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इंडिगो को चौथी तिमाही में ₹2,536 करोड़ का घाटा हुआ:पिछले साल ₹3,068 करोड़ का मुनाफा हुआ था; महंगे फ्यूल से कंपनी का नुकसान बढ़ा

इंडिगो को चौथी तिमाही में ₹2,536 करोड़ का घाटा हुआ:पिछले साल ₹3,068 करोड़ का मुनाफा हुआ था; महंगे फ्यूल से कंपनी का नुकसान बढ़ा

इंडिगो एयरलाइन की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन ने 29 मई 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही (Q4FY26) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इस तिमाही में कंपनी को ₹2,536 करोड़ का नेट लॉस (शुद्ध घाटा) हुआ है। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी को ₹3,068 करोड़ का नेट प्रॉफिट (शुद्ध मुनाफा) हुआ था। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इस समय कई तरह की चुनौतियों से जूझ रही है। कंपनी को यह घाटा मुख्य रूप से डोमेस्टिक कैपसिटी पर लगी पाबंदियों, भारतीय रुपए में आई गिरावट और हवाई ईंधन यानी फ्यूल की बढ़ती कीमतों के कारण हुआ है। इसके अलावा इस तिमाही में कंपनी पर ₹250 करोड़ का वन-टाइम चार्ज यानी एकमुश्त शुल्क भी लगा है। सालाना आधार पर घाटे के बावजूद कंपनी के ऑपरेशनल रेवेन्यू में थोड़ी बढ़ोतरी देखी गई है। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में इंडिगो का रेवेन्यू मामूली रूप से बढ़कर ₹22,438 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष (Q4FY25) की समान तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹22,152 करोड़ था। 450 मिलियन डॉलर की प्रीपेमेंट को मंजूरी मिली इंडिगो के बोर्ड ने कंपनी के फाइनेंस लीज ऑब्लिगेशंस (लीज देनदारियों) के आंशिक प्रीपेमेंट को मंजूरी दे दी है। यह भुगतान एक या अधिक किश्तों में कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी ‘इंटरग्लोब एविएशन फाइनेंशियल सर्विसेज IFSC प्राइवेट लिमिटेड’ को किया जाएगा। इसकी कुल रकम लगभग 450 मिलियन डॉलर तक होगी। इस फंड का इस्तेमाल सहायक कंपनी विमान, विमान के इंजन और पार्ट्स खरीदने के लिए करेगी, जिससे एयरलाइन को खुद के एविएशन एसेट्स के मालिकाना हक मिलेंगे। कुल इनकम 6% से ज्यादा बढ़ी है: कंपनी के MD कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) राहुल भाटिया ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 बिजनेस के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण माहौल वाला रहा, जिसने हमारे मुनाफे को काफी प्रभावित किया है। इन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद बिजनेस का बुनियादी प्रदर्शन मजबूत बना रहा। इस साल हमारी क्षमता (कैपसिटी) में 9.5% की बढ़ोतरी हुई और कुल इनकम 6% से ज्यादा बढ़ी है। अगर हम विदेशी मुद्रा (फॉरेन एक्सचेंज) के उतार-चढ़ाव और एकमुश्त मदों के प्रभाव को हटा दें, तो इंडिगो ने ₹7,500 करोड़ का मुनाफा कमाया है। हम लगातार उतार-चढ़ाव के बीच एक मजबूत बैलेंस शीट और पर्याप्त नकदी (लिक्विडिटी) बनाए रखने में सफल रहे हैं। मिडिल ईस्ट संकट और लेबर लॉ का असर पैसेंजर्स और लोड फैक्टर में गिरावट कंपनी की स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार, इस तिमाही में इंडिगो के यात्रियों की संख्या में 1.1% की मामूली गिरावट आई है, जो घटकर 31.6 मिलियन रह गई। प्रति किलोमीटर कमाई (यील्ड) भी 2.2% घटकर ₹5.20 हो गई। इसके साथ ही पैसेंजर लोड फैक्टर में 1.7% की कमी आई है और यह घटकर 85.8% पर आ गया है। क्या होता है ASKs और लोड फैक्टर?

इंडिगो को चौथी तिमाही में ₹2,536 करोड़ का घाटा हुआ:पिछले साल ₹3,068 करोड़ का मुनाफा हुआ था; महंगे फ्यूल का बोझ यात्रियों पर डालेगी एयरलाइन

इंडिगो को चौथी तिमाही में ₹2,536 करोड़ का घाटा हुआ:पिछले साल ₹3,068 करोड़ का मुनाफा हुआ था; महंगे फ्यूल से कंपनी का नुकसान बढ़ा

