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tantrik kamruddin baba : Delhi police arrested in peeragarhi case | promising convert 2 lakhs into 3 crores black magic | maulana | कौन है तांत्रिक कमरुद्दीन, जो 2 लाख को 3 करोड़ में देता था बदलने का लालच, कैसे आया दिल्ली पुलिस के रडार पर?

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नई दिल्ली. दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास बीते रविवार को एक बंद कार के भीतर मिली तीन लाशों की गुत्थी सुलझती नजर आ रही है. इस मामले में दिल्ली पुलिस ने पहली गिरफ्तारी की है. दिल्ली पुलिस ने एक तांत्रिक कमरुद्दीन बाबा को गिरप्तार किया है. दिल्ली पुलिस ने इस बाबा को लेकर जो खुलासे किए हैं, वह हैरान करने वाले हैं. यह तांत्रिक इन तीनों को 2 लाख रुपये को 3 करोड़ में बदलने का सपना दिखाया था. लेकिन, इस बीच ऐसा काम कर दिया, जिससे सनसनी फैल गई. पीराढ़ी फ्लाईओवर पर बीते रविवार को 76 साल के रणधीर, 47 साल के शिव नरेश सिंह और 40 साल की लक्ष्मी की लाश एक बंद गाड़ी में मिली थी. जानिए इस राज से दिल्ली पुलिस ने कैसे पर्दा उठाया? इसके साथ ही जानिए कैसे तांत्रिक कमरुद्दीन बाबा लोगों को झांसा देता था. दिन रविवार और तारीख 8 फरवरी, दिल्ली पुलिस को एक पीसीआर कॉल मिलती है, जिसमें कहा गया कि पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर एक गाड़ी खड़ी है और उसमें तीन लोग अनकॉन्शियस हैं. जब दिल्ली पुलिस मौके पर पहुंचती है तो उसमें तीन डेड बॉडी पड़ी मिलती है. इसमें दो मेल और एक फीमेल का था. बॉडी को अस्पताल पहुंचाया जाता है और उनको शिनाख्त किया जाता है. दिल्ली पुलिस ने जब फैमिली मेंबर्स से बात की तो उन्होंने किसी भी तरह के सरकमस्टेंस नहीं बताया, जिससे कि सुसाइड का कोई एंगल नजर आए. दिल्ली पुलिस की फिर टेक्निकल इन्वेस्टिगेशन स्टार्ट होती है. जिसमें यह देखा जाता है कि उस दिन तीनों कहां-कहां गए और पूरे दिन का घटनाक्रम क्या रहा? ‘2 लाख रुपये लेकर आओ 3 करोड़ लेकर जाओ’ दिल्ली पुलिस को एक लीड मिलती है, जिससे कि टीम लोनी में एक बाबा के पास पहुंचती है. बाबा से पहले वहां आए लोगों से पूछताछ करने पर पता चलता है कि सपब पैसों को डबल, ट्रिपल करने के लालच के कारण बाबा के पास आते हैं. यह बाबा बताता है कि अगर आप थोड़े पैसे लाएंगे तो धन वर्षा होगी. जिस लेडी की डेड बॉडी कार मिली थी वह करीब तीन-चार महीने से इस बाबा के टच में थी. कई बार बाबा से वह हाल-फिलहाल में बात कर रही थी और आना-जाना हो रहा था. दिल्ली पुलिस ने कैसे खोजकर निकाला? महिला जहांगीरपुरी में रहने वाले एक सलीम से चट में आई. जब वह पहली बार इस तांत्रिक के पास गई तो अपने हसबैंड को ठीक करने के लिए. उसके पित को कुछ परेशानी थी. वहां पर उसने उस महिला को एक जादू टाइप दिखाया, जिसमें एक साथ से बहुत सारे पैसे निकाल कर दिखाए. जिससे कि यह महिला लालच में आ गई और उसके बाद फिर यह बोलने लगा कि अगर 2 लाख लेंगे तो उसके करोड़ बना देगा. इसी हिसाब से यह इस दिन भी लोग पैसा लेकर गए थे कि उसका मल्टीप्लाई हो जाएगा. पीरागढ़ी केस से पहले भी कर चुका है बड़ा-बड़ा खेल दिल्ली पुलिस ने खुलासा किया कि कमरुद्दीन ने दो लाख को 3 करोड़ बनाने का लालच दिया और उन्हें जहर मिले लड्डू, शराब और कोल्ड ड्रिंक खिलाए-पिलाए, जिससे वे बेहोश हो गए. फिर वह 2 लाख रुपये नकद लेकर फरार हो गया. शुरू में इसे आत्महत्या माना गया था, लेकिन फोरेंसिक और तकनीकी जांच से हत्या का पता चला. कार से जहर के निशान वाली बोतलें, गिलास, मोबाइल और अन्य सामान बरामद हुए थे. गाजियाबाद में तांत्रिक का अड्डा कमरुद्दीन ने तीनों को ‘धनवर्षा’ के नाम पर गाजियाबाद के लोनी में अपने तांत्रिक सेंटर पर बुलाया. वहां से वे कार में सवार हुए, जहां कमरुद्दीन ने जहर मिले लड्डू परोसे और ड्रिंक्स दीं. पीड़ित बेहोश होने के बाद वह पैसे लेकर भाग गया और कार को पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास छोड़ दिया. कमरुद्दीन की अब ऐसे कुंडली खंगालेगी दिल्ली पुलिस पुलिस की जांच ने सीसीटीवी, कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन से बाबा को पकड़ा. पूछताछ में उसने कबूल किया यह उसकी पुरानी आदत थी. कमरुद्दीन एक आदतन अपराधी है और उस पर दो हत्या के मामले पहले से दर्ज हैं, जो इसी तरह के थे. पहला मामला 2014 में राजस्थान के धौलपुर जिले के राजा खेड़ा थाने में आईपीसी की धारा 143, 363 और 302 के तहत दर्ज हुआ. दूसरा 2025 में उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के मख्खनपुर थाने में बीएनएस की धारा 103(1) और 123 के तहत. इन मामलों में वह जेल जा चुका है. दिल्ली पुलिस ने कहा है कि कम से कम दो बार वह गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है. दिल्ली पुलिस अब कमरुद्दीन से पूछताछ जारी रखेगी ताकि मौतों के पीछे का पूरा मकसद और संभावित साथी सामने आएं. जांच में अन्य संदिग्ध मौतों से उसका लिंक खंगाला जाएगा, जहां पूर्व क्लाइंट्स शामिल हों. फोरेंसिक रिपोर्ट की गहराई से जांच, कॉल डेटा, लोकेशन ट्रैकिंग और संभावित साथियों की तलाश की जाएगी. कमरुद्दीन उर्फ ‘बाबा’, फिरोजाबाद का निवासी और लोनी का तांत्रिक गुरु, सालों से लोगों को ‘धनवर्षा’ के जादू का लालच देकर फंसाता आ रहा था. उसकी आंखों में चमक थी अमीरी की, लेकिन दिल में जहर.

