विधानसभा चुनाव 2026: घर बैठे वोट डालेंगे 2.3 लाख से अधिक लोग: EC की ‘होम वोट’ सुविधा शुरू, बुजुर्गों और आदिवासियों को बड़ी राहत

चुनाव आयोग ने इस बार मतदान प्रक्रिया को समावेशी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। केरल, असम और पुडुचेरी में 2.37 लाख से अधिक विशाल चर्च को ‘होम वोट’ की सुविधा के लिए मंजूरी दे दी गई है। यानी अब हजारों बुजुर्ग और सदस्य घर बैठे ही अपना वोट दल बनाते हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक, 30 मार्च तक यह पात्र सामने आ गया और कई निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। आयोग ने बताया कि यह प्रक्रिया 5 अप्रैल तक पूरी कर ली जाएगी। अगर किसी कलाकार से पहली बार संपर्क नहीं हो पाता है, तो दूसरी बार भी टीम अपने पद पर आसीन हो जाती है, ताकि कोई भी कलाकार अपने अधिकार से संपर्क न कर सके। होम बिटकॉइन कैसे काम करता है?85 वर्ष से अधिक आयु के विकलांग और विकलांग (पीडब्ल्यूडी) श्रेणी के लोगों के लिए होम विहित सुविधा विशिष्टता। यह सुविधा अधिनियम अधिनियम 1951 की धारा 60(सी) के अंतर्गत दी गई है, जिसके माध्यम से ऐसे कलाकार पोस्टल बैलेट के माध्यम से घर से ही मतदान किया जा सकता है। इसके लिए संबंधित नामांकन अधिसूचना जारी होने के पांच दिन के अंदर अपने रिटर्निंग ऑफिसर के पास आवेदन करना होता है। मित्र पर भी जोरचुनाव आयोग ने इस पूरी प्रक्रिया में प्लाट बनाए रखने के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए हैं। सैद्धांतिक रूप से प्राप्त राजनीतिक हितैषी को उन कट्टरपंथियों की सूची दी गई है,मताधिकार होम वोट का विकल्प चुनें। साथ ही, पोलिंग टीम के दौरे का पूरा शेड्यूल भी सबसे पहले बताया जाता है। यदि वे प्रस्थान करते हैं तो अपने प्रतिनिधि को टीम के साथ भेज सकते हैं। बाकी के लिए भी तैयारीआयोग ने यह भी साफ कर दिया है कि जो 85+ या मतदाता होम वोट का विकल्प नहीं हैं, उनके लिए मतदान प्रस्ताव विशेष रूप से पेश किए जाएंगे। क्वेश्चन, स्वयंसेवक और अन्य जरूरी सेवाएं शामिल हैं, ताकि उन्हें मतदान में किसी तरह की परेशानी न हो। वॅाचलिस्ट अनुसूची और अहम तारीखेंचुनाव आयोग ने पहले ही असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान करने की घोषणा की है। इसके अलावा तमिल और पश्चिम बंगाल में भी चुनावी कार्यक्रम जारी हो चुका है। 30 मार्च को तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के पहले चरण की अधिसूचना जारी होगी, जबकि बंगाल के दूसरे चरण की अधिसूचना 2 अप्रैल को जारी होगी। यह कदम क्यों अहम है?होम वोटिंग सुविधा को चुनाव आयोग के उस प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, जिससे मतदान प्रक्रिया को अधिकाधिक समावेशी और आसान बनाया जा सके। भारत की तरह बड़े लोकतंत्र में जहां करोड़ों लोग हैं, वहां के वृद्धजन और विश्ष्ठों की भागीदारी सुनिश्चित करना हमेशा चुनौती बनी हुई है। ऐसे में सबसे पहले सिर्फ सुविधा को बढ़ावा देना है, बल्कि लोकतंत्र को और मजबूत करना भी है। इसे भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल में चुनावी ‘हाईजैक’ की साजिश? किरण रिजिजू का बड़ा आरोप, EC से सख्त कार्रवाई की मांग (टैग्सटूट्रांसलेट)ईसी(टी)विधानसभा चुनाव(टी)समाचार(टी)विधानसभा चुनाव 2026(टी)मतदाताओं ने घर से मतदान किया(टी)ईसी ने होम वोटिंग सुविधा शुरू की(टी)बुजुर्ग मतदाता(टी)विकलांग व्यक्ति(टी)ताजा समाचार(टी)अपडेट समाचार(टी)चुनाव समाचार(टी)असम(टी)पश्चिम बंगाल(टी)तमिलनाडु(टी)केरल(टी)ईसी(टी)विधान सभा चुनाव(टी)समाचार(टी)विधानसभा चुनाव 2026(टी)मतदाता घर से वोट डालेंगे(टी)ईसी ने
Tamil Nadu Assam West Bengal Puducherry Kerala Election 2026 Updates TVK DMK TMC BJP Congress

Hindi News National Tamil Nadu Assam West Bengal Puducherry Kerala Election 2026 Updates TVK DMK TMC BJP Congress 2 घंटे पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु के CM एमके स्टालिन ने विधानसभा चुनाव के लिए DMK का घोषणा पत्र जारी कर दिया। इसमें आयकर दायरे से बाहर परिवारों की महिला मुखिया को 8 हजार का ‘इल्लथरसी’ कूपन देने का वादा किया गया है। इसकी मदद से वे टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन जैसे घरेलू इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीद या बदल सकेंगी। वहीं, मेनिफेस्टो में महिलाओं की मासिक सहायता 1000 से बढ़ाकर 2000 रुपए करने और स्वास्थ्य बीमा सीमा 10 लाख रुपए तक बढ़ाने का ऐलान किया गया है। इधर, चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के 173 पुलिस स्टेशन के प्रभारियों का तबादला कर दिया। इसमें कोलकाता पुलिस के 31 थाने शामिल हैं। सबसे अहम बदलाव CM ममता बनर्जी की सीट भवानीपुर और हाई-प्रोफाइल सीट नंदीग्राम में हुआ। भवानीपुर की कमान अब एसटीएफ के सौमित्र बसु को सौंपी गई है। पुलिस के साथ-साथ आयोग ने प्रशासनिक अफसरों को भी बदला गया है। 