इंडिगो एयरलाइन की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन ने 29 मई 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही (Q4FY26) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इस तिमाही में कंपनी को ₹2,536 करोड़ का कॉन्सोलिडेटेड नेट लॉस (शुद्ध घाटा) हुआ है। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी को ₹3,068 करोड़ का कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (शुद्ध मुनाफा) हुआ था। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इस समय कई तरह की चुनौतियों से जूझ रही है। कंपनी को यह घाटा मुख्य रूप से डोमेस्टिक कैपसिटी पर लगी पाबंदियों, भारतीय रुपए में आई गिरावट और हवाई ईंधन यानी फ्यूल की बढ़ती कीमतों के कारण हुआ है। इसके अलावा इस तिमाही में कंपनी पर ₹250 करोड़ का वन-टाइम चार्ज यानी एकमुश्त शुल्क भी लगा है। सालाना आधार पर घाटे के बावजूद कंपनी के ऑपरेशनल रेवेन्यू में थोड़ी बढ़ोतरी देखी गई है। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में इंडिगो का रेवेन्यू मामूली रूप से बढ़कर ₹22,438 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष (Q4FY25) की समान तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹22,152 करोड़ था। फ्यूल के बढ़े हुए खर्च का बोझ यात्रियों पर डालेंगे: इंडिगो नतीजों के साथ ही इंडिगो ने घोषणा की है कि वह घरेलू और इंटरनेशनल दोनों रूटों पर फ्यूल के बढ़े हुए खर्च का बोझ यात्रियों पर डालेगी। मिडिल ईस्ट संकट की वजह से ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव आ रहा है। इसके कारण एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) यानी जेट फ्यूल की लागत बढ़ गई है, जिससे निपटने के लिए कंपनी अब किरायों में बढ़ोतरी करने जा रही है। फ्यूल हेजिंग के विकल्प पर विचार कर रही कंपनी कीमतों में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव को देखते हुए इंडिगो अब ‘फ्यूल हेजिंग’ की रणनीति अपनाने पर विचार कर रही है। कंपनी के एक टॉप एग्जीक्यूटिव के मुताबिक, जोखिम कम करने के उपाय पर काम किया जा रहा है। दुनिया की कई ग्लोबल एयरलाइंस तेल की कीमतों में आने वाले तेज उछाल से अपने मार्जिन को सुरक्षित रखने के लिए इस रणनीति का इस्तेमाल करती हैं। एयरलाइन मैनेजमेंट का कहना है कि एविएशन सेक्टर के लिए फ्यूल प्राइस सबसे बड़ा वेरिएबल बना हुआ है, इसलिए बाजार के हालातों को देखते हुए किरायों को एडजस्ट किया जाता रहेगा। 450 मिलियन डॉलर की प्रीपेमेंट को मंजूरी मिली इंडिगो के बोर्ड ने कंपनी के फाइनेंस लीज ऑब्लिगेशंस (लीज देनदारियों) के आंशिक प्रीपेमेंट को मंजूरी दे दी है। यह भुगतान एक या अधिक किश्तों में कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी ‘इंटरग्लोब एविएशन फाइनेंशियल सर्विसेज IFSC प्राइवेट लिमिटेड’ को किया जाएगा। इसकी कुल रकम लगभग 450 मिलियन डॉलर तक होगी। इस फंड का इस्तेमाल सहायक कंपनी विमान, विमान के इंजन और पार्ट्स खरीदने के लिए करेगी, जिससे एयरलाइन को खुद के एविएशन एसेट्स के मालिकाना हक मिलेंगे। कुल इनकम 6% से ज्यादा बढ़ी है: कंपनी के MD कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) राहुल भाटिया ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 बिजनेस के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण माहौल वाला रहा, जिसने हमारे मुनाफे को काफी प्रभावित किया है। इन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद बिजनेस का बुनियादी प्रदर्शन मजबूत बना रहा। इस साल हमारी क्षमता (कैपसिटी) में 9.5% की बढ़ोतरी हुई और कुल इनकम 6% से ज्यादा बढ़ी है। अगर हम विदेशी मुद्रा (फॉरेन एक्सचेंज) के उतार-चढ़ाव और एकमुश्त मदों के प्रभाव को हटा दें, तो इंडिगो ने ₹7,500 करोड़ का मुनाफा कमाया है। हम लगातार उतार-चढ़ाव के बीच एक मजबूत बैलेंस शीट और पर्याप्त नकदी (लिक्विडिटी) बनाए रखने में सफल रहे हैं। मिडिल ईस्ट संकट और लेबर लॉ का असर पैसेंजर्स और लोड फैक्टर में गिरावट कंपनी की स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार, इस तिमाही में इंडिगो के यात्रियों की संख्या में 1.1% की मामूली गिरावट आई है, जो घटकर 31.6 मिलियन रह गई। प्रति किलोमीटर कमाई (यील्ड) भी 2.2% घटकर ₹5.20 हो गई। इसके साथ ही पैसेंजर लोड फैक्टर में 1.7% की कमी आई है और यह घटकर 85.8% पर आ गया है। 6 महीने में 17.13% गिरा इंडिगो का शेयर तिमाही के नतीजों के पहले इंटरग्लोब एविएशन का शेयर आज 3.28% गिरकर 4,420 रुपए के स्तर पर बंद हुआ। कंपनी का शेयर 5 दिन में 2.3% गिरा और एक महीने में 1.72% चढ़ा है। वहीं शेयर बीते 6 महीने में 24% और एक साल में 17% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 1.71 लाख करोड़ रुपए है। भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन है इंडिगो मार्केट शेयर के लिहाज से इंडिगो देश की सबसे बड़ी एयरलाइन है। भारतीय एयरलाइन मार्केट में कंपनी का मार्केट शेयर करीब 60% है। इसकी स्थापना 2006 में राहुल भाटिया और राकेश गंगवाल ने की थी। एयरलाइन की 400 से ज्यादा एयरक्राफ्ट की फ्लीट है। इसके 50 करोड़ से ज्यादा कस्टमर हैं। क्या होता है ASKs और लोड फैक्टर? अवेलेबल सीट किलोमीटर (ASKs): इसका मतलब होता है कि एयरलाइन के पास कुल कितनी सीटें उपलब्ध थीं और उन्होंने कितने किलोमीटर की दूरी तय की। यह एयरलाइन की कुल पैसेंजर क्षमता को मापने का पैमाना है। लोड फैक्टर: इससे पता चलता है कि उड़ान के दौरान एयरलाइन की कितनी प्रतिशत सीटें भरी हुई थीं। जितना ज्यादा लोड फैक्टर होगा, एयरलाइन की क्षमता का उतना ही बेहतर इस्तेमाल माना जाता है।