mathura delhi surat gujarat 11 murder mystery 48 hours : delhi police investigation theory | eyewitnesses rooms roads witchcraft | 48 घंटे में 11 मौतें, लेकिन चश्मदीद एक भी नहीं, बंद कमरे, सड़क और तंत्र-मंत्र की थ्योरी में उलझी पुलिस

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नई दिल्ली. देश में पिछले 48 घंटों में अलग-अलग राज्यों में कम से कम 11 ऐसी मौतें हुई हैं, जो आपको झकझोर देगा. खास बात यह है कि इन सभी मामलों में एक समानता यह है कि तीनों मामलों में कोई चश्मदीद सामने नहीं आया है. दिल्ली, मथुरा और सूरत से आई इन तीन तस्वीरों ने पूरे भारत को झकझोर कर रख दिया है. मथुरा में एक हंसता-खेलता परिवार खत्म हो गया, दिल्ली की सड़क पर खड़ी कार में तीन लाशें मिलीं और गुजरात में केमिकल व्यापारी, उसकी पत्नी और 12 साल के बेटे की अलग-अलग कमरे में लाश मिली. इन तीनों मामलों में पुलिस की जांच हत्या, आत्महत्या, तंत्र-मंत्र और फुड पॉयजनिंग के एंगल पर चल रही है. हालांकि, दिल्ली में कार में तीन लोगों की मौत पर एक तांत्रिक की गिरफ्तारी हुई है, लेकिन बड़ा सवाल यह कि क्या ये महज इत्तेफाक है या फिर समाज के भीतर पनप रही किसी गहरी हताशा का खौफनाक नतीजा? एक घर, पांच लाशें और मौत के कारण पर सस्पेंस मथुरा के एक पॉश इलाके में पति-पत्नी और उनके तीन बच्चों के शव उनके ही घर में मिले. शुरुआती जांच में यह सामूहिक आत्महत्या लग रही है, लेकिन पुलिस की थ्योरी कुछ और ही इशारा कर रही है. पुलिस को मौके से एक नोट मिला है जिसमें आर्थिक तंगी और कर्ज का जिक्र है. लेकिन कमरे का दरवाजा बाहर से बंद होना और बच्चों के शरीर पर संघर्ष के निशान मामले को मर्डर की ओर मोड़ रहे हैं. क्या पिता ने पहले बच्चों और पत्नी को जहर दिया और फिर खुद जान दी? या इसके पीछे कोई ‘तीसरा’ है? पुलिस अभी तक इस गुत्थी को सुलझा नहीं पाई है. लग्जरी कार में 3 खामोश लाशें देश की राजधानी दिल्ली के पीरागढ़ी इलाके में कार के अंदर तीन लोगों के शव मिलने का मामला अब और रहस्यमय होता जा रहा है. शुरुआत में इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ कई नए खुलासे सामने आने लगे हैं. सबसे चौंकाने वाला पहलू एक रहस्यमयी ‘तांत्रिक’ का सामने आना है, जिसे मौत से पहले तीनों मृतकों के साथ देखा गया था. पुलिस ने इस तांत्रिक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. सीसीटीवी फुटेज और कॉल रिकॉर्ड की जांच से पुलिस इस मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है. यह घटना रविवार दोपहर सामने आई जब पुलिस को पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास खड़ी एक कार में तीन लोगों के बेहोश होने की सूचना मिली. मौके पर पहुंची पुलिस ने कार के अंदर तीनों को मृत पाया. कार के दरवाजे अंदर से लॉक थे और शवों के पास शराब की बोतलें और डिस्पोजेबल ग्लास मिले. दो शवों के मुंह से उल्टी भी मिली, जिससे जहर या किसी रसायन के सेवन की आशंका जताई जा रही है. सूरत के बंद कमरे में तीन शव सूरत के लालगेट इलाके में एक रूह कंपा देने वाली वारदात ने खुशियों को मातम में बदल दिया है. सूरत के हरिपुरा क्षेत्र में तीन लोगों का शव मिलने से हड़कंप मच गया. मृतकों की पहचान केमिकल व्यापारी, उसकी पत्नी और 12 साल के बेटे के रूप में हुई है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है. चार दिन पहले उमराह से लौटने के बाद केमिकल के बड़े कारोबारी फैयाज अहमद का पूरा परिवार एक ही रात में उजड़ गया. यह कोई साधारण मौत नहीं बल्कि एक ऐसा रहस्य है जिसने पुलिस प्रशासन और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के भी पसीने छुड़ा दिए हैं. एक संपन्न परिवार, आपस में अटूट प्रेम और भविष्य की बड़ी योजनाएं सब कुछ एक ही झटके में कैसे खाक हो गया. पुलिस जांच कर रही है कि फैयाज, उनकी पत्नी मुबीना और 13 साल का मासूम बेटा नोमान की मौत क्या गैस रिसाव की वजह से हुई या फिर इसमें कुछ और एंगल है. इन घटनाओं पर क्यों बनी हुई है मिस्ट्री? इन तीनों मामलों में पुलिस के सामने तीन मुख्य चुनौतियां हैं. पहला, कोई चश्मदीद नहीं है. तीनों ही वारदातें बंद कमरों या सुनसान जगहों पर हुईं. डिजिटल फुटप्रिंट्स: पुलिस मृतकों के मोबाइल फोन और अंतिम कॉल डिटेल्स (CDR) की जांच कर रही है, लेकिन कई डेटा डिलीट पाए गए हैं. फॉरेंसिक रिपोर्ट में देरी: बिसरा रिपोर्ट (Viscera Report) आने तक यह साफ नहीं हो पाएगा कि मौत जहर से हुई या दम घुटने से. फिलहाल मथुरा, दिल्ली और गुजरात की पुलिस इन तीनों मामलों को लेकर अलग-अलग एंगल से जांच कर रही है. दिल्ली में गाड़ी में मिले तीन शव की गुत्थी सुलझा ली गई है. इस मामले में दिल्ली पुलिस ने एक 70 साल के तांत्रिक को गिरफ्तार किया है. 70 साल का ढोंगी तांत्रिक कमरुद्दीन कई बार जेल जा चुका है, लेकिन चतुराई से बाहर आ जाता था. दिल्ली पुलिस के डीसीपी सचिन कुमार ने बताया कि कई टेक्निकल सर्विलांस के जरिए जब जांच की गई तो बाबा पर उनका शक गहरा गया. जब बाबा को गिरफ्तार किया था तो पता चला कि वह धन वर्षा के नाम पर लोगों को बेवकूफ बनाता था और इसीलिए लक्ष्मी और दूसरे लोगों को इसने धन वर्षा के नाम पर 2 लाख रुपए को डबल करने का लालच दिया था. 2 लाख रुपए का 3 करोड़ करने का लालच देता था.

