिए अख्तर ने एक बड़ा सुझाव दिया है। उन्होंने चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव को प्लेइंग-इलेवन में शामिल करने की वकालत की। अख्तर ने कहा,’इस टीम में कुलदीप यादव की कमी खल रही है। वे ऐसे गेंदबाज हैं जो हवा में बल्लेबाजों को धोखा दे सकते हैं और जरूरत पड़ने पर विकेट निकाल सकते हैं। वे एक मैच विनर खिलाड़ी हैं और उन्हें बाहर रखना समझ से परे है।’ सुंदर और वरुण के बॉलिंग का अंदाजा पहले से लगाया जा सकता है अख्तर का मानना है कि वॉशिंगटन सुंदर और वरुण चक्रवर्ती एक ही तरह की स्किल्स वाले गेंदबाज हैं। इससे भारतीय आक्रमण का अंदाजा बल्लेबाज आसानी से लगा लेते हैं। उन्होंने कहा कि जब अटैक में विविधता नहीं होती, तो दुनिया की टॉप टीमें आसानी से भारतीय गेंदबाजों को टारगेट कर लेती हैं। साउथ अफ्रीका के खिलाफ मैच में यही देखने को मिला जहां अफ्रीकी बल्लेबाजों ने भारतीय स्पिनर्स को जमने नहीं दिया। भारतीय टीम 111 रन पर ऑलआउट हो गई थी 22 फरवरी रविवार को टीम इंडिया को साउथ अफ्रीका ने तीसरे सुपर-8 मैच में 76 रन के अंतर से हराया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में अफ्रीकी टीम ने टॉस जीतकर बैटिंग चुनी। टीम ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 187 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम 18.5 ओवर में 111 रन पर ऑलआउट हो गई। मार्को यानसन ने 4 विकेट झटके। केशव महाराज ने 3 विकेट लिए। कॉर्बिन बॉश को 2 और ऐडन मार्करम को एक विकेट मिला। शिवम दुबे ने सबसे ज्यादा 42 रन बनाए। इससे पहले साउथ अफ्रीका की ओर से डेविड मिलर ने 35 बॉल पर 63 रन बनाए। जबकि डेवाल्ड ब्रेविस ने 45 रन बनाए। ट्रिस्टन स्टब्स ने 24 बॉल पर नाबाद 44 रन बनाए। जसप्रीत बुमराह ने 3 विकेट झटके। अर्शदीप सिंह ने 2 विकेट लिए। ————————————————- क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें —————————————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… T20 वर्ल्डकप पांचवें सुपर-8 मुकाबले में आज ENG vs PAK:टूर्नामेंट में पाकिस्तान के खिलाफ इंग्लैंड का 100% जीत का रिकॉर्ड, पॉसिबल प्लेइंग-11 टी-20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 स्टेज का पांचवां मुकाबला आज इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच खेला जाएगा।मैच कैंडी के पल्लेकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में शाम 07:00 बजे से शुरू होगा। जबकि मैच का टॉस 6:30 बजे होगा। पूरी खबर
शोएब अख्तर बोले-भारतीय गेंदबाजों में मार्शल जैसा खौफ नहीं:साउथ अफ्रीका के खिलाफ पंड्या-दुबे बेअसर रहे; कुलदीप मैच विनर, उन्हें खिलाएं

टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में साउथ अफ्रीका के हाथों मिली 76 रनों की करारी हार के बाद भारतीय गेंदबाजी आक्रमण पूर्व पाकिस्तानी तेज गेंदबाज शोएब अख्तर के निशाने पर है। अख्तर ने कहा, ‘हार्दिक और शिवम दुबे 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी कर रहे थे। वे कोई मैल्कम मार्शल नहीं हैं जो साउथ अफ्रीका जैसी टीम को डरा सकें। अगर आप डेथ ओवर्स में उनसे गेंदबाजी कराएंगे, तो अफ्रीकी बल्लेबाजों का ऐसा पलटवार होना तय था।’ मैल्कम मार्शल वेस्टइंडीज के गेंदबाज थे, जो 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करते थे। 1970 और 80 के दशक में जब वेस्टइंडीज क्रिकेट की दुनिया पर राज करता था, तब मार्शल उनके सबसे खतरनाक हथियार थे। वे दुनिया के सबसे खतरनाक बाउंसर मारने के लिए जाने जाते थे। कई दिग्गज बल्लेबाजों की नाक और जबड़े उनकी गेंदों से टूट चुके थे। अख्तर का मानना है कि इस हार ने भारतीय बॉलिंग यूनिट की कमियों को उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा कि साउथ अफ्रीका जैसे मजबूत बैटिंग लाइन-अप के सामने भारतीय गेंदबाज पूरी तरह बेअसर नजर आए। खासकर हार्दिक पंड्या और शिवम दुबे की गेंदबाजी को उन्होंने बिना धार वाली बताया। दोनों ऑलराउंडर्स ने मिलकर 6 ओवरों में 67 रन खर्च किए और केवल एक विकेट हासिल किया। वरुण चक्रवर्ती की कम हुई स्पीड पर उठाए सवाल अख्तर ने मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती की गेंदबाजी पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि वरुण अपनी सामान्य लय में नहीं दिखे। अख्तर के मुताबिक ,’वरुण की ताकत 97-98 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद डालना है, लेकिन इस मैच में वे 94 की स्पीड पर आ गए थे। जब वे अटैक पर आए, तो डेवाल्ड ब्रेविस ने उन्हें सिक्स जड़ दिया। इससे साफ है कि गेंदबाज दबाव में थे।’ कुलदीप यादव हैं ‘मिसिंग लिंक’, उन्हें खिलाना जरूरी भारतीय गेंदबाजी में सुधार के लिए अख्तर ने एक बड़ा सुझाव दिया है। उन्होंने चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव को प्लेइंग-इलेवन में शामिल करने की वकालत की। अख्तर ने कहा,’इस टीम में कुलदीप यादव की कमी खल रही है। वे ऐसे गेंदबाज हैं जो हवा में बल्लेबाजों को धोखा दे सकते हैं और जरूरत पड़ने पर विकेट निकाल सकते हैं। वे एक मैच विनर खिलाड़ी हैं और उन्हें बाहर रखना समझ से परे है।’ सुंदर और वरुण के बॉलिंग का अंदाजा पहले से लगाया जा सकता है अख्तर का मानना है कि वॉशिंगटन सुंदर और वरुण चक्रवर्ती एक ही तरह की स्किल्स वाले गेंदबाज हैं। इससे भारतीय आक्रमण का अंदाजा बल्लेबाज आसानी से लगा लेते हैं। उन्होंने कहा कि जब अटैक में विविधता नहीं होती, तो दुनिया की टॉप टीमें आसानी से भारतीय गेंदबाजों को टारगेट कर लेती हैं। साउथ अफ्रीका के खिलाफ मैच में यही देखने को मिला जहां अफ्रीकी बल्लेबाजों ने भारतीय स्पिनर्स को जमने नहीं दिया। भारतीय टीम 111 रन पर ऑलआउट हो गई थी 22 फरवरी रविवार को टीम इंडिया को साउथ अफ्रीका ने तीसरे सुपर-8 मैच में 76 रन के अंतर से हराया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में अफ्रीकी टीम ने टॉस जीतकर बैटिंग चुनी। टीम ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 187 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम 18.5 ओवर में 111 रन पर ऑलआउट हो गई। मार्को यानसन ने 4 विकेट झटके। केशव महाराज ने 3 विकेट लिए। कॉर्बिन बॉश को 2 और ऐडन मार्करम को एक विकेट मिला। शिवम दुबे ने सबसे ज्यादा 42 रन बनाए। इससे पहले साउथ अफ्रीका की ओर से डेविड मिलर ने 35 बॉल पर 63 रन बनाए। जबकि डेवाल्ड ब्रेविस ने 45 रन बनाए। ट्रिस्टन स्टब्स ने 24 बॉल पर नाबाद 44 रन बनाए। जसप्रीत बुमराह ने 3 विकेट झटके। अर्शदीप सिंह ने 2 विकेट लिए। ————————————————- क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें —————————————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… T20 वर्ल्डकप पांचवें सुपर-8 मुकाबले में आज ENG vs PAK:टूर्नामेंट में पाकिस्तान के खिलाफ इंग्लैंड का 100% जीत का रिकॉर्ड, पॉसिबल प्लेइंग-11 टी-20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 स्टेज का पांचवां मुकाबला आज इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच खेला जाएगा।मैच कैंडी के पल्लेकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में शाम 07:00 बजे से शुरू होगा। जबकि मैच का टॉस 6:30 बजे होगा। पूरी खबर
कॉलेजों में नए पाठ्यक्रम शुरू कराने का मुद्दा विधानसभा पहुंचा:उच्च शिक्षा मंत्री बोले-कॉलेजों का परीक्षण किया, जगह होने पर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स स्वीकृत करेंगे

सागर की खुरई विधानसभा क्षेत्र के खुरई, बांदरी और मालथौन कॉलेज में नए पाठ्यक्रम शुरू कराने, स्टाफ बढ़ाने और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने का मुद्दा सोमवार को विधानसभा में गूंजा। खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण के माध्यम से खुरई, मालथौन और बांदरी शासकीय महाविद्यालयों में संकाय व विषय बढ़ाने, स्टाफ बढ़ाने, स्पोर्ट्स कांप्लेक्स बनाने की मांग की। उन्होंने खुरई शासकीय महाविद्यालय में विधि संकाय और बीएड शुरू करने की मांग भी की। जिस पर उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने अपने उत्तर में ज्यादातर मांगों पर अपनी सहमति प्रदान करते हुए अगले सत्र से पाठ्यक्रम शुरू करने और जगह की उपलब्धता होने पर स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स स्वीकृत करने का आश्वासन दिया है। खुरई विधायक ने यह मांगें रखी ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए पूर्व गृहमंत्री व खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह ने कहा कि खुरई महाविद्यालय में स्नातक में 1714 और स्नातकोत्तर में 363 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। खुरई कालेज में स्टेडियम नहीं है। भवन में भी कठिनाई हैं। यहां विज्ञान संकाय में वनस्पतिशास्त्र, रसायनशास्त्र, प्राणी शास्त्र, भौतिक