power outage in indigo flight 6e 657 passengers suffocated at vadodara airport

power outage in indigo flight 6e 657 passengers suffocated at vadodara airport

Hindi News National Power Outage In Indigo Flight 6e 657 Passengers Suffocated At Vadodara Airport वडोदरा5 मिनट पहले कॉपी लिंक इंडिगो की फ्लाइट नंबर 6E657 वडोदरा से दिल्ली रवाना होने की तैयारी में थी । गुजरात के वडोदरा में रविवार रात इंडिगो की फ्लाइट (6E 657) में बिजली गुल हो गई। विमान का ग्राउंड पावर यूनिट (GPU) अचानक बंद हो जाने से ये हालात बने। इसके चलते पैसेंजर्स को अंधेरे और भारी उमस में परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ यात्रियों की तबीयत बिगड़ने लगी थी। एक पैसेंजर ने अपने मोबाइल में ये वीडियो रिकॉर्ड कर लिया था, जो अब वायरल हो रहा है। 25 मिनट बाद लाइट बिजली सप्लाई हुई शुरू रविवार रात को इंडिगो की फ्लाइट नंबर 6E657 वडोदरा से दिल्ली रवाना होने की तैयारी में थी। इसी बीच 8:50 बचे अचानक फ्लाइट की बिजली गुल हो गई। करीब 25 मिनट बाद बिजली की सप्लाई दोबारा शुरू हो सकी। एयरपोर्ट के अधिकारियों ने बताया कि प्लेन का जीपीयू (ग्राउंड पावर यूनिट) में तकनीकी समस्या आ गई थी। इससे ये हालात बने। प्लेन के अंदर की 3 तस्वीरें… एयरपोर्ट पर जीपीयू का काम क्या है? जब कोई विमान रनवे या टर्मिनल पर खड़ा होता है, तो उसके मुख्य इंजन बंद कर दिए जाते हैं। इंजन बंद होने पर भी ग्राउंड पावर यूनिट (जीपीयू) प्लेन के अंदर महत्वपूर्ण प्रणालियों, जैसे कॉकपिट इंस्ट्रूमेंट्स (डिस्प्ले और नेविगेशन), केबिन लाइटिंग, एयर कंडीशनिंग (तापमान बनाए रखने के लिए) और इंजन को दोबारा चालू करने के लिए आवश्यक बिजली प्रदान करता है। —————– प्लेन से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… दिल्ली-टेकऑफ के दौरान स्विस प्लेन का इंजन फेल, आग लगी:6 घायल, 4 नवजात समेत 232 लोग सवार थे दिल्ली एयरपोर्ट में टेकऑफ के दौरान स्विस प्लेन का इंजन फेल हो गया। स्विस एयरलाइंस की LX147 फ्लाइट शनिवार देर रात 1:08 बजे टेकऑफ करने वाली थी। तभी उसका एक इंजन फेल हो गया और उसमें आग लग गई। पायलट ने तुरंत विमान रोक दिया। पूरी खबर पढ़ें.. एअर इंडिया फ्लाइट में घंटों बिना AC के बैठे यात्री:दिल्ली एयरपोर्ट पर हंगामा; इंदौर के लिए 3 घंटे डिले के बाद भरी उड़ान दिल्ली से इंदौर आने वाली एअर इंडिया की फ्लाइट AI-2515 को तकनीकी खराबी के चलते रनवे से वापस टर्मिनल पर लाना पड़ा। रनवे पर खड़ी फ्लाइट के अंदर एयर कंडीशनिंग (AC) बंद कर दी गई। भीषण गर्मी और बंद केबिन में घंटों फंसे रहने से यात्रियों की तबीयत बिगड़ने लगी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Air India Cancels 6 International Flights Till August Amid High Fuel Prices