अरे बाप रे! बिना OTP के ही 38 लाख साफ, देखते ही देखते शख्स हो गया कंगाल, जामताड़ा मॉडल ने ढूंढा अब यह नया तरीका – 38 lakh rupees wiped out without an otp from bank account mobile delhi police exposed new cyber crime fraud Jamtara model

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Last Updated:February 11, 2026, 13:09 IST Jamtara Cyber Criminals News: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सिम पोर्टिंग के जरिए लाखों की ठगी करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है. ठगों ने पीड़ित का मोबाइल एक्सेस लेकर 38 लाख रुपये निकाल लिए और सिम कार्ड को जामताड़ा में पोर्ट करवा दिया. दिल्ली पुलिस ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा से मुख्य साजिशकर्ता 21 साल के आयुष शर्मा और विपुल कश्यप को गिरफ्तार किया है. इस गिरफ्तारी से दिल्ली जामताड़ा मॉडल का बैंक से पैसा गायब करने का नया तरीका पता चला है. पढ़ें कैसे साइबर ठगों ने अब अपनी रणनीति बदल ली है. बिना ओटीपी के ही बैंक अकाउंट हो रहे खाली. नई दिल्ली. केंद्र सरकार और जांच ऐजेंसियां चाहे जितना कोशिश कर ले, साइबर ठगों पर नहीं लग रहे हैं लगाम. अब तो साइबर ठगों ने ठगी का एक ऐसा खतरनाक तरीका ढूंढ निकाला है, जिसमें आपके पास कोई ओटीपी (OTP) भी नहीं आएगा और आपका बैंक खाता खाली हो जाएगा. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने सिम पोर्टिंग और डिवाइस हैकिंग के जरिए 38.10 लाख रुपये की बड़ी ठगी करने वाले एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है, जो हजारों लोगों के बैंक खाते अब तक साफ कर चुके हैं. खास बात यह है कि इस गिरोह के तार कुख्यात जामताड़ा झारखंड से जुड़े हैं. जानें कैसे जामताड़ा मॉडल ने अब साइबर ठगी का तरीका बदल लिया है. दिल्ली पुलिस ने बताया है कि शिकायतकर्ता ने शिकायत दर्ज कराई कि 30 दिसंबर 2025 से 12 जनवरी 2026 के बीच अज्ञात ठगों ने उसके साथ इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया. ठगों ने व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के जरिए पीड़ित को झांसे में लिया और धोखे से उसके मोबाइल फोन का एक्सेस हासिल कर लिया. एक बार फोन का कंट्रोल मिलते ही, ठगों ने पीड़ित के मोबाइल नंबर को अपने जामताड़ा स्थित सोर्स पर पोर्ट करवा लिया. पैसा उड़ाने का नया जामताड़ा मॉडल  सिम पोर्ट होते ही पीड़ित के फोन का सिग्नल गायब हो गया और ठगों ने बैंकिंग ऐप्स का एक्सेस लेकर IMPS, NEFT और UPI के जरिए अलग-अलग खातों में 38,10,341 रुपये ट्रांसफर कर लिए. क्राइम ब्रांच ने जब बैंक स्टेटमेंट और टेक्निकल फुटप्रिंट्स की जांच की तो एक बड़ा सुराग हाथ लगा. ठगी की रकम में से 99,999 रुपये ग्रेटर नोएडा के विपुल कश्यप के पीएनबी खाते में पहुंचे थे. पुलिस ने उसे 4 मई 2026 को धर दबोचा. 21 साल का लड़का गिरोह का मास्टर माइंड विपुल से पूछताछ के बाद पुलिस ने 21 साल के मुख्य साजिशकर्ता आयुष शर्मा को नोएडा से गिरफ्तार किया. आयुष ही इस पूरे गिरोह का संचालन कर रहा था. इस गैंग का मॉडस ऑपेरंडी इंस्टाग्राम से शुरू होता था. पूछताछ में आयुष शर्मा ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. उसने दिल्ली पुलिस कहा कि वह इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देकर लोगों को लालच देता था कि वे कमीशन के बदले अपने बैंक खाते और सिम कार्ड किराए पर दें. दिल्ली पुलिस ने ऐसे पकड़ा दिल्ली पुलिस ने राजस्थान के भिवाड़ी निवासी विशाल कुमार ने आयुष को सिम कार्ड उपलब्ध कराए थे, जिसे पुलिस ने पकड़कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. ये लोग दिल्ली-एनसीआर से बैंक खाते और सिम कार्ड इकट्ठा कर जामताड़ा के मुख्य ठगों को मुहैया कराते थे, जो वहां बैठकर ठगी को अंजाम देते थे. दिल्ली पुलिस के डीसीपी आदित्य गौतम के निर्देशन और एसीपी अनिल शर्मा की देखरेख में इंस्पेक्टर मंजीत कुमार की टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया. टीम में एसआई प्रवेश कुमार राठी और हेड कांस्टेबल सोहनपाल सहित कई तकनीकी विशेषज्ञ शामिल थे. पुलिस अब इस सिंडिकेट के अन्य सदस्यों और जामताड़ा में बैठे उनके आकाओं की तलाश कर रही है. About the Author रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें Location : New Delhi,New Delhi,Delhi First Published : February 11, 2026, 13:09 IST

love triangle bloody end : friendship illicit relationship | husband wife woh | delhi police mystery suspicion of extra marital affairs | पति, पत्नी और वो… दोस्ती या अवैध संबंध? जानें दिल्ली में दिल दहला देने वाली वारदात की इनसाइड स्टोरी

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नई दिल्ली. कहते हैं कि शक एक ऐसा जहर है जो हंसते-खेलते परिवार को नरक बना देता है. दिल्ली के गोकुलपुरी इलाके में एक ऐसी घटना घटी है, जो सोचने को मजबूर कर दिया है कि क्या किसी महिला को मदद करना भी गुनाह है? क्या शादी के बाद अगर कोई महिला किसी मर्द के साथ दोस्ती करता है तो उसे अवैध रिश्ता ही माना जाएगा? दिल्ली में एक ऐसी घटना घटी है, जो सोचने को मजबूर कर रहा है कि शादीशुदा महिला किसी गैरमर्द के साथ एक कमरे में दोस्त बनकर क्या रह सकता है? क्या गोकुलपुरी में हुई दिल दहला देने वाली घटना के बाद दिल्ली पुलिस की जांच महिला के अवैध संबंध के एंगल पर भी होगी? पढ़ें दिल्ली में पति, पत्नी और वो की एक ऐसी कहानी, जिसका क्लाइमेक्स धीरे-धीरे बाहर आने लगा है और जिसका अंत रोंगटे खड़े कर देने वाला था. पति ने पत्नी के दोस्त की हत्या कर दी है. हत्या के बाद पत्नी ने दिल्ली पुलिस को बयान दिया है कि उसके पति ने एक ऐसे शख्स की बेरहमी से हत्या कर दी, जो उसके बुरे वक्त में बच्चों के लिए फरिश्ता बनकर आया था. कहानी की शुरुआत होती है करीब 10 महीने पहले. मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया की रहने वाली 35 वर्षीय महिला का पति गौरी शंकर यादव गंभीर रूप से बीमार होकर अस्पताल में भर्ती था. घर में खाने के लाले पड़े थे और बच्चों का भविष्य अंधकार में था. उस वक्त रवि नाम का युवक महिला के जीवन में सहारा बनकर आया. कहानी पति, पत्नी और वो की महिला के मुताबिक रवि ने न केवल महिला की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी कीं, बल्कि उसे आत्मनिर्भर भी बनाया. रवि की मदद से ही महिला ने गोकुलपुरी में एक फूड स्टॉल शुरू किया, ताकि वह अपने बच्चों को पाल सके. जब महिला के सामने रहने का संकट आया तो रवि ने ही उसे एक कमरा किराए पर दिलाया और उसकी ढाल बनकर साथ खड़ा रहा. पति के लौटने के बाद क्या हुआ? लेकिन 6 फरवरी को गौरी शंकर यादव सूरत से दिल्ली वापस लौटा तो उसे अचानक दोनों के संबंध को लेकर शक होने लगा. एक ही घर में रवि की मौजूदगी उसे खटकने लगी. गौरी शंकर को लगने लगा कि उसकी पत्नी और रवि के बीच अवैध संबंध हैं. उसे यह अहसान नहीं दिखा कि उसकी गैरमौजूदगी में रवि ने ही उसके परिवार को बिखरने से बचाया था. 7 फरवरी की रात को रवि को लेकर पति-पत्नी के बीच जमकर झगड़ा हुआ. विवाद इतना बढ़ गया कि डरी हुई पत्नी ने मामला शांत करने के लिए रवि को छत पर सोने के लिए भेज दिया. उसे लगा कि सुबह तक गुस्सा ठंडा हो जाएगा, लेकिन उसे क्या पता था कि रवि के लिए वह रात आखिरी साबित होगी. अगली सुबह का वो खौफनाक मंजर अगली सुबह जब महिला ऊपर पहुंची, तो उसकी चीख निकल गई. रवि खून से लथपथ पड़ा था. पास ही लकड़ी की एक मोटी छड़ी पड़ी थी, जो रवि के सिर पर वार करने की वजह से दो टुकड़ों में टूट चुकी थी. चारों तरफ खून ही खून था. रवि को तुरंत जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी गौरी शंकर यादव को हिरासत में ले लिया. कड़ी पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसने बताया कि वह शक की आग में इतना अंधा हो गया था कि उसने गुस्से में रवि के सिर पर डंडे से कई वार किए. पुलिस ने महिला का बयान दर्ज किया है, जिसमें उसने रवि के ‘एहसानों’ और पति के ‘क्रूर’ व्यवहार की पूरी कहानी सुनाई है.