शास्त्र और कला संकाय के अंग्रेजी साहित्य विषय में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम और वाणिज्य संकाय में स्नातक पाठ्यक्रम शुरू किए जाने की आवश्यकता है। कुछ कॉलेजों में पोस्ट ग्रेजुएशन प्रोग्राम शुरू करने की मांग इसके अलावा विधि संकाय में नवीन पाठ्यक्रम व बीएड भी शुरू किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मालथौन शासकीय महाविद्यालय में 1700 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जिन्हें नवीन पाठ्यक्रमों की आवश्यकता है। उन्होंने मालथौन शासकीय महाविद्यालय में हिंदी, ज्योग्राफी, राजनीति विज्ञान, इतिहास और विज्ञान संकाय में वनस्पति विज्ञान, दूदाजी में पोस्ट ग्रेजुएशन कक्षाओं की आवश्यकता है। बांदरी शासकीय महाविद्यालय की स्थिति बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां कुल 900 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जिन्हें वाणिज्य संकाय में स्नातक और कला संकाय में पीजी पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाने की आवश्यकता है। कॉलेज में स्वीकृत पद हैं खाली विधायक भूपेंद्र सिंह ने ध्यानाकर्षण में कहा कि मालथौन शासकीय महाविद्यालय में 15 पद स्वीकृत हैं। जिनमें से 10 पद रिक्त हैं और बांदरी महाविद्यालय में 19 स्वीकृत पदों में से 14 पद रिक्त हैं। जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाना पड़ता है। जिससे उन पर आर्थिक बोझ आता है। महाविद्यालयों में नए विषय प्रोग्राम भी स्वीकृत उच्च शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार ने उक्त बिंदुओं पर जवाब देते हुए कहा कि स्ववित्तीय योजना में सरकार या विभाग से अनुमति की जरूरत नहीं है। 2023 में इस आशय का संशोधन कर दिया गया है। प्राचार्य ही संकाय में स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ कर सकते हैं। इन महाविद्यालयों में नवीन विषय, संकाय प्रारंभ करने के लिए प्राचार्य ही सक्षम है। इसके लिए प्राचार्यों को उचित कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जा रहा है। शासकीय महाविद्यालयों खुरई, मालथौन व बांदरी में रिक्त पदों की पूर्ति के लिए कार्रवाई करते हुए वर्ष 2025 में शासकीय महाविद्यालय खुरई में 1 सहायक प्राध्यापक, बांदरी में 1 सहायक प्राध्यापक और मालथौन में 2 सहायक प्राध्यापकों को पदस्थ किया गया है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग से प्राप्त वर्ष 2022 की 2053 अभ्यर्थियों, सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल व क्रीड़ा अधिकारी की चयन सूचियों के आधार पर नियुक्ति की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। इन महाविद्यालयों में अधोसंरचना विकास, नए विषय और संकाय शुरू करने और रिक्त पदों की पूर्ति के लिए नियमानुसार वित्तीय संसाधनों के अनुसार कार्रवाई और वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। मंत्री परमार ने बताया कि इन तीनों महाविद्यालयों का हमने परीक्षण करा लिया है जो कुछ विषय यहां से शुरू कराना होगा, वह यहां से कराने की तैयारी कर रहे हैं। शेष कुछ हम स्ववित्तीय योजना से संचालित कर सकते हैं।
अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल सारण में अनमोल ज्योति आई वेलनेस पैकेज लॉन्च.

पटना: पूर्वी भारत के सबसे बड़े आंख अस्पताल के पांच अनुभवी आई स्पेशलिस्ट डॉक्टर सारण में भी अब आपकी आंखों की पूरी जांच करेंगे. यहां आधुनिक मशीनों से जांच कर आंखों से जुड़ी छिपी हुई गंभीर बीमारियों का भी पता लगा लेंगे. जी हां! यह बिल्कुल सच है. पूर्वी भारत के सबसे बड़े आंख अस्पताल के रूप में पहचान रखने वाला सारण के मस्तीचक स्थित अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल ने आम लोगों के लिए एक शानदार पैकेज लॉन्च किया है. इसके तहत आंखों में छिपी बीमारियों का पता लगाया जाएगा. साथ ही पांच अलग-अलग अनुभवी स्पेशलिस्ट आपकी आंखों का संपूर्ण विश्लेषण कर परामर्श देंगे. इस बारे में जानकारी देते हुए संस्थान के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विवेक विकास ने बताया कि आजकल लोग कंप्यूटर और मोबाइल का अत्यधिक उपयोग कर रहे हैं. गलत दिनचर्या सहित कई कारणों से आंखों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है. कई बीमारियां धीरे-धीरे विकसित होती हैं और उनके लक्षण तब पता चलते हैं, जब काफी देर हो चुकी