Monday, 25 May 2026 | 01:30 PM

Trending :

कर्नाटक स्विच ऑन कार्ड? अटकलें तेज, कांग्रेस नेतृत्व ने सिद्धारमैया को दिल्ली बुलाया | भारत समाचार फ्लॉप का डर, अक्षय कुमार ने लिया भोजपुरी का सहारा:वल्गर लिरिक्स वाले गाने के बोल- रगड़के नहला देब साबुन से, ऐसे ही गाने से फंसे नोरा-संजय फ्लॉप का डर, अक्षय कुमार ने लिया भोजपुरी का सहारा:वल्गर लिरिक्स वाले गाने के बोल- रगड़के नहला देब साबुन से, ऐसे ही गाने से फंसे नोरा-संजय चांदी ₹3,754 बढ़कर ₹2.70 लाख किलो हुई:इस साल ₹39 हजार महंगी हो चुकी; सोना ₹505 बढ़ा, 10 ग्राम की कीमत ₹1.59 लाख चांदी ₹3,754 बढ़कर ₹2.70 लाख किलो हुई:इस साल ₹39 हजार महंगी हो चुकी; सोना ₹505 बढ़ा, 10 ग्राम की कीमत ₹1.59 लाख सत्तू-चिया सीड ड्रिंक रेसिपी: चिलचिलाती गर्मी में पेट को रहेगा कूल और शरीर को स्वादिष्ट, नोट करें सत्तू-चिया सीड की ये आसान रेसिपी
EXCLUSIVE

हल्का बदलने से किसान को कम मिला मुआवजा:बैतूल उपभोक्ता आयोग ने ब्याज और क्षतिपूर्ति सहित राशि लौटाने के निर्देश दिया

हल्का बदलने से किसान को कम मिला मुआवजा:बैतूल उपभोक्ता आयोग ने ब्याज और क्षतिपूर्ति सहित राशि लौटाने के निर्देश दिया

बैतूल उपभोक्ता आयोग ने गुरुवार को किसानों के पक्ष में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने बैंकों को फसल बीमा राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया है। यह मामला किसानों के पटवारी हल्का बदलने से संबंधित है, जिसके कारण उन्हें वास्तविक नुकसान के बावजूद पूरी बीमा राशि नहीं मिल पाई थी। भारतीय स्टेट बैंक मुलताई और जिला सहकारी बैंक भैंसदेही पर आरोप था कि उन्होंने किसानों की कृषि भूमि के पटवारी हल्के को गलत तरीके से बदल दिया। इस त्रुटि के कारण मुलताई तहसील के ग्राम सांदिया निवासी किसान युवराज पिता प्यारे लाल रघुवंशी और भैंसदेही तहसील के ग्राम बोरगांव डैम निवासी किसान लालूसम पिता देवराव नांवों को फसल बीमा का पूरा लाभ नहीं मिल सका। किसानों का नुकसान कम दर्शाया गया था
उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष विजय कुमार पाण्डेय और सदस्य चन्द्रशेखर माकोड़े ने मामले की सुनवाई की। उन्होंने पाया कि हल्का परिवर्तन के कारण किसानों का नुकसान कम दर्शाया गया, जिससे उनकी बीमा राशि में कटौती हुई। आयोग ने इसे गंभीर त्रुटि मानते हुए बैंकों को शेष बीमा राशि का भुगतान करने का आदेश दिया। एडवोकेट दिनेश यादव ने बताया कि सांदिया गांव के किसान की भूमि पर 75.15 प्रतिशत नुकसान दर्ज था, लेकिन हल्का बदलने के कारण इसे केवल 48.14 प्रतिशत माना गया। किसान को 1 लाख 58 हजार 961 रुपए मिलने थे, जबकि उसे केवल 1 लाख 1 हजार 846 रुपए दिए गए। आयोग के आदेश के बाद अब उसे शेष 57,125 रुपए के साथ 10 हजार रुपए मानसिक क्षतिपूर्ति और 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज का भुगतान किया जाएगा। ‘सेवा में कमी’ की श्रेणी में माना
इसी प्रकार, भैंसदेही क्षेत्र के बोरगांव डैम के किसान को भी बीमा राशि नहीं मिली थी। आयोग ने बैंक को उसे 59 हजार रुपए 6 प्रतिशत ब्याज सहित भुगतान करने का निर्देश दिया है। आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि किसानों के साथ इस तरह की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। आयोग ने यह भी कहा कि गलत हल्का दर्ज कर बीमा भुगतान में कमी करना ‘सेवा में कमी’ की श्रेणी में आता है। इस फैसले से जिले के अन्य प्रभावित किसानों को भी राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके साथ इसी तरह की समस्या हुई होगी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
MP-राजस्थान समेत 7 राज्यों में मार्च में सर्दी लौटी:पारा 10°C तक गिरा, कोहरा छाया; बंगाल-ओडिशा में ओला-बारिश और आंधी चलने का अलर्ट

March 21, 2026/
5:00 am

मार्च का पहला पखवाड़ा सूखा रहा, कई राज्यों में लू चली और तापमान 42 डिग्री तक पहुंचा। लेकिन दूसरे पखवाड़े...

