MP CM Mohan Yadav Compares NSG Commandos to Bajrangbali; Congress Leaders Statement baat khari hai

मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। . सीएम ने एनएसजी कमाडो की तुलना बजरंगबली से की भोपाल में एनएसजी (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) ने अपना शौर्य और पराक्रम दिखाया। कमांडोज ने आतंकवादियों से मुकाबला करने की डेमो प्रस्तुति दी। इस दौरान उनके एक्शन को देखकर कार्यक्रम में मौजूद सीएम डॉ. मोहन यादव भी दंग रह गए। सीएम ने एनएसजी कमांडोज की तुलना भगवान बजरंगबली से कर दी। इतना ही नहीं, उन्होंने ट्रेंड डॉग को ‘स्वान देवता’ कहकर संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कालभैरव के गणों ने भी कमाल कर दिया। सीएम ने कहा- हेलिकॉप्टर से कमांडोज ऐसे उतरे, जैसे हवा में उड़ते हुए बजरंगबली आ रहे हों। स्पाइडर मैन तो अब तक फिल्मों में ही देखा था, लेकिन यहां हमारे सामने कमांडोज ने उल्टा लटककर स्पाइडर मैन जैसा एहसास करा दिया। इतनी ऊंची बिल्डिंग से वे ऐसे उतर रहे थे, मानो टहलते हुए जा रहे हों। उन्होंने आगे कहा- हमारे ‘स्वान देवता’ ने भी गजब की ट्रेनिंग पाई है। कालभैरव के गण ने गजब कर दिया। उसने आतंकवादी पर हमला किया और उसकी बंदूक उठाकर ले गया। यह देखकर वाकई आनंद आ गया। सीएम ने जवानों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने निहत्थे होकर भी कई लोगों को जिस तरह उठाकर पटका, वह काबिल-ए-तारीफ है। कुल मिलाकर, कार्यक्रम में मौजूद हर कोई एनएसजी कमांडोज का शौर्य देखकर दंग रह गया। सीएम डॉ. मोहन यादव ने एनएसजी कमांडोज के शौर्य और पराक्रम की जमकर तारीफ की। सुर्खियों में ‘साफा’, एक-दूसरे के सीएम बनने की कामना हाल ही में सीएम डॉ. मोहन यादव का साफा बांधने का टैलेंट सामने आया था, जब एक मंच पर उन्होंने महज 50 सेकेंड में खुद ही अपने सिर पर साफा बांध लिया था। अब ऐसा ही टैलेंट प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी दिखाया है। उन्होंने 30–35 सेकेंड में अपने सिर पर खुद ही साफा बांध लिया। हालांकि बाद में उन्होंने यह साफा उसी कार्यकर्ता को पहना दिया, जो उनके स्वागत के लिए साफा लेकर आया था। अब लोग चटकारे लेकर कह रहे हैं कि मुकाबला तगड़ा है। हालांकि कांग्रेस नेता कुछ और ही मानकर चल रहे हैं। दरअसल, हाल ही में हरदा में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और हरियाणा से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा साथ थे। वहां दोनों नेताओं ने बातों-बातों में एक-दूसरे को ‘मुखिया’ का साफा पहना दिया, यानी एक-दूसरे के मुख्यमंत्री बनने की कामना कर दी। हुआ यूं कि मंच पर दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने जीतू पटवारी की जमकर तारीफ की। उन्होंने हरियाणा को लेकर कहा कि आने वाले समय में ऐसा आशीर्वाद मिले कि वहां कांग्रेस की सरकार बने। इस पर जीतू पटवारी ने बीच में बात काटते हुए कहा- और दीपू भैया मुख्यमंत्री बनें। जीतू पटवारी के ऐसा कहने पर दीपेंद्र सिंह हुड्डा भी चुप नहीं रहे। उन्होंने तुरंत कहा- जीतू भैया भी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बनें। इस संवाद का वीडियो सामने आने के बाद लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग कह रहे हैं कि लगता है कांग्रेस का फोकस सरकार बनाने से ज्यादा इस बात पर है कि सीएम कौन बनेगा। वैसे भी अभी दोनों राज्यों में चुनाव काफी दूर हैं। हरियाणा से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा- जीतू पटवारी एमपी के सीएम बनें। ज्योतिरादित्य सिंधिया के जाते ही खाने पर टूट पड़े लोग शिवपुरी में एक