18 जिलों के 97 ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (बीडीओ) और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है। बंगाल की 294 सीटों के लिए 23 और 29 अप्रैल को दो फेज में वोटिंग होनी है। नतीजे बाकी 4 राज्यों के साथ 4 मई को आएंगे। चौथी सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट भी जारी बंगाल में SIR निर्णयों के बाद, चुनाव आयोग (EC) ने रविवार को चौथी सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट जारी कर दी है। हालांकि, EC की ओर से हटाए गए या शामिल किए गए नामों की कुल संख्या के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। 28 फरवरी को पब्लिश की गई फाइनल लिस्ट में लगभग 60 लाख नामों को निर्णयाधीनदके रूप में चिह्नित किया गया था। इसके बाद, 705 न्यायिक अधिकारियों को यह तय करने के लिए लगाया गया कि इन नामों को मतदाता सूची में रखा जाएगा या हटाया जाएगा। आज से चुनाव प्रचार शुरू करेंगे एक्टर विजय अभिनेता से नेता बने टीवीके चीफ विजय ने रविवार को तमिलनाडु की सभी 234 सीटों के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी। वे खुद चेन्नई की पीरंबूर सीट और त्रिचि (पूर्व) से नामांकन दाखिल करेंगे। पीरंबूर सीट डीएमके का गढ़ है। विजय ने कहा कि यह ‘पीढ़ी का चुनाव’ है। उन्होंने नशामुक्त तमिलनाडु, बिना गारंटी के 20 लाख रु. तक के छात्र ऋण और बेरोजगार स्नातकों को मासिक भत्ते जैसे वादे किए हैं। विजय आज से चुनाव प्रचार शुरू करेंगे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Assembly Election 2026 LIVE Updates; Assam West Bengal – BJP TMC DMK AIMIM

Hindi News National Assembly Election 2026 LIVE Updates; Assam West Bengal BJP TMC DMK AIMIM | Tamil Nadu Kerala Chunav नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम/गुवाहाटी/कोलकाता/चेन्नई3 मिनट पहले कॉपी लिंक दिल्ली में कांग्रेस CEC की शनिवार को बैठक हुई। कांग्रेस की सेंट्रल इलेक्शन कमिशन (CEC) ने शनिवार को पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए प्रत्याशियों को लेकर बैठक की। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत कई लीडर मौजूद रहे। दो दिन दौरे पर शनिवार को असम पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया कि असम में एनडीए तीसरी बार सरकार बनाएगी। राज्य की 126 सीटों में से 90 से ज्यादा सीटें जीतेगी। शाह आज भी जनसभा को संबोधित करेंगे। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि केरल में भाजपा-सीपीआई(M) में छिपा हुआ गठजोड़ नजर आ रहा है। दोनों पार्टियां कुछ सीटों पर एक-दूसरे के खिलाफ कमजोर उम्मीदवार उतार रही हैं। कोलकाता में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने टीएमसी पर आरोप वाली चार्जशीट लॉन्च की। पश्चिम बंगाल के बीरभूम के अभिषेक बनर्जी की सभा के बाद आग लगी। अमित शाह बंगाल में बोले- ममता चुनाव में विक्टिम कार्ड खेलती हैं शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में रैली की थी। उन्होंने यहां ममता सरकार के खिलाफ आरोप पत्र (चार्जशीट) जारी किया था। शाह ने कहा था कि इसमें TMC सरकार के 15 साल के काले कारनामों का जिक्र है, ये जनता की चार्जशीट है। बंगाल में अराजकता और बदहाली है। यहां की अर्थव्यवस्था चौपट हो चुकी है। उन्होंने कहा था कि ममता दीदी ने हमेशा विक्टिम कार्ड की राजनीति की है। कभी पैर तुड़वा लेती हैं, कभी सिर पर पट्टी बंधवा लेती हैं, कभी बीमार हो जाती हैं और कभी चुनाव आयोग को गालियां देती हैं। लेकिन बंगाल के लोग अब ममता दीदी की विक्टिम कार्ड पॉलिटिक्स को अच्छी तरह समझ गए हैं। मार्च 2024 के लोकसभा चुनाव के पहले ममता के सिर में चोट में लगी थी, जबकि 2021 में विधानसभा चुनाव के पहले उनके पैर में चोट लगी थी। पूरी खबर पढ़ें… 5 राज्यों के चुनाव से जुड़े अपडेट्स पश्चिम बंगाल के बीरभूम के लाभपुर में शनिवार को टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी की चुनावी रैली खत्म होने के मंच के एक हिस्से में आग लग गई। हालांकि घटना में कोई घायल नहीं हुआ। पीएम मोदी 30 मार्च को असम और पुडुचेरी के एनडीए कार्यकर्ताओं से वर्चुअली संवाद करेंगे। यह बातचीत ‘मेरा बूथ, सबसे मजबूत संवाद’ अभियान के तहत होगी। टीवीके चीफ विजय 30 मार्च से अपने चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत करेंगे। चेन्नई के पेरंबूर में उनका कार्यक्रम होगा, जिसमें भीड़ की जगह केवल 100 लोगों को ही बुलाया जाएगा। 5 राज्यों में एक साथ 4 मई को रिजल्ट आएगा दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Assembly Election 2026 LIVE Updates; Assam West Bengal – BJP TMC DMK AIMIM