Air India Cancels 6 International Flights Till August Amid High Fuel Prices

Hindi News Business Air India Cancels 6 International Flights Till August Amid High Fuel Prices नई दिल्ली17 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका-ईरान जंग के कारण दुनियाभर में खड़े हुए आर्थिक संकट के बीच एअर इंडिया ने अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर कटौती का फैसला लिया है। एयरलाइन ने बुधवार को घोषणा की कि वह जून से अगस्त तक 6 विदेशी रूट पर अपनी सेवाएं अस्थायी रूप से रद्द करेगी। इसमें दिल्ली-शिकागो और मुंबई-न्यूयॉर्क जैसे व्यस्त रूट भी शामिल हैं। टाटा ग्रुप की एयरलाइन कंपनी ने बताया कि कुछ देशों के ऊपर से उड़ानों पर लगी पाबंदी और जेट फ्यूल की बढ़ती कीमतों की वजह से इन रूटों पर विमान उड़ाना घाटे का सौदा साबित हो रहा है। इन 6 रूटों पर बंद रहेंगी सेवाएं दिल्ली-शिकागो (अमेरिका) मुंबई-न्यूयॉर्क (अमेरिका) दिल्ली-शंघाई (चीन) चेन्नई-सिंगापुर मुंबई-ढाका (बांग्लादेश) दिल्ली-माले (मालदीव) अमेरिका-ईरान युद्ध और महंगे तेल ने बिगाड़ा गणित ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण कई देशों ने अपना एयरस्पेस प्रतिबंधित कर दिया है, जिससे फ्लाइट्स को लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है। इससे ईंधन की खपत बढ़ गई है। वहीं, ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल की वजह से विमान ईंधन (ATF) के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। घाटे में चल रही एअर इंडिया के लिए इन महंगे रूट को जारी रखना मुश्किल हो रहा था। ढाई महीने में कच्चा तेल 45.5% महंगा हुआ अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतें 28 फरवरी से अब तक 45.5% बढ़ गई हैं। हालांकि, सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए ATF की कीमतों में बढ़ोतरी को 25% पर कैप कर दिया था। इसके चलते अप्रैल में तेल कंपनियों (OMCs) ने घरेलू ATF के दाम सिर्फ 9.2% ही बढ़ाए, लेकिन इंटरनेशनल ऑपरेशंस के लिए यह बढ़ोतरी बहुत ज्यादा रही। एयरलाइंस का फ्यूल खर्च 40% से बढ़कर 60% हुआ FIA के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय और घरेलू सेक्टर में फ्यूल की कीमतों के भारी अंतर ने एयरलाइंस के नेटवर्क को वित्तीय रूप से अस्थिर बना दिया है। पहले एयरलाइंस के कुल ऑपरेशनल खर्च में फ्यूल का हिस्सा 40% होता था, जो बढ़कर 60% तक पहुंच गया है। हर महीने 1,200 उड़ानें जारी रहेंगी एअर इंडिया ने बताया कि भारी कटौती के बावजूद, वह हर महीने 1,200 से अधिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें ऑपरेट करती रहेगी। इनमें ये रूट शामिल हैं: नॉर्थ अमेरिका: 33 उड़ानें प्रति सप्ताह। यूरोप और यूके: कुल 104 उड़ानें प्रति सप्ताह। साउथ ईस्ट एशिया व सार्क देश: 158 उड़ानें प्रति सप्ताह। ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका: क्रमशः 8 और 7 उड़ानें प्रति सप्ताह। टाटा ग्रुप के लिए बड़ी चुनौती बता दें कि एअर इंडिया ने 31 मार्च को समाप्त हुए वित्त वर्ष में 220 अरब रुपए का रिकॉर्ड घाटा दर्ज किया है। CEO कैंपबेल विल्सन के इस्तीफे के बाद कंपनी नए नेतृत्व की तलाश में है। यह कटौती उसी कॉस्ट-कटिंग (लागत कटौती) योजना का हिस्सा है, जिसके तहत हाल ही में बड़े अधिकारियों की सैलरी में कटौती और नॉन-टेक्निकल स्टाफ को छुट्टी पर भेजने की चर्चा हुई थी। घाटा बढ़ने की 3 बड़ी वजहें मिडिल ईस्ट वॉर: ईरान-इजराइल तनाव के कारण एयर इंडिया को अब पश्चिम के देशों (यूरोप/अमेरिका) के लिए लंबा रूट लेना पड़ता है। इससे उड़ान का समय 1.5 से 2 घंटे बढ़ गया है, जिससे करोड़ों का ईंधन ज्यादा जल रहा है। इन्वेस्टमेंट: टाटा ग्रुप एयरलाइन को सुधारने के लिए नए विमानों का ऑर्डर दे रहा है और पुराने विमानों के केबिन को पूरी तरह बदल रहा है। इस बड़े निवेश का असर फिलहाल बैलेंस शीट पर घाटे के रूप में दिख रहा है। ऑपरेशनल कॉस्ट: एयर इंडिया के पास कई पुराने बोइंग विमान हैं जिनके स्पेयर पार्ट्स और मेंटेनेंस पर काफी खर्च होता है। साथ ही, सिंगापुर एयरलाइंस के साथ मर्जर की कानूनी प्रक्रियाओं में भी काफी फंड खर्च हो रहा है। —————- ये भी पढ़ें… एअर इंडिया VP लेवल के अफसरों की सैलरी काटेगी: ईरान युद्ध के कारण 20% उड़ानें रद्द करने की तैयारी, नॉन-टेक्निकल स्टाफ को छुट्टी पर भेजेगी कंपनी टाटा ग्रुप की एयरलाइन कंपनी एअर इंडिया अपनी लागत घटाने के लिए कर्मचारियों की सैलरी में कटौती और उड़ानों की संख्या करीब 20% कम कर सकती है। वर्तमान में एयरलाइन हर दिन करीब 900 उड़ानों का संचालन करती है। कंपनी मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण जेट फ्यूल महंगा होने से ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ने की वजह से यह कदम उठाने की तैयारी कर रही है। बता दें कि एयरलाइन पहले से ही घाटे में है और अपने नए CEO की तलाश कर रही है। पूरी खबर पढ़ें… —————— डॉलर के मुकाबले रुपया ऑल टाइम लो पर आया: 1 डॉलर की कीमत 95.74 रुपए हुई, इससे महंगाई बढ़ने का खतरा रुपया आज 13 मई को डॉलर के मुकाबले 25 पैसे गिरकर 95.75 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है। इससे पहले मंगलवार को भी रुपया 95.50 के ऑल टाइम लो पर पहुंचा था। पिछले कुछ दिनों से रुपए में लगातार गिरावट जारी है। साल 2026 की शुरुआत से ही रुपया दबाव में है। पिछले साल दिसंबर 2025 में पहली बार रुपया 90 के स्तर के पार गया था। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ गया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