होती है. ऐसे में हमारी कोशिश है कि आंखों का कंप्लीट चेकअप कर छिपी हुई बीमारियों का समय रहते पता लगाया जा सके. जानें क्या है इस पैकेज में खास अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विवेक विकास ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी पैकेज लॉन्च किया गया है. इसका नाम अनमोल ज्योति आई वेलनेस पैकेज है. इसके तहत आंखों का कंप्लीट चेकअप किया जाता है. इसमें 12 प्रकार के विशेष आई टेस्ट शामिल हैं. इसके साथ ही 30 तरह के ब्लड टेस्ट भी किए जाते हैं. दोनों रिपोर्ट का संस्थान के पांच आई एक्सपर्ट की टीम द्वारा विश्लेषण किया जाता है. इस टीम में कॉर्निया विशेषज्ञ, रेटिना विशेषज्ञ, जनरल आई सर्जन, ग्लूकोमा स्पेशलिस्ट और मेडिकल डायरेक्टर शामिल होते हैं. रिपोर्ट के आधार पर सभी विशेषज्ञ मरीज को परामर्श भी देते हैं. जानें टेस्ट करवाने के लिए क्या-क्या करना होगा वहीं, टेस्ट करवाने के लिए मरीज सुबह-सुबह फास्टिंग में अस्पताल पहुंचते हैं. सबसे पहले उनका ब्लड सैंपल लिया जाता है. इसके बाद आंखों की जांच की जाती है. जांच पूरी होने के बाद मरीज और उनके परिजनों को फ्री में नाश्ता और दोपहर का भोजन दिया जाता है. रिपोर्ट आने के बाद सभी डॉक्टर मिलकर उसका विश्लेषण करते हैं और मरीज से विस्तार से बातचीत करते हैं. इस दौरान अगर किसी विशेषज्ञ को लगता है कि अतिरिक्त टेस्ट की आवश्यकता है तो वह भी इसी पैकेज में शामिल किया जाता है. विवेक विकास ने आगे बताया कि इस पैकेज के तहत सभी तरह के टेस्ट मात्र 2999 रुपये की रियायती दर पर किए जाते हैं. जबकि इन सभी जांचों का बाजार मूल्य 30 हजार रुपये से भी अधिक है. उन्होंने यह भी कहा कि यह अस्पताल गायत्री परिवार का हिस्सा है. इसलिए लोगों को यह विशेष सुविधा उपलब्ध कराई जा रही हैं. आपको बता दें कि एक दिन में अधिकतम 15 लोगों को ही स्लॉट मिलता है. 40 के बाद वालों के लिए है वरदान उन्होंने आगे बताया कि आंखों की जांच के दौरान मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर, न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी छिपी हुई बीमारियों के संकेत भी मिल सकते हैं. ये सभी सीधे दृष्टि को प्रभावित करती हैं. धीरे धीरे आंखों की रौशनी छिन सकती है. इसीलिए ऐसे मामलों में समय रहते जांच होने से गंभीर समस्याओं से बचाव संभव हो जाता है. 40 वर्ष से अधिक के लोगों के लिए यह पैकेज किसी वरदान से कम नहीं है. ऐसे लोगों को साल में एक बार जरूर अपने आंखों का कंप्लीट चेकअप करवाना चाहिए. ब्लड टेस्ट के जरिए किडनी फंक्शन, लीवर फंक्शन और हार्ट फंक्शन को भी देखा जाता है. जानें मरीज कैसे उठायेंगे इस पैकेज का लाभ उन्होंने आगे बताया कि इस पैकेज को ऑनलाइन बुक करने के लिए अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के ऑफिशियल वेबसाइट पर जाना होगा. इसके अलावा पटना के इनकम टैक्स गोलंबर के पास स्थितअखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के विजन लाउंज में ऑफलाइन रूप से आकर बुकिंग करवाई जा सकती है.
भोपाल में आज कई इलाकों में गुल रहेगी बिजली:SET के एडमिट कार्ड वेबसाइट पर उपलब्ध; जानिए शहर में कहां-क्या खास

आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स आधार अपडेशन- नया/ नि:शुल्क/ बायो मैट्रिक अपडेट- 100 रुपए, डेमोग्राफिक अपडेट- 50 रुपए, इन सेंटरों में आधार अपडेशन/ जेनरेशन की सुविधा। सेंटर्स की पूरी लिस्ट के लिए क्लिक करें। हेल्थ सर्विसेज : एम्स/जेपी, खुशीलाल ऑटो गैस/ इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, सीएनजी स्टेशन थाने इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर सीएनजी पंप स्टेशन
बंजिंग जंपिंग- 65 वर्षीय गुरमीत ने खाई में लगाई छलांग:बेटे-बेटी ने चीयर कर कहा- गो मम्मी गो; लोग बोले- ये हैं असली वंडर वुमन

