Last Updated:
Viral fever cases rise in Jodhpur: जोधपुर में मौसम की बेरुखी ने स्वास्थ्य सेवाओं के लिए रेड अलर्ट की स्थिति पैदा कर दी है. भीषण गर्मी और ठंडी हवाओं के कारण सर्दी, खांसी और बुखार के मरीज घर-घर में मिल रहे हैं. महात्मा गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. फतेह सिंह ने जानकारी दी कि कमजोर इम्यूनिटी के कारण वायरस तेजी से श्वसन तंत्र को प्रभावित कर रहे हैं. उन्होंने मास्क लगाने, ताज़ा भोजन करने और हाइड्रेटेड रहने की सख्त सलाह दी है.
Viral fever cases rise in Jodhpur: जोधपुर समेत पूरे प्रदेश में इन दिनों मौसम के बदलते मिजाज ने लोगों की सेहत के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है. तापमान में आ रहे अचानक उतार-चढ़ाव के कारण सर्दी, खांसी और वायरल बुखार के मामलों में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है. दिन के समय सूरज के तीखे तेवर और बढ़ता पारा लोगों को बेहाल कर रहा है, वहीं रात और सुबह के समय चलने वाली अपेक्षाकृत ठंडी हवाएं शरीर के तापमान संतुलन को बिगाड़ रही हैं. चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि जब मौसम इतनी तेजी से करवट लेता है, तो मानव शरीर को बाहरी वातावरण के साथ तालमेल बिठाने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता है. यही कारण है कि इस समय वायरल संक्रमण का खतरा अपने चरम पर है और अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की लंबी कतारें नजर आ रही हैं.
डॉक्टरों के अनुसार मौसम में इस तरह के बदलाव से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी अस्थायी रूप से कमजोर पड़ जाती है. इस स्थिति में हवा में मौजूद वायरस और बैक्टीरिया अधिक सक्रिय हो जाते हैं और सीधे श्वसन तंत्र यानी रेस्पिरेटरी सिस्टम पर हमला करते हैं. वर्तमान में जो मरीज सामने आ रहे हैं, उनमें तेज बुखार के साथ गले में संक्रमण और सांस लेने में हल्की तकलीफ जैसे लक्षण प्रमुखता से देखे जा रहे हैं. इसके अलावा गर्मी बढ़ने के साथ खाद्य पदार्थों, विशेषकर दूध और डेयरी उत्पादों के जल्दी खराब होने की समस्या भी बढ़ गई है. दूषित भोजन के सेवन से फूड पॉइजनिंग और पेट से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे बचने के लिए डॉक्टरों ने ताजा और सुपाच्य भोजन लेने की अपील की है.
एमजीएच अधीक्षक की विशेष एडवाइजरी
जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल (MGH) के अधीक्षक डॉ. फतेह सिंह ने बढ़ते मामलों को देखते हुए जनता के लिए विशेष गाइडलाइंस जारी की हैं. उन्होंने कहा है कि इस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लोगों को फिर से मास्क का उपयोग शुरू कर देना चाहिए. खांसते या छींकते समय मुँह ढकना और बार-बार हाथों को साबुन से धोना इस समय बेहद जरूरी है. डॉ. सिंह ने चेतावनी दी है कि संक्रमण के लक्षण दिखने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से परामर्श लें, क्योंकि गलत दवाई का सेवन बीमारी को और अधिक गंभीर बना सकता है. उन्होंने विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों का ध्यान रखने की सलाह दी है, जिनकी इम्यूनिटी कम होने के कारण वे वायरस की चपेट में जल्दी आ जाते हैं.
बचाव के उपाय और सावधानियाँ
इस बदलते मौसम में खुद को सुरक्षित रखने के लिए डॉक्टरों ने जीवनशैली में कुछ बदलाव करने का सुझाव दिया है. सबसे पहले, अत्यधिक ठंडी चीजों जैसे आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक से परहेज करें, क्योंकि ये सीधे गले में संक्रमण को बढ़ावा देते हैं. शरीर में पानी की कमी न होने दें और नींबू पानी, छाछ या नारियल पानी जैसे तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाएं. बाहर के खुले और तली-भुनी चीजों से दूरी बनाएं और केवल घर का बना ताजा भोजन ही खाएं. इसके अलावा नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद लें ताकि आपकी इम्यूनिटी मजबूत बनी रहे और शरीर किसी भी प्रकार के वायरस से लड़ने के लिए तैयार रहे. जोधपुर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और अस्पतालों में दवाओं व जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है.
About the Author
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a seasoned multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience across digital media, social media management, video production, editing, content…और पढ़ें














