एअर इंडिया अब हर दिन 100 फ्लाइट्स कम करेगी:वजह- फ्यूल की बढ़ती कीमतें और स्पेयर पार्ट्स की कमी; ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और अमेरिका के रूट प्रभावित होंगे

एअर इंडिया अब हर दिन 100 फ्लाइट्स कम करेगी:वजह- फ्यूल की बढ़ती कीमतें और स्पेयर पार्ट्स की कमी; ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और अमेरिका के रूट प्रभावित होंगे

एअर इंडिया अपनी इंटरनेशनल और डोमेस्टिक उड़ानों में करीब 10% की कटौती करने जा रही है। टाटा ग्रुप की यह एयरलाइन अक्टूबर के अंत से शुरू होने वाले विंटर शेड्यूल से रोजाना लगभग 100 उड़ानें बंद करेगी। वर्तमान में एयरलाइन हर दिन करीब 900 उड़ानों का संचालन करती है। फ्यूल की बढ़ती कीमतों और स्पेयर पार्ट्स की कमी के चलते फैसला इन अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा सूत्रों के अनुसार, एयरलाइन ने भारत को उत्तरी अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया से जोड़ने वाले कई महत्वपूर्ण इंटरनेशनल रूट्स पर फ्लाइट्स की फ्रीक्वेंसी कम करने का फैसला लिया है। डोमेस्टिक नेटवर्क में भी होगा बदलाव घरेलू रूट्स पर भी एअर इंडिया अपनी फ्रीक्वेंसी कम करेगी। कंपनी का प्लान मेट्रो-टू-मेट्रो रूट्स पर उन फ्लाइट्स को कम करने का है जहां वर्तमान में कई डेली सर्विसेज चल रही हैं। इससे एयरलाइन को अपने विमानों को अधिक मुनाफे वाले रूट्स पर लगाने या उन्हें स्टैंडबाय पर रखने में मदद मिलेगी, जिससे ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (OTP) में सुधार हो सके। मैनेजमेंट और एक्सपर्ट्स की राय एविएशन एनालिस्ट्स का मानना है कि ATF की कीमतें एयरलाइन की ऑपरेटिंग कॉस्ट का करीब 40% होती हैं। ऐसे में टाटा ग्रुप के लिए एयर इंडिया के ट्रांसफॉर्मेशन के दौरान ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी के बीच बैलेंस बनाना एक बड़ी चुनौती है। ATF क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है? ये खबर भी पढ़ें… आज से कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 994 रुपए तक महंगा: ऑनलाइन गेमिंग के लिए नए नियम भी लागू; मई में होने वाले 4 बड़े बदलाव कॉमर्शियल सिलेंडर आज यानी 1 मई से 994 रुपए तक महंगा हो गया है। दिल्ली में ये 3071.50 रुपए में मिल रहा है। इसके अलावा ‘ऑनलाइन गेमिंग रूल्स 2026’ प्रभावी हो गए हैं। पूरी खबर पढ़ें…