डर? वो क्या होता है? जब नीचे 117 मीटर गहरी खाई देखी, तो डर नहीं, रोमांच महसूस हुआ। बस मन में एक ही बात थी- आज तो उड़ना है। यह शब्द उस 65 वर्षीय महिला के हैं, जिन्होंने इस उम्र में वह कर दिखाया जिसे करने में अच्छे-भले युवाओं के पसीने छूट जाते हैं। मेरठ की रहने वाली गुरमीत सिंह ने ऋषिकेश की वादियों में 117 मीटर की ऊंचाई से बंजी जंपिंग कर न केवल एक नया कीर्तिमान रचा है, बल्कि उम्र को महज एक आंकड़ा साबित कर दिया है। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा रहा है और लोग उन्हें ‘वंडर वुमन’ कह रहे हैं। बीती 18 फरवरी को जब मेरठ का यह परिवार ऋषिकेश पहुंचा, तो किसी ने नहीं सोचा था कि घर की सबसे बुजुर्ग सदस्य कुछ ऐसा करेंगी कि पूरा देश उनका कायल हो जाएगा। गुरमीत अपनी बेटी वर्षा चौधरी और अपने बेटे के साथ छुट्टियां बिताने आई थीं। ऋषिकेश के नीलकंठ रोड स्थित ‘हिमालयन वन’ बंजी जंपिंग सेंटर पर जब वह पहुंचीं, तो उनकी आंखों में डर की जगह एक चमक थी। बेटी वर्षा बताती हैं, मम्मी का यह प्लान काफी पुराना था। हम पहले भी यहां आए थे, तब भीड़ और वेटिंग की वजह से नंबर नहीं आया। इस बार मौका मिला तो मम्मी ने एक सेकंड की भी देरी नहीं की। हमने उन्हें बिल्कुल रोका नहीं , बल्कि चीयर किया- गो मम्मी गो! 117 मीटर की ऊंचाई से लहराया हाथ वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जब ट्रेनर्स गुरमीत को हार्नेस (सुरक्षा बेल्ट) बांध रहे थे, तब भी उनके चेहरे पर मुस्कान थी। जैसे ही ‘थ्री-टू-वन-बंजी’ की आवाज गूंजी, गुरमीत ने बिना झिझके नीले आसमान और गहरी खाई के बीच छलांग लगा दी। हवा में झूलते हुए वह डर के मारे चीखीं नहीं, बल्कि दोनों हाथ लहराकर अपनी खुशी का इजहार करती रहीं। नीचे उतरने के बाद उनका पहला शब्द था- ‘एक बार और करा दो!’ दैनिक भास्कर से बात करते हुए गुरमीत सिंह 117 मीटर की ऊंचाई से छलांग लगाने के अनुभव को याद करते हुए हंस पड़ीं। उन्होंने कहा, “डर बिल्कुल नहीं लगा। नीचे गहरी खाई दिख रही थी, लेकिन मुझे अच्छा लग रहा था। यह मेरी विश-लिस्ट में था। मुझे एडवेंचर पसंद है। जब नीचे गिर रही थी, तो ऐसा लगा जैसे चिड़िया की तरह उड़ रही हूं। उन्होंने बताया- मेरा परिवार ही मेरी ताकत है। बच्चों ने कहा- अगर आपका मन है तो जरूर कीजिए। उनके प्रोत्साहन से ही मैंने छलांग लगाई। फिटनेस के सवाल पर गुरमीत सिंह ने इसे किसी खास डाइट या जिम से नहीं जोड़ा। उन्होंने कहा, मैं सादा जीवन जीती हूं। रोज टहलती हूं और खुश रहने की कोशिश करती हूं। परिवार के साथ समय बिताना ही मुझे ऊर्जा देता है। वही मुझे सक्रिय और जवान महसूस कराता है। बातचीत के दौरान यह साफ था कि उनके लिए यह सिर्फ एक एडवेंचर एक्टिविटी नहीं, बल्कि लंबे समय से संजोई इच्छा पूरी होने का क्षण था। ‘स्काई डाइविंग’ है अगला प्लान गुरमीत सिंह यहीं रुकने वाली नहीं हैं। उनकी बेटी वर्षा ने बताया कि मम्मी का अगला टारगेट ‘स्काई डाइविंग’ है। हाल ही में यह परिवार सिंगापुर ट्रिप पर भी गया था, वहां भी गुरमीत ने कई एडवेंचर एक्टिविटीज में हिस्सा लिया था। अब वह किसी विदेशी लोकेशन पर हजारों फीट की ऊंचाई से छलांग लगाने की तैयारी कर रही हैं। वर्षा कहती हैं, मम्मी पूरे परिवार और रिश्तेदारों की फेवरेट हैं। मेरे पैर में फ्रैक्चर था इसलिए मैं नहीं कूद पाई, लेकिन मम्मी को देखकर मेरा सारा दर्द गायब हो गया। आयोजक बोले- ऐसी जज्बे वाली महिला पहली बार देखी बंजी जंपिंग सेंटर ‘हिमालयन वन’ के संचालक रविंद्र सिंह नेगी ने दैनिक भास्कर को बताया कि उनके सेंटर पर सुरक्षा के अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन किया जाता है। जंप से पहले 4 से 5 बार सुरक्षा उपकरणों की जांच की जाती है। पार्टिसिपेंट से उनकी सेहत के बारे में पूछा जाता है। हालांकि, कोई मेडिकल टेस्ट नहीं होता, लेकिन दिल की बीमारी या गंभीर समस्या होने पर अनुमति नहीं दी जाती। नेगी ने बताया कि इससे पहले एक 73 वर्षीय विदेशी महिला ने जंप किया था, लेकिन भारतीय बुजुर्ग महिलाओं में गुरमीत सिंह का उत्साह और कॉन्फिडेंस मिसाल है। पति बैंक कर्मचारी, खुद रहीं हाउसवाइफ गुरमीत सिंह के पति पंजाब नेशनल बैंक में कार्यरत थे। अब वह एक हाउसवाइफ के तौर पर अपना जीवन बिता रही हैं, लेकिन उनका यह कदम समाज की उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो उम्र के कारण अपने सपनों को दबा देती हैं। गुरमीत सिंह सिंह ने साबित कर दिया है कि ‘बूढ़ा’ शरीर नहीं, सोच होती है। अगर मन में कुछ कर गुजरने की चाह हो, तो 65 की उम्र में भी आसमान छोटा पड़ जाता है। सोशल मीडिया पर आ रहे मजेदार कमेंट्स वायरल वीडियो पर सोशल मीडिया में लोग जमकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, यही असली जिंदगी है। लोग रिटायरमेंट के बाद बैठ जाते हैं, लेकिन इन्होंने तो उड़ना शुरू किया है। वहीं एक अन्य यूजर ने मजाकिया लहजे में लिखा, इन्होंने अपनी बकेट लिस्ट टिक कर ली है, अब हमारी बारी है। ——————- ये खबर भी पढ़ें : दिल्ली में राहुल गांधी से मिले ‘मोहम्मद दीपक’: गले लगाया; बोले- कोटद्वार आकर तुम्हारे जिम की मेंबरशिप लूंगा उत्तराखंड के कोटद्वार में ‘बाबा’ शब्द को लेकर शुरू हुआ विवाद अब दिल्ली तक पहुंच गया। एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार को बचाने के लिए खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ बताने वाले जिम ट्रेनर दीपक कुमार ने आज दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की। (पढ़ें पूरी खबर)
