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Delhi Enconter News: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बिंदापुर फायरिंग मामले में वांछित दो खतरनाक अपराधियों को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया है. कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग से जुड़े इन बदमाशों ने एक कारोबारी को धमकाने के लिए दफ्तर पर गोलियां चलाई थीं. मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लगी है.
दिल्ली पुलिस का एनकाउंटर.
नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली में गैंगस्टरों और उनके गुर्गों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ा और सफल ऑपरेशन अंजाम दिया है. कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग से जुड़े और जेल में बंद गैंगस्टर विनोद उर्फ विक्की संन्यासी के दो सक्रिय गुर्गों को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है. यह मुठभेड़ द्वारका के पास हुई. इस पूरे मामले की शुरुआत 20 फरवरी 2026 को हुई थी, जब आरोपियों ने बिंदापुर इलाके में एक बड़े कारोबारी के दफ्तर पर फायरिंग की थी. यह फायरिंग किसी जमीन विवाद को गैंगस्टर के हक में सुलझाने और रंगदारी वसूलने के मकसद से की गई थी. बिंदापुर थाने में मामला दर्ज होने के बाद क्राइम ब्रांच की एजीएस टीम को इन अपराधियों को पकड़ने का जिम्मा सौंपा गया.
डीसीपी क्राइम हर्ष इंदोरा के नेतृत्व में इंस्पेक्टर पवन कुमार और उनकी टीम को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी भरत उर्फ मन्नी और वीराज उर्फ विरोधी किसी नई सुरक्षित जगह की तलाश में कुतुब विहार की ओर जाने वाले हैं. रात करीब 2:10 बजे पुलिस ने एक संदिग्ध स्कूटी को आते देखा जिसकी नंबर प्लेट टूटी हुई थी.
दोनों का एनकाउंटर कैसे हुआ?
पुलिस ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया, तो आरोपियों ने भागने की कोशिश की और अंधेरे का फायदा उठाकर झाड़ियों की ओर दौड़ते हुए पुलिस टीम पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं. आरोपी भरत उर्फ मन्नी ने हेड कांस्टेबल अमित कुमार पर सीधी फायरिंग की, जिसमें वे बाल-बाल बचे. जवाबी कार्रवाई और आत्मरक्षा में पुलिस ने 3 राउंड फायरिंग की, जिसमें एक गोली भरत के दाहिने पैर में लगी. दूसरा आरोपी वीराज भी पकड़ा गया, जिसकी पिस्तौल पुलिस पर फायरिंग के दौरान जाम हो गई थी.
तिहाड़ में बनी थी खूनी साजिश
जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी भरत उर्फ मन्नी (23 साल) पर पहले से ही चोरी, झपटमारी और आर्म्स एक्ट के 15 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. वह इसी साल 21 जनवरी को तिहाड़ जेल से बाहर आया था. जेल में ही उसकी मुलाकात कुख्यात गैंगस्टर विक्की संन्यासी से हुई थी. विक्की ने ही भरत को उत्तम नगर के एक प्लॉट विवाद में कारोबारी को धमकाने का काम सौंपा था. आरोपी वीराज उर्फ विरोधी, जो पहले बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता था, नशे की लत के कारण भरत के साथ जुड़ गया और अपराध की दुनिया में कदम रख दिया.
पुलिस ने इस मुठभेड़ के बाद 2 पिस्तौल 4 खाली कारतूस और 3 जिंदा कारतूस के साथ 1 होंडा एक्टिवा स्कूटी बरामद किया है. घायल आरोपी भरत को तुरंत द्वारका के इंदिरा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. क्राइम ब्रांच अब इस मामले में बड़ी साजिश के एंगल से जांच कर रही है कि कैसे जेल में बंद अपराधी स्थानीय अपराधियों को हायर कर शहर में दहशत फैला रहे हैं.
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भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें
















