New Delhi BRICS Sherpa Meeting

New Delhi BRICS Sherpa Meeting

Hindi News Career New Delhi BRICS Sherpa Meeting | Keralas Ramya NatGeo Award; Feb 11 Current Affairs 11 दिन पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. नई दिल्ली में पहली BRICS शेरपा बैठक हुई 9 फरवरी को पहली ब्रिक्स (BRICS) शेरपा बैठक नई दिल्ली में शुरू हुई। इकोनॉमिक रिलेशन सेक्रेटरी सुधाकर दलेला ने इसकी अध्यक्षता की और ब्रिक्स शेरपा सदस्य देशों के मेम्बर्स के साथ बैठक की। 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले होने वाली ये एक हाई लेवल मीटिंग है। ब्रिक्स शेरपा, ब्रिक्स में शामिल होने वाले सदस्य देशों के सीनियर ऑफिसर्स और डिप्लोमैट्स के बीच होने वाली मीटिंग है। ब्रिक्स सम्मेलन से पहले मीटिंग में सीनियर ऑफिसर ड्राफ्ट, प्लानिंग और डॉक्यूमेंट्स तैयार करते हैं। ब्रिक्स सदस्य देशों के सभी प्रतिनिधि इस मीटिंग में भाग ले रहे हैं। पहली बार बेलारूस भी ब्रिक्स के पार्टनर मेंबर के तौर पर हिस्सा ले रहा है। ब्रिक्स शेरपा नाम रखा गया क्योंकि वे सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों की ओर से बात करने वाले हैं। ठीक वैसे ही ‘शेरपा’ (गाइड) पर्वतारोहियों को ऊंचे हिमालयी रास्तों पर गाइड करते हैं। 13 जनवरी को भारत ने ऑफिशियली 18वें ब्रिक्स (BRICS) 2026 की अध्यक्षता संभाली थी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ब्रिक्स 2026 की थीम, लोगो और वेबसाइट का शुभारंभ किया था। इस साल की थीम बिल्डिंग फॉर रिजिलेन्स, इनोवेशन कॉर्पोरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी रखी गई है। ब्रिक्स नाम इसके संस्थापक सदस्य देशों- ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के शुरुआती अक्षरों से बना है। वहीं मिस्र, इथियोपिया, ईरान, यूएई और इंडोनेशिया बाद में इस फोरम के पूर्ण सदस्य बने हैं। 2026 में ब्रिक्स की स्थापना के 20 साल पूरे हुए। भारत इस साल चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। भारत ने साल 2012, 2016 और 2021 में भी ब्रिक्स की अध्यक्षता की थी। 2. भारत और ग्रीस से रक्षा सहयोग के लिए एग्रीमेंट किया 9 फरवरी को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में ग्रीस के रक्षा मंत्री निकोलस जॉर्जियोस डेंडियास के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में भारत-ग्रीस ने रणनीतिक साझेदारी और रक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए एक एग्रीमेंट साइन किया। समझौते के तहत दोनों देश अपनी स्वदेशी डिफेंस इंडस्ट्री की क्षमता का विस्तार करने के लिए काम करेंगे। दोनों देशों के बीच हुई ये पार्टनरशिप आत्मनिर्भर भारत पहल ‘एजेंडा 2030’ सुधारों के तहत स्वदेशी डिफेंस टेक्नोलॉजी के लिए ग्रीस के साथ मिलकर काम करेगी। इस जॉइंट पार्टनरशिप का उद्देश्य जॉइंट रिसर्च, डेवलपमेंट, डिफेंस टेक्नोलॉजी और इक्विपमेंट का को-प्रोडक्शन करना है। दोनों देश 2030 के लिए ग्रीस के रक्षा सुधारों और आत्मनिर्भर भारत पहल के लिए अपने स्वदेशी रक्षा उद्योगों का विस्तार करने के लिए काम करेंगे। एग्रीमेंट के साथ ही ग्रीस ने घोषणा की है कि सेंटर इंडियन ओशियन रीजन (IFC-IOR) गुरुग्राम में समुद्री समन्वय को बढ़ाने के लिए ग्रीस एक अंतरराष्ट्रीय संपर्क अधिकारी भी अपॉइन्ट करेगा। एग्रीमेंट रक्षा मंत्री निकोलस जॉर्जियोस की दो दिनों की आधिकारिक यात्रा के दौरान हुए हैं। भारत और ग्रीस ने मिलिट्री को-ऑपरेशन एग्रीमेंट 2026 किया है। स्पोर्ट्स (SPORTS) 3 . तेजस्विन शंकर ने हेप्टाथलॉन में गोल्ड जीता 8 फरवरी को तेजस्विन शंकर ने 12वीं एशियाई इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप हेप्टाथलॉन में गोल्ड जीता। तेजस्विन, एशियाई इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत को गोल्ड दिलाने वाले एकमात्र एथलिट हैं। तेजस्विन ने पुरुषों के हेप्टाथलॉन में 5993 अंक हासिल किए और अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा। इससे पहले अमेरिका में उन्होंने 5650 अंक हासिल किए थे। 2022 कॉमनवेल्थ में तेजस्विन ने हाई जंप में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। ये कॉमनवेल्थ में भारत का पहला मेडल था। तेजस्विन नई दिल्ली के रहने वाले हैं। स्कूल में एथलेटिक्स टीचर की प्रेरणा के बाद उन्होंने शुरुआत में क्रिकेट खेलना सीखा। इसके साथ ही एशियाई इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पूजा ने हाई जंप में सिल्वर, तजिंदरपाल सिंह तूर ने गोला फेंक में सिल्वर और एंसी सोजन ने हाई जंप में सिल्वर जीता है। 12वीं एशियन इंडोर एथलिटस चैंपियनशिप 6 से 8 फरवरी तक चीन के तिअनजिन में हुई। इसमें 35 देशों की टीम ने हिस्सा लिया था। चैंपियनशिप में सबसे ज्यादा मेडल चीन ने जीते हैं। 2022 एशियाई खेलों (हांग्जो) और 2025 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में डिकैथलॉन में तेजस्विन ने सिल्वर मेडल जीता है। मिसलीनियस (MISCELLANEOUS) 4. रम्या श्रीराम नेशनल ज्योग्राफिक 2026 कैलेंडर में शामिल 9 फरवरी को चेन्नई की फोटोग्राफर रम्या श्रीराम को नेशनल ज्योग्राफिक 2026 कैलेंडर में जगह मिली है। रम्या को केरल के कल्चरल प्रोग्राम ‘कंडानार केलन थेय्यम’ की तस्वीर के लिए नेट जियो इंडिया वर्ल्डवाइड कॉन्टेस्ट 2025 अवॉर्ड मिला है। थेय्यम के दौरान आग के साथ किया गया एक अनुष्ठान होता है, जिसमें सदियों पुरानी प्रदर्शन परंपरा, वेशभूषा, डांस और अग्नि शामिल होती है। रम्या चेन्नई की एक कल्चरल फोटोग्राफर हैं, जो भारत की समृद्ध परंपराओं और विरासत को कैमरे में कैद करती हैं। नेट जियो इंडिया वर्ल्डवाइड कॉन्टेस्ट नेशनल ज्योग्राफिक आयोजित करता है। नेशनल ज्योग्राफिक की फोटो कॉन्टेस्ट प्राइज मनी 2500 डॉलर यानी 2.5 लाख रुपए है। नेशनल ज्योग्राफिक सोसाइटी अपनी इंटरनेशनल साइट के जरिए ट्रैवल फोटोग्राफी, नेचर फोटोग्राफी जैसी कैटेगरी में अवॉर्ड देती है। कंडानार केलन उत्तरी केरल के कन्नूर-कासरगोड क्षेत्र का एक सांस्कृतिक नाटक है। 4 . स्टील मंत्रालय ने 85 प्रोजेक्ट्स के लिए MoU साइन किया 9 फरवरी को स्टील मंत्रालय ने 11 हजार करोड़ से ज्यादा वाले 85 प्रोजेक्ट्स के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर साइन किए। विज्ञान भवन में स्टील और हेवी इंडस्ट्रीज मिनिस्टर एच डी कुमारस्वामी और राज्य मंत्री भूपति राजू श्रीनिवास वर्मा की मौजूदगी में ये MoU साइन हुए। MoU के बाद फाइनेंशियल ईयर 2030-31 तक 85 प्रोजेक्ट्स के जरिए करीब 8.7 मिलियन टन स्टील प्रोडक्शन बढ़ सकेगा। MoU साइन होने के बाद इलेक्ट्रिकल स्टील, कोटेड प्रोडक्ट्स का उत्पादन बढ़ेगा। इसमें मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के तहत टेक्नोलॉजी अपग्रेड की जाएगी। भारत में स्ट्रेटेजिक, इलेक्ट्रिकल और हाई एंड डाउनस्ट्रीम ऐप्लीकेशंस में इस्तेमाल के लिए स्टील का आयात होता है। PLI स्कीम 2021 में शुरू की गई थी और इसका थर्ड राउंड (PLI 1.2) नए प्रोडक्ट और सब- कैटेगरी के लिए है। आज का इतिहास (11 फरवरी) 1613 में मुगल शासक जहांगीर ने ईस्ट इंडिया कंपनी को सूरत