एअर इंडिया अब हर दिन 100 फ्लाइट्स कम करेगी:वजह- फ्यूल की बढ़ती कीमतें और स्पेयर पार्ट्स की कमी; ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और अमेरिका के रूट प्रभावित होंगे

एअर इंडिया अब हर दिन 100 फ्लाइट्स कम करेगी:वजह- फ्यूल की बढ़ती कीमतें और स्पेयर पार्ट्स की कमी; ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और अमेरिका के रूट प्रभावित होंगे

एअर इंडिया अपनी इंटरनेशनल और डोमेस्टिक उड़ानों में करीब 10% की कटौती करने जा रही है। टाटा ग्रुप की यह एयरलाइन अक्टूबर के अंत से शुरू होने वाले विंटर शेड्यूल से रोजाना लगभग 100 उड़ानें बंद करेगी। वर्तमान में एयरलाइन हर दिन करीब 900 उड़ानों का संचालन करती है। फ्यूल की बढ़ती कीमतों और स्पेयर पार्ट्स की कमी के चलते फैसला इन अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा सूत्रों के अनुसार, एयरलाइन ने भारत को उत्तरी अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया से जोड़ने वाले कई महत्वपूर्ण इंटरनेशनल रूट्स पर फ्लाइट्स की फ्रीक्वेंसी कम करने का फैसला लिया है। डोमेस्टिक नेटवर्क में भी होगा बदलाव घरेलू रूट्स पर भी एअर इंडिया अपनी फ्रीक्वेंसी कम करेगी। कंपनी का प्लान मेट्रो-टू-मेट्रो रूट्स पर उन फ्लाइट्स को कम करने का है जहां वर्तमान में कई डेली सर्विसेज चल रही हैं। इससे एयरलाइन को अपने विमानों को अधिक मुनाफे वाले रूट्स पर लगाने या उन्हें स्टैंडबाय पर रखने में मदद मिलेगी, जिससे ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (OTP) में सुधार हो सके। मैनेजमेंट और एक्सपर्ट्स की राय एविएशन एनालिस्ट्स का मानना है कि ATF की कीमतें एयरलाइन की ऑपरेटिंग कॉस्ट का करीब 40% होती हैं। ऐसे में टाटा ग्रुप के लिए एयर इंडिया के ट्रांसफॉर्मेशन के दौरान ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी के बीच बैलेंस बनाना एक बड़ी चुनौती है। ATF क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है? ये खबर भी पढ़ें… आज से कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 994 रुपए तक महंगा: ऑनलाइन गेमिंग के लिए नए नियम भी लागू; मई में होने वाले 4 बड़े बदलाव कॉमर्शियल सिलेंडर आज यानी 1 मई से 994 रुपए तक महंगा हो गया है। दिल्ली में ये 3071.50 रुपए में मिल रहा है। इसके अलावा ‘ऑनलाइन गेमिंग रूल्स 2026’ प्रभावी हो गए हैं। पूरी खबर पढ़ें…

दिल्ली- टेकऑफ के दौरान स्विस फ्लाइट का इंजन फेल:सभी 232 यात्री सुरक्षित; ज्यूरिख जा रही थी फ्लाइट

दिल्ली- टेकऑफ के दौरान स्विस फ्लाइट का इंजन फेल:सभी 232 यात्री सुरक्षित; ज्यूरिख जा रही थी फ्लाइट

दिल्ली एयरपोर्ट में टेकऑफ के दौरान स्विस विमान का इंजन फेल हो गया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, स्विस एयरलाइंस की LX147 फ्लाइट शनिवार रात 1:08 बजे टेकऑफ करने वाली थी। तभी उसका एक इंजन फेल हो गया और उसमें आग लग गई। जिसके बाद पायलट ने तुरंत विमान रोक दिया। अधिकारियों ने बताया कि सभी यात्रियों को रनवे पर इमरजेंसी स्लाइड का इस्तेमाल करके सुरक्षित बाहर निकाला गया। 6 यात्री घायल हो गए हैं। फ्लाइट स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख जाने वाली थी। हम खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं।

दिल्ली-इंदौर एअर इंडिया फ्लाइट में तकनीकी खराबी, उड़ान कैंसिल:रनवे से लौटा विमान, भीषण गर्मी में घंटों बिना AC के बैठे यात्री; एयरपोर्ट पर नारेबाजी

दिल्ली-इंदौर एअर इंडिया फ्लाइट में तकनीकी खराबी, उड़ान कैंसिल:रनवे से लौटा विमान, भीषण गर्मी में घंटों बिना AC के बैठे यात्री; एयरपोर्ट पर नारेबाजी

