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Pune Airport Runway Shut | 91 Flights Cancelled After IAF Plane Hard Landing

Pune Airport Runway Shut | 91 Flights Cancelled After IAF Plane Hard Landing

Hindi News National Pune Airport Runway Shut | 91 Flights Cancelled After IAF Plane Hard Landing पुणे6 मिनट पहले कॉपी लिंक पुणे एयरपोर्ट का रनवे शुक्रवार देर रात एक IAF विमान की हार्ड लैंडिंग के बाद अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। इस घटना के कारण एयरपोर्ट पर फ्लाइट ऑपरेशन 8 घंटे तक प्रभावित रहा। भारतीय वायुसेना ने खुद इसकी जानकारी दी। IAF के मुताबिक, विमान की लैंडिंग के दौरान हुई घटना के बाद, सुरक्षा कारणों से रनवे को तुरंत बंद करना पड़ा। विमान का क्रू सुरक्षित है। किसी भी संपत्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ है। हालांकि एयरपोर्ट पर फ्लाइट ऑपरेशन सुबह 7.30 बजे के बाद नॉर्मल हो सका। एयरपोर्ट डायरेक्टर के मुताबिक 5 एयरलाइंस की 91 फ्लाइट्स कैंसिल करनी पड़ी थीं। कैंसिल होने वाली फ्लाट्स में इंडिगो की 65, एअर इंडिया की 6, स्पाइसजेट की 5, अकासा एयर की 5, एअर इंडिया एक्सप्रेस की 10 फ्लाइट्स शामिल थीं। एयरपोर्ट डायरेक्टर के मुताबिक मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है। इसके बाद उड़ानें सुबह 7:30 बजे से शुरू हो गई हैं। दिन भर में ऑपरेशन सामान्य हो जाएगा। दरअसल, पुणे एयरपोर्ट डुअल यूज मॉडल पर काम करता है, जिसमें सिविल कमर्शियल उड़ानों के साथ-साथ एक एक्टिव एयरफोर्स स्टेशन ऑपरेशन भी शामिल है। वायुसेना के विमान का लैंडिंग गियर खराब हुआ था पुणे इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार रात लगभग 22:25 बजे, एक लड़ाकू विमान की लैंडिंग के दौरान उसका ‘अंडरकैरेज’ (लैंडिंग गियर) खराब हो गया, जिसके कारण रनवे पर रुकावट आ गई। क्या होती है हार्ड लैंडिंग आम तौर पर रनवे पर लैंड करते समय प्लेन धीरे-धीरे और स्मूदली उतरता है। लेकिन अगर वह जोर से रनवे पर टकरा जाए या तेजी से नीचे आए तो उसे हार्ड लैंडिंग कहते हैं। हार्ड लैंडिंग की कई वजह हो सकती हैं, इनमें खराब मौसम (तेज हवा, तूफान), पायलट के कैल्कुलेशन में गड़बड़ी या फिर अचानक हवा का दबाव बदलना शामिल है। हार्ड लैंडिंग के दौरान कभी-कभी सिर्फ झटका ही लगता है, लेकिन इन्टेन्सिटी ज्यादा होने से विमान को नुकसान हो सकता है। उसमें बैठे पैसेंजर और क्रू को चोटें लग सकती हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Pune Airport Runway Shut | 91 Flights Cancelled After IAF Plane Hard Landing

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Hindi News National Pune Airport Runway Shut | 91 Flights Cancelled After IAF Plane Hard Landing पुणे12 मिनट पहले कॉपी लिंक पुणे एयरपोर्ट का रनवे शुक्रवार देर रात एक IAF विमान की हार्ड लैंडिंग के बाद अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। इस घटना के कारण एयरपोर्ट पर फ्लाइट ऑपरेशन 8 घंटे तक प्रभावित रहा। भारतीय वायुसेना ने खुद इसकी जानकारी दी। IAF के मुताबिक, विमान की लैंडिंग के दौरान हुई घटना के बाद, सुरक्षा कारणों से रनवे को तुरंत बंद करना पड़ा। विमान का क्रू सुरक्षित है। किसी भी संपत्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ है। हालांकि एयरपोर्ट पर फ्लाइट ऑपरेशन सुबह 7.30 बजे के बाद नॉर्मल हो सका। एयरपोर्ट डायरेक्टर के मुताबिक 5 एयरलाइंस की 91 फ्लाइट्स कैंसिल करनी पड़ी थीं। कैंसिल होने वाली फ्लाट्स में इंडिगो की 65, एअर इंडिया की 6, स्पाइसजेट की 5, अकासा एयर की 5, एअर इंडिया एक्सप्रेस की 10 फ्लाइट्स शामिल थीं। एयरपोर्ट डायरेक्टर के मुताबिक मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है। इसके बाद उड़ानें सुबह 7:30 बजे से शुरू हो गई हैं। दिन भर में ऑपरेशन सामान्य हो जाएगा। दरअसल, पुणे एयरपोर्ट डुअल यूज मॉडल पर काम करता है, जिसमें सिविल कमर्शियल उड़ानों के साथ-साथ एक एक्टिव एयरफोर्स स्टेशन ऑपरेशन भी शामिल है। वायुसेना के विमान का लैंडिंग गियर खराब हुआ था न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक पुणे इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अधिकारियों के बताया कि शुक्रवार रात लगभग 22:25 बजे लड़ाकू विमान लैंडिंग करने वाला था। इस दौरान उसका ‘अंडरकैरेज’ (लैंडिंग गियर) खराब हो गया था, जिसके कारण वह रनवे पर टकरा गया। हालांकि यह कौन सा फाइटर जेट था, इसके बारे में अथॉरिटीज ने कोई जानकारी नहीं दी है। न ही इसके विजुअल मिल सकते हैं। क्या होती है हार्ड लैंडिंग आम तौर पर रनवे पर लैंड करते समय प्लेन धीरे-धीरे और स्मूदली उतरता है। लेकिन अगर वह जोर से रनवे पर टकरा जाए या तेजी से नीचे आए तो उसे हार्ड लैंडिंग कहते हैं। हार्ड लैंडिंग की कई वजह हो सकती हैं, इनमें खराब मौसम (तेज हवा, तूफान), पायलट के कैल्कुलेशन में गड़बड़ी या फिर अचानक हवा का दबाव बदलना शामिल है। हार्ड लैंडिंग के दौरान कभी-कभी सिर्फ झटका ही लगता है, लेकिन इन्टेन्सिटी ज्यादा होने से विमान को नुकसान हो सकता है। उसमें बैठे पैसेंजर और क्रू को चोटें लग सकती हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Spicejet staff layoff officers salary crisis 13 aircraft Left