Hindi News National Assembly Election 2026 LIVE Updates; Assam West Bengal BJP TMC DMK AIMIM | Tamil Nadu Kerala Chunav नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम/गुवाहाटी/कोलकाता/चेन्नई9 मिनट पहले कॉपी लिंक दिल्ली में कांग्रेस CEC की शनिवार को बैठक हुई। कांग्रेस की सेंट्रल इलेक्शन कमिशन (CEC) ने शनिवार को पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए प्रत्याशियों को लेकर बैठक की। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत कई लीडर मौजूद रहे। दो दिन दौरे पर शनिवार को असम पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया कि असम में एनडीए तीसरी बार सरकार बनाएगी। राज्य की 126 सीटों में से 90 से ज्यादा सीटें जीतेगी। शाह आज भी जनसभा को संबोधित करेंगे। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि केरल में भाजपा-सीपीआई(M) में छिपा हुआ गठजोड़ नजर आ रहा है। दोनों पार्टियां कुछ सीटों पर एक-दूसरे के खिलाफ कमजोर उम्मीदवार उतार रही हैं। कोलकाता में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने टीएमसी पर आरोप वाली चार्जशीट लॉन्च की। 5 राज्यों के चुनाव से जुड़े अपडेट्स पश्चिम बंगाल के बीरभूम के लाभपुर में शनिवार को टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी की चुनावी रैली खत्म होने के मंच के एक हिस्से में आग लग गई। हालांकि घटना में कोई घायल नहीं हुआ। पीएम मोदी 30 मार्च को असम और पुडुचेरी के एनडीए कार्यकर्ताओं से वर्चुअली संवाद करेंगे। यह बातचीत ‘मेरा बूथ, सबसे मजबूत संवाद’ अभियान के तहत होगी। टीवीके चीफ विजय 30 मार्च से अपने चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत करेंगे। चेन्नई के पेरंबूर में उनका कार्यक्रम होगा, जिसमें भीड़ की जगह केवल 100 लोगों को ही बुलाया जाएगा। तमिलनाडु: DMK ने कांग्रेस को 28 सीटें दी हैं, DMDK को 10 व वीसीके को 8 सीटें मिली हैं। माकपा-भाकपा को 5-5 सीटें मिली हैं। पांचो राज्यों में चुनाव के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं… लाइव अपडेट्स 12 मिनट पहले कॉपी लिंक भाजपा नेता बोले- बंगाल में घुसैपठ, बांग्लादेश से घुसते आतंकवादी पश्चिम बंगाल में BJP उम्मीदवार दिलीप घोष ने कहा, बंगाल में हो रही उथल-पुथल से पूरा देश प्रभावित हो रहा है। बांग्लादेश से आने वाले लोग, जिनमें अपराधी और आतंकवादी शामिल हैं। पूरे देश में तबाही मचा रहे हैं। इसलिए बंगाल में हर कीमत पर ठीक से शासन होना चाहिए। 53 मिनट पहले कॉपी लिंक असम: नामांकन खारिज, कोर्ट जाएंगे कांग्रेस उम्मीदवार असम के बरपेटा से कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन खारिज हो गया। पार्टी इस फैसले को अदालत में चुनौती देने की तैयारी कर रही है। 55 मिनट पहले कॉपी लिंक अमित शाह बंगाल में बोले- ममता चुनाव में विक्टिम कार्ड खेलती हैं शनिवार को गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में रैली की थी। उन्होंने यहां ममता सरकार के खिलाफ आरोप पत्र (चार्जशीट) जारी किया था। शाह ने कहा था कि इसमें TMC सरकार के 15 साल के काले कारनामों का जिक्र है, ये जनता की चार्जशीट है। बंगाल में अराजकता और बदहाली है। यहां की अर्थव्यवस्था चौपट हो चुकी है। उन्होंने कहा था कि ममता दीदी ने हमेशा विक्टिम कार्ड की राजनीति की है। कभी पैर तुड़वा लेती हैं, कभी सिर पर पट्टी बंधवा लेती हैं, कभी बीमार हो जाती हैं और कभी चुनाव आयोग को गालियां देती हैं। लेकिन बंगाल के लोग अब ममता दीदी की विक्टिम कार्ड पॉलिटिक्स को अच्छी तरह समझ गए हैं। मार्च 2024 के लोकसभा चुनाव के पहले ममता के सिर में चोट में लगी थी, जबकि 2021 में विधानसभा चुनाव के पहले उनके पैर में चोट लगी थी। पूरी खबर पढ़ें… 56 मिनट पहले कॉपी लिंक 5 राज्यों में एक साथ 4 मई को रिजल्ट आएगा दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Election States Cash Transfer Schemes