कार्यक्रम से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की जैसे ही रवानगी हुई, वहां मौजूद लोग खाने पर टूट पड़े। खाने की प्लेट लेने और उसमें खाना भरने की होड़ मच गई। इस दौरान धक्का-मुक्की भी देखने को मिली और माहौल अफरा-तफरी जैसा हो गया। दरअसल, शिवपुरी में आभार समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें सिंधिया भी मौजूद थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सभी मेहमानों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी। खुद सिंधिया ने लोगों को अपने हाथों से खाना परोसा। यहां तक सब कुछ व्यवस्थित रहा। लेकिन जैसे ही सिंधिया वहां से रवाना हुए, भोजन व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ गई। हालांकि कुछ देर बाद स्थिति सामान्य हो गई, लेकिन इस अव्यवस्था का वीडियो सामने आने के बाद कार्यक्रम की किरकिरी हो गई। अब लोग चटकारे लेते हुए कह रहे हैं कि जब पेट में चूहे कूद रहे हों, तो फिर कुछ और दिखाई नहीं देता। ज्योतिरादित्य सिंधिया के कार्यक्रम में उनके वहां से जाते ही लोग खाने पर टूट पड़े। एक तीर से दो निशाने: भाजपा और कलेक्टर को घेरा रतलाम में जनता के मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने नगर निगम का घेराव किया। लेकिन इस दौरान पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता पारस सकलेचा को भाजपा नेताओं की भी चिंता सताने लगी। उन्होंने भाजपा नेताओं के बहाने कलेक्टर मिशा सिंह पर जमकर निशाना साधा। पारस सकलेचा ने कहा कि अगर कांग्रेस की सरकार होती, तो 15 मिनट में कलेक्टर का ट्रांसफर करा देते। वहीं भाजपा नेताओं को लेकर उन्होंने कहा कि उन्हें इस स्थिति पर शर्म आनी चाहिए। दरअसल, हाल ही में जिला पंचायत अध्यक्ष और उनके पति ने कलेक्ट्रेट में धरना दिया था। उनका आरोप था कि कलेक्टर ने उन्हें मिलने का समय नहीं दिया। वहीं, तीन दिन पहले भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय भी कलेक्टर के इंतजार में करीब आधे घंटे तक सीढ़ियों पर बैठे रहे थे। इन दोनों मामलों का जिक्र करते हुए सकलेचा ने कहा कि एक एससी वर्ग की जिला पंचायत अध्यक्ष चार घंटे तक कलेक्टर से मिलने के लिए बैठी रहीं, लेकिन कलेक्टर ने उसे देखा तक नहीं की। वहीं भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय को भी आधे घंटे तक इंतजार कराया गया। पूर्व विधायक ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा- तुम लोगों ने रतलाम की क्या हालत कर दी है। पहले जहां जनप्रतिनिधियों के लिए कलेक्टर खड़े हुआ करते थे, आज वहां मिलने तक नहीं आते। अब लोग कह रहे हैं कि कांग्रेस ने एक तीर से दो निशाने साधे हैं- एक तरफ सत्ताधारी दल के नेताओं की स्थिति उजागर कर दी, तो दूसरी तरफ यह भी दिखा दिया कि प्रशासन किस तरह जनप्रतिनिधियों
भोपाल में चलती कार से महिला को फेंका:सीने में चुभे थे स्टेप्लर पिन, खून से लथपथ मिली; अस्पताल में 22 घंटे से बेहोश

मध्य प्रदेश के भोपाल में लहारपुर ब्रिज के पास अज्ञात कार सवारों ने 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला को चलती कार से बाहर फेंक दिया। सीने में स्टेप्लर की पिन चुभी हुई थीं। खून से लथपथ थी। तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 22 घंटे से बेहोश है। मामला बाग सेवनिया थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, रविवार-सोमवार की दरमियानी रात करीब ढाई बजे एक तेज रफ्तार कार लहारपुर ब्रिज के पास नाले के किनारे पहुंची। कार की रफ्तार धीमी करते ही आरोपियों ने बुजुर्ग महिला को बाहर फेंक दिया। कार को तेजी से लेकर फरार हो गए। चश्मदीद महिला