Spicejet staff layoff officers salary crisis 13 aircraft Left

Hindi News National Spicejet Staff Layoff Officers Salary Crisis 13 Aircraft Left | 20% Staff Cut Looms नई दिल्ली4 मिनट पहले कॉपी लिंक देश की प्राइवेट एयरलाइन स्पाइसजेट गंभीर संकट से गुजर रही है। परिचालन क्षमता घटने पर कंपनी ने 20% स्टाफ कम करने का फैसला किया है, जिसमें 500 से ज्यादा कर्मचारियों को बिना वेतन छुट्टी पर भेजा जा सकता है। एयरलाइन के पास 6,800 कर्मचारी हैं। अपने केवल 13 विमान बचे हैं, जिनमें 10 बोइंग और 3 Q400 शामिल हैं। इसके अलावा 14 विमान वेट-लीज (क्रू सहित) पर चल रहे हैं। सीनियर अफसरों को जनवरी से वेतन नहीं मिला है और अन्य कर्मचारियों की सैलरी 2-3 महीने देरी से मिल रही है। कंपनी पर जीएसटी, टीडीएस और पीएफ का 100 करोड़ से अधिक बकाया है। टीडीएस अप्रैल 2025 से व जीएसटी 5 महीनों से जमा नहीं हुआ है। मार्केट शेयर में अकासा से पिछड़ी एयरलाइन ने इस्तीफा दे चुके दर्जनों इंजीनियरों का तीन महीने का नोटिस पीरियड खत्म कर दिया है। 31 मार्च के आदेश के बाद इन कर्मचारियों को तुरंत नौकरी छोड़ने को कहा गया है। घरेलू बाजार में स्पाइसजेट की हिस्सेदारी गिरकर महज 3.9% रह गई है। तुलनात्मक रूप से नई एयरलाइन अकासा की 37 विमानों और 5,000 कर्मचारियों के साथ हिस्सेदारी 4.9% है। पुराने कर्मचारी भी अपना फुल एंड फाइनल बकाया न मिलने पर नाराजगी जता रहे हैं। पायलट सैलरी घटी, 21 दिन काम मिलेगा पायलटों के लिए नया नियम आया है। उन्हें 21 दिन काम व 9 दिन छुट्टी लेनी होगी। इससे कैप्टन्स का 7.5 लाख रुपए मासिक वेतन घटकर 6 लाख रुपए हो जाएगा। जुलाई-सितंबर तिमाही में एयरलाइन का का घाटा बढ़कर ₹621 करोड़ लो कॉस्ट एयरलाइन स्पाइसजेट का जुलाई-सितंबर तिमाही (Q2FY26) में कॉन्सोलिडेटेड नेट लॉस सालाना आधार पर 35% बढ़कर ₹621 करोड़ पहुंच गया था। ये पिछले साल की सामान तिमाही में ₹458 करोड़ था। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू भी 13% घटकर ₹792 करोड़ रह गया । ये पिछले साल की समान तिमाही में 915 करोड़ रुपए था। स्पाइसजेट का घाटा बढ़ने के तीन कारण ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ना: फ्लीट रिवाइवल का मतलब है पुराने प्लेनों को सुधारना—जैसे इंजन ठीक करना, पार्ट्स बदलना। स्पाइसजेट ने Q2 में कई प्लेन ग्राउंडेड (उड़ान बंद) रखे, जिसका खर्च 297 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। एक्सपैंशन (नई फ्लाइट्स जोड़ना) का भी कॉस्ट बढ़ा, क्योंकि नए प्लेन खरीदने या लीज पर लेने में पैसे लगे। इससे कुल ऑपरेटिंग कॉस्ट (रनिंग खर्च) 13% YoY बढ़ गया। कंपनी का कहना है कि यह शॉर्ट-टर्म दर्द है, लेकिन लंबे समय में फ्लीट मजबूत बनेगी। लीजन डिमांड कम, मानसून में पैसेंजर घटे: लीजन डिमांड का मतलब है मानसून सीजन (जुलाई-सितंबर) में यात्रा कम होना। इस समय लोग कम घूमते हैं, क्योंकि बारिश और छुट्टियों का समय होता है। स्पाइसजेट का रेवेन्यू 792 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल के 915 करोड़ से 13% कम है। QoQ में यह 29% गिरा, क्योंकि Q1 में डिमांड ज्यादा थी। पैसेंजर लोड फैक्टर 84.3% रहा, लेकिन कुल टिकट बिक्री कम हुई। इससे कमाई घटी, और घाटा बढ़ा। कंपनी ने कहा कि Q3 से त्योहारी सीजन में सुधार होगा। सप्लाई चेन की समस्या: सप्लाई चेन की समस्या का मतलब है पार्ट्स और इंजन की कमी। स्पाइसजेट के कई प्लेन ग्राउंडेड रहे, क्योंकि इंजन ओवरहॉल (ठीक करना) में देरी हुई। ग्लोबल सप्लाई चेन इश्यूज (जैसे शिपमेंट डिले) से पार्ट्स लेट आए। इससे फ्लाइट्स कम चलीं, और ऑपरेशनल खर्च बढ़ा। Q2 में 297 करोड़ का ऑपरेटिंग लॉस इसी से आया। कंपनी ने कहा कि Q3 में फ्लीट रेडी होगा, लेकिन अभी यह घाटे का बड़ा कारण बना। भारत की लो कॉस्ट एयरलाइन है स्पाइसजेट स्पाइसजेट भारत की लो कॉस्ट एयरलाइन है, जो देश के सुदूर कोनों को जोड़ती है। कंपनी भारत के भीतर 48 डेस्टिनेशन और इंटरनेशनल डेस्टिनेशन के लिए लगभग 250 फ्लाइट डेली ऑपरेट करती है। स्पाइसजेट के बेड़े में बोइंग 737 मैक्स, बोइंग 700 और क्यू400 शामिल हैं। स्पाइसजेट ब्रांड की शुरुआत 2004 में हुई थी, लेकिन इसका एयर ऑपरेटर सर्टिफिकेट (AOC) 1993 का है। तब एसके मोदी के स्वामित्व वाली एक एयर टैक्सी कंपनी ने जर्मन एयरलाइन के साथ लुफ्थांसा के साथ पार्टनरशिप की थी। 1996 में इसके ऑपरेशन बंद हो गए थे। 2004 में, एंटरप्रेन्योर अजय सिंह ने भारत की लो कॉस्ट एयरलाइन स्पाइसजेट बनाने की योजना बनाई। स्पाइसजेट की पहली फ्लाइट 24 मई 2005 को लीज्ड बोइंग 737-800 का उपयोग करके नई दिल्ली (DEL) से मुंबई (BOM) के लिए रवाना हुई थी। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… स्पाइसजेट की मुंबई-जयपुर फ्लाइट कैंसिल, दूसरी फ्लाइट 5 घंटे लेट चली जयपुर एयरपोर्ट पर एक बार फिर पैसेंजर्स को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्पाइसजेट की मुंबई-जयपुर रूट की फ्लाइट संचालन कारणों के चलते रद्द कर दी गई। एयरलाइन ने फ्लाइट संख्या SG – 649, SG – 651 को कैंसिल करने का फैसला किया। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