दिल्ली से इंदौर आने वाली एअर इंडिया की फ्लाइट AI-2515 को तकनीकी खराबी के चलते रनवे से वापस टर्मिनल पर लाना पड़ा। रनवे पर खड़ी फ्लाइट के अंदर एयर कंडीशनिंग (AC) बंद कर दी गई। भीषण गर्मी और बंद केबिन में घंटों फंसे रहने से यात्रियों की तबीयत बिगड़ने लगी। यात्री रिफंड की मांग को लेकर दिल्ली एयरपोर्ट पर नारेबाजी कर रहे हैं। फ्लाइट रोजाना दोपहर 12:10 बजे दिल्ली से उड़ान भरती है। 1:45 बजे इंदौर पहुंचती है। तकनीकी समस्या के कारण देरी हुई। इसके शाम 5 बजे तक इंदौर पहुंचने की संभावना जताई गई थी, लेकिन एअर इंडिया ने फ्लाइट को रद्द कर दिया है। घटनाक्रम की शुरुआत दिल्ली एयरपोर्ट पर गेट बदलने से हुई। बोर्डिंग से पहले दो बार गेट बदला गया, जिससे अफरा-तफरी रही। विमान में बैठाने के बाद तकनीकी क्लियरेंस न मिलने से फ्लाइट को लंबे समय तक रनवे पर खड़ा रखा गया। यात्रियों ने रिफंड की मांग की यात्रियों का कहना है कि देरी को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई और चालक दल से भी संतोषजनक जवाब नहीं मिले। स्थिति लंबे समय तक जस की तस रही, जिसके बाद विमान को वापस टर्मिनल पर लाया गया। एयरपोर्ट पर उतरते ही यात्रियों ने एअर इंडिया के खिलाफ नारेबाजी की और विरोध जता रहे हैं। यात्रियों ने एयरलाइन पर सुरक्षा से खिलवाड़ और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार का आरोप लगाया। कई यात्री वैकल्पिक व्यवस्था या रिफंड की मांग को लेकर एयरपोर्ट पर अड़े हैं। शालिन जैन नाम के पैसेंजर ने सोशल मीडिया प्लेफॉर्म एक्स पर एअर इंडिया को टैग कर लिखा- एअर इंडिया की लापरवाही दिन-ब-दिन नई ऊंचाइयों पर पहुंच रही है। AI-2516 इंदौर-दिल्ली फ्लाइट, जो दोपहर 2:15 बजे निर्धारित थी, हर 30 मिनट में समय बदलते हुए अब शाम 6 बजे बताई जा रही है। क्या यह फ्लाइट आज रवाना भी होगी? फ्लाइट 2 घंटे देरी से चली, अब कैंसिल वहीं @astro_moon_6 नाम के यूजर ने @airindia को टैग करते हुए लिखा कि फ्लाइट 2 घंटे देरी से चली और अब रद्द कर दी गई है। तकनीकी खराबी के अलावा कोई ठोस कारण नहीं बताया गया। यह भी स्पष्ट नहीं है कि यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए क्या व्यवस्था की गई है। असुविधा को कम करने हमारी टीम काम कर रही- एअर इंडिया इसके जवाब में एअर इंडिया ने रिप्लाई करते हुए लिखा- मिस्टर जैन, हम आपकी बात समझते हैं। आपके अनुभव के प्रति सहानुभूति रखते हैं। यह देरी परिचालन कारणों से हुई है। हमारी टीम असुविधा को कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। आपके धैर्य के लिए धन्यवाद। ………………………………………. यह खबरें भी पढ़ें… 1. अहमदाबाद प्लेन क्रैश- फ्यूल में गड़बड़ी या दोनों इंजन फेल:क्या पायलट ने गलत इंजन बंद किया, 4 केस स्टडी से समझिए हादसे की थ्योरी अहमदाबाद से 12 जून को लंदन जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI-171 उड़ने के तुरंत बाद एक हॉस्टल के ऊपर क्रैश हो गई। कुल 260 लोग मारे गए। इनमें 230 पैसेंजर और 12 क्रू मेंबर्स शामिल हैं। टेकऑफ के दो मिनट बाद ही जिस तरह प्लेन गिरा, उसकी वजह समझने के लिए दैनिक भास्कर ने बड़े विमान हादसों की पड़ताल की। इनकी जांच रिपोर्ट पढ़ी। पढ़ें पूरी खबर… 2. इंदौर एयरपोर्ट प्रबंधन ने रनवे के पास छोड़ा गड्ढा इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यह मामला रनवे से जुड़ा है, जहां केबलिंग कार्य के लिए रनवे के पास गड्ढा खोदा गया है। हैरानी की बात यह है कि आम सड़कों की तरह इस गड्ढे को न तो तुरंत भरा गया और न ही आसपास कोई सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। पढ़ें पूरी खबर…

इंदौर से गोंदिया-मुंबई उड़ानें रद्द:स्टार एयर ने 31 मई तक सभी फ्लाइट्स कैंसिल कीं, अब 1 जून से ही बुकिंग