टी-20 वर्ल्डकप मैच में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड बना:पॉवेल ने सिकंदर रजा का माथा चूमा, हेटमायर ने 108 मीटर का सिक्स लगाया

टी-20 वर्ल्ड कप के चौथे सुपर-8 मैच में वेस्टइंडीज ने सोमवार को जिम्बाब्वे पर 107 रन की जीत दर्ज की। मुंबई के वनखड़े स्टेडियम में जिम्बाब्वे ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। वेस्टइंडीज ने 20 ओवर में 6 विकेट पर 254 रन बनाए। 255 रन का टारगेट चेज कर रही जिम्बाब्वे 17.4 ओवर में 147 रन पर ऑलआउट हो गई। 19 बॉल पर फिफ्टी लगाने वाले शिमरोन हेटमायर प्लेयर ऑफ द मैच रहे। इस मैच में 10 रिकॉर्ड और रोचक मोमेंट्स देखने को मिले। आगे पढ़िए… WI Vs ZIM मैच के टॉप रिकॉर्ड्स 1. टी-20 वर्ल्ड कप के एक मैच में सबसे ज्यादा सिक्स लगे इस मैच में कुल 31 छक्के लगे। यह टी-20 वर्ल्ड कप इतिहास में किसी एक मैच में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड है। पिछला रिकॉर्ड 30 सिक्स का था। जो 2014 में आयरलैंड और नीदरलैंड के मैच में बना था। यह मैच सिलहट में खेला गया था। 2. हेटमायर ने टी-20 वर्ल्ड कप में विंडीज के लिए सबसे तेज फिफ्टी लगाई जिम्बाब्वे के खिलाफ शिमरोन हेटमायर ने 19 गेंद पर फिफ्टी लगाई। यह टी20 वर्ल्ड कप में वेस्टइंडीज की ओर से सबसे तेज फिफ्टी है। वे इसी एडीशन में स्कॉटलैंड के खिलाफ ईडन गार्डन्स में 22 गेंदों पर फिफ्टी बना चुके हैं। हेटमायर से पहले यह रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम था। गेल ने 2012 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कोलंबो में 23 बॉल पर अर्धशतक लगाया था। 3. टी-20 वर्ल्ड कप में 10वें विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी जिम्बाब्वे के ब्रैडली इवांस और रिचर्ड नगारवा ने इस मैच में आखिरी विकेट के लिए 19 बॉल पर 44 रन की साझेदारी की। यह टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में 10वें विकेट के लिए अब तक की सबसे बड़ी साझेदारी है। पिछला रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के गुडाकेश मोती और शेरफन रदरफोर्ड के नाम था। इन दोनों ने 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 37 रनों की नाबाद साझेदारी की थी। 4. बेनेट ने टी20 वर्ल्ड कप में बिना आउट हुए सबसे ज्यादा रन बनाए जिम्बाब्वे के ओपनर ब्रायन बेनेट 5 रन बनाकर आउट हुए। वे इस टूर्नामेंट में पहली बार आउट हुए हैं। वे पिछले 4 मैचों में नाबाद रहे थे। उन्होंने आउट होने से पहले इस एडीशन में नाबाद रहते हुए 180 रन बनाए। वे बिना आउट हुए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। यह रिकॉर्ड नीदरलैड के टॉम कूपर के नाम था, जिन्होंने 2014 में बिना आउट हुए 111 रन बनाए थे। 5. हेटमायर ने पूरन के 17 छक्कों के रिकॉर्ड की बराबरी की जिम्बाब्वे के खिलाफ शिमरोन हेटमायर ने 7 छक्के लगाए। वह इस टी-20 वर्ल्ड कप में अब तक 17 छक्के लगा चुके हैं। हेटमायर एक एडिशन में सबसे ज्यादा छक्कों के रिकॉर्ड की बराबरी है। इससे पहले वेस्टइंडीज के ही निकोलस पूरन ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप 17 छक्के लगाए थे। अब बात मैच के टॉप मोमेंट्स की… 6. हेटमायर को 2 जीवनदान, दोनों कैच मुसेकिवा से छूटे मैच के टॉप स्कोर शिमरोन हेटमायर को दो जीवनदान मिले। दोनों मौकों पर वे कैच आउट होने से बच गए। आगे दोनों कैच ड्रॉप पढ़िए… 7. हेटमायर ने 108 मीटर का छक्का लगाया 10वें ओवर की पहली गेंद पर शिमरोन हेटमायर ने 108 मीटर का छक्का लगाया। उन्होंने सिकंदर रजा की शॉर्ट लेंथ की बॉल को पुल करते हुए मिडविकेट बाउंड्री के बाहर पहुंचाया। इस छक्के के साथ हेटमायर ने रोवमन पॉवेल के साथ तीसरे विकेट के लिए फिफ्टी पार्टनरशिप भी कर की। 