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Hindi News National Spicejet Staff Layoff Officers Salary Crisis 13 Aircraft Left | 20% Staff Cut Looms नई दिल्ली2 घंटे पहले कॉपी लिंक देश की प्राइवेट एयरलाइन स्पाइसजेट गंभीर संकट से गुजर रही है। परिचालन क्षमता घटने पर कंपनी ने 20% स्टाफ कम करने का फैसला किया है, जिसमें 500 से ज्यादा कर्मचारियों को बिना वेतन छुट्टी पर भेजा जा सकता है। एयरलाइन के पास 6,800 कर्मचारी हैं। अपने केवल 13 विमान बचे हैं, जिनमें 10 बोइंग और 3 Q400 शामिल हैं। इसके अलावा 14 विमान वेट-लीज (क्रू सहित) पर चल रहे हैं। सीनियर अफसरों को जनवरी से वेतन नहीं मिला है और अन्य कर्मचारियों की सैलरी 2-3 महीने देरी से मिल रही है। कंपनी पर जीएसटी, टीडीएस और पीएफ का 100 करोड़ से अधिक बकाया है। टीडीएस अप्रैल 2025 से व जीएसटी 5 महीनों से जमा नहीं हुआ है। मार्केट शेयर में अकासा से पिछड़ी एयरलाइन ने इस्तीफा दे चुके दर्जनों इंजीनियरों का तीन महीने का नोटिस पीरियड खत्म कर दिया है। 31 मार्च के आदेश के बाद इन कर्मचारियों को तुरंत नौकरी छोड़ने को कहा गया है। घरेलू बाजार में स्पाइसजेट की हिस्सेदारी गिरकर महज 3.9% रह गई है। तुलनात्मक रूप से नई एयरलाइन अकासा की 37 विमानों और 5,000 कर्मचारियों के साथ हिस्सेदारी 4.9% है। पुराने कर्मचारी भी अपना फुल एंड फाइनल बकाया न मिलने पर नाराजगी जता रहे हैं। पायलट सैलरी घटी, 21 दिन काम मिलेगा पायलटों के लिए नया नियम आया है। उन्हें 21 दिन काम व 9 दिन छुट्टी लेनी होगी। इससे कैप्टन्स का 7.5 लाख रुपए मासिक वेतन घटकर 6 लाख रुपए हो जाएगा। जुलाई-सितंबर तिमाही में एयरलाइन का का घाटा बढ़कर ₹621 करोड़ लो कॉस्ट एयरलाइन स्पाइसजेट का जुलाई-सितंबर तिमाही (Q2FY26) में कॉन्सोलिडेटेड नेट लॉस सालाना आधार पर 35% बढ़कर ₹621 करोड़ पहुंच गया था। ये पिछले साल की सामान तिमाही में ₹458 करोड़ था। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू भी 13% घटकर ₹792 करोड़ रह गया । ये पिछले साल की समान तिमाही में 915 करोड़ रुपए था। स्पाइसजेट का घाटा बढ़ने के तीन कारण ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ना: फ्लीट रिवाइवल का मतलब है पुराने प्लेनों को सुधारना—जैसे इंजन ठीक करना, पार्ट्स बदलना। स्पाइसजेट ने Q2 में कई प्लेन ग्राउंडेड (उड़ान बंद) रखे, जिसका खर्च 297 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। एक्सपैंशन (नई फ्लाइट्स जोड़ना) का भी कॉस्ट बढ़ा, क्योंकि नए प्लेन खरीदने या लीज पर लेने में पैसे लगे। इससे कुल ऑपरेटिंग कॉस्ट (रनिंग खर्च) 13% YoY बढ़ गया। कंपनी का कहना है कि यह शॉर्ट-टर्म दर्द है, लेकिन लंबे समय में फ्लीट मजबूत बनेगी। लीजन डिमांड कम, मानसून में पैसेंजर घटे: लीजन डिमांड का मतलब है मानसून सीजन (जुलाई-सितंबर) में यात्रा कम होना। इस समय लोग कम घूमते हैं, क्योंकि बारिश और छुट्टियों का समय होता है। स्पाइसजेट का रेवेन्यू 792 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल के 915 करोड़ से 13% कम है। QoQ में यह 29% गिरा, क्योंकि Q1 में डिमांड ज्यादा थी। पैसेंजर लोड फैक्टर 84.3% रहा, लेकिन कुल टिकट बिक्री कम हुई। इससे कमाई घटी, और घाटा बढ़ा। कंपनी ने कहा कि Q3 से त्योहारी सीजन में सुधार होगा। सप्लाई चेन की समस्या: सप्लाई चेन की समस्या का मतलब है पार्ट्स और इंजन की कमी। स्पाइसजेट के कई प्लेन ग्राउंडेड रहे, क्योंकि इंजन ओवरहॉल (ठीक करना) में देरी हुई। ग्लोबल सप्लाई चेन इश्यूज (जैसे शिपमेंट डिले) से पार्ट्स लेट आए। इससे फ्लाइट्स कम चलीं, और ऑपरेशनल खर्च बढ़ा। Q2 में 297 करोड़ का ऑपरेटिंग लॉस इसी से आया। कंपनी ने कहा कि Q3 में फ्लीट रेडी होगा, लेकिन अभी यह घाटे का बड़ा कारण बना। भारत की लो कॉस्ट एयरलाइन है स्पाइसजेट स्पाइसजेट भारत की लो कॉस्ट एयरलाइन है, जो देश के सुदूर कोनों को जोड़ती है। कंपनी भारत के भीतर 48 डेस्टिनेशन और इंटरनेशनल डेस्टिनेशन के लिए लगभग 250 फ्लाइट डेली ऑपरेट करती है। स्पाइसजेट के बेड़े में बोइंग 737 मैक्स, बोइंग 700 और क्यू400 शामिल हैं। स्पाइसजेट ब्रांड की शुरुआत 2004 में हुई थी, लेकिन इसका एयर ऑपरेटर सर्टिफिकेट (AOC) 1993 का है। तब एसके मोदी के स्वामित्व वाली एक एयर टैक्सी कंपनी ने जर्मन एयरलाइन के साथ लुफ्थांसा के साथ पार्टनरशिप की थी। 1996 में इसके ऑपरेशन बंद हो गए थे। 2004 में, एंटरप्रेन्योर अजय सिंह ने भारत की लो कॉस्ट एयरलाइन स्पाइसजेट बनाने की योजना बनाई। स्पाइसजेट की पहली फ्लाइट 24 मई 2005 को लीज्ड बोइंग 737-800 का उपयोग करके नई दिल्ली (DEL) से मुंबई (BOM) के लिए रवाना हुई थी। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… स्पाइसजेट की मुंबई-जयपुर फ्लाइट कैंसिल, दूसरी फ्लाइट 5 घंटे लेट चली जयपुर एयरपोर्ट पर एक बार फिर पैसेंजर्स को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्पाइसजेट की मुंबई-जयपुर रूट की फ्लाइट संचालन कारणों के चलते रद्द कर दी गई। एयरलाइन ने फ्लाइट संख्या SG – 649, SG – 651 को कैंसिल करने का फैसला किया। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

