मां के सामने 70 फीट गहरे बोरवेल में गिरा बच्चा:उज्जैन के बड़नगर में रेस्क्यू जारी; परिवार के साथ राजस्थान से आया था

उज्जैन से करीब 75 किमी दूर बड़नगर के पास झालरिया गांव में 3 साल का मासूम बच्चा बोरवेल में गिर गया है। बच्चा करीब 70 फीट गहराई में फंसा हुआ है। घटना गुरुवार रात करीब 8 बजे की बताई जा रही है। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ समेत रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गई है। राहत-बचाव कार्य जारी है। बोरवेल में कैमरा डालकर बच्चे की लगातार निगरानी की जा रही है और उससे संपर्क बनाने की कोशिश की जा रही है। स्थानीय ग्रामीण भी रेस्क्यू ऑपरेशन में सहयोग कर रहे हैं। भेड़ चराने के लिए आया था परिवार कलेक्टर के मुताबिक, बच्चा भागीरथ (3) पिता प्रवीण देवासी, निवासी गुड़ानला (जिला पाली, राजस्थान) है। परिवार पिछले तीन दिनों से क्षेत्र में भेड़ चराने के लिए रुका हुआ था। इसी दौरान बच्चा खेलते-खेलते पलदूना रोड स्थित खुले बोरवेल में गिर गया। थाना प्रभारी अशोक कुमार पाटीदार ने बताया कि बोरवेल में गिरने वाला 3 वर्षीय मासूम भागीरथ, पिता प्रवीण देवासी, ग्राम गुडानला, जिला पाली (राजस्थान) का रहने वाला है। बच्चे की मां ने उसे बोरवेल में गिरते हुए देखा। दौड़कर बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बच्चा गहराई में समा चुका था। उज्जैन कलेक्टर और SP मौके के लिए रवाना उज्जैन कलेक्टर रौशन सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा भी मौके के लिए रवाना हो गए हैं। एसडीएम धीरेन्द्र पाराशर, एसडीओपी एम.एस. परमार और बड़नगर पुलिस का अमला घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। देखिए तस्वीरें
मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 में आग:रनवे एरिया से धुआं उठा, गेट बंद किए; कुछ उड़ानें रोकी गईं

मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 के पास में गुरुवार शाम आग लग गई। आग लगने के बाद तुरंत फायर ब्रिगेड और इमरजेंसी टीमों को मौके पर पहुंची। उन्होंने कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया। इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। एयरपोर्ट प्रवक्ता के मुताबिक, आग शाम 6:10 बजे लगी। शुरुआती जांट में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। रनवे एरिया से धुआं उठने के बाद एहतियात के तौर पर एयरपोर्ट के गेट बंद किए गए, जिससे यात्रियों की लाइन लग गई। टर्मिनल-1 की कुछ फ्लाइट एहतियात के तौर पर रोकी गईं। अधिकारियों ने आग को मामूली बताया है। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। आग से जुड़ी तीन तस्वीरें…
हल्का बदलने से किसान को कम मिला मुआवजा:बैतूल उपभोक्ता आयोग ने ब्याज और क्षतिपूर्ति सहित राशि लौटाने के निर्देश दिया

बैतूल उपभोक्ता आयोग ने गुरुवार को किसानों के पक्ष में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने बैंकों को फसल बीमा राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया है। यह मामला किसानों के पटवारी हल्का बदलने से संबंधित है, जिसके कारण उन्हें वास्तविक नुकसान के बावजूद पूरी बीमा राशि नहीं मिल पाई थी। भारतीय स्टेट बैंक मुलताई और जिला सहकारी बैंक भैंसदेही पर आरोप था कि उन्होंने किसानों की कृषि भूमि के पटवारी हल्के को गलत तरीके से बदल दिया। इस त्रुटि के कारण मुलताई तहसील के ग्राम सांदिया निवासी किसान युवराज पिता प्यारे लाल रघुवंशी और भैंसदेही तहसील के ग्राम बोरगांव डैम निवासी किसान लालूसम पिता देवराव नांवों को