इंदौर से गोंदिया-मुंबई उड़ानें रद्द:स्टार एयर ने 31 मई तक सभी फ्लाइट्स कैंसिल कीं, अब 1 जून से ही बुकिंग

इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गोंदिया और मुंबई के बीच सीधी उड़ानों का संचालन करने वाली स्टार एयर ने 31 मई तक के लिए अपनी सभी उड़ानों को निरस्त कर दिया है। कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर 31 मई तक की सभी उड़ानों को हटाते हुए 1 जून से बुकिंग शुरू की है। उड़ानों के निरस्त होने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऑपरेशनल कारणों का दिया हवाला इंदौर एयरपोर्ट से मिली जानकारी के मुताबिक स्टार एयर द्वारा करीब एक माह तक अपनी गोंदिया और अहमदाबाद की उड़ानों को निरस्त करने के बाद 15 जनवरी से ही इंदौर से मुंबई और गोंदिया के बीच उड़ानों का संचालन शुरू किया गया था। यह फ्लाइट मुंबई से दोपहर 1.40 बजे इंदौर आकर 2.10 बजे गोंदिया जाती थी। गोंदिया से शाम 5.20 बजे इंदौर आकर 5.50 बजे वापस मुंबई जाती थी, लेकिन कंपनी ने इन सभी चार उड़ानों को अब 31 मई तक के लिए निरस्त कर दिया है। कंपनी ने इसके लिए ऑपरेशनल कारणों का हवाला दिया। इससे पहले कंपनी कई बार इन उड़ानों को निरस्त कर चुकी है। अब मई तक के लिए उड़ानों को स्थायी रूप से बंद करने के कारण इन उड़ानों में पहले से बुकिंग कर चुके यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशान वे यात्री हैं, जिन्होंने गोंदिया के लिए टिकट बुक किया था, क्योंकि इंदौर से गोंदिया के लिए इस फ्लाइट के अलावा कोई सीधी फ्लाइट नहीं है। 30 मार्च से ही बेलगाम का कनेक्शन शुरू किया था कंपनी ने समर शेड्यूल में 30 मार्च से ही अपनी सेवाओं का विस्तार करते हुए इंदौर से मुंबई जाने वाली फ्लाइट को आगे कर्नाटक के बेलगाम तक विस्तारित किया था। इससे इंदौर से बेलगाम जाने वाले यात्री बिना विमान बदले बेलगाम जा सकते थे, लेकिन मुंबई फ्लाइट बंद होने के कारण यह कनेक्शन भी बंद हो गया। 1 जून से जब दोबारा उड़ानें शुरू होंगी तो यह कनेक्शन भी फिर से शुरू होगा। कंपनी द्वारा की जा रही बुकिंग के अनुसार इन उड़ानों का संचालन सप्ताह में तीन दिन सोम, बुध और शनिवार को किया जाएगा।

Hyderabad-Hubli Flight Diverted to Bengaluru Due to Bad Weather

Hyderabad-Hubli Flight Diverted to Bengaluru Due to Bad Weather

Hindi News National Hyderabad Hubli Flight Diverted To Bengaluru Due To Bad Weather | 22 Passengers Safe 9 मिनट पहले कॉपी लिंक खराब मौसम के चलते हैदराबाद से हुबली जा रही Fly91 की एक फ्लाइट को बेंगलुरु डायवर्ट करना पड़ा। एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक, फ्लाइट में सवार सभी 22 यात्री सुरक्षित हैं। सूत्रों के अनुसार, फ्लाइट रविवार दोपहर करीब 3:30 बजे हैदराबाद से रवाना हुई थी और इसे शाम 4:30 बजे हुबली पहुंचना था। लेकिन खराब मौसम के कारण विमान तय समय पर लैंड नहीं कर सका और करीब तीन घंटे तक हवा में ही रहा। इस दौरान कुछ यात्रियों में घबराहट फैल गई। कई लोग भावुक हो गए और अपनी सुरक्षा के लिए प्रार्थना करने लगे। अधिकारियों ने बताया कि मौसम सुधरने की उम्मीद में विमान ने करीब एक घंटे तक हुबली के ऊपर चक्कर लगाए। बाद में सुरक्षा को देखते हुए फ्लाइट को बेंगलुरु डायवर्ट करने का फैसला लिया गया। एक अधिकारी ने कहा, “यह सामान्य प्रक्रिया है। पायलट मौसम की स्थिति को देखते हुए ऐसा निर्णय लेते हैं।” फ्लाइट शाम करीब 6:30 बजे बेंगलुरु में उतरी। मौसम में सुधार होने के बाद रात करीब 11 बजे इसे दोबारा हुबली के लिए रवाना किया गया। अधिकारियों ने बताया कि खराब मौसम के कारण मुंबई से कोल्हापुर जाने वाली एक अन्य फ्लाइट को भी गोवा डायवर्ट करना पड़ा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