एअर इंडिया फ्लाइट का इंजन बंद, पायलट का इमरजेंसी कॉल:मुंबई से बेंगलुरु जा रही थी,20 मिनट में लौटी, टेकऑफ के दौरान चिंगारी भी दिखी

एअर इंडिया फ्लाइट का इंजन बंद, पायलट का इमरजेंसी कॉल:मुंबई से बेंगलुरु जा रही थी,20 मिनट में लौटी, टेकऑफ के दौरान चिंगारी भी दिखी

मुंबई से बेंगलुरु जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI2812 गुरुवार को उड़ान भरने के करीब 20 मिनट बाद वापस मुंबई एयरपोर्ट लौटी। अधिकारियों ने बताया कि हवा में एक इंजन बंद होने पर पायलट ने रेडियो पर ‘PAN PAN’ कॉल दी, जिसके बाद फ्लाइट को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित लैंड कराया गया। दरअसल विमानन इमरजेंसी प्रोटोकॉल में यह कॉल ‘MAYDAY’ से एक स्तर नीचे मानी जाती है। इसका मतलब होता है कि स्थिति गंभीर है और तुरंत सहायता की जरूरत है, लेकिन तत्काल जानलेवा खतरे की स्थिति नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक टेकऑफ के दौरान तेज आवाज सुनाई दी और चिंगारी भी दिखीं। फ्लाइट को सुबह 2:05 बजे उड़ान भरनी थी लेकिन यह करीब 2:30 बजे रवाना हुई थी। अधिकारियों के मुताबिक उड़ान के कुछ ही मिनट बाद तकनीकी गड़बड़ी महसूस हुई। यात्रियों ने भी टेकऑफ के दौरान कुछ असामान्य महसूस होने की बात कही। अधिकारियों ने बताया कि लैंडिंग के बाद संबंधित विमानों को आगे की उड़ान के लिए रोका गया और उसकी विस्तृत तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। इसकी जगह चलाई गई दूसरी फ्लाइट ने सुबह करीब 4:45 बजे बेंगलुरु के लिए उड़ान भरी। ‘PAN PAN’ क्या होता है? विमानन आपातकालीन संचार में ‘PAN PAN’ ऐसी स्थिति को उजागर करता है जिसमें विमान को तकनीकी या संचालन संबंधी गंभीर समस्या हो, लेकिन स्थिति तुरंत जानलेवा न हो। ऐसी कॉल के बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल विमान को प्राथमिकता के आधार पर लैंडिंग क्लीयरेंस देता है और आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट किया जाता है।

Govt Caps Airfare 25% | Domestic Flights Remain Affordable Amidst Jet Fuel Surge

Govt Caps Airfare 25% | Domestic Flights Remain Affordable Amidst Jet Fuel Surge

Hindi News Business Govt Caps Airfare 25% | Domestic Flights Remain Affordable Amidst Jet Fuel Surge नई दिल्ली7 मिनट पहले कॉपी लिंक अंतरराष्ट्रीय बाजार में ATF यानी जेट फ्यूल 100% से ज्यादा महंगा हो गया है। इस तेजी के बावजूद सरकार ने ATF में बढ़ोतरी को सिर्फ 25% तक सीमित रखने का फैसला किया है। इस पूरे घटनाक्रम समझने के लिए पढ़ें यह Q&A सवाल 1: आज से हवाई ईंधन (ATF) की कीमतों में कितनी बढ़ोतरी हुई है? जवाब: अंतरराष्ट्रीय बाजार को देखते हुए भारत में हवाई ईंधन के दाम 100% से ज्यादा बढ़ने की आशंका थी। लेकिन सरकार ने हस्तक्षेप करते हुए इसे केवल 25% तक सीमित कर दिया है। दिल्ली में अब ATF 1,04,927 रुपए प्रति किलोलीटर हो गई है, जो मार्च में 96,638 रुपए थी। सवाल 2: सरकार को यह फैसला क्यों लेना पड़ा? जवाब: पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ बंद होने की वजह से ग्लोबल एनर्जी मार्केट में असाधारण