8. पॉवेल का सिक्स सेकेंड टियर तक गया विंडीज की पारी के 13वें ओवर में रोवमन पॉवेल ने डायोन मायर्स की बॉल पर 106 मीटर का छक्का लगाया। जो वानखेड़े स्टेडियम के सेकेंड टियर तक पहुंच गया। मायर्स ने ऑफ स्टंप के बाहर फुलर लेंथ की बॉल डाली, जोकि पॉवेल के हिटिंग रेंज में थी। इसे पॉवेल ने लॉन्ग ऑफ बाउंड्री के बाहर पहुंचाया। 9. पावेल ने रजा के माथे पर किस किया कैरेबियाई पारी के 16वें ओवर में रोवमन पॉवेल का शॉर्ट गेंदबाजी कर रहे सिकंदर रजा के बाएं हाथ पर लगा। रजा दर्द से कराह उठे। ऐसे में कुछ देर के लिए खेल रोका गया। इस बीच बल्लेबाजी कर रहे पॉवेल उनके पास आए और पीठ थपथपाते हुए उनका हाल जाना और उन्हें गले लगाया और माथे पर किस भी किया। 10. अकिल हुसैन ने डबल विकेट का मेडन ओवर डाला जिम्बाब्वे की पारी में अकिल हुसैन ने डबल विकेट के साथ मेडन ओवर डाला। उन्होंने… अकिल हुसैन ने इस ओवर की आखिरी दो बॉल पर कोई रन नहीं दिया। क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें ————————————————————————– WI और ZIM की मैच रिपोर्ट पढ़िए… वेस्टइंडीज ने सुपर-8 में जिम्बाब्वे को 107 रन से हराया, हेटमायर-पॉवेल की फिफ्टी वेस्टइंडीज ने टी-20 वर्ल्ड कप के चौथे सुपर-8 मैच में जिम्बाब्वे को 107 रन के बड़े अंतर से हराया। वानखेड़े स्टेडियम में जिम्बाब्वे ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। वेस्टइंडीज ने 20 ओवर में 6 विकेट पर 254 रन बनाए। 255 रन का टारगेट चेज कर रही जिम्बाब्वे 17.4 ओवर में 147 रन पर ऑलआउट हो गई। शिमरोन हेटमायर प्लेयर ऑफ द मैच रहे। पढ़ें पूरी खबर
खबर हटके- ठंड में खुलेआम नंगे होकर नहाने की परंपरा:कबाड़ में पड़े ट्रैक्टर ने बनाया करोड़पति; शादी में जूता छिपाने पर रोक

जापान में ठंड के मौसम में खुलेआम नंगे होकर नहाने की एक अनोखी परंपरा है। वहीं कबाड़ में पड़े 105 साल पुराने ट्रैक्टर ने शख्स को करोड़पति बना दिया। उधर छत्तीसगढ़ में एक समाज ने शादी में जूता छिपाने की रस्म पर बैन लगा दिया। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
मेक्सिको- ड्रग माफिया की मौत से 20 राज्यों में हिंसा:समर्थकों ने 20 बैंक फूंके, 32 मौतें, इनमें 25 सैनिक; रॉकेट लॉन्चर-हथियारों का जखीरा जब्त

मेक्सिको में ड्रग माफिया सरगना एल मेंचो की मौत के बाद सोमवार को भी हिंसक प्रदर्शन हुए। BBC के मुताबिक मेंचो के समर्थकों ने 20 राज्यों में हिंसा फैला दी है। कई जगह रोडब्लॉक लगाए गए, गाड़ियों और 20 से अधिक सरकारी बैंक शाखाओं में आग लगा दी गई। जालिस्को में लॉकडाउन के हालात हैं। ये शहर फीफा 2026 के मेजबान शहरों में शामिल है। अलग-अलग शहरों में कम से कम 32 मौतें हुईं हैं, जिसमें 25 सैनिक शामिल है। ऑपरेशन के दौरान सेना ने बख्तरबंद गाड़ियां और रॉकेट लॉन्चर सहित बड़ी संख्या में हथियार जब्त किए। दरअसल, मेक्सिको में सेना ने रविवार को एक ऑपरेशन चलाकर देश के सबसे बड़े ड्रग माफिया सरगना एल मेंचो को मार गिराया। सेना के ऑपरेशन के दौरान वह घायल हो गया था। उसे एयरलिफ्ट कर मेक्सिको सिटी ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। इस ऑपरेशन में मेंचो के अलावा दूसरे 9 अपराधी भी मारे गए। हिंसा की 6 तस्वीरें… 136 करोड़ रुपए का इनामी था मेंचो न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक एल मेंचो, जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) का लीडर था। जलिस्को कार्टेल मेक्सिको में ड्रग्स बनाने और बेचने, स्थानीय कारोबारियों से वसूली करने और कई इलाकों में लोगों को डराकर रखने के लिए कुख्यात रहा है। इस कार्टेल की मौजूदगी अमेरिका के 50 राज्यों में है। अमेरिकी सरकार ने अल मेंचो के ऊपर 136 करोड़ रुपए का इनाम रखा था। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प काफी समय से मेक्सिको पर एल मेंचो पर एक्शन लेने का दबाव बना रहे थे। पहले भी ऐसी हिंसक घटनाएं हुईं मेक्सिको में पहले भी जब किसी बड़े कार्टेल नेता को पकड़ा गया या मारा गया है, तब सरकार और कार्टेल के बीच हिंसक टकराव हुआ है। कई बार गिरोह के अंदर ही सत्ता की लड़ाई छिड़ जाती है, जिससे हालात और बिगड़ जाते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि एल मेंचो की मौत से पहले 2016 में सिनाओला कार्टेल के सरगना एल चापो की गिरफ्तारी और 2024 में अल मायो की गिरफ्तारी के वक्त भी देश में ऐसा ही हुआ था। 