ने देखी पूरी घटना इस पूरी घटना को एक स्थानीय महिला ने देखा। उसने तुरंत आसपास के लोगों को जानकारी दी। इसके बाद मोहल्ले के लोगों ने एक स्वयंसेवी संस्था ‘चित्रांश ह्यूमन वेलफेयर’ को सूचना दी, ताकि घायल महिला की मदद की जा सके। बेहोशी में सिर्फ ‘सलकनपुर’ बोल पा रही महिला महिला बेहोशी की हालत में है और अपना नाम नहीं बता पा रही है। वह केवल “सलकनपुर” शब्द ही बोल पा रही है। उसके हाथ पर नाम गुदा हुआ मिला है। हालांकि, वह कहां की रहने वाली है और उसकी पहचान क्या है। यह अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है। संस्था और पुलिस की मदद से अस्पताल पहुंचाई गई सूचना मिलते ही संस्था के मोहन सोनी और पारस मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस की मदद से घायल महिला को तत्काल हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। रास्तों पर लगे CCTV कैमरे खंगाल रहे पुलिस पुलिस का कहना है कि महिला के बयान सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि आरोपियों का पता लगाया जा सके। फिलहाल कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, महिला के होश में आने और बयान दर्ज होने के बाद ही इस पूरी घटना की सच्चाई सामने आ सकेगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच में जुटी हुई है। इस मामले में अभी तक पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की है। ………………………………. यह खबर भी पढ़ें सागर में कार में पत्नी को जलाने के बाद साथियों के साथ देखता रहा डॉक्टर पति सागर में एक डॉक्टर ने पत्नी की हत्या की साजिश रची और 2-2 लाख रुपए का लालच देकर अपने दो किरायेदारों को शामिल किया। पत्नी को कार में जलाकर देखता रहा। फिर वारदात को हादसा साबित करने की कोशिश की, लेकिन अपनी ही कहानी में फंस गया। पढ़ें पूरी खबर…
भाजपा स्थापना दिवस पर रानीताल कार्यालय में कार्यक्रम:मंत्री राकेश सिंह ने कहा, यह पार्टी के लिए पर्व जैसा अवसर

जबलपुर में भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस रविवार को रानीताल स्टेडियम स्थित पार्टी कार्यालय में उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि स्थापना दिवस भाजपा के लिए किसी पर्व से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि देशभर में कार्यकर्ताओं ने इसे उत्साह और समर्पण के साथ मनाया। राकेश सिंह ने कहा कि यह दिन उन संस्थापकों और पुरोधाओं को याद करने का अवसर है, जिन्होंने भारतीय जनसंघ से भाजपा तक की यात्रा में अपना योगदान दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन की विचारधारा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। राकेश सिंह ने कहा कि कार्यकर्ताओं की निष्ठा और अनुशासन ही संगठन की ताकत है, जिसके बल पर भाजपा ने कठिन परिस्थितियों में भी खुद को मजबूत किया है। कार्यक्रम में सांसद आशीष दुबे, विधायक अभिलाष पाण्डेय, विधायक ईश्वरदास रोहाणी, भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी परांजपे और नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर सहित कई नेता मौजूद रहे।
Bhopal Minister Bungalow Theft | Store Room Shields Stolen