Hindi News National Election States Cash Transfer Schemes | Bengal Tamil Nadu, Kerala, Assam 1 घंटे पहलेलेखक: गुरुदत्त तिवारी कॉपी लिंक अगले महीने 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इनमें से चार राज्य ऐसे हैं, जिन्होंने जीत के कथित फॉर्मूले यानी कैश ट्रांसफर पर बड़ा दांव लगाया है। चारों राज्य महिलाओं के बैंक खाते में सीधे 24500 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर रहे हैं। चुनावी वादा भी यही है कि सत्ता में आए तो ऐसे ही 5 साल तक पैसे खातों में जाते रहेंगे। तमिलनाडु की DMK सरकार ने 2-2 हजार रु. स्पेशल समर पैकेज के नाम पर महिलाओं के खाते में डाल दिए। असम की भाजपा सरकार ने बिहू मनाने के लिए 4-4 हजार रुपए दे दिए। केरल की वामपंथी सरकार भी स्त्री सुखम नकद योजना ले आई। 10 लाख महिलाओं को हर महीने 1-1 हजार रुपए मिल रहे हैं। बंगाल की तृणमूल सरकार तो फरवरी में लक्ष्मी भंडार स्कीम में 500 रु. बढ़ा चुकी है। खस्ताहाल अर्थव्यवस्था के बावजूद ममता बनर्जी की तृणमूल सरकार को अगले साल 5 हजार करोड़ देने पड़ेंगे। इसी स्कीम ने 2021 के चुनाव में ममता को जीत दिलाई थी। चारों राज्यों में सभी योजना की लाभार्थी महिलाओं की संख्या 4.1 करोड़ है, जबकि कुल वोटर 17.89 करोड़। यानी इनमें नकद स्कीमों की कुल लाभार्थी 23% हैं। अब 15 राज्य दे रहे महिलाओं को नगद सहायता बीते 5 साल में हुए चुनावों का ट्रेंड देखें तो पता चला है कि महिलाओं को नकद ट्रांसफर देने वाले राज्यों की संख्या एक से बढ़कर 15 हो गई है। ये राज्य 13 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को 2.46 लाख करोड़ रु. तक सालाना नकद पैसा ट्रांसफर कर रहे हैं, जो इन राज्यों के कुल बजट का 0.7% है। झारखंड जैसा राज्य अपने ग्रामीण विकास के कुल बजट का 81% हिस्सा महिलाओं को कैश ट्रांसफर में दे रहा है। लेकिन, ट्रेंड ये भी है कि जो राज्य विकास योजनाओं को रोककर नकद स्कीमों पर खर्च कर रहे हैं, वहां कई योजनाएं शुरू नहीं हो पा रही हैं। नकद स्कीमों के चलते महाराष्ट्र-कर्नाटक जैसे बड़े राज्यों को अपने अहम खर्चों में कटौती करनी पड़ी है। भास्कर एक्सपर्ट का मत- अलग-अलग विचारधारा की पार्टियां चुनाव जीतने के लिए एक ही फॉर्मूला लगा रहीं हैं। जबकि सच्चाई यह है कि केवल इससे रिजल्ट नहीं बदले जा सकते। वाईएसआर कांग्रेस की सत्ताधारी पार्टी बंगाल के बाहर किसी राज्य में कैश ट्रांसफर देने वाली दूसरी सरकार थी। वो उन माताओं को भी कैश ट्रांसफर देती थी, जिनके बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं। इसके बाद भी वो चुनाव हारी। राजस्थान में इंदिरा महिला सम्मान योजना भी कांग्रेस की सरकार नहीं बचा पाया। प्रो. संजय कुमार, डायरेक्टर, सीएसडीएस इन राज्यों में गेमचेंजर बनीं कैश ट्रांसफर वाली योजनाएं मध्यप्रदेश: (2023): ‘लाड़ली बहना’ योजना के तहत 1.31 करोड़ महिलाओं को 1250 रुपए/माह; कई सीटों पर बढ़त। कर्नाटक (2023): ‘गृह लक्ष्मी’ योजना (2000 रु./माह) ने कांग्रेस को जीत दिलाई। ओडिशा (2024): ‘सुभद्रा’ योजना से भाजपा को पहली बार सत्ता। महाराष्ट्र (2024): ‘लाड़की बहिन’ योजना (1500 रुपए/माह), बड़ा महिला वोट आधार। झारखंड (2024): ‘मैया सम्मान’ योजना का चुनावी असर। हेमंत सोरेन की वापसी हुई। चुनावी राज्यों में ये भी ‘मुफ्त’ योजनाएं… तमिलनाडु में 2.22 करोड़ राशनकार्डधारकों को मुफ्त फ्रिज, एजुकेशन लोन वेवर और हर साल तीन गैस सिलेंडर मुफ्त। केरल में कल्याण पेंशन स्कीम में अब 62 लाख लोग। पेंशन भी 600 रु. बढ़ाकर 2 हजार रु. की। बंगाल में 1500 करोड़ रु. बेरोजगार युवा पेंशन पर खर्च हो रहे हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
जोरहाट में बीजेपी-एजीपी ने नामांकित किया, स्वास्थ्य-पानी और विकास के वादों को लेकर गरमाई नागरिकता

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित असम के जोरहाट जिले में सोमवार (23 मार्च, 2026) को उस समय राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई, जब भारतीय पार्टी (बीजेपी) और असम गण परिषद (एजीपी) के असम ने जिले के चार जिलों के लिए अपना नामांकन पत्र जारी किया। इस दौरान बेन्जिम ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, स्वच्छ सपने की व्यवस्था और क्षेत्र के समग्र विकास को अपनी प्राथमिकता दी। नामांकन भरने वालों में जोरहाट से बीजेपी उम्मीदवार हितेंद्र नाथ गोस्वामी, मरियानी से बीजेपी उम्मीदवार रूपज्योति कुर्मी, टाटा से बीजेपी उम्मीदवार धीरज गोवला और टायक से एजीपी उम्मीदवार विकास सैकिया शामिल रहे। जनता के समर्थन से हासिल करेंगे जीतः गोस्वामी नामांकन के बाद मीडिया से बातचीत में भाजपा उम्मीदवार हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने कहा कि वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत चुनाव लड़ेंगे और जनता के समर्थन से जीत हासिल करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य क्षेत्र का समग्र विकास है, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि स्थानीय मेडिकल कॉलेजों को उन्नत बनाने के लिए विस्तृत योजना तैयार की गई है, ताकि स्वास्थ्य व्यवस्था में मौजूद कमियों को दूर किया जा सके। उन्होंने कहा कि आम लोगों के लिए गंभीर रसायनों का इलाज आर्थिक बोझ बन जाता है, इसलिए सरकार की जिम्मेदारी है कि गुणवत्तापूर्ण और सुविधाजनक स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराई जाए। प्रिंस क्राइसिस पर उन्होंने कहा कि ब्रह्मपुत्र नदी से सागर तक पानी परियोजना के लिए करीब 300 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट शुरू हुआ है। साथ ही, असम कृषि विश्वविद्यालय के आसपास और शहरी वार्डों में जल आपूर्ति सुधार का काम तेजी से चल रहा है, जिसे इस साल पूरा करने का लक्ष्य है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके कार्यकाल में कुछ विकास कार्य समय की कमी के कारण शुरू किये गये, जिसमें सामूहिक अवसर बैठक भी शामिल थी। हम क्षेत्र के विकास के लिए पूरी तरह से सत्यः धीरज गोवला तिताबर से भाजपा उम्मीदवार धीरज गोवला ने भी जिला कार्यालय में अपना नामांकन दाखिल किया। उन्होंने कहा कि उन्हें जनता का भारी समर्थन मिल रहा है और वे क्षेत्र के विकास के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। उन्हें विश्वास है कि आगामी चुनाव में जनता उन्हें भारी भरकम गोलियों से उड़ा देगी। ग्राउंड लेवल पर सतत श्रम सेसफलताः रूपज्योति मरियानी से भाजपा उम्मीदवार रूपज्योति कुर्मी ने नामांकन के बाद कहा कि राजनीति में सफलता केवल ईश्वर के रूप में नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर निरंतर मेहनत है। उन्होंने कहा कि जनता का मजबूत संसाधन ही उनकी असली ताकत है। कुर्मी ने कहा कि खराब मौसम के बावजूद उनके क्षेत्र में 10,000 से अधिक समर्थक हैं, जो जनता के दावे का संकेत है। उन्होंने कहा कि लोगों का विश्वास आज भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बना हुआ है। जबकि रायजोर दल के उम्मीदवार डॉ. ज्ञानश्री बोरा ने टिप्पणी करते हुए कहा कि लोकतंत्र में अंतिम निर्णय जनता का होता है, लेकिन नामांकन के दिन ही जमीनी समर्थन स्पष्ट दिखाई दे रहा है। जनता की सभी समस्याओं का समाधानः विकास सैकिया जबकि टियोक से एजीपी उम्मीदवार विकास सैकिया ने भी अपना नामांकन प्राप्त किया और क्षेत्र के विकास, विशाल सुविधाओं के विस्तार और जनता की समस्याओं के समाधान का समर्थन किया। जोरहाट और आस-पास के क्षेत्रीय क्षेत्रों में कैथोलिक एलायंस और चर्च के सक्रिय सदस्यों के बीच चुनावी मुकाबला आने वाले दिनों में और भी तेज होने की संभावना है। यह भी पढ़ें: ‘भारत के पास 53 लाख टन का तेल भंडार मौजूद’, तेल-एलपीजी संकट पर संसद में क्या बोले पीएम मोदी? (टैग्सटूट्रांसलेट)असम(टी)असम चुनाव 2026(टी)बीजेपी(टी)एजीपी(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)पीएम मोदी(टी)भारतीय जनता पार्टी(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)कांग्रेस(टी)गौरव गोगोई(टी)असम(टी)असम चुनाव 2026(टी)भाजपा(टी)एजेपी(टी)हिमंत बिस्वा सरमा (टी) पीएम मोदी (टी) भारतीय जनता पार्टी (टी) असम विधानसभा चुनाव 2026 (टी) कांग्रेस (टी) गौरव गोगोई
West Bengal Assam Kerala Tamilnadu Puducherry Election 2026 TMC Mamata Himanta Stalin Modi Congress

Hindi News National West Bengal Assam Kerala Tamilnadu Puducherry Election 2026 TMC Mamata Himanta Stalin Modi Congress नई दिल्ली/गुवाहाटी/कोलकाता17 मिनट पहले कॉपी लिंक देश के 5 राज्यों पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में अगले महीने विधानसभा चुनाव हैं। सभी राज्यों नें राजनीति उठापटक जारी। रविवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 30 सेकेंड का एनिमेटेड टीजर जारी किया। इसमें सीएम ममता बनर्जी को बंगाली पहचान की रक्षा करने वाली आखिरी दीवार बताया गया। वीडियो में बंगाल के आसमान में मंडराते काले बादल, घबराई जनता और मुरझाए कमल वाला झंडा दिखाया गया, जिसे बीजेपी पर निशाना माना जा रहा है। वीडियो के आखिर में सीएम ममता को मजबूत और संघर्षशील नेता के तौर पर दिखाया गया। उनके साथ देवी दुर्गा, रॉयल बंगाल टाइगर की इमेज दिखाई गईं। आखिर में स्क्रीन पर ‘फाइटर दीदी’ का नारा उभरता है। ममता आवाज में कहा गया- खेला होबे। TMC का जारी टीचर देखिए… अपडेट्स 19 मिनट पहले कॉपी लिंक भाजपा उम्मीदवार बोले- ममता सरकार ने हिंदू वोटरों के नाम कटवाए पश्चिम बंगाल में चंदिताला विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार देबाशीष मुखर्जी ने कहा, भारत का चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संस्था है। राज्य सरकार ने कुछ हिंदू वोटरों के नाम हटा दिए हैं। BJP का रुख यह है कि एक भी नाम ऐसे लोगों का नहीं होना चाहिए जो भारतीय नहीं हैं। 