CBSE Board Exam 2026 Copy Checking Rules; Digital Evaluation

CBSE Board Exam 2026 Copy Checking Rules; Digital Evaluation

Hindi News National CBSE Board Exam 2026 Copy Checking Rules; Digital Evaluation | On Screen Marking नई दिल्ली10 दिन पहलेलेखक: ​​​​​​​​​​​​​​अनिरुद्ध शर्मा कॉपी लिंक डिजिटल चेकिंग से टोटलिंग में गलतियां कम होंगी। वैल्यूएशन तेज होगा। (AI इमेज) इस बार सीबीएसई 12वीं के 17 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स की कॉपियां ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम से जांची जाएंगी। मतलब ये कि इन्हें डिजिटल तरीके से जांचा जाएगा। सीबीएसई 12वीं की बोर्ड परीक्षा 17 फरवरी से 10 अप्रैल तक होनी है। इसके लिए हर छात्र की सभी आंसर शीट्स (उत्तरपुस्तिका) के हर पन्ने को परीक्षा केंद्र में ही स्कैन करके कंप्यूटर सिस्टम में अपलोड किया जाएगा। करीब 1 करोड़ कॉपियों के लगभग 32 करोड़ पन्ने स्कैन करके अपलोड होंगे। परीक्षक इन डिजिटल कॉपियों की जांच करके ही नंबर देंगे। 10वीं बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियों की चे​किंग पहले की तरह कागज पर ही होगी। सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज के मुताबिक इस नई व्यवस्था से उत्तर पुस्तिकाओं के ट्रांसपोर्ट में लगने वाला समय और खर्च बचेगा। शिक्षक अपने स्कूल में रहते हुए ही मूल्यांकन कर सकेंगे, बच्चों की नियमित पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। मूल्यांकन को अधिक पारदर्शी, तेज और गलतीरहित बनाने के मकसद से बोर्ड ने यह प्रणाली लागू करने का फैसला लिया है। 7 चरण में जानें, कैसे होगी ऑनस्क्रीन मार्किंग पहला चरण: छात्र परीक्षा केंद्र पर पहले की तरह कॉपी में उत्तर लिखेंगे। परीक्षा ऑफलाइन ही होगी। बोर्ड परीक्षा में विषय के हिसाब से 40 पेज, 32 पेज और 20 पेज की कॉपी का इस्तेमाल होता है। दूसरा चरण: सभी उत्तर पुस्तिकाएं हाई सिक्योरिटी स्कैनिंग सेंटर में स्कैन होंगी। यह स्कूल के कंप्यूटर लैब में ही होगा। हर पेज की डिजिटल इमेज बनेगी। हर कॉपी को यूनिक कोड मिलेगा। कॉपी जांचते समय छात्र का नाम व रोल नंबर नहीं दिखेगा। इससे पक्षपात की संभावना खत्म होगी। तीसरा चरण: सीबीएसई के स्कूल के टीचर कंप्यूटर लैब में ओएसिस आईडी से ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) पोर्टल पर लॉगइन करेंगे। तब उन्हें पता चलेगा कि आज उन्हें कितनी कॉपियां जांचनी हैं। चौथा चरण: छात्र की कॉपी के स्कैन किए हुए पेज शिक्षक के सामने आएंगे। हर प्रश्न के लिए एक अलग मार्क्स कॉलम होगा, जिसमें उस प्रश्न के पूर्णांक (कुल मार्क्स) लिखे होंगे। शिक्षक उसमें छात्र के जवाब के हिसाब से जो भी मार्क डालेंगे, वह सिस्टम में अपने आप ‘सेव’ हो जाएगा। पांचवां चरण: जब कॉपी पूरी चेक हो जाएगी तो शिक्षक को अंकों का जोड़-घटाव नहीं करना है। टोटलिंग खुद होगी। छठा चरण: कुछ कॉपियों को री-चेक या मॉडरेशन के लिए दूसरे वरिष्ठ परीक्षक को भी दिखाया जा सकता है। पूरा ट्रैक रिकॉर्ड सिस्टम में रहेगा कि किस शिक्षक ने कब कितनी देर में कैसे मूल्यांकन किया। सातवां चरण: यहां से अंक सीधे सीबीएसई के रिजल्ट डेटाबेस में पहुंच जाएंगे यानी कोई मार्क ट्रांसफर, मैनुअल एंट्री और दोबारा सत्यापन की जरूरत नहीं होगी। रिजल्ट तय तारीख पर कम विवाद और ज्यादा भरोसे के साथ घोषित हो सकेंगे। कंप्यूटर लैब अनिवार्य, शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी डिजिटल चेकिंग के लिए स्कूल में कंप्यूटर लैब अनिवार्य है। लेटेस्ट इंटरनेट ब्राउजर, एडोब रीडर, कम से कम 2 एमबीपीएस की स्थिर इंटरनेट स्पीड, निर्बाध बिजली सुनिश्चित करनी होगी। वहीं, सभी ओएसिस आईडी वाले शिक्षकों को प्रशिक्षण मिलेगा। कई बार ड्राई रन होंगे। समस्या समाधान के लिए कॉल सेंटर बनाए जा रहे हैं। बोर्ड निर्देशात्मक वीडियो भी जारी कर रहा है। —————– CBSE से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… CBSE 10वी-12वीं एग्जाम के मॉडल पेपर: परीक्षा की तैयारी के लिए Arihant Publications के पेपर डाउनलोड और प्रैक्टिस करें CBSE बोर्ड 12वीं और 10वीं की सेशन 1 परीक्षा 17 फरवरी से शुरू हो रही है। एग्‍जाम की सबसे सटीक तैयारी के लिए सभी मेजर सब्‍जेक्‍ट्स के मॉडल पेपर्स नीचे दिए गए हैं। सभी मॉडल पेपर्स Arihant Publications के एक्‍सपर्ट्स ने तैयार किए हैं। इन्‍हें बोर्ड एग्‍जाम के पैटर्न पर ही तैयार किया गया है। आप इन्‍हें डाउनलोड कर सकते हैं, शेयर कर सकते हैं और अटेम्‍प्‍ट कर सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Delhi Piragarhi Case | Mystery Baba Role in Piragarhi Case- मौत से पहले दिखा था रहस्यमयी ‘तांत्रिक’, कौन था वो, पीरागढ़ी केस में क्या रोल? 3 लाशों का केस उलझा