भोपाल46 मिनट पहले कॉपी लिंक मंत्री विश्वास सारंग का बंगला भोपाल के 74 बंगला इलाके में है। मध्य प्रदेश के खेल एवं सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग के सरकारी बंगले में चोरी हो गई है। बंगला परिसर में बने स्टोर रूम से अज्ञात चोर ट्रॉफियां, मोमेंटो और शील्ड उड़ा ले गए हैं। वारदात 2 और 3 अप्रैल की दरमियानी रात की है। इसका खुलासा 6 अप्रैल की सुबह हुआ है। टीटीनगर पुलिस के मुताबिक, 3 अप्रैल की सुबह बंगले के स्टोर रूम का ताला टूटा मिला। सिक्योरिटी गार्ड ने देखा तो सामान गायब था। स्टोर रूम मंत्री के बंगले के साइड में बना है। टीटी नगर थाना पुलिस कर रही जांच थाना प्रभारी गौरव दोहरे ने बताया कि चोरी गईं ट्रॉफियां, मोमेंटो और शील्ड मंत्री सारंग को अलग-अलग कार्यक्रमों में सम्मान स्वरूप मिले थे। फिलहाल, इनकी कीमत का आकलन किया जा रहा है। जांच में सामने आया है कि जिस स्टोर रूम में चोरी हुई, वहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। इससे आरोपियों की पहचान में दिक्कत आ रही है। दोहरे ने कहा- पुलिस आसपास की सड़कों और मकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। ये खबर भी पढ़ें… भोपाल में दिग्विजय के विधायक बेटे के बंगले में चोरी पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के विधायक बेटे जयवर्धन सिंह के चार इमली स्थित बंगले पर चोरी हो गई है। बदमाश यहां से नकदी और जेवरात लेकर भागे हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस एक शख्स से पूछताछ कर रही है। इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
भोपाल में बीबीए और बीटेक के स्टूडेंट्स को मारी गोली:कटारा हिल्स में शराब पार्टी कर रहे छात्रों ने की फायरिंग; धमकी देकर आरोपी हुए फरार

भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में एक छात्र ने बीटेक स्टूडेंट्स पर फायरिंग कर दी। तीन राउंड फायरिंग में दो गोलियां दो छात्रों को लगी हैं। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपी छात्र अपने साथियों के साथ शराब पार्टी कर रहा था और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए शोर-शराबा कर रहा था। दोनों घायल छात्र अपने साथियों के साथ उसे समझाइश देने पहुंचे। इससे नाराज एक छात्र ने फायरिंग की और फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी छात्र के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस के मुताबिक, 23 वर्षीय वासु गुप्ता और 21 वर्षीय अंशु तेज पाटिल दोनों ही सेज यूनिवर्सिटी के छात्र हैं। वासु बीबीए थर्ड ईयर, जबकि अंशु बीटेक सेकंड ईयर का छात्र है। दोनों ही छात्र साथी छात्रों के साथ सेज सनसिटी फेज-1 कॉलोनी में रहते हैं। रायसेन रोड स्थित एलएनसीटी कॉलेज में रहने वाले सुधांशु सिंह और उसके साथी अक्सर कॉलोनी में रहने वाले अन्य छात्रों के पास मिलने आया करते हैं। देर रात तक शराब पार्टी करते हैं और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं। रविवार तड़के सुबह तक आरोपी पार्टी कर रहे थे, इससे वासु व उनके साथियों को डिस्टर्बेंस हो रहा था। जब पीड़ित छात्र अपने साथियों के साथ आरोपियों को समझाइश देने पहुंचे तो सुधांशु और उसके साथियों ने उनसे बदसलूकी शुरू कर दी। विवाद बढ़ने पर सुधांशु ने अपने पास रखी देसी पिस्तौल से पहला राउंड हवा में फायर किया, जबकि दो राउंड वासु और अंशु पर फायर किए गए। वासु के कंधे में चोट लगी है, जबकि अंशु के पेट में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वारदात के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। पुलिस ने सुधांशु सिंह सहित तीन अन्य के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
भोपाल के अवधपुरी में शराब दुकान का विरोध:रहवासी सड़क पर उतरे; बोले-ठेके की वजह से अपराध बढ़े