स्थिति पैदा हो गई है। अगर सरकार दखल नहीं देती, तो ईंधन के दाम दोगुने से ज्यादा हो जाते। घरेलू हवाई सफर को पहुंच में रखने के लिए यह फैसला लिया गया है। सवाल 3: क्या इसका फायदा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को भी मिलेगा? जवाब: नहीं। सरकार ने साफ किया है कि यह राहत केवल घरेलू उड़ानों के लिए है। जो फ्लाइट्स विदेश जा रही हैं, उन्हें ATF की बढ़ी हुई कीमत ही चुकानी होगी। अंतरराष्ट्रीय रूट पर चलने वाली फ्लाइट्स जेट फ्यूल के लिए वही रेट देंगी जो दुनिया के बाकी हिस्सों में चल रहे हैं। सवाल 4: इसका आम यात्रियों के टिकट पर क्या असर पड़ेगा? जवाब: चूंकि सरकार ने ईंधन की बढ़त को 25% पर रोक दिया है, इसलिए घरेलू उड़ानों के किराए में ‘अचानक और बहुत ज्यादा’ उछाल नहीं आएगा। हालांकि, 25% की बढ़ोतरी भी कम नहीं है, इसलिए एयरलाइंस टिकट की कीमतों में मामूली इजाफा कर सकती हैं। सवाल 5: ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ का बंद होना भारत के लिए क्यों चिंता की बात है? जवाब: यह समुद्री रास्ता कच्चे तेल की सप्लाई के लिए दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण पॉइंट है। इजराइल, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण यह रास्ता ब्लॉक हो गया है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा यहीं से आयात करता है। सप्लाई रुकने से कीमतें बढ़ गई है। सवाल 6: ATF के दाम कब और कैसे तय होते हैं? जवाब: भारत में साल 2001 से ATF की कीमतें विनियमित हैं। इनका निर्धारण अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क के आधार पर हर महीने की पहली तारीख को सरकारी तेल कंपनियां करती हैं। सवाल 7: क्या आने वाले समय में राहत बढ़ सकती है? जवाब: यह पूरी तरह से पश्चिम एशिया के हालातों पर निर्भर करता है। सरकार ने फिलहाल ‘स्टैगर्ड’ (किस्तवार) तरीके से दाम बढ़ाए हैं ताकि एकदम से दाम न बढ़े। अगर तनाव कम होता है और सप्लाई बहाल होती है, तो भविष्य में कीमतें स्थिर हो सकती हैं। सवाल 8: अगर सरकार ने 25% का कैप लगाया है तो दाम अभी 8-9% ही क्यों बढ़े हैं? जवाब: सरकार ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चाहे 100% की तेजी आए, भारत में तेल कंपनियां एक बार में 25% से ज्यादा दाम नहीं बढ़ाएंगी। इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें 25% ही बढ़ाना है। 25% की पहली किस्त हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में 100% की तेजी कच्चे तेल के दामों में है। जब इसे भारत में प्रोसेस करके ATF बनाया जाता है, तो उसमें रिफाइनिंग कॉस्ट, लॉजिस्टिक्स और टैक्स भी शामिल होते हैं। सरकार ने फिलहाल सिर्फ बेसिक कॉस्ट के एक हिस्से को ही पास-ऑन करने की अनुमति दी है। नॉलेज पार्ट: जानें क्या है ATF एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) वह खास ईंधन है जिसका इस्तेमाल हवाई जहाजों के टर्बाइन इंजनों में किया जाता है। किसी भी एयरलाइन के कुल खर्च का लगभग 40% हिस्सा सिर्फ ईंधन पर खर्च होता है, इसीलिए ATF के दाम सीधे हवाई किराए को प्रभावित करते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