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Delhi Piragarhi Case: देश की राजधानी दिल्ली के पीरागढ़ी इलाके में कार के अंदर तीन लोगों के शव मिलने का मामला अब और रहस्यमय होता जा रहा है. शुरुआत में इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ कई नए खुलासे सामने आने लगे हैं. सबसे चौंकाने वाला पहलू एक रहस्यमयी ‘तांत्रिक’ का सामने आना है, जिसे मौत से पहले तीनों मृतकों के साथ देखा गया था. पुलिस ने इस तांत्रिकको हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. सीसीटीवी फुटेज और कॉल रिकॉर्ड की जांच से पुलिस इस मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है. तीनों शव कार के अंदर मिलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है. यह घटना रविवार दोपहर सामने आई जब पुलिस को पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास खड़ी एक कार में तीन लोगों के बेहोश होने की सूचना मिली. मौके पर पहुंची पुलिस ने कार के अंदर तीनों को मृत पाया. कार के दरवाजे अंदर से लॉक थे और शवों के पास शराब की बोतलें और डिस्पोजेबल ग्लास मिले. दो शवों के मुंह से उल्टी भी मिली, जिससे जहर या किसी रसायन के सेवन की आशंका जताई जा रही है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई साजिश छिपी हुई है. पुलिस ने रणधीर और शिव नरेश का पोस्टमार्टम करा लिया है. पीरागढ़ी में तीनों लोगों की मौत कैसे हुई? शुरुआती जांच में पुलिस को शक है कि तीनों ने जहर मिला पेय पदार्थ पिया हो सकता है. शवों के पास शराब की बोतल और डिस्पोजेबल ग्लास मिले हैं. दो मृतकों के मुंह से उल्टी भी मिली, जिससे जहरीले पदार्थ के सेवन की संभावना जताई जा रही है. हालांकि पुलिस फोरेंसिक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. इसके बाद ही मौत का असली कारण स्पष्ट हो पाएगा. इस मामले में रहस्यमयी तांत्रिक की भूमिका क्या है? पुलिस जांच में सामने आया है कि मौत से पहले तीनों मृतक एक तांत्रिक से मिले थे. सीसीटीवी फुटेज में तांत्रिक को कार की फ्रंट सीट पर बैठे देखा गया है. पुलिस को शक है कि तांत्रिक इस मामले की अहम कड़ी हो सकता है. फिलहाल उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि तांत्रिक का तीनों से क्या संबंध था. तीनों मृतकों के बीच क्या संबंध था? पुलिस के अनुसार रणधीर और शिव नरेश पिछले कई सालों से एक-दूसरे को जानते थे और प्रॉपर्टी कारोबार में जुड़े हुए थे. लक्ष्मी देवी बुजुर्गों की देखभाल से जुड़ा काम करती थीं. जांच में सामने आया है कि तीनों एक-दूसरे के संपर्क में रहते थे, लेकिन परिवार के कुछ लोगों को लक्ष्मी के बारे में जानकारी नहीं थी. इससे मामले में कई नए सवाल खड़े हो गए हैं. पुलिस इस मामले की जांच कैसे कर रही है? पुलिस ने तीनों मृतकों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं और कॉल रिकॉर्ड, मैसेज और चैट की जांच की जा रही है. इसके अलावा कार के रूट पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. पुलिस तांत्रिक से पूछताछ के साथ-साथ जहर या साजिश के एंगल पर भी जांच कर रही है. फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद कई अहम खुलासे होने की संभावना है. पुलिस जांच में सामने आया है कि रविवार सुबह तीनों पीरागढ़ी इलाके से निकले थे और बाद में उत्तर-पूर्वी दिल्ली गए थे. इसी दौरान उनकी तांत्रिक से मुलाकात हुई थी. दोपहर में वे फिर पीरागढ़ी लौटे और बाद में उनकी लाश कार में मिली. फिलहाल पुलिस इस पूरे घटनाक्रम को जोड़कर जांच कर रही है. परिवार के सदस्यों ने आत्महत्या की संभावना को खारिज किया है. रणधीर के परिवार का कहना है कि वह खुशमिजाज व्यक्ति थे और उनका किसी से कोई विवाद नहीं था. परिवार का दावा है कि रणधीर सामान्य तरीके से घर से निकले थे और उन्होंने किसी परेशानी का जिक्र नहीं किया था. इससे पुलिस के सामने मामला और उलझता नजर आ रहा है. पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार पुलिस ने रणधीर और शिव नरेश का पोस्टमार्टम करा लिया है, जबकि लक्ष्मी का पोस्टमार्टम बाकी है. तीनों का विसरा सुरक्षित रखा गया है, जिससे शरीर में मौजूद रसायनों की जांच की जाएगी. रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण और मामले की असली सच्चाई सामने आ सकती है. पुलिस ने कहा है कि जांच के सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है.