भोपाल में शराब दुकानों की शिफ्टिंग के मामले तूल पकड़ रहे हैं। कोलार रोड के मंदाकिनी चौराहे, ईंटखेड़ी और सेमराकलां के बाद अब अवधपुरी में शराब दुकान का विरोध शुरू हो गया है। रविवार शाम 7 बजे कई लोगों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि शराब का ठेका खुलने से इलाके में अपराधिक बढ़ गए हैं। अवधपुरी में ऋषिपुरम् के 80 फीट रोड स्थित पेट्रोल पंप के पास संचालित शराब दुकान को हटाने की मांग की गई। इसे लेकर ही स्थानीय रहवासियों ने विरोध-प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि दुकान के कारण इलाके का माहौल बिगड़ रहा है और आए दिन आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं। असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगता है रहवासी रमन तिवारी ने बताया कि मोहल्ले के लोग लंबे समय से इस दुकान को हटाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि शराब दुकान के आसपास असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे क्षेत्र में असुरक्षा का माहौल बन गया है। रहवासियों ने आरोप लगाया कि यहां से गुजरने वाली महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं सामने आती रहती हैं। इसके अलावा झगड़े और अन्य अपराध भी बढ़ गए हैं। जिससे आम लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। पुलिस भी मौके पर पहुंचे लोगों ने करीब एक घंटे तक प्रदर्शन किया। इसके चलते अवधपुरी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। लोगों ने मांग की कि जल्द इस शराब दुकान को हटाया जाए। ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का माहौल बहाल हो सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे और बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस अवसर पर सोहन सिंह राजपूत, सारिका दिवाकर, अरुण सिंह, दिलीप कुमार दिवाकर, कमलेश सोलंकी आदि रहवासी मौजूद थे। कोलार रोड की दुकान को लेकर अफसरों से मिलेंगे लोग कोलार रोड के मंदाकिनी चौराहा स्थित शराब दुकान को लेकर लोग सोमवार को कलेक्टर और आबकारी अधिकारी से मिलेंगे। कोलार ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल दुकान हटाने की मांग करेगा। अध्यक्ष राहुल सिंह राठौड़ ने बताया कि जिस जगह पर दुकान शिफ्ट की गई है, उसके ठीक पीछे जैन मंदिर और आसपास रहवासी इलाके हैं। इसके चलते ही लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।
MP Ayushman Hospitals Lose NABH Cert; Treatment Halted

मध्यप्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 126 अस्पतालों की मान्यता खत्म कर दी है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में यह कदम उन अस्पतालों पर उठाया गया है, जिन्होंने NABH सर्टिफिकेट की जानकारी तय समय में नहीं दी। . आयुष्मान कार्यालय ने पहले अस्पतालों को नोटिस देकर मौका दिया था, लेकिन इन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। रविवार 12 बजे इन अस्पतालों को नोटिस देकर जानकारी दी जाएगी। अब इन अस्पतालों में आयुष्मान के तहत मुफ्त इलाज नहीं मिलेगा। 4 शहरों में 398 में से 126 अस्पताल प्रभावित प्रदेश के चार बड़े शहरों—भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में कुल 398 अस्पताल योजना से जुड़े हैं। इनमें से 126 अस्पताल NABH सर्टिफिकेट की जानकारी नहीं दे सके, जिस कारण उन पर कार्रवाई हुई। इनमें भोपाल के 51, इंदौर-30, ग्वालियर-33 और जबलपुर के 12 अस्पताल शामिल हैं। आयुष्मान CEO बोले- मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा आयुष्मान भारत मध्यप्रदेश के CEO डॉ. योगेश भरसट ने कहा, “यह कदम अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए उठाया गया है। नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है, ताकि मरीजों को सुरक्षित और बेहतर इलाज मिल सके।” आयुष्मान भारत का कार्यालय। NABH सर्टिफिकेट क्यों है जरूरी