पहलवान बिस्वा शर्मा का बड़ा आरोप- 'कांग्रेस ने सोशल मीडिया ग्रुप से मिली जानकारी के आधार पर मेरी पत्नी पर लगाया आरोप'

April 6, 2026/
9:47 am

असम के मुख्यमंत्री हिमंत शर्मा विश्व ने अपने परिवार पर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने मेरी पत्नी के...

मुंबई से जैश के 2 आतंकी पकड़े गए:दिल्ली में आतंकी हमले की साजिश कर रहे थे, भारत विरोधी मिशन खिलाफत से जुड़े तार

April 5, 2026/
10:49 pm

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और महाराष्ट्र ATS ने मुंबई से जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकियों गिरफ्तार किया है। दोनों पर दिल्ली...

कर्नाटक में दो हाथियों की लड़ाई में पर्यटक की मौत:महिला हाथियों को नहाते देख रही थी, उनके नीचे दबी; बच्चे सहित दो लोग बाल-बाल बचे

May 18, 2026/
5:01 pm

कर्नाटक के कोडागु जिले स्थित डुबारे एलीफेंट कैंप में दो हाथियों की लड़ाई के दौरान एक महिला पर्यटक की मौत...

हिंदू धर्म में चोटी का कितना महत्व:शास्त्रों में गाय के खुर के बराबर रखने की परंपरा; चाणक्य ने ली थी शपथ

January 23, 2026/
5:33 am

हिंदू धर्म में चोटी (शिखा) का बहुत महत्व है। चोटी का धार्मिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक, तीनों महत्व माने गए हैं।...

माखनलाल सरकार, जिनसे मोदी ने आशीर्वाद लिया, फिर गले लगाया:74 साल पहले श्यामा प्रसाद मुखर्जी से जुड़े, कश्मीर में तिरंगा आंदोलन में जेल गए

May 9, 2026/
4:01 pm

पीएम नरेंद्र मोदी शनिवार को पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के शपथ समारोह में पहुंचे। कोलकाता में हुए कार्यक्रम में...

राजनीति

हल्का बदलने से किसान को कम मिला मुआवजा:बैतूल उपभोक्ता आयोग ने ब्याज और क्षतिपूर्ति सहित राशि लौटाने के निर्देश दिया

हल्का बदलने से किसान को कम मिला मुआवजा:बैतूल उपभोक्ता आयोग ने ब्याज और क्षतिपूर्ति सहित राशि लौटाने के निर्देश दिया

बैतूल उपभोक्ता आयोग ने गुरुवार को किसानों के पक्ष में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने बैंकों को फसल बीमा राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया है। यह मामला किसानों के पटवारी हल्का बदलने से संबंधित है, जिसके कारण उन्हें वास्तविक नुकसान के बावजूद पूरी बीमा राशि नहीं मिल पाई थी। भारतीय स्टेट बैंक मुलताई और जिला सहकारी बैंक भैंसदेही पर आरोप था कि उन्होंने किसानों की कृषि भूमि के पटवारी हल्के को गलत तरीके से बदल दिया। इस त्रुटि के कारण मुलताई तहसील के ग्राम सांदिया निवासी किसान युवराज पिता प्यारे लाल रघुवंशी और भैंसदेही तहसील के ग्राम बोरगांव डैम निवासी किसान लालूसम पिता देवराव नांवों को फसल बीमा का पूरा लाभ नहीं मिल सका। किसानों का नुकसान कम दर्शाया गया था
उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष विजय कुमार पाण्डेय और सदस्य चन्द्रशेखर माकोड़े ने मामले की सुनवाई की। उन्होंने पाया कि हल्का परिवर्तन के कारण किसानों का नुकसान कम दर्शाया गया, जिससे उनकी बीमा राशि में कटौती हुई। आयोग ने इसे गंभीर त्रुटि मानते हुए बैंकों को शेष बीमा राशि का भुगतान करने का आदेश दिया। एडवोकेट दिनेश यादव ने बताया कि सांदिया गांव के किसान की भूमि पर 75.15 प्रतिशत नुकसान दर्ज था, लेकिन हल्का बदलने के कारण इसे केवल 48.14 प्रतिशत माना गया। किसान को 1 लाख 58 हजार 961 रुपए मिलने थे, जबकि उसे केवल 1 लाख 1 हजार 846 रुपए दिए गए। आयोग के आदेश के बाद अब उसे शेष 57,125 रुपए के साथ 10 हजार रुपए मानसिक क्षतिपूर्ति और 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज का भुगतान किया जाएगा। ‘सेवा में कमी’ की श्रेणी में माना
इसी प्रकार, भैंसदेही क्षेत्र के बोरगांव डैम के किसान को भी बीमा राशि नहीं मिली थी। आयोग ने बैंक को उसे 59 हजार रुपए 6 प्रतिशत ब्याज सहित भुगतान करने का निर्देश दिया है। आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि किसानों के साथ इस तरह की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। आयोग ने यह भी कहा कि गलत हल्का दर्ज कर बीमा भुगतान में कमी करना ‘सेवा में कमी’ की श्रेणी में आता है। इस फैसले से जिले के अन्य प्रभावित किसानों को भी राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके साथ इसी तरह की समस्या हुई होगी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.