फसल बीमा का पूरा लाभ नहीं मिल सका। किसानों का नुकसान कम दर्शाया गया था उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष विजय कुमार पाण्डेय और सदस्य चन्द्रशेखर माकोड़े ने मामले की सुनवाई की। उन्होंने पाया कि हल्का परिवर्तन के कारण किसानों का नुकसान कम दर्शाया गया, जिससे उनकी बीमा राशि में कटौती हुई। आयोग ने इसे गंभीर त्रुटि मानते हुए बैंकों को शेष बीमा राशि का भुगतान करने का आदेश दिया। एडवोकेट दिनेश यादव ने बताया कि सांदिया गांव के किसान की भूमि पर 75.15 प्रतिशत नुकसान दर्ज था, लेकिन हल्का बदलने के कारण इसे केवल 48.14 प्रतिशत माना गया। किसान को 1 लाख 58 हजार 961 रुपए मिलने थे, जबकि उसे केवल 1 लाख 1 हजार 846 रुपए दिए गए। आयोग के आदेश के बाद अब उसे शेष 57,125 रुपए के साथ 10 हजार रुपए मानसिक क्षतिपूर्ति और 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज का भुगतान किया जाएगा। ‘सेवा में कमी’ की श्रेणी में माना इसी प्रकार, भैंसदेही क्षेत्र के बोरगांव डैम के किसान को भी बीमा राशि नहीं मिली थी। आयोग ने बैंक को उसे 59 हजार रुपए 6 प्रतिशत ब्याज सहित भुगतान करने का निर्देश दिया है। आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि किसानों के साथ इस तरह की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। आयोग ने यह भी कहा कि गलत हल्का दर्ज कर बीमा भुगतान में कमी करना ‘सेवा में कमी’ की श्रेणी में आता है। इस फैसले से जिले के अन्य प्रभावित किसानों को भी राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके साथ इसी तरह की समस्या हुई होगी।
बीजेपी से 1000 करोड़ के कथित घोटालेबाज पर हुमायूँ कबीर की पहली प्रतिक्रिया, ममता बनर्जी ने लगाया ये आरोप

कांग्रेस से अलग अपनी पार्टी बनाने वाले हुमायूँ कबीर का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर आज गुरुवार (9 अप्रैल 2026) को सामने आया और पश्चिम बंगाल में राजनीतिक विवाद पैदा हो गया। वीडियो में वह बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से संबंध रखते हुए और चुनावी मैदान में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाते हुए कथित तौर पर दावा करते नजर आ रहे हैं। विपक्ष ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में नामांकन के नेता शुभेंदु अधिकारी, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के साथ मिलकर कबीर की सहयोगी पार्टी से जांच की मांग की। स्टिंग ऑपरेशन AI से बनाया गया: हुमायूँ कबीर आम जनता पार्टी (एजेयूपी) के अध्यक्ष हुमायूँ कबीर ने कहा, ‘यह वीडियो पूरी तरह से एआई के माध्यम से बनाया गया है। पारंपरिक कांग्रेस राजनीतिक रूप से मेरा सामना नहीं कर पा रही है। टीएमसी मेरे और मेरे राजनीतिक दल से डर गई है। असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ जो गठबंधन हुआ है, वह भी डर गया है इसलिए मेरे एआई वीडियो को फैलाया जा रहा है। हुमायूं कबीर ने टीएमसी को दी चुनौती उन्होंने कहा, ‘अगर उनमें ताकत है तो साबित करें कि मेरे रिश्तेदार बीजेपी नेताओं के साथ मिले हैं, कोई संतगांठ हुआ है।’ अगर साबित कर दूं तो मैं मान लूंगा। अगर साबित नहीं किया जा सका तो न्यूट्रिशनल घोष, बॉबी हाकिम, ममता बनर्जी और अभिमन्यु के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा और उन्हें सजा दिलवा दी जाएगी। एआई वीडियो में पूरे मुस्लिम समाज का अपमान करने और उन्हें नग्न करने की कोशिश की गई है। मुस्लिम वोट ममता बनर्जी से दूर हो गया है। हुमायूँ कबीर के समर्थन में आज मुस्लिम बोल रहे हैं इसलिए डरकर उनकी ऐसी साजिश रची जा रही है।’ टीएमसी ने कहा कि बीजेपी 1000 करोड़ की डील करेगी हुमायूँ कबीर ने कहा, ‘स्टिंग ऑपरेशन में तो बॉबी हाकिम को पैसे लेते देखा गया था, उसका क्या हुआ? अगर सही है तो प्रमाणिक संकेत. यह प्रतीक जैन और अभिषेक एनबीए का खेल है, तरह-तरह की साजिशें की जा रही हैं। तीन भी कोशिश कर लें, बच नहीं पाएंगे। ‘एआई वीडियो में शामिल हुमायूँ कबीर को बदनाम नहीं किया जा सकता और न ही उन्हें ‘नाराज़ी’ से दूर किया जा सकता है।’ वीडियो में कथित तौर पर कहा गया है कि कबीर पर यह भी नजर आ रही है कि उनकी रणनीति स्टूडियो कांग्रेस से अल्पसंख्यक समूहों को अपने पक्ष में करने के लिए गुट-गिरफ्तार है। वीडियो में, उन्होंने कथित तौर पर योजना को 1,000 करोड़ रुपये के सौदे के रूप में 200 करोड़ रुपये की प्राप्ति का ज़िक्र किया है। ये भी पढ़ें: असम के मोहरे में बेहद ही शानदार तस्वीर, एक साथ गोगोई-गोस्वामी ने चाय पर की चर्चा
ऑनलाइन गेमिंग लिंक से 2.62 लाख ठगी का पर्दाफाश:शिवपुरी पुलिस ने दो आरोपियों को झारखंड से गिरफ्तार किया

शिवपुरी पुलिस ने गुरुवार को ऑनलाइन ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा कर झारखंड से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। करैरा निवासी श्याम कुमार गुप्ता ने 12 जनवरी 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अज्ञात आरोपियों ने उनके खाते से 2 लाख 62 हजार रुपए निकाल लिए थे। करैरा थाना प्रभारी विनोद छावई ने बताया कि इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। एक टीम गठित कर मामले की जांच की गई। जांच के दौरान, पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों का उपयोग करते हुए आरोपियों का पता लगाया और झारखंड से बेदांत गुप्ता (20) और गौरव मेहता (20) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में, आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर ठगी की इस वारदात को अंजाम दिया था और ठगी गई रकम को विभिन्न बैंक खातों में स्थानांतरित कर दिया था। बैंक खातों को होल्ड करवा दिया पुलिस ने साइबर सेल की सहायता से उन बैंक खातों को होल्ड करवा दिया है, जिनमें ठगी की रकम स्थानांतरित की गई थी। जांच से यह भी पता चला है कि इस गिरोह के अन्य सदस्य महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में सक्रिय हैं। पुलिस के अनुसार, ठगी की यह वारदात ऑनलाइन गेमिंग लिंक के माध्यम से की गई थी। फरियादी द्वारा लिंक पर क्लिक करते ही, आरोपियों को उनके बैंक खाते तक पहुंच मिल गई और उन्होंने पूरी रकम निकाल ली। गिरफ्तार किए गए आरोपी कमीशन एजेंट के तौर पर काम करते थे। वे ठगी की रकम में से अपना कमीशन काटकर शेष राशि महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में बैठे गिरोह के सरगना को भेज देते थे। फिलहाल, पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और जल्द ही अन्य राज्यों में दबिश देकर गिरोह के मुख्य सरगनाओं को गिरफ्तार करने की तैयारी में है।
5 साल के बच्चे का वजन सिर्फ 5.5 किलो:SAM रोग से जूझ रहा था; भोपाल एम्स में लाइफ-सेविंग ट्रीटमेंट से मिली नई जिंदगी