NABH (National Accreditation Board for Hospitals and Healthcare Providers) सर्टिफिकेट अस्पतालों की गुणवत्ता और सुरक्षा का प्रमाण होता है। इसमें 600 से अधिक मानकों पर अस्पतालों की जांच की जाती है, जिसमें मरीजों की सुरक्षा, साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, नर्सिंग स्टाफ, इमरजेंसी सेवाएं और सर्जरी की प्रक्रियाएं शामिल होती हैं। सरकार का मानना है कि यह सर्टिफिकेट मरीजों को सुरक्षित और भरोसेमंद इलाज की गारंटी देता है। फुल NABH वालों को मिलेगा सीधा फायदा जिन अस्पतालों के पास पहले से फुल NABH सर्टिफिकेट है, उन्हें आवेदन करते ही “डीम्ड इंपैनलमेंट” का लाभ मिलेगा। ऐसे अस्पतालों को अलग से निरीक्षण की जरूरत नहीं होगी और वे सीधे योजना से जुड़ सकेंगे। वहीं, अन्य अस्पतालों को पहले एंट्री लेवल NABH लेना होगा और तीन साल के भीतर फुल NABH सर्टिफिकेट हासिल करना अनिवार्य होगा। क्वालिटी के हिसाब से मिलेगा भुगतान आयुष्मान योजना में अब अस्पतालों को उनकी गुणवत्ता के आधार पर भुगतान भी किया जाएगा। फुल NABH अस्पतालों को क्लेम राशि का 115% भुगतान मिलेगा। एंट्री लेवल NABH अस्पतालों को 10% अतिरिक्त भुगतान दिया जाएगा। इससे अस्पतालों को बेहतर सेवाएं देने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। सीएमएचओ कार्यालय भोपाल। मरीजों के फीडबैक से होगी निगरानी अब मरीज भी अस्पतालों की गुणवत्ता तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। मोबाइल ऐप के जरिए मरीज अपने इलाज का फीडबैक दे सकेंगे, जिसके आधार पर अस्पतालों की सेवाओं का मूल्यांकन किया जाएगा। इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और खराब प्रदर्शन करने वाले अस्पतालों पर कार्रवाई आसान होगी।
भोपाल में हनुमान जयंती जुलूस पर विवाद गहराया:आपत्तिजनक नारेबाजी के आरोप; कुरैशी समाज ने सख्त कार्रवाई की मांग की

भोपाल में हनुमान जयंती के जुलूस को लेकर विवाद अब और गहरा गया है। ऑल इंडिया जमीयतुल कुरैश (एमपी) की ओर से थाना तलैया पुलिस को दिए गए ज्ञापन में स्पष्ट तौर पर ‘भानु हिंदू’ नामक व्यक्ति पर आरोप लगाया गया है कि उसने जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। संगठन के प्रदेश महासचिव मोहम्मद रफीक कुरैशी ने बताया कि 2 अप्रैल 2026 को इस्लामपुरा-बुधवारा क्षेत्र से निकले धार्मिक जुलूस के दौरान यह घटना हुई। आरोप है कि जैसे ही जुलूस मुस्लिम बाहुल्य इलाके में पहुंचा, भानु ने समुदाय विशेष को निशाना बनाते हुए नारेबाजी की और अपमानजनक टिप्पणियां कीं, जिससे कुछ समय के लिए इलाके में तनाव का माहौल बन गया। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो के जरिए नफरत फैलाने और दो समुदायों के बीच वैमनस्य पैदा करने की कोशिश की जा रही है, जो शहर की गंगा-जमुनी तहजीब के लिए खतरा है। संगठन ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपी भानु के खिलाफ तत्काल प्रकरण दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, वायरल वीडियो की जांच कर उन्हें हटाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की जाए।
अब हाईकोर्ट में आमने-सामने होंगे राहुल गांधी और कार्तिकेय:भोपाल MP-MLA कोर्ट के समन को राहुल ने दी चुनौती, अगले हफ्ते सुनवाई