बिस्तर के नीचे से निकला खजाना, 30 लाख के गहने और नकदी लेकर नौकरानी हुई थी रफूचक्कर, ऐसे हुई गिरफ्तार | treasure found under the bed maid arrest with jewellery and cash worth rs 30 lakh how she was arrested by delhi police

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नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने द्वारका में घर में काम करने वाली नौकरानी द्वारा की गई एक बड़ी चोरी की गुत्थी को सुलझा लिया है. द्वारका सेक्टर-23 थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए न केवल आरोपी महिला को गिरफ्तार किया, बल्कि चोरी किया गया माल भी बरामद कर लिया है. पकड़ी गई महिला के पास से करीब 30 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण बरामद हुए हैं, जिसको वह अपने बिस्तर के नीचे छुपा रखी थी. दिल्ली पुलिस ने नौकरानी को कैसे पकड़ा? घटना 1 फरवरी 2026 की है. द्वारका सेक्टर-23 निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी कि उनके घर से भारी मात्रा में सोने के गहने और नकदी गायब है. उन्हें अपनी महिला नौकरानी पर शक था, जो वारदात के बाद से ही लापता थी. शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया. पुलिस टीम और ‘ऑपरेशन इस्सापुर खेड़ा’ डीसीपी द्वारका अंकित सिंह के निर्देश पर एसएचओ सेक्टर-23 के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम बनाई गई. इस टीम में एएसआई कर्मवीर, हेड कांस्टेबल मुकेश, अनिल कुमार, महिला एएसआई भगवती और कांस्टेबल अलका शामिल थीं पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और अपने खुफिया तंत्र को सक्रिय किया. जल्द ही पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली कि संदिग्ध महिला कापसहेड़ा इलाके के गांव इस्सापुर खेड़ा बमनोली में छिपी हुई है. छापेमारी और भारी बरामदगी पुलिस टीम ने बिना समय गवाए बताए गए पते पर दबिश दी. महिला पुलिसकर्मियों की मदद से आरोपी महिला को काबू किया गया. घर की तलाशी लेने पर पुलिस की आंखें फटी रह गई. नौकरानी ने चोरी किए गए सारे गहने एक जगह छिपा कर रखे थे. बिस्तर के नीचे से सोने की 4 चूड़ियां, जिसका वजन लगभग 80 ग्राम, सोने की 2 कड़े, जिसका वजन लगभग 50 ग्राम, सोने की एक चेन, जिसका वजन लगभग 25 ग्राम, एक सोना और प्लेटिनम ब्रेसलेट, जिसका वजन लगभग 20 ग्राम, सोने की 3 अंगूठियां ,जिसका वजन लगभग 18 ग्राम, एक जोड़ी कान के झुमके, जिसका वजन लगभग 5 ग्राम, चांदी के 2 सिक्के, जिसका वजन लगभग 20 ग्राम और 18000 रुपये नकद बरामद हुए. दिल्ली पुलिस ने कहा है कि बरामद सोने की वजन 190 ग्राम है, जिसकी बाजार में कीमत करीब 30 लाख रुपये है. गिरफ्तार की गई महिला की उम्र 38 वर्ष है और वह मूल रूप से इस्सापुर खेड़ा, दिल्ली की रहने वाली है. पूछताछ में उसने कबूल किया कि लालच में आकर उसने इस वारदात को अंजाम दिया और उसे लगा था कि वह गांव में छिपकर पुलिस की नजरों से बच जाएगी. दिल्ली पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है.

Fake IPS Officer Digital Arrest: delhi police crime branch | whatsapp video call | woman of 40 lakh arrested | व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर रोजाना हाजिरी, फर्जी IPS ने महिला से ऐसे हड़प लिए 40 लाख रुपये, अब हुआ गिरफ्तार