29 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल चुनाव: AIMIM-हुमायूं कबीर की पार्टी में गठबंधन AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को ऐलान किया कि उनकी पार्टी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हुमायूं कबीर की पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के साथ मिलकर लड़ेगी। ओवैसी ने कहा कि वे 25 मार्च को कोलकाता में हुमायूं कबीर के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। दोनों पार्टियों राज्य की 182 सीटों पर मिलकर चुनाव लड़ेंगी। AIMIM 8 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। अब तक 18 उम्मीदवारों की सूची जारी की जा चुकी है, जिसमें हुमायूं कबीर रानीनगर सीट से, एक अन्य उम्मीदवार भगवानगोला से और मनीषा पाठक पांडे मुर्शिदाबाद सीट से चुनाव लड़ेंगी। 30 मिनट पहले कॉपी लिंक असम: हिमंता की मंत्री ने भाजपा छोड़ी, टिकट कटने से नाराज थीं नंदिता गार्लोसा रविवार शाम को कांग्रेस में शामिल हुईं। वे हाफलोंग सीट से चुनाव लड़ सकती हैं। असम सरकार में मंत्री भाजपा नेता नंदिता गार्लोसा पार्टी से नाराज होकर कांग्रेस में शामिल हुईं। भाजपा ने हाफलोंग सीट से गार्लोसा का टिकट काटकर नई उम्मीदवार रुपाली लांगथासा को दिया था। इससे गार्लोसा नाराज चल रही थीं। 31 मिनट पहले कॉपी लिंक असम: नाराज पार्टी नेताओं को मनाने में जुटे सीएम हिमंता और प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा के बीजेपी में शामिल होने के बाद असम CM हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। असम में बीजेपी के भीतर नेताओं की नाराजगी सामने आने लगी है। पार्टी टिकट से वंचित कई मौजूदा विधायक और दावेदार निर्दलीय चुनाव लड़ने की धमकी दे रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस स्थिति को संभालने के लिए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया खुद आगे आकर नाराज नेताओं को मनाने की कोशिश कर रहे हैं। दरअसल, हाल ही में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं प्रद्युत बोरदोलोई और भूपेन बोरा के बीजेपी में शामिल होने के बाद बोरदोलोई को दिसपुर सीट से बोरा को बिहपुरिया सीट से पार्टी टिकट दिए गया है। इस फैसले से पार्टी के कई पुराने दावेदारों में नाराजगी बढ़ गई है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
असम विधानसभा चुनाव 2026: असम विधानसभा चुनाव में डुबोया गया पारा, केंद्र में महिलाओं से मिला राजनीतिक विखंडन; गोगोई ने बीजेपी पर आधारित सैद्धांतिक आधार तैयार किया

असम में घोषणा के बाद से राजनीतिक मसाले तेज हो गए हैं। राज्य में राजनीतिक वाद्ययंत्रों के बीच गठबंधन और प्लॉट बनाने की परंपरा तेजी से बढ़ी है। साथ ही इस चुनाव में महिलाएँ सबसे अधिक आबादी वाली राजनीति का केंद्र बनी हैं। वहीं, नेताओं के बीच प्रत्यारोप का आरोप जारी है। राजनीतिक तर्कों का मानना है कि वामपंथ ने अलग-अलग क्षेत्रीय आश्रमों और राष्ट्रीय आश्रमों के साथ समय-समय पर गठबंधन किया है। कई मशविरे पर बीजेपी के साथ भी इसे मिलाना देखने को मिलता है। ऐसे में जातीय परिषद जैसे क्षेत्रीय दलों से लेकर एक्वैरियम को भी तेजी से शामिल किया गया है। यह इस चुनाव में अहम भूमिका निभा सकता है। गौरव गोगोई ने महिलाओं के मुद्दे पर दिया बड़ा बयान कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने महिलाओं के मुद्दे पर बयान दिया है. उनकी सरकार बनने पर महिलाओं को किसी भी प्रकार की राजनीतिक पेशकश में नहीं बांधा जाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को न किसी दल की सदस्यता मिलेगी और न ही किसी पार्टी का झंडा फहराया जाएगा। साथ ही किसी भी तरह से साइन इन करना नहीं चाहेंगे। इसके अलावा कहा गया है कि किसी भी तरह के राजनीतिक सिद्धांत को सुनने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। योग्य महिलाओं को उनका अधिकार सीधे और पूरी तरह से बिना शर्त के पढ़ें। गोगोई ने सीएम हिमंता पर आधारित अध्ययन किया गौरव गोगोई ने सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का विश्लेषण किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा बीजेपी सरकार में महिलाओं को आर्थिक सहायता के लिए कई युवाओं को समर्थन देना पड़ा। महिलाओं की पार्टी की बैठक में शामिल होना शामिल है। पार्टी का झंडा फहराया गया है. रजिस्टर में साइन करने वाले प्रोजेक्ट हैं. राजनीतिक सक्रियता में सक्रिय भूमिका निभाना बंद कर दिया गया है। इसके अलावा उन्होंने दावा किया कि अगर कोई भी महिला इन रजिस्ट्रेशन पूरा नहीं करती है, तो उन्हें ड्रैगन की सूची से हटा दिया जाता है। उसे किसी प्रकार की सहायता नहीं दी जाती है। महिलाओं को सीधे बैंक में पहुंचाया जाएगा आर्थिक सहायता फ़ोर्टसी नेताओं ने घोषणा की कि उनकी सरकार महिलाओं को हर महीने सीधे उनके बैंक खाते में आर्थिक सहायता देगी। यह पूरी तरह से बिना शर्त के होगी. उन्होंने इसे अपनी सरकार की वैधता दी है। इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि असम में असल में बीजेपी की वकालत नहीं है. यहां दो तरह