मेकअप छोड़ने वाली डेनमार्क की पीएम फ्रेडरिक्सन का इस्‍तीफा:देश में 100 नए एयरपोर्ट विकसित करने की योजना मंजूर; 27 मार्च करेंट अफेयर्स

मेकअप छोड़ने वाली डेनमार्क की पीएम फ्रेडरिक्सन का इस्‍तीफा:देश में 100 नए एयरपोर्ट विकसित करने की योजना मंजूर; 27 मार्च करेंट अफेयर्स

जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. कैबिनेट ने UDAN 2.0 को मंजूरी दी 25 मार्च को केंद्र सरकार ने मोडिफाइड रीजनल एयर कनेक्टिविटी योजना UDAN 2.0 को मंजूरी दी। INTERNATIONAL (इंटरनेशनल) 2. डेनमार्क की पीएम मेटे फ्रेडरिक्सन ने हार के बाद इस्तीफा दिया 26 मार्च को डेनमार्क की पीएम मेटे फ्रेडरिक्सन ने आम चुनाव में हार के बाद पद से इस्तीफा दे दिया। निधन (DEATH) 3. मलयाली एक्टर ई. ए. राजेंद्रन का निधन 26 मार्च को मलयाली थिएटर एक्टर ई.ए. राजेंद्रन का निधन हो गया। वे 71 साल के थे। मिसलीनियस (MISCELLANEOUS) 4. शनि ग्रह पर 11 नए चंद्रमा मिले ताइवान के एस्ट्रोनॉमर्स ने शनि ग्रह (Saturn) की परिक्रमा करते हुए 11 नए चंद्रमाओं की खोज की है। 5. इंग्लैंड चर्च की पहली महिला आर्चबिशप ऑफ कैंटरबरी बनीं साराह मुल्लाली 25 मार्च को साराह मुल्लाली ने इंग्लैंड के चर्च की पहली महिला आर्चबिशप ऑफ कैंटरबरी का पद संभाला। आज का इतिहास 27 मार्च ——————– ये खबरें भी पढ़ें… बच्‍चों के लिए सिर्फ 1 घंटे स्‍क्रीन-टाइम का नियम बनेगा:QS वर्ल्‍ड रैंकिंग में IIT दिल्‍ली 6 लिस्‍ट में शामिल; 26 मार्च के करेंट अफेयर्स जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… पूरी खबर पढ़ें…

दिल्ली-लंदन एअर इंडिया फ्लाइट बीच रास्ते से लौटी:खराबी के बावजूद 7 घंटे हवा में रही; 15 मार्च को भी डायवर्ट करना पड़ा था

दिल्ली-लंदन एअर इंडिया फ्लाइट बीच रास्ते से लौटी:खराबी के बावजूद 7 घंटे हवा में रही; 15 मार्च को भी डायवर्ट करना पड़ा था

नई दिल्ली से लंदन जा रहा एअर इंडिया का A350 विमान गुरुवार को तकनीकी खराबी के कारण वापस दिल्ली लौट आया। यह विमान करीब सात घंटे तक हवा में रहा। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट के अनुसार, विमान ने गुरुवार सुबह करीब 6 बजे दिल्ली से उड़ान भरी थी। करीब चार घंटे बाद, जब वह सऊदी अरब के एयरस्पेस में था, तब उसे वापस लौटाने का फैसला लिया गया। कुल मिलाकर विमान करीब सात घंटे तक हवा में रहने के बाद दोपहर करीब 12:30 बजे दिल्ली वापस पहुंचा। सूत्रों के अनुसार, विमान में उड़ान के दौरान कुछ असामान्य आवाजें सुनी गईं। वहीं एअर इंडिया के प्रवक्ता ने बताया कि तकनीकी समस्या के चलते एहतियातन वापस लौटने का फैसला किया गया था। दिल्ली में विमान की जांच की जा रही है। 15 मार्च: न्यूयॉर्क से दिल्ली आते समय इसी विमान में खराबी हुई थी एयरलाइन ने यात्रियों को हुई असुविधा पर खेद जताया और कहा कि उन्हें जल्द से जल्द लंदन पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, एअर इंडिया के इसी A350-900 (VT-JRF) विमान में 15 मार्च को भी तकनीकी खराबी आई थी। तब न्यूयॉर्क से दिल्ली आ रही उड़ान को आयरलैंड के शैनन शहर की ओर डायवर्ट करना पड़ा था। तब बताया गया कि उड़ान के दौरान करीब 33,000 फीट की ऊंचाई पर यात्रियों को विमान के फर्श पर कंपन महसूस हुई थी।