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में जल्द ही कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी और शिवराज परिवार आमने-सामने होंगे। मामला मानहानि केस से जुड़ा है। इसे लेकर राहुल गांधी ने एमपी एमएलए कोर्ट के समन को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की बेंच एक सप्ताह बाद इस मामले में सुनवाई करेगी। साल 2018 में राहुल गांधी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। उस समय झाबुआ में हुई एक चुनावी सभा हुई। इसमें राहुल ने भाषण देते हुए पनामा पेपर लीक का जिक्र किया। शिवराज सिंह चौहान और उनके बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम लिया। राहुल गांधी ने तुलना करते हुए कहा था कि पाकिस्तान में नवाज शरीफ पर कार्रवाई हुई, लेकिन मध्य प्रदेश में ऐसा नहीं हुआ। कार्तिकेय सिंह चौहान ने राहुल गांधी के इस बयान को अपनी छवि खराब करने वाला बताते हुए भोपाल के एमपी एमएलए कोर्ट में मानहानि का केस दर्ज कराया। भोपाल एमपी एमएलए कोर्ट की विशेष मजिस्ट्रेट ने राहुल गांधी के खिलाफ समन जारी किया और इसी को रद्द करने के लिए राहुल गांधी ने हाई कोर्ट का रुख किया। अदालत ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद इस मामले को एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया है। राहुल गांधी वर्सेस शिवराज सिंह चौहान के परिवार का यह केस सिर्फ कोर्ट तक नहीं, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी गहरा असर करेगा। एक तरफ जहां कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी हैं तो वहीं दूसरी और भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री और कद्दावर नेता शिवराज सिंह चौहान का परिवार। ऐसे में हो सकता है कि आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन जाए। बहरहाल, अब सब की नजरें हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं कि कोर्ट इस मामले में क्या निर्णय देता है।
जीएमसी में सीधी भर्ती पर बवाल, डॉक्टरों का सामूहिक बहिष्कार:‘डीन होश में आओ’ के नारे, आदेश वापस नहीं हुआ तो 3 हजार डॉक्टर नहीं करेंगे इलाज

राजधानी भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में ‘आंतरिक सीधी भर्ती’ को लेकर विवाद अब खुलकर सड़क पर आ गया है। मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के आह्वान पर डॉक्टरों ने न सिर्फ इस भर्ती प्रक्रिया का सामूहिक बहिष्कार किया, बल्कि लगातार दूसरे दिन एक घंटे का ‘पेन डाउन’ आंदोलन कर डीन कार्यालय के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। “डीन होश में आओ” जैसे नारों के बीच डॉक्टरों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि विवादित आदेश तत्काल वापस नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में ओपीडी सहित सभी सेवाएं ठप कर दी जाएंगी। डॉक्टरों का कहना है कि जब कोई उम्मीदवार ही इस प्रक्रिया में शामिल नहीं हो रहा, तो यह विज्ञप्ति अपने आप ही निरस्त मानी जानी चाहिए। सीधी भर्ती के खिलाफ एकजुट हुए डॉक्टर गांधी मेडिकल कॉलेज में 25 मार्च को डीन कार्यालय द्वारा पदोन्नति के पदों पर ‘आंतरिक सीधी भर्ती’ का विज्ञापन जारी किया गया था। इसी के विरोध में मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन ने मोर्चा खोल दिया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राकेश मालवीया का कहना है कि यह भर्ती प्रक्रिया सीनियर डॉक्टरों के अधिकारों के खिलाफ है। इससे उनकी वर्षों की वरिष्ठता और उससे जुड़े वित्तीय लाभ खत्म हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई मेडिकल कॉलेजों में इस तरह की भर्ती का विरोध हो रहा है। हाल ही में ग्वालियर हाईकोर्ट ने भी इसी तरह की भर्ती प्रक्रिया को निरस्त किया है, जिससे डॉक्टरों के पक्ष को मजबूती मिली है। दूसरे दिन भी पेन डाउन आंदोलन गुरुवार को लगातार दूसरे दिन दोपहर 12 से 1 बजे तक ‘पेन डाउन’ आंदोलन किया गया। इस दौरान हमीदिया अस्पताल के ब्लॉक 2 में बड़ी