की कांग्रेस है, एक जो युवा गोगोई के सिद्धांतों का पालन करती है, दूसरी ओर जो मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में बनी है। राजनीतिक सिद्धांतों का मानना है कि इस बार के चुनाव में केवल संवैधानिक ताकतों पर प्रतिबंध नहीं होना चाहिए, बल्कि गठबंधन, राजनीतिक दल का विश्वास, समर्थक महिलाओं का समर्थन में निर्णायक भूमिका निभाना होगा। असम का यह मुकाबला मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। इसमें सामाजिक अर्थशास्त्र के अलावा राजनीतिक अनुपात भी असमान का प्रभाव डाल रहे हैं। यह भी पढ़ें: ’24 साल और एक भी छुट्टी नहीं’, पीएम मोदी ने बनाया सबसे बड़ा रिकॉर्ड तो अमित शाह ने बोला हंगामा (टैग्सटूट्रांसलेट)असम(टी)विधानसभा चुनाव 2026(टी):ताजा खबरें(टी)विधानसभा चुनाव(टी)गौरव गोगोई(टी)नवीनतम अपडेट(टी)ब्रेकिंग न्यूज(टी)ट्रेंडिंग न्यूज(टी)असम(टी)विधानसभा चुनाव 2026: ताजा खबरें(टी)विधानसभा चुनाव(टी)गौरव गोगोई(टी)ताजा अपडेट(टी)ब्रेकिंग न्यूज(टी)ट्रेंडिंग समाचार
असम में कांग्रेस ने जारी की 5वीं सूची, सातवीं सूची का खुलासा किया

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित असम विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने 5वीं लिस्ट जारी की है। इस सूची में सात द्वीप के कारखाने का विमोचन किया गया है। कांग्रेस पार्टी ने असम विधानसभा चुनाव के लिए जिन 7 सीटों पर अपने उम्मीदवार बनाए हैं, उनमें गोसाईंगांव विधानसभा सीट से जोसेफ हासदा, दोतमा की एसटी आरक्षित सीट से बिरखांग बोरा, बिजनी से रजत कांति साहा, भेरगांव से आंचुला गुआरा दैमारी, मजबत से नारायण अधिकारी, हाफलॉन्ग की एसटी रिजर्व सीट से निर्मल लंगथासा और कटिगोरा विधानसभा सीट से अमर चंद जैन कोयर को उम्मीदवार बनाया गया है। घटक कांग्रेस के घटकों की चार सूची होल जारी पार्टी कांग्रेस इससे पहले असम विधानसभा चुनाव के लिए जंगल के जंगलों की चार लिस्ट पहले जारी कर चुकी है। इसके बाद पार्टी ने आज रविवार (22 मार्च, 2026) को 7 असेंबली रिजॉर्ट्स की घोषणा की। कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर कहा कि कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति ने असम में अगले महीने 9 अप्रैल, 2026 को होने वाले चुनाव के लिए 7 समर्थकों को चिन्हित किया है। कांग्रेस के सीईसी ने असम विधान सभा के आगामी चुनावों के लिए निम्नलिखित व्यक्तियों को कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुना है 👇 pic.twitter.com/lBHoGujobe – कांग्रेस (@INCIndia) 22 मार्च 2026 वामपंथियों को कांग्रेस ने दी उपाधि कांग्रेस ने राज्य में अपनी पार्टी के लिए विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए असम में अपने सहयोगी वामपंथी समर्थकों के साथ नामांकन करने की भी घोषणा की है। कांग्रेस ने दो दिन पहले शुक्रवार (20 मार्च, 2026) को अपनी चौथी सूची जारी की थी। लिस्ट में पार्टी ने अपने 7 जंगलों के जंगलों की घोषणा की। इसके साथ कांग्रेस ने लेफ्ट को लीज वाली 11 के बारे में जानकारी सार्वजनिक की। कांग्रेस ने असम के मानस, दलगांव, धींग, कालियाबोर, तेजपुर, सिसिबारगांव, मार्गेरिटा, दिगबोई, सिबसागर, मारियानी और बोकाखाट विधानसभा सीटों पर वामपंथी दल को चुनावी मैदान में उतारा है। जबकि असम में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और अल्पसंख्यक गौरव गोगोई खुद राज्य के जोरहाट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने वाले हैं। यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को बताया गद्दार तो भड़के शुभेंदु अधिकारी, कहा- ‘वह खुद सांप्रदायिकता’ (टैग्सटूट्रांसलेट)असम(टी)असम चुनाव 2026(टी)कांग्रेस(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)असम(टी)असम चुनाव 2026(टी)कांग्रेस(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026
द ग्रेट असम माइग्रेशन: कैसे हिमंत बिस्वा सरमा कांग्रेस को खोखला कर रहे हैं | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 20, 2026, 16:45 IST चुनावों से पहले व्यक्तिगत दलबदल से परे, सरमा असम में भाजपा की पहचान-आधारित अपील को तेज करने के लिए ‘कांग्रेस आयात’ का उपयोग कर रहे हैं सरमा की रणनीति कांग्रेस की क्षेत्रीय ताकत के मूल स्तंभों को लक्षित करती है। (फाइल फोटो) 2026 के असम विधानसभा चुनावों के उच्च-दांव वाले क्षेत्र में, पर्यवेक्षकों का कहना है कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक राजनीतिक रणनीति लागू की है जो जितनी साहसी है उतनी ही प्रभावी भी है: कांग्रेस पार्टी को उसके सबसे प्रभावशाली डीएनए को अवशोषित करके खत्म करना। 