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होमताजा खबरDelhi व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर रोजाना हाजिरी, फर्जी IPS ने महिला से हड़प लिए 40 लाख Last Updated:February 09, 2026, 13:54 IST Fake IPS Officer Digital Arrest: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने डिजिटल अरेस्ट स्कैम के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है. आरोपियों ने एक महिला को फर्जी IPS बनकर 3 महीने तक कैद में रखा और उसके जीवन भर की जमा पूंजी 40 लाख रुपये ठग लिए. लेकिन मामला जब दिल्ली पुलिस के पास पहुंचा तो तहकीकात में आरोपियों के बैंक खातों का संबंध 100 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और 190 साइबर शिकायतों से पाया गया है. जानें कैसे दिल्ली पुलिस ने 100 करोड़ कमाने वाले इस गिरोह का भंडाफोड़ किया है. नई दिल्ली. देश में डिजिटल अरेस्ट की एक से बढ़कर एक घटनाएं सामने आ रही हैं. डिजिटल इंडिया के इस दौर में साइबर ठग अब आपके बैंक खाते के साथ-साथ अब आपके दिमाग पर भी कब्जा कर रहे हैं. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल (Cyber Cell) ने एक ऐसे ही रूह कंपा देने वाले स्कैम का पर्दाफाश किया है, जिसकी कहानी सुनकर हिल जाएंगे आप. दिल्ली पुलिस ने दो आरोपियों अनीश और मनी सिंह को गिरफ्तार किया है. लेकिन दोनों ने किस तरह घर में रह रही एक अकेली महिला को जाल में फंसाया और कैसे उससे 40 लाख रुपये तीन महीने में उड़ा लिए इसकी कहानी जानकर हैरान हो जाएंगे. दिल्ली की एक हाउसवाइफ को 15 अक्टूबर 2025 को एक कॉल आई. फोन करने वाले ने खुद को आईपीएस राघव मित्तल साइबर सेल, मुंबई बताया. उसने महिला पर आरोप लगाया कि उसके आधार कार्ड का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों में हुआ है. उस फर्जी आईपीएस ने महिला को इतना डरा दिया गया कि वह 12 दिसंबर 2025 तक यानी करीब 3 महीने तक अपने ही घर में डिजिटल कैद में रही. उसे आदेश दिया गया था कि वह किसी से बात न करे, वर्ना उसके इंजीनियर बेटे और पति को जेल भेज दिया जाएगा. ठग उसे रोजाना व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर हाजिरी देने और यह सुनिश्चित करने के लिए मजबूर करते थे कि वह चुप है. महिला से तीन महीने में 40 लाख उड़ाए डर के इस माहौल में महिला ने अपनी पूरी जिंदगी की कमाई 40 लाख रुपये ठगों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए. ठगों ने उसे यह तक विश्वास दिला दिया था कि उसके घर के बाहर पुलिस तैनात है और जरा सी गलती उसे तबाह कर देगी. हर पेमेंट के बाद उसे चैट और कॉल लॉग डिलीट करने का आदेश दिया जाता था ताकि कोई सबूत न बचे. 4 लेयर के फंड फ्लो ने खोला 100 करोड़ का राज जब इस घटना में महिला के 40 लाख लूट गए तो पति और बेटा को इसकी जानकारी दी. पति और बेटे को समझ में आ गया कि उनके साथ साइबर फ्रॉड हो गया है. महिला ने दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और पूरी कहानी बताई. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने इंस्पेक्टर संदीप सिंह और तकनीकी विशेषज्ञ हेड कांस्टेबल अक्षय कुमार की टीम ने इस जटिल मामले की कमान संभाली. महिला द्वारा डिलीट किए गए डेटा के बावजूद, टीम ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए एक बैंक खाते का पता लगाया जो M/s Vrindakart Skyline Shoppers Private Limited के नाम पर था. इस गिरोह के खातों का विश्लेषण करने पर पता चला कि देशभर में इनके खिलाफ 190 साइबर शिकायतें दर्ज हैं और करीब 100 करोड़ रुपये का फ्रॉड इन खातों के जरिए किया गया है. आरोपी अनीश और मनी सिंह ‘वृंदाकार्ट’ जैसी शेल कंपनियां बनाकर पैसा रूट करते थे. ये दोनों आरोपी पहले भी फरीदाबाद पुलिस द्वारा इसी तरह के मामले में पकड़े जा चुके थे. एसीपी अनिल शर्मा की देखरेख में इंस्पेक्टर विनय कुमार, एसआई राकेश मलिक और अन्य जवानों की टीम ने दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में छापेमारी कर इन ठगों को दबोचा. इनके पास से फर्जी सिम कार्ड और जाली दस्तावेज बरामद हुए हैं. About the Author रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें Location : New Delhi,New Delhi,Delhi First Published : February 09, 2026, 13:54 IST

Delhi Police Caught Chines Agent: मोबाइल तोड़ा, चेक बुक जलाये, फिर भी नहीं बच सका गिरफ्तारी से, ऐसे दबोचे गए 3 चीनी एजेंट | delhi police busts international stock market scam cyber fraud racket 3 chines agent held

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Last Updated:February 09, 2026, 12:40 IST Delhi Police Caught Chines Agent: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शेयर बाजार में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के तार चीन से जुड़े हैं और ये ठगी के पैसों को क्रिप्टोकरेंसी (USDT) के जरिए विदेश भेजते थे. दिल्ली पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 42.5 लाख की ठगी का मामला सुलझाया है. दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन नई दिल्ली. दिल्ली में साइबर ठगों ने अब सीधे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी जड़ें जमा ली हैं. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ‘Cy-Hawk’ ऑपरेशन के तहत एक हाई-प्रोफाइल साइबर धोखाधड़ी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. यह गिरोह न केवल भारतीय नागरिकों को स्टॉक मार्केट के नाम पर ठग रहा था, बल्कि ठगी की रकम को चीनी हैंडलर्स की मदद से क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर विदेश भेज रहा था. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अबतक तीन साइबर ठगों को गिरप्तार किया है. उत्तम नगर के 56 साल के शख्स रंजन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने बताया कि स्टॉक मार्केट में निवेश कर भारी मुनाफे का लालच देकर उनसे करीब 42.5 लाख रुपये की ठगी की गई है. क्राइम ब्रांच ने 17 दिसंबर 2025 को मामला दर्ज कर जांच शुरू की. जांच और पहली गिरफ्तारी क्राइम ब्रांच की टीम ने जब पैसों के लेन-देन (Money Trail) का पीछा किया, तो पता चला कि ठगी की रकम 36 अलग-अलग बैंक खातों में भेजी गई थी. इनमें से एक खाता सब्बीर अहमद निवासी मुनिरका के नाम पर था, जिसमें यूको बैंक के जरिए साढ़े तीन लाख से ज्यादा रुपये आए थे और उसी दिन चेक के जरिए निकाल लिए गए थे. इसके बाद होने लगी ताबड़तोड़ गिरफ्तारी पुलिस ने 21 जनवरी 2026 को सब्बीर को धर दबोचा. पूछताछ में उसने चौंकाने वाला खुलासा किया कि वह महज 2% कमीशन के लिए 9-10 बैंक खाते खुलवाकर उनकी किट दूसरे गैंग को सौंप चुका है. सब्बीर की निशानदेही पर पुलिस ने 5 फरवरी 2026 को बाटला हाउस से दो और आरोपियों मो. सरफराज और मो. दिलशाद को गिरफ्तार किया. इन दोनों ने पूछताछ में कबूल किया कि उनके सीधे संबंध चीनी हैंडलर्स के साथ हैं. क्रिप्टोकरेंसी से पैसे भेजते थे ये आरोपी ठगी के पैसों का इस्तेमाल चीनी नागरिकों को USDT (क्रिप्टोकरेंसी) बेचने के लिए करते थे, जिससे पैसा आसानी से अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार चला जाता था. ये बैंक अधिकारियों से साठगांठ कर डमी उम्मीदवारों के नाम पर फर्जी खाते खुलवाते थे. सब्बीर की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही इन्होंने चेक बुक जला दी और सिम कार्ड तोड़ दिए, ताकि पुलिस को कोई सबूत न मिले. हालांकि, पुलिस ने उस मोबाइल हैंडसेट को बरामद कर लिया है जिससे यह पूरा खेल संचालित हो रहा था. पकड़े गए तीनों आरोपी आदतन अपराधी हैं. इससे पहले सितंबर 2025 में भी इन्हें दिल्ली की ‘साइबर वेस्ट’ पुलिस ने ठगी के एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया था. जेल से बाहर आते ही इन्होंने फिर से अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के लिए काम करना शुरू कर दिया. डीसीपी पंकज कुमार ने बताया कि यह मॉड्यूल बहुत ही संगठित तरीके से काम कर रहा था. पुलिस अब उन बैंक अधिकारियों और चीनी एजेंटों की तलाश कर रही है जो इस मनी-लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का हिस्सा हैं. ऐसे में किसी भी अनजान व्हाट्सएप ग्रुप या टेलीग्राम चैनल पर मिले ‘स्टॉक मार्केट टिप्स’ पर भरोसा न करें. निवेश के लिए केवल सेबी (SEBI) द्वारा अधिकृत प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें. About the Author रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें Location : New Delhi,New Delhi,Delhi First Published : February 09, 2026, 12:40 IST