Air India Delhi-Canada Flight Diverted After 9 Hours; Wrong Boeing Sent

Air India Delhi-Canada Flight Diverted After 9 Hours; Wrong Boeing Sent

नई दिल्ली3 मिनट पहले कॉपी लिंक एअर इंडिया ने इस घटना को ऑपरेशनल इश्यू बताया है। तस्वीर- फाइल फोटो। भारतीय एयरलाइंस कंपनी एअर इंडिया की एक बार फिर बड़ी चूक सामने आई है, जिसके कारण दिल्ली से कनाडा के वैंकूवर जा रही फ्लाइट AI-185 को उड़ान भरने के करीब 7 घंटे बाद वापस दिल्ली लौटना पड़ा। दरअसल, एअर इंडिया ने यात्रियों को गलती से बोइंग 777-200 LR फ्लाइट में भेज दिया था, जबकि कनाडा में उसे केवल बोइंग 777-300 ER भेजने की इजाजत है। एविएशन नियमों के तहत अलग-अलग देशों में अलग-अलग विमान मॉडल के लिए इजाजत होती है। कनाडा ने एअर इंडिया को सिर्फ B777-300 ER के लिए मंजूरी दी है, न कि LR वर्जन के लिए। गलती का पता तब चला जब विमान करीब 4 घंटे उड़ान भरकर चीन के कुनमिंग एयरस्पेस में पहुंच चुका था। इसके बाद तुरंत विमान को वापस बुला लिया गया। फ्लाइट ने गुरुवार सुबह 11:34 बजे दिल्ली से उड़ान भरी थी और शाम 7:19 बजे वापस दिल्ली लैंड किया। विमान में दिल्ली से कनाडा जाने वाले 300 से ज्यादा यात्री मौजूद थे। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट Flightradar24.com के अनुसार, विमान ने चीन के एयरस्पेस से दिल्ली के लिए यू-टर्न लिया। हर घंटे 9 टन फ्यूल खर्च, करीब ₹60 लाख नुकसान का अनुमान एअर इंडिया ने इस घटना को ऑपरेशनल इश्यू बताया और कहा कि सभी यात्री और क्रू सुरक्षित हैं। यात्रियों को होटल की सुविधा दी गई और उन्हें अगली सुबह यानी 20 मार्च को दूसरी फ्लाइट से वैंकूवर के लिए रवाना किया गया। सूत्रों के मुताबिक, इस गलती को गंभीरता से लिया गया है और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जा सकती है। जानकारी के अनुसार, एक बोइंग 777 विमान हर घंटे करीब 8-9 टन फ्यूल खर्च करता है, ऐसे में यह गलती एयरलाइन के लिए काफी महंगी साबित हुई है। बोइंग 777 जैसे बड़े विमान के लिए, 8 टन (8,000 किलोग्राम) जेट ईंधन की कीमत मौजूदा दरों के आधार पर लगभग ₹7 लाख से ₹9 लाख के बीच हो सकती है। ऐसे में 7 घंटे हवा में रहने के दौरान एअर इंडिया फ्लाइट में करीब 60 लाख रुपए का फ्यूल खर्च हुआ। फायर अलर्ट के बाद एअर इंडिया की न्यूयॉर्क-मुंबई फ्लाइट मदीना डायवर्ट इधर एअर इंडिया की न्यूयॉर्क से मुंबई आ रही फ्लाइट AI-116 को गुरुवार दोपहर सऊदी अरब के मदीना में डायवर्ट करना पड़ा। कॉकपिट में कार्गो सेक्शन में आग लगने का अलर्ट मिलने के बाद एहतियातन यह फैसला लिया गया। एयरलाइन के मुताबिक, बोइंग 777 विमान ने मदीना एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की। हालांकि, लैंडिंग के बाद की जांच में यह अलर्ट गलत निकला और किसी तरह की आग नहीं पाई गई। जांच पूरी होने के बाद विमान को दोबारा ऑपरेशन के लिए क्लियर कर दिया गया। यह फ्लाइट मुंबई के लिए रवाना हो गई। एअर इंडिया ने कहा कि पूरी प्रक्रिया के दौरान यात्रियों और क्रू की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई और किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई। 13 फरवरी- DGCA ने एअर इंडिया पर ₹1 करोड़ जुर्माना लगाया भारत के नागरिक उड्डयन नियामक (DGCA) ने 13 फरवरी को बताया था कि उसने एअर इंडिया पर 1.10 लाख डॉलर (करीब 1 करोड़ रुपए) का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई एक एयरबस विमान को बिना ‘एयरवर्थनेस रिव्यू सर्टिफिकेट’ (विमानल उड़ाए जाने योग्य है या फिटनेस सर्टिफिकेट) के 8 बार उड़ाए जाने के कारण की गई। DGCA ने एक गोपनीय आदेश में कहा कि इस चूक से देश की दूसरी सबसे बड़ी एयरलाइन पर जनता का भरोसा और कम हुआ है। न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार मामला 26 नवंबर 2025 का है, जब एअर इंडिया ने खुद DGCA को इस चूक की जानकारी दी थी। कंपनी ने बताया था कि उनके एक एयरबस A320 नियो विमान का एयरवर्थनेस सर्टिफिकेट एक्सपायर हो चुका था। फिर भी उसे 24 और 25 नवंबर को 8 रेवेन्यू सेक्टर्स (व्यावसायिक उड़ानों) में इस्तेमाल किया गया। इसके बाद 2 दिसंबर को DGCA ने मामले की जांच शुरू की थी। ———————————— एयरलाइंस से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… एअर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट का लैंडिंग के दौरान पहिया निकला:नोज गियर टूटा; थाइलैंड में हार्ड लैंडिंग, 133 लोग सवार थे थाईलैंड में एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट 18 मार्च की दोपहर लैंडिंग के दौरान हादसे का शिकार हो गई। विमान के रनवे पर उतरते ही उसका नोज गियर टूट गया और आगे का पहिया अलग हो गया। फ्लाइट हैदराबाद से फुकेट जा रही थी। थाई अखबार द नेशन के मुताबिक घटना के बाद कुछ समय के लिए रनवे बंद करना पड़ा, हालांकि विमान में सवार सभी 133 यात्री सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए। पूरी खबर पढ़ें… एअर इंडिया-इंडिगो के बाद अकासा की भी टिकटें महंगी: घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर ₹1300 तक फ्यूल सरचार्ज लगेगा एअर इंडिया-इंडिगो के बाद अकासा एयर की फ्लाइट्स टिकट भी महंगी हो गई हैं। एयरलाइन कंपनी ने 15 मार्च से सभी घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर फ्यूल सरचार्ज लगाने की घोषणा की है। अकासा एयर ने कहा कि 15 मार्च को रात 12:01 बजे के बाद बुक किए जाने वाले टिकटों पर 199 रुपए से लेकर 1,300 रुपए तक का एडिशनल सरचार्ज वसूला जाएगा। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