19 मार्च को, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 88 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची का अनावरण किया, जिसमें कांग्रेस के पूर्व दिग्गजों की भारी आबादी वाले रोस्टर का खुलासा किया गया। भाजपा सूत्रों का कहना है कि यह “कांग्रेस-मुक्त” मिशन न केवल चुनावों में विपक्ष को हराकर हासिल किया जा रहा है, बल्कि इसे व्यवस्थित रूप से अंदर से खोखला करके भी हासिल किया जा रहा है। महान प्रवासन: नागांव से दिसपुर तक कांग्रेस को सबसे बड़ा झटका उम्मीदवार की घोषणा से कुछ दिन पहले प्रद्युत बोरदोलोई के हाई-प्रोफाइल दलबदल से लगा। नगांव से मौजूदा सांसद और 1975 से कांग्रेस में जड़ें जमा चुके अनुभवी बोरदोलोई को तुरंत प्रतिष्ठित दिसपुर निर्वाचन क्षेत्र के लिए भाजपा के टिकट से पुरस्कृत किया गया। उनका बाहर निकलना कोई अलग घटना नहीं थी; यह असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा के फरवरी में दलबदल के बाद हुआ। बोरा को सुरक्षित करके, भाजपा ने स्वदेशी खिलंजिया समुदाय के बीच कांग्रेस के सबसे पहचाने जाने वाले चेहरों में से एक को प्रभावी ढंग से बेअसर कर दिया है। बोरा को बिहपुरिया सीट से मैदान में उतारा गया है, रणनीतिकारों का मानना है कि यह कदम ऊपरी और उत्तरी असम के लगभग 45 विधानसभा क्षेत्रों में स्थिति को बदल सकता है, जहां उनका प्रभाव प्रबल बना हुआ है। क्षेत्रीय नेतृत्व को ख़त्म करना सरमा की रणनीति कांग्रेस की क्षेत्रीय ताकत के मूल स्तंभों को लक्षित करती है। भाजपा की 2026 की सूची में कई अन्य पूर्व कांग्रेस विधायक शामिल हैं, जिनमें कमलाख्या डे पुरकायस्थ, शशि कांता दास और सुशांत बोरगोहेन शामिल हैं। बराक घाटी की एक प्रमुख आवाज पुरकायस्थ को कटिगोराह से मैदान में उतारा गया है, जबकि शशिकांत दास भगवा बैनर के तहत राहा सीट बरकरार रखना चाहते हैं। यह व्यवस्थित अवशोषण दोहरे उद्देश्य को पूरा करता है। सबसे पहले, यह भाजपा को तैयार विजेता प्रदान करता है जिनके पास गहरी जड़ें वाले स्थानीय नेटवर्क हैं। दूसरे, यह एपीसीसी अध्यक्ष गौरव गोगोई के नेतृत्व वाले शेष कांग्रेस नेतृत्व को लगातार रक्षात्मक स्थिति में छोड़ देता है। अनुभवी नेताओं द्वारा अपने बाहर निकलने के कारणों के रूप में “अपमान” और “घुटन” का हवाला देते हुए, सरमा ने सफलतापूर्वक कांग्रेस को एक डूबते जहाज के रूप में ब्रांड किया है, जहां “स्वाभिमानी” नेता अब जीवित नहीं रह सकते हैं। ‘खिलंजिया’ और जाति-आधारित एकीकरण व्यक्तिगत दलबदल से परे, सरमा भाजपा की पहचान-आधारित अपील को तेज करने के लिए इन “कांग्रेस आयातों” का उपयोग कर रहे हैं। भूपेन बोरा जैसे नेताओं को लाकर, भाजपा हिंदू असमिया वोट बैंक पर अपनी पकड़ मजबूत कर रही है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां कांग्रेस का ऐतिहासिक रूप से प्रभाव रहा है। यह नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) पर मुख्यमंत्री की आक्रामक बयानबाजी और “अवैध घुसपैठ” की कहानी से पूरक है, जो कांग्रेस को अपने स्वयं के अल्पसंख्यक मतदाता आधार के संबंध में एक कोने में रहने के लिए मजबूर करता है। सरमा का दृष्टिकोण सर्जिकल है. हाल के सार्वजनिक संबोधनों के दौरान, उन्होंने खुले तौर पर “सभी अच्छे कांग्रेस नेताओं” को भाजपा के पाले में लाने के अपने इरादे की घोषणा की, जिससे प्रभावी ढंग से भाजपा को एक छत्र संगठन में बदल दिया गया, जिसमें राज्य के राजनीतिक अभिजात वर्ग का निवास है। बूथ स्तर पर मनोवैज्ञानिक युद्ध इन दलबदलों के मनोवैज्ञानिक प्रभाव को कम करके नहीं आंका जा सकता। जब एक पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और एक निवर्तमान सांसद चुनाव की पूर्व संध्या पर पाला बदलते हैं, तो इससे भाजपा की जीत की अनिवार्यता की भावना पैदा होती है। जमीनी स्तर के कार्यकर्ता के लिए, दोनों पार्टियों के बीच की रेखा धुंधली हो गई है, जिससे भाजपा के लिए उस स्थानीय मशीनरी को अपने साथ लेना आसान हो गया है जो कभी कांग्रेस की थी। जैसा कि असम 9 अप्रैल को मतदान के लिए तैयार है, विश्लेषकों का कहना है कि लड़ाई अब केवल दो विचारधाराओं के बीच नहीं है। यह एक पुनर्जीवित भाजपा के बीच है, जिसे उन्हीं लोगों का समर्थन प्राप्त है जिन्होंने कभी इसका विरोध किया था, और एक खंडित कांग्रेस अपने स्वयं के रैंकों को भरने के लिए पर्याप्त “संदिग्धों” को खोजने के लिए संघर्ष कर रही है। हिमंत बिस्वा सरमा ने सिर्फ खिलाड़ियों को नहीं बदला है; उन्होंने खेल के नियमों को फिर से लिखा है। पहले प्रकाशित: मार्च 20, 2026, 16:45 IST समाचार चुनाव द ग्रेट असम माइग्रेशन: कैसे हिमंत बिस्वा सरमा कांग्रेस को खोखला कर रहे हैं अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)असम(टी)कांग्रेस(टी)बीजेपी(टी)असम चुनाव(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)असम चुनाव(टी)गौरव गोगोई(टी)घुसपैठ