भोपाल में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने कुपोषण की गंभीरता को फिर उजागर कर दिया। 5 साल का बच्चा, जिसका वजन महज 5.5 किलो था, गंभीर तीव्र कुपोषण (SAM) से जूझ रहा था। हालत इतनी खराब थी कि बच्चा खाना तक नहीं खा पा रहा था और शरीर में पानी की भी कमी हो गई थी। उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कर 10 दिन तक लाइफ सेविंग ट्रीटमेंट दिया गया। डॉक्टरों की टीम की निगरानी और विशेष पोषण आहार की मदद से बच्चे की हालत में सुधार हुआ और उसे नई जिंदगी मिल सकी। भोपाल एम्स में 58 माह के इस बच्चे को अत्यधिक कमजोरी, उल्टी, खाना न खाने और पेशाब कम होने की शिकायत के साथ लाया गया था। जांच में सामने आया कि बच्चा गंभीर तीव्र कुपोषण (SAM) का शिकार है। उसका वजन केवल 5.5 किलोग्राम था, जबकि इस उम्र में सामान्य वजन करीब 18 किलोग्राम होना चाहिए। इसके साथ ही बच्चे को एनीमिया, शरीर में पानी की कमी और विटामिन D की कमी जैसी समस्याएं भी थीं। PICU में शुरू हुआ लाइफ सेविंग ट्रीटमेंट बच्चे की हालत को देखते हुए उसे तुरंत पीआईसीयू (बाल गहन चिकित्सा इकाई) में भर्ती किया गया। यहां डॉक्टरों ने लगातार निगरानी में इलाज शुरू किया। SAM प्रोटोकॉल के तहत उसे विशेष पोषण आहार F-75 और F-100 दिया गया, जिससे धीरे-धीरे उसकी स्थिति स्थिर हुई। इसके बाद ऐसा डाइट प्लान तैयार किया गया, जिसे घर पर भी जारी रखा जा सके। 10 दिन में दिखा असर, बढ़ा वजन करीब 10 दिनों के इलाज के बाद बच्चे की हालत में सुधार दिखने लगा। उसका वजन बढ़कर 6.06 किलोग्राम हो गया और वह सामान्य रूप से खाना लेने लगा। डिस्चार्ज के समय डॉक्टरों ने परिजनों को नियमित फॉलो-अप, संतुलित आहार और बच्चे की ग्रोथ पर नजर रखने की सलाह दी। एक महीने में और सुधार इलाज के एक महीने बाद जब बच्चे की दोबारा जांच की गई, तो उसका वजन बढ़कर 7.8 किलोग्राम हो गया था। डॉक्टरों के मुताबिक, यह सुधार इस बात का संकेत है कि सही समय पर इलाज और पोषण मिलने से गंभीर कुपोषण को भी नियंत्रित किया जा सकता है। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने बच्चे के माता-पिता को भी प्रशिक्षित किया। उन्हें बताया गया कि घर पर किस तरह से उच्च कैलोरी और संतुलित आहार तैयार करें और बच्चे को सही तरीके से खिलाएं। इससे बच्चे के लंबे समय तक स्वस्थ रहने की संभावना बढ़ जाती है। कुपोषण को हल्के में न लें विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बच्चे का वजन उम्र के अनुसार नहीं बढ़ रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कुपोषण केवल शरीर को कमजोर नहीं करता, बल्कि मानसिक और बौद्धिक विकास पर भी असर डालता है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि अभिभावक नियमित रूप से बच्चों का वजन जांचते रहें और जरूरत पड़ने पर आंगनवाड़ी या स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
प्रभसिमरन सिंह बोले- 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम से युवाओं को फायदा:टीम इंडिया में एंट्री के लिए ज्यादा मेहनत करनी होगी

IPL में पंजाब किंग्स (PBKS) के ओपनिंग बैटर प्रभसिमरन सिंह ने ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम का समर्थन किया है। जहां कई सीनियर प्लेयर्स इस नियम को खराब बता चुके हैं, वहीं 25 साल के प्रभसिमरन इसे युवाओं के लिए एक बड़े मौके के रूप में देखते हैं। उनका मानना है कि इस नियम की वजह से अब टीमें 250 से ज्यादा का स्कोर आसानी से बना रही हैं। 4 साल बाहर बैठा, अब मौके ज्यादा प्रभसिमरन ने कहा, “एक युवा खिलाड़ी के तौर पर मैं इसे मौका मानता हूं। मुझे IPL में आए 8 साल हो गए हैं, लेकिन शुरुआती 4 साल मुझे मौके नहीं मिले। मैं बाहर बैठकर सोचता था कि टीम में कैसे जगह बनाऊं। ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ की वजह से अब मौके बढ़ गए हैं। हालांकि कुछ लोग इसे पसंद नहीं करते, क्योंकि इससे जोखिम भरा क्रिकेट बढ़ गया है, लेकिन इससे बैटिंग में गहराई आती है।” श्रेयस अय्यर को बताया ‘बेस्ट कैप्टन’ पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर की तारीफ करते हुए प्रभसिमरन ने कहा कि अय्यर ने उन्हें ‘सीनियर प्लेयर’ जैसा सम्मान दिया है। वे खिलाड़ियों को फ्रीडम देते हैं। अगर आप फ्लॉप भी हों, तो वे पास आकर तनाव दूर करते हैं। कोच और कप्तान की ओर से साफ मैसेज है कि पावरप्ले में अटैकिंग खेलना है। अब 170-180 का जमाना गया, अब नजरें 250+ स्कोर पर रहती हैं। अभिषेक शर्मा से ‘हेल्दी कॉम्पिटिशन’ टीम इंडिया में जगह बनाने को लेकर उन्होंने कहा, “कॉम्पिटशन बहुत ज्यादा है। सिर्फ अच्छा करना काफी नहीं है, आपको कुछ ‘एक्स्ट्रा’ करना होगा। मेरे पंजाब के साथी अभिषेक शर्मा भारतीय टीम में खेल रहे हैं, यह मेरे लिए मोटिवेशन है। जब भी मेरा चयन नहीं होता, मैं समझ जाता हूं कि मेरी मेहनत अभी कम है और मुझे और बेहतर करना है।” विकेटकीपर के तौर पर निभा रहे हैं लीडरशिप प्रभसिमरन ने बताया कि वे खुद को टीम के लीडरशिप ग्रुप का हिस्सा मानते हैं। उन्होंने कहा, “विकेट के पीछे से मैच का सबसे अच्छा व्यू मिलता है। जब कप्तान बाउंड्री पर होता है और शोर ज्यादा होता है, तब मैं फील्डिंग एंगल और गेंदबाजों से बातचीत की जिम्मेदारी संभालता हूं। घरेलू क्रिकेट में कप्तानी करने का अनुभव यहां काम आ रहा है।” 1 शतक लगा चुके हैं प्रभसिमरन प्रभसिमरन ने 2019 में पंजाब के लिए IPL डेब्यू किया था। 2022 तक वे 6 मैच ही खेल सके। 2023 में पूरा सीजन खेला और एक शतक लगाकर 358 रन बना दिए। अगले सीजन 334 और पिछले सीजन 549 रन बनाए। तीनों सीजन स्ट्राइक रेट 150 से ज्यादा का रहा। इस सीजन 3 मैचों में 80 रन बना चुके हैं।
क्या है औषधीय गुणों वाला ‘वासा’ का पौधा? गले से लेकर सांस जैसी समस्या से दिलाता निजात, जानिए आयुर्वेदिक फायदे

Last Updated:April 09, 2026, 18:06 IST Health News: अक्सर लोग सिरदर्द, आंखों की समस्या से परेशान रहते हैं. इसके लिए आयुर्वेद में कई इलाज बताए गए हैं. आज आपको ऐसे ही एक पौधे के बारे में बताने वाले हैं, जिसे सेहत का खजाना माना जाता है. आइए इसके आयुर्वेदिक फायदे आपको बताते हैं. लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में कई ऐसे पौधे पाए जाते हैं, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं. लेकिन कई बार लोगों को इसकी जानकारी नहीं होती है. जानकारी के अभाव के कारण पौधों को बेकार समझकर फेंक देते हैं, लेकिन प्राकृतिक जड़ी-बूटियां में हर मर्ज की दवा छिपी होती है. ऐसा ही एक औषधि पौधा है वासा, जिसे कुछ लोग अडूसा के नाम से भी जानते हैं. वासा कई बीमारियों के लिए रामबाण होता है. हम बात कर रहे हैं वासा पौधे की, जिसे वैज्ञानिक नाम जस्टिसिया अधाटोडा है. इंग्लिश में इसे मालाबार नट के नाम से जाना जाता है. ग्रामीण क्षेत्रों में इस पौधे को लोग रूस भी कहते हैं. इसकी पत्तियां जड़, फूल और फल कई बीमारियों के लिए रामबाण होते हैं. वासा में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर को कई बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं. इन समस्याओं से मिलता निजातलोकल 18 से बातचीत करते हुए राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय की डॉक्टर ऋचा श्रीवास्तव ने बताया कि वासा का इस्तेमाल खांसी-जुकाम के इलाज के लिए किया जाता है. कई बार गले में खराश के कारण गले में दर्द होने लगता है, जिसके साथ-साथ सिर दर्द, आंखों की बीमारियों, पाइल्स और कई बीमारियों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी वासा का प्रयोग करते हैं. दांतों के दर्द की