IndiGo Hit With 22Cr Fine; Founder Rahul Bhatia Takes Charge as CEO Resigns

IndiGo Hit With 22Cr Fine; Founder Rahul Bhatia Takes Charge as CEO Resigns

Hindi News Business IndiGo Hit With 22Cr Fine; Founder Rahul Bhatia Takes Charge As CEO Resigns नई दिल्ली6 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) पीटर एलबर्स ने पद से इस्तीफा दे दिया है। कंपनी ने मंगलवार 10 मार्च को रेगुलेटरी फाइलिंग में इसकी जानकारी दी। एलबर्स के जाने के बाद अब कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल भाटिया अंतरिम तौर पर एयरलाइन के कामकाज की जिम्मेदारी संभालेंगे। 3 महीने पहले इंडिगो को भारी फ्लाइट ऑपरेशंस संकट का सामना करना पड़ा था। उस दौरान करीब 3 लाख यात्री फंसे रह गए थे, जिसके बाद एविएशन रेगुलेटर DGCA ने एयरलाइन पर ₹22.20 करोड़ का भारी जुर्माना भी लगाया था। आज ही जिम्मेदारी से मुक्त हुए एलबर्स इंडिगो ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया, कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की आज यानी 10 मार्च, 2026 को हुई मीटिंग में CEO पीटर एलबर्स के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया गया है। उन्हें आज बिजनेस ऑवर्स खत्म होने के बाद जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। उनकी जगह राहुल भाटिया कंपनी के मामलों का प्रबंधन देखेंगे। दिसंबर से ही दबाव में थे पीटर एलबर्स पीटर एलबर्स ने सितंबर 2022 में इंडिगो की कमान संभाली थी। पिछले साल दिसंबर में एयरलाइन को अपने इतिहास के सबसे खराब ऑपरेशनल संकट का सामना करना पड़ा था। सैकड़ों उड़ानें रद्द होने और देरी की वजह से एयरलाइन की साख पर बुरा असर पड़ा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस संकट की वजह से कंपनी को करीब ₹2,000 करोड़ का नुकसान भी हुआ था। तभी से एलबर्स पर इस्तीफे का दबाव था। इस्तीफे की वजह निजी कारण बताई राहुल भाटिया को लिखे अपने इस्तीफे में पीटर एलबर्स ने पद छोड़ने के पीछे निजी कारणों का हवाला दिया है। उन्होंने कंपनी से अपना नोटिस पीरियड खत्म करने की भी अपील की ताकि वे तत्काल प्रभाव से पद मुक्त हो सकें। एलबर्स ने लिखा, पिछले कुछ सालों में इंडिगो के CEO के रूप में काम करना मेरे लिए सम्मान और सौभाग्य की बात रही। इंडिगो परिवार और इसकी ग्रोथ स्टोरी का हिस्सा बनना सुखद अनुभव था। DGCA की सख्त कार्रवाई और भारी जुर्माना दिसंबर में हुए फ्लाइट व्यवधान के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इंडिगो के खिलाफ सख्त रुख अपनाया था। जांच में पाया गया कि एयरलाइन ने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा मानकों में लापरवाही बरती। इसके बाद इंडिगो पर ₹22.20 करोड़ की पेनल्टी लगाई गई थी। जानकारों का मानना है कि इस घटना के बाद से ही बोर्ड और CEO के बीच तालमेल में कमी आने लगी थी। 3 ग्राफिक्स में जानें इंडिगो संकट की वजह, एयरलाइन का जबाव और सरकार का एक्शन दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