संख्या में डॉक्टर एकत्र हुए और भर्ती प्रक्रिया के खिलाफ आवाज उठाई। आंदोलन में विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक और मेडिकल ऑफिसर तक शामिल रहे, जिससे विरोध की व्यापकता साफ नजर आई। सीधी भर्ती से खत्म हो जाएगी सेवा निरंतरता नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. हिमांशु शर्मा ने कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह अवैधानिक है। उन्होंने बताया कि सीधी भर्ती से सीनियर डॉक्टरों की सेवा निरंतरता (Continuation of Service) टूट जाती है। “जिस संस्थान में डॉक्टर 15-20 साल से काम कर रहे हैं, वहां उन्हें नए उम्मीदवार की तरह ट्रीट किया जाएगा। इससे ग्रेच्युटी, वेतन वृद्धि, एनपीएस और पेंशन जैसे लाभ प्रभावित होंगे,” उन्होंने कहा। 15 साल का अनुभव भी नहीं होगा मान्य हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राहुल वर्मा ने बताया कि वे 15 साल से एसोसिएट प्रोफेसर हैं, लेकिन अब प्रोफेसर पद के लिए उन्हें अपने जूनियर्स के साथ प्रतियोगिता करनी होगी। उन्होंने कहा, “यदि चयन हो भी जाता है, तो नई नियुक्ति मानी जाएगी। इससे मेरा पूरा अनुभव और सेवा रिकॉर्ड बेकार हो जाएगा। साथ ही एक साल का प्रोबेशन पीरियड भी लागू होगा।” डीन का जवाब: उच्च स्तर से मार्गदर्शन का इंतजार स्त्री रोग विभाग की एचओडी डॉ. शबाना सुलताना ने बताया कि इस मामले में डीन से चर्चा की गई है। डीन ने कहा है कि वे उच्च अधिकारियों से मार्गदर्शन लेने के बाद ही आगे कोई निर्णय लेंगी। डॉक्टरों ने अपने विरोध को मजबूत करने के लिए न्यायालय के फैसलों का भी हवाला दिया है। ग्वालियर, जबलपुर और इंदौर हाईकोर्ट बेंच ने पूर्व में इस तरह की भर्ती प्रक्रिया को खारिज किया है। हाल ही में डॉ. आशीष कौशल बनाम मध्यप्रदेश शासन मामले में भी ग्वालियर हाईकोर्ट ने सीधी भर्ती को निरस्त किया, जिससे डॉक्टरों का पक्ष और मजबूत हुआ है। सरकार तक पहुंचा मामला, उच्चस्तरीय बैठक इस विवाद को लेकर प्रोग्रेसिव मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन (PMTA) के प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, एसीएस स्वास्थ्य अशोक वर्णवाल और आयुक्त स्वास्थ्य से मुलाकात कर चुके हैं। बैठक में डॉक्टरों ने स्पष्ट कहा कि पदोन्नति के पद केवल डीपीसी (DPC) के माध्यम से ही भरे जाने चाहिए। PMTA ने इस दौरान चिकित्सा शिक्षकों से जुड़े 10 अन्य लंबित मुद्दों का भी जिक्र किया। इन मुद्दों का समाधान पिछले दो वर्षों से नहीं हो पाया है, जिससे डॉक्टरों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। संघ ने संचालनालय और शासन स्तर के अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है। 21 अप्रैल से प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी PMTA की कार्यकारिणी बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 21 अप्रैल से प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। डॉ. अविनाश ठाकुर ने चेतावनी दी कि यदि सीधी भर्ती का आदेश वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को क्रमिक रूप से तेज किया जाएगा। डॉ. राकेश मालवीया ने कहा कि हम अपने अनुभव और वरिष्ठता के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे। अगर विज्ञप्ति वापस नहीं ली गई, तो ओपीडी से लेकर सभी सेवाओं का बहिष्कार करेंगे। जीएमसी में शुरू हुआ यह विवाद अब सिर्फ एक भर्ती प्रक्रिया तक सीमित नहीं रह गया है। यह “नीति बनाम अधिकार” की लड़ाई बनता जा रहा है, जहां एक तरफ प्रशासनिक फैसले हैं, तो दूसरी ओर वर्षों से सेवा दे रहे डॉक्टरों के अधिकार और भविष्य दांव पर हैं।