समस्या से भी छुटकारा मिल सकता है. अगर आपके दांतों में दर्द होता है, तो वासा की लकड़ी का दातुन करने के साथ ही पत्तों का काढ़े से कुल्ला करने से दांतों के दर्द से राहत मिल सकती है. सूजन जैसी समस्या से छुटकाराश्वास संबंधी बीमारियों में भी वासा बहुत उपयोगी है. इसके पत्तों का रस शहद के साथ लेने से सूखी खांसी और सांस फूलने की समस्या दूर होती है. वासा के सूखे फूलों का चूर्ण गुड़ के साथ खाने से सिर दर्द गायब हो जाता है. इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण जोड़ों के दर्द को कम करने में सहायक हैं. अगर आपके शरीर में सूजन की समस्या आ गई है और सूजन की समस्या से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो वासा की पत्तियों का सुबह खाली पेट काढ़ा बनाकर पीने से धीरे-धीरे सूजन जैसी समस्या से भी आपको छुटकारा मिल जाएगा. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Lakhimpur,Kheri,Uttar Pradesh First Published : April 09, 2026, 18:06 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
राजस्थानी केरी अचार रेसिपी: घर पर बनाएं राजस्थान की खास केरी अचार, 1 साल से भी ज्यादा कीमत; नोट करें रेसिपी

राजस्थानी केरी अचार रेसिपी: राजस्थान में लोग अक्सर चटपटा और तीखा खाना पसंद करते हैं। इतना ही नहीं, राजस्थानी थाली का स्वाद तब तक अधूरा है, जब तक केरी का अचार न हो। राजस्थान में इस अचार को बनाने का तरीका थोड़ा सा अलग और खट्टा है। खास बात यह है कि आप इस आचार्य को पिछले साल तक बता सकते हैं। यह बुरा नहीं है. आइये आपको राजस्थान की केरी अचार बनाने के तरीके के बारे में बताते हैं। राजस्थानी केरी अचार बनाने की सामग्री के लिए कच्ची आम केरीहल्दी का तेलसौंफमेथी दानाकलौंजीहल्दी पाउडरलाल मिर्च पाउडरहींगनमक सबसे पहले केरी को अच्छी तरह धोकर सुखा लें। अब ऐसे ही छोटे नमूने में कट लें। एक बड़ी पोथी में कटी हुई केरी, हल्की हल्दी और नमक लगभग 5-6 घंटे के लिए छोड़ दें। इससे केरी अपना पानी छोड़ो देवी। इसके बाद पानी अच्छा लें और केरी के मिश्रण को पंजाब के नीचे या हल्की धूप में 2-3 घंटे के लिए सुखाएं। ध्यान रहे, बिल्कुल नहीं रहना चाहिए।एक मिठाई में मेथी दाना और सौंफ को पेंटिंग सा भून लें। अब एक बड़े पोयस्टोर में दरदरी सौंफ, मेथी, कलौंजी, हल्दी, लाल मिर्च, हींग और नमक को एक साथ मिला लें।सरसों के तेल को एक कड़ाही में तब तक गर्म करें जब तक इसमें से धुआं ना निकले। इसके बाद गैस बंद हो गई और तेल में खराबी आ गई। बिल्कुल गर्म तेल में मोनोजल हो सकता है।जब तेल गुनगुना हो जाए, तो इसमें तैयार किए गए मूल उत्पाद शामिल हैं। अब इस मिश्रण में सुखी हुई केरी के टुकड़े शामिल हैं और अच्छी तरह से बनाए गए हैं ताकि हर टुकड़े पर ठोस की कोटिंग हो जाए। 1 साल से ज्यादा की कीमत ‘सीक्रेट टिप्स’ अचार को कांच या चीनी मिट्टी के जार में भरें। जार में अचार को दबा-दबा कर भरा और ऊपर से इतना उपयोग तेल डाला कि अचार पूरी तरह डूब जाए। तेल आचार्य के लिए ‘सुरक्षा कवच’ का काम करता है।आचार रखने के लिए प्लास्टिक का उपयोग न करें। जार को गर्म पानी से धोकर धूप में सुखाना चाहिए ताकि कोई खरीदारी न हो।आचार विचार समय हमेशा आकर्षक का उपयोग करें। सिद्धांत ही है आचार्य के सबसे बड़े दुश्मन।अचार के विज्ञापन के बाद जार के मुंह पर सूती फैब्रिक के टुकड़े उसे 4-5 दिन से लेकर रोज 2-3 घंटे की धूप तक सुनाते हैं। इसी प्रकार अच्छे प्रकार के पाक मिलते हैं।
आम खाने के कितनी देर बाद पिएं पानी? डॉक्टर ने बताया पाचन से जुड़ा वो सच जिसे 90% लोग नहीं जानते होंगे!