2019 में जब अल चापो के बेटे ओविदियो गुजमान को पकड़ा गया था, तब उसके गुर्गों ने कुलियाकान शहर को घंटों तक बंधक बना लिया था और सरकार को उसे छोड़ना पड़ा था। इसलिए अब भी डर है कि हालात और बिगड़ सकते हैं। अब यह इस बात पर निर्भर करेगा कि जालिस्को कार्टेल के पास नया नेता साफ तौर पर तय है या नहीं। अगर अंदरूनी लड़ाई शुरू हुई तो खून-खराबा और बढ़ सकता है। मेक्सिको पर एक्शन लेने को दबाव बना रहे थे ट्रम्प जालिस्को कार्टेल (CJNG) कार्टेल 2009 में बना था। एल मेंचो की लीडरशिप में यह मेक्सिको का सबसे बड़ा ड्रग नेटवर्क बन गया था। यह कोकीन, मेथामफेटामिन और हाल के वर्षों में फेंटानिल जैसी सिंथेटिक ड्रग्स अमेरिका भेजता था। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक मेंचों की मौत से मेक्सिको और अमेरिका के रिश्तों में सुधार हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प मेक्सिको पर दबाव बना रहे थे कि वह कार्टेल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि अगर सख्त कदम नहीं उठाए गए तो वह सैन्य कार्रवाई पर भी विचार कर सकते हैं। इसी साल फरवरी में ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन ने कार्टेल को विदेशी टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशन घोषित किया। मेक्सिको सरकार ने साफ कहा है कि अमेरिकी हमले से देश की संप्रभुता का उल्लंघन होगा, लेकिन खुफिया जानकारी के स्तर पर दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ा है। मेक्सिको से अमेरिका में होती है ड्रग तस्करी मेक्सिको दुनिया के सबसे बड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क का गढ़ माना जाता है, जहां से कोकीन, हेरोइन, मेथ और फेंटेनाइल जैसे बेहद खतरनाक ड्रग अमेरिका तक पहुंचते हैं। अमेरिकी एजेंसियों के मुताबिक देश में ड्रग्स की सबसे बड़ी सप्लाई मेक्सिकन कार्टेल्स के जरिए होती है। अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा ड्रग मार्केट है। हर साल लाखों लोग नशे की लत के शिकार होते हैं और फेंटेनाइल जैसी दवाओं से हजारों मौतें होती हैं। अमेरिकी सरकार पर लगातार दबाव रहता है कि ड्रग तस्करी पर सख्त कदम उठाए जाएं और इसी वजह से उसकी नजर मेक्सिको में मौजूद कार्टेल्स पर रहती है। दूसरी तरफ, कार्टेल्स मेक्सिको में इतने शक्तिशाली बन चुके हैं कि कई इलाकों में वे पुलिस और सरकार को चुनौती देते हैं। हथियारबंद गिरोह, धमकी, भ्रष्टाचार और हिंसा के चलते स्थानीय प्रशासन भी कई बार उन्हें रोक नहीं पाता। कई कार्टेल्स तो अपने को शेडो गवर्नमेंट की तरह चलाते हैं। ट्रम्प भी ड्रग कार्टेल को खत्म करने की धमकी दे चुके वेनेजुएला पर कार्रवाई के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने धमकी देते हुए कहा कि उनका प्रशासन जल्द ही जमीन पर मौजूद ड्रग कार्टेल को निशाना बनाने के लिए कार्रवाई शुरू करेगा। ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में दावा किया था कि मेक्सिको पर ड्रग कार्टेल का कब्जा है। यह अमेरिका में हर साल 2.5 लाख से 3 लाख लोगों की मौत का कारण बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि समुद्र के रास्ते से ड्रग्स की तस्करी को 97% तक रोक दिया है, इसलिए अब जमीन पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, उन्होंने योजनाओं के बारे में और कोई जानकारी नहीं दी। मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लॉडिया शीनबॉम ने ट्रम्प के बयानों का कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने मादुरो की गिरफ्तारी के बाद कहा कि अमेरिका किसी भी क्षेत्र का मालिक नहीं है। न्यू जेनरेशन कार्टेल के पास मशीन गन, टैंक भी मौजूद द गार्डियन की एक रिपोर्ट के अनुसार मेक्सिको के सबसे बड़े सिनालोआ कार्टेल के पास 600 से ज्यादा विमान और हेलिकॉप्टर हैं। ये संख्या मेक्सिको की सबसे बड़ी एयरलाइंस एयरो मेक्सिको से पांच गुना ज्यादा है। कार्टेल्स अब ड्रोन और आर्मर्ड व्हीकल्स पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं। जैसे जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (CJNG) के पास मशीन गन, टैंक और बॉडी आर्मर से लैस ग्रुप्स हैं। कुल मिलाकर, कार्टेल्स की प्राइवेट सेना या मेंबर्स की संख्या 2022-2023 में 160,000 से 185,000 अनुमानित थी, जो मेक्सिको में पांचवीं सबसे बड़ी एम्प्लॉयर बनाती है मेक्सिको गृह मंत्रालय की 2022 की रिपोर्ट के अनुसार कार्टेल के पास एके-47 और एम-80 जैसे असॉल्ट राइफलों का जखीरा है। हर साल सुरक्षा एजेंसियों के द्वारा ड्रग