Last Updated:April 09, 2026, 17:20 IST लोगों को गर्मी का मौसम बहुत पसंद होता है और इसकी एक अच्छी वजह भी है क्योंकि यह अपने साथ आमों का स्वादिष्ट स्वाद लेकर आता है. हालांकि, आम खाने को लेकर कई तरह की मान्यताएं और धारणाएं प्रचलित हैं. बड़े-बुज़ुर्ग अक्सर आम खाने के तुरंत बाद पानी न पीने की सलाह देते हैं, और चेतावनी देते हैं कि ऐसा करने से पेट में दर्द हो सकता है. How appropriate is it to drink water immediately after eating mango in summer : गर्मी का मौसम आते ही सबसे पहले हमें आम याद आते हैं. बाजार में आम देखकर ही कई लोगों के मुंह में पानी आ जाता है. आम सिर्फ स्वादिष्ट नहीं होते, बल्कि शरीर को जरूरी विटामिन, मिनरल्स और फाइबर भी देते हैं. लेकिन बचपन से ही हम सुनते आए हैं कि आम खाने के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए. ये सिर्फ एक पुरानी मान्यता नहीं है, इसके पीछे सेहत से जुड़ी वजहें भी हैं. ऋषिकेश के आयुष डॉक्टर राज कुमार के अनुसार आम शरीर में गर्मी बढ़ाने वाला फल है. आम खाने के बाद हमारी पाचन प्रणाली इसे पचाने के लिए काम करना शुरू करती है. इस समय अगर तुरंत ठंडा पानी पी लिया जाए तो पेट की गर्मी अचानक कम हो जाती है. इससे पाचन प्रक्रिया धीमी हो जाती है. इससे आम ठीक से पच नहीं पाता और गैस, फुलावट, एसिडिटी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. कुछ लोगों को पेट भारी लगना या असहज महसूस होना भी हो सकता है. इसलिए एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि आम खाने के बाद तुरंत पानी न पीएं, कम से कम 20 से 30 मिनट का गैप रखें. Add News18 as Preferred Source on Google इस समय शरीर खाना पचाना शुरू करता है. उसके बाद पानी पीने से कोई समस्या नहीं होती. साथ ही बहुत ठंडा पानी नहीं बल्कि कमरे के तापमान वाला या गुनगुना पानी पीना अच्छा होता है. इससे पाचन आसान रहता है. एक और जरूरी बात यह है कि आम खाने से पहले थोड़ी देर पानी में भिगोना चाहिए. हमारे बड़े लोग इस तरीके को अपनाने के पीछे वजह है. आम को पानी में भिगोने से उसमें मौजूद बाहरी गर्मी कम हो जाती है. साथ ही फल में मौजूद कुछ प्राकृतिक रसायन भी कम हो जाते हैं. ये कुछ लोगों को एलर्जी या शरीर में गर्मी बढ़ने का कारण बन सकते हैं. भिगोए हुए आम खाने से वे आसानी से पच जाते हैं. आम फल सेहत के लिए बहुत अच्छे हैं. लेकिन इन्हें सही तरीके से खाना भी उतना ही जरूरी है. अगर थोड़ी सावधानी बरती जाए तो बिना किसी परेशानी के इस स्वादिष्ट फल का मजा लिया जा सकता है. First Published : April 09, 2026, 17:01 IST









